विकास या महाविनाश घूरपुर–प्रतापपुर सड़क निर्माण में सुस्ती, घटिया काम और भारी अनियमितताओं का आरोप
करोड़ों की लागत वाली सड़क बनी सवालों का गड्ढा—आधा काम अधूरा, जहां बना वहां भी टूट-फूट, जांच पर उठे गंभीर सवाल

बारा,प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत घूरपुर से प्रतापपुर तक प्रस्तावित लंबी सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बताया जा रहा था, अब खुद सवालों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। बारा विधायक डॉ वॉचस्पति द्वारा इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि और विकास का प्रतीक बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रही है।
करीब अट्ठाईस किलोमीटर से अधिक लंबाई में बनने वाली इस सड़क के लिए बत्तीस करोड़ से अधिक की भारी भरकम लागत स्वीकृत हुई और कार्य भी शुरू हुआ, मगर बीते लगभग छह महीनों में निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि अब तक केवल कुछ हिस्सों में ही डामरीकरण हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि जहां सड़क बन भी चुकी है, वहां की हालत पहले से भी बदतर बताई जा रही है—डामर उखड़ चुका है, सड़क फट चुकी है और जगह- जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है। जिन स्थानों पर आरसीसी सड़क बनाई गई है, वहां न तो लोहे के सरिये का जाल दिख रहा है और न ही निर्माण मानकों का पालन होता नजर आता है। यह स्थिति सीधे तौर पर बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका को जन्म देती है। कुछ समय पूर्व स्वयं विधायक द्वारा निरीक्षण में घटिया कार्य की पुष्टि भी हुई थी और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई थी, सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, हालात जस के तस बने हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, तो निर्माण की गति और गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा? घूरपुर से भीटा तक की हालत इतनी दयनीय बताई जा रही है कि लोग कहते हैं कि यदि केवल गिट्टी ही गिर जाए तो भी बड़ी राहत होगी। वहीं, बस्तियों में नालियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है। ठेकेदार द्वारा पंद्रह किलोमीटर नाली स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहीं भी इसका स्पष्ट प्रमाण नजर नहीं आता। बरसात नजदीक है और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई घरों में पानी घुस जाएगा, गलियों में जलभराव होगा और यही गंदा पानी बीमारियों को जन्म देगा। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस पानी की निकासी होगी कैसे? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहा है। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, किसान संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, काम कई बार रोका गया, जांच में खामियां सामने आईं—फिर भी सुधार की जगह हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यदि रोजाना निगरानी और सख्त जांच हो, तभी इस सड़क का वास्तविक विकास संभव है, अन्यथा यह परियोजना विकास के नाम पर महाविनाश का प्रतीक बनती जाएगी। करोड़ों की सरकारी धनराशि जिस तरह खर्च हो रही है, उस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप जयंती को लेकर बैठक सम्पन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के मझियारी गाँव में आयोजक अजित प्रताप सिंह ने बताया कि हुई बैठक सम्पन्न। बैठक में आगामी 9 मई को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली समाजिक कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह निणय लिया गया कि महाराणा प्रताप कि जयंती मझियारी गाँव में मनाया जाएगा ।बैठक में क्षत्रिय एकता के सलाहकार आशीष चौहान, हषित सिंह युवा मोर्चा, मोहित सिंह परिहार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रयागराज: शंकराचार्य मामले की सुनवाई से हाईकोर्ट जज अलग, अवमानना याचिका पर नहीं करेंगे सुनवाई

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद से जुड़े मामले में अहम घटनाक्रम सामने आया है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है।
यह मामला शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ दर्ज पॉक्सो केस से जुड़ा है। FIR कराने वाले आशुतोष महाराज की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि शंकराचार्य और उनके शिष्य को हाईकोर्ट से मिली जमानत की शर्तों और निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। इसी अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने स्वयं को मामले से अलग कर लिया। अब इस मामले की सुनवाई के लिए नया पीठ गठित किए जाने की संभावना है।
रीता बहुगुणा के घर पहुंचे कृपाशंकर , पीसी जोशी के निधन पर जताया गहरा दुख

