स्वर्गीय बाबू अवध नारायण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर 'स्मारक कैशमनी वॉलीबाल प्रतियोगिता -2026' एवं 'कंबल वितरण' कार्यक्रम का आयोजन*
जनपद सुल्तानपुर में स्वर्गीय बाबू अवध नारायण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर 'स्मारक कैशमनी वॉलीबाल प्रतियोगिता -2026' एवं 'कंबल वितरण' कार्यक्रम का आयोजन स्थान: नारायणपुर,राजाराम सरस्वती शिशु मंदिर के सामने दिनांक: 10 जनवरी 2026,दिन शनिवार,
राहुल गाँधी मानहानि मामले में गवाही पूरी,19 जनवरी को विशेष कोर्ट करेगी अग्रिम कार्रवाई*
सुल्तानपुर,रायबरेली सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध सुल्तानपुर के MP/MLA कोर्ट में सुनवाई हुई। राहुल के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने गवाह राम चंद्र दुबे से जिराह पूरी किया। वहीं वादी के अधिवक्ता ने गवाही पूरी होने की बात कोर्ट पर कहा। कोर्ट ने अग्रिम कार्रवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की है। उधर वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि 313 के तहत कोर्ट अब राहुल गांधी को तलब करेगी। भाजपा नेता विजय मिश्रा,जो कोतवाली देहात थाना के हनुमानगंज निवासी हैं,अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मिश्रा ने आरोप लगाया था कि अगस्त 2018 में कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में पिछले पांच वर्षों से अदालती कार्यवाही चल रही है। राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है, जबकि दूसरे गवाह से जिरह जारी है। अक्सर हड़ताल और गवाहों की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है। वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि हमारी तरफ से आज गवाह राम चंद्र दुबे को पेश किया गया। उनसे डिफेन्स काऊंसिल ने जिराह की कार्रवाई पूरी की गई। अब फाइल 313 में 19 जनवरी को कोर्ट ने नियत किया है। 19 तारीख को राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा उनका 313 का बयान रिकॉर्ड होगा। काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया आज साक्षय के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट में मुकदमा लगा था। साक्षी राम चंद्र दुबे का क्रॉस एग्जामिनेशन पूरा हुआ है। परिवादी विजय मिश्रा की ओर से अवगत कराया गया कि अब उन्हें कोई साक्षय नहीं देना है। मामले में 19 जनवरी की तिथि अग्रिम कार्रवाई के लिए सुनिश्चित की गई है।
*अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू,दुकानदारों में हड़कंप,सहयोग न करने पर होगी विधिक कार्रवाई*
सुल्तानपुर शहर को जाम मुक्त बनाने और सड़कों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने एक विशेष 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' शुरू किया है। यह अभियान 5 जनवरी से प्रारंभ हुआ और मंगलवार को भी जारी रहा। अभियान के दौरान नगर पालिका प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा है। ठेला-गुमटी वालों और छोटे दुकानदारों के अतिक्रमण पर प्राथमिकता से कार्रवाई की गई, जबकि फुटपाथ पर कब्जा करने वाले बड़े व्यापारियों को कार्रवाई से दूर रखा गया। इस स्थिति ने प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। अधिशासी अधिकारी (ईओ) लालचंद ने अभियान की प्रगति के बारे में बताया कि इसे आधिकारिक तौर पर 5 जनवरी से शुरू किया गया है। अभियान शुरू करने से पहले पिछले 10 दिनों से पूरे शहर में लगातार अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा रही थी। इस मुहिम में जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी (सीओ), यातायात विभाग और नगर पालिका की पूरी टीम संयुक्त रूप से शामिल है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 15,000 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले गए हैं और कई दुकानदारों/अतिक्रमणकारियों का सामान भी जब्त किया गया है। ईओ लालचंद ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया, "हमने 5 जनवरी से यह सघन अभियान शुरू किया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ पूरे शहर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। जो लोग चेतावनी के बाद भी नहीं माने, उन पर जुर्माना लगाया गया और उनकी सामग्री जब्त की गई है।" उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि यह अभियान अनवरत चलता रहेगा। यदि दुकानदार और नागरिक स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो भविष्य में और भी कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सुल्तानपुर में तापमान लुढ़कने से जनजीवन अस्तव्यस्त,शीतलहर से पशुओं को भी परेशानी,इलाकों में अलाव फेल,कई ट्रेने लेट*
