क्या किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है भाजपा: आराधना मिश्रा मोना
लखनऊ। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा बताए क्या वह किसी महिला को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है? क्या आरएसएस में कोई महिला संघ प्रमुख बन सकती है?
उन्होंने कहा कि भाजपा अब बेनकाब हो चुकी है और साफ है कि वह महिला आरक्षण विधेयक को लागू नहीं करना चाहती थी। अगर सरकार की मंशा साफ होती तो यह विधेयक पहले भी लाया जा सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को अब तक क्यों रोका गया और 2026 में ही इसे क्यों आगे बढ़ाया गया।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं। मेरी चुनौती है कि प्रदेश की भाजपा सरकार विशेष सत्र बुलाए और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजे। कांग्रेस इस प्रस्ताव का पूरा समर्थन करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सबसे पहले वर्ष 2009 में महिला आरक्षण बिल लाने का प्रयास किया था। कांग्रेस ने ही देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दी, उत्तर प्रदेश को पहली महिला मुख्यमंत्री दी, राजस्थान को महिला राज्यपाल दी, लोकसभा को महिला स्पीकर दी और राजनीतिक दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी महिला दी। कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में पहले भी थी, आज भी है और आगे भी रहेगी।
इस अवसर पर कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं सांसद सुश्री प्रणीति शिंदे तथा आराधना मिश्रा मोना ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह मुन्ना के निधन पर शोक व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
माहवारी जागरूकता पर सरकार का फोकस, मंत्री गुलाब देवी ने मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण का किया शुभारंभ
लखनऊ। प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने मंगलवार को गोमती नगर स्थित होटल फेयरफील्ड मैरिएट में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। उन्होंने बालिकाओं में माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शिक्षकों को छात्राओं व उनकी माताओं से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए।
मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि माहवारी से जुड़ी समस्याओं के कारण कई बार बालिकाएं गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि कक्षा 9 एवं 10 की छात्राओं की माताओं को विद्यालय में बुलाकर उन्हें माहवारी स्वच्छता के विषय में जागरूक किया जाए। साथ ही शिक्षक छात्र-छात्राओं के साथ मित्रवत व्यवहार अपनाएं, ताकि वे अपनी समस्याएं सहजता से साझा कर सकें।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्रीमती मोनिका रानी ने कहा कि प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारी को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने शौचालय स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा देने, बालिकाओं के हीमोग्लोबिन स्तर की जानकारी रखने, पोषण पर ध्यान देने, पोक्सो अधिनियम की जानकारी देने तथा सेनेटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के बाद राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जनपदों में नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जो विद्यालय स्तर पर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। पहल का उद्देश्य माहवारी से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को समाप्त करना, बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण देना है।
समग्र शिक्षा (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21-22 अप्रैल तक चलेगा। इससे पहले 15-16 अप्रैल को प्रथम चरण में 40 जनपदों के 77 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा चुका है। द्वितीय चरण में प्रदेश के 9 मंडलों आगरा, अलीगढ़, बस्ती, चित्रकूट, झांसी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, कानपुर और सहारनपुर से प्रतिभागी शामिल हुए हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आरकेएसके, वात्सल्य, सार्थक और खुशी सहित सहयोगी संस्थाओं के विशेषज्ञ माहवारी स्वच्छता, किशोर स्वास्थ्य, पोषण, व्यवहार परिवर्तन, व्यक्तिगत स्वच्छता और कानूनी साक्षरता जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना: ग्रामीण युवाओं को 10 लाख तक ऋण, आवेदन शुरू
लखनऊ। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद लखनऊ में बेरोजगार युवक-युवतियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से अधिकतम 10 लाख रुपये तक ब्याज सहायता युक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। जनपद लखनऊ के लिए 12 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ए.के. गौतम ने बताया कि सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को बैंक ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज स्वयं देना होगा, जबकि शेष ब्याज विभाग द्वारा अनुदान के रूप में वहन किया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग वर्ग के लाभार्थियों के टर्म लोन पर पूरा ब्याज विभाग देगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना लागत में सामान्य वर्ग के पुरुष आवेदकों को 10 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को 5 प्रतिशत अंशदान स्वयं करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच तथा न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे। इसके लिए पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान का अनापत्ति प्रमाण पत्र, जनसंख्या प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परियोजना रिपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र (जहां लागू हो) और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने पात्र युवाओं से योजना का लाभ लेकर स्वरोजगार अपनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपील की है। विस्तृत जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8-कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में संपर्क किया जा सकता है। दूरभाष संख्या 9580503141 एवं 7376766427 पर भी जानकारी उपलब्ध है।
सोनभद्र और प्रतापगढ़ में ‘नारी वंदन सम्मान’ कार्यक्रम सम्पन्न, उत्कृष्ट महिलाओं का हुआ सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में सोनभद्र और प्रतापगढ़ में “नारी वंदन सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और लोक-सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
सोनभद्र के साईं हॉस्पिटल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सजौर रॉबर्ट्सगंज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को “नारी वंदन सम्मान” से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्वेता कुमारी (वाराणसी), सोनी सेठ (वाराणसी) और रानी सिंह (मिर्जापुर) की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कॉलेज की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वहीं प्रतापगढ़ में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने की। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष बेलहा प्रेमलता सिंह विशिष्ट अतिथि रहीं। इसके अलावा प्रो. अमित कुमार श्रीवास्तव, प्रो. बृजभानु सिंह, शिशिर खरे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ में प्रो. किरन मिश्रा, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. शशि प्रभा गुप्ता, पूजा मंधान, अनुभा पाण्डेय, अरुणा केसरवानी, सुधा तुलस्यान, प्रियंका राज, लक्ष्मी मिश्रा, सोनिया गुप्ता और श्रद्धा सिंह समेत कई महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर शक्ति कुमार पांडे रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शक, कलाकार और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
महिला अधिकारों के समर्थन में सड़क पर उतरे सीएम योगी
*  लखनऊ में जन आक्रोश पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा समर्थन न दिए जाने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा की ओर से विशाल जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरकर इस पदयात्रा का नेतृत्व करते नजर आए। मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यात्रा सिविल अस्पताल, हजरतगंज होते हुए विधान भवन तक पहुंची, जहां हजारों महिलाओं की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, सहयोगी दलों के नेता, मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल हुए।
विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और इंडी गठबंधन के दलों ने इसे बाधित कर अपना महिला-विरोधी चेहरा उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं, जिनका व्यापक लाभ देश की महिलाओं को मिला है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है, इसलिए आज देशभर की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

