पश्चिम एशिया संकट का असर : हीलियम, एल्युमीनियम से लेकर मेडिकल उपकरण पर भी असर
अमरेश द्विवेदी

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को शांत करने के लिए किए जा रहे सीजफायर प्रयासों में अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे “स्टैंडस्टिल” यानी ठहराव की स्थिति बता रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यस्थ देशों (जैसे पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र) की कोशिशों से अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और रणनीतिक समुद्री रास्ते (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने की बात शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इससे पहले कई छोटे और अस्थायी सीजफायर प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल दीर्घकालिक और ठोस समझौते पर ही बात करेगा।
इस संघर्ष का असर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस बाजार पहले ही प्रभावित हैं, लेकिन अब इसका असर कई महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों पर भी पड़ने लगा है।
ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर हीलियम की आपूर्ति पर देखा जा रहा है।
कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में से एक है, ने कुछ औद्योगिक घटनाओं और हमलों के बाद उत्पादन में अस्थायी रोक की घोषणा की है। इससे वैश्विक हीलियम सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हीलियम प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक महत्वपूर्ण बाय-प्रोडक्ट है और इसका उपयोग कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है, जैसे - सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, मेडिकल उपकरण (एमआरआई मशीन), स्पेस टेक्नोलॉजी और रॉकेट लॉन्चिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स कूलिंग सिस्टम आदि।
विशेषज्ञों का मानना है कि हीलियम की कमी से चिप निर्माण उद्योग प्रभावित हो सकता है, जिससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की प्रगति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा एल्युमीनियम सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों का वैश्विक एल्युमीनियम उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है और किसी भी प्रकार की रुकावट से इसकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एल्युमीनियम का उपयोग बड़े पैमाने पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में होता है। सप्लाई बाधित होने से इन सभी क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस आपूर्ति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। गैसोलीन और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकता है।
सेमीकंडक्टर और एआई इंडस्ट्री पहले से ही सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है। हीलियम और अन्य दुर्लभ गैसों की कमी से चिप निर्माण की गति धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर स्मार्टफोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो कई कंपनियों को अपने उत्पादन लक्ष्य में देरी करनी पड़ सकती है।
हीलियम की कमी का असर मेडिकल सेक्टर पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एमआरआई मशीनों और अन्य हाई-टेक मेडिकल उपकरणों में इसका उपयोग जरूरी होता है। इसके अलावा स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट फ्यूल टैंक की सफाई और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में भी हीलियम का उपयोग होता है।
स्पेस कंपनियों के बढ़ते लॉन्च कार्यक्रमों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कमी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में यह तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को गहराई से प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि कई कंपनियां पहले से ही संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि को देखते हुए अपने प्रोडक्शन प्लान में बदलाव कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अब तक दूर नहीं हो पाए हैं। इस बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, हीलियम, एल्युमीनियम और हाई-टेक उद्योगों पर असर बढ़ने की आशंका है।
स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जाएगा।
ताजा आटा अब हर दिन घर में: सॉफ्टेल की नई घरघंटी से पारंपरिक स्वाद की वापसी
अहमदाबाद/नई दिल्ली। आधुनिक रसोई की तेज़ रफ्तार में जहां सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं ताज़ा पिसे आटे और मसालों की पारंपरिक खुशबू कहीं पीछे छूटती जा रही है। इसी अंतर को भरने के लिए सॉफ्टेल (SOFTEL) ने घरेलू उपयोग के लिए अपनी नई कॉम्पैक्ट घरघंटी पेश की है, जो परंपरा और तकनीक का संतुलित संगम है। 
35 वर्षों से अधिक के निर्माण अनुभव के साथ सॉफ्टेल का दावा है कि उसकी यह नई मशीन घरों में ताज़ा पीसने की पुरानी परंपरा को फिर से आसान और सुलभ बनाएगी। यह घरघंटी आकार में कॉम्पैक्ट है, जिससे इसे रसोई के प्लेटफॉर्म पर आसानी से रखा जा सकता है, और इसकी क्षमता इतनी है कि यह अनाज, बाजरा और मसालों को सहजता से पीस सकती है। 
इस मशीन की खासियत इसका पत्थर-आधारित ग्राइंडिंग सिस्टम है, जो खाद्य पदार्थों के प्राकृतिक स्वाद, बनावट और पोषण को बनाए रखने में मदद करता है। कंपनी के अनुसार, यह घरघंटी प्रति घंटे 7.5 से 10 किलोग्राम तक पीसने की क्षमता रखती है और इसकी ऊर्जा खपत भी मात्र एक यूनिट प्रति घंटे है, जिससे यह रोज़ाना उपयोग के लिए किफायती विकल्प बनती है। 
उपभोक्ताओं की विभिन्न ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए सॉफ्टेल ने इसे तीन मॉडलों—फुली ऑटोमैटिक, सेमी ऑटोमैटिक और मैनुअल—में उपलब्ध कराया है, ताकि हर घर अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुन सके। 
सॉफ्टेल के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार जैन ने कहा, “ताज़ा भोजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की नींव है। घर में रोज़ ताज़ा पीसना शुद्धता और पोषण को बनाए रखने का सबसे सरल तरीका है।”
नेपाल में दूतावास खोलने वाला है तुर्की, पूर्व RAW एजेंट लक्की बिष्ट ने भारत को लेकर किया सतर्क

