ईरान - इस्त्राइल जंग 24 घंटे बजता है सायरन ,बंकर बना सुरक्षित ठिकाना

*ईरान - इस्त्राइल जंग ने बढ़ाई टेंशन,दो साल पहले इस्त्राइल ग‌ए थे श्रमिक*




रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में जिले के 14 मजदूर इस्राइल में फंस गए हैं। ये मजदूर जिले के अलग-अलग क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी तेल अवीव के पास रमाला शहर में काम कर रहे थे। युद्ध के बाद से उनके परिवार में चिंता है, हालांकि मजदूरों ने वीडियो कॉल से सुरक्षित होने की जानकारी दी है। ज्ञानपुर बैराखास के रहने वाले सुनील विश्वकर्मा बताते हैं। उनके भाई अनिल विश्वकर्मा दो साल पहले इस्राइल गए हैं। वह कारपेंटर (शटरिंग) का काम करने वहां गए हैं। वह येरूसलम के पास के एक शहर में रहते हैं। वह बताते हैं कि खतरा जिस क्षेत्र में बढ़ता है, वहां सायरन बजता है। फोन पर भी सरकार का अलर्ट जारी होता है। पहले की तुलना में इस बार हमले अधिक हो रहे हैं। ईरानी मिसाइलों को आसमान में ही गिरा दिया जा रहा है। अलर्ट पर बंकरों में लोग छिपते हैं। बैराखास के ही रहने वाले भाईलाल विश्वकर्मा और उनका परिवार भी बेहद चिंतित है। उनके भाई रामसूरत इस्राइल करीब डेढ़ साल पहले गए थे। वह तेल अवीव में रह रहे हैं। रामसूरत ने वीडियो कॉलिंग में बताया कि अभी यहां पर छुट्टी चल रही है। उनके सामने ही मिसाइलों को गिराया जा रहा है। इस्राइल की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत है। उन्होंने कहा कि वे अपनी आंखों से इन घटनाओं को देख रहे हैं। इससे खतरे की कोई बात नहीं है। भुसौला गांव के रहने वाले अंजीत बिंद 15 मई 2024 को इस्राइल गए हैं। वह राज मिस्त्री का काम करते हैं। वह इस्राइल के सलाम शहर में है। परिवार से उनकी लगातार बातचीत होती है। उन्होंने वीडियो कॉल पर बताया कि इस्राइल पर दागी जाने वाली मिसाइलें और बम अक्सर आसमान में ही निष्क्रिय कर दिए जाते हैं।



युद्ध की खबर से घर वाले हैं परेशान
इजराइल गए रामसूरत विश्वकर्मा की भाभी संगीता देवी ने बताया कि देवर से प्रतिदिन वीडियो काल से बात हो रही है। उसने बताया कि यहां कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध के नाम से ही मन में भय बना रहता है। पूर्व में भी युद्ध हुए थे, लेकिन इस बार कई देशों से एक साथ हो रहा है।


ये श्रमिक गए हैं इस्राइल
ज्ञानपुर के भुसौला के अंजीत बिंद
भदोही के जलालपुर के राजू
पिलखनी के मोहन और प्रेमसागर
बरैला के अरूण कुमार
बैराखास के अनिल विश्वकर्मा व रामसूरत विश्वकर्मा
औराई के चंद्रपुरा के अजय प्रकाश
संवरपुर के जयसिंह चौहान
लालीपुर के शिव प्रसाद
मधईपुर के महादेव
बलीपुर के भानु प्रताप
गैस एजेंसी पर पहुंचे सैकड़ों ग्राहक
*सिलेंडर की किल्लत की अफवाह पर पहुंचे थे लोग, जिलापूर्ति अधिकारी ने समझाकर लोगों को लौटाया*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ईरान और इजरायल युद्ध के बीच जंग जारी है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा अफवाहों को बढ़ाया दिया जा रहा है। इसके कारण ज्ञानपुर नगर के एक गैस एजेंसी पर बुधवार को ग्राहकों का रेला उमड़ पड़ा। हालांकि अफसरों को समझाने पर वे माने और वापस गए। जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि कालीन नगरी में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। सरकार एवं कंपनियों ने बुकिंग का समय बढ़ा कर 15 से 25 दिन कर दिया है। ऐसे में कुछ लोग सोशल प्लेटफार्मों पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कहा कि जनपद में कुल 40 गैस एजेंसियां संचालित हैं।हर एजेंसी पर पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस उपलब्ध है। कहा कि किसी प्रकार की दिक्कतें हों तो संबंधित से संपर्क कर सकते हैं। लोगों से धैय बनाए रखने का आह्वान किया।बता दें कि ज्ञानपुर नगर के उक्त एजेंसी पर बुधवार को अचानक बड़ी तादात में लोग गैस लेने को पहुंच गए। देखते ही देखते वहां पर काफी तादात में लोग एकत्रित हो गए थे। मामले की जानकारी पर संबंधित विभाग के अफसरों ने लोगों को पहुंच कर समझाया उसके बाद वे माने। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल उज्ज्वला योजना 207688 लाभार्थी हैं। उधर, ज्ञानपुर के अलावा भदोही, औराई, सुरियावां, जंगीगंज, गोपीगंज समेत पूरे जनपद में इस तरह की बात सामने नहीं आई। लोग एजेंसियों से पहले की तरह बुकिंग करके रसोई गैस ले रहे हैं। हालांकि इन दिनों गैस बुक कराने वालों की तादात ज्यादा देखी जा रही है।
परिषद विद्यालयों में 16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा
*1.47 लाख बच्चे देंगे परीक्षा,31 को आएगा परिणाम*

