10 मई को हो सकता है योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार, 6 नए चेहरों की चर्चा तेज

* मनोज पांडे से लेकर पूजा पाल तक कई नामों पर सियासी हलकों में अटकलें, सभी संभावित नेताओं को लखनऊ में रहने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार में रविवार, 10 मई 2026 को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल में छह नए चेहरों को शामिल कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा है, उनमें मनोज पांडे, रोमी साहनी, पूजा पाल, भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया और कृष्णा पासवान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन सभी नेताओं को लखनऊ में रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सरकार या भाजपा संगठन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक आगामी चुनावी समीकरणों, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि नए चेहरों के जरिए भाजपा विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजरें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है।

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत : प्रदीप सिंह बब्बू
* लखनऊ में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित महाराणा प्रताप चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश क्षत्रिय समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रदीप सिंह बब्बू द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह बब्बू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह बिष्ट, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू, महिला आयोग सदस्य एकता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवशरण सिंह गहरवार तथा पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, शौर्य फाउंडेशन, करणी सेना, भारतीय क्षत्रिय समाज, राजपूताना महासभा, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
* अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद अभियान में तेजी लाने के निर्देश
लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

* अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश
अपर आयुक्त (आपूर्ति) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्माणाधीन मॉडल एफपीएस/अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तत्काल खाद्यायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

* राशन वितरण और ई-पॉस मशीनों की ऑनलाइन निगरानी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-वेटिंग स्केल से लिंक्ड ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागीय कर्मचारी मोबाइल इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से फील्ड स्तर पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। प्रदेश में इस कार्य की औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में सुधार लाने और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीनों की नेटवर्क कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी रखी जाए और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

* 13.52 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 13.52 करोड़ लाभार्थियों यानी लगभग 93.34 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। मंत्री ने शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

* गेहूं खरीद में तेजी लाने पर जोर
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में अब तक 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। 25 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,90,704 किसानों से 9.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार मीट्रिक टन अधिक है।
मंत्री ने क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लाने, राइस मिलर्स के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
योगी सरकार का डिजिटल दुग्ध मॉडल: मोबाइल एप से जुड़ेंगी गांव की महिलाएं
* 10 जिलों में ‘सामर्थ्य साथी’ एप के जरिए रोजाना 4 लाख लीटर दूध कारोबार होगा हाईटेक
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार मॉडल लागू कर रही है। अवध क्षेत्र और आसपास के 10 जिलों में कार्यरत ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के माध्यम से महिलाएं अब मोबाइल एप के जरिए दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और भुगतान व्यवस्था का संचालन करेंगी। इस पहल से प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध के कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
सरकार के अनुसार इस नेटवर्क से अब तक सवा लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। महिलाएं न केवल दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, बल्कि अब तकनीकी प्रबंधन, भुगतान निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड संचालन की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

* गांव-गांव बने दुग्ध संग्रह केंद्र
सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा गांव स्तर पर दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन स्वयं महिलाएं कर रही हैं। इन केंद्रों पर किसानों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है और पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिली है।
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर 10 दिन के अंतराल पर महीने में तीन बार सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।

* इन जिलों में तैयार हुआ नेटवर्क
लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर में महिलाओं का बड़ा दुग्ध नेटवर्क तैयार किया गया है।

* 'सामर्थ्य साथी’ एप से मिलेगा हर जानकारी का अपडेट
दुग्ध कारोबार को डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता जांच, भुगतान और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी दी जा रही है, ताकि वे तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है। अब वे केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल डेटा, भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के साथ ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को भी नई दिशा दे रही है।
निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था
* मंत्री संदीप सिंह बोले— हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निपुण भारत मिशन’ के माध्यम से बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए प्रभावी एवं परिणाममुखी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव होती है और सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित देवी संस्थान (डिग्निटी एजुकेशन विजन इंटरनेशनल) द्वारा आयोजित ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN)’ विषयक लीडरशिप कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत बच्चों की भाषा, गणित एवं समझ विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष बन सके।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी नवाचारों को शामिल कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
न्यूजीलैंड की तकनीक से यूपी में बढ़ेगा गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन

* मधुमक्खी पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के कृषि एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों के साथ एपीडा और उत्तर प्रदेश के उद्यमी भी शामिल रहे। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से संवाद स्थापित किया तथा प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

बैठक में बताया गया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन, रोग नियंत्रण और प्रसंस्करण की अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। इन तकनीकों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को दिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यातोन्मुख शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक का लाभ प्रदेश के किसानों और मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाकर उनकी आय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेशवासियों को बेहतर गुणवत्ता का स्वास्थ्यवर्धक शहद उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए मधुमक्खी पालन को एक सशक्त व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान न्यूजीलैंड में शहद आधारित चॉकलेट टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के आधुनिक उत्पादन की जानकारी साझा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों एवं शहद उत्पादन से जुड़े उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी न्यूजीलैंड और यूरोप का दौरा कर तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

बैठक के बाद खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में रणनीतिक चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न्यूजीलैंड की आधुनिक शहद उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं रोग प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।