संगम नगरी में अगले पांच दिनों तक लू का अलर्ट, 47 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है पारा


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, इन दिनों संगम नगरी भीषण गर्मी, उमस और सूर्य की तल्ख किरणों से तप रही है। रविवार की सुबह से ही गर्मी तेज थी, दोपहर में तो सूर्य की आग उगलती किरणों ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया। आलम यह था कि लोग घरों में ही दुबके रहे। जो बाहर निकले भी वे शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढंके रहे। बाजार और सड़कों पर आवाजाही नाममात्र की रही।

लू व भीषण गर्मी से अभी राहत नहीं
शनिवार को भी दिनभर उमस रही। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को आर्द्रता घटकर 29 प्रतिशत रह गई। वहीं आज 17 मई को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सिसय के आसपास है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का वर्चस्व रहेगा। पारा लगातार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने का सुझाव दिया है।

18 मई से तापमान और बढ़ने की संभावना
रविवार को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सोमवार यानी 18 मई से पारा और बढ़ने की संभावना है। यह 47 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर भी जा सकता है। 22 मई तक लगातार गर्म हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। रात में भी पारा 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

दोपहर 12 से शाम चार बजे तक बाहर न निकलें
Prayagraj Heatwave Alert चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बिना जरूरत घर से बाहर न जाएं। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी?
Prayagraj Heatwave Alert इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र अध्ययन केंद्र के प्रमुख प्रो. शैलेंद्र राय का कहना है कि पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी गर्म हवा के प्रभाव के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज व आसपास का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।
एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को कब देखेंगे...किसी को पता नहीं, प्रयागराज में मंडल का सबसे बड़ा हॉस्पिटल का यह हाल
मंडल का सबसे बड़ा सरकारी एसआरएन अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ भी खूब हैं। अस्पताल प्रशासन के तो कुछ कहने ही नहीं। इस हफ्ते में अलग-अलग दिनों में चार एडीएम इस अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। रोज ही कमियां और गड़बड़ियां मिलीं मगर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते
शनिवार को भी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा ने एसीएम के साथ निरीक्षण किया। वहां पर ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट क्रियाशील नहीं था। वार्डों एवं ओपीडी में डाॅक्टरों के रोस्टर अनुसार बैठने का चार्ट दीवारों पर लगाया गया है, लेकिन समय दर्शित नहीं किया गया है। चिकित्सक किस समय मरीजों को देखेंगे, इसकी जानकारी किसी को नहीं। स्पष्ट है कि चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते।

एडीएम आपूर्ति ने अस्पताल का निरीक्षण किया
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एडीएम आपूर्ति शनिवार की सुबह 9.50 बजे अस्पताल के नए भवन में पहुंचे। वार्डाे, पीएमएसएसआइ ओपीडी, ट्रामा सेंटर, गैस्ट्रोलाजी, कार्डियोलाजी, सेंटर पैथोलाजी, ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर को देखा। इसेक बाद पुरानी बिल्डिंग स्थित अल्ट्रासाउंड, एमआरआइ कक्ष पर कार्यरत डाॅक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति तथा ड्यूटी डिस्प्ले का निरीक्षण किया गया।

दवा की उपलब्धता को लेकर जताई नाराजगी
उन्होंने कार्डियोलाजी, सेंट्रल पैथोलाजी ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों से पूछताछ की। भर्ती मरीजों से भी वार्ता की और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। शीतल पेयजल की बेहतर व्यवस्था कराने की एडीएम ने जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि चिकित्सालय में इमरजेंसी की स्थिति में कुछ दवाएं स्टाक में अनुपलब्ध होने के कारण बाहर से मंगाई जाती हैं। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि आवश्यक दवाएं स्टाक में होनी ही चाहिए।

डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग को जोन, तीमारदार परेशान
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में वाहन इधर-उधर खड़े थे। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल के डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग के लिए तीन जोन बने हैं। तीमारदारों एवं बाहरी वाहनों के पार्किंग की समस्या बनी रहती है। चिकित्सालय में उपलब्ध सुरक्षाबल, चिकित्सालय प्रशासन एवं चौकी की पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए।
नागेश्वर राव के नैक अध्यक्ष बनने से प्रयागराज का गौरव बढ़ा: प्रो.सत्यकाम

