संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में घिरी टीएमसी, ललित झा से संबंध होने का आरोप

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संसद की सुरक्षा में चूक का मामला सियासा रंग लेता जा रहा है। जहां एक तरफ तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल लोक सभा की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों का लोक सभा के दर्शक दीर्घा का पास बनवाने वाले भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल से भाजपा की लोक सभा सांसद लॉकेट चटर्जी ने संसद भवन परिसर में एक तस्वीर को दिखाते हुए संसद में घुसपैठ के मास्टरमाइंड ललित झा के टीएमसी नेताओं के साथ लिंक की जांच की मांग की है।

बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा कि टीएमसी विधायक तापस रॉय के साथ ललित झा की तस्वीर आने के बाद बंगाल कनेक्शन साफ हो गया है. इसकी जांच होनी चाहिए. इतनी बड़ी जो ये घटना हुई है वो बिना प्लानिंग के नहीं हो सकती है. पूछा जाना चाहिए कि तापस रॉय और ललित झा का क्या संबंध है।

इससे पहले पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने ट्विटर पर ललित झा की तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के साथ फोटो शेयर करके आरोप लगाया कि ललित झा, लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के नेता तापस रॉय के साथ जुड़ा रहा है। इसके बाद बीजेपी आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने भी दावा किया है कि ललित झा के टीएमसी कनेक्शन से बिल्कुल साफ हो गया है कि विपक्षी गठबंधन, हार की हताशा में सरकार को बदनाम करना चाहता है और इसीलिए संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश रची। 

हालांकि टीएमसी इससे पल्ला झाड़ रही है। टीएमसी की मंत्री शशि पांजा ने पलटवार करते हुए कहा कि ये और कुछ नहीं बस मुद्दे से भटकाने की कोशिश है। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला है। जैसा कि वो नेता हैं तो लोग उनके साथ फोटो खिंचवाते ही हैं। हम जिसके साथ भी फोटो खिंचवाते हैं, जरूरी नहीं कि हम उनको जानते भी हों। इस मामले में अगर किसी को इस्तीफा देना चाहिए तो वह बीजेपी सांसद हैं।

बता दें कि संसद में 13 दिसंबर को हुए स्मोक अटैक मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना का मास्टरमाइंड कोलकाता का ललित झा बताया जा रहा है। ललित ही वो शख्स है जिसने पूरी घटना को मोबाइल में कैद किया। वो राजस्थान फरार हो गया था, लेकिन गुरुवार देर शाम उसने दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। ललिल झा का नाम तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता से भी जुड़ रहा है।

संसद सुरक्षा चूक मामला: कोर्ट ने मास्टर माइंड ललित झा को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

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संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना के मुख्य आरोपी ललित झा को शुक्रवार को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया। ललित को बृहस्पतिवार शाम को गिरफ्तार किया गया था। पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि ललित झा मास्टर माइंड है इसलिए इसकी कस्टडी चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश के पीछे कितने लोग थे।

शुक्रवार दोपहर को आरोपी ललित को मेडिकल के लिए सफदरजंग अस्पताल लाया गया। इसके बाद उसे दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। इससे पहले मामले के चार आरोपियों को दिल्ली पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत ने उन चारो आरोपियों को भी सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

संसद पर 2001 में किए गए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को, सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। इस घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली ‘केन’ लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया। सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी. के रूप में हुई। संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) के निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है।

लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश में छह लोग शामिल रहे। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट गुरुवार को ही मनोरंजन, सागर, अमोल शिंदे और नीलम को सात दिनों के लिए पुलिस की हिरासत में भेज चुकी है। पुलिस ने गुरुवार को कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध लगाना आतंकी गतिविधि जैसी है। इस कारण हमने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और यूएपीए के तहत केस दर्ज किए है।

सागर शर्मा की डायरी से खुलेगा संसद की सुरक्षा में लगी सेंध का सच? जानें घर छोड़ने से पहले क्या लिखा

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संसद में सुरक्षा चूक मामले में लगातार जांच जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। इस बीच जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संसद की सुरक्षा को भेदकर सदन में कूदने वाले उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले सागर शर्मा के घर से एक डायरी मिली है। डायरी में उसने कई चौंकाने वाली बातें लिखी हैं।खुफिया एजेंसियां डायरी में लिखी बातों को समझने में जुट गई है। डायरी में सागर शर्मा ने लिखा ‘घर से विदा लेने का समय पास है. कुछ भी कर गुजरने की आग दहक रही है।

