गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
3 वर्षीय बेटा भी पिता के साथ हेलनेट की जरूरत करता है महसूस, लोगो के लिए बना प्रेरणा
कोडरमा से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहाँ एक पत्रकार खुद मिसाल बनकर समाज को यातायात नियमों का महत्व समझा रहे हैं। आज के दौर में जहाँ लोग अक्सर नियमों की अनदेखी करते हैं, वहीं ये पत्रकार हर किसी के लिए एक सीख बन गए हैं। दरअसल, पेशे से एक चैनल के पत्रकार आर्यन श्रीवास्तव यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन करते हैं। वे जब भी मोटरसाइकिल लेकर सड़क पर निकलते हैं, तो खुद हेलमेट जरूर पहनते हैं और साथ ही अपने 3 वर्षीय बच्चे को भी हेलमेट पहनाकर ही घर से निकलते हैं। आज के समय में जहाँ कई लोग छोटी दूरी का बहाना बनाकर हेलमेट नहीं पहनते, वहीं आर्यन श्रीवास्तव का यह कदम लोगों के लिए एक बड़ा संदेश है कि सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। “मैंने सड़क दुर्घटना में अपने पिता को खोया है। उस दर्द को मैं अच्छी तरह समझता हूँ। इसलिए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि खुद भी सुरक्षित रहूँ और दूसरों को भी जागरूक करूँ। हेलमेट पहनना बहुत जरूरी है, चाहे दूरी कितनी भी कम क्यों न हो।” आर्यन श्रीवास्तव के लिए यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। वे मानते हैं कि एक छोटी-सी सावधानी न सिर्फ आपकी, बल्कि आपके पूरे परिवार की जिंदगी को सुरक्षित रख सकती है। सड़क पर चलते हुए आर्यन अपने बच्चे को हेलमेट पहनाते नजर आते हैं, जो यह दर्शाता है कि सुरक्षा की आदत बचपन से ही डालना कितना जरूरी है। “मैं सभी लोगों से अपील करता हूँ कि यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट जरूर पहनें और सुरक्षित यात्रा करें। आपकी एक गलती आपके परिवार को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।” एंकर आउट्रो: तो अगर आप भी अपने परिवार से प्यार करते हैं, तो सड़क पर निकलते समय नियमों का पालन जरूर करें। क्योंकि आपकी सुरक्षा ही आपके अपनों की खुशी है।
झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर आज नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
जादूगर शंकर सम्राट 10 साल बाद झुमरी तिलैया में फिर लौट रहा मैजिक शो, नए अंदाज में होगा मनोरंजन और संदेश

झुमरी तिलैया: आज आयोजित प्रेस वार्ता में मैजिक शो टीम ने मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि करीब 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भव्य मैजिक शो झुमरी तिलैया की धरती पर आयोजित होने जा रहा है। इस बार शो पूरी तरह नए अंदाज और नई प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों के सामने आएगा।

आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्षों में उनके कार्यक्रमों को दर्शकों ने काफी सराहा था और इस बार भी उन्हें पूरा विश्वास है कि लोग इस नए मैजिक शो को पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सोशल मीडिया और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में यह लाइव मैजिक शो परिवार के साथ बैठकर मनोरंजन का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

इस शो में विदेशी शैली के कई आकर्षक मैजिक प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें माइंड रीडिंग, टेलीपैथी, त्राटक और मेस्मेरिज्म जैसे करीब 36 बड़े आइटम शामिल होंगे। दो घंटे के इस शो का आयोजन प्रतिदिन किया जाएगा। सामान्य दिनों में शो का समय शाम 4 बजे और शाम 6:30 बजे होगा, जबकि रविवार को दर्शकों की भीड़ को देखते हुए तीन शो—दोपहर 1 बजे, 4 बजे और शाम 6:30 बजे आयोजित किए जाएंगे।

इस बार शो का मुख्य आकर्षण जलती आग से लड़की का प्रकट होना, लाइव डायनासोर की प्रस्तुति और दर्शकों को मंच पर बुलाकर उनके मन की बात पढ़ना होगा, जो कार्यक्रम को और भी रोमांचक बनाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन दुर्गा मंडप, बेलाटांड सिनेमा हॉल के समीप किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि वे पिछले लगभग 18-20 वर्षों से मैजिक शो कर रहे हैं और झुमरी तिलैया उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है, जिससे उनका खास लगाव है।

इस बार शो की खास बात यह भी होगी कि मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी दिया जाएगा। भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, नशा मुक्ति, जल संरक्षण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक मुद्दों को मैजिक के माध्यम से थीम बनाकर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ जागरूकता का संदेश भी मिल सके।

आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ इस अनोखे मैजिक शो का आनंद लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें।
झुमरीतिलैया में पिंकी जैन की जीत की हैट्रिक, वार्ड 10 की जनता को दिया धन्यवाद

झुमरीतिलैया नगर परिषद के वार्ड संख्या 10 से लगातार तीसरी बार विजय हासिल कर हैट्रिक बनाने वाली वार्ड पार्षद पिंकी जैन ने वार्ड की सम्मानित जनता के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और भारी बहुमत से मिली यह जीत केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे वार्ड की देवतुल्य जनता की जीत है।

पिंकी जैन ने कहा कि वार्डवासियों ने उनके कार्यों को सराहा और जिस समर्थन एवं विश्वास के साथ उन्हें पुनः चुना है, उस पर वह पूरी तरह खरा उतरेंगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह पहले से अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ बिना किसी भेदभाव के वार्ड में विकास कार्य करेंगी।

उन्होंने आगे कहा कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी कार्य वार्ड की जनता से विचार-विमर्श और सहमति के साथ पूरे किए जाएंगे। वार्ड की सभी माता-बहनों, भाइयों एवं मतदाताओं को उन्होंने इस अभूतपूर्व जनसमर्थन के लिए हृदय की गहराइयों से धन्यवाद दिया।

झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव: वार्ड 22 में सीधी टक्कर, मुकाबला रोचक

झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव के तहत वार्ड नंबर 22 में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मुख्य रूप से सीधी टक्कर एक पूर्व वार्ड पार्षद और एक समाजसेवी सरिता पांडेये के बीच मानी जा रही है, हालांकि अन्य प्रत्याशी भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे हैं। चुनावी माहौल में प्रचार-प्रसार तेज है और सभी उम्मीदवार जनता के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में लगे हैं।

वार्ड 22 से उम्मीदवार सरिता पांडेय की दावेदारी को लेकर क्षेत्र में खास चर्चा है। समर्थकों का दावा है कि उन्हें अपार जनसमर्थन मिल रहा है, जिससे विपक्षी उम्मीदवारों में हलचल है। बताया जा रहा है कि घर-घर संपर्क अभियान और महिलाओं के बीच लगातार संवाद के कारण उनकी पकड़ मजबूत हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरिता पांडे शिक्षित और मृदुभाषी हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव खासकर महिला मतदाताओं पर पड़ रहा है। वहीं उनके पति बबलू पांडेय लंबे समय से क्षेत्र में समाजसेवा से जुड़े रहे हैं। उनकी सक्रियता और लोकप्रियता भी चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाती दिख रही है। समर्थकों का मानना है कि वर्षों की सामाजिक भागीदारी का लाभ इस चुनाव में मिल सकता है।

दूसरी ओर पूर्व पार्षद भी अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को जनता के सामने रख रहे हैं मगर जनता उन्हें एक क्षेत्र के बिकास और अन्य क्षेत्र के उपेक्षा को लेकर सीधे तौर पर नकार रही है। वार्ड में सड़क, नाली, जलजमाव और मूलभूत सुविधाओं जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जा रहे हैं।

अब निगाहें 27 तारीख पर टिकी हैं, जब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वार्ड 22 की जनता किसे अपना आशीर्वाद देती है, यह तो परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है।

जमीनी नेता को मिल रहा जनसमर्थन, अनुभव और सादगी बनी ताकत — झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव में बढ़ी सक्रियता

झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर में सरगर्मी तेज हो गई है। अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल एक प्रमुख उम्मीदवार को जमीनी स्तर से जुड़ाव, वार्ड पार्षद के अनुभव और सादगीपूर्ण छवि के कारण दिलीप वर्मा को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिख रहा है। हालांकि इनसे साथ तीन अन्य उम्मीदवार की सीधी टक्कर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उम्मीदवार लंबे समय से आम लोगों के बीच सक्रिय रहे हैं। वार्ड पार्षद के रूप में काम करते हुए उन्होंने सड़क, नाली, जलजमाव, अस्पताल ,पानी टंकी, केंद्रीय विद्यालय, सामुदायिक भवन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया, जिससे उनकी पहचान एक जमीनी और पहुंच योग्य जनप्रतिनिधि के रूप में बनी।

समर्थकों के अनुसार उनकी सादगी, मृदुभाषी स्वभाव और सहज व्यवहार ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। “वे आम लोगों की तरह रहते हैं, बिना किसी दिखावे के सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं,” यह कहना है कई मतदाताओं का। आम साधारण जीवनशैली और विनम्र व्यवहार के कारण उन्हें सभी वर्गों—युवा, महिला और बुजुर्ग—का समर्थन मिल रहा है।

