उत्तराखंड : रंगों से सजे बाजार, होली मिलन की धूम; प्रशासन अलर्ट
मसूरी/लक्सर/खटीमा। रंगों के पर्व होली को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। बाजार गुलाल, रंग और आकर्षक पिचकारियों से सज गए हैं। लोग खरीदारी में जुटे हैं तो वहीं जगह-जगह होली मिलन समारोहों की धूम मची है। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।
मसूरी में नगर पालिका की पूर्व सभासद सरिता पवार द्वारा लक्ष्मी नारायण मंदिर सभागार में भव्य महिला होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मसूरी से कांग्रेस विधायक जोत सिंह गुनसोला और पूर्व पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह में महिलाओं और बच्चों ने फूलों की होली खेलकर सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। पारंपरिक रंगों के स्थान पर फूलों की वर्षा ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और आकर्षक बना दिया।
लक्सर में होली की खरीदारी के लिए बाजारों में खासी भीड़ देखी जा रही है। दुकानदारों ने रंग-बिरंगे गुलाल और नई डिजाइन की पिचकारियों से दुकानें सजा रखी हैं।
इस बार बच्चों के बीच पब्जी, डोरेमोन, स्पाइडर-मैन, मोटू-पतलू और हथौड़ा पिचकारी खासा पसंद की जा रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुखौटे भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। थोक और फुटकर दुकानों पर ग्राहकों की लगातार भीड़ उमड़ रही है।
ऊधमसिंहनगर में होलिका दहन और होली को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
* प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:-
हुड़दंग या शांति भंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार गश्त। सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग अभियान। अवैध कच्ची शराब के खिलाफ विशेष अभियान।
रात्रि 10 बजे के बाद डीजे संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध। भड़काऊ गीतों के प्रसारण पर सख्त रोक, उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।
हल्द्वानी दौरे पर सीएम धामी ने 147 करोड़ से अधिक की योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
*सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में 40 विकास परियोजनाओं की सौगात
हल्द्वानी। पुष्कर सिंह धामी एक दिवसीय दौरे पर हल्द्वानी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में जनपद के लिए कुल 147 करोड़ 28 लाख 56 हजार रुपये की लागत वाली 40 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

*23 योजनाओं का लोकार्पण, 17 का शिलान्यास
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज से जुड़ी 23 योजनाओं का लगभग 72 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से लोकार्पण किया गया, जबकि 17 योजनाओं का 74 करोड़ 90 लाख 56 हजार रुपये की लागत से शिलान्यास हुआ।

इन योजनाओं में प्रमुख रूप से —

* शिप्रा नदी पर 30 मीटर स्पान का मोटर पुल निर्माण
* आईटीआई हल्द्वानी में टेक्नोलॉजी लैब स्थापना
* कोटाबाग, महादेवपुरम, झलुवाझाला, बेलपोखरा व बैलपड़ाव में नलकूप निर्माण
* महिला महाविद्यालय में लैब निर्माण
* जल जीवन मिशन के तहत 14 पेयजल योजनाएं
* रामगढ़ में पशु चिकित्सालय भवन निर्माण

* सड़क और सीवरेज परियोजनाओं को भी मिली रफ्तार

सीएम ने कसियालेख- धारी मोटर मार्ग, रानीबाग-खुटानी सड़क, चाफी- पदमपुरी-धानाचूली मार्ग, 28 एमएलडी एसटीपी निर्माण, नवाबी रोड सीवरेज कार्य और नारीमन तिराहे से गौलापार तक सड़क मरम्मत कार्यों का भी शुभारंभ किया। साथ ही हल्द्वानी काठगोदाम स्रोत एवं ट्रीटमेंट संवर्धन पेयजल योजना (लागत 154 करोड़ 43 लाख रुपये) का भूमि पूजन भी किया गया।

*एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक निजी अस्पताल का उद्घाटन किया और नरेंद्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।
*वनभूलपुरा प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का आभार

मुख्यमंत्री ने वनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब अंतरिम आदेश के बाद जिला प्रशासन आगे की कार्यवाही करेगा।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से नैनीताल जनपद में विकास को नई गति मिलेगी और उत्तराखंड विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए सरकार की “विकास और विरासत साथ-साथ” नीति को दोहराया।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत

*155 सरकारी केंद्रों पर 14 वर्षीय किशोरियों को मुफ्त वैक्सीन, सर्वाइकल कैंसर से बचाव की पहल
देहरादून। राज्य में महिला स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तराखंड में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। देहरादून स्थित गांधी शताब्दी चिकित्सालय से गुरमीत सिंह ने प्रदेशव्यापी अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पहल सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम और किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में दूरदर्शी कदम है। उन्होंने नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “बेटियां राष्ट्र का भविष्य हैं और स्वस्थ नारी ही परिवार व समाज की सशक्त रीढ़ होती है।”

