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Jun 23 2022, 19:34

बिहार में सत्तारुढ़ बीजेपी और जदयू के बीच टकरार जारी, उच्च शिक्षा को लेकर बीजेपी के सवाल का जदयू ने दिया यह करारा जवाब

डेस्क : बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए में बीजेपी और जदयू के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। सत्ता में भागीदार होते हुए बीजेपी की ओर से लगातार सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए जा रहे है। वहीं जदयू की ओर से भी इसका जवाब दिया जा रहा है। 

पुलिस के कामकाज के बाद अब बीजेपी की ओर से उच्च शिक्षा को लेकर सवाल खड़ा किये गये है। उच्च शिक्षा में सत्र के विलंब से चलने को लेकर बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के बयान पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने करारा पलटवार किया है। 

आज गुरुवार को नीरज कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक ढांचे का प्रधान कुलाधिपति यानी राज्यपाल होते हैं और राज्यपाल का चयन केंद्र सरकार के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में संजय जायसवाल क्या कुलाधिपति पर सवाल उठा रहे हैं? नीरज ने कहा है कि उच्च शिक्षा में राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की क्या भूमिका है, यह बात कम से कम स्नातक कर चुके नेताओं को तो बताने की जरुरत नहीं है।

नीरज कुमार ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि राजनीतिक महानुभाव को इस बात की जानकारी जरूर होगी, क्योंाकि वो खुद भी स्नाभतक हैं। विश्व विद्यालय शिक्षा के प्रशासनिक ढांचे के प्रमुख महामहिम कुलाधिपति होते हैं। सवाल उठाने वाले क्याु महामहिम कुलाधिपति पर सवाल खड़ा कर रहे हैं? राजनीतिक महानुभाव को इस बात की जानकारी होगी कि केन्द्रा सरकार की अनुशंसा पर महामहि‍म कुलाधिपति जो महामहि‍म के रूप में पदस्थाकपित हैं। तो फिर क्यान केन्द्रे सरकार की अनुशंसा अथवा अनुशंसा के आधार पर नियुक्ति करने वाले पर यह सवाल उठा रहे हैं?

जेडीयू विधान पार्षद ने कहा है कि उच्च शिक्षा के सत्र में विलंब के लिए सवाल उठाने वाले को यह जानकारी अवश्य होगी कि सरकार के शिक्षा मंत्री एवं विभाग के पदाधिकारी सत्र नियमित करने के लिए कुलाधिपति, कुलाधिपति कार्यालय, विभिन्नक विश्व विद्यालय के कुलपति एवं विश्व्विद्यालय के पदाधिकारियों के स्तकर पर लगातार बैठक कर रहे हैं। उन्होंने सत्र के विलम्बर के लिए बिहार सरकार की कार्यशैली को जिम्मेसवार बताने वाले राजनीतिक महानुभाव के नियत पर सवाल उठाते हुए जानकारी सार्वजनिक करने का अनुरोध किया।


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Jun 23 2022, 19:33

मौसम विभाग का अलर्ट : राजधानी पटना समेत प्रदेश के इन जिलों में बारिश के साथ हो सकता है वज्रपात 

डेस्क : मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार आज भी बिहार के सभी 38 जिलों में बारिश होने की संभावना है। खासकर उत्तर बिहार में मध्यम स्तर दर्जे की बारिश होने के आसार हैं। पटना में गुरुवार की सुबह बारिश के साथ वज्रपात को अलर्ट जारी किया गया है। सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, अररिया, किशनगंज और सुपौल में भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिले के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। अनेक स्थानों पर वज्रपात की संभावना है। छह जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है तो वहीं आठ जिलों में मध्यम स्तर की वर्षा हो सकती है। इन आठ जिलों में दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, वैशाली, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर शामिल हैं।दक्षिण पश्चिम, दक्षिण मध्य, उत्तर पूर्व और उत्तर पश्चिम बिहार के 24 जिलों में हल्की या मध्यम स्तर की वर्षा हो सकती है। 

इनमें पटना, जहानाबाद, गया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, अरवल, भागलपुर, जमुई, बांका, मुंगेर, खगड़िया, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण शामिल हैं। इन जिले में एक-दो स्थानों पर हल्की या मध्यम स्तर की वर्षा होने या काले बादल छाए रहने की भी संभावना जताई गई है।


