सीतापुर-तेज रफ्तार डंपर से कुचलकर बाइक सवार दो युवकों की मौत
लखनऊ /सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र स्थित कम्हरिया पुल पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दोनों युवकों को टक्कर मारते हुए कुचल दिया, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान दीपक (19) निवासी चौड़िया कोठार थाना रामपुर कलां और इंद्रराज (20) निवासी तेलाईगांव थाना सिधौली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शनिवार शाम मजदूरों को लाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन सुबह यह हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।थाना प्रभारी इतुल चौधरी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में सनसनीखेज हत्याकांड: अवैध संबंध में बाधा बनी सास की बहू ने प्रेमी के साथ मिलकर की हत्या, CCTV और डॉग स्क्वायड से खुला राज
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के निशातगंज इलाके में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 69 वर्षीय रिटायर्ड महिला निर्मला देवी की उनके ही घर में गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस जघन्य हत्याकांड को महिला की बहू रंजना ने अपने प्रेमी राजन शर्मा के साथ मिलकर अंजाम दिया।

घर के कमरे में मिली लाश, हाथ-पैर बंधे थे

शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब पोते ने घर के एक कमरे में दादी को मृत अवस्था में देखा। निर्मला देवी के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और उनका शव कमरे में पड़ा था। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान 69 वर्षीय निर्मला देवी के रूप में हुई है, जो सचिवालय से रिटायर्ड थीं। उनके पति की दो साल पहले मौत हो चुकी थी।

CCTV और डॉग स्क्वायड से खुला रहस्य

घटना के समय घर के अधिकांश सदस्य बाहर थे। बेटा ड्यूटी पर गया हुआ था, जबकि पोता डिलीवरी के काम पर था। घर में केवल बहू रंजना और छोटी बेटी मौजूद थीं। इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना की जांच के दौरान पुलिस को शक तब हुआ जब घर के अंदर लगे CCTV कैमरे दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक बंद पाए गए। हालांकि बाहर लगे कैमरों की फुटेज में बहू रंजना अपने प्रेमी राजन शर्मा के साथ घर से बाहर जाती दिखाई दी।इसके बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। डॉग ने सूंघते हुए सीधे आरोपी राजन तक पहुंचकर संकेत दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में प्रेमी ने कबूला जुर्म

सख्ती से पूछताछ में आरोपी राजन शर्मा ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसका पिछले चार साल से रंजना के साथ अवैध संबंध था।आरोपी के अनुसार, सास निर्मला देवी इस संबंध का लगातार विरोध करती थीं और मिलने पर रोक लगाती थीं, जिससे दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पहले घर के अंदर लगे CCTV कैमरों को बंद किया, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद निर्मला देवी को अकेला पाकर रस्सी से हाथ-पैर बांधे और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।हत्या के बाद दोनों मौके से फरार होने की कोशिश में थे, लेकिन जल्द ही पुलिस के शिकंजे में आ गए।

इस घटना के बाद इलाके में दहशत

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, डॉग स्क्वायड की मदद और परिजनों से पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पड़ोसी भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं कि घरेलू विवाद और अवैध संबंध ने एक बुजुर्ग महिला की जान ले ली।
लखनऊ में दीक्षांत परेड: कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने नवप्रशिक्षित अधिकारियों को किया सम्मानित

* 121वें डिप्टी जेलर और 178वें जेल वार्डर बैच का समापन, 119 प्रशिक्षु हुए शामिल

लखनऊ। डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने भाग लेकर सलामी ली और नवप्रशिक्षित अधिकारियों एवं वार्डरों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर प्रशिक्षु डिप्टी जेलर के 121वें सत्र तथा उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के प्रशिक्षु जेल वार्डरों के 178वें सत्र का सफल समापन हुआ। समारोह में कुल 119 प्रशिक्षु शामिल हुए, जिनमें 4 अधिकारी (उत्तर प्रदेश) तथा 115 जेल वार्डर (74 उत्तर प्रदेश और 41 उत्तराखण्ड से) शामिल रहे।
दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। अधिकारी संवर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार उत्तर प्रदेश के डिप्टी जेलर शशिकांत को प्रदान किया गया, जबकि जेल वार्डर संवर्ग में यह सम्मान टिहरी गढ़वाल (उत्तराखण्ड) की कविता जलाल को मिला।
समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं ने आकर्षक परेड और मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया। मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कारागार विभाग में सेवा अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का समन्वय है, और प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें।
लखनऊ में स्मार्ट प्रीपेड मीटर विवाद गरमाया, विद्युत कंपनियों को नियामक आयोग का नोटिस

