पिचकारी,अबीर - गुलाल से सजे बाजार युवाओं को खूब भा रहे स्टाइल वाले बाल
*बाजार में 10 से 300 रुपए तक बिक रही हैं पिचकारी, दुकानों पर दिख रही ज्यादा भीड़*
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। होली बुधवार को मनाई जाएगी। रंगों का बाजार चटख है, रंग-बिरंगी पिचकारी दुकानों पर देखकर बच्चे खूब उत्साहित है। दुकानें सज चुकी हैं। वहीं, गृहिणियां घर पर पकवाने बनाने में व्यस्त हैं। गांव में बुजुर्ग फगुआ गीतों को गा रहे हैं। वहीं, शहरों में डीजे फ्लोर पर भोजपुरी और होली गीत गाने का रिहर्सल कर रहे हैं। बाजार में 10 से 300 रुपये तक के पिचकारी बिक रही हैं।होली बुधवार को मनाई जाएगी। रंगों का बाजार चटख है, रंग-बिरंगी पिचकारी दुकानों पर देखकर बच्चे खूब उत्साहित है। दुकानें सज चुकी हैं। वहीं, गृहिणियां घर पर पकवाने बनाने में व्यस्त हैं। गांव में बुजुर्ग फगुआ गीतों को गा रहे हैं। वहीं, शहरों में डीजे फ्लोर पर भोजपुरी और होली गीत गाने का रिहर्सल कर रहे हैं। बाजार में 10 से 300 रुपये तक के पिचकारी बिक रही हैं।ज्ञानपुर, भदोही, चौरी, सुरियावां, जंगीगंज, गोपीगंज, महराजगंज, औराई, बाबूसराय, ऊंज, मोढ़ आदि बाजार में दुकाने सज गई हैं। अबीर-गुलाल, मिठाई, पिचकारी सहित मुखौटा, पगड़ी से बाजार सजे हैं। विभिन्न आकृतियों के डरावने वाले मास्क और मुखौटा देखकर हर कोई आकर्षित हो रहा है।सबसे अधिक आर्टिफिशियल बाल, मुखौटों, जिंगालाला और मलिंगा बाल युवाओं को खूब पसंद आ रहे हैं। मुखौटे की कीमत 20 से 50 रुपये तक है। 150 से 250 रुपये तक की टी-शर्ट बिक रही है। दुकानों पर भीड़ इस बार अधिक है।
जिंगालाला स्टाइल के बाल कई रंगों में उपलब्ध हैं। यह लोगों को खूब पसंद आ रहा है। इसकी कीमत 100 से 300 रुपये तक है। इसके अलावा पिचकारियों में बंदूक, टमाटर, गन, गाजर, वाटर गन, बैकपक टैंक, स्पंज आदि पिचकारियों से बाजार सजे हैं। बाजार में हर्बल के साथ केमिकल युक्त रंग बिक रहा है। अबीर-गुलाल की भी मांग अधिक है।
6.20 बजे पूजन कर जिले के मंदिरों के कपाट बंद 6:47 के बाद खुलेंगे मंदिर के कपाट होगा सायंकालीन आरती
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। चंद्र ग्रहण लगने के पूर्व सुबह सूतक लग गया जिले के प्राचीन मंदिरों में 6.20 बजे पूजन करने के बाद मंदिर की कपाट बंद कर दिया गया। प्रतिदिन की तरह श्रद्धालु जो सुबह 5:00 बजे मंदिर पहुंचे थे वह तो पूजन पाठ कर लिए किंतु 9:00 बजे पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजन पाठ नहीं कर पाए। चंद्र ग्रहण 3:21 से प्रारंभ होगा जो साल काल 6 : 47 मिनट पर समाप्त होगा। इस दौरान पूजन पाठ या अन्य धार्मिक कार्य बंद रहेंगे सिद्ध पीठ बाबा हरिहरनाथ मंदिर के पुजारी पंडित आशीष मिश्रा ने बताया कि चंद्र ग्रहण के दौरान सभी लोगों को राम नाम का जाप करना चाहिए एवं गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण नहीं देखना चाहिए राम नाम के जाप से यहां मानव जीवन का कल्याण होता है उन्होंने कहा कि सूतक काल से पूजन पाठ की प्रक्रिया बंद हो जाती है सिर्फ भगवान का आयुष्मान जी ग्रहण समाप्ति तक लोगों को करना चाहिए जिससे जन कल्याण हो सके । जिले के बाबा हरिहरनाथ बाबा तिलेश्वर नाथ बड़े शिव बाबा पांडवानाथ गोपीगंज जिला दुर्गा मंदिर बाबा सेमराधनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह 6.21 बजे कपाट बंद हो गए थे।
*कार्टून थीम और टैंक वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र*
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। उत्साह व उमंग होली त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंगभरी एकादशी के बाद से ही दुकानों पर रंग-गुलाल और टोपी, मुखौटा की बिक्री बढ़ गई है। रंगों और उमंगों के इस त्योहार की आहट के साथ ही दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। भदोही शहर, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया-खमरिया, ऊंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी और मोढ़ समेत समस्त छोटे-बड़े बाजार स्थित दुकानों पर रात्रि दस बजे तक त्योहारी