आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
जब तक सांस है, शिक्षक हितों के लिए लड़ता रहूंगा : डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा
सुलतानपुर, आज 13 जनवरी को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के जनपद सुलतानपुर आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री तथा संयुक्त कार्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक हितों के लिए संघ संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाने को तैयार है और जब तक सांस है, शिक्षक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान शिक्षक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई तथा 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने के लिए रणनीति पर विचार किया गया। सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर नेतृत्व ने सकारात्मक एवं स्पष्ट उत्तर दिए। प्रांतीय मंत्री संजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघ योजनाबद्ध तरीके से गंभीर प्रयास कर रहा है। वहीं टेट-नॉन टेट प्रकरण में न्यायालय में संघ की पैरवी, सरकार के वर्तमान रुख, सहयोग एवं अब तक हुई प्रगति की जानकारी देकर शिक्षकों के संशय का निवारण किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री देवेन्द्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में जनपदीय मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह , संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, जनपदीय उपाध्यक्ष रामबहादुर मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, अंजनी शर्मा, अंजनी नंदन पाण्डेय, अखिलेश सिंह, राजबबख्श मौर्य, डॉ. रितेश सिंह, अब्दुल मजीद, नरेंद्र पाण्डेय, हेमंत यादव, धीरेन्द्र राव, विमलेश सरोज, राजकुमार चौधरी, सुमित यादव, भीमसेन सिंह, आशीष मिश्रा, उमेश सरोज, शिवम राने, रविन्द्र, अनिल यादव, राम मगन वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर 5 मे भीषण आग लगी.पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर नम्बर 5 में नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लग गई।शिविर में आग भड़कने के बाद हड़कंप मच गया।कल्पवास कर रहे लोग भागते दौड़ते दिखे।पुलिस और सन्तो ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरु किए।आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है 5 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार डाल रही है आग की लापटो पर काबू पा लिया गया है मगर रुक-रुक कर आग भड़क रही है।आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट वजह बताया जा रहा है। नारायण धाम शिविर में आग फैल गई।यहां करीब 15 टेन्ट लगे हुए थे।इनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी थे।आग भड़काने के बाद शिविर के अन्दर धुआं भरने लगा। इसके बाद अचानक हल्ला मचा और लोग बाहर की तरफ भागने लगे। यहां तैनात पुलिस वालो ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल पहुंच गई।नारायण धाम का मुख्य शिविर पुरी तरफ से जलकर राख हो गया।

कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
जब तक सांस है, शिक्षक हितों के लिए लड़ता रहूंगा : डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा
सुलतानपुर, आज 13 जनवरी को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के जनपद सुलतानपुर आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री तथा संयुक्त कार्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक हितों के लिए संघ संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाने को तैयार है और जब तक सांस है, शिक्षक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान शिक्षक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई तथा 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने के लिए रणनीति पर विचार किया गया। सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर नेतृत्व ने सकारात्मक एवं स्पष्ट उत्तर दिए। प्रांतीय मंत्री संजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघ योजनाबद्ध तरीके से गंभीर प्रयास कर रहा है। वहीं टेट-नॉन टेट प्रकरण में न्यायालय में संघ की पैरवी, सरकार के वर्तमान रुख, सहयोग एवं अब तक हुई प्रगति की जानकारी देकर शिक्षकों के संशय का निवारण किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री देवेन्द्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में जनपदीय मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह , संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, जनपदीय उपाध्यक्ष रामबहादुर मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, अंजनी शर्मा, अंजनी नंदन पाण्डेय, अखिलेश सिंह, राजबबख्श मौर्य, डॉ. रितेश सिंह, अब्दुल मजीद, नरेंद्र पाण्डेय, हेमंत यादव, धीरेन्द्र राव, विमलेश सरोज, राजकुमार चौधरी, सुमित यादव, भीमसेन सिंह, आशीष मिश्रा, उमेश सरोज, शिवम राने, रविन्द्र, अनिल यादव, राम मगन वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर 5 मे भीषण आग लगी.पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर नम्बर 5 में नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लग गई।शिविर में आग भड़कने के बाद हड़कंप मच गया।कल्पवास कर रहे लोग भागते दौड़ते दिखे।पुलिस और सन्तो ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरु किए।आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है 5 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार डाल रही है आग की लापटो पर काबू पा लिया गया है मगर रुक-रुक कर आग भड़क रही है।आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट वजह बताया जा रहा है। नारायण धाम शिविर में आग फैल गई।यहां करीब 15 टेन्ट लगे हुए थे।इनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी थे।आग भड़काने के बाद शिविर के अन्दर धुआं भरने लगा। इसके बाद अचानक हल्ला मचा और लोग बाहर की तरफ भागने लगे। यहां तैनात पुलिस वालो ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल पहुंच गई।नारायण धाम का मुख्य शिविर पुरी तरफ से जलकर राख हो गया।

कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।