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Jun 23 2022, 19:31

गजब : चार साल के बच्चे को कोबरा ने काटा, बच्चा सुरक्षित, सांप की हुई मौत

डेस्क : बिहार के गोपालगंज जिले से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। जहां एक कोबरा सांप ने एक बच्चे को डंस लिया। सबसे हैरानी की बात यह है कि बच्चे को डंसने के महज 30-40 सेकेंड के भीतर कोबरे की मौत हो गयी, जबकि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य है। फिलहाल परिजन बच्चे के इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे हैं, जहां डॉक्टर बच्चे का इलाज कर रहे हैं। घटना जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। 

मिली जानकारी के अनुसार बरौली थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी रोहित कुशवाहा का 4 वर्षीय बेटा अनुज कुमार पिछले 2 माह से अपने नाना मुनिद्र प्रसाद के घर कुचायकोट थाना क्षेत्र के खजूरी पूर्व टोला गांव में अपने मां के साथ रह रहा है। 

बुधवार की देर शाम अनुज कुमार अपने ननिहाल में दरवाजे पर खेल रहा था। अचानक जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। लेकिन हैरानी तब हुई जब बच्चे को डंसते ही सांप वहीं पर मर गया। घटना के बाद परिजन बच्चे को अस्पताल लेकर गये। जहां बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य है।


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Jun 23 2022, 15:59

बड़ी खबर : बीआरए विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2019-22 में नामांकित छात्रों के रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा का हुआ खुलासा, 8 हजार छात्रों के फार्म भरने पर लगी रोक

डेस्क : बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2019-22 में नामांकित छात्रों के रजिस्ट्रेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। इस बात का खुलासा पार्ट-टू में ऑनलाइन माध्यम से कंप्यूटराइज्ड परीक्षा फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरु होने के दौरान हुआ है जिसके बाद 8 हजार छात्रों के फार्म भरने पर रोक लगा दी गई है। 

बताया जा रहा है कि एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर को दो-तीन छात्रों को अलॉट कर पार्ट-वन परीक्षा में शामिल करा दिया गया। कंप्यूटर जब नहीं लिया, तब कॉलेज कर्मचारी ने कुल 11 अंक के बीच में डॉट व स्लैस मार फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन नंबर अलॉट कर दिया। तब पार्ट-वन में मैनुअल तरीके से परीक्षा फॉर्म भरी गई थी। अब जब पार्ट-टू में ऑनलाइन माध्यम से कंप्यूटराइज्ड परीक्षा फॉर्म भरवाया जा रहा है। तब यह मामला पकड़ में आ गया। इसके बाद बीआरए बिहार विवि प्रशासन ने आठ हजार से ज्यादा छात्रों को फॉर्म भरने से रोक दिया है।

मामले के खुलासे के बाद कॉलेज से लेकर विवि तक में हड़कंप मचा हुआ है। रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गयी है। फिलहाल, जांच के दौरान जो मामला सामने आया है। इसमें चौंकाने वाले कई तथ्य सामने आये हैं। प्रारंभिक स्तर पर कॉलेज कर्मचारी एवं रजिस्ट्रेशन सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड व ऑनलाइन करने की जिम्मेदारी दी गयी एजेंसी की मिलीभगत सामने आयी है। हालांकि, अभी कई स्तर पर जांच होनी बाकी है। 

परीक्षा नियंत्रक डॉ संजय कुमार ने कहा है कि रजिस्ट्रेशन नंबर में गड़बड़ी चिंता वाली बात है। क्योंकि, गड़बड़ रजिस्ट्रेशन नंबर पर ही छात्र पार्ट-वन परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। अब पार्ट-टू परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान यह मामला पकड़ में आया है। फॉर्म वेरीफाई के दौरान ही गड़बड़ी हुई है। ऐसे इसकी जांच गहराई से की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कह सकते हैं। 