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों में 16 से 20 मार्च तक परीक्षा होगी। पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। जबकि 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। बता दें कि जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं समाप्ति की ओर हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी।परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो एवं तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार तथा पांच में क्रमश: 70 एवं 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे।बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी मिली है। बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
फार्म-6 भरवाए -मतदाता बनाए,श्मशान स्थल पर जन जागरूकता करते सरदार पतविंदर सिंह।

पवित्र आत्मा की शांति के लिए फार्म-6भरवाए
-मतदाता बनाए सूची में रिश्तेदार,नातेदार,आस-
पड़ोस सब का फार्म-6भरवा कर पवित्र आत्मा की शांति में महत्वपूर्ण योगदान दे।


   विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सरदार पतविंदर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ  पिछले कई दिनों से दारागंज/ रसूलाबाद/अरैल श्मशान स्थल पर विशेष प्रगाढ़
पुनरीक्षण(एसआईआर) जागरूकता अभियान चलाते हुए श्मशान स्थल घाट में उपस्थित अपनों का अंतिम संस्कार करने आए हुए लोगों के मध्य युवाओं की चरण धूल के रूप में "जूते" दोनों हाथ में सोजोकर घाट में भ्रमण करते हुए उपस्थित लोगों से कहा कि मृतक आत्मा की शांति के लिए फार्म-6 भरवाए-मतदाता बनाए। लोकतंत्र को मजबूत करें का संदेश देते रहेl
हाथों में जूते (चरण-पादुका) लेकर चलते हुए सरदार पतविंदर सिंह के हाथों में जूते देखकर कई लोग सामाजिक कार्यकर्ता को पागल समझ रहे थे लेकिन हाथों में पोस्टर देख और उसमें सूक्ति वाक्य पढ़कर लोगों को समझने में देर नहीं लगी कि यह पागल नहीं है लोगों को अपनी ओर आकर्षित करके आम जनमानस को फार्म-6भरवाए
-मतदाता बनाए के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैंl

पिछले कई दिनों से विभिन्न श्मशान स्थल में उपस्थित होकर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि मृतक हुए अपनें-अपनों का अंतिम संस्कार करने आए लोगों के मध्य फार्म-6भरवाए-मतदाता बनाए मतदान के प्रति जागृत करने की  मुहिम चला रहे हैंl

