*महुआ मोइत्रा के खिलाफ आचार समिति की रिपोर्ट में क्या-क्या, सांसदी जाएगी या बचेगी इस पर लोकसभा में बहस जारी*

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पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमुल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के आज पांचवे दिन महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों पर लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। जिसमें महुआ की सांसदी खत्म करने की सिफारिश की गई है। इस रिपोर्ट में महुआ से हुई पूछताछ का हवाला देते हुए ये भी लिखा गया है कि महुआ के खिलाफ लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, ऐसे में उनपर एक्शन होना चाहिए। एथिक्स कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि महुआ मोइत्रा ने निहायत ही आपत्तिजनक, गैरकानूनी और घृणित अपराध किया है।रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि इस मामले में भारत सरकार एक कानूनी और संस्थागत जांच कराएं, जो एक तय समय सीमा में खत्म होनी चाहिए।

संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट पर एक्शन के लिए मोशन मूव किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ये पीड़ादायक है, लेकिन कई बार सदन को अपने नियमों के लिए उचित फैसला लेना पड़ता है। पूरा देश ऊंच संसदीय परंपराओं के लिए हमारी तरफ देखता है। पिछले 75 साल में हमारा लोकतंत्र परिपक्व हुआ है। उन्होंने कहा, हमारी जनता को कल्याण के लिए इस सदन में चर्चा जरूरी होती है।

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आचार समिति की रिपोर्ट पर बहस के लिए तीन-चार दिन का वक्त मांगा। उन्होंने कहा कि सांसदों के पास जो रिपोर्ट आई है, उसमें 106 पन्ने हैं। एनेक्सर और अन्य चीजें मिलाकर कुल 406 पन्ने हैं। भला दो घंटे में इतने पन्ने कैसे पढ़ सकता है? क्या किसी इंसान की क्षमता है कि इतना कम समय में पूरा दस्तावेज पढ़ ले? इसलिए तीन-चार दिन का समय दिया जाए ताकि रिपोर्ट को ठीक से पढ़कर देखें कि क्या इसमें कोई त्रुटि है? नैचरल जस्टिस यही कहता है कि जिस पर आरोप है, कम से कम उसे तो रिपोर्ट समझने का वक्त मिले।

बता दें कि कि महुआ मोइत्रा मामले में एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट 10 नवंबर को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास भेज दी थी। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष बिरला के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कर एथिक्स कमेटी ने लगभग 500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे तमाम मतभेदों के बावजूद एथिक्स कमेटी की बैठक में 6-4 के अंतर से मंजूर कर लिया गया था।

यह​ दशक देवभूमि का, यहां अवसरों की कमी नहीं', PM मोदी ने किया 'उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट' का आगाज