* तेज धूप भी नहीं रोक सकी महिलाओं का उत्साह
सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुई पदयात्रा में तेज धूप के बावजूद महिलाओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ हजारों महिलाएं पदयात्रा में शामिल हुईं। ‘महिला अधिकारों पर वार, सपा-कांग्रेस जिम्मेदार’ और ‘नारी सम्मान में एनडीए मैदान में’ जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
रैली के दौरान राजधानी की सड़कों पर अनुशासन, उत्साह और महिला शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। युवा, बुजुर्ग, छात्राएं और कामकाजी महिलाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक जनसमर्थन का स्वरूप दिया।
उप्र में 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 24 आईएएस अफसरों का तबादला
लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर रात एक बार फिर बड़े पैमाने में आईएएस अफसरों का तबादला किय गया है। इससे ठीक एक दिन पहले 40 आईएएस और अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले हुए थे।
सोमवार की देर रात को जारी तबादले के क्रम में गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार को अलीगढ़ जिलाधिकारी बनाया है। अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद, यूपी अरविंद सिंह को एटा का जिलाधिकारी। विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग, यूपी अमित आसेरी को बांदा का जिलाधिकारी, बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद का जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कविता मीना को हापुड़ का जिलाधिकारी, विशेष सचिव पर्यटन विभाग, यूपी ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर का जिलाधिकारी बनाया है।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर नगर से चर्चित गोड़ को सोनभद्र का जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को गाजीपुर का नया जिलाधिकारी, बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को जिलाधिकारी अयोध्या की जिम्मेदारी दी है। विशेष सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग, यूपी शासन एवं निदेशक, नागरिक उड्डयन, ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया। वहीं, अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनाती मिली है।

इसी तरह एटा के जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान में नई तैनाती मिली है। इसके साथ उन्हें मध्याह्न भोजन अभिकरण का निदेशक की भी जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन को विशेष सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन भेजा गया। बांदा की जिलाधिकारी जे. रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया है। इसी प्रकार विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन एवं अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म यूपी अरुण कुमार को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन के प्रभार से अवमुक्त कर दिया है।

फर्रूखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग व सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव, कानपुर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन को उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया है।