सरदार पतविंदर सिंह ने उपस्थित लोगों से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़
पुनरीक्षण(एसआईआर)का कार्य चल रहा है उन्होंने (मृतक) ने भी लोकतंत्र की मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा होगा किन्तु इसी दौरान अंतिम सांस ली है इनकी भी इच्छा रही रही होगी कि लोकतंत्र का पर्व जब आएगा तो मै भी मतदान करूगा किंतु भगवान की इच्छा के आगे किसी की इच्छा नहीं चलती है पवित्र आत्मा की शांति के लिए आप यज्ञ-हवन,पूजा- पाठ,भंडारा करेगे तो आप लोगों का कर्तव्य बनता है कि एक पुनीत कार्य और करें इस समय फार्म-6भरवाए-मतदाता बनाए सूची में रिश्तेदार,नातेदार, आस-पड़ोस सब का फार्म-6भरवा कर पवित्र आत्मा की शांति में महत्वपूर्ण योगदान दे।राजेश थापा,हरमनजी सिंह,दलजीत कौर, श्मशान स्थल घाट में जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रयागराज के ऐतिहासिक आजाद पार्क के सभी प्रवेश द्वार पर मिलेगा संग्रहालय का टिकट, पर्यटकों की सुविधा मिलेगी

  विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज ।ऐतिहासिक अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में इलाहाबाद संग्रहालय के प्रचार-प्रसार के लिए एक नई व्यवस्था शीघ्र ही लागू होगी। संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर ही अब तक टिकट काउंटर है। अब आजाद पार्क के सभी प्रवेश द्वार पर संग्रहालय का टिकट लोगों और पर्यटकों को मिल सकेगा। इसकी जानकारी आम जन तक हो, इसके प्रचार-प्रसार के लिए फ्लेक्स आदि लगाए जाएंगे।

मंडलायुक्त ने संग्रहालय का किया निरीक्षण
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में  हुई बैठक में संग्रहालय का टिकट आजाद पार्क के सभी प्रवेश द्वार पर उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त  संग्रहालय पहुंचीं थीं। बैठक करके कई योजनाओं पर उन्होंने चर्चा किया।

संग्रहालय के प्रचार-प्रसार पर जोर
कहा गया कि संग्रहालय का प्रचार-प्रसार बढ़ाना है। इसके लिए आजाद पार्क के सभी द्वार पर टिकट बिक्री और संग्रहालय के नाम का अलग से काउंटर बनाए जाने पर विचार-विमर्श हुआ। मंडलायुक्त ने इसे सहमति दे दी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जो लोग शहर के रहने वाले नहीं हैं और आजाद पार्क में जाते हैं उन्हें संग्रहालय के बारे में पता ही नहीं होता।

इंटर तक के विद्यार्थियों काे निश्शुल्क प्रवेश
बताया गया है कि काफी लोगों को इसका पता नहीं है कि संग्रहालय में इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए प्रवेश निश्शुल्क है। वहीं महाविद्यालय से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 20 रुपये और वयस्कों के लिए टिकट 50 रुपये निर्धारित है।

ये भी लिए गए निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 मार्च से बच्चों के लिए कैरीकेचर (कार्टून ) निर्माण कार्यशाला और पुरातात्विक सर्वेक्षण, उत्खनन व वीथिका भ्रमण के माध्यम से इतिहास निर्माण की कार्यशाला होगी। संग्रहालय के विस्तृत प्रचार-प्रसार व आस-पास सांस्कृतिक वातावरण के लिए वाल पेंटिंग की जाएी। संग्रहों की प्रतिकृति भी लगाई जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त साईं तेजा और उद्यान अधीक्षक जगदीश प्रसाद भी उपस्थित रहे।
प्रयागराज में घर के बाहर से संदिग्ध हाल में बालिका लापता, पुलिस कर रही तलाश पर 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं


   विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के बारा थाना क्षेत्र के गन्ने पहाड़ से सोमवार सुबह संदिग्ध दशा में दो वर्षीय बालिका गायब हो गई। घरवालों ने हर संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन की। जब पता नहीं चला तो मंगलवार को पुलिस को जानकारी दी। पुलिस की दो टीमें बालिका की तलाश कर रही हैं। तालाब में भी गोताखोरों को लगाकर ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी होने पर एसीपी और इंस्पेक्टर शंकरगढ़ भी जांच-पड़ताल को पहुंचे।

घरवालों ने काफी ढूंढा पर मिली नहीं
गन्ने पहाड़ पर रहने वाले रवि लाल मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दो वर्ष की पुत्री सोमवार सुबह घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच वह अचानक गायब हो गई। कुछ देर बाद जब परिवार वालों को वह नहीं दिखी तो इधर-उधर ढूंढने लगे। आसपास रहने वालों के यहां उसे तलाशा, लेकिन कुछ पता नहीं चला।

