स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी पर आईएमए जारी की एडवाइजरी, किया अलर्ट

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देश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हर तरफ लोग खांसी-जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एडवाइजरी जारी किया है। आईएमए ने लोगों से एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवाओं का खुद से सेवन न करने की अपील की है। साथ ही, गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय मदद लेने की सलाह दी है।

बिना डॉक्टर के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेने की सलाह

आईएमए के मुताबिक, एचवनएनवन के सामान्य लक्षणों में तेज़ बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में दर्द, शरीर में तेज़ दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बंद होना शामिल हैं। बच्चों में उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं। मेडिकल एडवाइज़री में कहा गया है कि फ्लू एक वायरल बीमारी है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेनी चाहिए। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खून वाली खांसी, बेहोशी या लगातार उल्टी जैसे गंभीर लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2308 मामले

देश के कुछ हिस्सों में स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा के मामलों में तेजी देखी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली में यह तेजी से पैर पसार रहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय राजधानी में इन्फ्लूएंजा के लगभग 3,000 मामले सामने आए हैं। इनमें 2308 मामले एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के हैं।वहीं, अगर अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र में 300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ये हैं प्रमुख लक्षण

आईएमए के अनुसार एच1एन1 में आमतौर पर अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में तेज दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा सिरदर्द, नाक बहना या नाक बंद होना भी इसके सामान्य लक्षण हैं। बच्चों में मतली, उल्टी या दस्त की शिकायत अपेक्षाकृत अधिक देखी जा सकती है।

स्वाइन फ्लू को लेकर सरकार की एडवाइजरी

• डॉक्टरों के अनुसार, एच1एन1 संक्रमण को स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है। इसमें आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान के लक्षण होते हैं।

• स्वाइन फ्लू के मामलों के चलते हाल ही में दिल्ली सरकार ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की और लोगों से सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए बुनियादी सावधानियां बरतने को कहा।

• अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, सांस की बीमारी वाले लोगों के अधिक करीब जाने से बचें और अगर फ्लू जैसे लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर को दिखाएं।

• इससे पहले, दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली की स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की गई।

• बैठक में इन्फ्लूएंजा एच1एन1, डेंगू और मलेरिया की स्थिति के साथ-साथ अस्पतालों की तैयारियों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई।

• दिल्ली के स्वास्थ्य परिवार कल्याण पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

दिल्ली-NCR में स्वाइन फ्लू का प्रकोप, 1770 के पार पहुंचे मामले, जानें किन्हें है H1N1 से ज्यादा खतरा?

#riseinswineflucasesindelhiover1770casesrecorded

दिल्ली-एनसीआर में मानसून के बीच H1N1 यानी स्वाइल फ्लू के मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के 1770 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

अब तक 1777 मामले सामने आए

दिल्ली में इस साल अब तक H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के 1,777 मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली में एक ही दिन में एच1एन1 के 114 नए मरीज मिले। इससे इस वर्ष अब तक एन1एच1 की पुष्टि हुई मरीजों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई। छह अगस्त तक दिल्ली में एच1एन1 के 1,344 मामले थे। यानी मात्र 14 दिन में 433 नए मामले सामने आए।

पिछले साल की तुलना में आठ गुना मामले

इस साल के मुकाबले 2025 में 229, 2024 में 3,151 और 2023 में 209 मामले दर्ज किए गए थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब आठ गुना मामले हो गए हैं। आंकड़ों से साफ है कि स्वाइन फ्लू के मामले साल-दर-साल काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं।

जेपी नड्डा ने की तैयारियों की समीक्षा

दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को देश में मौसमी इन्फ्लुएंजा की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में खास तौर पर राष्ट्रीय राजधानी की स्थिति, अस्पतालों की तैयारियों, निगरानी और जांच व्यवस्था की समीक्षा की गई।

क्या हैं लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में कई मरीजों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी और तेज बुखार देखने को मिल रहा है। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाली सूजन भी कुछ मरीजों में खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि एच1एन1 संक्रमण में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

मरीजों को सांस लेने में होती है तकलीफ

ज्यादातर लोगों को H1N1 सामान्य फ्लू की तरह ही होता है, लेकिन कुछ मामलों में वायरस फेफड़ों की गहराई तक पहुंच जाता है। इस स्थिति में वायरस फेफड़ों के टिश्यू में सूजन पैदा कर देता है, जहां से शरीर में ऑक्सीजन का आदान-प्रदान होता है। इस वजह से सांस लेने में तकलीफ होती है।