राज्यपाल ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

अभियान की मुख्य विशेषताएं:
* पहले चरण में प्रदेश के 155 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र चिन्हित।
* 14 वर्ष की पात्र किशोरियों को टीका लगाया जाएगा।
* क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन गार्डासिल का उपयोग, जो वायरस के चार प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है।
* निजी क्षेत्र में प्रति डोज कीमत लगभग 4,000 रुपये, जबकि सरकारी संस्थानों में पूरी तरह निशुल्क।
* डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण पूर्ण, पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध।

- कैंसर रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम

एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा), गले के कैंसर और जननांग मस्सों से सुरक्षा प्रदान करता है। भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। विशेषज्ञों के अनुसार 9 से 14 वर्ष की आयु में यह टीका सबसे प्रभावी माना जाता है, क्योंकि यह संक्रमण से पहले सुरक्षा देता है।
राज्य सरकार ने इस अभियान को महिला स्वास्थ्य सुधार और कैंसर रोकथाम की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है, जिससे हजारों किशोरियों को भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकेगा।
यूपी: होली पर हवाई सफर ‘आसमान’ पर: मुंबई-लखनऊ किराया तीन गुना, दिल्ली रूट भी 8 हजार पार
लखनऊ। होली से पहले घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट के बीच हवाई किराए भी अचानक उछाल पर हैं। आम दिनों में करीब 5 हजार रुपये में मिलने वाला मुंबई-लखनऊ का टिकट अब तीन गुना तक पहुंच गया है।
2 मार्च को IndiGo की मुंबई-लखनऊ फ्लाइट का किराया 10,416 रुपये दर्ज किया गया, जबकि Air India की इसी रूट की उड़ान होली वीक में 13,058 रुपये तक बिकी। Akasa Air की फ्लाइट का किराया भी 11,791 रुपये तक पहुंच गया। 3 मार्च को तो कुछ उड़ानों के टिकट 16,193 रुपये तक बिके, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
दिल्ली-लखनऊ रूट पर भी स्थिति अलग नहीं है। होली से ठीक पहले 3 मार्च को कुछ उड़ानों का किराया 11,893 रुपये तक पहुंच गया, जबकि सामान्य दिनों में यही टिकट 3 से 5 हजार रुपये के बीच उपलब्ध रहता है। कई उड़ानों का किराया 8 हजार रुपये के पार चला गया है।
उधर, रेल यात्रियों की परेशानी भी कम नहीं है। प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है, जिससे बड़ी संख्या में लोग वैकल्पिक साधन तलाशने को मजबूर हैं।
त्योहार के मद्देनजर बढ़ती मांग के कारण हवाई किराए में आई तेज वृद्धि ने आम यात्रियों की जेब पर असर डाला है। ऐसे में होली पर घर लौटना इस बार कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है—न ट्रेन में सीट मिल रही है, न फ्लाइट के सस्ते टिकट।
डंपर की टक्कर से युवक-युवती की दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने हाईवे किया जाम
हल्द्वानी, उत्तराखंड। हल्द्वानी-लालकुआं हाईवे पर बेरीपड़ाव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक-युवती की मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने दोनों को कुचल दिया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
हादसे में 30 वर्षीय कार्तिक कांडपाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 22 वर्षीय नेहा कांडपाल गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर तेज गति से आ रहा था और अनियंत्रित होकर स्कूटी को टक्कर मार दी। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
दुर्घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने डंपर चालकों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
नैनीताल से लौट रहे परिवार की कार बनी आग का गोला, महिला सिपाही और 2 साल के बेटे की जिंदा जलकर मौत
नैनीताल/रामपुर। नैनीताल से घूमकर लौट रहा एक खुशहाल परिवार कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर के बाद कार में भीषण आग लग गई, जिससे महिला सिपाही और उनके दो साल के मासूम बेटे की दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मिलक क्षेत्र के बेहटरा गांव निवासी दान सिंह अपनी पत्नी लता सिंह, दो वर्षीय बेटे लड्डू और बरेली के जमालपुर निवासी चाचा रवि ठाकुर के साथ नैनीताल घूमने गए थे। लता सिंह कौशांबी जिला में महिला सिपाही के पद पर तैनात थीं और इन दिनों छुट्टी पर गांव आई हुई थीं।
बताया जा रहा है कि बुधवार रात परिवार स्विफ्ट कार से वापस लौट रहा था। काशीपुर गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने कार को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में तुरंत आग लग गई और वह देखते ही देखते आग का गोला बन गई।
हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। कार सवार तीन लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन दो साल का मासूम कार के अंदर ही फंस गया। बेटे को बचाने के प्रयास में मां लता सिंह दोबारा जलती कार की ओर दौड़ीं और आग की चपेट में आ गईं। मां-बेटे की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मसूरी में NH-707A को नुकसान पहुंचाने पर प्रशासन सख्त, भूस्वामियों पर 91 लाख की वसूली
* अनधिकृत खुदाई से धंसा राजमार्ग, 11 लाख जुर्माना और 80 लाख आरसी तय

