ईरान के नेताओं से संपर्क करना काफी मुश्किल', भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले जयशंकर

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ईरान पर इजरायल और अमेरिका का हमला होने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर बने हुए हैं। इस क्षेत्र में हजारों की संख्या में भारतीय भी हैं। ऐसे में संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन पश्चिम एशिया का मुद्दा उठा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को उठाया। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दिया।

प्रधानमंत्री मोदी घटनाक्रम पर रख रहे नजर

विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है।

अब तक करीब 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट

सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों की मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों की वापसी को सुगम बनाने के लिए उड़ानों को मंजूरी दे दी है और उन्हें संचालित भी किया है, जिसके तहत लगभग 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट चुके हैं।आर्मेनिया के रास्ते भारतीयों को निकाला जा रहा। इस क्षेत्र में भारतीय एंबेसी लगातार लोगों तक जरूरी मदद पहुंचा रही है।

संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता*

जयशंकर ने कहा, हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।

ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर फैसला आज, हंगामे के आसार*

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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों की ओर से दिए गए नोटिस पर विचार करेगी। पहले दिन की कार्यवाही में ही इस विषय को लिस्टेड किया गया है।

कांग्रेस को मिला टीएमसी का साथ

विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। उस समय ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर साइन नहीं किए थे, लेकिन अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष का समर्थन करेगी।

स्पीकर का पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि स्पीकर का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है। विपक्ष का कहना है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। साथ ही आठ विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ महिला सांसदों के खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए।

रिजिजू ने पहले कांग्रेस पर बोला हमला

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा से एक दिन पहले कांग्रेस पर नया हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पार्टी को चेयर के खिलाफ अपने कदम पर आखिर में 'पछतावा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कदम संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाने जैसा ही है।

मनीष तिवारी ने दिया कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

कांग्रेस के तीन सांसद मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लु रवि द्वारा आज ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जाना है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता के ही एक लेटर ने सबको असमंजस में डाल दिया है। संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि मैं प्रस्ताव करता हूं कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से उत्पन्न गंभीर चिंताओं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभावों पर विचार करने के लिए सदन में प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यवाहियों को स्थगित कर दे।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष लामबंद, टीएमसी करेगी ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन

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बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले एक बार फिर सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। पार्टी के सांसदों को यह निर्देश तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से दिया गया है।

बिरला पर भेदभाव करने का आरोप

लोकसभा में बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव में, बिरला पर खुलकर भेदभाव करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला पर राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने, पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने और जनता के मुद्दों को उठाने वाले सांसदों को निलंबित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

9 मार्च को प्रस्ताव पर चर्चा की संभावना

बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया था। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और उसी दिन इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।

अविश्वास प्रस्ताव पर क्या बोली कांग्रेस?

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा, 'तृणमूल कांग्रेस के अलावा सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। कहा गया है कि इस पर नौ मार्च को विचार किया जाएगा।'

दोनों पक्षों ने जारी किया व्हिप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इसके तहत 9 से 11 मार्च के बीच सदन में सभी सांसदों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

गुरमीत राम रहीम को 23 साल पुराने पत्रकार हत्या मामले में राहत, हाईकोर्ट ने डेरा मुखी को किया बरी

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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम को बरी कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने 3 आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की सजा को बरकरार रखा है।इन सभी को इस मामले में सीबीआई अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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हत्‍या के मामले में बरी

रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में 11 जनवरी 2019 को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया था। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। डेरा प्रमुख और अन्य सह-आरोपियों ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है। अब हाईकोर्ट ने राम रहीम की अपील को स्‍वीकार करते हुए उसे हत्‍या के मामले में बरी कर दिया है।

हाई कोर्ट ने कहा- पर्याप्त सबूत नहीं

फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस हत्याकांड में राम रहीम के साजिशकर्ता होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं। जिस वजह से राम रहीम को बरी कर दिया गया। राम रहीम इससे पहले डेरा मैनेजर रणजीत हत्याकांड में पहले ही हाईकोर्ट से बरी हो चुका है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने इसको चुनौती दी है।

2002 में हुई थी पत्रकार की हत्या

बता दें कि पत्रकार रामचंद्र ने ही गुरमीत राम रहीम के खिलाफ यौन शोषण के मामले का खुलासा किया था। रामचंद्र की साल 2002 में गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने ही साल 2002 में इस रेप केस की जानकारी पहली बार दी थी, जिसमें गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया गया था। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति 2002 में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी।

'द केरल स्टोरी-2' को ज्यादा दर्शक न मिलना 'अच्छी खबर', राहुल गांधी बोले-फिल्मों का इस्तेमाल प्रचार के लिए हो रहा

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि यह "अच्छी खबर" है कि विवादित फिल्म 'द केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड' को ज्यादा दर्शक नहीं मिल रहे हैं। राहुल गांधी ने शुक्रवार को कुट्टिक्कानम के मारियन कॉलेज में छात्रों से बातचीत करते हुए ये बयान दिया।

फिल्मों को दुष्प्रचार का साधन बनाए जाने के बारे में एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए गांधी ने ‘केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड’ पर अपने विचार साझा किए। राहुल गांधी ने कहा कि अच्छी खबर यह है कि ‘केरल स्टोरी’ वाले सिनेमाघरों में सीट खाली पड़ी हैं, और इसे कोई देख नहीं रहा है। यह दिखाता है कि ऐसे लोग हैं, जिनमें से अधिकांश को केरल और उसकी परंपराओं तथा संस्कृति की समझ नहीं है।

फिल्मों-टेलीविजन और मीडिया का राजनीतिक इस्तेमाल

राहुल के अनुसार, फिल्मों, टेलीविजन और मीडिया को तेजी से ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सिनेमा, टेलीविजन और मीडिया का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश फैलाने के लिए तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इसका इस्तेमाल ठीक इसी उद्देश्य से किया जाता है— लोगों को बदनाम करने, उन्हें समाज से अलग करने और समाज में फूट डालने के लिए, ताकि कुछ लोगों को फायदा हो और दूसरों को नुकसान। भारत भी कुछ ऐसा ही बन चुका है।

इस तरह के घटनाक्रम के लिए बड़ी खर्च हो रहा-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद का दावा है किया कि इस तरह के घटनाक्रम देश के लिए हानिकारक थे और इस उद्देश्य के लिए बड़ी मात्रा में धन खर्च किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि अगर कोई इंसान किसी खास तरह की फिल्म बनाना चाहता है, मीडिया में कुछ कहना चाहता है, या किसी खास आइडिया को डिफेंड करना चाहता है, तो उन पर हमला किया जाता है और अक्सर उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। राहुल ने कहा कि मैं यह हर समय महसूस करता हूं। दूसरी तरफ, कुछ कहानियों को लोग जितना चाहें उतना फैला सकते हैं और उनका कुछ नहीं होता।

देश की शिक्षा प्रणाली पर वैचारिक दबाव-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि केरल में समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं हैं और उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे इन परंपराओं से जुड़े रहें और साथ ही दुनिया के अन्य हिस्सों से भी सीखें। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि देश की शिक्षा प्रणाली वैचारिक दबाव का सामना कर रही है। उन्होंने कहा, “यदि आप विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को देखें, तो उनमें से बड़ी संख्या में नियुक्तियां केवल इसलिए की गई हैं क्योंकि वे आरएसएस या किसी विशेष विचारधारा का हिस्सा हैं। शिक्षा प्रणाली पर वैचारिक दबाव है। शिक्षा किसी विशेष विचारधारा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, विशेष रूप से आरएसएस के विभाजनकारी दृष्टिकोण तक तो बिल्कुल नहीं।”

मिडिल ईस्ट जंग के बीच लगा महंगाई का झटका, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े

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मिडिल-ईस्ट में जंग की आग फैलती जा रही है। ईरान-इजरायल जंग का असर भारत में भी दिखने लगा है। ईरान जंग के कारण देश में महंगाई का जोरदार झटका लगा है। ईरान-इजरायल जंग बीच घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।

घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि नए रेट में अब दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर की कीमत 913 रुपए होगी, जबकि पहले यह 853 रुपए थी। एक साल से भी कम समय में कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी काटेगी जेब

वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है। सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा। सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है। इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है। भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

सरकार ने कहा था-देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं

यह वृद्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले आश्वासन दिया था कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है।

खत्म हुआ इंतजार! नीतीश के बेटे निशांत करेंगे सियासी शुरूआत, कल लेंगे पार्टी की सदस्यता

