पुलिस मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों ने एक व्यक्ति का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी


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चतरा : झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लगातार चल रहे आपरेशन से बौखालाये माओवादियों ने कायराना करतूत को अंजाम दिया है। चतरा में नक्सलियों ने बड़ी घटना को अंजाम दिया है।

 

पुलिस मुखबिरी के आरोप में एक व्यक्ति को पहले अपहरण किया, इसके बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी। एसपी विकास पांडेय, चतरा एसडीपीओ संदीप सुमन व टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार भी दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक लेंबुवा गांव निवासी विष्णु साव अहले सुबह मवेशी लेकर जंगल जा रहे था, इस दौरान पहले से घात लगाये बैठे चार-पांच हथियारबंद नक्सलियों ने उसका अपहरण कर लिया और इसके थोड़ी देर बाद ही उसकी जान ले ली।

टंडवा थाना क्षेत्र के टंडवा-बालूमाथ बॉर्डर पर स्थित जंगल से उसका शव बरामद किया गया है । पुलिस पदाधिकारी व जवान घटनास्थल पर पहुंच कर इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चला रहे हैं.

 इलाके में नक्सलियों के दस्तक से लोग दहशत में हैं। पुलिस मुखबिरी के आरोप में घटना को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है।

साहिबगंज मार्ग पर पालोबेड़ा गांव के पास एक कार पिकअप वैन की टक्कर में दो की मौत, दो गंभीर रूप से घायल


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धनबाद । धनबाद । गोविंदपुर-साहिबगंज मार्ग पर पालोबेड़ा गांव के पास एक हादसा हो गया।एक पिकअप वैन और कार की टक्कर हो गयी। घटना में गोविंदपुर जैप के निकट स्थित मास्टर कॉलोनी निवासी अरविंद ओझा (55) की मौत हो गयी, जबकि उनकी पत्नी सरोज ओझा, बड़े भाई रेलकर्मी प्रफुल्ल ओझा व प्रफुल्ल की पत्नी सुधा ओझा घायल हो गये। इलाज के दौरान सुधा झा की भी जान चली गई।

घायलों का इलाज स्थानीय एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है. समाचार लिखे जाने तक घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई थी। मृतक के पिता रामाशंकर ओझा जैप थ्री में सूबेदार मेजर थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह गोविंदपुर में ही घर बना कर रह गये। अरविंद ओझा डेयरी फार्म का कारोबार करते थे।

जानकारी के अनुसार अरविंद ओझा ने हाल ही में अपनी बेटी की शादी की थी। उसी को लेकर खरमास की समाप्ति के बाद सभी अपनी कार (जेएच 10एपी 3670) से देवघर पूजा करने गये थे. लौटने के क्रम में पालोबेड़ा गांव के पास विपरीत दिशा से जामताड़ा की ओर जा रहे पिकअप वैन (जेएच 05 डीएफ 9189) के साथ आमने-सामने की टक्कर हो गयी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद पिकअप वैन का चालक फरार हो गया। आसपास के लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने चारों घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया, जहां अरविंद ओझा की मौत हो गयी। घायल तीनों को परिजन इलाज के लिए धनबाद के एक प्राइवेट अस्पताल ले गये, जहां सभी की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को पुलिस ने जब्त कर लिया है।

झारखंड में ठंड से मिलेगी राहत,राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी

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झारखंड में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदलने वाला है. अब लोगों को ठंड से जल्द ही राहत मिलने वाली है. राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है. 

जिससे लोगों को ठंड से छुटकारा मिल रहा है. हालांकि सुबह और शाम के समय अभी भी ठंडी हवाएं और हल्की सर्दी का एहसास हो रहा है.

मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले तीन से चार दिनों में झारखंड में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि इसके बाद अगले दो दिन में तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा. विशेष तौर पर शुक्रवार को राज्य के हिस्सों में हल्के बादल और दक्षिण पूर्वी इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है.

 राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आस पास रहने की संभावना जाताई है. जबकि न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक जा सकता है.

वहीं पिछले 24 घंटे की बाद करें तो राज्य में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहा. दक्षिण पूर्वी इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा देखा गया. इस दौरान झारखंड में सबसे अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस रहा. रांची में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री तक पहुंच जो पिछले दिन से 2.9 डिग्री से अधिक था.