परीक्षा नियंत्रक डॉ। संजय कुमार ने कहा है कि रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी के कारण किसी छात्र को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी के कारण ही पार्ट-टू 2021 की परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि को बढ़ाकर 30 जून तक कर दी गयी है। जिस एजेंसी को रजिस्ट्रेशन नंबर अलॉट करने की जिम्मेदारी दी गयी है। उस एजेंसी को 24 घंटे में छात्रों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी की पूरी रिपोर्ट तैयार कर देने को कहा गया है। इसके बाद उन सभी को ठीक करा फॉर्म भरवा दिया जायेगा।


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Jun 23 2022, 10:11

बिहार में तेजी से बढ़ रहा कोरोना, पटना में पीएमसीएच के 3 डॉक्टर समेत मिले 83 नए मरीज 

डेस्क : बिहार मे एक बार फिर से कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। चार महीने 17 दिन बाद एक बार फिर पटना में कोरोना विस्फोट हुआ है। पिछले 24 घंटे में पटना में कोरोना का ग्राफ दोगुना हो गया है, मंगलवार को 39 संक्रमित मिले थे। वहीं बुधवार को एकबार फिर पटना में पीएमसीएच के तीन डॉक्टर समेत कुल 83 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं राज्य में 126 लोग संक्रमित पाए गए हैं। 

इससे पहले पांच फरवरी को 129 संक्रमित मिले थे। जबकि छह फरवरी को 44 और चार फरवरी को 86 संक्रमित मिले थे। इस वर्ष सबसे ज्यादा संक्रमित 11 जनवरी को 2018 मिले थे। पीएमसीएच के संक्रमितों में एक सीनियर डॉक्टर और दो जूनियर महिला डॉक्टर शामिल हैं। 

बुधवार को एक ही परिवार और मोहल्ले के कई संक्रमित मिले हैं। गांधीनगर में एक ही परिवार के तीन, बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में तीन, बिहटा में पांच, दानापुर में पांच, संदलपुर के तीन, सिपारा के दो, कंकड़बाग के चार, शेखपुरा के दो लोग संक्रमित मिले। अब कुल सक्रिय संक्रमितों की संख्या 258 पर पहुंच गई है।

बुधवार को मिले एजी कॉलोनी के एक 38 वर्षीय संक्रमित का इंग्लैंड से यात्रा इतिहास भी है। संक्रमित युवक होम आइसोलेशन में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी जिनोम सिक्वेंसिंग भी करा सकती है।


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Jun 23 2022, 10:09

4 साल से प्रखंड शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से पटना हाईकोर्ट नाराज, शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का दिया आदेश  

डेस्क : शिक्षकों के वेतन नहीं मिलने से पटना हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए वित्त विभाग को शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव समते जिले के वरीय शिक्षा पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। 

दरअसल वैशाली के 30 प्रखंड शिक्षकों की नियुक्ति के चार साल बाद भी वेतन नहीं मिला है। पटना हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने वित्त विभाग के सचिव को आदेश दिया है कि शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव सहित जिले के वरीय शिक्षा पदाधिकारियों के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दें।

बुधवार को न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने उमेश कुमार सुमन व अन्य द्वारा दायर रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। वैशाली के इन प्रखंड शिक्षकों से लगातार चार साल से काम लिया जा रहा है। 

कोर्ट को बताया गया कि वर्ष 2008 के शिक्षक नियोजन की रिक्तियों के आलोक में जिला शिक्षक प्राधिकार के आदेश पर 2018 में इन शिक्षकों की नियुक्ति प्रखंड शिक्षक के पद पर की गई थी। नियुक्ति के बाद इन तमाम शिक्षकों से लगातार काम भी लिया जाता रहा, लेकिन जब भी वेतन भुगतान की बारी आई, तो शिक्षा विभाग ने उनकी अहर्ता पर सवाल उठाते हुए वेतन पर रोक लगाए रखा। 

कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट ने पिछले साल नवंबर में ही शिक्षा विभाग को आदेश दिया था कि नियुक्ति होने के बाद वेतन पर अहर्ता को लेकर रोक लगाना अनुचित है। अहर्ता पर सवाल उठाने की बजाए शिक्षकों को सेवा के दौरान ही अपनी अहर्ता को अपग्रेड करने का मौका देना चाहिए। इस दिशा में भी हाईकोर्ट ने विभाग को ठोस कदम उठाने का भी निर्देश दिया था।

