Banka

Jun 10 2021, 14:29

डबल मर्डर से दहला बांका का खांडीपुर गांव, चाचा-भतीजा को दिनदहाड़े दौड़ा-दौड़ाकर चाकू से गोदकर मार डाला


बांका : जिले से एक बड़ी घटना सामने आई है। जहां कटोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत खांड़ीपर गांव के निकट डांड़ीपर टोला में दिनदहाड़े चाचा-भतीजा की धारदार हथियार से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि 1 महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। 

घटना के संबंध में बताया गया है कि आज गुरुवार के सुबह करीब 10 बजे चाचा-भतीजा बाइक से बकरा खरीदने डांड़ीपर टोला आया था। गांव में घुसते ही पूर्व से घात लगाए करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने धारदात हथियार से दोनों हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों जान बचाने के लिए भागने लगे। दूसरे पक्ष के लोगों ने सिर्फ दौड़ा-दौड़ा पीटा, बल्कि चाकू से दोनों की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। दोनों के शरीर पर चाकू के कई निशान पाए गये हैं। इसी बीच दोनों को बचाने पहुंची महिला पर भी दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई।

घटना के बाद इलाके में सनसनी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

थानाध्यक्ष के अनुसार आपसी रंजिश में दोनों की हत्या की गई है। मृतकों की पहचान डांड़ीपर टोला निवासी विनोद राय (55) और उसके भतीजे रंजीत राय (30) के रूप में हुई, जबकि जमुनी देवी (50) घायल है। जमुनी रिश्ते में रंजीत की चाची लगती है। उसकी हालत गंभीर है। इस मामले में डेढ़ दर्जन लोगों पर नामजद FIR दर्ज की है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी चल रही है।

परिजनों अनुसार रंजीत कुमार 2 माह पहले ही पवन राय के मर्डर केस में जेल से जमानत पर बाहर आया था। वह दूसरे पक्ष के डर से विनोद राय के ससुराल में रहता था। शुक्रवार को देवानी पूजा के लिए रंजीत बकरा खरीदने के लिए अपने चाचा विनोद राय के साथ गांव आया था। इस बात की भनक नरेश राय को लग गई। इसके बाद उसने अपने लोगों से मिलकर दोनों की निर्मम हत्या कर दी। 

स्थानीय लोगों के अनुसार डांड़ीपर टोला में करीब 5 बीघा जमीन को लेकर विनोद राय और नरेश राय की परिवार के बीच पिछले 4 साल से विवाद चल रहा था। 7 दिसंबर 2019 की रात को नरेश राय के बेटे पवन राय की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विनोद राय का भाई भरत राय और भतीजा रंजीत राय समेत 6 लोगों को नामजद किया गया था। भरत राय इसी मामले में जेल में सजा काट रहा है।

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Apr 25 2021, 11:58

बांका : धोरैया अस्पताल में पदस्थापित 45 वर्षीय डॉक्टर की कोरोना से मौत, भागलपुर में चल रहा था इलाज

बांका :  प्रदेश में कोरोना ने त्राहिमाम मचा रखा है। कोरोना संक्रमितों की चेन टूट नहीं रही है। हर दिन रिकॉर्ड स्तर पर लोग संक्रमित हो रहे हैं। वहीं उसी रफ्तार से मौत भी हो रही है। कोरोना से अबतक कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो चुकी है।

रविवार को बांका जिले के एक डॉक्टर की कोरोना से मौत हो गई। जिले के गोविंदपुर गांव निवासी 45 वर्षीय डॉक्टर प्रेम राज बहादुर धोरैया अस्पताल में पदस्थापित थे। 


बताया जा रहा है कि 17 अप्रैल को डॉक्टर प्रेम राज बहादुर की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दो दिन बाद 19 अप्रैल को RT-PCR की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। उसके बाद उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां आज रविवार की सुबह उनकी मौत हो गई।


बता दें प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। प्रतिदिन इसके मरीजों में 12 हजार से ज्यादा का इजाफा हो रहा है। शनिवार को प्रदेश में 12359 नए मामले सामने आए। वहीं 77 लोगों ने जान गंवा दी। हालांकि 6741 लोग स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज भी हुए।