-इग्नू और राजर्षि टंडन सहित देश भर के शिक्षाविदों में खुशी की लहर

प्रयागराज। देश के प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. नागेश्वर राव को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर देश भर के शिक्षाविदों में खुशी की लहर है। देश के शिक्षाविदों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि एक योग्य शिक्षाविद के हाथ में नैक की बागडोर आने से देश के शिक्षण संस्थानों का गुणवत्तापूर्ण विकास होगा। शिक्षा के विकास से ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होगा।

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के कुलपति एवं प्रो. नागेश्वर राव के साथ इग्नू में प्रतिकुलपति रहे प्रो. सत्यकाम ने प्रो. नागेश्वर राव को नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठापूर्ण नियुक्ति से मुक्त विश्वविद्यालयों का गौरव बढ़ा है। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रो. नागेश्वर राव के प्रयास अभतपूर्व हैं। उनके प्रयासों से ही मुक्त विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा पूरे देश में बढ़ी है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट रहे प्राे. राव कॉमर्स और बिजनेस मैनेजमेंट के विद्वान हैं। शिक्षण करियर में 48 साल का अनुभव रखने वाले प्रो. राव के कई शिष्य देश के प्रमुख संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।

अपनी ऐतिहासिक शैक्षिक यात्रा के दौरान प्रो. राव इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जुलाई 1978 से फरवरी 1985 तक कॉमर्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में लेक्चरर रहे। इसके उपरांत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में फरवरी 1985 से अक्टूबर 1990 तक फैकेल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज में रीडर रहे। देश में सबसे कम उम्र में प्रोफेसर बनने का गौरव हासिल करने वाले प्रोफेसर राव विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में अक्टूबर 1990 से दिसम्बर 2013 तक पं. जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट आफ बिजनेस मैनेजमेंट में प्रोफेसर के पद में कार्यरत रहे। उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासनिक पदों के प्रमुख का दायित्व ग्रहण किया। देश के कई राज्य और केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा।

प्रो. राव सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति नियुक्त हुए। मुक्त विश्वविद्यालय में सबसे युवा कुलपति होने का उनका रिकॉर्ड अभी तक टूट नहीं पाया है। इसके उपरांत प्रो. राव को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सम कुलपति और फिर कार्यवाहक कुलपति की कमान सौंपी गई। इसके उपरांत प्रो. राव उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी, नैनीताल के कुलपति के पद पर नियुक्त हुए। तदोपरांत राष्ट्रपति द्वारा इग्नू के पूर्णकालिक कुलपति नियुक्त किए गये। इग्नू के कुलपति के रूप में प्रो. राव ने काफी प्रतिष्ठा हासिल की। जिसके परिणाम स्वरूप भारत सरकार ने उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा करते हुए उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान केंद्रीय हिंदी निदेशालय तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडी के निदेशक का अतिरिक्त पदभार भी सौंपा।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली को इनके कार्यकाल में नैक में ए डबल प्लस ग्रेड मिला। जो किसी भी मुक्त विश्वविद्यालय के लिए अभी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है, इससे अन्य मुक्त विश्वविद्यालयों की राह आसान हुई। इग्नू के इतिहास की इस सबसे बड़ी उपलब्धि के लिए तत्कालीन शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सर्वाेच्च ग्रेड प्राप्त करने पर कुलपति प्रो. नागेश्वर राव को खुद बधाई दी थी। प्रो. राव के कार्यकाल में इग्नू 40 लाख से अधिक छात्रों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी बनी रही।

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चन्द्र मिश्र में बताया कि शोध और प्रकाशन के क्षेत्र में प्रो. राव ने कई उपलब्धियां हासिल की। उन्होंने आठ लोकप्रिय पुस्तकें लिखीं। 37 पीएचडी छात्रों को गाइड किया तथा 180 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए। प्रो. राव को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से ऑनरेरी फेलो, कॉमनवेल्थ ऑफ़ लर्निंग है। ओपन और डिस्टेंस लर्निंग में विश्वस्तरीय योगदान के लिए प्रो. राव को यह प्रतिष्ठित फेलोशिप मिली। राष्ट्रीय पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश सरकार का सरस्वती सम्मान है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रो. राव को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मीडिया प्रभारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रो. नागेश्वर राव को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर देश भर से प्रो राव को बधाइयां मिल रही हैं। प्रयाग की धरती को अपनी कर्मभूमि मानने वाले प्रोफेसर राव की इस उपलब्धि पर प्रयागराज का गौरव बढ़ा है।
प्रयागराज बारा के जारी गड़ैया कला में 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, मामला उजागर

