कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में बड़ी तैयारी: हाथियों को रोकने के लिए बनेगी एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच, लगेगा AI कैमरा नेटवर्क
हरिद्वार। 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान जंगली हाथियों के आबादी और मेला क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ी योजना तैयार की है। शासन ने इस योजना के तहत 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच (हाथी रोधी खाई) और आधुनिक तकनीकी निगरानी सिस्टम विकसित किया जाएगा।
वन विभाग द्वारा 8.5 किलोमीटर लंबी ट्रेंच बनाई जाएगी, जो हाथियों के आवागमन को रोकने में एक मजबूत सुरक्षा दीवार की तरह काम करेगी। इसके साथ ही 51 लाख रुपये की लागत से सोलर फेंसिंग भी लगाई जाएगी, ताकि हाथी आबादी क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
इसके अलावा विभाग एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम भी विकसित कर रहा है। इसके तहत करीब 50 संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो हाथियों की गतिविधियों को पहचानकर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा है, जो वनकर्मियों के मोबाइल से जुड़ा रहेगा।
जैसे ही कैमरों में हाथियों की मूवमेंट डिटेक्ट होगी, संबंधित कर्मचारियों को तुरंत सूचना मिल जाएगी और मौके पर टीम पहुंचकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को “एलीफेंट अर्ली वार्निंग सिस्टम” नाम दिया गया है।
हरिद्वार के भूपतवाला, खड़खड़ी, जगजीतपुर और मिस्सरपुर जैसे क्षेत्रों में लगातार हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। गंगा पार करके हाथियों के झुंड कई बार आबादी और खेतों तक पहुंच जाते हैं, जिससे फसलों और संपत्ति को नुकसान होता है।
अधिकारियों के अनुसार, बैरागी कैंप जैसे कुंभ मेला क्षेत्रों को विशेष रूप से सुरक्षित किया जाएगा, जहां साधु-संतों के शिविर लगते हैं। इसी कारण यह पूरी योजना मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
वन विभाग का दावा है कि ट्रेंच, सोलर फेंसिंग और AI आधारित निगरानी सिस्टम के बाद हाथियों की आबादी क्षेत्रों में घुसपैठ काफी हद तक रोकी जा सकेगी।

हरिद्वार। 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान जंगली हाथियों के आबादी और मेला क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ी योजना तैयार की है। शासन ने इस योजना के तहत 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच (हाथी रोधी खाई) और आधुनिक तकनीकी निगरानी सिस्टम विकसित किया जाएगा।

हरिद्वार। उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का आज 19 अप्रैल से विधिवत शुभारंभ हो गया। दोपहर में गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई।
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
* हल्द्वानी के कालाढूंगी क्षेत्र का मामला, जांच में सड़क और सिंचाई विभाग की जमीन शामिल होने का खुलासा
* परिसीमन के मुद्दे पर तेज हुई तकरार, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना
* 22 अप्रैल से शुरू हो रही सेवा; 31,607 यात्रियों ने कराई अग्रिम बुकिंग, पोर्टल पर बढ़े लोड से आईं तकनीकी दिक्कत
* रंजीता झा के नेतृत्व में टीम ने समाजसेवा के संकल्प को दोहराया, स्वामी जी से मिला मार्गदर्शन
Apr 20 2026, 18:37
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1