सुनील सिंघवी को सर्वसम्मति से सौंपी गई जयपुर प्रवासी संघ की कमान
मुंबई। राजस्थानी समाज की प्रमुख संस्था जयपुर प्रवासी संघ (जेपीएस) की नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा समारोहपूर्वक की गई। पार्ले इंटरनेशनल होटल में आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पद के लिए सुनील सिंघवी का सर्वसम्मति से चयन किया गया। समारोह के दौरान जेपीएस की निवर्तमान कार्यकारिणी के कार्यों की सराहना के साथ उनको भावभीनी विदाई दी गई।जयपुर प्रवासी संघ के गवर्निंग संरक्षक कृष्ण कुमार राठी, संरक्षक कुसुम काबरा, चुनाव अधिकारी मनमोहन बागड़ी, वर्तमान अध्यक्ष धर्मचंद कोठारी, सचिव अरुण कुमार निगोतिया, कोषाध्यक्ष अनिल हीरावत सहित संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में जेपीएस नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा समाजहित के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। जेपीएस की नई कार्यकारिणी में अनिल कुमार हीरावत, अनिल अग्रवाल, अनिल कर्णावट, अनीता माहेश्वरी, धर्मचंद कोठारी, दीपेंद्र बैराठी, गिरीश अग्रवाल, मधु कुमार राठी, निलीन सोखिया, राज कुमार बैद, मनीष शाह, मनीष कचोलिया एवं विजय सेठ को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि सुनील सिंघवी इससे पूर्व भी संघ में सचिव एवं अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। सभी सदस्यों ने सुनील सिंघवी को संस्था के प्रत्येक कार्य में पूर्ण योगदान का विश्वास दिलाते हुए गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सहमति जताई। जेपीएस के संरक्षक कृष्ण कुमार राठी ने निवर्तमान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए उनका सम्मान किया तथा नई कार्यकारिणी के सफल कार्यकाल की कामना की। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी ने नई कार्यकारिणी के सदस्यों की घोषणा की।
पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने किया पद्म भूषण पंकज उधास चौक और भित्तिचित्र स्मारक का उद्घाटन

मुंबई। ग़ज़ल गायक पद्मभूषण पंकज उधास की 75वीं जयंती के अवसर पर रविवार को पेडर रोड स्थित स्टर्लिंग अपार्टमेंट के सामने वाले चौक का आधिकारिक रूप से “पद्मभूषण पंकज उधास चौक” नामकरण किया गया। साथ ही कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के हाथो  इस चौक पर स्थापित पंकज उधास के भित्तिचित्र स्मारक (म्युरल) का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर उधास परिवार, वरिष्ठ गायक-संगीतकार तथा बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक हरिहरन,सोनू निगम, पापोन  तथा संगीतकार-गायक सलीम मर्चंट  के साथ समाजसेविका श्रीमती मंजू जी  लोढ़ा भी उपस्थित थीं।बइस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा, “पेडर रोड क्षेत्र में पंकज उधास का लंबे समय तक निवास रहा। उनके परिवार की इच्छा थी कि इस परिसर में उनकी स्मृति में कोई स्थायी स्मारक बनाया जाए। इसके लिए मैंने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रयास शुरू किए थे। आदरणीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी दी। उनके मार्गदर्शन और मुंबई महानगरपालिका के सहयोग से यह भित्तिचित्र स्मारक तैयार किया गया है। यह चौक अब संगीत और ग़ज़ल प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। स्मारक में पंकज उधास के अमर गीतों के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक उनकी ग़ज़लों का आनंद ले सकेंगे।”
कार्यक्रम में पढ़कर सुनाए गए संदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “पंकज उधास की मधुर और संवेदनशील आवाज़ ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और ग़ज़ल गायकी को वैश्विक पहचान दिलाई। ‘चिट्ठी आई है’ जैसे उनके गीत आज भी पीढ़ियों के दिलों में जीवित हैं।”
