साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति में सीएटल में तिरंगा फहरा, गणतंत्र दिवस का भव्य उत्सव”
वाणिज्य दूतावास में नए कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर का उद्घाटन
कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से फहराया तिंरगा
अत्यधिक सर्दी का मौसम होने के बाद भी अद्भुत उत्साह से मनाया गणतंत्र दिवस
भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना: साध्वी भगवती सरस्वती
ऋषिकेश। अमेरिका के सीएटल शहर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक नेता साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई दी। उनका संदेश भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और वैश्विक मानवता के मूल्यों का प्रतीक बना। समारोह की शुरुआत फेडरल रिज़र्व भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। अत्यधिक ठंड के बावजूद, 300 से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से भारतीय तिरंगा फहराया गया, जो पैसिफिक ओशन से भी दिखाई देता है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, “भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना है।
भारतीय संविधान केवल कागज़ का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उन ऋषियों की दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है जिन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व के सामने रखा।” उन्होंने तिरंगे को त्याग, शांति और साहस का प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति और मूल्यों का वैश्विक महत्व रेखांकित किया। सीएटल की मेयर केटी विल्सन, भारतीय काउंसल जनरल प्रकाश गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मेयर विल्सन ने भारत और सीएटल के बीच दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को रेखांकित किया। इस अवसर पर इंडिया कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। यह सेंटर अब वाणिज्य दूतावास के साथ सह-स्थित है और क्षेत्र में बढ़ते भारतीय समुदाय को सुलभ, बेहतर और सशक्त कांसुलर सेवाएँ प्रदान करेगा। गणतंत्र दिवस के सम्मान में वॉशिंगटन स्टेट सीनेट ने विशेष सत्र आयोजित किया और प्रस्ताव संख्या 8674 पारित कर भारत की लोकतांत्रिक विरासत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को औपचारिक रूप से सम्मानित किया।
यह प्रस्ताव भारतीय-अमेरिकी स्टेट सीनेटर मंका ढींगरा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि भारतीय मूल की स्टेट सीनेटर वंदना स्लेटर ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव में भारतीय समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका को विशेष रूप से स्वीकार किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, विविधता, आपसी सम्मान और साझी मानवता के मूल्यों का उत्सव मनाया। साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक चेतना से युक्त वैश्विक संवाद में बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आत्मा उसके संविधान, लोकतंत्र और आध्यात्मिक मूल्यों में निहित है, जो आज संपूर्ण विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन केवल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और मूल्यों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण भी साबित हुआ।
4 hours ago
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