प्रयागराज, विश्वनाथ प्रताप सिंह

कौंधियारा उपखण्ड अधिकारी ने अधिकारियों को पत्र लिखकर कब्जा हटवाने और जमीन की पैमाइश कराने की मांग पर हल्का लेखपाल व आर आई मौजूद।

उपकेन्द्र के पीछे खाली भूमि पर अज्ञात लोगों द्वारा जबरन निर्माण किए जाने का शिकायती पत्र में उल्लेख। 

उपखण्ड अधिकारी ने अवैध कब्जा रोकने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की प्रशासन से अपील की।

सदर से आए SDM और तहसीलदार की टीम भी बारा क्षेत्र में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से नहीं बचा पा रही।

क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण की शिकायतें, लेकिन बड़े भूमाफियाओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं।  

 कई गांवों में होलिका, तालाब और किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोप।  

एसडीएम गणेश कनौजिया और तहसीलदार अनिल कुमार पाठक की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे..।

 यह पूरा मामला जारी पावर हाउस का बताया जा रहा है जानकारी यह प्राप्त हो रही है कि पास में लगी जमीन अरुण सिंह की बताई जा रही है जहां पर उनके द्वारा जेसीबी से विद्युत विभाग की लगे कुछ बोल केवल इत्यादि सामान रखे हुए थे जिनको उनके द्वारा हटवा दिया गया है और उस जमीन में अपना कब्जा दखल किए हुए हैं जहां पर बिजली विभाग के एसडीओ द्वारा लिखित शिकायत की गई है जिसकी जांच हल्का लेखपाल आर आई को बुलाकर कराई जा रही है। देखना है अब यह है कि इस मामले में संबंधित अधिकारी कार्रवाई के नाम पर कितना करते हैं या उनके दबाव में आकर मामले को ठंडा बस्ती में डाल देते हैं।... सवाल यह खड़ा होता है कि क्या... उस दबंग किस्म व्यक्ति से क्या उस जमीन का कब्जा हटाया जा सकता है। फिलहाल अभी उस जमीन की बिना पैमाइश की पुष्टि नहीं की जा सकती हैं.

 यदि वह जमीन किस की थी तो उसमें पहले से कब्जा क्यों नहीं हुआ।

जब जमीन पर विद्युत विभाग का कब्जा था तो किसान द्वारा उस कब्जे को क्यों हटाया गया।

यदि किसान को लगता की जमीन मेरी हैं और मेरा कब्जा होना था तो राजस्व टीम क्यों नहीं बुलाई।

 अब बात आती है विद्युत विभाग की जब पहले से ही जमीन पर कब्जा था तो किसान द्वारा उस विद्युत विभाग की जमीन बिना पैमाइश कराये और बिना सूचना दिए हुए क्यों हटाया गया।

जब सरकारी व्यक्तियों अथवा थाना चौकी पावर हाउस सरकारी तालाब की जमीन सुरक्षित नहीं है तो आम पब्लिक कैसे सुरक्षित रह पाएंगे।

धूमधाम से मनाई पृथ्वीराज चौहान जयंती

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । अधिक भारतीय क्षत्रिय महासभा अलीगढ़ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिवंश सिंह के आह्वान और राष्ट्रीय महामंत्री राघवेन्द्र सिंह राजू के दिशा निर्देशन में जिला अध्यक्ष नेम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में बेगम बाग स्थित जिला कार्यालय पर बहुत ही धूमधाम से क्षत्रिय शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान जयंती मनाई l प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश चौहान और आई टी सेल प्रमुख पारस चौहान ने पृथ्वीराज जी की प्रतिमा के समक्ष दीपक प्रज्वलित कार्यक्रम का शुभारंभ किया l प्रदेश महासचिव अर्जुन तोमर और प्रदेश सचिव संदीप तोमर ,प्रदेश महामंत्री रामेंद्र तोमर ने माल्यार्पण किया l मंडल अध्यक्ष वीरांगना ने कहा अपने महापुरुषों का सम्मान करना ही हमारा परम धर्म है l प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश चौहान ने कहा हमको सभी महापुरुषों की जयंती मनानी चाहिए l प्रदेश महासचिव ने कहा बहुत ही वीर शिरोमणि थे पृथ्वीराज जी l जिला अध्यक्ष वीरांगना पूजा सेंगर, महानगर अध्यक्ष रंजीत तोमर, महानगर वीरांगना मधु रानी जादौन, दुर्गेश सोलंकी ने प्रसाद वितरण किया lअजय तोमर, मनीष तोमर, जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर राघव, विपिन सोलंकी, शरद चौहान, ज्योति उपस्थित रहे l सभी ने पृथ्वी राज चौहान अमर रहें के जयकारे लगाये l

