16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राँची जिला समाहरणालय में मतदाता प्रतिज्ञा पाठ का आयोजन किया गया

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (25 जनवरी 2026) के उपलक्ष्य में राँची जिला समाहरणालय में आज मतदाता प्रतिज्ञा पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सह निर्वाचन पदाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजंत्री ने की।

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कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मतदाता प्रतिज्ञा पढ़ी, जिसमें लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई तथा मतदान के महत्व एवं निष्पक्षता को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर मतदाता सूची के शुद्धिकरण गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन उत्कृष्ट प्रयासों से जिले में मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे मतदाता जागरूकता अभियान को और तेज करें तथा आने वाले चुनावों में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ भुवनिया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री कुमार रजत, अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, उप निर्वाचन पदाधिकारी राँची, श्री बिवेक कुमार सुमन, जिला स्तर पर निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन My India, My Vote – मैं भारत हूँ” टैग लाइन Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy

की थीम के अनुरूप था, जो नागरिकों को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करने एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है।

राँची जिला प्रशासन मतदाता जागरूकता एवं लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।

*#वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक*
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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक
*#वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक
विश्व आर्थिक मंच में झारखंड ने क्रिटिकल मिनरल्स में भारत की अग्रणी भूमिका को किया सशक्त

ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच, झारखंड ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस में अपनी रणनीतिक क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य प्रतिनिधिमंडल द्वारा क्रिटिकल मिनरल्स पर एक उच्चस्तरीय वैश्विक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें भारत, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और दावोस से नीति-निर्माता, उद्योग जगत, शिक्षाविद और वैश्विक विशेषज्ञ शामिल हुए।

क्रिटिकल मिनरल्स में झारखंड की केंद्रीय भूमिका

भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक: झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स के अवसर विषय पर आयोजित इस ग्लोबल हाइब्रिड राउंड टेबल में इस तथ्य को रेखांकित किया गया कि झारखंड, भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 में से 20 क्रिटिकल मिनरल्स का केंद्र है। यह झारखंड को भारत की ऊर्जा सुरक्षा, जियो-सिक्योरिटी और जियो-इकोनॉमिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाता है। प्रतिभागियों ने स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और भविष्य की तकनीकों में झारखंड की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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मूल्य संवर्धन, नीति निर्माण और वैश्विक सहयोग पर फोकस

राज्य सरकार ने राउंड टेबल में यह स्पष्ट किया कि झारखंड केवल खनन तक सीमित न रहकर अनुसंधान एवं विकास, मिनरल प्रोसेसिंग, उन्नत विनिर्माण और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राज्य सरकार एक व्यापक मिनरल प्रोसेसिंग नीति का मसौदा तैयार कर रही है, जिसमें निवेश प्रोत्साहन, वित्तीय समर्थन और मूल्य श्रृंखला विकास पर विशेष जोर दिया गया है। यह सोच “यूके–भारत एफटीए, भारत–जर्मनी सहयोग तथा यूके–भारत व्यापार एवं सुरक्षा” पहल जैसे अंतरराष्ट्रीय ढाँचों के अनुरूप है।

ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और ‘प्रकृति के साथ विकास’ का संकल्प

चर्चाओं के दौरान जिम्मेदार खनन, टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं और तकनीक-आधारित मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर सहमति बनी। झारखंड की “प्रकृति के साथ विकास” की विकास दृष्टि ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इस अवसर पर “Beneath the Ground: Powering India’s Energy Security” शीर्षक से एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया, जो झारखंड की भूवैज्ञानिक समृद्धि और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में उसकी भूमिका को रेखांकित करती है।

केंद्र सरकार में पूर्व राज्य मंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, वैश्विक शोध संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि झारखंड वैश्विक मंच पर गंभीर, दूरदर्शी और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है। 25 वर्षों की राज्य यात्रा के बाद झारखंड अब खनिज-समृद्ध राज्य से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग, विनिर्माण और स्वच्छ औद्योगिक विकास के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स का झारखंड पर बढ़ा भरोसा: ₹1200 करोड़ के निवेश के साथ राज्य को बताया 'रणनीतिक साझेदार'

रांची, 22 जनवरी 2026: झारखंड में औद्योगिक विकास और निवेश के लिए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में किए जा रहे नीतिगत सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में, आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री सिद्धार्थ जैन ने राज्य के व्यावसायिक वातावरण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए झारखंड को भविष्य के विस्तार के लिए एक विश्वसनीय भागीदार बताया है।

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₹1200 करोड़ का निवेश: नीतिगत स्थिरता का परिणाम

श्री सिद्धार्थ जैन ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार की नीतिगत स्थिरता और समयबद्ध स्वीकृतियों (Time-bound approvals) ने उन्हें राज्य में बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा:

