*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
जब तक सांस है, शिक्षक हितों के लिए लड़ता रहूंगा : डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा
सुलतानपुर, आज 13 जनवरी को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के जनपद सुलतानपुर आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री तथा संयुक्त कार्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक हितों के लिए संघ संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाने को तैयार है और जब तक सांस है, शिक्षक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान शिक्षक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई तथा 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने के लिए रणनीति पर विचार किया गया। सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर नेतृत्व ने सकारात्मक एवं स्पष्ट उत्तर दिए। प्रांतीय मंत्री संजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघ योजनाबद्ध तरीके से गंभीर प्रयास कर रहा है। वहीं टेट-नॉन टेट प्रकरण में न्यायालय में संघ की पैरवी, सरकार के वर्तमान रुख, सहयोग एवं अब तक हुई प्रगति की जानकारी देकर शिक्षकों के संशय का निवारण किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री देवेन्द्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में जनपदीय मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह , संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, जनपदीय उपाध्यक्ष रामबहादुर मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, अंजनी शर्मा, अंजनी नंदन पाण्डेय, अखिलेश सिंह, राजबबख्श मौर्य, डॉ. रितेश सिंह, अब्दुल मजीद, नरेंद्र पाण्डेय, हेमंत यादव, धीरेन्द्र राव, विमलेश सरोज, राजकुमार चौधरी, सुमित यादव, भीमसेन सिंह, आशीष मिश्रा, उमेश सरोज, शिवम राने, रविन्द्र, अनिल यादव, राम मगन वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर 5 मे भीषण आग लगी.पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर नम्बर 5 में नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लग गई।शिविर में आग भड़कने के बाद हड़कंप मच गया।कल्पवास कर रहे लोग भागते दौड़ते दिखे।पुलिस और सन्तो ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरु किए।आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है 5 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार डाल रही है आग की लापटो पर काबू पा लिया गया है मगर रुक-रुक कर आग भड़क रही है।आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट वजह बताया जा रहा है। नारायण धाम शिविर में आग फैल गई।यहां करीब 15 टेन्ट लगे हुए थे।इनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी थे।आग भड़काने के बाद शिविर के अन्दर धुआं भरने लगा। इसके बाद अचानक हल्ला मचा और लोग बाहर की तरफ भागने लगे। यहां तैनात पुलिस वालो ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल पहुंच गई।नारायण धाम का मुख्य शिविर पुरी तरफ से जलकर राख हो गया।

कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
Mirzapur: कड़ी मशक्कत के बाद बहते पानी में चार किलोमीटर दूर मिली महिला की लाश
मड़िहान, मीरजापुर। क्षेत्र के मुख्य घाघर नहर के ठंडे पानी में शव फेंकने की जानकारी होते ही पुलिस टीम खोज के लिए दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करती रही। चार किलोमीटर दूर बहते पानी में एक महिला का शव मिलने की खबर जैसे ही मिली लोग दौड़ पड़े। कोई नहर के किनारे दौड़ता रहा, तो कोई वाहन से। आखिरकार चार किलोमीटर दूर बहते पानी में महिला का शव दिखते ही वहां मौजूद लोग खामोश हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह हादसा सिर्फ एक महिला की मौत नहीं, बल्कि एक परिवार की खुशियों का डूब जाना है।
डीआईजी को मातृ शोक, पुलिस प्रशासन में शोक की लहर

मीरजापुर। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस सोमेन वर्मा की माता जी का निधन हो गया। जिनके निधन का समाचार मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनके आवास पर पहुंचे सभी मातहत सहित जिले के आलाधिकारियों ने भी पहुंच कर शोक संवेदना प्रकट की है।

पुलिस उप महानिरीक्षक की माता के पार्थिव शरीर को उनके आवास से अंतिम संस्कार के लिए विंध्याचल गंगा नदी के रामगया घाट शिवपुर घाट ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित मातहत पुलिस जन सहित तमाम लोग मौजूद रहे हैं।
कन्नौज में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस, तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन
   पंकज कुमार श्रीवास्तव
      