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीतिक एंट्री की मांग लंबे समय से हो रही है। जनता दल यूनाइटेड का एक बड़ा हिस्सा लगातार निशांत की सियासी शुरूआत की मांग कर रहा है। उनका ये इंतजार खत्म होने वाला है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कल यानी शनिवार को जेडीयू में शामिल होंगे।

संजय झा ने निशांत को लेकर रखा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग पर हुई जेडीयू नेताओं की अहम बैठक में यह ऐलान किया गया कि निशांत कुमार 7 मार्च को जेडीयू की सदस्यता लेंगे। बैठक के दौरान जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नीतीश के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने नेताओं से पूछा कि क्या सभी लोग इस प्रस्ताव से सहमत हैं। इस पर बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से समर्थन जताया।

पूरे राज्य का दौरा करेंगे निशांत

जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार शनिवार को जेडीयू में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि खुद निशांत कुमार ने भी पार्टी के लिए काम करने को लेकर सहमति दे दी है। राजनीति में आने के बाद निशांत कुमार बिहार का व्यापक दौरा करेंगे। पूरे राज्य में घूमकर जेडीयू के काम को आगे बढ़ाएंगे।

नीतीश बोले- चिंता की कोई बात नहीं

जदयू के वरिष्ठ नेता और एमएलसी नीरज कुमार ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने विधायकों को भरोसा दिलाया है कि चिंता की कोई बात नहीं है। सीएम नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा कि मैं अब भी सक्रिय रहूंगा। मैं आगे भी उनका मार्गदर्शन करते रहेंगे। वह लगातार पार्टी के नेताओं और विधायकों के साथ संवाद में रहेंगे। जिस तरह से वह पहले भी पार्टी के सभी नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ सुख-दुख में खड़े रहे हैं। आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे।

कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन, सिद्धरमैया सरकार की बड़ी घोषणा

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कर्नाटक में सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है। कर्नाटक में बच्चे अब फेसबुक-इंस्टाग्राम नहीं चला पाएंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने बजट भाषण के दौरान की।

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सोशल मीडिया बैन का क्या मकसद

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने आज 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा, बच्चों पर बढ़ते मोबाइल इस्तेमाल के बुरे असर को रोकने के मकसद से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल बैन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बैन का मकसद मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों पर पड़ने वाले बुरे असर को रोकना है।

सिद्धारमैया ने कुलपतियों से मांगी थी राय

पिछले महीने सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में आयोजित कुलपति सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा की थी और कुलपतियों से राय मांगी थी। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेमिंग, बच्चों की शिक्षा और शारीरिक फिटनेस पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी।

आंध्र प्रदेश में भी बैन की तैयारी

ऑनलाइन लत, दुरुपयोग और डिजिटल हानि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आंध्र प्रदेश सरकार बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़ा कदम उठाए हैं। राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने कहा था कि सोशल मीडिया पर भरोसा “टूट रहा है” और “बच्चे निरंतर उपयोग में फिसलते जा रहे हैं”, इसलिए सरकार कानूनी विकल्पों का अध्ययन कराने का निर्णय लिया है। लोकेश के मुताबिक, राज्य सरकार ने मेटा, गूगल, एक्स और शेयर चैट जैसी प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया है, ताकि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा कर प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सके।

अमेरिका ने भारत को दी रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट, भड़का विपक्ष

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अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए '30 दिन की छूट दी है। अमेरिका ने ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पैदा हो रहे ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत को एक वैकल्पिक रास्ते का ऑफर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि भारत फिलहाल 30 दिनों तक रूस से कच्चा तेल खरीद सकता है।

सिर्फ 30 दिनों की अस्थायी छूट

मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। यह दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का रास्ता है। भारत अपनी 88 प्रतिशत से ज्यादा तेल जरूरत आयात करता है और इसमें से आधा से ज्यादा खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में सप्लाई में रुकावट से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और भारत को महंगा पड़ सकता है। इस बीच अमेरिका ने रूस के समुद्र में फंसे तेल के जहाजों को भारत भेजने की इजाजत दे दी है। यह सिर्फ 30 दिनों की अस्थायी छूट है।