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देश की राजधानी दिल्ली में स्थित संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी पर सदन में विजिटर्स गैलरी से 2 युवक अचानक नीचे कूद गए। उस समय लोकसभा में बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। युवकों ने जूते में स्प्रे छिपा रखा था। उसे निकालकर स्प्रे किया, जिससे सदन में पीला धुआं फैलने लगा। संसद भवन की सुरक्षा में सेंधमारी की खबर आग की तरह पूरे देश में फैल गई। जांच एजेंसियों ने भी जांच पड़ताल शुरू की। इस घटना को कारित करने वालों में एक युवती समेत 4 लोगों का नाम सामने आया। इसमें लखनऊ के आलमबाग इलाके में स्थित रामनगर का सागर शर्मा भी शामिल था।

सागर की डायरी में लिखी ये बात

सागर शर्मा के घर से पुलिस को कई किताबें और एक 2 साल पुरानी डायरी मिली है। इसको पढ़ने से उसके मंसूबे साफ होते दिख रहें हैं।6 फरवरी 2021 को सागर ने अपनी डायरी में लिखा घर से विदा लेने का समय नजदीक आ गया है। एक तरफ हुए भी हैं और दूसरी तरफ कुछ भी कर गुजरने को आग भी दहक रही है। काश मैं अपनी ‘स्थिति माता पिता को समझा सकता लेकिन ऐसा नहीं है कि मेरे लिए संघर्ष की राह चुनना आसान है। 5 सालों से उम्मीद लगाए प्रतीक्षा की है कि एक दिन आएगा जब मैं अपने कर्तव्य की ओर बढ़ूंगा।

डायली में लिखी देशभक्ति कविताएं और क्रांतिकारी विचार

खुफिया एजेंसियों को सागर शर्मा के घर से मिली पर्सनल डायरी में कई देशभक्ति कविताएं और क्रांतिकारी विचार लिखे मिले हैं। इसके अलावा अन्य पेजों पर 'इंकलाब जिंदाबाद' जैसे नारे लिखे हुए हैं। उसने लिखा कि मैं अपनी ज़िंदगी वतन के नाम कर चुका हूं. अब वतन पर मरने की बारी आ गई है।

सागर का इंस्टाग्राम पोस्ट भी वायरल

सागर की डायरी से उसके क्रांतिकारी इरादे झलके हैं। इसी तरह, संसद के सुरक्षा में सेंध लगाने से पहले का सागर का इंस्टाग्राम पोस्ट भी वायरल है। उसमें सागर ने लिखा था कि जीते या हारे पर कोशिश तो जरूरी है। अब देखना ये है सफर कितना हसीन होगा। उम्मीद है फिर मिलेंगे।

सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को झटका, मथुरा ईदगाह मस्जिद में सर्वे पर रोक लगाने से किया इनकार

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मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें परिसर में सर्वे को मंजूरी दी गई थी।सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है और मुस्लिम पक्ष को राहत देने से इंकार कर दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद में सर्वे कराए जाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि हम हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगाएंगे। यहां सिर्फ हाईकोर्ट द्वारा सारे मामले अपने पास ट्रांसफर का मामला लंबित है। कानून के मुताबिक नए आदेश के लिए नई याचिका दाखिल करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की 9 जनवरी को सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हमारे यहां सिर्फ ट्रांसफर का मामला है। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा अगर कोई आदेश दिया जाता है तो उसे पक्षकार द्वारा नए सिरे से यहां चुनौती दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट अब 9 जनवरी को सुनवाई करेगा। लेकिन अगर कोई पक्ष चाहे तो पक्षकार मेंशन कर सकते हैं।

बता दें कि मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को विवादित परिसर का सर्वे करने का आदेश दे दिया था। इसके लिए 3 कमिश्‍नर भी नियुक्‍त कर दिए गए हैं। मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि और शाही ईदगाह का मामला वर्षों से कानूनी दांव-पेच में फंसा हुआ है। श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि का सर्वे कराने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसको लेकर महत्‍वपूर्ण आदेश दिया है।

महिला जज की 'इच्छामृत्यु' की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीजेआई ने इलाहाबाद हाइकोर्ट से से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की महिला सिविल जज ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ से अपना जीवन समाप्त करने की अनुमति मांगी है। इस संबंध में महिला जज ने एक पत्र भेजा है, जिसमें उसने जिला जज द्वारा यौन उत्‍पीड़न करने का गंभीर आरोप भी लगाया है। महिला जज की वायरल चिट्ठी का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। बांदा की महिला जज की चिट्ठी पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया है और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