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तुर्की नेपाल में दूतावास खोलने जा रहा है। पूर्व NSG कमांडो और सोशल मीडिया पर सक्रिय लकी बिष्ट ने नेपाल में संभावित तुर्की दूतावास को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने इसे भारत की सुरक्षा को लेकर खतरा बताया है। उन्होंने इसे केवल कूटनीतिक कदम न मानकर इसके पीछे “छुपे हुए एजेंडे” की आशंका जताई है।

किस बड़े खेल की बात कर रहे बिष्ट?

पूर्व RAW एजेंट लक्की बिष्ट ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है। बिष्ट का मानना है कि नेपाल के अंदर एंबेसी के आड़ में बहुत बड़ा खेल शुरू होने वाला है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, “नेपाल के अंदर एंबेसी के आड़ में बहुत बड़ा खेल शुरू होने वाला है। अगर तुर्की की एंबेसी नेपाल में खुलती है, तो यह सिर्फ कूटनीति नहीं होगी यह धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का दरवाजा होगा।

नेपाल में तुर्की के दूतावास से किस बात का डर

इतिहास गवाह है कि तुर्की ने उन संगठनों को समर्थन दिया है जो समाज में विभाजन और हिंसा फैलाते हैं। तुर्की ने ही इस्माइल हानिया को वीआईपी पासपोर्ट दिए, जब ISIS अपने चरम पर था तुर्की ने जिहादी रास्ते खोले और सीरिया को बर्बाद करने में भी इसकी भूमिका रही है। अगर आज नेपाल में यह तुर्की एंबेसी खुलती है, तो इसके पीछे छुपे एजेंडे को समझना जरूरी है यह सीधा हमला होगा नेपाल की पहचान, उसकी संस्कृति और उसके अस्तित्व पर।”

जापान में आया 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

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जापानी में एक शक्तिशाली भूकंप आया है। उत्तरी जापानी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की है। 7.4 की प्रारंभिक तीव्रता वाला यह भूकंप उत्तरी जापान के सैनरिकु के तट पर स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4:53 बजे आया।

सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सुनामी की चेतावनी

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को देश के उत्तर-पूर्वी तट के पास 7.4 की शुरुआती तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के बाद एजेंसी ने इवाते आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में 3 मीटर (9.84 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी दी है। जापान के इवाते प्रान्त, होक्काइडो के प्रशांत तट के मध्य भाग और आओमोरी प्रान्त के प्रशांत तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में बड़े नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 'ऊपरी 5' मापी गई। ये इतनी तेज थी कि लोगों का इधर-उधर चलना-फिरना मुश्किल हो गया।

जापान में बार-बार आता है भूकंप

जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों (एक्टिव) में से एक है, जो प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के शीर्ष पर स्थित है। जापान लगभग 12.5 करोड़ लोगों का घर है और एक द्वीपसमूह पर बसा है। यह देश आम तौर पर हर साल लगभग 1,500 झटके महसूस करता है और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंपों के लिए जिम्मेदार है।

जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, उधमपुर में खाई में गिरी यात्री बस, 15 लोगों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां खगोट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी जालो क्षेत्र के पास अचानक यह हादसा हुआ। बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी एक मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन खाई में जा गिरा।

रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग के कारण हादसा

चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग का है। एक मोड पर बस का टायर फट गया जिसके बाद तेजी से आ रही बस बेकाबू हो गई। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया

हादसे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस के साथ हुई दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है, और उन्हें हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताई संवेदना

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह दुखद सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं, मैंने जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें।

बिहार में “आग” उगल रहा आसमान, 43 डिग्री तक पहुंचा टेम्प्रेचर, 9 जिलों में हीट वेव का कहर

