संघ की कार्यपद्धति के मूल में है सामाजिक समरसता- शक्ति पाठक*
सुल्तानपुर,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छ: प्रमुख उत्सव में से एक प्रमुख उत्सव है मकर संक्रांति भी है। सामाजिक समरसता के लिए यह उत्सव सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी हिन्दू इस उत्सव को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते आये हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सुल्तानपुर के सह जिला कार्यवाह शक्ति प्रकाश पाठक ने रविवार को यह बातें कहीं।
लंभुआ नगर पंचायत के सर्वोदय नगर स्थित खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संघ राष्ट्रहित में संपूर्ण हिंदू समाज का संगठन करता है। संघ के सभी कार्यक्रम सनातन परंपरा के अनुकूल हैं। कोई आयोजन ऐसा नहीं है जो पुरातन काल से चला न आ रहा हो। उन्होंने कहा कि अपनी 100 वर्ष की यात्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कोई ऐसी परंपरा या आयोजन हिन्दू समाज पर नहीं थोपा है, जिसका सम्बंध पुरातन काल से न रहा हो।
उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक जाति बिरादरी के आधार पर कार्य नहीं करते। संघ के स्वयंसेवक व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का सूत्र लेकर भारत को विश्व का अग्रणी देश बनाने हेतु निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं। सामाजिक समरसता की भावना संघ की कार्यपद्धति के मूल में है। इस अवसर पर सहभोज का भी आयोजन किया गया। जिसमें सभी ने खिचड़ी, तिलवा एवं खीर का आनंद लिया। कार्यक्रम में खंड संघचालक डॉ0 दिनेश प्रताप, कार्यक्रम अध्यक्ष ओमप्रकाश,खंड कार्यवाह अजय, राधेकृष्ण, रविशंकर शुक्ल, अंशु, गोविंद पाण्डेय, रंजीत, डॉ0 गुलाब, कैलाशचंद दूबे, सुनील, विवेक, कृपाशंकर पाठक, अंकित, विजय त्रिपाठी, रामेंद्र सिंह राणा, राजेश मिश्र, शेर बहादुर सिंह, विनीत, संजीव पाण्डेय सहित सैकड़ों स्वयंसेवक एवं महिलाएं उपस्थित रही।
2 hours and 52 min ago
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