अप्रेंटिशिप मेला में 36 युवाओं को मिला रोजगार
फर्रुखाबाद l राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शिशिक्षु/अप्रेन्टिसशिप मेला का आयोजन किया गया। मेला में दो कम्पनियों ने प्रतिभाग किया है , इन कंपनियों में रिक्त 150 पद के सापेक्ष मेला मे 41 अभ्यर्थी उपस्थित हुये। मेला में कम्पनियों के प्रतिनिधियों द्वारा 41 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार कर कुल 36 अभ्यर्थियों का (मारुति सुजुकी इण्डिया लि०, गुजरात के लिए 32 (अप्रेन्टिसशिप/एफ०टी०सी०), एन०टी०एफ० इण्डिया के लिए चयन हुआ l प्रा०लि०, मानेसर हरियाणा ने 04 जॉब ट्रेनी) अभ्यर्थियों का चयन किया गया। मेला की व्यवस्था में प्रमुख रूप से नोडल प्रधानाचार्य राजवीर सिंह, बृजेश कुमार कार्यदेशक, सुनील कुमार प्लेसमेन्ट प्रभारी, रंजीत कुमार सुमन अप्रेन्टिस प्रभारी, विजेन्द्र सिंह भास्कर, राजकिशोर महतो एंव समस्त स्टॉफ रा०औ०प्र०संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

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देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा फैसला

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पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बंगाल के सभी मदरसों में क्लास शुरू होने से पहले प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा। इसके लिए अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने की पुष्टि

राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था।

मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य

तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।

स्कूलों के बाद अब मदरसों के लिए आदेश

इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने 14 मई को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्' गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। अब इसी नीति को बढ़ाते हुए इसे मदरसों में भी लागू कर दिया गया है।

बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
 
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
 
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
सुल्तानपुर में कंटेनर-ट्रेलर टक्कर अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर भीषण हादसे में चालक का कटा पैर,हुई मौत*
सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुप्तारगंज कस्बे के चंडिका देवी धाम के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर और कंटेनर की आमने-सामने की टक्कर में कंटेनर चालक की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही थाना कूरेभार पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल कंटेनर चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर भेजा गया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद चालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान धम्मौर थाना क्षेत्र के बनकेपुर निवासी मोहम्मद कफील के रूप में हुई है। चालक की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भारी वाहन तेज गति से गुजर रहे थे, तभी अचानक अनियंत्रित होकर उनमें जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और देर रात तक यातायात बहाल कराया। थाना कूरेभार के थानाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी ने बताया कि घायल कंटेनर चालक मोहम्मद कफील की उपचार के दौरान मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। बल्दीराय के सीओ आशुतोष कुमार ने जानकारी दी कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का ज़बरदस्ती दबाव, नहीं करेंगे नहीं करेंगे, आशा वर्कर्स यूनियन ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन,

डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

फर्रुखाबाद l आशा वर्कर्स यूनियन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जबरदस्ती आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि पूर्व में किए गए कार्य का अभी तक भुगतान नहीं मिला है l यूनियन नेताओं ने कहा कि जब तक भुगतान नहीं होगा आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य नहीं करेंगे नहीं करेंगे, जैसे नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया l यूनियन नेताओं का कहना था कई बार जिला एवं प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक तौर पर आश्वासन मिला लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल सका है l उन्होंने कहा कि अब यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ेगी l यूनियन अध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार के नेतृत्व में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम
* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान महिला अनुदेशक की मौत,अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक कर रही एक महिला अनुदेशक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना आज गुरुवार की सुबह कोतवाली नगर अमहट क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय रानीगंज के पास हुई। अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं,जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला की पहचान दीपिका गुप्ता के रूप में हुई है, जो अमहट, सुल्तानपुर की निवासी थीं। वह अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और अजय आनंद गुप्ता (मास्टर) की पत्नी थीं। उनके दो छोटे बच्चे हैं,9 वर्षीय ओजस और 5 वर्षीय सिवांजय हैं। पुलिस के अनुसार, दीपिका गुप्ता अपनी दो सहेलियों स्नेहलता पाण्डेय और पूनम तिवारी के साथ कर्मयोगी नगर मोहल्ले से मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। मौहरिया के पास पीछे से आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपिका गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया। घायल महिलाओं में स्नेहलता पाण्डेय,जो दुर्गेश पांडेय (प्रधानाचार्य) की पत्नी हैं,और पूनम तिवारी, जो शिव शरण तिवारी की पत्नी हैं,दोनों महिलाएं कर्मयोगी नगर, महुअरिया,अमहट सुल्तानपुर की निवासी हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना नगर कोतवाली के अमहट चौकी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के ठीक सामने हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया,पुलिस जांच में जुटी*
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के देवरा पूरे बसुई गांव में 22 वर्षीय युवक मंजीत कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मंजीत कुमार (22 वर्ष) 17 मई,दिन रविवार की शाम करीब 6 बजे आटा चक्की से आटा लाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने से ठीक पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। रात करीब 8 बजे मंजीत ने फोन पर बताया कि वह "अभी आ रहा है।" इसके बाद रात करीब 10:30 बजे दोबारा बात होने पर उन्होंने परिजनों से खाना खाकर सो जाने को कहा और सुबह आने की बात कही। अगली सुबह,18 मई को उनका फोन पहले व्यस्त आया और फिर स्विच ऑफ हो गया। परिजनों को लगा कि फोन बंद होने के कारण मंजीत देर-सवेर घर लौट आएगा। हालांकि, सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि मंजीत का शव जंगल में लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि मंजीत का शव प्लास्टिक की रबड़ के सहारे पेड़ से लटका था और उनके पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंजीत के शरीर पर मिले निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। उनके गुप्तांग पर चोट के गहरे निशान थे और खून बह रहा था। बाएं हाथ में ब्लेड से चीरा लगाने जैसा घाव था,जबकि दाहिने घुटने पर चोट के निशान के साथ खून बह रहा था। कमर से लेकर दाहिने पैर की गांठ तक मारपीट के कारण शरीर काला पड़ गया था और उनके सारे कपड़े गीले थे। मृतक के भाई राजकुमार ने बल्दीराय थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने और मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
अप्रेंटिशिप मेला में 36 युवाओं को मिला रोजगार
फर्रुखाबाद l राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शिशिक्षु/अप्रेन्टिसशिप मेला का आयोजन किया गया। मेला में दो कम्पनियों ने प्रतिभाग किया है , इन कंपनियों में रिक्त 150 पद के सापेक्ष मेला मे 41 अभ्यर्थी उपस्थित हुये। मेला में कम्पनियों के प्रतिनिधियों द्वारा 41 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार कर कुल 36 अभ्यर्थियों का (मारुति सुजुकी इण्डिया लि०, गुजरात के लिए 32 (अप्रेन्टिसशिप/एफ०टी०सी०), एन०टी०एफ० इण्डिया के लिए चयन हुआ l प्रा०लि०, मानेसर हरियाणा ने 04 जॉब ट्रेनी) अभ्यर्थियों का चयन किया गया। मेला की व्यवस्था में प्रमुख रूप से नोडल प्रधानाचार्य राजवीर सिंह, बृजेश कुमार कार्यदेशक, सुनील कुमार प्लेसमेन्ट प्रभारी, रंजीत कुमार सुमन अप्रेन्टिस प्रभारी, विजेन्द्र सिंह भास्कर, राजकिशोर महतो एंव समस्त स्टॉफ रा०औ०प्र०संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

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देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा फैसला

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पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बंगाल के सभी मदरसों में क्लास शुरू होने से पहले प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा। इसके लिए अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने की पुष्टि

राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था।

मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य

तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।

स्कूलों के बाद अब मदरसों के लिए आदेश

इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने 14 मई को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्' गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। अब इसी नीति को बढ़ाते हुए इसे मदरसों में भी लागू कर दिया गया है।

बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
 
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
 
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
सुल्तानपुर में कंटेनर-ट्रेलर टक्कर अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर भीषण हादसे में चालक का कटा पैर,हुई मौत*
सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुप्तारगंज कस्बे के चंडिका देवी धाम के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर और कंटेनर की आमने-सामने की टक्कर में कंटेनर चालक की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही थाना कूरेभार पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल कंटेनर चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर भेजा गया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद चालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान धम्मौर थाना क्षेत्र के बनकेपुर निवासी मोहम्मद कफील के रूप में हुई है। चालक की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भारी वाहन तेज गति से गुजर रहे थे, तभी अचानक अनियंत्रित होकर उनमें जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और देर रात तक यातायात बहाल कराया। थाना कूरेभार के थानाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी ने बताया कि घायल कंटेनर चालक मोहम्मद कफील की उपचार के दौरान मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। बल्दीराय के सीओ आशुतोष कुमार ने जानकारी दी कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का ज़बरदस्ती दबाव, नहीं करेंगे नहीं करेंगे, आशा वर्कर्स यूनियन ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन,

डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

फर्रुखाबाद l आशा वर्कर्स यूनियन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जबरदस्ती आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि पूर्व में किए गए कार्य का अभी तक भुगतान नहीं मिला है l यूनियन नेताओं ने कहा कि जब तक भुगतान नहीं होगा आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य नहीं करेंगे नहीं करेंगे, जैसे नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया l यूनियन नेताओं का कहना था कई बार जिला एवं प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक तौर पर आश्वासन मिला लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल सका है l उन्होंने कहा कि अब यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ेगी l यूनियन अध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार के नेतृत्व में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम
* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान महिला अनुदेशक की मौत,अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक कर रही एक महिला अनुदेशक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना आज गुरुवार की सुबह कोतवाली नगर अमहट क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय रानीगंज के पास हुई। अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं,जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला की पहचान दीपिका गुप्ता के रूप में हुई है, जो अमहट, सुल्तानपुर की निवासी थीं। वह अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और अजय आनंद गुप्ता (मास्टर) की पत्नी थीं। उनके दो छोटे बच्चे हैं,9 वर्षीय ओजस और 5 वर्षीय सिवांजय हैं। पुलिस के अनुसार, दीपिका गुप्ता अपनी दो सहेलियों स्नेहलता पाण्डेय और पूनम तिवारी के साथ कर्मयोगी नगर मोहल्ले से मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। मौहरिया के पास पीछे से आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपिका गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया। घायल महिलाओं में स्नेहलता पाण्डेय,जो दुर्गेश पांडेय (प्रधानाचार्य) की पत्नी हैं,और पूनम तिवारी, जो शिव शरण तिवारी की पत्नी हैं,दोनों महिलाएं कर्मयोगी नगर, महुअरिया,अमहट सुल्तानपुर की निवासी हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना नगर कोतवाली के अमहट चौकी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के ठीक सामने हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया,पुलिस जांच में जुटी*
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के देवरा पूरे बसुई गांव में 22 वर्षीय युवक मंजीत कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मंजीत कुमार (22 वर्ष) 17 मई,दिन रविवार की शाम करीब 6 बजे आटा चक्की से आटा लाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने से ठीक पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। रात करीब 8 बजे मंजीत ने फोन पर बताया कि वह "अभी आ रहा है।" इसके बाद रात करीब 10:30 बजे दोबारा बात होने पर उन्होंने परिजनों से खाना खाकर सो जाने को कहा और सुबह आने की बात कही। अगली सुबह,18 मई को उनका फोन पहले व्यस्त आया और फिर स्विच ऑफ हो गया। परिजनों को लगा कि फोन बंद होने के कारण मंजीत देर-सवेर घर लौट आएगा। हालांकि, सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि मंजीत का शव जंगल में लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि मंजीत का शव प्लास्टिक की रबड़ के सहारे पेड़ से लटका था और उनके पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंजीत के शरीर पर मिले निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। उनके गुप्तांग पर चोट के गहरे निशान थे और खून बह रहा था। बाएं हाथ में ब्लेड से चीरा लगाने जैसा घाव था,जबकि दाहिने घुटने पर चोट के निशान के साथ खून बह रहा था। कमर से लेकर दाहिने पैर की गांठ तक मारपीट के कारण शरीर काला पड़ गया था और उनके सारे कपड़े गीले थे। मृतक के भाई राजकुमार ने बल्दीराय थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने और मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।