* बिना सूचना मीटर बदलने और बिजली कटौती पर सख्ती, 15 दिन में जवाब तलब

लखनऊ। प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की याचिका पर संज्ञान लेते हुए विद्युत नियामक आयोग ने सभी विद्युत कंपनियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को 15 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में अब तक 74.48 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 69.64 लाख मीटर उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना दिए बिना ही प्रीपेड मोड में परिवर्तित कर दिए गए। इस पर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
13 से 18 मार्च के बीच चलाए गए अभियान के दौरान 5.79 लाख उपभोक्ताओं के मीटर नेगेटिव बैलेंस होने पर स्वतः डिस्कनेक्ट हो गए। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब रिचार्ज करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं की बिजली कई घंटों तक बहाल नहीं हो सकी।
नियामक आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 फरवरी से 20 मार्च 2026 के बीच प्राप्त मुआवजा दावों का पूरा विवरण भी कंपनियों से मांगा है। अब देखना होगा कि कंपनियां इस पर क्या जवाब देती हैं और उपभोक्ताओं को राहत कब तक मिलती है।
वाणिज्य कर विभाग की स्थापना दिवस पर डॉ दिव्या त्रिपाठी का सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य वाणिज्य कर विभाग के स्थापना दिवस पर वाणिज्य कर विभाग वाराणसी ग्रेड प्रथम अपर आयुक्त आनन्द सिंह द्वारा राजस्व वृद्धि पर उल्लेखनीय कार्य करने पर, वाणिज्य कर विभाग सहायक आयुक्त वाराणसी डॉ.दिव्या त्रिपाठी को सम्मानित किया गया । उल्लेखनीय है कि डॉ दिव्या त्रिपाठी नारायण ज्ञान धाम के संस्थापक एवं पूर्व आईजी बीपी त्रिपाठी,जो सेवानिवृत्ति के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में कार्यरत हैं,की पुत्री हैं तथा अपने विभाग में एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। उन्हें सम्मानित किए जाने पर नारायण ज्ञान धाम परिवार तथा क्षेत्र के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
“09 वर्षों में विकास की नई गाथा: रोजगार, समरसता और सशक्तिकरण पर सरकार का जोर”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कौशाम्बी के मंझनपुर बस डिपो परिसर में आयोजित “गौरव प्रतिमा अनावरण” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंझनपुर को समरसता का केंद्र बनाने का प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास” के साथ “सबको रोजगार” सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को ट्रैक्टर संचालित मोबाइल यूनिट वितरित की गई। उन्होंने लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं और लगभग 9 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में दंगों पर पूर्ण नियंत्रण रहा है। सरकार गरीब कल्याण, किसान सम्मान और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
मौर्य ने बताया कि विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाकर पहले 300 रुपये से 1000 रुपये और अब 1500 रुपये प्रतिमाह करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाखों लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उज्ज्वला योजना से मुफ्त गैस कनेक्शन और जनधन योजना के तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने 2047 तक देश और प्रदेश को विकसित बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने बताया कि अयोध्या से रामेश्वरम तक बनने वाले रामवन गमन मार्ग और प्रयागराज एयरपोर्ट से कौशाम्बी तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और महापुरुषों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
गो-आश्रयों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, हर गोशाला में बनेगा ‘भूसा बैंक’
* उत्कृष्ट गोसेवकों का होगा सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में गो-रक्षा और गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और इस क्षेत्र में योगदान देने वालों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए।
शनिवार को गोसेवा आयोग के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गोशाला में ‘भूसा बैंक’ स्थापित किया जाए और हरे चारे की उपलब्धता के लिए किसानों से समन्वय बनाया जाए। साथ ही प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को भी इन स्थलों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सीएसआर फंड के उपयोग पर भी बल दिया गया, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती लाई जा सके।
निरीक्षण व्यवस्था को सख्त करते हुए उन्होंने गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में प्रदेश भर में भ्रमण कर गोशालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विभागीय मंत्री और अधिकारी भी फील्ड में उतरकर नियमित निगरानी करेंगे। प्रत्येक निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को गोवंश सुपुर्द किया गया है, जिनके उचित भरण-पोषण और सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने डीबीटी प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में हजारों गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं और कई जनपदों में कमांड एंड कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। गोचर भूमि के उपयोग, हरे चारे के विकास और गोबर गैस संयंत्रों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ द्वारा गोबर से बने उत्पादों को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताते हुए इनके विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।
मंझनपुर में शंख व कलश चौराहा का लोकार्पण, कई विकास कार्यों का उद्घाटन
* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया नामकरण व प्रतिमाओं का अनावरण