सामानों की खरीद हो रही है। दुकानों पर गुलाल, अबीर, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे और होली की सजावटी सामग्री की बिक्री काफी बढ़ गई है। बाजार में बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली और टैंक वाली बड़ी पिचकारियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, युवाओं के बीच हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, लोग अब त्वचा और आंखों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं, जिसके कारण केमिकल मुक्त रंगों की बिक्री बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। गुजिया, मठरी, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी घोषित किए हैं। कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं और युवा खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा और रंगीन दुपट्टों की बिक्री में तेजी आई है। होली को लेकर बाजारों में उत्साह और उमंग का माहौल है। व्यापारी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि आमजन त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर में जगह-जगह होली का अस्थाई बाजार सजकर तैयार हैं, जहां पर हर्बल गुलाल के साथ पिचकारी, सफेदा,तरह-तरह की रंग बिरंगी टोपी, होली खेलने के लिए स्लोगन लिखी सफेद कार की टी-शर्ट और होली में उपयोग होने वाले बच्चों के आइटम्स की भरमार हैं। शहर के न्यू मार्केट और पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में लगी दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि पर्व के दौरान उत्पादों पर महंगाई की मार होने से लोगों में निराशा भी देखी जा रही है। अबीर-गुलाल के साथ ही पिस्टल, राकेट, गिटार के साथ ही संगीत की तान छोड़ने वाली पिचकारी बच्चों को खूब लुभा रही है। होली के रंग से बाल की सुरक्षा के लिए बाजार में बनावटी बाल भी उपलब्ध हैं। दुकानों मे विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। कपड़ों की दुकान के बाहर हैंगर पर होली की पोशाक भी लगनी शुरू हो गई है।
परीक्षा में 183 बच्चे सफल 12 वीं तक मिलेंगी छात्रवृत्ति
*हर्ष यादव को मिला पहला स्थान,बड़वापुर के 11 बच्चे उत्तीर्ण*
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में जिले के बच्चों ने झंडा गाड़ दिया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 समेत कुल 183 बच्चे परीक्षा में सफल हो गए हैं। नेवादा के हर्ष यादव ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है। अब इनको नौवीं से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। सफल बच्चों के अभिभावकों ने शिक्षकों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को कक्षा नौ से लेकर 12 तक की पढ़ाई के दौरान प्रति माह एक हजार रुपये की दर से 48 हजार रुपये छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। नवंबर 2025 में यह परीक्षा जिले में हुई। जिसमें दो हजार बच्चों ने भाग लिया। रविवार को इसका परीक्षाफल जारी किया गया। जिसमें हर्ष यादव ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 छात्रों का चयन हुआ है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक रामलाल यादव ने बताया कि बड़वापुर के चयनित बच्चों में सोनू निगम, राहुल, उदय कुमार, आयुष यादव, सोनम, नैंसी, ज्योति, गुड़िया, उजाला, तेजस और अंशिका शामिल है। बताया कि उत्तीर्ण बच्चों को कक्षा नौ से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत से इस बार 183 बच्चे सफल हुए
भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।
15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ
इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने नई परेशानी ने दी दस्तक, युद्ध लंबा खींचा तो करोबार पर दिखेगा का असर
*खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध से 80 फीसदी द्विपक्षीय कालीन कारोबार होगा प्रभावित*