संजय शर्मा ने गायक के रूप में बनाई अपनी विशिष्ट पहचान
प्रयागराज।  भजन सम्राट अनूप जलोटा से मुलाकात तथा शिष्य संजय की प्रस्तुति से दिल का जितना मानों जनपद में एक गीतकार का पहचान बन गया।संजय शर्मा कथा-कीर्तन और भजन गायन से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम करते हैं।प्रयागराज संगीत के लिए पुराना केंद्र रहा है।प्रयाग संगीत समिति हर साल अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता कराती है।ऐसे माहौल में स्थानीय भजन गायक संजय शर्मा जैसे कलाकार सक्रिय भूमिका में रहते हैं।आप आकाशवाणी प्रयागराज के उद्घोषक भी हैं।संजय शर्मा विश्व विख्यात पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा को अपना गुरु मानते हैं।अनूप जलोटा की उपस्थिति में उनके साथ गीत सुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया साथ ही साथ जलोटा के प्रिय शिष्य बन गये। संजय शर्मा विगत दिनों एक कार्यक्रम से लौट रहे थे जहां आकस्मिक दुर्घटना हुई जिसमें उनके पैर क्षतिग्रस्त हुए हड्डी के विशेषज्ञों ने आपरेशन किया। जनपद के कुछ गीतकार एवं समाजसेवियों ने शिष्टाचार मुलाकात की एवं कुछ ने दूरभाष से स्वास्थ्य ठीक होने की खबर मिली।संजय शर्मा के वैवाहिक वर्षगांठ पर 15 मई 2026 को सभी शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।मुंबई से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,गीतकार रविन्द्र कुमार शर्मा दीप,प्रमोद कुमार प्रेमी,अधिवक्ता एवं कवि अनिल शर्मा,युवा नेता अनिल कुमार शर्मा,सेन हरिकेश शर्मा नंदवंशी,सेन प्रदीप कुमार शर्मा नंदवंशी,मनोज जगदीश शर्मा, श्रीमती राधा संतोष शर्मा, उद्योगपति कलेक्टर शर्मा, संतोष निरंकार शर्मा,नई उम्मीद फाउंडेशन के अध्यक्ष चंद्रभूषण शर्मा, डॉ संजय शर्मा, डॉ संतोष शर्मा,डॉ एस आर श्रीवास,डॉ प्रहलाद शर्मा,बाबुल्ले शर्मा,जे पी शर्मा अध्यक्ष अखिल भारतीय सविता महासंघ, अधिवक्ता राजेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता अनुज कुमार सेन, अधिवक्ता श्यामू शर्मा आदि ने शुभकामनाएं दीं।
मातृ दिवस पर वृद्धाश्रम में गूंजा ममता और सम्मान का स्वर वयोवृद्ध माताओं की आरती उतारकर लिया आशीर्वादl
खाद्य सामग्री वितरित कर मनाया मातृ दिवस



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, मातृ दिवस के पावन अवसर पर सावित्री सेवा फाउंडेशन द्वारा नैनी स्थित आधारशिला वृद्ध आश्रम में भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था अध्यक्ष शनि केसरी एवं पदाधिकारियों ने वयोवृद्ध माताओं के चरण प्रक्षालन, पुष्पवर्षा,आरती उतारी कर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम का वातावरण भावुकता, सम्मान और ममता से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित माताओं को फल, बिस्किट, दालमोट, फ्रूटी सहित विभिन्न खाद्य सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर शनि केसरी ने कहा कि माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, धैर्य, वात्सल्य और ममता की जीवंत प्रतिमूर्ति हैं। माँ बच्चे की प्रथम शिक्षिका होती है, जो जीवनभर अपने स्नेह और आशीर्वाद से परिवार को संवारती रहती है।
उन्होंने कहा कि दुनिया की हर भाषा में माँ को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है — माता, माँ, आई, मॉम — लेकिन हर रूप में माँ की ममता समान रहती है। मातृ शक्ति का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
सुविख्यात वरिष्ठ समाजसेवी सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि माँ का आंचल संसार की सबसे बड़ी छाया और सुरक्षा है। माँ का सम्मान करना ही सच्ची संस्कृति और संस्कार की पहचान है। उन्होंने देश एवं प्रदेश की समस्त मातृ शक्तियों को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी बच्चों पर माँ का साया सदैव बने रहने की कामना की।
इस अवसर पर शनि केसरी,सरदार पतविंदर सिंह, सचिन निषाद, रूपाली, राकेश कुमार पाल, शशांक भारती, विमल गिरी, सुधीर कुमार, हरमनजी सिंह सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवा की रीढ़: जीवेश त्रिपाठी
राजा कोठी वार्ड-9 में नर्स दिवस पर जीवेश त्रिपाठी ने किया नर्सों का सम्मान