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सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार की देर रात चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के सेकेट्री जनरल अतुल एम कुरहेकर को इलाहाबाद हाईकोरट् प्रशासन से स्टेटस रिपोर्ट मांगने को कहा। एसजी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखकर महिला जज द्वारा दी गई सारी शिकायतों की जानकारी मांगी है। साथ ही शिकायत से निपटने वाली आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष कार्यवाही की स्थिति के बारे में पूछा है।

वायरल हो रही चिट्ठी के मुताबिक यूपी की एक महिला जज ने यौन प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए इच्छामृत्यु की मांग की है। बांदा ज़िले में तैनात एक महिला जज की वायरल हो रही एक चिट्ठी में दावा किया कि एक पोस्टिंग के दौरान ज़िला जज और उनके करीबियों ने उनके साथ मानसिक और शरीरिक शोषण किया। दावा ये भी है कि जिला जज ने उसे रात में मिलने का दबाव बनाया।

बांदा में तैनात महिला जज ने अपनी चिट्ठी में कहा कि उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य सम्बंधित अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की लेकिन किसी ने भी उससे एक बार ये नहीं पूछा कि आख़िर हुआ क्या है। महिला जज ने अपनी शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से निराशा ज़ाहिर करते हुए चिट्ठी लिखकर इच्‍छामृत्‍यु की मांग की।

एमपी में घर के बाहर खड़ी थी कार और 175 किमी दूर कट गया टोल टैक्स, पीड़ित ने नितिन गडकरी को चिट्ठी लिख मांगी मदद

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 मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ घर के बाहर खड़ी एक कार का 175 किलोमीटर दूर टोल टैक्स कट गया। अब गाड़ी मालिक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इस मामले की शिकायत की है। नर्मदापुरम के माखननगर रोड पर रहने वाले दयानंद पचौरी की कार (MP 04 CZ 0361) घर में बनी दुकान के समक्ष खड़ी हुई थी। 27 नवंबर को गाड़ी के फास्टैग से लगभग 175 किलोमीटर दूर विदिशा के सिरोंज स्थित टोल प्लाजा पर 40 रुपये कटने का मैसेज आया। मैसेज देखते ही टोल प्लाजा के टोल फ्री शिकायत नंबर पर शिकायत दर्ज कराई गई। मगर शिकायत करने के पश्चात् भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

पीड़ित ने मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दफ्तर में कॉल किया। उनके दफ्तर से पीड़ित को बताया गया कि संबंधित समस्या को ई-मेल आईडी पर मेल कर दो। तत्पश्चात, वाहन स्वामी ने पत्र लिखकर मेल के जरिए शिकायत की है। पीड़ित दयानंद पचौरी ने बताया कि 27 नवंबर को मैं दुकान पर ग्राहकी कर रहा था। अचानक मेरे मोबाइल पर सन्देश आता है कि विदिशा के पास सिरोंज टोल नाके पर मेरी कार के फास्ट टैग से 40 रुपए कट गए हैं। जबकि मैं आज तक कभी सिरोंज नहीं गया। हमने टोल फ्री नंबर 1035 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई मगर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं प्राप्त हुआ। 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) के जरिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नंबर प्राप्त किया तथा उस नंबर पर कॉल किया तो निज सचिव ने कॉल उठाया। केंद्रीय मंत्री के PA ने पीड़ित को बताया कि संबंधित समस्या को ईमेल आईडी पर मेल कर दो। हम उसकी सत्यता की तहकीकात करते हैं। मगर अभी तक समस्या का कोई निदान नहीं हुआ है।

'राज्य की सरकार ‘नवा केरल’ में व्यस्त तो सबरीमाला की अव्यवस्था पर कौन दे ध्यान?' मौतों के बाद जागा हाई कोर्ट, लगाई फटकार

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केरल में भगवान अयप्पा के लोकप्रिय सबरीमाला मंदिर में प्रतिदिन लगभग 1 लाख श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। बीते वर्ष की तुलना में इस बार भक्तों की संख्या बहुत बढ़ी है, इसके कारण बहुत अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। 18 घंटे तक लाइन में खड़े होने के पश्चात् ही भक्त मंदिर में दर्शन कर पा रहे हैं। इसकी वजह से कई बार बैरिकेड्स टूटने और भगदड़ मचने की खबर आ चुकी है। 12 वर्षीय एक बच्ची की दर्शन के लिए जाते वक़्त मौत हो गई, तो तमिलनाडु से मंदिर पहुँची एक अन्य भक्त की पहाड़ की चढ़ाई के चलते मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धालुओं को बीते कुछ सप्ताहों से जंगल में कष्ट उठाने पड़ रहे हैं। उन्हें घंटों तक बसों की प्रतीक्षा करना पड़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन क्षेत्र में लोगों के लिए ठहरने के लिए कोई टेंट या किसी तरह की छत मौजूद नहीं है।