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने अब एक नई परेशानी ने दस्तक दी है। खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने निर्यातकों को चिंता में डाल दिया है। वर्तमान में भले ही भारतीय कालीनों के निर्यात पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध अगर लंबा खिंचता है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर देखने को मिलेगा। इसमें खरीदार देशों में पैनिक स्थिति होने पर 80 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, कई अहम रास्ते प्रभावित होने के साथ अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले कारपेट एक्स्पो पर भी चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।भारतीय कालीन की सबसे अधिक मांग अमेरिका और जर्मनी में होती है। यह दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध का हिस्सा बने हुए हैं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के वाइस चेयरमैन असलम महबूब का कहना है कि निर्यातक अभी-अभी अमेरिकी टैरिफ के बोझ से निकले हैं। अगले महीने में नई दिल्ली में होेने वाले कारपेट एक्स्पो में निर्यातकों ने यह उम्मीद लगाई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी खरीदार आएंगे, क्योंकि बीते मेले में टैरिफ के असर के कारण खरीदारों ने दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से जिस तरह की स्थितियां बन रही है। उससे कहीं न कहीं कालीन व्यापारियों में यह चिंता बढ़ रही है कि युद्ध के असर से खरीदार कहीं नई दिल्ली के मेले से भी दूरी न बना लें। बताया कि अमेरिका हमारे निर्यात 60 फीसदी हिस्सेदार है। अगर जर्मनी और अन्य यूरोपिय देशों को जोड़ लिया जाए तो यह 80 फीसदी तक पहुंचा जाता है। अब आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति से व्यापार पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।
डॉक्टरों ने केमिकल रंगों से बचने की अपील की:भदोही में होली पर त्वचा और आंखों को नुकसान से बचाने की सलाह
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। भदोही में होली पर्व को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने लोगों से केमिकलयुक्त रंगों से बचने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक रसायन होते हैं,जो त्वचा, आंखों और बालों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ अजय मौर्य ने बताया कि होली खेलते समय पूरी बांह के कपड़े पहनें। उन्होंने सलाह दी कि शरीर पर नारियल का तेल लगाकर ही रंग खेले,ताकि रंगों का सीधा असर त्वचा न पड़े। डॉ अजय मौर्य ने यह भी कहा कि यदि किसी को जलन, एलर्जी या आंखों में कोई समस्या होती है,तो तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेकर उपचार कराएं।
*एएसपी बोले,1205 जगहों पर जलेंगी होलिकाएं, पुराने विवाद के आधार पर 25 अति संवेदनशील स्थान चिन्हित*
रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। जिले भर में होलिका दहन की तैयारियां तेज हो गई हैं। होलिका का आकार हर रोज बढ़ रहा है। उत्साह में लोग सुरक्षा का भी नहीं ध्यान दे रहे हैं।कई जगह बिजली के तारों के ठीक नीचे तो कहीं खंभे के पास ही होलिका स्थापित कर दी गई है। होलिका दहन पर हादसे की आशंका बनी हुई है। जिम्मेदार बेखबर है। एएसपी के मुताबिक जिले मं 1205 स्थानों पर होलिका दहन होगी। इसमें पुराने विवाद के आधार 25 स्थान अति संवेदनशील है। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी की जाएगी। इन स्थानों पर सीसी टीवी कैमरे से निगरानी होगी।
वसंत पंचमी के दिन ही शहर से लेकर गांव तक होलिका की स्थापना शुरू हो गई थी। ज्ञानपुर के बालीपुर रोड, पुरानी बाजार मार्ग, भदोही शहर के मेन रोड, चौरी रोड, ज्ञानपुर रोड, तहसील मार्ग, स्टेशन रोड के साथ ही ग्रामीण इलाकों में होलिका की स्थापना कर दी गई थी।
इसके बाद आस्थावान उसमें प्रतिदिन उपले, झाड़, झखांड़ डाल रहे हैं। अबकी बार होलाष्टक के कारण होलिका दहन दो मार्च को ही किया जाएगा।
चार मार्च को होली खेली जाएगी। जिले के ग्रामीण अंचलों में भी होलिका लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बच्चों और युवाओं की टोली होलिकाओं को सबसे अच्छा बनाने में जान जुट गए हैं। होलिका स्थापना के दौरान कई स्थानों पर लापरवाही की गई है। बिजली के गुजरे तार, खंभे या ट्रांसफार्मर के आसपास ही होलिका को लगाया गया है।