छह महीने बीतने के बाद भी विभाग की तरफ से न ही कोई ठोस उपाय निकाले गए और न ही शिक्षकों को वेतन का भुगतान ही किया गया। मामले पर अगली सुनवाई 11 जुलाई को की जाएगी।


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Jun 23 2022, 09:50

बिहार में जातीय जनगणना में फंस सकता है पेंच, नीतीश सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर

बिहार में अपने स्तर से जातीय जनगणना कराने के सरकारी फैसले पर ग्रहण लग सकता है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया गया है। इस याचिका में संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए जाति आधारित जनगणना पर रोक लगाने की गुहार लगाई गयी है। शशि आनंद नामक व्यक्ति ने जातीय जनगणना कराने के नीतीश सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह फैसला न सिर्फ संविधान के खिलाफ है बल्कि इसके लिए आकस्मिकता निधि से 500 करोड़ रूपये खर्च करने का फैसला भी गलत है। 

  शशि आनंद की ओर से कोर्ट में याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने कहा कि आकस्मिकता निधि के पैसे से जातीय जनगणऩा कराना गलत है और यह संविधान की धारा का उल्लंघन है। संविधान के अनुच्छेद 267 में आकस्मिकता निधि और उसे खर्च किये जाने का उल्लेख किया गया है। इसके तहत सिर्फ अप्रत्याशित स्थिति में ही आकस्मिक फंड का उपयोग किया जा सकता है लेकिन नीतीश सरकार इसी पैसे से जातीय जनगणना करा रही है।

याचिका में कहा गया है कि बिहार सरकार ने 02 जून 2022 को मंत्रिमंडल की बैठक में आकस्मिकता निधि से 500 करोड़ रूपये निकाल कर जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया है। राज्यपाल ने 06 जून को इससे सम्बंधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। अधिवक्ता ने सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार दिया है।

उधर याचिका दाखिल किए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में चर्चाओं का दौर जारी है।


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Jun 23 2022, 09:46

जब लालू ने यशवंत सिन्हा को हराने के लिए गुजराल को उतारा था, जानिए एक तेज तर्रार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के राजनेता बनने की दिलचस्प कहानी

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को विपक्ष ने राष्ट्रपति के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। बिहार के बक्सर में जन्मे यशवंत सिन्हा की पढ़ाई से लेकर नौकरी और सियासत तक की जड़ें बिहार से जुड़ी हैं। सियासत में कदम रखने से पहले 24 साल तक वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे। यहां उनकी पहचान एक तेज तर्रार अफसर के रूप में रही।

इस दौरान वे बिहार के दिग्गज समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के निजी सचिव बने। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा को अलविदा कह राजनीति में कदम रखा। उन्होंने अपनी सियासी पारी की शुरुआत जनता पार्टी से की।

1988 में राज्यसभा सदस्य चुने गए। 1990-1991 के दौरान वे चंद्रशेखर की सरकार में वित्त मंत्री रहे। लेकिन सियासत में असल पहचान उन्हें बिहार विधानसभा से मिली । साल 1995 में यशवंत सिन्हा भाजपा के टिकट पर रांची से चुनाव जीत कर बिहार विधानसभा पहुंचे थे। बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार थी। तब की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तब राजद सुप्रीमो के खिलाफ सदन में कोई भी नेता कुछ भी बोलने से बचते थे। यशवंत सिन्हा ने यहां भी अपनी तार्किकता का परिचय दिया और लालू प्रसाद को करारा जवाब दिया था।

उनसे सियासी गणित सीखने वाले प्रेम रंजन पटेल कहते हैं कि वो केवल लालू को जवाब ही नहीं दिए बल्कि सरकार को आइना भी दिखाया। राज्य की बदतर कानून व्यवस्था पर उन्होंने सरकार से तीखे सवाल पूछे। फैक्ट के साथ अपने तर्क रखे। मजबूती से मुद्दों को उठाया। यहां के बाद उनकी एक दबंग और काबिल छवि के नेता की पहचान बनी।

यशवंत सिन्हा केंद्र के वित्त मंत्री रहते हुए 1991 का मध्यावधि चुनाव लड़ने पटना आए थे, लेकिन लालू यादव उन्हें किसी भी सूरत में पटना से जीतने नहीं देना चाहते थे। उन्होंने उनके खिलाफ तब पंजाब के नेता आईके गुजराल को मैदान में उतारा था। उन्होंने उन्हें यादव बताकर यहां प्रचार किया। नाक की यह लड़ाई इस कदर बढ़ गई कि चुनाव को रद्द करना पड़ा। न गुजराल जीते न यशवंत सिन्हा।