कन्नौज जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 23 जनवरी 2026 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।जिसको लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। इस दौरान आयोजित किए जाने वाले ब्लैक आउट मॉक ड्रिल के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों, विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय तथा नागरिक सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
  
बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि दिनांक 23 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन कन्नौज में अपरान्ह 4 बजे से 5 बजे तक मॉक ड्रिल, 5 बजे से 6 बजे तक द्वितीय चरण तथा चिन्हित स्थल पर सायं 6 बजे ब्लैक आउट का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने निर्देशित किया कि यह अभ्यास पूरी गंभीरता, अनुशासन एवं वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप किया जाए, जिससे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पुलिस विभाग को शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, संचार उपकरणों के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के निर्देश दिए गए।स्वास्थ्य विभाग को मॉक ड्रिल से पूर्व नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देने, एम्बुलेंस, चिकित्सक, नर्स, दवाइयों एवं स्ट्रेचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सा शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को पशुओं के उपचार, पशु एम्बुलेंस, टीकाकरण, चारा-पानी एवं आश्रय स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
     
उन्होंने नगर पालिका एवं पंचायती राज विभाग को पेयजल आपूर्ति, मोबाइल शौचालय, स्वच्छता एवं ब्लीचिंग पाउडर की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को निर्धारित समय पर सायरन के साथ विद्युत आपूर्ति बाधित कर ब्लैक आउट सुनिश्चित करने तथा अभ्यास समाप्ति के उपरांत तत्काल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन विभाग को आग पर नियंत्रण के प्रदर्शन, फायर एक्सटिंग्विशर प्रशिक्षण एवं बचाव कार्यों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया। परिवहन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने हेतु वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, पीआरडी एवं नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवकों को आपदा मित्र सुरक्षा किट के साथ सहभागिता करने तथा जनमानस को ब्लैक आउट के दौरान क्या करें–क्या न करें की जानकारी देकर जागरूक करने को कहा गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी  देवेन्द्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार सहित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
जब तक सांस है, शिक्षक हितों के लिए लड़ता रहूंगा : डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा
सुलतानपुर, आज 13 जनवरी को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के जनपद सुलतानपुर आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री तथा संयुक्त कार्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक हितों के लिए संघ संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाने को तैयार है और जब तक सांस है, शिक्षक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान शिक्षक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई तथा 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने के लिए रणनीति पर विचार किया गया। सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर नेतृत्व ने सकारात्मक एवं स्पष्ट उत्तर दिए। प्रांतीय मंत्री संजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघ योजनाबद्ध तरीके से गंभीर प्रयास कर रहा है। वहीं टेट-नॉन टेट प्रकरण में न्यायालय में संघ की पैरवी, सरकार के वर्तमान रुख, सहयोग एवं अब तक हुई प्रगति की जानकारी देकर शिक्षकों के संशय का निवारण किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री देवेन्द्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में जनपदीय मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह , संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, जनपदीय उपाध्यक्ष रामबहादुर मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, अंजनी शर्मा, अंजनी नंदन पाण्डेय, अखिलेश सिंह, राजबबख्श मौर्य, डॉ. रितेश सिंह, अब्दुल मजीद, नरेंद्र पाण्डेय, हेमंत यादव, धीरेन्द्र राव, विमलेश सरोज, राजकुमार चौधरी, सुमित यादव, भीमसेन सिंह, आशीष मिश्रा, उमेश सरोज, शिवम राने, रविन्द्र, अनिल यादव, राम मगन वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर 5 मे भीषण आग लगी.पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर नम्बर 5 में नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लग गई।शिविर में आग भड़कने के बाद हड़कंप मच गया।कल्पवास कर रहे लोग भागते दौड़ते दिखे।पुलिस और सन्तो ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरु किए।आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है 5 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार डाल रही है आग की लापटो पर काबू पा लिया गया है मगर रुक-रुक कर आग भड़क रही है।आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट वजह बताया जा रहा है। नारायण धाम शिविर में आग फैल गई।यहां करीब 15 टेन्ट लगे हुए थे।इनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी थे।आग भड़काने के बाद शिविर के अन्दर धुआं भरने लगा। इसके बाद अचानक हल्ला मचा और लोग बाहर की तरफ भागने लगे। यहां तैनात पुलिस वालो ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल पहुंच गई।नारायण धाम का मुख्य शिविर पुरी तरफ से जलकर राख हो गया।

कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
Mirzapur: कड़ी मशक्कत के बाद बहते पानी में चार किलोमीटर दूर मिली महिला की लाश
मड़िहान, मीरजापुर। क्षेत्र के मुख्य घाघर नहर के ठंडे पानी में शव फेंकने की जानकारी होते ही पुलिस टीम खोज के लिए दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करती रही। चार किलोमीटर दूर बहते पानी में एक महिला का शव मिलने की खबर जैसे ही मिली लोग दौड़ पड़े। कोई नहर के किनारे दौड़ता रहा, तो कोई वाहन से। आखिरकार चार किलोमीटर दूर बहते पानी में महिला का शव दिखते ही वहां मौजूद लोग खामोश हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह हादसा सिर्फ एक महिला की मौत नहीं, बल्कि एक परिवार की खुशियों का डूब जाना है।
डीआईजी को मातृ शोक, पुलिस प्रशासन में शोक की लहर

मीरजापुर। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस सोमेन वर्मा की माता जी का निधन हो गया। जिनके निधन का समाचार मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनके आवास पर पहुंचे सभी मातहत सहित जिले के आलाधिकारियों ने भी पहुंच कर शोक संवेदना प्रकट की है।

पुलिस उप महानिरीक्षक की माता के पार्थिव शरीर को उनके आवास से अंतिम संस्कार के लिए विंध्याचल गंगा नदी के रामगया घाट शिवपुर घाट ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित मातहत पुलिस जन सहित तमाम लोग मौजूद रहे हैं।
कन्नौज में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस, तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन
   पंकज कुमार श्रीवास्तव
      
कन्नौज जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 23 जनवरी 2026 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।जिसको लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। इस दौरान आयोजित किए जाने वाले ब्लैक आउट मॉक ड्रिल के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों, विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय तथा नागरिक सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
  
बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि दिनांक 23 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन कन्नौज में अपरान्ह 4 बजे से 5 बजे तक मॉक ड्रिल, 5 बजे से 6 बजे तक द्वितीय चरण तथा चिन्हित स्थल पर सायं 6 बजे ब्लैक आउट का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने निर्देशित किया कि यह अभ्यास पूरी गंभीरता, अनुशासन एवं वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप किया जाए, जिससे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पुलिस विभाग को शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, संचार उपकरणों के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के निर्देश दिए गए।स्वास्थ्य विभाग को मॉक ड्रिल से पूर्व नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देने, एम्बुलेंस, चिकित्सक, नर्स, दवाइयों एवं स्ट्रेचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सा शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को पशुओं के उपचार, पशु एम्बुलेंस, टीकाकरण, चारा-पानी एवं आश्रय स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
     
उन्होंने नगर पालिका एवं पंचायती राज विभाग को पेयजल आपूर्ति, मोबाइल शौचालय, स्वच्छता एवं ब्लीचिंग पाउडर की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को निर्धारित समय पर सायरन के साथ विद्युत आपूर्ति बाधित कर ब्लैक आउट सुनिश्चित करने तथा अभ्यास समाप्ति के उपरांत तत्काल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन विभाग को आग पर नियंत्रण के प्रदर्शन, फायर एक्सटिंग्विशर प्रशिक्षण एवं बचाव कार्यों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया। परिवहन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने हेतु वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, पीआरडी एवं नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवकों को आपदा मित्र सुरक्षा किट के साथ सहभागिता करने तथा जनमानस को ब्लैक आउट के दौरान क्या करें–क्या न करें की जानकारी देकर जागरूक करने को कहा गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी  देवेन्द्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार सहित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।