लखनऊ/कौशांबी।  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को मंझनपुर में शंख चौराहा एवं कलश चौराहा का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत नामकरण एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
उप मुख्यमंत्री ने पंचम राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वार्ड नंबर-10 अशोक नगर स्थित मॉडल पार्क में योगशाला निर्माण एवं पार्क सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने नगर पालिका परिषद मंझनपुर के भवन निर्माण कार्य का भी उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान भगवान परशुराम, माता अवन्तीबाई लोधी, ऊदा देवी तथा संत गाडगे महाराज की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया गया।
इस अवसर पर पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, जनपद प्रभारी अवशेध गुप्ता, पूर्व विधायक शीलता प्रसाद (पप्पू पटेल), सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
परिवहन निगम में 2584 महिला परिचालकों की भर्ती, रोजगार मेले होंगे आयोजित
* गृह जनपद में ही मिलेगी तैनाती, 25 मार्च से शुरू होगा भर्ती अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 2584 पदों पर संविदा के आधार पर महिला परिचालकों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती प्रदेश सरकार के निर्देश पर रोजगार मेलों के माध्यम से की जाएगी।
यह जानकारी परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि चयनित महिला अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के अंतर्गत आने वाले डिपो में ही तैनात किया जाएगा, जिससे उन्हें कार्यस्थल पर सुविधा मिल सके।
भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है, साथ ही CCC प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों का चयन इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र, एनएसएस, तथा भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य या राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए 25 मार्च, 28 मार्च, 30 मार्च एवं 1 अप्रैल 2026 को प्रदेश के विभिन्न मंडलों में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।
* 25 मार्च: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूट धाम-बांदा, प्रयागराज
* 28 मार्च: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी
* 30 मार्च: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़
* 01 अप्रैल: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर

इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने निकटतम क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं। मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि चयनित महिला परिचालकों को संविदा चालकों/परिचालकों के समान पारिश्रमिक दर पर भुगतान किया जाएगा।
पीएम एफएमई योजना में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल

* 7340 प्रस्ताव स्वीकृत, 2000 करोड़ से अधिक टर्म लोन; सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को नई गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को नई ऊर्जा मिली है और राज्य तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
योजना के प्रभावी संचालन के तहत प्रदेश में विभिन्न बैंकों द्वारा 2000 करोड़ रुपये से अधिक का टर्म लोन स्वीकृत किया जा चुका है, जो उद्योग स्थापना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7340 प्रस्तावों की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। इस दौरान 98 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उत्कृष्ट उपलब्धि है।
योजना के अंतर्गत औसत स्वीकृति समय 100 दिन, औसत टर्म लोन 10 लाख रुपये तथा प्रति इकाई औसत अनुदान 4 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में जनपदीय रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) की तैनाती की गई है, जिन्हें प्रत्येक इकाई की स्थापना में सहयोग हेतु 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 267.25 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें तो 7293 प्रस्तावों के साथ बिहार दूसरे और 5695 प्रस्तावों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर हैं।
उल्लेखनीय है कि पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत असंगठित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये तक) क्रेडिट लिंक्ड अनुदान दिया जाता है। स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ एवं सहकारिताओं को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक अनुदान की व्यवस्था है। इसके अलावा, समूहों के प्रति सदस्य को 40,000 रुपये कार्यशील पूंजी तथा उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिए 50 प्रतिशत तक सहायता प्रदान की जाती है।
अब तक योजना के तहत 24,197 से अधिक इकाइयों को अनुदान की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, मूल्य संवर्धन एवं रोजगार के अवसरों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।