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पीएम नरेंद्र मोदी ने आज देहरादून में 'उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट' का उद्घाटन किया। उन्होंने 44000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की अधारशिला रखी। गौतम अडानी, नवीन जिंदल सहित कॉर्पोरेट जगत के तमाम दिग्गज इस समिट में सम्मिलित हुए। 3 केंद्रीय मंत्री, 15 देशों के राजदूत भी उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट में सम्मिलित हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आकर मन धन्य हो जाता है। कुछ साल पहले जब मैं बाबा केदार के दर्शन के लिए निकला था, तो अचानक मेरे मुंह से निकला था कि 21वीं सदी का ये तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक है। मुझे प्रसन्नता है कि अपने उस कथन को मैं निरंतर चरितार्थ होते हुए देख रहा हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते दिनों उत्तरकाशी में टनल से हमारे मजदूर भाइयों को सुरक्षित निकालने का जो सफल अभियान चला, उसके लिए मैं प्रदेश सरकार समेत सभी का अभिनंदन करता हूं। उत्तराखंड वह राज्य है, जहां आपको देवत्व और विकास दोनों का अनुभव एक साथ होता है। मैंने तो उत्तराखंड की भावनाओं एवं संभावनाओं को निकट से देखा है। मैंने उसे जिया है, अनुभव किया है। इन्वेस्टर्स समिट में आए उद्योग जगत के दिग्गजों से पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज आप सभी को उत्तराखंड के गौरव, उत्तराखंड की विकास यात्रा से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मोदी ने उद्योग जगत से कहा कि सामर्थ्य से भरी ये देवभूमि निश्चित रूप से आपके लिए बहुत सारे द्वार खोलने जा रही है। आज भारत विकास भी और विरासत भी के जिस मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है, उत्तराखंड उसका प्रखर उदाहरण है। पहले की सरकारों की अप्रोच थी कि जो इलाके सीमा पर हैं, उनको ऐसे रखा जाए कि पहुंच कम हो. डबल इंजन की सरकार ने इस सोच को भी बदला है। हम सीमावर्ती गांवों को लास्ट विलेज नहीं, बल्कि देश के फर्स्ट विलेज के रूप में विकसित करने में जुटे हैं। आप सभी बिजनेस जगत के विशेषज्ञ हैं...तथा जो लोग बिजनेस जगत में रहते हैं वे SWOT एनालिसिस करते हैं...कंपनी के बारे में, रणनीतियों के बारे में विश्लेषण करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- यदि एक राष्ट्र के रूप में आज हम भारत को लेकर SWOT एनालिसिस करें तो हमारे चारों तरफ आकांक्षाएं, आशा, आत्मविश्वास, नवाचार और अवसर ही नजर आएँगे। उन्होंने कहा कि आपको आज देश में नीति-संचालित शासन दिखेगा, आपको आज राजनीतिक स्थिरता के लिए देशवासियों का मजबूत आग्रह नजर आएगा। आकांक्षी भारत आज अस्थिरता नहीं चाहता, वह आज स्थिर सरकार चाहता है। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में हमने ये देखा है तथा उत्तराखंड के लोगों ने इसे पहले ही करके दिखाया है। आज भारत को देखने के लिए भारतीयों और विदेशियों दोनों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि हम पूरे देश में थीम बेस्ड टूरिज्म सर्किट तैयार कर रहे हैं। कोशिश ये है​ कि भारत के नेचर एवं हेरिटेज दोनों से ही दुनिया को परिचित कराया जाए। इस अभियान में उत्तराखंड, टूरिज्म का एक सशक्त ब्रांड बनकर उभरने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे देश में ऐसा माना जाता है कि भगवान सबकी जोड़ी बनाता है, फिर वो जोड़ियां अपनी (दांपत्य जीवन की) नई यात्रा शुरू करने के लिए विदेश क्यों जाती हैं. 'Make in India' की तरह एक मूवमेंट चलना चाहिए 'Wed in India'. शादी हिंदुस्तान में करो। मैं तो चाहूंगा, आने वाले पांच साल में अपने परिवार की एक डेस्टिनेशन शादी उत्तराखंड में करिए।

उन्होंने कहा कि यदि एक वर्ष में 5 हजार शादियां भी यहां होने लग जाएं तो एक नया इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा हो जाएगा तथा दुनिया की शादियां यहां होने लग जाएंगी। मेरा एक संकल्प है, आने वाले कुछ वक में इस देश में 2 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति बनाने के लिए मैंने 'लखपति दीदी' अभियान चलाया है। हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड से 2 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति बनाने का काम तेजी से पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे कोरोना वैक्सीन हो या नीतियां, भारत ने हमेशा अपने सामर्थ्य पर भरोसा किया है। इसलिए भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से अलग ही खड़ा है।

*क्या जाएगी महुआ मोइत्रा की सांसदी? पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकसभा में आचार समिति की रिपोर्ट पेश*

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पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के निर्देश पर जांच करने वाली सदन की एथिक्स कमेटी ने लोकसभा में रिपोर्ट पेश कर दी है। भाजपा सांसद विजय सोनकर ने रिपोट की सभा के पटल पर रखा। इस बीच सदन में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। रिपोर्ट पेश होने के बाद महुआ के खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव लाने की भी तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट में न सिर्फ महुआ की सदस्यता निरस्त करने की, बल्कि उनके कृत्यों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए इसकी जांच भी कराने की सिफारिश की गई है।