घरवालों ने किसी पर नहीं जताया शक
मंगलवार दोपहर बारा पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस की दो टीमें बालिका की तलाश में लग गई हैं। बारा थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है। बालिका को तलाशा जा रहा है। घरवालों ने किसी पर कोई संदेह नहीं जताया है।
विश्व हिंदू परिषद की प्रखंड उपाध्यक्ष बनी अंजू सिंह
प्रतापगढ़। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड आसपुर देवसरा की बैठक में सोमवार को संगठन का विस्तार करते हुए नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई प्रांत से समरसता  प्रमुख रविकांत पांडे एवं विभाग मंत्री रविसेन सिंह की उपस्थिति में प्रखंड अध्यक्ष विजय ने नए नाम की घोषणा की विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू सिंह श्रीकांत पांडे संजय सरोज को बनाया गया,सहमंत्री सुरेश चौरसिया और नरसिंह बहादुर सिंह को बनाया गया और प्रमुख पद पर सामाजिक समरसता प्रमुख लाल जी कपीश  तिवारी गोरखा,पवन पाठक प्रचार प्रसार, दिनेश सिंह धर्म प्रसार और शालिग्राम सिंह बनाए गए पुजारी अर्चक के पद पर दूधनाथ दास को सत्संग प्रमुख, विकास मित्र को विशेष संपर्क और रामचंद्र गौतम को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया बैठक का संचालन प्रखंड मंत्री ज्ञानेश जी ने किया यहां पर जिला संगठन मंत्री विवेक जी भी मौजूद रहे ।
हिजाब पहनकर चचेरी बहन के स्थान पर परीक्षा देती पकड़ी गई छात्रा संदेह होने पर कक्ष निरीक्षक ने किया जांच,मुकदमा दर्ज
गोंडा।जिले में यूपी बोर्ड हाईस्कूल के चित्रकला की परीक्षा के दौरान एक चचेरी बहन को बड़ी बहन के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया है।यह मामला परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवदत्त नगर स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल में हुई है।जहाँ कक्ष निरीक्षक ने हिजाब पहनकर फातिमा की जगह परीक्षा दे रही अनसिया नामक छात्रा को पकड़ा,संदेह होने पर जब कक्ष निरीक्षक ने परीक्षा दे रही छात्रा का हिजाब हटवाया तो मामला सामने आया।जिसके बाद अनसिया को परसपुर थाने ले जाया गया।विद्यालय की प्रधानाचार्य शशि सिंह की तहरीर पर अनसिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।बताया जाता है कि अनसिया अपनी बड़ी बहन की खराब तबियत के कारण उसके स्थान पर परीक्षा देने आई थी और उसको इस बात की जानकारी नहीं थी कि दूसरे की जगह परीक्षा देना एक अपराध है।जिला प्रशासन व विद्यालय ने अनसिया की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए उसकी कोई भी फोटो मीडिया में जारी नहीं किया है।मामले की पुष्टि करते हुए परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि अनसिया को फातिमा के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया था, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हाईस्कूल परीक्षा के अंतिम दिन यह मामला सामने आया है और कार्रवाई की गई है,साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चचेरी बहन ही परीक्षा दे रही थी न कि कोई अन्यत्र व्यक्ति।
मोहनलालगंज में खौफनाक वारदात: दुष्कर्म के बाद मां की हत्या, विरोध करने पर दिव्यांग बेटे की भी जान ली
लखनऊ । राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर में घुसकर एक व्यक्ति ने दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। जब महिला का दृष्टिबाधित बेटा मां को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपी ने उसे भी बेरहमी से मार डाला।

फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है, जिसका कुछ दिन पहले महिला से विवाद हुआ था और वह रंजिश रखे हुए था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो आरोपी भागते हुए दिखाई दिया। फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए।

कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही

एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है, साथ ही दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और महिला के कपड़े सुरक्षित रखे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि महिला का दिव्यांग बेटा अपनी मां की चीख सुनकर आरोपी से भिड़ गया था। दोनों के बीच संघर्ष हुआ, लेकिन आरोपी ने युवक का गला दबाने के बाद उसे पानी से भरे टब में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार महिला सोमवार शाम करीब 6:58 बजे तक अपनी दुकान पर थी। रात करीब सात बजे वह घर से निकली और रास्ते में किराने की दुकान से सामान खरीदने के बाद मोमोज और दूध लेकर घर लौट रही थी। लगभग 7:25 बजे वह घर पहुंची, जबकि 7:31 बजे आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया।घटना के बाद महिला की बहन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने उनकी बहन के साथ अभद्रता भी की थी।

महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले

पोस्टमार्टम में महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि वारदात के दौरान उसने काफी संघर्ष किया था।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। आरोपी का मोबाइल भी बंद है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।मंगलवार को आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव प्रियंका श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं और घटना को लेकर महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए।
31 वर्षीय मरीज को सुप्रीम कोर्ट से निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति, 13 साल से कोमा में है युवक

#supremecourtallowspassiveeuthanasia31yearoldman

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सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को अपने एक फैसले के तहत 31 साल के आदमी को पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दे दी, जो करीब 13 साल से कोमा में है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 साल के हरीण राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु यानी पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दी है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा की जीवनरक्षक प्रणाली यानी आर्टिफिशियल लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति दी। यह व्यक्ति 13 वर्ष पहले एक इमारत से गिरने के बाद से स्थायी और अपरिवर्तनीय विजिटेटिव अवस्था में था। अदालत ने यह आदेश उसके पिता द्वारा दायर एक मिसलेनियस आवेदन पर दिया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे से सभी जीवनरक्षक उपचार हटाने की अनुमति मांगी थी।

‘ईश्वर नहीं पूछता कि कौन जीना चाहता है’

इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका पर जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा, “ईश्वर किसी मनुष्य से यह नहीं पूछता कि वह जीवन को स्वीकार करता है या नहीं, जीवन उसे लेना ही पड़ता है, ये Henry David Thoreau के शब्द हैं, जिनका विशेष महत्व तब उभरकर सामने आता है जब अदालतों के समक्ष यह सवाल आता है कि क्या किसी व्यक्ति को मरने का विकल्प चुनने का अधिकार है। इसी संदर्भ में विलियम शेक्सपीयर का प्रसिद्ध कथन ‘To be, or not to be ‘ यानी ‘जीना या न जीना’ भी इस दार्शनिक और विधिक विमर्श को गहराई प्रदान करता है।”

पिछले 13 वर्षों में स्थिति में कोई सुधार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “हरीश राणा, जो वर्तमान में 32 वर्ष के हैं, कभी एक उज्ज्वल और प्रतिभाशाली युवा थे। वे अपने पेइंग गेस्ट आवास की चौथी मंजिल से गिरने के बाद एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में उनके मस्तिष्क को गंभीर चोट लगी, जिससे वे स्थायी विजिटेटिव अवस्था (PVS) और 100% क्वाड्रिप्लेजिया (चारों अंगों का लकवा) की स्थिति में चले गए… पिछले 13 वर्षों में उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।”

‘मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा “वह केवल क्लिनिकली एडमिनिस्टरड न्यूट्रिशन (CAN) के सहारे जीवित थे, जो सर्जरी द्वारा लगाए गए PEG ट्यूब के माध्यम से दिया जा रहा था। अदालत ने कहा कि CAN भी एक चिकित्सीय उपचार है और इसे प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड के सर्वोत्तम निर्णय के आधार पर बंद किया जा सकता है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि “उपचार जारी रखने से केवल उनकी जैविक जीवन प्रक्रिया ही बढ़ रही थी, लेकिन किसी भी प्रकार का चिकित्सीय सुधार नहीं हो रहा था। अदालत ने पाया कि कि मरीज के माता-पिता, प्राथमिक मेडिकल बोर्ड और दूसरी मेडिकल बोर्ड सभी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह मरीज के सर्वोत्तम हित में नहीं है।”