स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि केरल सरकार की इन श्रद्धालुओं की कोई परवाह ही नहीं है। पुलिस के जवानों की संख्या की कमी से लेकर भक्तों के मंदिर तक पहुँचने तथा पहाड़ी की चढ़ाई के चलते उनके विश्राम करने जैसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आती। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। उधर केरल के वामपंथी सीएम पी विजयन इस समय पूरे प्रदेश में संपर्क यात्रा निकाल रहे हैं, जिसे ‘नवा केरल सदस’ नाम दिया गया है। सीएम की संपर्क यात्रा तथा रैलियों के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती नजर आ रही है। सबरीमाला में सुरक्षा बलों की कमी का एक कारण यह भी माना जा रहा है।

आपको बता दें कि सबरीमाला में मंडलम-मकरविलक्कू का सीजन चल रहा है। इस वर्ष 17 नवंबर से आरम्भ हुए इस सीजन में सबरीमाला मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। हर रोज लगभग 1.20 लाख भक्त दर्शन करने के लिए पहुँच रहे हैं।

 कुछ दिन पहले ही सबरीमाला से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक बच्चा नजर आता है, जो बस की खिड़की से रोता हुआ दिख रहा है, वो अपने पिता से बिछड़ गया था। इसके अतिरिक्त सबरीमाला जाने के लिए जिस जगह से बस पकड़ी जाती है, उस निलक्कल बस स्टेशन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी नजर आ रहे हैं। बसों की बेहद कमी हैं तथा लोगों को घंटों तक प्रतीक्षा करना पड़ रहा है। 9 दिसंबर 2023 को 12 वर्षीय बच्ची पद्मश्री की मौत हो गई। उसे बचपन से दिल से जुड़ी बीमारी भी थी। वो भीड़ में समूह के साथ ही चल रही थी, तभी कोलैप्स होकर गिर पड़ी। तत्पश्चात, 13 दिसंबर को एक महिला, जो तमिलनाडु से आई थी, वो पारंपरिक रास्ते से मंदिर में प्रवेश के लिए जा रही थी तो गिर गईं। उनकी मौत की जानकारी सामने आने के बाद विशेष टीम को भेजना पड़ा, जिससे उनका शव वापस लाया जाए। इस बीच, सबरीमाला मंदिर में ‘कुप्रबंधन’ को लेकर केरल में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन आरम्भ हो गए हैं। बीजेपी युवा मोर्चा ने भी प्रदर्शन किए हैं, तो सबरीमाला मंदिर में पहुँचे भक्तों ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। वहीं, सरकार का दावा है कि सब कुछ कंट्रोल में है।

केरल हाई कोर्ट ने भी लिया संज्ञान

सबरीमाला मंदिर में दर्शन के चलते यात्रियों को हो रही समस्याओं पर केरल उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया है। केरल उच्च न्यायालय ने स्टेट रोडवेज की बसों को बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिससे भक्तों की तकलीफों को कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त उच्च न्यायालय ने व्यवस्थाओं को देखने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है। हालाँकि उच्च न्यायालय को सरकार ने बताया है कि भीड़ के कारण परेशानियां नहीं हो रही हैं, बल्कि हालात नियंत्रण में हैं। देवस्वोम मंत्री के राधाकृष्णन ने कहा कि वास्तव में भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है तथा भीड़ को काबू करने के लिए हस्तक्षेप किया गया है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों का सबसे बड़ा उद्देश्य पथिनेट्टमपदी पर चढ़ना है, जो थोड़ा मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कुछ सीमाएँ भी हैं, क्योंकि वृद्ध व्यक्तियों, दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों आदि को इस पर चढ़ना पड़ता है तथा इसके लिए अधिक समय की जरुरत होती है। इसी कारण से दर्शन के समय को बढ़ाया गया है। मंदिर का पट अब तीर्थयात्रा सीजन के दौरान हर दिन दोपहर 3 बजे खुलेगा, जिससे तीर्थयात्रियों को 18 घंटे दर्शन का अवसर प्राप्त होगा। यह कदम तीर्थयात्रियों, सरकार, बोर्ड और अदालत की सभी भक्तों के लिए सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने की माँग के जवाब में उठाया गया है।

