न्यूजीलैंड की तकनीक से यूपी में बढ़ेगा गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन

* मधुमक्खी पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के कृषि एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों के साथ एपीडा और उत्तर प्रदेश के उद्यमी भी शामिल रहे। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से संवाद स्थापित किया तथा प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

बैठक में बताया गया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन, रोग नियंत्रण और प्रसंस्करण की अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। इन तकनीकों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को दिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यातोन्मुख शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक का लाभ प्रदेश के किसानों और मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाकर उनकी आय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेशवासियों को बेहतर गुणवत्ता का स्वास्थ्यवर्धक शहद उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए मधुमक्खी पालन को एक सशक्त व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान न्यूजीलैंड में शहद आधारित चॉकलेट टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के आधुनिक उत्पादन की जानकारी साझा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों एवं शहद उत्पादन से जुड़े उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी न्यूजीलैंड और यूरोप का दौरा कर तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

बैठक के बाद खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में रणनीतिक चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न्यूजीलैंड की आधुनिक शहद उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं रोग प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर भाग लें लोग: ओमप्रकाश राजभर
* पंचायती राज मंत्री ने ऑनलाइन भरा जनगणना फॉर्म, कहा— सही आंकड़े तय करेंगे विकास योजनाओं की दिशा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को ऑनलाइन माध्यम से जनगणना प्रक्रिया के प्रथम चरण को पूरा किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या और मकानों की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास योजनाओं को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि कई जातियां और समुदाय ऐसे हैं, जिनकी सही जानकारी सामने नहीं आ पाती, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। जनगणना के माध्यम से ऐसे समुदायों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उन्हें योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होता है। सही आंकड़े सरकार को योजनाओं की बेहतर रूपरेखा तैयार करने में मदद करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जनगणना अभियान में सहयोग करे और सही जानकारी उपलब्ध कराए।
श्री राजभर ने कहा कि जनगणना समाज के हर वर्ग को पहचान दिलाने का माध्यम है। जब सही जानकारी सरकार तक पहुंचेगी, तभी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि कुछ समाजों की स्थिति और संख्या की सही जानकारी उपलब्ध नहीं है, जनगणना के जरिए उन्हें भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।
यूपी में खत्म हुई स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था, अब सभी स्मार्ट मीटर होंगे पोस्टपेड
* 15 मई से 30 जून तक प्रदेशभर में लगेंगे विशेष शिकायत निस्तारण कैंप, बिल और तकनीकी समस्याओं का होगा मौके पर समाधान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश में स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था समाप्त कर सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से शुक्रवार को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट कर आभार व्यक्त किया।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली से जोड़ने का निर्णय आम उपभोक्ताओं को राहत, पारदर्शिता और बेहतर सुविधा प्रदान करेगा।
ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक प्रदेशभर में विशेष शिकायत निस्तारण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ताओं की बिल संशोधन, मीटर रीडिंग और तकनीकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक कार्यालय में हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के सहायता मिल सके। सरकार का उद्देश्य बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता अनुकूल बनाना है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार सुशासन और जनसुविधा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा भविष्य में भी जनता के हित में इसी प्रकार के निर्णय लिए जाते रहेंगे।
ग्रेटर नोएडा के साकीपुर छात्र हत्याकांड में बड़ा खुलासा: फरार आरोपी वीर सिंह मुठभेड़ में गिरफ्तार
नोएडा/ लखनऊ। साकीपुर गांव में हुए चर्चित एलएलबी छात्र हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सूरजपुर पुलिस ने बुधवार/गुरुवार की रात मुठभेड़ के बाद फरार चल रहे दूसरे आरोपी वीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, “ऑपरेशन क्लीन” के तहत टीम एमटैक तिराहे पर तिलपता से गौर सिटी जाने वाले मार्ग पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से आरोपी वीर सिंह घायल हो गया, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।
गौरतलब है कि मंगलवार रात साकीपुर गांव में नाली की सफाई से निकले कूड़े को जलाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के बाद हमलावरों ने घर में घुसकर एलएलबी छात्र पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। गंभीर रूप से घायल छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस सनसनीखेज वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर खुलेआम छात्र पर फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सोनभद्र लाइमस्टोन ब्लॉक-ए की ई-नीलामी के लिए NIT जारी, 79 मिलियन टन भंडार का होगा दोहन


