देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई
देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
1 hour and 52 min ago
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