चुनावी माहौल में जहां कई प्रत्याशी बड़े-बड़े वादों और प्रचार अभियानों में लगे हैं, वहीं यह उम्मीदवार घर-घर संपर्क और व्यक्तिगत संवाद पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर छोटी बैठकों और मोहल्ला सभाओं के जरिए वे मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर परिषद चुनाव में स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का खास महत्व होता है। ऐसे में जमीनी पकड़ और पूर्व अनुभव चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।

अब देखना यह है कि मतदान के दिन जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, लेकिन फिलहाल शहर में इस उम्मीदवार की सादगी और लोकप्रियता चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

टक्कर में चार, ‘शोले’ वाले अव्वल — झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद पर मुकाबला रोचक
झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मैदान में चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, लेकिन चुनावी चर्चा में ‘शोले’ वाले को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। रमेश सिप्पी निर्देशित शोले फिल्म में धर्मेंद्र के यादगार अभिनय  को लेकर काफी चर्चा होती है ठीक उसी तरह से लोग बीरू की चर्च कर रहे है ।समर्थकों का दावा है कि क्षेत्र में मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के कारण ‘शोले’ अव्वल स्थिति में है।
चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों में उम्मीदवार लगातार मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। झारखंड  मुक्ति मोर्चा के समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार की मैया सम्मान योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिला है, जिसका सकारात्मक असर चुनावी माहौल में भी देखने को मिल रहा है। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं के बीच इस योजना को लेकर खास चर्चा है।
इसके साथ ही उम्मीदवार द्वारा वर्षों से की जा रही गौ माता सेवा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। समर्थकों का विश्वास है कि समाजसेवा और धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों का आशीर्वाद चुनाव में समर्थन के रूप में मिलेगा।
हालांकि चुनावी मैदान में अन्य समाजसेवी और पूर्व वार्ड पार्षद भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। कोई वर्षों से सामाजिक कार्यों के जरिए पहचान बना चुका है तो कोई वार्ड पार्षद रहते हुए जनता के बीच सक्रिय रहकर लोकप्रियता हासिल कर चुका है। सभी उम्मीदवार अलग-अलग मुद्दों और वादों के साथ मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।
शहर के विभिन्न मोहल्लों में नुक्कड़ सभाएं, घर-घर संपर्क और प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा और अंतिम समय तक तस्वीर साफ नहीं होगी।
अब देखना यह है कि जनता विकास, समाजसेवा और योजनाओं के वादों में किस पर भरोसा जताती है। फिलहाल झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
जनसंपर्क में उमड़ा अपार जनसमर्थन, दिलीप वर्मा ने मांगा आशीर्वाद जनसंपर्क में उमड़ा अपार जनसमर्थन, दिलीप वर्मा ने मांगा आशीर्वाद

झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार दिलीप वर्मा का जनसंपर्क अभियान लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को उन्होंने ताराटांड़ क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं से मुलाकात की और अपने पक्ष में समर्थन की अपील की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

दिलीप वर्मा ने मतदाताओं से 23 मई को क्रमांक 2 पर छड़ी छाप पर मुहर लगाकर विजय दिलाने और आशीर्वाद देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास, स्वच्छता व्यवस्था, जल निकासी, सड़क और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देना उनका संकल्प है।

जनसंपर्क अभियान में लोकनाथ वर्मा, बनवारी वर्मा, महेश वर्मा, संतोष राणा, भरतलाल पाण्डेय सहित कई समर्थक मौजूद रहे। समर्थकों का दावा है कि जनता का अपार समर्थन मिल रहा है और इस बार परिवर्तन तय है।

झुमरी तिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी बीरेंद्र यादव के चुनावी कार्यालय का उद्घाटन
झुमरी तिलैया नगर परिषद अध्यक्ष पद के  प्रत्याशी बीरेंद्र कुमार यादव उर्फ बीरू फर्नीचर झामुमाे समर्थित के चुनावी कार्यालय का उद्घाटन गुरुवार को शहर के ब्लॉक रोड स्थित परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला अध्यक्ष बिरेंद्र पांडेय एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रविंद्र सांदिल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष बिरेंद्र पांडेय ने कहा कि झामुमो समर्थित उम्मीदवार बीरेंद्र यादव को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी नगर परिषद चुनाव में विकास और जनहित के मुद्दों पर उनकी मजबूत दावेदारी है। साथ ही कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव प्रचार को और तेज करने की अपील की। वहीं प्रत्याशी बीरेंद्र यादव ने कहा कि शहर वासियों की समस्याएं को हर हाल में दूर करूंगा । पानी की मुक्कमल सुविधा पहली प्राथमिकता होगी।

कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष दीपक विश्वकर्मा, नगर कोषाध्यक्ष पंकज बरनवाल, गंगा यादव, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रविंद्र शांडिल्य सहित कई महिला समर्थक, गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।