मालदा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने वाले मोफक्करुल इस्लाम समेत 35 पर शिकंजा

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पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे एडवोकेट मोफक्कारुल इस्लाम को बंगाल सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, मोफक्कारुल इस्लाम राज्य छोड़कर भागने की फिराक में था।

अब तक 35 लोग गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और पूरा मामला एनआईए को रेफर होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। मालदा घटना पर उत्तरी बंगाल के एडीजी के. जयरामन के अनुसार अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में 19 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को अरेस्ट किया गया है। जयरामन के अनुसार वह एक वकील लगता है। हम जांच कर रहे हैं कि बचाव कार्य में देरी क्यों हुई। फिर हम एक रिपोर्ट सौंपेंगे।

एआईएमआईएम का नेता बताया जा रहा मोफक्करुल

आरोपी मोफक्करुल इस्लाम कालियाचक की घटना का मुख्य साजिशकर्ता है। बुधवार रात हुई इस घटना में सात न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय के अंदर कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था। वकील मोफक्करुल इस्लाम ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) का नेता बताया जा रहा है। मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों को क्यों बनाया गया बंधक?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहा मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया एक बड़ा मुद्दा बन गई है। एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची में 63 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि 60 लाख अन्य मतदाताओं को विचाराधीन रखा गया। न्यायिक अधिकारियों को इन मामलों की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ये न्यायिक अधिकारी इन मामलों की जांच कर मतदाताओं को मतदाता सूची में बरकरार रखने या हटाने का फैसला कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक का अनुरोध किया, जिसे अस्वीकार करने पर उन्होंने बीडीओ कार्यालय का घेराव कर तीन महिलाओं समेत सात अधिकारियों को बंधक बना लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को बताया सोची-समझी साजिश

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। सीजेआई सूर्यकांत रात दो बजे तक इस घटना के बाद जागते रहे थे। चुनाव आयोग ने अदालत के निर्देश पर जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी है। बंगाल चुनाव 2026 के मद्देनजर इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जहां बीजेपी इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की एक साजिश करार दिया है।

राघव के जवाब पर 'आप' का पलटवार, सौरभ भारद्वाज से लेकर अनुराग ढांडा ने घेरा

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राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद सांसद राघव चड्ढा ने इस पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करके कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। राघव चड्ढा ने कहा, 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।' यही नहीं उन्होंने इस मैसेज के साथ आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगा दिए। राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से पलटवार किया गया है।

अनुराग ढांडा ने भी राघव चड्ढा को घेरा

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, 'हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?'

मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो- ढांडा

ढांडा ने आरोप लगाया कि संसद में सीमित समय मिलने के बावजूद राघव चड्ढा गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।’ उन्होंने कहा कि गुजरात में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर वोट के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने चड्ढा को घेरा। ढांडा के मुताबिक, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर साइन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी चड्ढा सदन में बैठे रहे। अपने पोस्ट के आखिर में अनुराग ढांडा ने सीधे शब्दों में लिखा, ‘पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो….’

सौरभ भारद्वाज ने कहा- ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी

आम आदमी पार्टी के दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि राघव भाई अभी आपका वीडियो देखा। हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने एक ही बात सीखी थी जो डर गया समझो मर गया। हम सबको तो लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंख में आंख डालकर। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा जो भी कोई गंभीर मुद्दे उठाता और सरकार से सवाल पूछता है तो सरकार उस पर डिक्टेटर की तरह उनको तमाम सोशल मीडिया पर बैन करती है। सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कोई सॉफ्ट पीआर अपनी संसद में करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी का बड़ा ही सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों की बात उठाए। पूरे देश में हमने देखा हर राज्य में सही लोगों के वोट काटे जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार बेईमानी के साथ कब्जा करने पर जुटी है। पश्चिम बंगाल का मामला इसमें अहम है। पिछले कई अरसे से मैंने देखा कि आपने कोई ऐसा मुद्दा सदन में नहीं उठाया, जिसमें आपने सरकार से सवाल किए हों। ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी।

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

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भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

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आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

बिहार में आज से बदल गया बिजली बिल सिस्टम, दिन में सस्ती और रात में होगा महंगा

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बिहार में 1 अप्रैल यानी आज से बिजली बिल के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ लागू कर दिया। नए नियम के तहत अब बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आप दिन के किस समय कितनी बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

दिन में सस्ती और रात को महंगी

नए नियमों के हिसाब से रात 11 से सुबह 9 बजे तक बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक तय दर से 20% कम यानी बिजली खपत की राशि सिर्फ 80 प्रतिशत ही देनी होगी। यानी अगर आप इस समय ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं, तो आपका बिल कम आएगा। वहीं शाम को 5 बजे से रात में 11 बजे तक यदि 200 रुपये की बिजली का उपयोग किया गया तो 20 फीसदी ज्यादा चार्ज देना होगा।