स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी पर आईएमए जारी की एडवाइजरी, किया अलर्ट

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देश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हर तरफ लोग खांसी-जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एडवाइजरी जारी किया है। आईएमए ने लोगों से एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवाओं का खुद से सेवन न करने की अपील की है। साथ ही, गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय मदद लेने की सलाह दी है।

बिना डॉक्टर के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेने की सलाह

आईएमए के मुताबिक, एचवनएनवन के सामान्य लक्षणों में तेज़ बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में दर्द, शरीर में तेज़ दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बंद होना शामिल हैं। बच्चों में उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं। मेडिकल एडवाइज़री में कहा गया है कि फ्लू एक वायरल बीमारी है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेनी चाहिए। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खून वाली खांसी, बेहोशी या लगातार उल्टी जैसे गंभीर लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2308 मामले

देश के कुछ हिस्सों में स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा के मामलों में तेजी देखी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली में यह तेजी से पैर पसार रहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय राजधानी में इन्फ्लूएंजा के लगभग 3,000 मामले सामने आए हैं। इनमें 2308 मामले एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के हैं।वहीं, अगर अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र में 300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ये हैं प्रमुख लक्षण

आईएमए के अनुसार एच1एन1 में आमतौर पर अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में तेज दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा सिरदर्द, नाक बहना या नाक बंद होना भी इसके सामान्य लक्षण हैं। बच्चों में मतली, उल्टी या दस्त की शिकायत अपेक्षाकृत अधिक देखी जा सकती है।

स्वाइन फ्लू को लेकर सरकार की एडवाइजरी

• डॉक्टरों के अनुसार, एच1एन1 संक्रमण को स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है। इसमें आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान के लक्षण होते हैं।

• स्वाइन फ्लू के मामलों के चलते हाल ही में दिल्ली सरकार ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की और लोगों से सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए बुनियादी सावधानियां बरतने को कहा।

• अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, सांस की बीमारी वाले लोगों के अधिक करीब जाने से बचें और अगर फ्लू जैसे लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर को दिखाएं।

• इससे पहले, दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली की स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की गई।

• बैठक में इन्फ्लूएंजा एच1एन1, डेंगू और मलेरिया की स्थिति के साथ-साथ अस्पतालों की तैयारियों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई।

• दिल्ली के स्वास्थ्य परिवार कल्याण पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

दिल्ली-NCR में स्वाइन फ्लू का प्रकोप, 1770 के पार पहुंचे मामले, जानें किन्हें है H1N1 से ज्यादा खतरा?

#riseinswineflucasesindelhiover1770casesrecorded

दिल्ली-एनसीआर में मानसून के बीच H1N1 यानी स्वाइल फ्लू के मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के 1770 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

अब तक 1777 मामले सामने आए

दिल्ली में इस साल अब तक H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के 1,777 मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली में एक ही दिन में एच1एन1 के 114 नए मरीज मिले। इससे इस वर्ष अब तक एन1एच1 की पुष्टि हुई मरीजों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई। छह अगस्त तक दिल्ली में एच1एन1 के 1,344 मामले थे। यानी मात्र 14 दिन में 433 नए मामले सामने आए।

पिछले साल की तुलना में आठ गुना मामले

इस साल के मुकाबले 2025 में 229, 2024 में 3,151 और 2023 में 209 मामले दर्ज किए गए थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब आठ गुना मामले हो गए हैं। आंकड़ों से साफ है कि स्वाइन फ्लू के मामले साल-दर-साल काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं।

जेपी नड्डा ने की तैयारियों की समीक्षा

दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को देश में मौसमी इन्फ्लुएंजा की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में खास तौर पर राष्ट्रीय राजधानी की स्थिति, अस्पतालों की तैयारियों, निगरानी और जांच व्यवस्था की समीक्षा की गई।

क्या हैं लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में कई मरीजों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी और तेज बुखार देखने को मिल रहा है। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाली सूजन भी कुछ मरीजों में खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि एच1एन1 संक्रमण में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

मरीजों को सांस लेने में होती है तकलीफ

ज्यादातर लोगों को H1N1 सामान्य फ्लू की तरह ही होता है, लेकिन कुछ मामलों में वायरस फेफड़ों की गहराई तक पहुंच जाता है। इस स्थिति में वायरस फेफड़ों के टिश्यू में सूजन पैदा कर देता है, जहां से शरीर में ऑक्सीजन का आदान-प्रदान होता है। इस वजह से सांस लेने में तकलीफ होती है।