बसंत पंचमी आज और कल, शुभ मुहूर्त से लेकर सरस्वती पूजा की विधि तक, यहां जानें सबकुछ!

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 बसंत पंचमी का पर्व हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना गया है. इस दिन देवी सरस्वती की पूजा का विधान है. इसलिए इस दिन को सरस्वती पूजा भी कहा जाता है.

बसंत पंचमी का पर्व वसंत ऋतु के आगमन भी प्रतीक होता है. धार्मिक मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती प्रकट हुईं थीं. इसी कारण हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है.

आज और कल यानी 2 और 3 फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. ऐसे में अगर आप बसंत पंचमी से जुड़ी कोई भी जानकारी जानना चाहते हैं, तो वह आपको इस लेख में मिल जाएगी. आइए जानें बसंत पंचमी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र समेत सारी डिटेल.

सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त कब से कब तक है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, सरस्वती पूजा के लिए माघ शुक्ल पंचमी तिथि 2 फरवरी, रविवार को सुबह 09:14 बजे से शुरू होकर 3 फरवरी को सुबह 06:52 बजे तक मान्य रहेगी.

सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त कब है?

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती पूजा का मुहूर्त 02 फरवरी को सुबह 7:09 मिनट से लेकर दोपहर 12:35 मिनट तक रहेगा. ऐसे में इस दिन सरस्वती पूजा के लिए सिर्फ 5 घंटे 26 मिनट का समय मिलेगा.लेकिन सनातनी लोग उदयातिथि पर ज्यादा भरोसा करते हैं इसलिए लोग 3 फरवरी सोमवार को ही सरस्वती पूजा मनाएंगे।

बसंत पंचमी पर किस मंत्र का जाप करना चाहिए?

बसंत पंचमी के दिन, भक्त शक्तिशाली मंत्रों के जाप के माध्यम से देवी सरस्वती को प्रसन्न कर सकते हैं. ‘ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि’ और ‘ॐ ऐं ऐं ह्रीं ह्रीं ह्रीं सरस्वत्यै नमः’ जैसे मंत्रों से आप देवी सरस्वती की कृपा पा सकते हैं.

सरस्वती पूजा घर पर कैसे करें?

बसंत पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर पीले कपड़े पहनें. फिर पूजा स्थल पर एक चौकी रखकर पीला वस्त्र बिछाएं और उस पर माता सरस्वती की फोटो या प्रतिमा रखें. इसके बाद मंदिर कलश, भगवान गणेश और नवग्रह का पूजन कर मां सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा शुरू करें. फिर माता के मंत्रों और श्लोकों का जाप करें.

बसंत पंचमी का व्रत कैसे रखा जाता है?

बसंत पंचमी का व्रत रखने के लिए सुबह उठकर नहा-धोकर शुद्ध हो जाएं और पूजा-आराधना करने के बाद ही किसी चीज का सेवन करें. जब तक आपने माता सरस्वती का पूजन नहीं किया है, तब तक किसी नमकीन या अनाज का सेवन न करें. माता सरस्वती के पूजन में चढ़े हुए भोग से व्रत खोलना चाहिए.

सरस्वती मां का प्रिय भोग क्या है?

केसर की खीर को देवी सरस्वती का का प्रिय भोग कहा जाता है. ऐसा माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती को केसर की खीर को भोग लगाया जाए तो मां सरस्वती प्रसन्न हो जाती हैं.

बसंत पंचमी का दूसरा नाम क्या है?

धर्म शास्त्रों में बसंत पंचमी को ऋषि पंचमी नाम से भी जाना जाता है. इसे आमतौर पर लोग सरस्वती पूजा भी कहते हैं.

बसंत पंचमी पर कौन सा रंग पहनना है?

बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए. पीला रंग बसंत पंचमी का प्रतीकात्मक रंग है और यह ऊर्जा और समृद्धि को दर्शाता है.

बसंत पंचमी के दिन लोग क्या करते हैं?

बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा करते हैं. पूजा में सफेद फूल, पीले वस्त्र और सफेद तिल आदि अर्पित किया जाता है. मां सरस्वती के चरणों में वीणा और पुस्तक रखना शुभ माना जाता है. इस दिन लोग मां से ज्ञान और विद्या की प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगते हैं.

