नोएडा में मंगलवार को भी श्रमिकों का बवाल जारी, कई जगह उग्र प्रदर्शन

नाेएडा व ग्रेटर नाेएडा के 80 प्रतिशत कंपनियां आज बंद रही
सेक्टर 70 में पथराव करने वाले 15 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया
सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी गई
लखनऊ । जिला गाैतमबुद्ध नगर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कई दिनाें से चल रहा श्रमिकाें का आंदाेलन उग्र हाेता जा रहा है।मंगलवार 6वें दिन श्रमिकों ने नोएडा के कई इलाकों में पथराव और तोड़फोड़ कर बवाल किया। इसके साथ ही कई औद्योगिक इलाकों में फैक्टरियों के बाहर मजदूर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। तनाव के बीच तमाम औद्योगिक इकाइयों में कामकाज ठप है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दी गई राहत के बाद भी श्रमिकाें का उग्र प्रदर्शन खत्म नहीं हाे रहा है। इसके चलते नाेएडा व ग्रेटर नाेएडा के 80 प्रतिशत कंपनियां आज बंद रही हैं। श्रमिकों के आंदोलन के चलते उद्योगपति फैक्टरी या कंपनी खोलने से घबरा रहे हैं। आज भी कई जगहों पर श्रमिक हिंसक हो उठे। सेक्टर 70 में क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास श्रमिकाें ने पथराव कर तोड़फोड़ भी की है। श्रमिकाें ने पुलिसकर्मियाें काे भी निशाना बनाया है। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू किया। नगर के सेक्टर 70 के अलावा सेक्टर 80 में भी सुबह श्रमिक बेहद उग्र दिखे। सेक्टर 80 में कई फैक्टरियों के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने कानून को हाथ में लेने की कोशिश की। हालांकि, पहले से सतर्क पुलिस ने स्थिति को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया। सेक्टर 70 में पथराव करने वाले 15 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि आज सुबह से ही विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि छुटपुट घटनाओं को छोड़कर शांति बनी हुई है। उन्होंने श्रमिकों से अपील किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वेतन बढ़ोतरी और उनकी अन्य मांगों काे मान लिया है। अब सभी शांतिपूर्वक काम पर लौट आएं। अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार और आज हो रहे प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वालों की पहचान वीडियाे क्लिप के आधार पर पहचान कर गिरफ्तार किया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक 300 से ज्यादा उपद्रवियाें काे गिरफ्तार किया है। अभी तक कुल 7 एफआईआर दर्ज हुई है। 2 एक्स हैंडल पर भी भ्रामक खबर फैलाने पर मुकदमा हुआ है। पुलिस ने माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला प्रशासन के अनुसार सोमवार के हिंसक प्रदर्शन के बाद 24 घंटे के भीतर सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है और संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी की हैं। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि मजदूरी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने वृद्धि की है। इस फैसले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कल देर रात मंजूरी दे दी।' उन्हाेंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपये प्रति माह के बजाय 13,690 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
‘संभव’ बना जनता का सशक्त हथियार, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दिलाया त्वरित न्याय

* ऑनलाइन जनसुनवाई में मौके पर समाधान, लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई, गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति और स्मार्ट मीटर समस्याओं पर विशेष फोकस

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा ने जनपद मऊ के बहुउद्देशीय भवन ‘मंगलम’ में “संभव” ऑनलाइन शिकायत निस्तारण प्रणाली के माध्यम से व्यापक जनसुनवाई कर पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील शासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से जुड़े 100 से अधिक शिकायतकर्ताओं ने सीधे मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिनका त्वरित समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया गया।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि “संभव” प्रणाली से शिकायतकर्ता और अधिकारी आमने-सामने जुड़ते हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब समाप्त होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बाराबंकी में गलत एस्टीमेट बनाने पर लाइनमैन को हटाने, जेई को निलंबित करने और अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आजमगढ़, बरेली और आगरा समेत अन्य जनपदों में भी दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
महाराजगंज में एस्टीमेट जमा होने के बावजूद विद्युत कनेक्शन न देने पर संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बरेली और मेरठ के मामलों में उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। वाराणसी के एक प्रकरण में विधिक राय लेकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि उन्नाव में स्मार्ट मीटर बिलिंग समस्याओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
ऊर्जा मंत्री ने झांसी, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर और मथुरा में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया।
जनसुनवाई के समापन पर मंत्री श्री शर्मा ने ग्रीष्मकाल को देखते हुए रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, शाम के समय अनावश्यक कटौती बंद करने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिकायतकर्ताओं ने “संभव” पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में प्रभावी और भरोसेमंद मंच बताया। कार्यक्रम में यूपीपीसीएल और विभिन्न विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल एवं भौतिक रूप से उपस्थित रहे।
आंबेडकर का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत: केशव प्रसाद मौर्य
* जयंती पर उप मुख्यमंत्री ने लखनऊ में अर्पित किए श्रद्धासुमन, समता और न्याय के मूल्यों को बताया आज भी प्रासंगिक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संपूर्ण जीवन मानवता के लिए एक सशक्त संदेश है। अपने संघर्ष, शिक्षा और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी प्रेरणास्रोत हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय के अग्रदूत और भारतीय संविधान के शिल्पी बाबा साहब ने शिक्षा को परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बनाया और वंचितों, श्रमिकों तथा किसानों को अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके समता, न्याय और मानव गरिमा के सिद्धांत आज भी राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ बाबा साहब के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘पंचतीर्थ’ सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

श्री मौर्य ने कहा कि बाबा साहब का संघर्षमय जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात कर समतामूलक और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दें।
यूपी में नोएडा गाजियाबाद में श्रमिकों को मिलेगा सबसे ज्यादा वेतन
लखनऊ /नोएडा। उत्तर प्रदेश में जनपद गौतम बुद्धनगर के नाेएडा क्षेत्र में सोमवार को हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में इजाफा कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित उच्च अधिकार प्राप्त समूह की सिफारिशों पर अकुशल, अर्धकुशल और कुशल मजदूरों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की गई है। खास बात यह है कि सबसे अधिक मजदूरी नोएडा और गाजियाबाद में मिलेगी। इसके अलावा नगर निगम वाले अन्य जिलाें और गैर नगर निगम वाले जिलाें में मजूदरी की दर अलग-अलग है।

उत्तर प्रदेश में अभी तक अकुश मजदूरों को 11,313 रुपये न्यूनतम मजदूरी (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) मिलती थी। नोएडा और गाजियाबाद में अब 2,377 रुपये का इजाफा किया गया है। इन दो जनपदों में काम करने वाले अकुशल मजदूरों को अब न्यूनतम 13,690 रुपये मिलेंगे। नगर निगम वाले अन्य जनपदों के लिए यह दर 13,006 रुपये,जबकि अन्य जनपदों के लिए 12,356 रुपये तय की गई है।

अर्धकुशल कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश में पहले 12,445 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय थी। अब नोएडा और गाजियाबाद में अर्धकुशल श्रमिकों के लिए मासिक 2614 रुपये का इजाफा किया गया है। नोएडा गाजियाबाद में अब उन्हें 15059 रुपये,अन्य नगर निगम वाले जनपदों में 14,306 रुपये और अन्य जनपदों में 13,591 रुपये मिलेंगे। कुशल श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश में अभी तक 13,940 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय थी। नोएडा, गाजियाबाद में कुशल श्रमिकों को अब मासिक 2,908 रुपये अधिक मिलेंगे। प्रति माह उन्हें न्यूनतम 16,868 रुपये मिलेंगे। नगर निगम वाले अन्य जनपदों में अब 16,025 रुपये और अन्य जनपदों में 15,224 रुपये मिलेंगे।

जनपद गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मेंधा रूपम ने बताया कि कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह मनगढ़ंत एवं झूठा समाचार प्रचारित किया जा रहा है कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है। जिसका अनुपालन नियोक्ता संगठनों द्वारा नहीं किया जा रहा है। वस्तुस्थिति यह है कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम "फ्लोर वेज" निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है,जिससे सभी राज्यों में श्रमिकों को न्यायसंगत एवं उचित पारिश्रमिक प्राप्त हो सके। राज्य सरकार से भी नियोक्ता संगठनों एवं श्रमिक संगठनों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है,ताकि संतुलित एवं व्यावहारिक निर्णय लिया जा सके।
मुजफ्फरनगर में विकास और रोजगार का महाकुंभ, 951 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

* रोजगार मेले में 5122 युवाओं को नौकरी, अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण व AI रिपोर्ट लॉन्च

मुजफ्फरनगर/लखनऊ।
मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में सोमवार को आयोजित भव्य रोजगार मेला एवं विकास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद को बड़ी सौगात देते हुए 951 करोड़ रुपये से अधिक की 423 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान “कौशल दर्शन” पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें सफल युवाओं की प्रेरक कहानियाँ शामिल हैं। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सेंटिमेंट एवं रेडिनेस रिपोर्ट का शुभारंभ किया गया, जो तकनीकी शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (WEP) के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी भी हुई।
रोजगार मेले में 200 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिसमें 27,000 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया। इस दौरान 5122 युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। चयनित युवाओं में अक्षत गर्ग, रक्षित त्यागी, केशव, अनुज धीमान, अंशिका गोयल, नायब परवीन, विशाल और वैशाली जैसे उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि रोजगार मेला युवाओं के लिए सशक्त मंच बनकर उभरा है, जहां उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए अन्य युवाओं को निराश न होने की सलाह दी और आश्वस्त किया कि सरकार ऐसे अवसर लगातार उपलब्ध कराती रहेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार मेलों से न केवल नौकरियों के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। सरकार निवेश, उद्योग और तकनीकी विकास को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन के नए रास्ते खोल रही है। इस अवसर पर जयंत चौधरी, एस.पी. सिंह बघेल, अनिल कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक असामंजस्य पर सख्ती, उच्च स्तरीय समिति गठित

* स्टेकहोल्डर्स से संवाद कर सौहार्द बहाली की कोशिश, समिति ने शुरू किया काम

गौतमबुद्धनगर। जनपद गौतम बुद्ध नगर में उत्पन्न औद्योगिक असामंजस्य की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य संबंधित पक्षों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर औद्योगिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था को बहाल करना है।
समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश को सौंपी गई है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश (कानपुर) को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।
समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि और उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिससे सभी पक्षों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
उच्च स्तरीय समिति गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है और प्राथमिकता के आधार पर मामले का परीक्षण कर रही है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ । भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।

किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
शांति, समता और भाईचारे का संदेश लेकर लखनऊ में निकला बौद्ध भिक्षुओं का भव्य शांति मार्च
* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत, कहा— “बुद्धम् शरणम् गच्छामि ही शांति का मार्ग”

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विश्व शांति के संदेश के साथ बौद्ध भिक्षुओं एवं पूज्य भन्तेगणों द्वारा भव्य शांति मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च डॉ. अम्बेडकर महासभा कार्यालय, विधानसभा मार्ग से प्रारंभ होकर हजरतगंज चौराहा होते हुए उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग तक निकाला गया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय पर पहुंचे भिक्षुओं का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने अंगवस्त्र भेंट कर भिक्षुओं को सम्मानित किया और विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” ही शांति का सच्चा मार्ग है। भारत की परंपरा सदैव शांति, समता और मानवता की रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया कि “भारत ने दुनिया को बुद्ध दिया है, युद्ध नहीं”, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के कई देश युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, ऐसे में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मानवता के लिए आशा और मार्गदर्शन का आधार बन रही हैं। “विश्व एक परिवार है और शांति हमारा सबसे बड़ा अस्त्र है,” उन्होंने कहा।
उप मुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक महान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान बुद्ध के उपदेशों को विश्वभर में फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर उन्हें भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को रूस के काल्मिकिया ले जाने का अवसर मिला, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार “विरासत और विकास” को साथ लेकर कार्य कर रही है। काशी, मथुरा और अयोध्या के साथ-साथ सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक समता और न्याय के विचारों को स्मरण किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि प्रदेश सरकार बुद्ध विहारों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सदस्य भन्ते शीलरतन ने विश्व शांति और करुणा के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुगण, छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज्यपाल और सीएम ने किया जन भवन में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन
* ‘हमारा जन भवन’ पुस्तक का विमोचन भी किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन भवन, लखनऊ में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए शिक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पहल की।
राजभवन (जन भवन), लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर ‘हमारा जन भवन’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। साथ ही विद्यालय की नई बस की चाबी प्रधानाचार्य और चालक को सौंपकर विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा को सुदृढ़ किया गया।
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि राजभवन परिसर में वर्ष 1961 से संचालित परिषदीय विद्यालय का व्यापक कायाकल्प किया गया है। विद्यालय को अब कक्षा 10 तक उच्चीकृत किया गया है और इसमें 14 कक्षा-कक्षों के साथ कंप्यूटर लैब और एआई लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में “ऑपरेशन कायाकल्प” के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया है। वहीं “स्कूल चलो अभियान” के तहत नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर कम करने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उच्चीकृत करने की योजना पर कार्य जारी है, जिससे प्रदेश के 746 बालिका विद्यालयों को लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ब्लॉक में बालिकाओं के लिए 12वीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि “लर्निंग बाय डूइंग” और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 के तहत बच्चों को व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हापुड़ में भीषण सड़क हादसा: बरात लौट रही बस-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत, 13 घायल

लखनऊ /हापुड़। हापुड़ के धौलाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब बरात से लौट रही बस और सामने से आ रहे ट्रक की जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के डासना निवासी इकराम कुरैशी के पुत्र की बरात गुलावठी से वापस लौट रही थी। रात करीब डेढ़ बजे जैसे ही बस धौलाना क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस ट्रक के नीचे जा फंसी और बाद में दोनों वाहन सड़क किनारे खाई में पलट गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डीएम अभिषेक पांडे और एसपी ज्ञानंजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईड्रा मशीन की मदद से बस को ट्रक के नीचे से निकाला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया।
इस हादसे में सोनू, यूसुफ, अख्तर, यूनुस, मुन्ना और बस चालक अशोक की मौत हो गई। सभी मृतक गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं 13 घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का इलाज जारी है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।