वहीं, सीएम पी विजयन इस वक़्त नवा केरल सदस नाम से रैलियाँ कर रहे हैं। 19 नवंबर से आरम्भ हुआ यह​ सिलसिला 24 दिसंबर तक चलेगा। उनकी रैलियों में प्रबंधन के लिए भारी आंकड़े में पुलिस वालों की तैनाती की जा रही है। हालाँकि सीएम पी विजयन ने विपक्ष द्वारा सरकार तथा त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड पर लगाए जा रहे भीड़ का प्रबंधन करने में नाकाम होने के आरोपों को खारिज कर दिया है। विजयन ने कहा कि बेकाबू भारी भीड़ के कारण कुछ दुर्घटनाएँ हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं। हम मामलों को अत्यधिक सावधानी से सँभाल रहे हैं तथा हालात स्थिति को नियंत्रण करने के लिए 16118 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले भजनलाल शर्मा ने किया कुछ ऐसा कि इंटरनेट पर छा गया VIDEO

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राजस्थान को आज अपना नया सीएम ​मिल गया। आज सीएम भजनलाल शर्मा और दो डिप्टी सीएम दीया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा ने शपथ ली। इससे पहले मंत्रियों की नियुक्ति केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिली थी। शपथ ग्रहण से पहले राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल ने पहले माता-पिता के पैर धोए। तत्पश्चात, संत मृदुल कृष्ण शास्त्री के पैरों में झुककर आशीर्वाद लिया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी भी उपस्थित रहेंगे।

मिली खबर के मुताबिक, कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 12:10 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। वहां से वह तकरीबन दोपहर 12:30 बजे अल्बर्ट हॉल पहुंचेंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 12:45 बजे से एक बजे के बीच होगा। भजनलाल शर्मा की ताजपोशी के साथ ही दो उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा भी शपथ लेंगे। राज्यपाल कलराज मिश्र तीनों को शपथ दिलाएंगे। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों के सीएम, उपमुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहेंगे। 

भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं। उन्हें मंगलवार को पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों राजनाथ सिंह, सरोज पांडे एवं विनोद तावड़े की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में मनोनीत सीएम घोषित किया गया था। वसुंधरा राजे ने उनका नाम विधायक दल के नेता के तौर पर प्रस्तावित किया था। अजमेर नॉर्थ से विधायक वसुदेव देवनानी को स्पीकर बनाया गया है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री बने भजनलाल शर्मा, दीया और बैरवा ने भी ली शपथ

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भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले लिया है। यह समारोह ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल के बाहर आयोजित गया। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उपस्थित रहे। राज्यपाल कलराज मिश्र ने भजन लाल शर्मा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। साथ ही दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने।

सांगानेर से विधायक भजनलाल शर्मा पहली बार ही विधानसभा पहुंचे हैं और पहली ही बार में बीजेपी ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया है. भजनलाल शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं और इस समाज से आने वाला कोई शख्स 33 साल बाद राजस्थान का मुख्यमंत्री बना है।

खास बात ये है कि आज भजनलाल शर्मा का जन्मदिन भी है। ये उनका 56वां जन्मदिन है। गुरुवार रात 12 बजे बाद सोडाला के चंबल गेस्ट हाउस में भजनलाल ने अपने समर्थकों के साथ जन्मदिन मनाया। जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री उनके समर्थकों की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा। यह शिविर धोलपुर में आयोजित किया जाएगा।

भैया शिवराज को देख फिर भावुक हुई लाड़ली बहनें, फूट-फूट कर रोता देख पूर्व CM की आंखों में भी आ गए आंसू

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 मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री अब मोहन यादव बनाए जा चुके हैं तथा शिवराज सिंह चौहान अब इतिहास हो चुके हैं। मगर मध्यप्रदेश की महिलाएं अभी भी भारतीय जनता पार्टी के इस फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि अब शिवराज सिंह चौहान इस राज्य के मुख्यमंत्री नहीं है। शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात् भी महिलाओं ने शिवराज सिंह चौहान को घेरकर रोने लगी थीं तो अब विदिशा में भी ऐसा ही कुछ हुआ है।

शिवराज सिंह चौहान ने बहुत देर तक महिलाओं को चुप कराने का प्रयास किया मगर माहौल इस कदर भावुक हो चुका था कि शिवराज सिंह चौहान भी अपनी भावनाओं पर कंट्रोल नहीं कर सके तथा भावुक होकर वे भी रोने लगे। अपने आंसू पोछते हुए शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं से बड़ी बात कह दी।

लाड़ली बहनों का उनके लिए ये प्रेम देखकर शिवराज सिंह चौहान भी बेहद भावुक हो गए। वे बहुत देर तक अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे लेकिन फिर उनके भी आंसू निकल आए तथा वे भी भावुक होते हुए सभी महिलाओं से बोले कि ‘जिऊंगा तो आपके लिऐ और मरना पड़ा तो आपके लिएं मरूंगा। बहनों मैं आपका था, आपका हूं और आपका ही रहूंगा’।