केदारनाथ यात्रा 2026: 90 कैमरों की हाईटेक निगरानी में होगा सफर
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

* गौरीकुंड से मंदिर तक 90 कैमरों से निगरानी
प्रशासन ने गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पूरे पैदल मार्ग पर हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया है। यात्रा मार्ग पर 90 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इन कैमरों की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

* श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव देना है। इसके लिए मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, भोजन और ठहरने की पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

* मंदिर परिसर में मॉक ड्रिल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
यात्रा सुरक्षा को परखने के लिए रुद्रप्रयाग प्रशासन ने केदारनाथ मंदिर परिसर में व्यापक मॉक ड्रिल कराई। यह अभ्यास पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर के निर्देशन में किया गया।
मॉक ड्रिल में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), जनपद पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति मजदूर बनकर मंदिर क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने की साजिश रचता है।
सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध को मौके पर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल अभ्यास था, जिसका उद्देश्य संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों को परखना था।

* श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार की हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था यात्रा को और अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
उत्तराखंड : भाजपा नेता बंशीधर भगत बोले, जल जीवन मिशन ने मचा रखा है त्राहिमाम

—‘ बहुत मुश्किल होगी 2027 की डगर, सिर्फ मोदी जी- मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा’
हल्द्वानी। उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की तैयारियों और दावों पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कालाढूँगी से कई बार विधायक रह चुके बंशीधर भगत ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई है।
बंशीधर भगत दो बार मंत्री रह चुके हैं और एक बार प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हल्द्वानी में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—
“जल जीवन मिशन ने ऐसा त्राहिमाम मचा रखा है कि मैं बता नहीं सकता। 2027 बहुत मुश्किल हो जाएगा, मोदी जी-मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा।” तीन- तीन साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है और पानी का कहीं पता तक नहीं है। ऐसे में 2027 बहुत ही मुश्किल होगा।
भगत के इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी सरकार की योजनाओं पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। साथ ही यह बयान संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष मौजूद है।
सरकारी जमीन बेचकर ठगी का मामला: पांच भाइयों पर मुकदमा, बीजेपी विधायक के बेटे को बेची थी भूमि
* हल्द्वानी के कालाढूंगी क्षेत्र का मामला, जांच में सड़क और सिंचाई विभाग की जमीन शामिल होने का खुलासा

हल्द्वानी, उत्तराखंड। नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी का पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में भाजपा विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत के साथ कथित रूप से सरकारी जमीन बेचकर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच के बाद पांच सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र नामक पांच भाइयों ने वर्ष 2012 में करीब 6691 वर्ग फुट भूमि विकास भगत को बेची थी। उस समय जमीन को पूरी तरह वैध और विवादमुक्त बताया गया था।
मामला वर्ष 2019 में तब सामने आया, जब विकास भगत ने उक्त जमीन को आगे बेचने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि बेची गई भूमि में सरकारी जमीन भी शामिल थी। आरोप है कि सड़क और सिंचाई विभाग की गूल (नहर) की भूमि को अवैध रूप से मिलाकर बिक्री की गई थी।
प्रशासन ने वर्ष 2020 में जांच के बाद धोखाधड़ी की पुष्टि करते हुए विवादित भूमि को अपने कब्जे में ले लिया था। बताया गया कि विक्रेता पक्ष ने दूसरी जगह जमीन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं किया गया।
अब पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की भूमि को नुकसान पहुंचाकर बेचने के आरोप में कार्रवाई की गई है तथा मामले की विवेचना जारी है।
महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
* परिसीमन के मुद्दे पर तेज हुई तकरार, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं तथा दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।
संसद में संबंधित संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में है, लेकिन उससे जुड़े परिसीमन प्रावधानों को लेकर उसकी आपत्ति है।
राजनीतिक विवाद की मुख्य वजह परिसीमन को माना जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से पुनर्गठन की बात कही गई है। विपक्ष का तर्क है कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जबकि भाजपा इसे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर विपक्ष की भूमिका को उजागर करेगी और महिला आरक्षण के समर्थन में जनमत तैयार करेगी।
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि वास्तविक प्राथमिकता महिलाओं को तत्काल प्रतिनिधित्व देना होना चाहिए।आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड में यह मुद्दा और गर्माने के आसार हैं। दोनों प्रमुख दल इसे बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ, सीएम धामी ने बसों को दिखाई हरी झंडी

* ऋषिकेश से रवाना हुए श्रद्धालु, निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी किया निरीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ ऋषिकेश से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में पहुंचकर चारधाम यात्रा के लिए जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने देशभर से आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा केवल यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, साधना और आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यात्रा को सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य बनाना है, ताकि प्रत्येक यात्री को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि सरकार यात्रा की सभी तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रही है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाएं सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से यात्रा मार्ग और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड का प्रत्येक कण पवित्र है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष “ग्रीन चारधाम यात्रा” तथा प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का संकल्प लिया गया है। साथ ही बदरीनाथ धाम, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर शुरू होने से यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुगम और तेज हो गई है। वहीं केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य भी तेजी से जारी हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो चुका है, जबकि बदरीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार होने की उम्मीद है।
केदारनाथ हेली सेवा के लिए जबरदस्त क्रेज, एक घंटे में 15 जून तक सभी टिकट फुल

* 22 अप्रैल से शुरू हो रही सेवा; 31,607 यात्रियों ने कराई अग्रिम बुकिंग, पोर्टल पर बढ़े लोड से आईं तकनीकी दिक्कत