खनन क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद सोनभद्र स्थित डाला कजरहट लाइमस्टोन ब्लॉक-ए (161 हेक्टेयर) की ई-नीलामी के लिए Notice Inviting Tender (NIT) 6 मई 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस खनन ब्लॉक में लगभग 79.20 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार आंका गया है। इसमें CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) की औसत मात्रा 41.98 प्रतिशत है, जो सीमेंट उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के रूप में उपयोगी है।
सरकार के अनुसार, ई-नीलामी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के जरिए विशेष रूप से सोनभद्र क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के सतत विकास को भी बल मिलेगा।
बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
अवैध खनन पर यूपी में बड़ी कार्रवाई, 385 वाहनों पर शिकंजा; 1.85 करोड़ का जुर्माना

* प्रदेशव्यापी अभियान तेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 मई से 3 मई तक चले प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 385 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1 करोड़ 85 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
यह अभियान विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ संचालित होते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी क्रम में 6 मई से निदेशालय स्तर से 20 विशेष टीमें विभिन्न जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं, जो जमीनी स्तर पर सघन जांच करेंगी।
उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल ISTP (इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, खनन स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनन कार्यों में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनी रहे।
यूपी में अब घर बैठे मिलेगी खतौनी की प्रमाणित प्रति, तहसील के चक्कर से मिलेगी राहत

* राजस्व विभाग की नई डिजिटल व्यवस्था लागू, 24 घंटे ऑनलाइन सेवा उपलब्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब लोगों को इस कार्य के लिए तहसील या कचहरी जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक घर बैठे ही कुछ आसान चरणों में खतौनी की प्रमाणित नकल प्राप्त कर सकेंगे।
राजस्व विभाग की इस डिजिटल पहल के तहत नागरिक UP Bhulekh Portal या Board of Revenue Uttar Pradesh Portal पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद ‘खतौनी की नकल’ विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद जनपद, तहसील और गांव की जानकारी दर्ज कर संबंधित गाटा संख्या का चयन करना होगा।
निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करते ही खतौनी की प्रमाणित प्रति तुरंत डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगी। यह सेवा 24 घंटे संचालित रहेगी, जिससे नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
नई व्यवस्था में यूपीआई सहित विभिन्न डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया भी तेज और सरल हो गई है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी और आम लोगों को अनावश्यक खर्च से राहत मिलेगी।
भारत-रूस सहयोग से यूपी के युवाओं को मिलेगा रोजगार, उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति
* रूस में 5 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर, सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक फोरम में यूपी प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के कुशल युवाओं को वैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रूस में रोजगार उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री Sergey Cheremin के बीच विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत और रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के साथ रोजगार सृजन के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
मॉस्को सरकार की ओर से बताया गया कि केवल मॉस्को में ही 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि रूस के अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कुशल कामगारों की आवश्यकता है। खासकर निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर और कारपेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में मांग अधिक है।
बैठक के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिसे मंत्री अनिल राजभर ने स्वीकार कर लिया। इस फोरम में प्रदेश सरकार भविष्य की कार्ययोजना और सहयोग के नए आयामों पर चर्चा करेगी।
मंत्री अनिल राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं में रूस जाकर सेना में शामिल किए जाने को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। इस पर रूसी पक्ष ने आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और स्वैच्छिक होगी, तथा किसी प्रकार का जोखिम या दबाव युवाओं पर नहीं डाला जाएगा।
रूसी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए भाषा ज्ञान आवश्यक होगा। इस पर प्रदेश सरकार ने आश्वस्त किया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से जल्द ही रूसी भाषा प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। वर्तमान में जापानी और जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पहले से दिया जा रहा है।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शणमुगा सुंदरम, निदेशक नेहा प्रकाश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने में मददगार होगी, बल्कि भारत-रूस के बीच आर्थिक और श्रम सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।