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भारत के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सूरज की तपिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड समेत कई राज्य भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। बिहार में फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं।

मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली

बिहार में मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली है। 20 अप्रैल को जहां दोपहर में भीषण धूप और गर्म हवाएं हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ाएंगी, वहीं 23 अप्रैल के लिए विभाग ने 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सीमांचल के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

43 डिग्री तक पहुंचा पारा

दक्षिण बिहार में जहां हीट वेव और भीषण गर्मी से लोग परेशान है तो उत्तर बिहार के पूर्वी इलाके में वर्ष भी दर्ज की जा रही है। दक्षिण बिहार के अधिकार सभी जिलों में भीषण गर्मी के लोग परेशान हैं और 43 डिग्री तक पारा पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार, रविवार को नौ जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किए गए। हालांकि उत्तर बिहार के 6 जिलों में हल्की से लेकर मध्य मास्टर की वर्षा भी दर्ज की गई।

डिहरी सबसे गर्म

बिहार की राजधानी पटना में उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते रविवार को रोहतास जिले का डिहरी राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया।

48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

पटना मौसम केंद्र ने बिहार के तापमान की प्रवृत्ति को लेकर विशेष बुलेटिन जारी किया है। इसमें अगले 48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। अगले 3-4 दिनों तक राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में पारा सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और अररिया में गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकले। हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी गई है, दक्षिण बिहार के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

दिल्ली से यूपी-बिहार जाने वालों को राहत
* गर्मियों की भीड़ में रेलवे ने चलाईं स्पेशल ट्रेनें
नई दिल्ली। गर्मियों की छुट्टियों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न रूटों पर कई स्पेशल ट्रेनों के संचालन का ऐलान किया है। इससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में काफी सहूलियत होगी।
रेलवे के अनुसार, प्रमुख स्पेशल ट्रेनों में आनंद विहार–जोगबनी साप्ताहिक स्पेशल, नई दिल्ली–सुपौल डेली स्पेशल और अलीपुरद्वार–गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल शामिल हैं।

* आनंद विहार–जोगबनी साप्ताहिक स्पेशल (04008/04007)
यह ट्रेन 11 जुलाई तक (23 मई को छोड़कर) हर शनिवार सुबह 08:30 बजे आनंद विहार टर्मिनल से रवाना होगी। ट्रेन गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, गोंडा और गोरखपुर होते हुए अगले दिन दोपहर 03:00 बजे जोगबनी पहुंचेगी।
वापसी में यह ट्रेन 19 अप्रैल से 12 जुलाई तक (24 मई को छोड़कर) हर रविवार शाम 06:30 बजे जोगबनी से चलेगी और तीसरे दिन सुबह 03:00 बजे आनंद विहार पहुंचेगी।
इस ट्रेन में कुल 19 कोच होंगे, जिनमें एसी, स्लीपर और जनरल डिब्बे शामिल हैं।

* नई दिल्ली–सुपौल डेली स्पेशल (04072/04071)
यह ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन 15 जुलाई 2026 तक (21 से 25 मई को छोड़कर) प्रतिदिन चलेगी। नई दिल्ली से रात 09:35 बजे रवाना होकर यह ट्रेन अलीगढ़, प्रयागराज, वाराणसी और छपरा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 06:35 बजे सुपौल पहुंचेगी।

वापसी में यह ट्रेन 19 अप्रैल से 17 जुलाई 2026 तक (23 से 27 मई को छोड़कर) रोज सुबह 07:45 बजे सुपौल से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 03:00 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

इस ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं।

* अलीपुरद्वार–गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल (05055)
यह ट्रेन 19, 26 अप्रैल और 3 मई को रविवार के दिन अलीपुरद्वार से सुबह 10:00 बजे रवाना होगी। रास्ते में हासीमारा, सिलीगुड़ी, न्यू जलपाईगुड़ी, किशनगंज, कटिहार, बरौनी, हाजीपुर, छपरा और सीवान जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरते हुए अगले दिन शाम 09:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