सुल्तानपुर में मंगलवार को तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का चौथा सबसे ठंडा जिला बन गया। शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। दृश्यता लगभग 2 मीटर रही, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 145 पर दर्ज किया गया। बढ़ती ठंड और पछुआ हवाओं के कारण पशुओं को भी कपड़े पहनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था विफल रही, जिसके चलते लोग ठंड से बचने के लिए पत्तियां जलाने को मजबूर हैं। सोमवार को दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली थी जरूर,लेकिन शाम होते ही गलन भरी ठंड बढ़ गई। मंगलवार रात से सुबह तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की गति धीमी पड़ गई। मोतिगरपुर सहित विभिन्न कस्बों में मंगलवार सुबह से ही लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते देखे गए। कड़ाके की ठंड ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर गेहूं, मटर और सरसों जैसी फसलों को लेकर। पाला पड़ने की आशंका से आलू, मटर और सरसों जैसी फूल वाली फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जयसिंहपुर क्षेत्र में भी घना कोहरा और तापमान में गिरावट के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कड़ाके की ठंड के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। लखनऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। घने कोहरे के कारण कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। इनमें शटल एक्सप्रेस, इंदौर-पटना एक्सप्रेस, प्रयागराज-अयोध्या मेमो, कुंभ एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस, पाटलीपुत्र सुपर फास्ट, पटना-कोटा एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस शामिल हैं।
*तहसील सदर के राजस्वकर्मी राजेंद्र पांडेय का निधन,राजस्व कर्मियों में शोक की लहर*
सुल्तानपुर,तहसील सदर में कार्यरत राजस्वकर्मी राजेंद्र पांडेय का बीती रात अचानक हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। जैसे ही यह दु:खद समाचार तहसील परिसर में फैला, राजस्व कर्मियों सहित अधिवक्ताओं और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। राजेंद्र पांडेय धम्मौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामापुर हाजी पट्टी के निवासी थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही पैतृक आवास पर संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। परिजन गहरे शोक में डूबे हुए हैं। तहसील सदर में वर्षों से सेवाएं दे रहे राजेंद्र पांडेय अपने सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनके असामयिक निधन से तहसील परिवार ने एक कर्मठ और समर्पित व्यक्ति को खो दिया है।
जमीनी विवाद में जमकर हुआ बवाल, चले लाठी-डंडे हुए तीन घायल*
सुल्तानपुर में जमीनी विवाद में जमकर बवाल हुआ। इस दौरान विपक्षियों ने हिस्ट्रीशीटर को लेकर जमीन कब्जाने का प्रयास किया। विरोध करने पर पीड़ितों की जमकर पिटाई भी कर डाली। वहीं स्थानीय पुलिस पर पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगा डाला है। दरअसल ये मामला है अखंड नगर थानाक्षेत्र के बड़ौरा ख्वाजापुर गांव का। इसी गांव में इनकी चेकआउट की जमीन है, जिसका गाटा संख्या 752 है, इस पर इनका कब्जा बरकरार है। इसी जमीन को लेकर इनके विपक्षियों से इनका मामला भी चल रहा है, जिसका मामला कादीपुर दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। बावजूद इसके समरबहादुर के विपक्षी विनोद यादव, दूधनाथ यादव इत्यादि जबरन इस जमीन को कब्जाना चाहते हैं। जमीन कब्जाने को लेकर आए दिन न सिर्फ विवाद करते हैं, बल्कि जानमाल की धमकी भी देते रहते हैं। जिसकी शिकायत समरबहादुर ने कई बार स्थानीय अखंड नगर पुलिस से की थी। लेकिन पुलिस ने कड़ी कार्यवाही के बजाय दोनों पक्षों का चालान कर मामले को रफ़ा दफा कर दिया। रविवार को एक बार विपक्षियों ने अखंड नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ कल्लू को लेखा मौके पर पहुंचे और जबरन इनकी जमीन कब्जाने लगे। समरबहादुर ने 112 पुलिस बुलाई और जमीन कब्जे का विरोध जताया तो विपक्षियों डायल 112 पुलिस कर्मियों के सामने ही स्मारबहादुर और उनके परिवार वालों पर हमला बोल दिया,और जमकर पिटाई कर दी। जिसमें समरबहादुर और उनके परिवार वाले घायल हो गए। पुलिस की मौजूदगी में विपक्षियों की दबंगई का वहां खड़े लोगों ने वीडियो बना दिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित समर बहादुर यादव ने पुनः अखंड नगर पुलिस से शिकायत की, लेकिन कड़ी कार्यवाही करने के बजाय पुलिस ने दोबारा दोनों पक्षों का 151 के तहत चालान कर दिया। हैरानी इस बात की कि थाने का हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ कल्लू खुलेआम दबंगई कर रहा था, लेकिन उसपर कोई कार्यवाही नहीं की गई। वहीं पीड़ितों का न ही चिकित्सीय परीक्षण करवाया गया और न ही आरोपियों पर केस दर्ज किया गया। ऐसे में स्थानीय अखंड नगर पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। बाइट नरेंद्र यादव - पीड़ित समर बहादुर का पुत्र
*फंदे से क्यों लटकती मिली चर्चित व्यक्ति की डेडबॉडी,आखिर क्या था गनपत सहाय पीजी कॉलेज से सम्बन्ध*
सुल्तानपुर में सोमवार को एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के पंचरास्ता स्थित रामलीला मैदान विद्यालय परिसर में हुई। मृतक की पहचान विद्यालय प्रबंधक सुषमा मिश्रा के पति अनिल मिश्रा के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है,हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मृतक अनिल मिश्रा का नाम पूर्व में गनपत सहाय महाविद्यालय के प्राचार्य पी.बी. सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। इस घटना के बाद उनकी मौत से कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्राचार्य प्रताप बहादुर सिंह की हत्या 23 दिसंबर 2011 को हुई थी। वे अपने अंगरक्षक सुरेश सिंह के साथ बैक पेपर परीक्षा की निगरानी कर रहे थे, तभी ताबड़तोड़ फायरिंग में उनकी मौत हो गई थी। अक्टूबर 2021 में इस हत्याकांड में पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अनिल मिश्रा हाईकोर्ट से अपील पर जमानत पर बाहर थे। नगर कोतवाल धीरज कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पति दूसरी महिला संग फरार,पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार*
