वैगनार कार चलते-चलते  अचानक आग का गोला बन गई।

रितेश मिश्रा
हरदोई बिलग्राम- मार्ग पर फर्दापुर के पास एक वैगनआर कार में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला, लेकिन उसने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कार से कूदकर अपनी जान बचा ली।
आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर चल रहे वाहन जहां के तहां रुक गए, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
हालांकि गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, जांच की जा रही है।
विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
स्कूल चलो अभियान की भयावह विफलता: नौनिहालों का भविष्य धूंध में, बाल मजदूरी का दलदल गहराता जा रहा
बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ और जन जागरूकता योजनाओं को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किया था, लेकिन पिहानी में आज यह अभियान पूरी तरह धराशायी हो चुका है। नौनिहाल जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए, वे फावड़ा, ईंटें और चाय के जूठे गिलास उठाने पर मजबूर हैं। निर्माण स्थलों, ढाबों और होटल जैसे जगहों पर ये मासूम बच्चे काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का अधिकार सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है।
श्रम व शिक्षा विभाग की लापरवाही इस त्रासदी का मुख्य कारण है। अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे के कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाल मजदूरी की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर कब प्रशासन इस जघन्य अपराध पर लगाम लगाएगा। बच्चों का भविष्य दांव पर है, और अगर अभी जाग नहीं हुई, तो ये मासूम पीढ़ी कभी शिक्षा का उजाला नहीं देख पाएगी।बाल मजदूरी के दलदल में धकेले जा रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद, शिक्षा व श्रम विभाग केवल दिखावा कर रहे हैं, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अधर में लटका हुआ।क्षेत्र में सैकड़ों मासूम बच्चे आज भी बाल मजदूरी के दलदल में फंसे हुए हैं। ये बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे, बल्कि होटल, ढाबों और निर्माण स्थलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतने बड़े अभियान चला रही है, तो आखिर ये बच्चे शिक्षा से वंचित क्यों हैं?
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी का हुआ भव्य स्वागत*
रितेश मिश्रा

हरदोई। नगर के सिनेमा चौराहे पर गरुड़ मार्केट स्थित विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष हिमांशु गुप्ता के कार्यालय पर हरदोई बार एसोसिएशन के ऊर्जावान अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी का जोरदार भव्य स्वागत किया गया इस मौके पर उन्होंने अधिवक्ताओं की हितों के लिए हर संभव कार्य का भरोसा दिलाया सम्मान समारोह के दौरान बिजली विभाग की कार्य शैली की जमकर निंदा हुई तथा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की अपील भी की गई।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी ने कहा कि वह हर तरह से कंधे से कंधा मिलाकर अपनों के साथ खड़े हैं उन्होंने कहा कि उनके किसी भी अपने का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा इस दौरान संयुक्त अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवसेवक गुप्ता जय शिव ने ऊर्जावान अध्यक्ष श्री जेपी त्रिवेदी जी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की संचालन डॉक्टर सुरनाथ अवस्थी खुनखुन ने किया इस मौके पर बड़ी संख्या अधिवक्ता और प्रबुद्ध व्यक्ति मौजूद रहे।
पति सहित चार पर दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
हरदोई।शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के हसनापुर की रहने वाली एक विवाहिता ने दहेज में ₹50000 की नगदी और बाइक मिलने की मांग पूरी न होने के कारण पति सहित चार ससुराली जनों पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। कोतवाली क्षेत्र के हसनापुर गांव की रहने वाली नीलम पुत्री अवधेश के अनुसार उसका विवाह पचदेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम अनंगपुर में सुनील कुमार पुत्र बृजेश कुमार के साथ हुआ था जिसमें उसके पिता ने हैसियत के हिसाब से दहेज दिया। लेकिन ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में ₹50000 की नकदी और एक बाइक की मांग करने लगे। नीलम के अनुसार जब उसने मायके वालों की हैसियत न होने की बात कही गई तो उसे मारा पीटा गया। 8 अप्रैल को पति सुनील, ससुर बृजेश, सास माधुरी, देवर अंकित ने उसे मारा पीटा और कहा कि जब तक वह दहेज नहीं लायेगी तब तक उसे घर में नहीं रखा जाएगा। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय ने बताया आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कर जांच पड़ताल जा रही है।