* रेलवे की यात्रियों से अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुविधा और आरामदायक यात्रा के लिए पहले से कंफर्म टिकट लेकर ही सफर करें। इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से छुट्टियों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को राहत देने में मदद मिलेगी।
वकील पर हमला के विरोध में कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों की हड़ताल, 20 मार्च को न्यायिक कार्य का बहिष्कार
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र में एक वकील पर हमला और लूट की घटना के विरोध में कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों ने 20 मार्च को हड़ताल का ऐलान किया है। शाहदरा बार एसोसिएशन ने इस दिन न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन द्वारा जारी नोटिस, जिस पर अध्यक्ष वीके सिंह और सचिव नरवीर डबार के हस्ताक्षर हैं, में न्यायिक अधिकारियों से अपील की गई है कि 20 मार्च को सूचीबद्ध मामलों में कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए।
साथ ही, शाहदरा बार एसोसिएशन ने एक कड़ा कदम उठाते हुए 20 मार्च को कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों के प्रवेश पर भी रोक लगाने की घोषणा की है।
एसोसिएशन का आरोप है कि गाजीपुर में वकील पर हुए हमले और लूट के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। बार एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने कई बार थाना प्रभारी (एसएचओ) से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन हर बार टालमटोल किया गया।
वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया लगातार लापरवाही भरा रहा है और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले मयूर विहार थाना क्षेत्र में एक वकील को गोली मारने की कोशिश की गई थी, जिसमें वह घायल भी हुए थे, लेकिन उस मामले में भी अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शाहदरा बार एसोसिएशन का कहना है कि कई थानों में पुलिसकर्मियों द्वारा वकीलों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और शिकायतों के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में वकीलों ने विरोध स्वरूप यह हड़ताल करने का फैसला लिया है।
दिल्ली में दो बड़े फर्जीवाड़ों का भंडाफोड़: रोहिणी में एलपीजी गैस सिलेंडर कालाबाजारी, गाजीपुर में नकली इंजन ऑयल का खेल उजागर

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में चल रहे दो बड़े अवैध कारोबारों का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक कार्रवाई रोहिणी में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी से जुड़ी है, जबकि दूसरी गाजीपुर इलाके में नकली इंजन ऑयल के निर्माण और सप्लाई से संबंधित है।
क्राइम ब्रांच ने रोहिणी के राम विहार इलाके में छापेमारी कर एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण और रिफिलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मौके से 57 गैस सिलेंडर, एक टाटा पिकअप वाहन, वजन मापने की मशीन और गैस ट्रांसफर करने के उपकरण बरामद किए।
डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, आरोपी लोकपाल, जो एक अधिकृत गैस एजेंसी का डिलीवरी मैन है, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित सिलेंडरों को ग्राहकों तक पहुंचाने के बजाय उन्हें अवैध रूप से जमा करता था। इसके बाद वह सिलेंडरों से गैस निकालकर अन्य खाली सिलेंडरों में भरकर ऊंचे दामों पर बेचता था।
बरामद 57 सिलेंडरों में से 50 भरे हुए, 2 खाली और 5 आंशिक रूप से भरे हुए पाए गए। पुलिस को मौके से गैस ट्रांसफर करने के उपकरण भी मिले, जिससे साफ है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल था। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच जारी है।
एक अन्य कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने गाजीपुर के गढ़ोली गांव में छापा मारकर नकली इंजन ऑयल बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में राकेश कुमार छाबड़ा और कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया है।
छापेमारी के दौरान करीब 700 लीटर नकली इंजन ऑयल, भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री और मशीनरी बरामद की गई। आरोपी नामी कंपनियों के ब्रांड का दुरुपयोग कर बाजार में डुप्लीकेट तेल बेच रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 16 अप्रैल को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
डीसीपी पंकज कुमार ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन हैं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
दिल्ली-एनसीआर में फिर बढ़ी गर्मी
नई दिल्ली। हाल ही में आई आंधी और बारिश से मिली थोड़ी राहत के बाद दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर गर्मी ने जोर पकड़ लिया है। रविवार को लोगों को चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, आज हवा की रफ्तार लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, यानी मौसम मुख्य रूप से शुष्क और गर्म बना रहेगा।
शनिवार को सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम था। हालांकि दिन के समय तापमान तेजी से बढ़ा और दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। रिज क्षेत्र सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 19, 20 और 21 अप्रैल तक दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, जिससे तापमान थोड़ा नियंत्रित रहेगा। इन दिनों अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हालांकि इसके बाद गर्मी फिर तेज होगी और 22 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
वहीं, वायु गुणवत्ता की बात करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 6 बजे तक दिल्ली का औसत AQI 210 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एनसीआर के अन्य शहरों में भी स्थिति कुछ बेहतर नहीं है-—फरीदाबाद (192), गुरुग्राम (188), गाजियाबाद (185), ग्रेटर नोएडा (172) और नोएडा (178) AQI दर्ज किया गया।
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में लोगों को गर्मी और प्रदूषण दोनों से सावधान रहने की जरूरत है।