देहरादून, उत्तराखंड। चारधाम यात्रा के अंतर्गत केदारनाथ धाम के लिए शुरू हो रही हेली सेवा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। बुधवार शाम 6 बजे जैसे ही आईआरसीटीसी ने हेली टिकट बुकिंग के लिए पोर्टल खोला, मात्र एक घंटे के भीतर 15 जून तक की सभी सीटें फुल हो गईं।
पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा अवधि के लिए टिकट बुकिंग की सुविधा दी गई थी, जिसमें कुल 31,607 यात्रियों ने हेली सेवा के लिए अपनी सीटें सुरक्षित कर लीं। बुकिंग शुरू होते ही पोर्टल पर भारी ट्रैफिक उमड़ पड़ा, जिसके चलते शुरुआती समय में कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं, हालांकि जल्द ही स्थिति सामान्य हो गई।
केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा की बढ़ती मांग हर वर्ष देखने को मिलती है, लेकिन इस बार जिस तेजी से टिकट बुक हुए, उसने रिकॉर्ड बना दिया है। इससे साफ है कि श्रद्धालुओं के बीच समय बचाने और सुविधाजनक यात्रा के लिए हेली सेवा पहली पसंद बनती जा रही है।
परमार्थ आश्रम में स्वामी चिन्मयानंद से आशीर्वाद लेने पहुंची संकल्प सेवा ट्रस्ट टीम
* रंजीता झा के नेतृत्व में टीम ने समाजसेवा के संकल्प को दोहराया, स्वामी जी से मिला मार्गदर्शन

हरिद्वार, उत्तराखंड। भाजपा नेत्री एवं संकल्प सेवा परमो धर्म ट्रस्ट की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती रंजीता झा के नेतृत्व में ट्रस्ट की टीम ने भूपतवाला स्थित पावन परमार्थ आश्रम पहुंचकर पूर्व सांसद एवं गृहराज्य मंत्री परमपूज्य स्वामी चिन्मयानंद महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान टीम के सदस्यों ने स्वामी जी का माल्यार्पण कर एवं पटका पहनाकर सम्मान किया और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। आश्रम के आध्यात्मिक वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य ने सभी को आकर्षित किया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव तरुण कुमार शुक्ला, सह सचिव हरिनारायण त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष सुधा राठौर सहित टीम संकल्प के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
श्रीमती रंजीता झा के नेतृत्व में ट्रस्ट लगातार समाजसेवा, जनकल्याण और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उनके समर्पण और सेवा भाव ने उन्हें समाज में एक प्रेरणादायक नेतृत्व के रूप में स्थापित किया है।
वहीं, सचिव तरुण कुमार शुक्ला की कार्यकुशलता और संगठन को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को भी सराहा गया। उनके समन्वय और सेवा भाव ने उन्हें संगठन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना दिया है।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने स्वामी चिन्मयानंद महाराज के चरणों में नमन कर समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
भेल सेक्टर-5बी रामलीला मैदान में श्रीमद भागवत कथा, रंजीता झा सपरिवार मुख्य यजमान बनीं
हरिद्वार, उत्तराखंड। भेल सेक्टर-5बी स्थित रामलीला मैदान में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में भाजपा नेत्री रंजीता झा सपरिवार मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुईं।
श्रीमद भागवत कथा के दौरान रंजीता झा ने विधि-विधान से पूजन एवं अर्चन किया और कथा में भाग लेकर आध्यात्मिक माहौल को और भी भावपूर्ण बनाया। इस अवसर पर संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट के सचिव तरुण कुमार शुक्ल, मंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह तथा वरिष्ठ सदस्य विनीत कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कथा का श्रवण किया और धार्मिक वातावरण में सहभागिता निभाई। आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 6 वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में पूरी व्यवस्था

* 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा के लिए 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष जोर

देहरादून। उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए 2 एडीजी और 4 आईजी रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगोत्री धाम मार्ग का निरीक्षण एडीजी वी. मुरुगेशन, जबकि बद्रीनाथ धाम मार्ग की मॉनिटरिंग एडीजी एपी अंशुमन करेंगे। हरिद्वार पड़ाव की जिम्मेदारी आईजी विमी सचदेवा को दी गई है। वहीं केदारनाथ धाम मार्ग पर आईजी नीलेश आनंद भरणे, यमुनोत्री धाम मार्ग पर आईजी अनंत शंकर ताकवाले और ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला-मुनिकीरेती क्षेत्र की निगरानी आईजी सुनील कुमार करेंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा इन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा के लिहाज से यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। करीब 7 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एटीएस की टीमें भी प्रमुख धामों में मौजूद रहेंगी।
आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए 80 स्थानों पर आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 37 जगहों पर एसईआरएफ और 8 स्थानों पर एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 118 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। हालांकि प्रशासन के सामने 52 बॉटलनेक, 109 भूस्खलन संभावित क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित जोन और 61 ब्लैक स्पॉट बड़ी चुनौती बने हुए हैं।सरकार का दावा है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस तैयारी की गई है।
धामी मंत्रिमंडल का विस्तार, 5 विधायकों को कैबिनेट में मिली जगह
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है। इस विस्तार में कई विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है।
भीमताल से विधायक राम सिंह कैडा को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है। वहीं, राजपुर से विधायक खजन दास को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक और रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है। रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसे आगामी योजनाओं एवं विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।