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रिपोर्ट पेश होते ही सदन में हंगामा हो गया। टीएमसी समेत विपक्ष के सांसदों ने नारेबाजी, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। रिपोर्ट पेश होने के बाद महुआ मोइत्रा संसद से बाहर चली गईं। उन्होंने कहा, हमें अभी तक यह नहीं मिला है। मुझे अपना दोपहर का भोजन करने दो और वापस आने दो। जो भी होना है, दोपहर 2 बजे के बाद होगा।

विपक्षी दलों के हंगामे को देखते हुए रिपोर्ट को स्वीकार करते समय अथवा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई करते समय सदन में वोटिंग की नौबत आ सकती है। इसे देखते हुए भाजपा ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान दिनभर सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।

एथिक्स कमिटी ने नौ नवंबर को छह-चार के बहुमत से पैसे लेकर प्रश्न पूछने के आरोप में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट को स्वीकार किया था। बता दें कि महुआ मोइत्रा मामले में एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट को पिछले महीने 10 नवंबर को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेज दिया था। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष बिरला के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कर एथिक्स कमेटी ने लगभग 500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे एथिक्स कमेटी की बैठक में 6-4 के अंतर से मंजूर कर लिया गया था। अगर इसे लागु किया गया तो महुआ की संसद सदस्यता खत्म हो सकती है।

इससे पहले महुआ मोइत्रा संसद पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा, ''मां दुर्गा आ गई हैं, अब देखेंगे..रिपोर्ट पेश होने से पहले महुआ मोइत्रा ने महाभारत की तरह रण होने की चेतावनी दी है। उन्होंने एक बंगला कविता का पाठ करते हुए कहा कि जो डराता है उसके सामने सिर उठाकर लड़ाई लड़नी चाहिए। उसके बाद उन्होंने दिनकर की मशहूर कविता का पाठ करते हुए कहा कि जब नाश मनुष्य पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। महुआ ने कहा, " उन्होंने (बीजेपी) चीर हरण शुरू किया है तो महाभारत का रण देखेंगे।

एमपी-राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए बीजेपी ने पर्यवेक्षकों के नाम का ऐलान किया, करेंगे सीएम का चयन

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हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने तीन राज्यो में बंपर जीत हासिल की है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पेंच फंसा हुआ है। ऐसे में बीजेपी ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पर्यवेक्षकों के नाम का ऐलान कर दिया है। ये पर्यवेक्षक ही हर राज्य में वहां के विधायकों से बात करके सीएम के चेहरे के नाम का ऐलान करेंगे।

पार्टी ने राजस्थान के लिए राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जबकि मध्य प्रदेश के लिए मनोहर लाल खड्टर, के लक्ष्मी औऱ आशा लखे़ड़ा पर्यवेक्षक बनाया है। वहीं छत्तीसगढ़ के लिए पार्टी ने सर्वानंद सोनवाल, अर्जुन मुंडा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री की कुर्सी किन-किन नेताओं को मिलेगी, बीजेपी इन्हीं पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर तय करेगी। ये पर्यवेक्षक विधायक दल की मीटिंग के दौरान मौजूद रहेंगे और उनके फैसलों से केंद्रीय नेतृत्व को भी अवगत कराएंगे। विधायक दल की मीटिंग में ही मुख्यमंत्री का नाम तय किया जाता है। इन पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी विधायक दल के नेता का चुनाव कराने की होगी।मध्य प्रदेश में बीजेपी विधायक दल की बैठक 10 दिसंबर को बुलाई गई है। ये बैठक दिल्ली से भेजे गए पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में होगी। सीएम के नाम पर सस्पेंस 10 दिसंबर तक समाप्त होने की उम्मीद है।

*आरबीआ ने दी राहत, लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में बदलाव नहीं, आरबीआई गवर्नर ने की मौद्रिक नीति की घोषणा*

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भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है। नीतिगत दर 6.5 फीसदी पर बरकरार रहेगी। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में 5-1 के मत से यह फैसला किया गया।एमपीसी की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में भी भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। बैंकों के बैलेंस शीट में मजबूती दिखी है। केंद्रीय बैंक की एमपीसी ने रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है।आरबीआई गवर्नर के अनुसार इसके फलस्वरूप स्थायी जमा सुविधा दर 6.25% और सीमांत स्थायी सुविधा दर तथा बैंक दर 6.75% पर बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने एफवाई24 में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि घरेलू मांग के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी जारी है। लागत खर्च में कमी से विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती आई है। सरकारी खर्चे से निवेश के रफ्तार में आई तेजी है। एग्रो क्रेडिट में ग्रोथ से रिकवरी बेहतर होने का अनुमान है। एमपीसी के छह में पांच स्थर अकोमोडेटिव रुख वापस लेने के पक्ष में। सभी सदस्यों ने रेपो रेट को स्थिर रखने पर सहमति जताई।

आरबीआई ने खुदरा महंगाई दर के अनुमानित आकंड़े भी जारी किये हैं। अक्टूबर-दिसंबर 2023 के लिए 5.6 फीसदी, जनवरी-मार्च 2024 के लिए 5.2 फीसदी और अप्रैल-जून 2024 लि 5.2 फीसदी रखा गया है। इन तीनों ही अनुमानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके बाद जुलाई-सितंबर 2024 और अक्टूबर-दिसंबर 2024 के लिए क्रमश: 4.0 फीसदी और 4.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश में UPI ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने को लेकर बड़ा फैसला लिया। UPI ने लोगों की जिंदगी और पेमेंट करने के प्रोसेस को काफी आसान बना दिया है। यही वजह है कि हर महीने यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़ती ही जा रही है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को MPC के ऐलान में बताया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने हॉस्पिटल और स्कूल-कॉलेजों में यूपीआई ट्रांजेक्शन की लिमिट को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने की पीएम मोदी के सख्त रूख की तारीफ, बोले-उन्हें डराया-धमकाया नहीं जा सकता

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की।पुतिन ने पीएम मोदी के सख्त रुख की सराहना की है। पुतिन ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय हितों के विपरीत निर्णय लेने के लिए डराया या मजबूर नहीं किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद रूस और भारत के रिश्तों की गारंटी हैं।

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राष्ट्रीय हितों पर पीएम मोदी का रुख सख्त- पुतिन

पुतिन ने कहा, जब राष्ट्रीय हितों की रक्षा की बात आती है तो पीएम मोदी के सख्त रुख की तारीफ की जाती है। मैं कल्पना नहीं कर सकता कि मोदी को ऐसे कोई भी काम करने, कदम उठाने और निर्णय लेने के लिए डराया, धमकाया या मजबूर किया जा सकता है जो भारत और भारतीय लोगों के खिलाफ हो। उन्होंने कहा मैं जानता हूं कि उन पर इस तरह का दबाव है।हालांकि, हमने कभी उनसे इस बार में बात भी नहीं की। मैं सिर्फ बाहर से चीजें देख रहा हूं। सच कहूं तो मैं कई बार भारत और भारतीय लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए मोदी के कड़े रुख को देखकर भी चौंक जाता हूं। 

रूस और भारत के रिश्ते की गारंटी मोदी- पुतिन

रूसी मीडिया स्पूतनिक के मुताबिक पुतिन ने 14वें VTB इन्वेस्टमेंट फोरम 'रूस कॉलिंग' में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- रूस और भारत के रिश्ते लगातार डेवलप हो रहे हैं और इसकी गारंटी प्रधानमंत्री मोदी की नीति है। उन्होंने कहा, मैं कहना चाहूंगा कि रूस और भारत के बीच संबंध सभी दिशाओं में प्रगतिशील रूप में विकसित हो रहे हैं और पीएम मोदी की ओर से अपनाई गई नीति इसकी मुख्य गारंटर है। वह निश्चित रूप से विश्व राजनीतिक हस्तियों के उस समूह से संबंधित हैं जिनके बारे में मैंने बिना नाम लिए बात की।

भारत और रूस के बीच व्यापार कारोबार बढ़ रहा-पुतिन

पुतिन ने कहा, भारत और रूस के बीच व्यापार कारोबार बढ़ रहा है, पिछले साल यह प्रति वर्ष 35 बिलियन डॉलर था और इस साल की पहली छमाही में ही यह 33.5 बिलियन डॉलर था, यानी कि वृद्धि होगी। हां हम सभी समझते हैं कि काफी हद तक,रूसी ऊर्जा संसाधनों पर छूट के कारण भारत को प्राथमिकताएं मिलती हैं। वह वास्तव में सही काम कर रहे हैं।