सुल्तानपुर में पुलिस पर सवाल,दो बच्चों के पालन-पोषण का संकट गहराया,उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक महिला ने अपने पति की दूसरी महिला के साथ फरार होने के बाद लगाई न्याय की गुहार। महिला का आरोप है कि पुलिस प्रशासन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सोमवार को वह समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंची थी। यह मामला बल्दीराय थानाक्षेत्र के पूरे भोला पांडेय मजरे सोरांव से संबंधित है। पीड़िता संगीता का कहना है कि उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए हैं, जिससे उनके दो छोटे बच्चों के पालन-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। संगीता ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनके दो बच्चे हैं और उनके पास कोई सहारा नहीं है। उन्होंने पुलिस से पति को वापस लाने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है। संगीता के अनुसार, उनके पति कर्मराज पासी अयोध्या जिले के बीकापुर थानाक्षेत्र की किरन यादव के साथ 30 दिसंबर को फरार हो गए हैं। महिला ने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उनके पति किसी अन्य महिला के साथ भागे हैं। इससे पहले भी कर्मराज पासी इसी किरन यादव के साथ फरार हुए थे। उस समय शिकायत के बाद वह वापस आ गए थे और लगभग एक महीने तक घर पर रहे थे, जिसके बाद वह फिर से किरन यादव के साथ भाग गए। संगीता ने अपनी शिकायत में पुलिस से इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, ताकि उनके बच्चों का जीवन सुचारु रूप से चल सके।
सुल्तानपुर में तड़के मुठभेड़, STF-पुलिस ने एक लाख के इनामी अपराधी को किया ढेर
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में सोमवार सुबह सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक कुख्यात इनामी अपराधी मुठभेड़ में मारा गया। बदमाश लखीमपुर खीरी जिले का निवासी था और लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था।
यह मुठभेड़ लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के दियरा मोड़ के पास उस समय हुई, जब एसटीएफ और पुलिस की टीम सुल्तानपुर–वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर संदिग्धों की तलाश में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस और एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल अवस्था में उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लंभुआ पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मारे गए बदमाश की पहचान तालिब उर्फ आजम खान (26) के रूप में हुई है। वह लखीमपुर खीरी जिले के फरधान थाना क्षेत्र के गौरिया गांव का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार तालिब पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित चल रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृत बदमाश के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उस पर लखीमपुर खीरी जिले में कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।इस कार्रवाई को पुलिस और एसटीएफ के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
लखीमपुर खीरी जिले के एक लाख के इनामिया तालिब उर्फ आजम खान को पुलिस ने मुठभेड़ में ढ़ेर*
सुल्तानपुर में आज लखीमपुर खीरी जिले के एक लाख के इनामिया तालिब उर्फ आजम खान को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मर गिराया। मृतक बदमाश पर सामूहिक बलात्कार समेत करीब 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। आज लखीमपुर और सुल्तानपुर पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में ये एनकाउंटर किया गया। दरअसल तालिब उर्फ आजम खान लखीमपुर जिले के फरधान थानाक्षेत्र के गौरीया गांव का रहने वाला था। इस पर कई अपराधिक मुकदमें दर्ज थे, पुलिस इसकी लंबे समय से तलाश कर रही थी और इसपर एक लाख का इनाम भी घोषित कर दिया गया था। लखीमपुर पुलिस को जानकारी लगी कि तालिब सुल्तानपुर में है, जिसपर लखीमपुर पुलिस यहां पहुंची और स्थानीय पुलिस को लेकर उसकी खोजबीन शुरू की। जानकारी लगी कि वो लंभुआ थानाक्षेत्र में है, जिसपर लखीमपुर और सुल्तानपुर पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए लंभुआ थानाक्षेत्र में दियरा पुल के पास घेराबंदी की। पुलिस को सामने देख इनामिया बदमाश तालिब उर्फ आजम खान ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने भी गोलियां बरसाई। जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया आनन फानन उसे सीएचसी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख उसे अस्पताल रेफर किया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की माने तो उस प करीब 17 मुकदमे दर्ज थे। फिलहाल पुलिस विधिक कार्यवाही में जुट गई है। बाइट कुंवर अनुपम सिंह पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर