गांडेय सीट (3rd Round)

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गांडेय सीट से बीजेपी की मुनिया देवी जेएमएम की कल्पना सोरेन से 4593 वोटों से आगे। 

#कल्पना सोरेन, जेएमएम - 12350

# मुनिया देवी, बीजेपी - 16943

धनवार सीट. (4th Round)


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धनवार सीट से बीजेपी के बाबूलाल मरांडी भाकपा माले के राजकुमार यादव से 8720 वोटों से आगे। 

#बाबूलाल मरांडी, बीजेपी - 14679

# निजामुद्दीन अंसारी, जेएमएम - 4961

# राजकुमार यादव, भाकपा माले - 5959

जमुआ सीट (5th Round)

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जमुआ सीट से बीजेपी की मंजु देवी जेएमएम के केदार हाजरा से 2411 वोटों से आगे। 

#मंजु देवी, बीजेपी - 22862

#केदार हाजरा, जेएमएम - 20451

गिरिडीह सीट (4th Round)


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गिरिडीह सीट से बीजेपी के निर्भय शाहाबादी जेएमएम के सुदिव्य कुमार से 6050 वोटों से आगे। 

#निर्भय शाहाबादी, बीजेपी - 19473

#सुदिव्य कुमार, जेएमएम - 13423

जानिये गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले विधानसभा के मतगणना के 2nd राउंड का परिणाम


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गांडेय विधान सभा

मतगणना रिपोर्ट 2st राउंड


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गांडेय विधान सभा

मतगणना रिपोर्ट 2st राउंड


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गांडेय विधान सभा

अपने आकर्षक सजावट के लिए जाने जाने वाली राजधनवार का राजा छठ घाट इस बार भी चर्चा में, घाट पर पहुंची वंदे भारत सुपर एक्सप्रेस!

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गिरिडीह : अपने आकर्षक सजावट के लिए जाने जाने वाली राजधनवार का राजा छठ घाट इस बार भी चर्चा में है. इस बार यहां काफी आकर्षक तरीके से सजावट की गई है. 

घाट पर ही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज करवा दिया गया है. इस वातानुकूलित ट्रेन में भक्त चल रहे हैं और सूर्य देव की आराधना करने पहुंच रहे हैं.

दरअसल राजा घाट में लगभग 60 लाख रुपए के लागत से वंदे भारत ट्रेननुमा स्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है. इस निर्माण कार्य में 100 से अधिक कारीगर लगे हैं. पश्चिम बंगाल से आए कारीगरों ने न सिर्फ घाट पर वंदे भारत ट्रेन बनाया है बल्कि काल्पनिक सूर्य मंदिर बनाया गया है. वहीं आकर्षक गेट बनाया गया है तो लंका दहन का भी चित्रण किया गया है।

यहां सजावट समेत मेला की व्यवस्था में अहम योगदान देने वाले अनूप सोंथालिया, अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता, पत्रकार अरविन्द कुमार समेत अन्य ने बताया कि तीन दशक से अधिक समय से यहां पर आकर्षक तरीके से सजावट की जाती है. अनूप ने बताया कि यहां तीन दिनों का मेला लगता है जिसमें हर रोज हजारों की भीड़ उमड़ती है.

धनवार के राजा घाट की सजावट 

सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम

वहीं यहां पर सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है. डीसी नमन प्रियेश लकड़ा के साथ एसपी बिमल कुमार भी लगातार यहां की व्यवस्था की जानकारी लेते रहे. धनवार थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार पाल ने बताया कि सुरक्षा का इंतजाम पूर्व की तरह से इस बार भी की गई है. यहां सादे लिबास में भी जवानों को तैनात किया गया है. कहा कि मेला में शरारती तत्व पर पैनी नजर रहेगी।

गिरिडीह के प्रवासी मजदूर की ग्वालियर में बिजली करेंट लगने से हुई मौत
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गिरि‍डीह। झारखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इस क्रम में गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत लुतियानो के मजदूर की ग्वालियर में मंगलवार को करंट लगने से मौत हो गयी। मौत के बाद परिजनों ने उनके अंतिम दर्शन के लिए सरकार से गुहार लगाई है।

सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी सुखदेव के 20 वर्षीय पुत्र अर्जुन कुमार की ग्वालियर में आकस्मिक मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वाले भी शोक में हैं। मृतक अर्जुन कुमार टाइल्स मार्बल का काम करता था।

इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली ने संवेदना प्रकट की है। उन्होंने सरकार से ग्वालियर से शव लाने की अपील की। कहा कि झारखंड के नौजवानों की मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी है।
आज है पुत्रदा एकादशी, इस कथा के बिना अधूरा है पुत्रदा एकादशी व्रत, संतान की होगी प्राप्ति

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नयी दिल्ली : हर महीने में 2 बार एकादशी व्रत किया जाता है। सावन माह की पुत्रदा एकादशी का व्रत आज 16 अगस्त 2024 को किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतान प्राप्ति और बच्चे की तरक्की से जुड़ी सभी तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत बिना अधूरा कथा पाठ करने से अधूरा माना जाता है ।

एकादशी तिथि को शुभ माना जाता है।

इस दिन श्रीहरि की पूजा होती है।

सावन में पुत्रदा एकादशी व्रत किया जाता है। एकादशी तिथि पर विधिपूर्वक भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मत है कि पुत्रदा एकादशी व्रत करने से साधक को भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही यश कीर्ति सुख और समृद्धि में भी वृद्धि होती है। अगर आप भी संतान की प्राप्ति चाहते हैं, तो सावन की पुत्रदा एकादशी का व्रत करें और पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ करें। इससे साधक के जीवन में खुशियों का आगमन होगा। आइए पढ़ते हैं पुत्रदा एकादशी व्रत कथा।

पुत्रदा एकादशी व्रत कथा

प्राचीन कथा के अनुसार, द्वापर युग के शुरुआत में एक नगरी थी, जिसका नाम महिरूपति था। इस नगरी में महीजित नाम का राजा राज्य करता था। लेकिन उसको पुत्र न होने की वजह से राजा को राज्य सुखदायक नहीं लगता था।

पुत्रदा एकादशी पर राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, चमक उठेगा सोया हुआ भाग्य

पुत्र की प्राप्ति के लिए राजा ने कई तरह के उपाय किए। लेकिन पुत्र सुख प्राप्त नहीं हुआ। एक बार राजा ने सभी ऋषि-मुनियों, सन्यासियों और विद्वानों को बुलाया और उनसे पुत्र प्राप्ति के उपाय पूछे। सभी ने राजा की समस्या को सुनकर कहा कि हे राजन तुमने पूर्व जन्म में सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन तालाब से एक गाय को जल नहीं पीने दिया था, जिसकी वजह से गाय ने तुम्हे संतान न होने का श्राप दिया था। इसकी वजह से तुम पुत्र की प्राप्ति से वंचित हो।

इसके पश्चात ऋषि-मुनियों ने कहा कि अगर तुम सावन की एकादशी का व्रत विधिपूर्वक करोगे, तो इस श्राप से मुक्ति पा सकते हो। जिसके बाद तुम्हें संतान की प्राप्ति हो सकती है। इसके बाद राजा न सच्चे मन से सावन की एकादशी का व्रत किया। 

इस व्रत के पुण्य से राजा की पत्नी गर्भवती हुई और पुत्र को जन्म दिया। धार्मिक मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी व्रत को करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और साधक की सभी मुरादें पूरी होती हैं।