पहले भी की है तारीफ

ऐसा पहली बार नहीं है कि रूसी नेता ने भारत की विदेश नीति की तारीफ की है। इससे पहले इसी साल जून में एक कार्यक्रम में पुतिन ने मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' स्कीम की भी जमकर तारीफ की थी। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को बेहतरीन दोस्त भी बताया था। 4 अक्टूबर 2023 को फाइनेंशियल सिक्योरिटी पर एक ओलंपियाड को संबोधित करते हुए पुतिन ने मोदी को बुद्धिमान व्यक्ति बताया था।

*नहीं रहे मशहूर अभिनेता जूनियर महमूद, कैंसर के कारण 67 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा*

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जूनियर महमूद ने दुनिया को अलविदा कह दिया है।पेट के कैंसर के चलते 67 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया है। अभिनेता का पेट का कैंसर चौथी स्टेज पर पहुंच गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिनेता का निधन अपने आवास पर हुआ। उनका उपचार परेल के टाटा मेमोरियल अस्पताल से चल रहा था। जूनियर महमूद के निधन की पुष्टि उनके करीबी दोस्त सलाम काजी ने की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिनेता को करीब एक महीना पहले ही अपनी कैंसर संबंधी बीमारी के बारे में मालूम चला था। तब तक बहुत देर हो गई थी और उनकी सेहत भी काफी ज्यादा बिगड़ गई थी। जूनियर महमूद को स्टेज 4 कैंसर था और डॉक्टर्स ने भी कह दिया था कि वे 40 दिन से ज्यादा नहीं जी पाएंगे। उनके करीबी दोस्त सलाम काजी ने कहा कि उनकी सेहत बिगड़ती ही जा रही थी और वे लाइफ सपोर्ट पर थे, लेकिन दुखद कि वे बच नहीं सके।

बता दें कि उपचार के दौरान अभिनेता महमूद ने अपने पुराने दोस्तों, अनुभवी अभिनेता जितेंद्र और सचिन पिलगांवकर से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद सचिन और जितेंद्र जूनियर महमूद से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान सचिन ने बीमार अभिनेता से यह भी पूछा कि क्या वे कोई मदद कर सकते हैं? हालांकि, महमूद के बच्चों ने किसी तरह की मदद से इनकार कर दिया था।

जूनियर महमूद का नाम नईम सय्यद था और उन्हें ये नाम दिग्गज कॉमेडियन महमूद ने दिया था। वे इंडस्ट्री के उन चुनिंदा स्टार्स में से एक हैं जिन्होंने 5 दशक से ज्यादा समय तक काम किया। उन्होंने अपने करियर में कई सारी फिल्में और टीवी सीरियल्स में काम किया था। उन्होंने करियर की शुरुआत साल 1967 में आई संजीव कुमार की फिल्म नौनिहाल से की थी। उस समय वे महज 11 साल के थे। उन्होंने संघर्ष, ब्रह्मचारी, दो रास्ते, कटी पतंग, हाथी मेरे साथी, हंगामा, छोटी बहू, दादागिरी समेत कई फिल्मों में काम किया। उन्होंने अपने करियर में बलराज साहिनी से लेकर सलमान खान जैसे स्टार्स संग काम किया। सबसे ज्यादा वे राजेश खन्ना और गोविंदा की फिल्मों में दिखे।राजेश खन्ना संग उनकी फिल्म हाथी मेरे साथी बेहद खास रही।

तेलंगाना के पूर्व सीएम के चंद्रशेखर राव अस्पताल में भर्ती, फिसल कर गिरने से टूटी कूल्हे की हड्डी