ज्ञानपुर के नथईपुर तिराहे पर तार के नीचे होलिका लगाई गई है। इसी तरह चौरी, सुरियावां, अभोली, ऊंज, सीतामढ़ी आदि क्षेत्रों में कई स्थानों पर होलिका बिजली के तार के नीचे स्थापित की गई है।
तीन जोन और नौ सेक्टर में बंटा जिला :होलिका दहन और होली पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। थानावार और जिला स्तर पर पीस कमेटी की बैठक हो चुकी है। जिले को तीन जोन और नौ सेक्टरों में बांटा गया है। एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि शहर से लेकर गांव तक कुल 1205 होलिका सुरक्षा समिति गठित की गई हैं। इसमें बीट प्रभारी, प्रधान, चौकीदार और एक ग्रामीण को शामिल किया गया है। कुल 25 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील होलिकाएं चिह्नित की गई हैं।
*परम्परा गत से बंद हुआ कपाट खुलेगा होली के उपरांत*
रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। गोपीगंज नगर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम मे विराजमान देवाधिदेव महादेव का रंगभरी एकादशी की रात दर्शन पूजन व अबीर गुलाल अर्पित करने के उपरांत मंदिर का कपाट बंद कर दिया गयाlबंद कपाट होली के उपरांत खोल दिया जाएगाl
रंग भरी एकादशी पर नगर और ग्रामीण क्षेत्र मे स्थित प्रमुख शिव मंदिर और शिवालयो में महोत्सव का आयोजन किया गया थाlदेररात तक चले दर्शन पूजन के उपरांत मंदिर का कपाट परम्परा का पालन करते हुए बंद कर दिया गयाl बाबा कि नियमित सुबह शाम की आरती आदि किया जा रहा हैlबाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति के सचिव रामकृष्ण खट्टू ने बताया कि प्राचीन काल से चली आ रही परम्परा का पालन करते हुये कपाट बंद किया गया हैlहोली के उपरांत कपाट खुलने के बाद पूर्व की भांति दर्शन पूजन प्रारंभ हो जाएगाl
जीआईसी में ही जांची की जाएगी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज की कापियां
*शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर परिषद ने दी मंजूरी तैयारी शुरू हो गई*
रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में होगा। श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही ने पांच साल बाद मूल्यांकन पर असहमति जताई। जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से एक केंद्र का प्रस्ताव परिषद को भेजा गया। उक्त प्रस्ताव को परिषद से मंजूरी मिल गई है। मूल्यांकन की तिथि तय होने पर विभाग की ओर से परीक्षकों की तैनाती शुरू की जाएगी। जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से चल रही हैं। करीब 80 फीसदी परीक्षा समाप्त हो गई है। अब बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन की भी तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। सूबे के अलग-अलग जिलों की कॉपियां मंडलवार क्षेत्रों में भेजी जाती हैं। कोविड से पहले हाईस्कूल और इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन जीआईसी में होता था, लेकिन पांच साल से हाईस्कूल की कापियों के लिए नेशनल और इंटर के लिए जीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता था। साल 2026 में मूल्यांकन केंद्र निर्धारण होने से पहले ही नेशनल इंटर कॉलेज ने केंद्र बनने से हाथ खींच लिया। इसके बाद विभाग ने जीआईसी ज्ञानपुर को ही मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज ने इस बार मूल्यांकन न करने का निर्णय लिया। इससे विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को ही मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। यहीं पर हाईस्कूल और इंटर की कापियां जांची जाएंगी। बताया कि मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। इससे पारदर्शिता कायम रहे। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा खत्म होने पर मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
1 hour and 37 min ago
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