आज से लागू हो रही नई व्यवस्था

नए नियम आज यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था का सीधा असर राज्य के करीब 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से लोगों के बिजली उपयोग के पैटर्न में भी परिवर्तन आएगा। नई व्यवस्था का मकसद लोगों को यह समझाना है कि अगर वे सही समय पर बिजली इस्तेमाल करें, तो खर्च और कम किया जा सकता है।

बचत के लिए ऐसे करें यूज

आसान शब्दों में समझें तो टाइम ऑफ डे टैरिफ एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें आप तय कर सकते हैं कि कब बिजली इस्तेमाल करके ज्यादा बचत करें। अगर भारी डिवाइस जैसे वॉशिंग मशीन, गीजर या एसी दिन में चलाए जाएं, तो बिल कम आएगा। वहीं शाम के समय कम इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। इससे न सिर्फ आपकी जेब बचेगी, बल्कि पूरे राज्य में बिजली की खपत भी संतुलित रहेगी।

इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा फेरबदल

आज से नया इनकम टैक्स सिस्टम प्रभावी हो गया है। करदाताओं की सुविधा के लिए अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' जैसे तकनीकी शब्दों की जगह सिर्फ 'टैक्स वर्ष' शब्द का इस्तेमाल होगा। इस कदम का उद्देश्य टैक्स भरने की जटिल प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है।

रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

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रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

आज से 195 रुपए महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

घरेलू गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम स्थिर हैं और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये बनी हुई है।

बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2031 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह सिलेंडर अब 2246.50 रुपये में मिलेगा। पटना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 2031 रुपये हो गई है।

7 मार्च को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी, जो पहले 853 रुपये थी। पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल, बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव

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पश्चिम बंगाल चुनाव में लिएंडर पेस बड़ा धमाका किया है। भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भाजपा का दामन थाम लिया है। पेस तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) को अलविदा कहते हुए बीजेपी में शामिल हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में पेस बीजेपी में शामिल हुए हैं। लिएंडर पेस को टीएमसी से बीजेपी के पाले में लाने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।

पेस ने कहा- मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस मौके पर कहा कि, 'लिएंडर पेस का भाजपा परिवार में शामिल होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में खेल और खिलाड़ियों को लगातार बढ़ावा दिया है।' वहीं लिएंडर ने इसे अपने जीवन का सबसे खास दिन बताया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का बड़ा अवसर है।'

केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की सराहना की

पेस ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि अब वह नई जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने 40 साल देश के लिए खेला है, अब समय है युवाओं की सेवा करने का।' लिएंडर पेस ने केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'खेलो इंडिया मूवमेंट और टॉप्स स्कीम बहुत शानदार पहल हैं। मैंने देखा है कि किरेन रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए कितनी मेहनत की। प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो रोल दिया था, उसे बखूबी निभाया।'

हाल ही में नितिन नवीन से की थी मुलाकात

अक्टूबर 2021 को गोवा में ममता बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले लिएंडर पेस ने हाल में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से कोलकाता में मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बीजेपी को उम्मीद है कि लिएंडर पेस के आने के बाद पार्टी की लोकप्रिया स्पोटर्स सर्कल और युवा वोटरों में हो जाएगी। पेस का परिवार मूल रूप से कोलकाता का है।

टीएमसी को टक्कर देने के लिए बड़ा प्लान

लिएंडर पेस ने 2021 में ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी जॉइन की थी, लेकिन 2026 के रण में वे भगवा झंडे के नीचे खड़े नजर आएंगे। बीजेपी के लिए बंगाल की सबसे बड़ी चुनौती कोलकाता और उसके आसपास के शहरी इलाकों में टीएमसी की पकड़ तोड़ना है। नितिन नवीन ने इस बार ‘स्टार पावर’ और ‘साफ छवि’ का मिश्रण तैयार किया है। बीजेपी ने बंगाल में जाने-मानी हस्तियों को पार्टी में शामिल करने की रणनीति बनाई है। सर्व समाज में स्वीकार्यता के लिए पार्टी लेखक, शिक्षाविद्, कलाकार और खिलाड़ियों को पार्टी में शामिल कर रही है। लिएंडर पेस का बीजेपी में जाना इस कड़ी का हिस्सा है।

नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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बिहार के नालंदा में बड़ा हादसा हुआ है। बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है। फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है।

अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ा हादसा

बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। पूजा के दौरान यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि मघड़ा शीतला मंदिर में हद से ज्यादा भीड़ होने की वजह से यह दुखद हादसा हुआ है। आज चैत माह के आखिरी मंगलवार की पूजा थी और इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पर इकट्ठा थीं। बेकाबू भीड़ को प्रशासन रोकने में असफल रहा, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई।

दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

प्रशासनिक व्यवस्ता पर उठ रहे सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ की वजह क्या थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ थी लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे।