सुल्तानपुर में तापमान लुढ़कने से जनजीवन अस्तव्यस्त,शीतलहर से पशुओं को भी परेशानी,इलाकों में अलाव फेल,कई ट्रेने लेट*
सुल्तानपुर में मंगलवार को तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का चौथा सबसे ठंडा जिला बन गया। शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। दृश्यता लगभग 2 मीटर रही, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 145 पर दर्ज किया गया।
बढ़ती ठंड और पछुआ हवाओं के कारण पशुओं को भी कपड़े पहनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था विफल रही, जिसके चलते लोग ठंड से बचने के लिए पत्तियां जलाने को मजबूर हैं।
सोमवार को दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली थी जरूर,लेकिन शाम होते ही गलन भरी ठंड बढ़ गई। मंगलवार रात से सुबह तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की गति धीमी पड़ गई।
मोतिगरपुर सहित विभिन्न कस्बों में मंगलवार सुबह से ही लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते देखे गए। कड़ाके की ठंड ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर गेहूं, मटर और सरसों जैसी फसलों को लेकर। पाला पड़ने की आशंका से आलू, मटर और सरसों जैसी फूल वाली फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जयसिंहपुर क्षेत्र में भी घना कोहरा और तापमान में गिरावट के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कड़ाके की ठंड के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे।
लखनऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। घने कोहरे के कारण कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।
इनमें शटल एक्सप्रेस, इंदौर-पटना एक्सप्रेस, प्रयागराज-अयोध्या मेमो, कुंभ एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस, पाटलीपुत्र सुपर फास्ट, पटना-कोटा एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस शामिल हैं।
Jan 07 2026, 09:32
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
6.4k