बसंत पंचमी किसकी पूजा होती है?

माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है. इसी पूजा के महापर्व को बसंत पंचमी कहते हैं.

बसंत पंचमी के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?

बसंत पचंमी के दिन तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. बसंत पंचमी के मौके पर प्याज और लहसुन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और सिर्फ सात्विक भोजन ही करना चाहिए.

बसंत पंचमी के दिन क्या दान करना चाहिए?

बसंत पंचमी के दिन अन्न का दान करना बेहद शुभ माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि बसंत पंचमी के अनाज के दान से धन-धान्य की कमी नहीं रहती है. इस दिन पीली चीजों के दान को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, इसलिए पीली मिठाई या पीले वस्त्र दान जरूर करें.

सरस्वती पूजा में कौन सा फूल चढ़ाया जाता है?

बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा में कमल के फूल का प्रयोग किया जाता है. कमल का फूल चढ़ाने से सरस्वती देवी प्रसन्न होती हैं.

आज कलश यात्रा के साथ शुरू होगी भागवत कथा, न्यू टाउन हॉल में होगा भक्तों का जुटान


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धनबाद : कथा प्रतिदिन दोपहर ढाई बजे से प्रारंभ होकर संध्या साढ़े छह बजे समाप्त होगी. हॉल के अंदर दो हजार भक्तों को बैठने की व्यवस्था है.

एकल श्रीहरि वनवासी फाउंडेशन धनबाद चैप्टर के बैनर तले दो से पांच फरवरी तक न्यू टाउन हाॅल में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. इसे लेकर शुक्रवार को अग्रसेन भवन हीरापुर में फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम की जानकारी दी गयी. 

कार्यक्रम से जुड़े गौ ग्राम योजना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केएन मित्तल ने बताया कि कथा बांचने के लिए अयोध्या से स्वामी गोविंददेव गिरिजी महाराज पधार रहे हैं. गिरिजी महाराज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के कोषाध्यक्ष हैं. 

कथा प्रतिदिन दोपहर ढाई बजे से प्रारंभ होकर संध्या साढ़े छह बजे समाप्त होगी. हॉल के अंदर दो हजार भक्तों को बैठने की व्यवस्था है. इसके अलावा हॉल के बाहर एलइडी लगायी जायेगी, साथ ही भक्तों के बैठने के लिए कुर्सी की भी व्यवस्था की जायेगी. 

छह फरवरी को सुबह 10 बजे से राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर अशोक नगर में कथा व्यास का कार्यक्रम होगा. कार्यक्रम को लेकर वनबंधु परिषद के अध्यक्ष केशव हड़ौदिया, सचिव बसंत हेलीवाल, एकल महिला समिति की अध्यक्ष अनुराधा अग्रवाल, एकल श्री हरि सत्संग समिति के अध्यक्ष बलराम अग्रवाल, सचिव नितिन हड़ौदिया, उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता, सह सचिव सुदीप्त चक्रवर्ती, कार्यकारी अध्यक्ष संजय जैन, रविंद्र ओझा, दयानंद तिवारी, नीरज अग्रवाल, मनोज महतो, दशरथ, अभय, बबीता जैन आदि सक्रियता से लगे हैं.

दो को निकलेगी कलश यात्रा :

कथा के पहले दिन सुबह धैया जैन मंदिर के सामने से कलश यात्रा निकाली जायेगी. इसमें 251 महिलाएं कलश लेकर चलेंगी. यात्रा में हजारों भक्त शामिल होंगे. यात्रा धैया से प्रारंभ होकर रानीबांध, बरटांड़, सिटी सेंटर, कंबाइंड बिल्डिंग होते हुए कथा स्थल पहुंचेगी. सिटी सेंटर के पास से सजे रथ में कथा वाचक भी शामिल होंगे. कलश यात्रा में शामिल भक्तों के लिए जगह-जगह पेयजल, शरबत, चाय की व्यवस्था की गयी है.

