India

May 31 2021, 19:09


  

केंद्र से विवाद के बीच बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय का रिटायमेंट, बनाए गए ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार

  

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली बुलाए जाने के बाद खड़े हुए विवाद के बीच सोमवार को रिटायरमें ले लिया। अब उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार राजनीतिक वजहों से बंधोपाध्याय पर फैसला ले रही है और वो किसी भी हालत में उन्हें राज्य से जाने नहीं देंगी। बनर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने राज्य के कोविड की लड़ाई के बीच अलापन को केंद्र में ट्रांसफर करने के केंद्र के आदेश का पालन नहीं करेंगी। उन्होंने बताया कि बंदोपाध्याय के रिटायर होने के बाद एचके द्विवेदी बंगाल के नए मुख्य सचिव होंगे।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ''उन्होंने कोई वजह नहीं दी थी। मैं हैरान हूं। मैंने फैसला किया है कि कोरोना के समय में हमें उनकी सेवाओं की जरूरत होगी। चाहे वह कोरोना हो या फिर यास, वे गरीबों, राज्य और देश के लिए अपनी सेवाओं को जारी रखेंगे।''
बता दें कि बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को दिल्ली बुलाने का मामला गरम था। जिस दिन पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को नई दिल्ली में 'कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग' को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था, उसी दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बंदोपाध्याय को राज्य से रिलीज नहीं करने की बात कही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बंदोपाध्याय को वापस बुलाने के लेटर को वापस लेने का भी आग्रह किया ताकि बंदोपाध्याय कोविड संकट के कठिन समय में और चक्रवात यास के बाद प्रशासन का नेतृत्व करना जारी रख सकें।

तीन महीने के विस्तार के बाद भी लिया रिटायमेंट
बंदोपाध्याय सामान्य रूप से 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन राज्य सरकार के अनुरोध के बाद उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया गया था। जिसे खारिज करते हुए उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला लिया। वहीं, केंद्र सरकार ने उन्हें प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली रिपोर्ट करने का आदेश दिया था। उन्हें सोमवार सुबह 10 बजे दिल्ली स्थिति केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के ऑफिस में रिपोर्ट करना था, लेकिन उन्होंने न जाने का फैसला लिया और सीएम के साथ मीटिंग्स करते रहे। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से अनुशासनात्मक फैसला लिए जाने की चर्चा थी, जिसके पहले ही उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला ले लिया।
 
सीएम और मुख्य सचिव के देर से पहुंचने पर शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद पिछले हफ्ते शुरू हुआ था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यास चक्रवात से हुए बंगाल में नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरे के दौरान हुई एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल के मुख्य  

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     @India   केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी नेताओं तक ने ममता बनर्जी पर हमला बोला था। बाद में केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव अलापन का ट्रांसफर दिल्ली कर दिया था। 
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केंद्र से विवाद के बीच बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय का रिटायमेंट, बनाए गए ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार

  

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली बुलाए जाने के बाद खड़े हुए विवाद के बीच सोमवार को रिटायरमें ले लिया। अब उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार राजनीतिक वजहों से बंधोपाध्याय पर फैसला ले रही है और वो किसी भी हालत में उन्हें राज्य से जाने नहीं देंगी। बनर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने राज्य के कोविड की लड़ाई के बीच अलापन को केंद्र में ट्रांसफर करने के केंद्र के आदेश का पालन नहीं करेंगी। उन्होंने बताया कि बंदोपाध्याय के रिटायर होने के बाद एचके द्विवेदी बंगाल के नए मुख्य सचिव होंगे।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ''उन्होंने कोई वजह नहीं दी थी। मैं हैरान हूं। मैंने फैसला किया है कि कोरोना के समय में हमें उनकी सेवाओं की जरूरत होगी। चाहे वह कोरोना हो या फिर यास, वे गरीबों, राज्य और देश के लिए अपनी सेवाओं को जारी रखेंगे।''
बता दें कि बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को दिल्ली बुलाने का मामला गरम था। जिस दिन पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को नई दिल्ली में 'कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग' को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था, उसी दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बंदोपाध्याय को राज्य से रिलीज नहीं करने की बात कही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बंदोपाध्याय को वापस बुलाने के लेटर को वापस लेने का भी आग्रह किया ताकि बंदोपाध्याय कोविड संकट के कठिन समय में और चक्रवात यास के बाद प्रशासन का नेतृत्व करना जारी रख सकें।

तीन महीने के विस्तार के बाद भी लिया रिटायमेंट
बंदोपाध्याय सामान्य रूप से 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन राज्य सरकार के अनुरोध के बाद उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया गया था। जिसे खारिज करते हुए उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला लिया। वहीं, केंद्र सरकार ने उन्हें प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली रिपोर्ट करने का आदेश दिया था। उन्हें सोमवार सुबह 10 बजे दिल्ली स्थिति केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के ऑफिस में रिपोर्ट करना था, लेकिन उन्होंने न जाने का फैसला लिया और सीएम के साथ मीटिंग्स करते रहे। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से अनुशासनात्मक फैसला लिए जाने की चर्चा थी, जिसके पहले ही उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला ले लिया।
 
सीएम और मुख्य सचिव के देर से पहुंचने पर शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद पिछले हफ्ते शुरू हुआ था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यास चक्रवात से हुए बंगाल में नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरे के दौरान हुई एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल के मुख्य  

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     @India   केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी नेताओं तक ने ममता बनर्जी पर हमला बोला था। बाद में केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव अलापन का ट्रांसफर दिल्ली कर दिया था।