गायक हरिहरन ने भी पंकज उधास को याद करते हुए कहा, “पंकजजी ने ग़ज़ल को आम लोगों तक पहुँचाया। उनकी कई ग़ज़लें आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं।”
गायक पापोन ने पंकज उधास के सरल स्वभाव को याद करते हुए कहा, “मैं उनसे उम्र में बहुत छोटा था, फिर भी वे मुझे हमेशा आदरपूर्वक ‘आप’ कहकर संबोधित करते थे।” संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर के पुत्र आदिनाथ मंगेशकर ने उधास और मंगेशकर परिवार के दशकों पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा, “मेरा पहला फोटो लता मंगेशकर जी  की गोद में है और उसमें पंकजजी भी मौजूद हैं। हमारे घर का गणेशोत्सव उनकी उपस्थिति के बिना अधूरा माना जाता था।”
गायक सोनू निगम ने भी अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा, “मेरी माँ हमेशा पंकज उधास के गीत सुना करती थीं। बाल कलाकार रहते हुए मैंने उनकी ग़ज़लों के शब्द और धुन दोनों याद कर लिए थे।”
चार दशकों से अधिक लंबे करियर में पंकज उधास ने 50 से अधिक एल्बम और 1,000 से ज्यादा गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संगीत क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2006 में पद्मश्री और वर्ष 2025 में पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।
पंकज उधास की यादों से पेडर रोड क्षेत्र भावुक माहौल में डूबा हुआ था। उन्होंने भारतीय ग़ज़ल को सात समंदर पार तक पहुँचाया और उनके प्रशंसक केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में हैं। समाजसेविका मंजू लोढ़ा ने कहा कि इस क्षेत्र में ऐसे महान गायक का स्मारक और चौक होना गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज़ की कोमलता और विरह की भावना आने वाली कई पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में गूंजती रहेगी।
जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल के नए पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट बोर्ड का चुनाव

मुंबई । श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल, मुंबई की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) का आयोजन सकल नारायण शर्मा सभागृह, शारदा ज्ञान पीठ इंटरनेशनल स्कूल, दत्त मंदिर रोड, मालाड पूर्व, मुंबई में संपन्न हुआ। सभा में सर्वसम्मति से नए ट्रस्ट बोर्ड एवं व्यवस्थापक समिति का चुनाव किया गया। सभा में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा को ट्रस्ट बोर्ड का चेयरमैन तथा सुभाष चन्द्र उपाध्याय को प्रबंध ट्रस्टी चुना गया। इसके साथ ही डॉ. आर.आर. उपाध्याय, प्रो. मंगला प्रसाद दुबे, अजय शर्मा, मुकेश सभापति पाण्डेय एवं विवेक उपाध्याय को ट्रस्टी के रूप में चयनित किया गया।
व्यवस्थापक समिति में राम सेवक पाण्डेय को अध्यक्ष चुना गया, जबकि कौशल कुमार तिवारी, मानकेश्वर चौबे एवं छोटेलाल उपाध्याय को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। संयुक्त मंत्री पद पर सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विनोद कुमार मिश्र एवं राधेश्याम दूबे का चयन हुआ। समिति सदस्यों के रूप में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा, शिवराम चौरसिया, धर्मचन्द्र  उपाध्याय, विंध्यवासिनी उपाध्याय, ओमप्रकाश पाण्डेय, राकेश उपाध्याय (प्रबंधक), अमरनाथ त्रिपाठी, डॉ. अखिलेशचन्द्र चौबे, डॉ. नीरज चंद्रशेखर दुबे, योगेश गुलाब तिवारी, डॉ. संदीप मिश्रा, ओंकारनाथ उपाध्याय, डॉ. देवेंद्र तिवारी एवं अखिलेश अक्षयधन तिवारी को चुना गया।
मानद सदस्यों में माया शंकर मिश्र, माता प्रसाद चतुर्वेदी, सुनील रामसेवक पाण्डेय, अनिरुद्ध पाण्डेय एवं डॉ. मिथिलेश दुबे का चयन किया गया। वहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में सुधाकर उपाध्याय एवं अच्छेलाल पाण्डेय को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।
डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बिजली बिल में प्रति यूनिट पर 55 पैसे की छूट : संजय उपाध्याय
 
महंगाई के अंधेरे में राहत की किरण

मुंबई। बोरीवली में स्थानीय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय और बिजली प्रदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में महानगरपालिका, टाटा पावर और अडानी इलेक्ट्रिसिटी के उच्च अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हुए। इस प्रकार की यह पहली और ऐतिहासिक बैठक रही, जिसमें जनता की बुनियादी समस्याओं के निवारण और भविष्य की योजनाओं पर गहराई से चर्चा की गई।इस बैठक के बाद संजय उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की कोशिशों के कारण आने वाले दिनों में मुंबईवासियों को सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच उपयोग की गई बिजली मीटर के प्रति यूनिट पर 55 पैसे चार्ज कम किया जाएगा।
अंधेरे क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था: बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि शहर के जिन उद्यानों (गार्डन्स) और सार्वजनिक स्थानों पर अंधेरा रहता है, वहाँ तत्काल प्रभाव से नई स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएँगी ताकि नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही शिकायतों का निवारण किया जा रहा है। इसके साथ ही, स्मार्ट मीटर के क्रियान्वयन के बाद उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली पर सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। इस वर्ष 55 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी, जिसे अगले वर्ष और बढ़ाया जाएगा। यह लाभ सीधे ग्राहकों के खातों/बिलों में ट्रांसफर होगा।
संगीत साहित्य मंच की 131वीं  काव्यगोष्ठी संपन्न
ठाणे । साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था संगीत साहित्य मंच द्वारा निरंतर की जाने वाली मासिक काव्यगोष्ठी 16 मई 2026 शनिवार को संस्था के मंच संचालक उमेश मिश्र "प्रभाकर" के आवास ठाणे में आयोजित किया गया।मुख्य अतिथि के रूप में जाने माने गजलकार एन बी सिंह  "नादान" की उपस्थिति तथा शिव शंकर सिंह की अध्यक्षता और उमेश मिश्र प्रभाकर के संचालन मे कविगोष्ठी सम्पन्न हुई।कार्यक्रम का शुभारम्भ सदाशिव चतुर्वेदी "मधुर" द्वारा माँ सरस्वती के चरणों मे वंदना स्वरुप प्रथम पुष्प अर्पित  करके  किया गया।गोष्ठी के क्रम में अरुण मिश्र अनुरागी द्वारा "माता शबरी" पर गीत का सुन्दर गायन किया गया।अगली कड़ी में वरिष्ठ कवि अजय सिंह ने "चार संख्या" पर सुन्दर गीत प्रस्तुत किया।इसके बाद मधुर ने बहुत ही सार गर्भित ग़ज़ल "जिंदगी से डर" का गायन किया।अगले क्रम में वरिष्ठ कवि तिलकराज खुराना ने युद्ध के दौरान दुनियां के दिल को दहला देने वाली स्कूल पर बम गिराने की घटना को लेकर लिखी गई रचना का गायन किया।क्रम को आगे बढ़ाते हुये त्रिलोचन सिंह अरोरा ने कविता के वास्तविक स्वरूप का अद्भुत वर्णन किया।संचालक के निवेदन पर सुप्रसिद्ध गजलकार नादान ने उनकी विशेष विधा गजल और मुक्तक का गायन किया।अगली कड़ी में संस्था की गोष्ठी में पहली बार शिरकत करने वाले आशु कवि विनय मिश्र ने मां पर तमाम तरह के दोहे,छंद,मुक्तक पढ़कर सभी को आह्लादित कर दिया।संयोजक रामजीत गुप्त ने अपनी भोजपुरी रचना सुनाकर खूब तालियां बटोरी।तदनंतर संचालक उमेश मिश्र प्रभाकर ने श्रृंगार पर अपना गीत सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम अध्यक्ष पद पर आशीन  शिव शंकर सिंह ने बेहतरीन अंदाज़ में अपना उद्बोधन किया और सभी को शुभकामनायें प्रदान किया।अंत में सह संयोजक मधुर ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया और आभार व्यक्त करके कार्यक्रम का समापन किया।