शाहजहांपुर की सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार को बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष, सीतापुर की सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष। सोनभद्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी को शाहजहांपुर, मथुरा के संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन को कानपुर नगर व मेरठ की संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी को सीतापुर का नया सीडीओ बनाया है।
लखनऊ में एडीजी पीएसी की सख्त समीक्षा, ट्रेनिंग से लेकर लंबित मामलों तक दिए बड़े निर्देश
लखनऊ । राजधानी में सोमवार को एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 और आरटीसी पीओपी की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में एडीजी पीएसी ने दंगा नियंत्रण और बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए जवानों का प्रशिक्षण मजबूत और व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा बैठक में लंबित मृतक आश्रित मामलों, पेंशन प्रकरणों, शिकायतों और विभागीय कार्यवाहियों के जल्द निस्तारण पर भी जोर दिया गया। एडीजी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी और विभिन्न बटालियनों के सेनानायक भी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण, प्रशासनिक कार्यों और प्रतियोगिताओं की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
लखनऊ में रोड शो को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बदली, सुबह 6 बजे से डायवर्जन लागू
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में आज प्रस्तावित रोड शो के चलते शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 6 बजे से आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, हजरतगंज, विधानसभा, जीपीओ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, डीएसओ चौराहा, सिकन्दरबाग, परिवर्तन चौक, पार्क रोड और गोमतीनगर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को इन मार्गों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं। वाहन चालक कटाईपुल, शहीद पथ (जी-20 चौराहा), कमता तिराहा, कैण्ट, कुंवर जगदीश चौराहा, केकेसी तिराहा, बर्लिंगटन चौराहा और ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा डालीगंज, सीडीआरआई, पिपराघाट और दिलकुशा मार्गों का भी उपयोग किया जा सकता है।
रोडवेज और सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है। चारबाग, कैसरबाग और चौक जाने वाली बसों को ग्रीन कॉरिडोर और डालीगंज के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि गोमतीनगर की ओर जाने वाली बसें कैंट और कटाईपुल मार्ग से चलेंगी। हजरतगंज और विधानसभा की ओर बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शव वाहन को आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 9454405155 जारी किया गया है, जिस पर संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें और डायवर्जन का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव


लखनऊ । राजधानी के इकाना स्टेडियम में 22 अप्रैल को होने वाले आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने मैच के दौरान भीड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए दोपहर 3 बजे से मैच समाप्ति तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहीद पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहनों, रोडवेज बसों और कमर्शियल वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों जैसे किसान पथ, तेलीबाग, बंगलाबाजार और बाराबिरवा चौराहे की ओर से भेजा जाएगा। सुल्तानपुर रोड और रायबरेली रोड की तरफ जाने वाले बड़े वाहनों को भी बीच में ही डायवर्ट किया जाएगा, ताकि स्टेडियम के आसपास दबाव कम किया जा सके।
सिटी बसों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन उन्हें शहीद पथ पर हुसड़िया और सुशांत गोल्फ सिटी के बीच कहीं भी रुकने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा को शहीद पथ पर पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इनके लिए अलग पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट तय किए गए हैं, जहां से यात्री उतर और चढ़ सकेंगे।
ओला-ऊबर और अन्य टैक्सी सेवाओं के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। इन वाहनों को भी निर्धारित स्थानों पर ही सवारी उतारने और बैठाने की अनुमति होगी। एयरपोर्ट और अर्जुनगंज की ओर से आने वाले वाहनों को अहिमामऊ और आसपास के स्थानों पर ही सवारी उतारनी होगी।
निजी वाहन चालकों के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। जिन लोगों के पास पार्किंग पास है, वे निर्धारित मार्ग से होकर स्टेडियम के पास तय पार्किंग स्थल तक पहुंचेंगे। जिनके पास पास नहीं है, उन्हें प्लासियो मॉल और अन्य चिन्हित स्थानों पर पार्किंग दी जाएगी। दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टेडियम के आसपास कहीं भी अवैध पार्किंग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन टो किए जा सकते हैं या क्लैम्प लगाया जा सकता है। केवल टिकट धारकों को ही स्टेडियम में प्रवेश मिलेगा और एक बार बाहर निकलने के बाद दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के लिहाज से स्टेडियम में कुछ वस्तुएं जैसे सिक्के, ईयरफोन और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम पहुंच जाएं, क्योंकि शाम 6 से 8 बजे के बीच ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहने की संभावना है।
ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि जरूरी न हो तो शहीद पथ का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 जारी किया गया है।
हीटवेव के चलते यूपी में बदला स्कूलों का समय, बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों के समय में बदलाव किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिषद ने नए समयानुसार सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक विद्यालय संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार परिषदीय विद्यालय अब सुबह के समय संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिषद ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े और गर्मी से बचाव के उपायों के साथ विद्यालय भेजें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।