युवती की हत्या में आरोपी का नामजद पिता गिरफ्तार
रितेश मिश्रा
हरदोई।मल्लावा थाना के ग्राम गढ़ी रसूलपुर में 13 अप्रैल को युवती की हत्या में नामजद दूसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पचीस हजार के इनामी मुख्य आरोपी को पुलिस पूर्व में जेल भेज चुकी है।
       प्राप्त विवरण में 13 अप्रैल को मल्लावां क्षेत्रान्तर्गत ग्राम गढी रसूलपुर में शिल्पी कुशवाहा पुत्री रामरहीश की ऋषभ द्विवेदी पुत्र प्रमोद निवासी ग्राम गढी रसूलपुर थाना मल्लावां द्वारा फावडे से वार कर हत्या कर दी गयी है। प्राप्त सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर शव का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया। वादी की तहरीर के आधार पर थाना मल्लावां पर आरोपी और उसके पिता के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया।
       पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी व क्षेत्राधिकारी बिलग्राम के नेतृत्व में टीमें गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।
       उप निरीक्षक शिवाकांत पाण्डेय द्वारा उक्त अभियोग से संबंधित नामजद प्रमोद पुत्र प्यारे लाल निवासी ग्राम गढी रसलपर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 15 अप्रैल को उक्त अभियोग से संबंधित मुख्य आरोपी ऋषभ द्विवेदी को आला कत्ल फावडा सहित गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है।
भगवान परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया, शहर में निकली भव्य शोभायात्रा*
रितेश मिश्रा
हरदोई। भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर आज अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा हरदोई के जिलाध्यक्ष नीरज अवस्थी के नेतृत्व मे श्रीशचंद्र बारात घर मे भगवान परशुराम के चित्र पर विधि विधान से पूजन करके मनाया गया। इस अवसर पर हरदोई नगर मे भव्य शोभायात्रा निकाली गयी, श्रीशचंद्र बारात घर से शुरू होकर नगर के नुमाइश चौराहा से बड़ा चौराहा से सिनेमा चौराहा से लखनऊ चुंगी से रेलवेगंज से जिन्दपीर चौराहा होते हुये जेल रोड से वापस आकर बारात घर पर सम्पन्न हुई। बारात घर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
जन्मोत्सव कार्यक्रम मे मुख्य रूप से उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष सुख सागर मिश्रा मधुर, सपा कोषाध्यक्ष अवनीकांत बाजपेई, संघठन पदाधिकारी शिवम तिवारी, रंजीत शुक्ला, दुर्गा प्रसाद मिश्रा, प्रदीप त्रिपाठी, ऋषिकांत मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका उमेश अग्रवाल, पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका पारुल दीक्षित, भाजपा उपाध्यक्ष प्रितेश दीक्षित, अलका गुप्ता,ब्लॉक प्रमुख खुशी बाजपेई, नगर अध्यक्ष भाजपा मुदित बाजपेई, बार एसोसिएशन अध्यक्ष  जेपी त्रिवेदी, कमलेश अवस्थी, आदर्श दीपक मिश्रा, मुनि मिश्रा, हनी मिश्रा, अम्बुज शुक्ला,अनुराधा मिश्रा, रीना शुक्ला, अंजना त्रिपाठी,

अविनाश मिश्रा, सतेंद्र मिश्रा, उत्तम मिश्रा, पुनीत मिश्रा, हंन्नू दीक्षित, मनोज शुक्ला, गौरव शुक्ला,अवधेश मिश्रा,शैलेश अवस्थी, रवी दीक्षित, अमित मिश्रा, अमित त्रिवेदी रानू, अंकित अवस्थी,अभिषेक तिवारी, विकास मिश्रा, मृदुलकांत पाण्डेय, कुलदीप मिश्रा, आशीष पाण्डेय, रजत अवस्थी, रामलखन अवस्थी, सतेंद्र तिवारी, अथर्व अवस्थी,शिवम दीक्षित, अंकुर अवस्थी, अनमोल मिश्रा, राजन मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी, लवकुश त्रिपाठी, राहुल शुक्ला,धनंजय मिश्रा, उत्कर्ष दीक्षित, उत्कर्ष पाठक, शिवम दीक्षित, प्रभात अग्निहोत्री, अंशुल मिश्रा, अशोक अग्निहोत्री, आनंद पाण्डेय, वंदना पाण्डेय, रामकिशोर शुक्ला, प्रशांत मिश्रा पुतानी, उमेश मिश्रा, प्रशांत त्रिपाठी, दीपक शुक्ला,आदित्य त्रिपाठी,शशांक मिश्रा शुशांत तिवारी, रजनीश प्रजापति, राहुल अवस्थी, आशुतोष अवस्थी, पंकज शुक्ला, अनूप द्विवेदी, नीरज तिवारी, नीरज मिश्रा सहित हजारों लोग सम्मिलित रहे इस अवसर पर शोभा यात्रा मे नगर मे विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा व जलपान वितरित किया गया महात्मा गाँधी मार्ग पर पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका पारुल दीक्षित, सिनेमा रोड पर सभासद अभिषेक मिश्रा हनी सरकुलर रोड पर नीरज मिश्रा, रेलवे गंज मे जिला पंचायत सदस्य सचिन मिश्रा, पुनीत मिश्रा द्वारा स्वागत व प्रसाद वितरण किया गया।
हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी भगवान  परशुराम की जयंती ।
रितेश मिश्रा
हरदोई,हरियावाँ, कस्बा मे नवनिर्मित भगवान परशुराम मंदिर पर ब्राह्मण चेतना परिसर के जिला अध्यक्ष विश्व द्वीप अवस्थी की अध्यक्षता मे बड़े ही हर्षोल्लास के साथ जयंती मनायी गयी । अछय तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतारी रिषी जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र  थे इन्हें न्याय शासह और धर्म का प्रतीक माना जाता है । सत्य और धर्म के लिए लडना ही सच्ची वीरता है । पराक्रम और धर्म के मार्ग. तक चलने की प्रेरणा देने वाले इस दिन लोग भगवान परशुराम से शाहस और धर्म का आशीर्वाद मागते है इस अवसर पर मंदिर के पुजारी सुरेश त्रिवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार से भगवान परशुराम का पूजन व आरती की उपस्थिति गणमान्यो ने पुष्प अर्पित किए व आरती बन्दन किया । अनिल दीक्षित,  राजीव मिश्र , कृष्ण कान्त मिश्र ,डा देवेंद्र शुक्ल , चंचल त्रिवेदी आदि श्रध्दालुओ ने पूजन बन्दन व आरती मे भाग लिया ।
एक ओर शिक्षा का संदेश, दूसरी ओर कूड़े में भविष्य तलाशते मासूम
बबलू प्रजापति
हरदोई पिहानी नगर के कोतवाली मुख्य गेट पर गंदगी का अंबार प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रहा है। एक तरफ शिक्षा विभाग द्वारा ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए जागरूकता रैली निकाली जा रही है, वहीं दूसरी ओर उसी स्थल के आसपास मासूम बच्चे कूड़े के ढेर में अपना भविष्य तलाशते नजर आ रहे हैं। यह नजारा रविवार 11:05 का है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कोतवाली गेट के पास लंबे समय से कूड़ा इकट्ठा हो रहा है, जिससे न सिर्फ दुर्गंध फैल रही है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी गंदगी के बीच छोटे-छोटे बच्चे प्लास्टिक व अन्य सामान बीनते दिखाई देते हैं। यह दृश्य ‘स्कूल चलो अभियान’ की हकीकत को आईना दिखा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर होती है।
एक ओर सरकारी तंत्र बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को न तो यह कूड़ा नजर आ रहा है और न ही इन बच्चों की बदहाल स्थिति।
“जब तक इन बच्चों को कूड़े से निकालकर स्कूल तक नहीं पहुंचाया जाएगा, तब तक अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा।” — स्थानीय निवासी

जरूरत है कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दें, कूड़े के निस्तारण के साथ ही इन बच्चों के पुनर्वास व शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि ‘स्कूल चलो अभियान’ वास्तव में सार्थक हो सके।
भीषण अग्निकांड, दो घर जलकर खाक – जेवर व नगदी सहित सब कुछ राख।
बबलू प्रजापति
हरदोई पिहानी क्षेत्र के ग्राम पंडरवा किला में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने गांव निवासी रिजवान पुत्र मसरूर अली व इसहाक पुत्र मसरूर अली के घरों को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते दोनों परिवारों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि कुछ ही पलों में घर में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर, जरूरी दस्तावेज, जेवर व नगदी सहित लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और उठता धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। बाल्टी, पाइप व अन्य संसाधनों की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों की तत्परता और एकजुटता से आग को अन्य घरों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान परिवार के सदस्य किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक रूप से दोनों परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि ग्रामीण शॉर्ट सर्किट या चूल्हे से निकली चिंगारी की आशंका जता रहे हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कराया जाए और पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, खाद्यान्न व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे दोबारा अपना जीवन पटरी पर ला सकें।