ईरान - इस्त्राइल जंग 24 घंटे बजता है सायरन ,बंकर बना सुरक्षित ठिकाना

*ईरान - इस्त्राइल जंग ने बढ़ाई टेंशन,दो साल पहले इस्त्राइल ग‌ए थे श्रमिक*




रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में जिले के 14 मजदूर इस्राइल में फंस गए हैं। ये मजदूर जिले के अलग-अलग क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी तेल अवीव के पास रमाला शहर में काम कर रहे थे। युद्ध के बाद से उनके परिवार में चिंता है, हालांकि मजदूरों ने वीडियो कॉल से सुरक्षित होने की जानकारी दी है। ज्ञानपुर बैराखास के रहने वाले सुनील विश्वकर्मा बताते हैं। उनके भाई अनिल विश्वकर्मा दो साल पहले इस्राइल गए हैं। वह कारपेंटर (शटरिंग) का काम करने वहां गए हैं। वह येरूसलम के पास के एक शहर में रहते हैं। वह बताते हैं कि खतरा जिस क्षेत्र में बढ़ता है, वहां सायरन बजता है। फोन पर भी सरकार का अलर्ट जारी होता है। पहले की तुलना में इस बार हमले अधिक हो रहे हैं। ईरानी मिसाइलों को आसमान में ही गिरा दिया जा रहा है। अलर्ट पर बंकरों में लोग छिपते हैं। बैराखास के ही रहने वाले भाईलाल विश्वकर्मा और उनका परिवार भी बेहद चिंतित है। उनके भाई रामसूरत इस्राइल करीब डेढ़ साल पहले गए थे। वह तेल अवीव में रह रहे हैं। रामसूरत ने वीडियो कॉलिंग में बताया कि अभी यहां पर छुट्टी चल रही है। उनके सामने ही मिसाइलों को गिराया जा रहा है। इस्राइल की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत है। उन्होंने कहा कि वे अपनी आंखों से इन घटनाओं को देख रहे हैं। इससे खतरे की कोई बात नहीं है। भुसौला गांव के रहने वाले अंजीत बिंद 15 मई 2024 को इस्राइल गए हैं। वह राज मिस्त्री का काम करते हैं। वह इस्राइल के सलाम शहर में है। परिवार से उनकी लगातार बातचीत होती है। उन्होंने वीडियो कॉल पर बताया कि इस्राइल पर दागी जाने वाली मिसाइलें और बम अक्सर आसमान में ही निष्क्रिय कर दिए जाते हैं।



युद्ध की खबर से घर वाले हैं परेशान
इजराइल गए रामसूरत विश्वकर्मा की भाभी संगीता देवी ने बताया कि देवर से प्रतिदिन वीडियो काल से बात हो रही है। उसने बताया कि यहां कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध के नाम से ही मन में भय बना रहता है। पूर्व में भी युद्ध हुए थे, लेकिन इस बार कई देशों से एक साथ हो रहा है।


ये श्रमिक गए हैं इस्राइल
ज्ञानपुर के भुसौला के अंजीत बिंद
भदोही के जलालपुर के राजू
पिलखनी के मोहन और प्रेमसागर
बरैला के अरूण कुमार
बैराखास के अनिल विश्वकर्मा व रामसूरत विश्वकर्मा
औराई के चंद्रपुरा के अजय प्रकाश
संवरपुर के जयसिंह चौहान
लालीपुर के शिव प्रसाद
मधईपुर के महादेव
बलीपुर के भानु प्रताप
गैस एजेंसी पर पहुंचे सैकड़ों ग्राहक
*सिलेंडर की किल्लत की अफवाह पर पहुंचे थे लोग, जिलापूर्ति अधिकारी ने समझाकर लोगों को लौटाया*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ईरान और इजरायल युद्ध के बीच जंग जारी है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा अफवाहों को बढ़ाया दिया जा रहा है। इसके कारण ज्ञानपुर नगर के एक गैस एजेंसी पर बुधवार को ग्राहकों का रेला उमड़ पड़ा। हालांकि अफसरों को समझाने पर वे माने और वापस गए। जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि कालीन नगरी में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। सरकार एवं कंपनियों ने बुकिंग का समय बढ़ा कर 15 से 25 दिन कर दिया है। ऐसे में कुछ लोग सोशल प्लेटफार्मों पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कहा कि जनपद में कुल 40 गैस एजेंसियां संचालित हैं।हर एजेंसी पर पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस उपलब्ध है। कहा कि किसी प्रकार की दिक्कतें हों तो संबंधित से संपर्क कर सकते हैं। लोगों से धैय बनाए रखने का आह्वान किया।बता दें कि ज्ञानपुर नगर के उक्त एजेंसी पर बुधवार को अचानक बड़ी तादात में लोग गैस लेने को पहुंच गए। देखते ही देखते वहां पर काफी तादात में लोग एकत्रित हो गए थे। मामले की जानकारी पर संबंधित विभाग के अफसरों ने लोगों को पहुंच कर समझाया उसके बाद वे माने। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल उज्ज्वला योजना 207688 लाभार्थी हैं। उधर, ज्ञानपुर के अलावा भदोही, औराई, सुरियावां, जंगीगंज, गोपीगंज समेत पूरे जनपद में इस तरह की बात सामने नहीं आई। लोग एजेंसियों से पहले की तरह बुकिंग करके रसोई गैस ले रहे हैं। हालांकि इन दिनों गैस बुक कराने वालों की तादात ज्यादा देखी जा रही है।
परिषद विद्यालयों में 16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा
*1.47 लाख बच्चे देंगे परीक्षा,31 को आएगा परिणाम*