बीजेपी ने 1996 में पहले उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया। इसके बाद उन्हें बिहार BJP का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उस दौरान उनके कार्यकारिणी में पदाधिकारी रहे एक नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं कि वे प्रदेश अध्यक्ष तो बन गए थे, लेकिन अपने ही नेता को नहीं पहचानते थे। वे बैठक में हमेशा एक लोकल नेता को रखते थे। जैसे ही कोई बोलने के लिए हाथ उठाता था वो पीछे से उनका नाम उनके कान में बोल देता था। फिर वो उसका नाम लेकर बुलाते थे।


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Jun 22 2022, 11:50

कलतक केन्द्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाने वाले बिहार के पूर्व सीएम मांझी केन्द्र के इस फैसले से हुए गदगद, कहा-मोदी है तो मुमकिन है 

डेस्क : केन्द्र सरकार के अग्निपथ योजना को लेकर सवाल उठाने वाले बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने अचानक अपना रुख बदल लिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया के ट्वीटर पर प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए लिखा है कि मोदी है तो मुमकिन है। 

दरअसल मांझी ने पीएम की तारीफ राष्ट्रपति पद के लिए आदिवासी समुदाय से आनेवाली महिला को एनडीए प्रत्याशी बनाए जाने पर की है। पीएम मोदी के नेतृत्ववाली एनडीए ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने पर जीतन राम मांझी बेहद खुश हैं। उन्होने इसके लिए द्रौपदी मुर्मू को बधाई के साथ-साथ पीएम मोदी की तारीफ की है। 

उन्होने अपने सोशल मीडिया के ट्वीटर पर ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है... 'पूर्व राज्यपाल,आदिवासी समुदाय की शान,हमारी बहन श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को NDA की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाएं जानें पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ये गर्व का क्षण है जब लगातार दूसरी बार हमारे बीच से कोई राष्ट्रपति बनने जा रहा है। “मोदी है तो मुमकिन है।”


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Jun 22 2022, 11:36

अग्निपथ योजना के विरोध में विपक्ष ने किया राजभवन मार्च, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने केन्द्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

डेस्क : सेना बहाली में केन्द्र की नई योजना अग्निपथ का पूरे देश में विरोध जारी है। खासकर बिहार, यूपी में इस योजना के प्रति युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसके विरोध में पिछले दिनों भारी हंगामा हुआ। वहीं अब इस योजना का राजनीतिक दलों द्वारा भी विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज अग्निपथ योजना के विरोध में बिहार के विपक्षी दलों ने राजभवन मार्च किया। 

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में कांग्रेस को छोड़ महागठबंधन से जुड़े दलों के एमएलए और एमएलसी ने विधानमंडल से राजभवन तक मार्च किया। इस मार्च में तेजस्वी यादव के साथ ही विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी, राजद विधायक व तेजस्वी के बड़े भाई तेजप्रताप यादव और राजद तथा वाम दलों के दर्जनों नेता शामिल हुए रहे।

इस दौरान महागठबंधन के नेताओं ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने रोजगार के नाम पर बेरोजगारों को बरगलाना बंद करो, अग्निपथ वापस लो के नारों के साथ मोदी सरकार पर हमला किया। वहीं नेताओं ने अग्निपथ और देश में बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार को विफल बताया।  

वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अग्निपथ योजना को देश के युवाओं के साथ छलावा करार देते हुए कहा कि अग्निपथ किसी भी तरह से देशहित में नहीं है। मोदी सरकार युवाओं को रोजगार देने नहीं छीनने आई है। मोदी सरकार ने जो 2 करोड़ रोजगार देने की घोषणा की थी उसका क्या हुआ। अब अग्निपथ के नाम पर 4 साल सेना में काम करने का मौका मिलेगा तो सवाल है कि चार साल के बाद वे युवा क्या करेंगे। देश के युवाओं और सेना दोनों के लिए अग्निपथ हितकर नहीं है।