NEET पेपर लीक होने से लाखों युवाओं के सुनहरे सपनों की हत्या : डॉ द्रिगेश यादव
मुंबई। NEET परीक्षा का रद्द होना लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक विनाशकारी झटका है। इसके मुख्य दुष्प्रभावों में छात्रों का मानसिक तनाव, कीमती समय की बर्बादी, शैक्षणिक सत्र में देरी, आर्थिक नुकसान और परीक्षा प्रणाली पर से अटूट विश्वास का उठ जाना शामिल है। पूर्वांचल विकास परिवार के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ द्रिगेश यादव का कहना है कि NEET पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा घोटाला ही नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के सुनहरे सपनों की हत्या है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने और अवसाद के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों (जैसे दिल्ली, यूपी, राजस्थान और गोवा) में कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद सरकार का कोई जिम्मेदार मंत्री यह कहने के लिए तैयार नहीं है कि भविष्य में पेपर लीक नहीं होगा। पिछले वर्ष  पेपर लीक होने के बावजूद परीक्षा रद्द नहीं की गई। एक चैनल पर जिस तरह से दिखाया गया कि 2025 में राजस्थान के एक ही परिवार से जुड़े 5 ऐसे बच्चों ने नीट परीक्षा पास की, जो पढ़ने में बेहद कमजोर थे। इससे साफ होता है कि परीक्षा परिणाम में साफ तौर पर हेरा फेरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विकास परिवार पेपर लीक मामले की कड़ी निंदा करता है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग करता है। साथ ही पेपर लीक मामले में लिप्त दोषियों को तत्काल कड़ी से कड़ी सजा मिले। डॉ यादव ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए । उन्होंने कहा कि सिस्टम की विफलता के चलते एक भी बच्चे की जान नहीं जानी चाहिए।
NEET पेपर लीक होने से लाखों युवाओं के सुनहरे सपनों की हत्या : डॉ द्रिगेश यादव
मुंबई। NEET परीक्षा का रद्द होना लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक विनाशकारी झटका है। इसके मुख्य दुष्प्रभावों में छात्रों का मानसिक तनाव, कीमती समय की बर्बादी, शैक्षणिक सत्र में देरी, आर्थिक नुकसान और परीक्षा प्रणाली पर से अटूट विश्वास का उठ जाना शामिल है। पूर्वांचल विकास परिवार के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ द्रिगेश यादव का कहना है कि NEET पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा घोटाला ही नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के सुनहरे सपनों की हत्या है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने और अवसाद के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों (जैसे दिल्ली, यूपी, राजस्थान और गोवा) में कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद सरकार का कोई जिम्मेदार मंत्री यह कहने के लिए तैयार नहीं है कि भविष्य में पेपर लीक नहीं होगा। पिछले वर्ष  पेपर लीक होने के बावजूद परीक्षा रद्द नहीं की गई। एक चैनल पर जिस तरह से दिखाया गया कि 2025 में राजस्थान के एक ही परिवार से जुड़े 5 ऐसे बच्चों ने नीट परीक्षा पास की, जो पढ़ने में बेहद कमजोर थे। इससे साफ होता है कि परीक्षा परिणाम में साफ तौर पर हेरा फेरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विकास परिवार पेपर लीक मामले की कड़ी निंदा करता है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग करता है। साथ ही पेपर लीक मामले में लिप्त दोषियों को तत्काल कड़ी से कड़ी सजा मिले। डॉ यादव ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए । उन्होंने कहा कि सिस्टम की विफलता के चलते एक भी बच्चे की जान नहीं जानी चाहिए।