सभी विभाग 31 मार्च तक राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करें : वित्त मंत्री

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 झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार से राज्य का बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपए के भुगतान की मांग की है. धनबाद में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2025 में इस राशि की घोषणा की जानी चाहिए. वित्त मंत्री ने बकाया राशि का विस्तृत ब्योरा देते हुए बताया कि इसमें वास्ड कोल रॉयल्टी के 2,900 करोड़, कॉमन कोल मद में 32,000 करोड़ और भूमि मुआवजा मद में 41,142 करोड़ रुपए शामिल हैं. इन सभी पर 60 हजार करोड़ रुपए का ब्याज भी जुड़ा हुआ है, जिससे कुल बकाया राशि 1.36 लाख करोड़ रुपए हो गई है.

 धनबाद दौरे के दौरान वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राजस्व संग्रहण की समीक्षा भी की. समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने पाया कि धनबाद के सभी अंचल राजस्व वसूली में पिछड़ रहे हैं.

 उन्होंने सभी विभागों को 31 मार्च तक लक्ष्य प्राप्ति का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने रेलवे का विस्तार, धनबाद सहित नए एयरपोर्ट के निर्माण की भी

वित्त मंत्री ने शुक्रवार को खनन, परिवहन, वाणिज्य कर, भू-राजस्व, नगर निगम सहित अन्य विभागों की वित्तीय वर्ष 2024-25 अंतर्गत राजस्व संग्रहण की अद्यतन स्थिति तथा उनके द्वारा राजस्व वृद्धि के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा की.

 उन्होंने कहा कि खनन एवं परिवहन विभाग को समन्वय स्थापित कर माइनिंग एरिया के अंदर चल रहे वाहनों के कागजातों की जांच करने तथा पर्याप्त कागजात नहीं होने पर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

कतरास अंचल के डीसी कॉमर्शियल टैक्सेस को शो-कॉज

 मंत्री ने कहा कि धनबाद जिले को विभिन्न स्रोत से राजस्व प्राप्त होता है. जिसमें कमर्शियल टैक्स में कतरास अंचल में सबसे कम राजस्व प्राप्त हुआ है. कतरास अंचल 58.91% लक्ष्य से पीछे है. पूछने पर कतरास अंचल के डीसी कमर्शियल टैक्सेस इसका संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए. इसलिए उनको शोकोज किया है.

 संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में बीसीसीएल से अब-तक 32 करोड़, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड से 197 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 208 करोड़, दामोदर वैली कारपोरेशन से 521 में 488 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है.

जीएसटी डिफॉल्टर का बैंक अकाउंट करें अटैच जीएसटी को लेकर मंत्री ने कहा कि अब डिफाल्टर का बैंक अकाउंट अटैच किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जीएसटी नंबर लेने में जो बैंक अकाउंट दिया जाएगा उसमें टर्नओवर के अनुरूप निश्चित राशि अकाउंट में रखना अनिवार्य होगा. मंत्री ने विभिन्न विभागों की समीक्षा की वित्त मंत्री ने पदाधिकारियों से कहा कि विधायिका और कार्यपालिका मिलकर काम करेगी तो राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी. 

उन्होंने वित्तीय अनुशासन को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग को 31 मार्च 2025 तक राजस्व संग्रहण लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्य कर सहायक आयुक्त नरेंद्र कुमार, राज्य कर अपर आयुक्त विनय कुमार सिन्हा, राज्य कर पदाधिकारी अनिरबान आईच, नगर आयुक्त रवि राज शर्मा, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी, जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, ध्रुव नारायण राय, गालिब अंसारी के अलावा अन्य विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे.

मथुरा महतो ने आम बजट को बताया जनता विरोधी, सीता सोरेन पर कहा : आना जाना लगा रहता है


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धनबाद : झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुख्य सचेतक सह टुंडी विधायक मथुरा महतो ने शनिवार को पेश हुए केंद्रीय बजट को किसान, मजदूर और छात्र विरोधी बताया. उन्होंने कहा कि इस बजट में बेरोजगार युवाओं का ध्यान नहीं रखा गया है. यह बजट आम जनता के विरोध में हैं. इसके साथ ही सीता सोरेन के जेएमएम में वापसी पर मथुरा महतो ने कहा कि लोकतंत्र है. राजनीतिक में बहुत सारे लोग एक पार्टी को छोड़कर चले जाते हैं, फिर वापस लौट कर आ जाते हैं, जो भी आएंगे सभी का पार्टी में स्वागत है.