मसूरी, उत्तराखंड। पर्यटन नगरी मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 फरवरी को NH-707A (त्यूनी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट) के किमी 162 पर होटल देवलोक के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि निजी भूमि पर निर्माण कार्य और अनधिकृत खुदाई के कारण राजमार्ग के नीचे की सतह कमजोर हो गई थी। बिना अनुमति ढलान की कटिंग और कथित अवैध खनन के चलते सड़क का हिस्सा धंस गया। इस घटना से मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा मार्ग की आवाजाही प्रभावित रही, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित भूस्वामियों पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त 80 लाख रुपये की वसूली आरसी (रिकवरी चार्ज) के रूप में निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह राशि सड़क की मरम्मत, ढलान स्थिरीकरण और सुरक्षा कार्यों पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए वसूल की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध खनन के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, खनन विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क धंसने के बाद ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया। विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण कर ढलान की स्थिति का आकलन किया है। फिलहाल अस्थायी सुरक्षा के तहत बैरिकेडिंग और मलबा हटाने का कार्य किया गया है, जबकि स्थायी मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में राजमार्ग या किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
उत्तराखंड के नैनीताल, रामनगर और उत्तरकाशी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
* ई-मेल के जरिए मिली धमकी के बाद कोर्ट परिसर खाली, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड ने की सघन जांच

नैनीताल/रामनगर/हल्द्वानी/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ई-मेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस-प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और सभी न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली कराकर सघन जांच अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ के नाम से एक ई-मेल भेजा गया, जिसमें नैनीताल जिला न्यायालय को निशाना बनाते हुए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई। मेल में जजों के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम और आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था। साथ ही तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को रोकने की मांग का भी उल्लेख किया गया।
धमकी मिलते ही नैनीताल, रामनगर और हल्द्वानी की अदालतों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट रूम, जजों के चैंबर और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि अब तक किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि ई-मेल के माध्यम से बम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद एसओपी के तहत कार्रवाई की गई। जिला न्यायालय परिसर के अधिकांश हिस्सों की जांच की जा चुकी है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
जिला बार एसोसिएशन, नैनीताल के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अवगत करा दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
नैनीताल जिले के रामनगर न्यायालय और हल्द्वानी कोर्ट को भी धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इसके बाद कोर्ट परिसर में चल रही सभी गतिविधियां रोक दी गईं और आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में उत्तरकाशी जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिला जज की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कोर्ट परिसर खाली कराया और सुरक्षा बढ़ा दी। नगर कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि मेल में आरडीएक्स होने का दावा किया गया था, जिसके बाद एहतियातन जांच शुरू की गई।
फिलहाल पुलिस और साइबर टीमें धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच कर रही हैं।
देहरादून में लोक भवन कूच के दौरान 500 से अधिक कांग्रेसी हिरासत में, हरीश रावत बोले– बीजेपी सत्ता से होगी बेदखल
* हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस लाइन भेजे गए नेता बाद में रिहा

देहरादून। देहरादून में विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन (राजभवन) का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली निकालकर लोक भवन की ओर कूच किया गया। हजारों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार कर मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल रहीं। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “आज परिवर्तन का जनसैलाब सड़कों पर उतरा है। गांव-गांव से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून पहुंचे हैं। सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि इस बार बीजेपी सत्ता से बेदखल होगी।” प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
रुद्रपुर कलेक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी वर्करों का घेराव, राज्य कर्मचारी दर्जा और वेतनमान की मांग तेज
* मुख्य गेट बंद होने पर बाहर ही धरना, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य गेट बंद किए जाने से नाराज महिलाओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर जोरदार नारेबाजी की।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं आंगनबाड़ी वर्करों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं गेट के सामने ही धरने पर बैठ गईं और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा, नियमित वेतनमान और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्विंदर कौर ने कहा कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पोषण अभियान, टीकाकरण, सर्वेक्षण और जनगणना जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय मिलता है, जो महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मानदेय और सुविधाओं में कोई समुचित वृद्धि नहीं की गई है। कई बार निर्धारित समय से अधिक काम करना पड़ता है और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी देनी पड़ती है, जिसका कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित रखा। बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतनमान लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार की प्रमुख मांगें शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहिए। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी गई है।