प्रयागराज। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने आज उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी के प्रयागराज स्थित घर पहुंच कर उनके पति पीसी जोशी के निधन पर गहरा दुख जताते हुए शोक संवेदना प्रकट की। दिवंगत पीसी जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका सरल और अनुशासित व्यक्तित्व हमेशा याद किया जाता रहेगा। एक शिक्षाविद के रूप में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करें। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्यामराज सिंह भी उपस्थित रहे।
गरीबों को उजाड़ने के खिलाफ भाकपा माले करेंगी आंदोलन- सुनील मौर्य,जिला प्रभारी भाकपा माले
प्रयागराज के गऊघाट में सैकड़ों साल से बसी गरीब बस्तियों को उजाड़ने की भाकपा माले ने निंदा की


प्रयागराज। प्रयागराज  के गऊ घाट इलाके में सैकड़ो साल से बसी रेलवे की जमीन पर बस्तियों को बुलडोजर चलाकर उजाड़ें जाने का भाकपा माले ने दौरा किया। भाकपा माले के प्रतिनिधि मंडल जिसमें राज्य कमेटी सदस्य सुनील मौर्य,मनीष कुमार व इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) की प्रदेश उपाध्यक्ष राधा शामिल रही। प्रतिनिधिमंडल द्वारा रात में गरीबों की बस्तियों को उजाड़ने के लिए बुलडोजर और पुलिसिया बल का बेरहमी से प्रयोग करने,लाठी मारने व पुरुष पुलिस के द्वारा महिलाओं पर लाठी मारने की कठोर शब्दों में निंदा की गई। प्रतिनिधि मंडल द्वारा बुलडोजर चलाए गए परिवारों से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करने व गरीबों को उजाड़ने से पहले बसाने की मांग को उठाते हुए आंदोलन करने का आवाहन किया।


प्रतिनिधि मंडल में शामिल राज्य कमेटी सदस्य व जिला प्रभारी कॉ. सुनील मौर्य ने कहा कि पूरे देश में डबल इंजन की सरकार का विकास गरीबों को उजाड़ करके किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना जमीन और घर उपलब्ध कराए सैकड़ो साल से सरकारी जमीनों पर रह रहे गरीबों को उजाड़ा जा रहा है।  भाजपा का बुलडोजर भारतीय संविधान में दिए गए मूलभूत अधिकारों को ध्वस्त करता हुआ गरीबों को बेघर कर रहा है जिसके खिलाफ भाकपा माले द्वारा प्रदेश भर में आंदोलन चलाया जा रहा है और इस सवाल को भी मजबूती के साथ उठते हुए रहने के लिए जमीन, मकान और रोजगार के साथ बच्चों की शिक्षा का बंदोबस्त किए जाने की मांग भी प्रमुखता के साथ उठाई जाएगी और पूरा नहीं होने पर प्रदेशव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा।

