उत्तराखंड शर्मसार: चंपावत में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, तीन पर मुकदमा दर्ज
चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हथियारों के बल पर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता एक गांव के कमरे में रस्सियों से बंधी हुई मिली, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस मामले में बीजेपी के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष और पूर्व ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर के अनुसार, वह अपनी बेटी के साथ इलाज के लिए चंपावत आए थे। इलाज के बाद पिता घर लौट गए, जबकि बेटी अपनी सहेली की शादी में शामिल होने के लिए वहीं रुक गई थी। 5 मई की रात जब बेटी का फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया, तो घबराए परिजनों ने पुलिस और स्थानीय लोगों के साथ खोजबीन शुरू की। अगली सुबह करीब 4 बजे नाबालिग लड़की एक बंद कमरे में बंधक हालत में मिली। पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि तीन युवकों ने उसे चाकू और बसुला जैसे धारदार हथियारों के बल पर डराया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदगी के बाद आरोपी उसे कमरे में बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
इस जघन्य अपराध में बीजेपी नेता का नाम सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चंपावत पहुंचकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मामले की जांच एसआई प्रियंका मौर्या को सौंपी गई है। एसपी चंपावत रेखा यादव ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट में पुष्टि होने के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की टीमें नामजद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है।
हरिद्वार में मदरसों पर शिकंजा, 23 संदिग्ध चिन्हित; 11 में पीएम पोषण योजना बंद
हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद उत्तराखंड में मदरसों की जांच अभियान तेज हो गया है। हरिद्वार जिले में प्रशासन द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद 23 मदरसों को जांच के दायरे में लिया गया है, जबकि 11 मदरसों में पीएम पोषण योजना (मिड डे मील) तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पीएम पोषण योजना से जुड़े जिले के 131 मदरसों की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच के दौरान कई संस्थानों द्वारा छात्र संख्या, अभिलेख और मिड डे मील से संबंधित जानकारी सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके चलते मार्च और अप्रैल माह की धनराशि रोक दी गई है तथा विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मदरसों में बाहरी राज्यों से बच्चों को लाकर पढ़ाया जा रहा था। प्रशासन अब इन बच्चों के सत्यापन, उनके मूल निवास और उन्हें लाने वाले व्यक्तियों की जानकारी जुटा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने विशेष जांच समिति गठित की है, जो सभी संदिग्ध मदरसों की गहन जांच करेगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित चंद ने बताया कि पहले चरण में केवल पीएम पोषण योजना से जुड़े मदरसों की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि 23 मदरसे नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, जिसके चलते 11 मदरसों में योजना बंद कर नोटिस जारी किए गए हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई से बिना मान्यता प्राप्त मदरसों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि सभी मदरसों में उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को समान शिक्षा और समान अवसर मिल सकें।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जिले के सभी मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों और शिक्षकों का सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही अन्य मदरसों की भी चरणबद्ध तरीके से जांच की जाएगी। पूरे अभियान के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
हरिद्वार में सनसनीखेज खुलासा: ‘सत्संगी बाबा’ ने रची डॉक्टर की हत्या की साजिश


* लक्सर में फायरिंग कांड का पर्दाफाश, गुरु-चेला गिरफ्तार; दो बार कराया हमला, दोनों बार बचा डॉक्टर

हरिद्वार। जिले के लक्सर क्षेत्र में डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में कथित ‘सत्संगी बाबा’ और उसके शिष्य को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि निजी रंजिश के चलते डॉक्टर की हत्या की साजिश रची गई थी।
पुलिस के अनुसार, लक्सर निवासी डॉ. सुमित चौधरी पर 27 अप्रैल को उस समय हमला किया गया था, जब वह अपनी सास का इलाज कराकर लौट रहे थे। उनकी कार पर बाइक सवार बदमाशों ने चार राउंड फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इससे पहले 14 अप्रैल को भी डॉक्टर और उनके साले पर फायरिंग की घटना हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी शिष्य शुभम सैनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह हमला उसने अपने गुरु के कहने पर किया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बाबा मंगत दास उर्फ सागर को भी गिरफ्तार कर लिया, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है।
क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक, आरोपी बाबा डॉक्टर और उसके साले से रंजिश रखता था। एक युवती के रिश्ते को लेकर विवाद हुआ था—बाबा उस युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन डॉक्टर और उसके साले के कारण रिश्ता नहीं हो सका। इसी वजह से उसने डॉक्टर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत बाबा ने अपने शिष्य के साथ मिलकर दो बार फायरिंग करवाई, लेकिन दोनों बार डॉक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद की है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई: 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त

* पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन में एक सेंटर से मशीन गायब, फर्जी डॉक्टर का भी खुलासा

हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई PCPNDT Act के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि जिन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्होंने पंजीकरण तो कराया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं किया और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें सील किए गए एक अल्ट्रासाउंड सेंटर से मशीन ही गायब कर दी गई। इस पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने जानकारी दी कि नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई है, जबकि चार के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए क्योंकि वहां चिकित्सक तैनात नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति मिली, जबकि एक प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हरिद्वार में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोपी दूधवाला गिरफ्तार

* कनखल क्षेत्र में कई दिनों से कर रहा था परेशान, लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया

हरिद्वार। हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रियाज पुत्र हुसैन अली, निवासी गुर्जर बस्ती, पदार्था के रूप में हुई है।
पीड़िता की मां की शिकायत के अनुसार, आरोपी पिछले 5-6 दिनों से उनकी पुत्री को स्कूल आते-जाते समय परेशान कर रहा था। मंगलवार को भी जब छात्रा स्कूल जा रही थी, तब आरोपी ने उसके साथ फिर अभद्र हरकत की। छात्रा के विरोध करने पर मौके पर स्थानीय लोग एकत्र हो गए और आरोपी को पकड़ लिया।
गुस्साए लोगों ने आरोपी की पिटाई कर दी, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पीड़िता की मां की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया। एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी और कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
तुंगनाथ की डोली कैलाश के लिए रवाना, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
रुद्रप्रयाग। पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में प्रसिद्ध भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ, मक्कूमठ से विधि-विधान के साथ कैलाश यात्रा के लिए रवाना हो गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। डोली 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचेगी, जहां शुभ मुहूर्त में वेद मंत्रोच्चार के साथ भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
ब्रह्म बेला में विद्वान आचार्यों द्वारा पंचांग पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इसके बाद भगवान तुंगनाथ सहित 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कर भव्य आरती की गई। डोली ने मर्कटेश्वर तीर्थ की परिक्रमा के बाद अपनी यात्रा प्रारंभ की।
श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ डोली का स्वागत किया और पुष्प, अक्षत एवं वस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। यात्रा के दौरान डोली पुढखी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने नए अन्न का भोग लगाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। इसके बाद डोली रात्रि विश्राम के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंची।
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित के अनुसार, 21 अप्रैल को डोली भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान कर पाव, चिलियाखोड़, पंगेर और बनियाकुंड होते हुए चोपता पहुंचेगी, जहां अंतिम रात्रि प्रवास होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचकर कपाट खोले जाएंगे।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित कई जनप्रतिनिधि, मंदिर समिति के पदाधिकारी, हक-हकूकधारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। तुंगनाथ डोली यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।
खटीमा में बीजेपी नेता की बेरहमी से पिटाई, वन रेंजर समेत 3 वनकर्मियों पर FIR दर्ज
खटीमा। उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में बीजेपी नेता और ग्राम प्रहरी विपिन राणा के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में खटीमा वन रेंज के रेंजर समेत तीन वनकर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विपिन राणा, जो बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष भी हैं, ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के बाद जब शुरुआती कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
रविवार को बीजेपी चकरपुर मंडल अध्यक्ष विक्रम भाट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कोतवाल विजेंद्र शाह को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई।
कोतवाली परिसर में भारी हंगामे और दबाव के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खटीमा वन रेंज के रेंजर और दो अन्य वनकर्मियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस दौरान बीजेपी नेता नवीन भट्ट, नंदन सिंह खड़ायत, राकेश बिष्ट, किशन चंद कुक्कु, बलदेव सिंह और जीवन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।