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भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) चीफ और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।केसीआर बीती रात फिसलकर गिर गए थे। इसके बाद उन्हें करीब दो बजे हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर्स का मानना है कि के.चंद्रशेखर राव को गिरने के बाद कूल्हे में फ्रैक्चर हुआ है। केसीआर का यशोदा अस्पताल की 9वीं मंजिल पर इलाज चल रहा है। ऐसा लग रहा है कि आज डॉक्टर टेस्ट करने के बाद हेल्थ बुलेटिन देंगे। फिलहाल केसीआर की तबीयत स्थिर है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, केसीआर राजधानी हैदराबाद स्थित घर में गिर गए। वह अपने ऐरावेली स्थित फार्म हाउस पर गिर गए थे। जिसके बाद उन्हें तड़के दो बजे आनन-फानन में यशोदा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने संदेह जताया है कि 69 वर्षीय नेता के गिरने की वजह से उनके कुल्हे में फ्रैक्चर हुआ होगा। उन्हें सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है।

तेलंगाना विधानसभा चुनाव समाप्त होने और कांग्रेस के हाथों मिली मात के तुरंत बाद सरकारी भवन छोड़ दिया था। इसके बाद से वह फार्म हाउस में ही रह रहे हैं। वह पिछले दो तीन दिनों से अपने घर पर ही सबसे मुलाकात कर रहे हैं। जीत के बाद बीआरएस के कई विधायक उनसे मिलने पहुंचे, जहां वह घर पर ही मौजूद रहे।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने केसीआर के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को करारी शिकस्त दी थी। केसीआर ने 2014 से 2023 तक तेलंगाना के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला था। केसीआर ने तेलंगाना में दो सीटों से चुनाव लड़ा था। उन्होंने गजवेल सीट जीती, लेकिन कामारेड्डी से हार का सामना करना पड़ा। वह कामारेड्डी सीट पर भाजपा के कटिपल्ली वेंकट रमण रेड्डी से हार गए, जिन्होंने इस सीट से केसीआर और रेवंत रेड्डी दोनों को हराया था।

*उपराष्ट्रपति धनखड़ ने ट्रोलर्स को जवाब, बोले-झुककर नमस्कार करना मेरा संस्कार, पीएम मोदी के साथ एक वायरल तस्वीर पर कही बड़ी बात*

#jagdeep_dhankha_upset_over_social_media_trolling

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राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गुरूवार को मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में सोशल मीडिया पर शेयर उनकी तस्वीरों और वीडियो को लेकर दुख व्यक्त किया। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग को लेकर बेहद आहत हैं। आज राज्यसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, सभापति जगदीप धनखड़ ने उन विपक्षी नेताओं को जमकर सुनाया जो उनके झुकने पर कटाक्ष कर रहे थे। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि मुझे आजकल यह भी देखना पड़ रहा है कि कितना झुकूं। पता नहीं कौन उनकी रीढ़ की हड्डी तय करने लगेगा।

सदन में आते ही उन्होंने सभी सदस्यों को हाथ जोड़ते हुए झुककर प्रणाम किया और फिर जो कुछ कहा, उससे पूरे हॉल में कुछ देर तक खामोशी पसर गई। उनके शब्द थे.. माननीय सदस्यों मुझे आजकल यह भी देखना पड़ रहा है कि कितना झुकूं, किसके सामने झुकूं, फोटोग्राफर कहां से क्या ले रहा है, कौन इंस्टाग्राम पर डाल देगा, कौन ट्विटर पर डाल देगा, कौन मेरी रीढ़ की हड्डी को तय करने लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि झुकना और नमस्कार करना मेरी आदत है।ट्रोल करने वालों को करारा जवाब देते हुए धनखड़ बोले, मैं ये नहीं देखता कि सामने कौन है। कई बार बहुत पीड़ा होती है। गिरावट की कोई सीमा होती है। बड़ा बुरा लगता है

राज्यसभा के सभापति ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर कहा कि जब संबंधित पार्टी के एक वरिष्ठ नेता से इस बारे में बात की तो उनके खिलाफ और भी अधिक आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। धनखड़ ने कहा कि वो हर किसी से झुक कर नमस्कार करते हुए मिलते हैं। वो अपनी विनम्रता को बरकरार रखते हैं और अपने संस्कारों का पालन करते हैं लेकिन भारतीय संस्कृति के इस परंपरा का मजाक बनाया जा रहा है।