शनिवार को टुंडी विधायक मथुरा महतो रणधीर वर्मा चौक पर धरने में बैठे गोविंदपुर प्रखंड उपाध्यक्ष निर्मल कुमार मंडल से मिलने पहुंचे थे. निर्मल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. जिसके बाद वह शनिवार को धरना दे रहे थे.

 निर्मल ने चार फरवरी को पार्टी की स्थापना दिवस के दिन आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी. पार्टी के वरीय नेताओं को मामले की जानकारी मिली. जिसके बाद पार्टी की ओर से निर्मल को मनाने के लिए विधायक मथुरा महतो पहुंचे थे. विधायक के मान मनौव्वल के बाद निर्मल धरना स्थल से उठ गए.

निर्मल मंडल ने बताया कि विधायक मथुरा महतो ने आश्वासन दिया है कि चार फरवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन धनबाद पहुंचेंगे. उस दिन सीएम से मुलाकात करा दी जाएगी. जिसके बाद जो भी परेशानी है, वह सीएम हेमंत सोरेन के समक्ष रखेंगे. 

उन्होंने बताया कि जिला अध्यक्ष और जिला सचिव के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है. उनकी प्रताड़ना से बाध्य होकर धरना देना पड़ा. बिना कोई गलती बताए ही पार्टी से मुझे निष्कासित कर दिया गया. कारण पूछने पर जिला अध्यक्ष और जिला सचिव एक दूसरे पर फेंका -फेंकी कर रहे हैं.

प्रयागराज से बोकारो लौट रही बस की ट्रक से टक्कर, 2 दर्जन यात्री घायल

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हजारीबाग : हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र में स्थित दनुआ घाटी में भीषण सड़क हादसा हुआ है. दरअसल प्रयागराज महाकुंभ से बोकारो लौट रही राहुल बस अनियंत्रित होकर एक ट्रक से टकरा गई. इस घटना में दो दर्जन यात्री घायल हो गये हैं. 

घटना सुबह तीन बजे की बतायी जा रही है.बताया जा रहा है कि बस ड्राइवर की लापरवाही के कारण यह दुर्घटना घटी. इसमें कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौपारण में भर्ती कराया गया है. 

जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है.

धनबाद को मिल गई 2 और सुपरफास्ट ट्रेन; प्रयागराज होते हुए पहुंचाएगी जयपुर और अजमेर

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धनबाद : धनबाद के रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले हो गई है। रेलवे ने धनबाद से कोडरमा होते हुए जयपुर और अजमेर के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाने का फैसला लिया है। यह सुविधा सीमित समय के लिए होगी लेकिन इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेनें प्रयागराज पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन सासाराम डेहरी आन सोन गया कोडरमा में भी रुकेगी। इस ट्रेन के मिलने से स्टेशन पर भीड़ कम होगी।

धनबाद को मिली एक और सुपरफास्ट ट्रेन

धनबाद से कोडरमा होते हुए जयपुर और अजमेर विशेष रेलगाड़ियों को चलाने का निर्णय लिया गया है। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के सीपीआरओ सरस्वती चंद ने बताया कि यह सुविधा सीमित समय के लिए होगी, लेकिन इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

11 बजे रात में धनबाद से खुलेगी ट्रेन

लंबे समय से यात्री इस मार्ग पर अतिरिक्त रेलगाड़ियों की मांग कर रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह कदम उठाया है। 09725 जयपुर-धनबाद स्पेशल ट्रेन 6 फरवरी को प्रातः 5:05 बजे जयपुर से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7:45 बजे धनबाद पहुंचेगी।

वापसी में 09726 धनबाद-जयपुर स्पेशल ट्रेन 8 फरवरी को रात्रि 11 बजे धनबाद से प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन प्रातः 3:30 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। इससे जयपुर और आसपास के यात्रियों को बेहतर यात्रा का विकल्प मिलेगा।

धनबाद से प्रायगराज और अजमेर के लिए भी स्पेशल ट्रेन

धनबाद से अजमेर के बीच भी विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। 09601 विशेष ट्रेन 18 फरवरी को प्रातः 7:45 बजे अजमेर से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। वापसी में 09602 विशेष ट्रेन 22 फरवरी को प्रातः 8 बजे धनबाद से रवाना होगी और दोपहर 1:50 बजे अजमेर पहुंचेगी।

