बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत दौरे पर, क्या दूर होगी रिश्तों में आई तल्खियां ?
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शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत बांग्लादेश संबंधों में तल्खियां देखने को मिली थी। दोनों देशों के बीच बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच अब रिश्तों को नए सिरे से संतुलित करने की दिशा में कोशिश होती दिखने लगी है। इसी क्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर खलीलुर रहमान 7 से 9 अप्रैल तक भारत के दौरे पर हैं।
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नए सिरे से रिश्तों को संतुलित करने की कोशिश
रहमान की अगुवाई में हो रहा ये दौरा बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी की सरकार आने के बाद पहला हाई प्रोफाइल दौरा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद ढाका पर काबिज रहे युनूस प्रशासन के भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। रहमान के दौरे को दिल्ली और ढाका दोनों की ओर से नए सिरे से राजनीतिक इंगेजमेंट करने की दिशा में एक कड़ी की तरह देखा जा रहा है।
एस जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे
रहमान 7 अप्रैल को दिल्ली आ चुके हैं। बीती रात उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के साथ रात्रिभोज किया। इस दौरान दोनों में देशों के संबंधों को सुधारने पर चर्चा हुई। आज रहमान दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनका वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ भी मुलाकात का भी कार्यक्रम है। 9 अप्रैल को वे जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
भारत ने अभी तक इस दौरे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि बातचीत में गंगा जल-बंटवारे समझौते के नवीनीकरण, संपर्क परियोजनाओं की प्रगति, भारत से ऊर्जा आपूर्ति और द्विपक्षीय व्यापार सुविधाओं की बहाली जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
उठ सकता है वीजा और सीमा का मुद्दा
भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाली मौतों का मामला भी बातचीत में संवेदनशील मुद्दा रहेगा। बांग्लादेश पहले भी तस्करी रोधी अभियानों के दौरान सीमा पर नागरिकों की मौतों पर चिंता जताता रहा है। बांग्लादेश छात्रों, मरीजों और व्यापारियों के लिए वीजा सुविधाओं को फिर से खोलने और विस्तार देने की मांग उठा सकता है। बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2026-27 सत्र के लिए रहमान के नामांकन पर भारत का समर्थन मांग सकता हैं।
क्या शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठेगा?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना तख्तापलट के बाद पिछले साल अगस्त से ही भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है। हालांकि, अब तक भारत ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि वो कानूनी प्रक्रिया के तहत हसीना के प्रत्यर्पण का समर्थन करती है। हालांकि, माना जा रहा है कि ये मुद्दा बड़ी अड़चन नहीं होगा।




नई दिल्ली। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने मंगलवार को ‘एल्युमिनियम भारत’ पहल की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार से सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए त्वरित नीति समर्थन की मांग की।
1 hour and 36 min ago
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