प्रतिनिधि मंडल में शामिल राज्य कमेटी सदस्य व प्रदेश अध्यक्ष आइसा उत्तर प्रदेश मनीष कुमार ने कहा कि प्रयागराज के गऊघाट में गरीबों को उजाड़ने की घटना कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि पूरे प्रयागराज के अलग-अलग हिस्से में गरीब परिवारों को बेघर कर उन्हें उजाला जा रहा है तथा जो लोग भी इस पर आवाज उठा रहे हैं उनके साथ पुलिसिया दमन उत्पीड़न और मुकदमा दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है यह न सिर्फ खतरनाक है बल्कि कानून के शासन की बजाय तानाशाही और संविधान विरोधी रवैया को दिखाता है। मौजूदा सरकार को छोटे-छोटे बच्चों की शिक्षा और बड़े बुजुर्गों के स्वास्थ्य की कोई परवाह नहीं है उन्हें घरों से उजाड़कर कर सड़कों पर चिलचिलाती धूप में तड़पने के लिए मजबूर कर दिया है। गरीबों के ऊपर बढ़ते संविधान विरोधी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आरवाईए की प्रदेश उपाध्यक्ष राधा ने देर रात में महिलाओं के साथ की गई पुलिसिया पर बर्बरता की निंदा करते हुए कहा कि एक तरफ मौजूदा सरकार नारी वंदन का ढोंग करती है और वही दूसरी तरफ देर रात को महिलाओं के साथ बदसलू की उनके ऊपर लाठी मारना और उन्हें घरों से बेघर करना जैसे जघन्य ने अपराध करती है। महिलाओं,बच्चों व बुजुर्गों को घरों से उजड़ कर देकर करना संविधान विरोधी होने के साथ-साथ मानव अधिकार के बुनियादी मूल्यों के खिलाफ है इसके खिलाफ पूरे प्रदेश भर में आंदोलन चलाया जाएगा।
टीबी मरीजों को सहयोग, सहानुभूति और मानसिक समर्थन दें- प्रोफेसर सत्यकाम

मुक्त विश्वविद्यालय ने क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की

मुक्त विश्वविद्यालय में हुआ गुजरात राज्य स्थापना दिवस का आगाज़

डॉक्युमेंट्री में दिखाई गई गुजरात के शानदार विकास की झलक


प्रयागराज । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में गुजरात राज्य स्थापना दिवस (1 मई) समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 29 अप्रैल से 2 मई तक प्रस्तावित समारोह के प्रथम दिन बुधवार को विश्वविद्यालय में क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण किया गया तथा गुजरात राज्य के चहुंमुखी विकास से संबंधित डॉक्युमेंट्री का  प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि टी बी एक गंभीर बीमारी अवश्य है लेकिन यह पूर्णतः इलाज योग्य है। इसके लिए समय पर पहचान, नियमित दवा और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। आज चिकित्सा विज्ञान ने इतनी प्रगति कर ली है कि यदि मरीज निर्धारित अवधि तक सही तरीके से उपचार ले तो वह पूर्णतः स्वस्थ जीवन जी सकता है।

प्रोफेसर सत्यकाम ने सभी रोगियों से आग्रह किया कि वह अपने इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। दवाओं को बीच में छोड़ना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि यह बीमारी को और अधिक जटिल बना सकता है। प्रोफेसर सत्यकाम ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे टीबी के मरीजों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। उन्हें सहयोग, सहानुभूति और मानसिक समर्थन देना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। कुलपति ने कहा कि इस तरह की बीमारी से लड़ाई दवाओं से ही नहीं बल्कि हौसले और समर्थन से भी जीती जाती है।

कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि कुलाधिपति श्रीमती पटेल की प्रेरणा से विश्वविद्यालय निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। सामाजिक सरोकारों से जुड़कर विश्वविद्यालय जन जन तक अपनी पहुंच बना रहा है। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव जन स्वास्थ्य, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। मुक्त विश्वविद्यालय गुजरात राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सेवा कार्य के इस उत्तरदायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेगा। उन्होंने गुजरात राज्य के विकास पर आधारित वृत्तचित्र प्रदर्शित करने पर स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा की सराहना की।
प्रारंभ में कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर मीरा पाल ने कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम का स्वागत किया । धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने किया। जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि गुजरात राज्य स्थापना दिवस के आगामी कार्यक्रमों में 30 अप्रैल 2026 को विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव गोहरी में स्वच्छता कार्यक्रम एवं कस्तूरबा विद्यालय का भ्रमण किया जाएगा। इसी प्रकार 1 मई 2026 को  गंगा परिसर से पदयात्रा, साइकिल यात्रा एवं मंदिर भ्रमण का कार्यक्रम रखा गया है तथा 2 मई 2026 को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में  गुजरात के  पारंपरिक लोकनृत्य  तथा शिल्पमेला का आयोजन अटल प्रेक्षागृह में किया जायेगा। ॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
प्रयागराज में जज को बम से उड़ाने की धमकी का आरोप, आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने थाना कैंट में दी तहरीर