इससे राजस्थान और झारखंड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। ट्रेनें प्रयागराज जंक्शन, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम, डेहरी आन सोन, गया, कोडरमा में भी रुकेगी। यात्री रेलगाड़ियों से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।

आज बीकानेर-हावड़ा व 6 फरवरी को जोधपुर-हावड़ा रहेगी रद

झुमरीतिलैया भारतीय रेलवे ने तकनीकी कारणों के चलते जोधपुर-हावड़ा और बीकानेर-हावड़ा रेलगाड़ियों के संचालन को रद करने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू रेल परिचालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

रेलवे द्वारा दो महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के संचालन को रद कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है। रद ट्रेनों मे गाड़ी संख्या 12308 जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, जो 06 फरवरी 2025 को जोधपुर से खुलने वाली थी को रद कर दिया गया है। वहीं गाड़ी संख्या 22308 बीकानेर-हावड़ा एक्सप्रेस, जो 01 फरवरी 2025 को बीकानेर से खुलने वाली थी, अब नहीं चलेगी। अचानक हुए इस घोषणा से रेलवे यात्रियों को झटका लगा है।

अब 12 लाख रुपये इनकम तक कोई टैक्स नहीं, क्या होगा टैक्स स्लेब जानिए...?


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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना बजट भाषण कुछ ही देर पहले खत्म कर दिया है। वित्त मंत्री 1 घंटे 15 मिनट का बजट भाषण दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 पेश करते हुए नए इनकम टैक्स स्लैब की घोषणा की. अब 12 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना होगा. 

इस नए ढांचे से टैक्सपेयर्स के बीच खुशी का माहौल है।निर्मला सीतारमण ने किराए पर टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी है। वहीं शिक्षा के लिए भेजे गए पैसे पर टीडीएस हटा लिया गया है। टैक्स रिटर्न दाखिल करने की सीमा बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है।

बजट 2025 में इनकम टैक्स स्लैब

4 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं

4-8 लाख की इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स

8-12 लाख की इनकम पर 10 प्रतिशत टैक्स

12-16 लाख की इनकम पर 15 प्रतिशत

16-20 लाख की इनकम पर 20 प्रतिशत टैक्स

20-24 लाख की इनकम पर 25 प्रतिशत टैक्स

24 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत

जानें अब किस हिसाब से लगेगा टैक्स

12 से 16 लाख रुपये तक की आय पर 15 फीसदी टैक्स लगेगा।

जबकि 16 से 20 लाख रुपये तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा। इसके अलावा 24 से 30 लाख तक की आय पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा। यानी सरकार नया 25 फीसदी का एक स्लैब लेकर आएगी। नया टैक्स लगाने के बाद 18 लाख तक की कमाई पर सालाना 70,000 रुपये की बचत होगी। जबकि 12 लाख तक की सालाना कमाई पर 80 हजार रुपये की बचत होगी। वहीं 25 लाख रुपये की कमाई पर 1,10,000 रुपये की बचत होगी।

मिडिल क्लास को राहत

इस नए ढांचे का मुख्य उद्देश्य मिडिल क्लास को राहत देना है. पिछले कुछ वर्षों में इनकम टैक्स स्लैब में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ था, जिससे करदाताओं में निराशा थी. अब, सरकार ने इस समस्या का समाधान किया है, जिससे नौकरीपेशा और मध्यम आय वर्ग के लोगों को अधिक वित्तीय स्वतंत्रता मिलेगी.

अभी तक क्या था (2024-25)

इस समय न्यू टैक्स रिजीम में 3 लाख रुपये तक पर कोई टैक्स नहीं लगता. वहीं, 3 से 7 लाख तक की इनकम पर अभी 5 फीसदी टैक्स लगता है. वहीं, 7 से 10 लाख रुपये तक की इनकम पर 10 फीसदी टैक्स देना होता है. इस समय 10 से 12 लाख रुपये तक की इनकम पर 15 फीसदी टैक्स लगता है.

1997-98: पहली बड़ी बढ़ोतरी

1997 में, तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आयकर की दरों में महत्वपूर्ण बदलाव किए. इस वर्ष, 5 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 40% का कर लगाया गया था, जो उस समय का सबसे उच्चतम स्तर था.