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,शंकरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत राजा कोठी वार्ड नंबर 9 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में राजा कमलाकर डिग्री कॉलेज के पास के स्थानीय निवासी जीवेश त्रिपाठी ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्य को समाज सेवा बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। यह समर्पण ही उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाता है। जीवेश त्रिपाठी ने कहा, नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं बल्कि त्याग और ममता का दूसरा नाम है। कोविड महामारी से लेकर हर आपात स्थिति में नर्सों ने फ्रंटलाइन पर रहकर मानवता की रक्षा की है। शंकरगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने क्षेत्र की सभी नर्सों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्य वातावरण और उज्जवल भविष्य की कामना की।
थाना होलागढ़ में पति ने पति लगाया मायके में घुसकर पत्नी और भतीजे को मारने पीटने का आरोप


विश्वनाथ प्रताप सिंह

घटना सीसीटीवी में कैद, जान से मारने की धमकी का आरोप
होलागढ़ इलाके चार दिनों में हुई बड़ी घटनाएं,पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो होगी बड़ी घटना
प्रयागराज,होलागढ़ । इलाके  के दहियावां निवासी काजल जायसवाल ने अपने पति पर मायके में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जिसमें उनके भतीजे को भी पीटा गया।
शिकायत के अनुसार, कानपुर नगर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित यशोदा नगर निवासी उनके पति आज जायसवाल अवैध हथियार (कट्टा) लेकर दहियावां स्थित उनके मायके पहुंचे। उन्होंने काजल जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। जब उनके भतीजे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो जायसवाल ने उसे भी लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। काजल जायवर्षों से अपने मायके दहियावां में रह रही हैं। उनके और पति के बीच मारपीट तथा घरेलू विवाद को लेकर एक मुकदमा चल रहा है।
महाराणा प्रताप जयंती पर निकलेगी सामाजिक सद्भावना शोभायात्रा
17 जून को बघोल,लेंडियारी से कोरांव तक गूंजेगा वीरता और एकता का संदेश

प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

मेवाड़ के महान वीर योद्धा महाराणा प्रताप सिंह की जयंती को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को डी आर एजेंसी कोरांव में सर्व समाज की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें महाराणा प्रताप जयंती समारोह को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में महाराणा प्रताप जयंती 17 जून को मनाई जाएगी, जो हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पड़ती है। हालांकि महाराणा प्रताप की ऐतिहासिक जन्मतिथि 9 मई 1540 मानी जाती है, लेकिन परंपरागत रूप से कई स्थानों पर उनकी जयंती पंचांग के अनुसार मनाई जाती है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महाराणा प्रताप की वीरता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 जून 2026 को बघोल स्थित हनुमान मंदिर से लेंडियारी बाजार होते हुए कोरांव तक सामाजिक सद्भावना भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
बैठक में प्रमुख रूप से ज्योति प्रकाश बाबा सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, अधिवक्ता एवं पत्रकार गिरिजेश शुक्ला, अवनीश मिश्रा, रत्नाकर सिंह, अनुराग तिवारी, राजू सिंह प्रधान, राजेश सिंह, राहुल पांडे, अधिवक्ता एवं जिला महासचिव संकल्प सिंह ‘शिब्बू’, राजेंद्र सिंह कुदर, शिवम् सिंह गहरवार, विनय प्रताप सिंह, बालेश्वरी सिंह, राकेश सोनी, निर्भय सिंह, श्यामु सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।