प्रयागराज । प्रयागराज में श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट, मथुरा के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने आरोप लगाया है कि उन्हें पाकिस्तान स्थित बताए जा रहे अज्ञात नंबरों से लगातार फोन कॉल और वॉइस मैसेज के जरिए जान से मारने और बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं।

तहरीर के अनुसार, धमकी देने वालों ने कथित रूप से यह भी कहा कि जिस न्यायालय के जज ने उनके मामले में आदेश दिए हैं, उन्हें भी बम से उड़ाया जाएगा। इन धमकियों से न्यायिक व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 27 अप्रैल की रात थाना कैंट में लिखित शिकायत दी और पुलिस को कॉल रिकॉर्ड, वॉइस मैसेज और अन्य साक्ष्य भी सौंपे हैं।

उन्होंने मांग की है कि मामले में तुरंत FIR दर्ज कर जांच की जाए, न्यायाधीशों और संबंधित लोगों की सुरक्षा बढ़ाई जाए तथा जांच को एटीएस को सौंपा जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवमानना मामला, याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने सुरक्षा की भी मांग की
प्रयागराज। Allahabad High Court Contempt Petition 2817/2026 में एक अवमानना याचिका दाखिल की गई है, जिसमें Avimukteshwaranand Saraswati पर उच्च न्यायालय के आदेशों का कथित रूप से उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

यह याचिका आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा दाखिल की गई है। आरोप है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 27 फरवरी 2026 और 25 मार्च 2026 को दिए गए आदेशों का लगातार पालन नहीं किया जा रहा है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि याचिकाकर्ता और उनके सहयोगियों को धमकियां दिलवाने और उन पर हमले कराने जैसी घटनाएं कराई जा रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।

याचिका में अदालत से मांग की गई है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त अवमानना कार्रवाई की जाए और याचिकाकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले की सुनवाई 29 अप्रैल 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की कोर्ट संख्या-9 में निर्धारित की गई है, जहां याचिकाकर्ता स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।

याचिकाकर्ता का कहना है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना न केवल अदालत की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह कानून के शासन के लिए भी गंभीर चुनौती है, इसलिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो लाख किसान रह जाएंगे खाद-बीज से वंचित,खरीफ सीजन से पहले प्रशासन सख्त, योजनाओं का लाभ लेने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य:

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जनपद में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो किसान समय रहते अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाएंगे, उन्हें खाद, बीज सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।जिले में कुल 5,71,518 किसानों के सापेक्ष अब तक 74 प्रतिशत यानी 4,02,978 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि अभी भी 1,48,720 किसान इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ऐसे में करीब डेढ़ लाख किसानों पर खरीफ सीजन में खाद-बीज न मिलने का संकट मंडरा रहा है।

शासन के 30 अप्रैल के आदेश के अनुसार उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, गेहूं क्रय केंद्रों पर विक्रय तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है।

जिला प्रशासन द्वारा 22 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 2600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी गांवों में कैंप कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी इस कार्य में जुटे हैं। अब तक इस अभियान के तहत 35,000 से अधिक नई फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सन्दीप मिश्रा लेखपाल ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि उन्हें किसी भी योजना या खाद-बीज से वंचित न होना पड़े। जिन किसानों को नाम, आधार या खतौनी में त्रुटि के कारण परेशानी हो रही है, उनके लिए तहसील प्रशासन स्तर पर सुधार की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि किसान अपने ग्राम के लेखपाल से संपर्क कर तुरंत किसान पहचान पत्र बनवाएं, क्योंकि यह वर्तमान समय की सबसे जरूरी प्रक्रिया बन चुकी है।