दरअसल वे सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे उनके वीडियो को लेकर आहत थे। इस वीडियो में वह पीएम मोदी को झुककर नमस्ते करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के लेकर उनके बारे में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं। कुछ में कहा जा रहा था कि वह मोदी के सामने झुक रहे हैं, जो एक उपराष्ट्रपति को शोभा नहीं देता है।

दरअसल, बुधवार यानी 6 दिसंबर को संविधान निर्माता बाबासाहब भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर संसद भवन परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पहुंचे। इस दौरान धनखड़ और पीएम मोदी दोनों ने एक दूसरे का अभिवादन किया। इसी का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ''भारत के उपराष्ट्रपति''।

*क्‍या अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे थे चीन के पूर्व विदेश मंत्री? लापता किन गैंग की टॉर्चर के बाद मौत का दावा*

#china_ex_foreign_minister_qin_gang_dead

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चीन में एक के बाद एक कई अधिकारी और मंत्री गायब हो रहे हैं। चीन के पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग के गायब होने के बाद चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू के साथ कई और चेहरे हैं जो महीनों से नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच चीन के पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग की मौत की जानकारी सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि मौत से पहले किन को टॉर्चर भी किया गया।चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कथित विवाहेतर संबंध के कारण पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था। उन पर जासूसी करने का भी आरोप लगा था। जून में गायब हो गए थे, लेकिन अब उनकी मौत की खबर आ रही है।

जून से ही पूरी दुनिया में चीन के पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग के गायब होने का हल्‍ला मचा हुआ था। अब अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया ये दावें कर रही हैं कि गैंग की किन की हत्‍या करवा दी गई है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने धोखे के चलते गैंग की हत्‍या करवा दी है। कहा जा रहा है कि चीनी अधिकारियों ने उन्‍हें यातना देकर मौत के घाट उतार दिया है। न सिर्फ गैंग बल्कि चीन के पूर्व पीएम ली केकियांग, पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और कई अधिकारियों की भी हत्‍या का दावा किया जा रहा है।

जुलाई में उन्हें उनकी भूमिका से हटाए जाने से पहले, किन गैंग एक महीने से अधिक समय तक सार्वजनिक जगहों पर दिखाई नहीं दे रहे थे। उनकी अनुपस्थिति के बारे में कई प्रकार की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। दावा किया गया कि जुलाई के अंत में एक सैन्य अस्पताल में किन गैंग की मौत हो गई थी। इस अस्पताल में देश के शीर्ष नेताओं का इलाज होता है

अमेरिकी मैगजीत पॉलिटिको की एक रिपोर्ट में तो यहां तक दावा किया गया गया है कि रूस के उप विदेश मंत्री रुडेंको ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक संदेश भेजकर किन की जासूसी के बारे में चेताया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस ने इस संदेश में बताया था कि किन और चीन के रॉकेट फोर्स से जुड़े अधिकारियों ने पश्चिमी इंटेलीजेंस एजेंसियों के लिए जासूसी की है। इसके बाद ही अचानक नाटकीय तौर पर किन गायब हो गए। इसके बाद ही उनके अफेयर की खबरें भी आने लगीं।

जून में जब गैंग गायब हुए तो उनके अफेयर की खबरें सामने आने लगी। कहा गया कि गैंग के चीनी ब्रॉडकास्‍टर फीनिक्‍स टीवी की रिपोर्टर फू जियाओटियन के साथ अफेयर चल रहा है। कुछ लोगों की मानें तो ये कहानियां झूठी थीं। माना जा रहा है कि चीन ने जानबूझकर किन के अफेयर की खबरें फैलाई थीं। कहा तो यहां तक गया कि जियोओटियन और किन का एक बेटा है जो अब एक अमेरिकी नागरिक है। माना जा रहा है कि किन की बदनामी कराने के लिए चीन ने ही ये साजिश रची थी, कि किन के लापता होने पर लोगों को ये लगे कि वह मुंह छिपाकर कहीं चले गए हैं।

बता दें कि किन गैंग चीन में विदेश मंत्री बनाए जाने से पहले अमेरिका में राजदूत रहे थे। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग के कथित विवाहेतर संबंधों की जांच की और पाया कि यह मामला तब हुआ जब किन गैंग अमेरिका में चीनी राजदूत के रूप में कार्यरत थे।