"झारखंड में ₹1200 करोड़ से अधिक का हमारा निवेश इसी विश्वास का प्रतीक है। राज्य की मजबूत प्रशासनिक प्रणाली और सुदृढ़ बुनियादी ढांचा औद्योगिक परिचालन को सुगम बनाता है।"

प्रमुख बिंदु जिन्होंने निवेशकों का जीता दिल:

मजबूत फील्ड-वर्क सिस्टम: निवेश प्रतिबद्धताओं की निगरानी के लिए एक प्रभावी और केंद्रीकृत व्यवस्था।

अनुकूल वातावरण: इज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) की दिशा में ठोस कदम।

समयबद्धता: औद्योगिक स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति।

विश्वास की नींव: दीर्घकालिक औद्योगिक योजनाएं बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा दिया गया भरोसा।

भविष्य के विस्तार के लिए झारखंड पहली पसंद

प्रबंध निदेशक ने जोर देकर कहा कि झारखंड में जिस तरह से औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, वह इसे भविष्य के विस्तार के लिए एक रणनीतिक गंतव्य बनाता है। यह बयान वैश्विक निवेशकों के बीच झारखंड की छवि को और अधिक मजबूत करेगा।

झारखंड के शहरों में भी दौड़ेगी 'वेरी लाइट रेल'? कोवेंट्री (UK) के अर्बन मॉडल का अध्ययन करने पहुँचे मंत्री सुदिव्य कुमार

कोवेंट्री (UK) / रांची, 22 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल इन दिनों यूनाइटेड किंगडम के कोवेंट्री शहर में आधुनिक शहरी नियोजन और सतत प्रबंधन की बारीकियों को समझ रहा है। झारखंड सरकार के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में दल ने कोवेंट्री के उन संस्थानों का दौरा किया, जो भविष्य के 'स्मार्ट और क्लीन' शहरों के वैश्विक मॉडल माने जाते हैं।

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प्रमुख चर्चा: ज़ीरो-एमिशन और सस्टेनेबल मोबिलिटी

प्रतिनिधिमंडल ने कोवेंट्री सिटी काउंसिल और कोवेंट्री यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के साथ 'जीरो-एमिशन सिटी मैनेजमेंट' पर विस्तृत चर्चा की। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि कैसे तकनीक और अकादमिक शोध के समन्वय से शहरों को प्रदूषण मुक्त और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सकता है।

कोवेंट्री का 'स्मार्ट बस डिपो' और ईवी परिवहन

मंत्री सुदिव्य कुमार ने कोवेंट्री सिटी बस डिपो का दौरा कर EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) आधारित परिवहन प्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने स्मार्ट डिपो प्रबंधन और ज़ीरो-एमिशन बस फ्लीट के संचालन मॉडल को देखा, जिसे भविष्य में झारखंड के प्रमुख शहरों (जैसे रांची, जमशेदपुर और धनबाद) में लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

Coventry Very Light Rail (VLR): झारखंड के लिए किफ़ायती समाधान

दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'कोवेंट्री वेरी लाइट रेल' (VLR) तकनीक पर हुई चर्चा रही। VLR को एक ऐसी तकनीक के रूप में प्रस्तुत किया गया जो:

आधुनिक मेट्रो की तुलना में किफ़ायती है।

शहरी परिवहन के लिए टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल है।

संकीर्ण और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए प्रभावी समाधान है।

मंत्री सुदिव्य कुमार का बयान

"कोवेंट्री का अनुभव झारखंड के शहरों को स्मार्ट और भविष्य-तैयार बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ की आधुनिक तकनीक और शहर नियोजन के व्यावहारिक अनुभवों को अपनाकर हम झारखंड में नागरिक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम शहरी विकास सुनिश्चित करेंगे।"

लंदन में गूँजा 'जोहार': मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत

लंदन / रांची, 22 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) की यात्रा संपन्न कर बुधवार देर रात लंदन पहुँचे। लंदन हवाई अड्डे और उनके प्रवास स्थल पर झारखंड के स्कॉलर्स और प्रवासी भारतीयों (Diaspora) ने पारंपरिक जनजातीय संगीत और गीतों के साथ उनका ऐसा भावनात्मक स्वागत किया कि मुख्यमंत्री भावुक हो उठे।

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विदेशी धरती पर अपनी संस्कृति की झलक

देर रात होने के बावजूद बड़ी संख्या में झारखंडी समुदाय के लोग वहाँ एकत्र थे। पारंपरिक मांदर और लोक गीतों की धुन पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। स्कॉलर्स और युवाओं को अपने बीच पाकर मुख्यमंत्री ने सबका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री का संदेश: "देर रात लंदन पहुँचने पर अपनों द्वारा मिले इस स्नेह से मैं अभिभूत हूँ। आप सबका धन्यवाद और जोहार! आपके इस सम्मान ने मुझे निशब्द कर दिया है। गर्व है कि आप लोग यहाँ झारखंड का नाम रोशन कर रहे हैं।"

कल्पना मुर्मू सोरेन ने जताया आभार

झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने भी इस ऐतिहासिक स्वागत पर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने कहा: "झारखंड के हमारे स्कॉलर्स और प्रवासियों द्वारा किए गए इस अद्भुत स्वागत के लिए हार्दिक आभार। आप सभी को झारखंडी जोहार!"

भावुक हुए प्रवासी छात्र और स्कॉलर्स

लंदन के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई कर रहे झारखंड के छात्रों के लिए यह क्षण भावुक करने वाला था। अपने मुख्यमंत्री को सात समंदर पार अपने बीच पाकर कई छात्र भावुक हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को झारखंड के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए धन्यवाद दिया।

झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति: सभी 245 ब्लॉकों में खुलेंगे 'पब्लिक हेल्थ यूनिट', 203 करोड़ की योजना मंजूर

रांची, 21 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि राज्य के सभी जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में कुल 203 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से 245 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) स्थापित किए जाएंगे।

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क्या है ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU)?

यह इकाई ब्लॉक स्तर पर एक आधुनिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। इसके तहत तीन प्रमुख स्तंभ होंगे:

ब्लॉक पब्लिक हेल्थ प्रयोगशाला (BPHL): जहां बीमारियों की सटीक और त्वरित जांच होगी।

ब्लॉक हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) सेल: जो स्वास्थ्य संबंधी डेटा का प्रबंधन करेगा।

समन्वय केंद्र: जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या अनुमंडलीय अस्पताल के साथ मिलकर काम करेगा।

"बीमारी से पहले होगा नियंत्रण" - डॉ. इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पहल को राज्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा:

"हमारा उद्देश्य हर ब्लॉक तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। BPHU के माध्यम से किसी भी महामारी या बीमारी को फैलने से पहले ही नियंत्रित किया जा सकेगा। विशेष रूप से हमारे आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगा। अब झारखंड देश के अग्रणी सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में उभरेगा।"

प्रमुख लाभ और उद्देश्य

त्वरित कार्रवाई: ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान और वैज्ञानिक आधार पर तुरंत इलाज।

विकेन्द्रीकृत प्रणाली: अब स्वास्थ्य योजनाओं और निगरानी के लिए जिला मुख्यालय पर निर्भरता कम होगी।

वंचितों को प्राथमिकता: दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब आधुनिक जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा।

फंडिंग और कार्यान्वयन

यह विशाल नेटवर्क प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और 15वें वित्त आयोग के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। कुल 245 इकाइयों की स्थापना से झारखंड का सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा न केवल आधुनिक होगा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों (जैसे नई महामारियां) से लड़ने के लिए पूरी तरह सक्षम बनेगा।

झारखंड के 'विजन 2050' के मुरीद हुए अज़ीम प्रेमजी: वैश्विक निवेशकों से कहा— 'झारखंड निवेश के लिए बेहतरीन जगह'

विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य के विकास मॉडल की गूँज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। विप्रो लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संस्थापक श्री अज़ीम प्रेमजी ने झारखंड सरकार के "विजन 2050" और "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" की सोच की मुक्त कंठ से सराहना की है।

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निवेशकों के लिए अज़ीम प्रेमजी का संदेश

झारखंड सरकार के सक्रिय और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रभावित होकर श्री प्रेमजी ने वैश्विक मंच से कहा:

"झारखंड राज्य अपने विकास के लिए बहुत ही गंभीर और संगठित प्रयास कर रहा है। सरकार के साथ हमारा अनुभव अत्यंत अनुकूल और सुखद रहा है। मैं भारत और दुनिया भर के निवेशकों का आह्वान करता हूँ कि वे झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर विचार करें।"

रांची के इटकी में बनेगा 'हेल्थ और एजुकेशन हब'

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक विशाल निवेश कर रहा है। रांची के इटकी में निम्नलिखित परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है:

विश्वविद्यालय: उच्च शिक्षा के लिए एक आधुनिक परिसर।

1300 बेड का अस्पताल: राज्यवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं।

मेडिकल कॉलेज और स्कूल: चिकित्सा शिक्षा और बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करने की पहल।

प्रकृति और प्रगति का संतुलन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में जिस "ग्रीन और सस्टेनेबल" विकास की रूपरेखा पेश की है, उसे अज़ीम प्रेमजी ने भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। यह सराहना झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा जीतने में मील का पत्थर साबित होगी।