यूएस ने बताई 30 दिनों की अस्थाई छूट की वजह

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ''वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए अमेरिकी ट्रेज़री विभाग (वित्त मंत्रालय) भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने वाली 30 दिनों की अस्थाई छूट जारी कर रहा है। यह जानबूझकर बहुत कम अवधि के लिए दिया गया है, इसलिए इससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह केवल उन तेल सौदों की अनुमति देता है जो पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल से जुड़े हैं।''

राहुल गांधी ने विदेश नीति पर उठाया सवाल

इस अमेरिकी घोषणा पर कांग्रेस तिलमिला गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हमारी विदेश नीति हमारे इतिहास, हमारी भौगोलिक स्थिति और हमारे मूल्यों के आधार पर तय होना चाहिए। ये सत्य और अहिंसा पर आधारित होनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "आज जो हम देख रहे हैं, वह कोई नीति नहीं है। यह एक समझौता कर चुके व्यक्ति के शोषण का परिणाम है।"

कांग्रेस बोली-भारतीय संप्रभुता पर हमला

वहीं, दूसरे कांग्रसी नेताओं ने इस छूट को न सिर्फ भारतीय संप्रभुता पर हमला कहा, बल्कि इसे ब्लैकमेलिंग बताया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट करके लिखा है, ''ट्रंप का नया खेल, दिल्ली दोस्त को कहा, पुतिन से ले सकते हो तेल, कबतक चलेगा ये अमेरिकी ब्लैकमेल।'' कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने तो इसे देश की संप्रभुता तक से जोड़ा। उन्होंने लिखा, 30 दिन की छूट जारी करना, दबाव की पाखंडी भाषा, नव-साम्राज्यवादी अहंकार से भरा है....क्या हम बनाना रिपब्लिक हैं, जो हमें अपने लिए तेल खरीदने के लिए अमेरिकी अनुमति की जरूरत है? वैसे ज्यादा बोलने वाली सरकार की चुप्पी कुछ अधिक है। क्या इसे नहीं पता कि संप्रभुता का मतलब क्या है?''

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर अतिरिक्त 25 फ़ीसदी का टैरिफ लगा दिया था। इससे भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50 फ़ीसदी हो गया था।

असम में फाइटर जेट सुखोई हुआ क्रैश, वायुसेना के 2 पायलट शहीद

#twopilotsdiedinasukhoi30mkifighterjetcrash

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इंडियन एयर फोर्स का एक सुखोई-30 MKI फाइटर जेट गुरुवार की शाम को असम के कार्बी आंगलोंग जिले में क्रैश हो गया। इस फाइटर जेट में दो पायलट थे। इस हादसे में दोनों पायलटने जान गंवा दी।

दो जवान शहीद

सुखोई-30 प्लेन क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर को अपनी जडान गंवानी पड़ी। भारतीय वायु सेना ने स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के निधन पर गहरा शोक जताया है। सेना ने कहा गया कि भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

ट्रेनिंग मिशन पर था फाइटर जेट

पहले इस विमान के लापता होने की सूचना आई थी। फाइटर जेट एक ट्रेनिंग मिशन पर था। अधिकारियों ने कहा था कि विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद रडार से संपर्क खो दिया था। बृहस्पतिवार शाम को जोरहाट हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद असम के कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर से गुजरते समय रडार से संपर्क टूट गया था। यह फाइटर जेट जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग इलाके में क्रैश हो गया।

सबसे दमदार लड़ाकू विमान माना जाता है सुखोई

भारतीय वायु सेना के पास 260 से अधिक Su-30MKI जेट विमानों का बेड़ा है। 2000 के दशक की शुरुआत में वायु सेना में शामिल किया गया सुखोई Su-30 MKI सबसे दमदार लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है।

पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सुखोई जेट क्रैश हुआ हो। इससे पहले सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट क्रैश हो चुका है। अगस्त 2019 में सुखोई-30 एमकेआई एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान असम में तेजपुर के पास धान के खेत में क्रैश हो गया था। उस दौरान दोनों पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे और बाद में उनकी जान बचा ली गई थी। मई 2015 में सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट टेक-ऑफ के तुरंत बाद तेजपुर एयर फोर्स बेस से लगभग 36 किलोमीटर दूर दक्षिण में क्रैश हो गया था, जिसमें क्रैश होने से पहले दोनों पायलट सुरक्षित निकल गए थे।