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों में 16 से 20 मार्च तक परीक्षा होगी। पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। जबकि 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। बता दें कि जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं समाप्ति की ओर हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी।परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो एवं तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार तथा पांच में क्रमश: 70 एवं 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे।बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी मिली है। बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
फार्म-6 भरवाए -मतदाता बनाए,श्मशान स्थल पर जन जागरूकता करते सरदार पतविंदर सिंह।

पवित्र आत्मा की शांति के लिए फार्म-6भरवाए
-मतदाता बनाए सूची में रिश्तेदार,नातेदार,आस-
पड़ोस सब का फार्म-6भरवा कर पवित्र आत्मा की शांति में महत्वपूर्ण योगदान दे।


   विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सरदार पतविंदर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ  पिछले कई दिनों से दारागंज/ रसूलाबाद/अरैल श्मशान स्थल पर विशेष प्रगाढ़
पुनरीक्षण(एसआईआर) जागरूकता अभियान चलाते हुए श्मशान स्थल घाट में उपस्थित अपनों का अंतिम संस्कार करने आए हुए लोगों के मध्य युवाओं की चरण धूल के रूप में "जूते" दोनों हाथ में सोजोकर घाट में भ्रमण करते हुए उपस्थित लोगों से कहा कि मृतक आत्मा की शांति के लिए फार्म-6 भरवाए-मतदाता बनाए। लोकतंत्र को मजबूत करें का संदेश देते रहेl
हाथों में जूते (चरण-पादुका) लेकर चलते हुए सरदार पतविंदर सिंह के हाथों में जूते देखकर कई लोग सामाजिक कार्यकर्ता को पागल समझ रहे थे लेकिन हाथों में पोस्टर देख और उसमें सूक्ति वाक्य पढ़कर लोगों को समझने में देर नहीं लगी कि यह पागल नहीं है लोगों को अपनी ओर आकर्षित करके आम जनमानस को फार्म-6भरवाए
-मतदाता बनाए के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैंl

पिछले कई दिनों से विभिन्न श्मशान स्थल में उपस्थित होकर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि मृतक हुए अपनें-अपनों का अंतिम संस्कार करने आए लोगों के मध्य फार्म-6भरवाए-मतदाता बनाए मतदान के प्रति जागृत करने की  मुहिम चला रहे हैंl

सरदार पतविंदर सिंह ने उपस्थित लोगों से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़
पुनरीक्षण(एसआईआर)का कार्य चल रहा है उन्होंने (मृतक) ने भी लोकतंत्र की मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा होगा किन्तु इसी दौरान अंतिम सांस ली है इनकी भी इच्छा रही रही होगी कि लोकतंत्र का पर्व जब आएगा तो मै भी मतदान करूगा किंतु भगवान की इच्छा के आगे किसी की इच्छा नहीं चलती है पवित्र आत्मा की शांति के लिए आप यज्ञ-हवन,पूजा- पाठ,भंडारा करेगे तो आप लोगों का कर्तव्य बनता है कि एक पुनीत कार्य और करें इस समय फार्म-6भरवाए-मतदाता बनाए सूची में रिश्तेदार,नातेदार, आस-पड़ोस सब का फार्म-6भरवा कर पवित्र आत्मा की शांति में महत्वपूर्ण योगदान दे।राजेश थापा,हरमनजी सिंह,दलजीत कौर, श्मशान स्थल घाट में जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रयागराज के ऐतिहासिक आजाद पार्क के सभी प्रवेश द्वार पर मिलेगा संग्रहालय का टिकट, पर्यटकों की सुविधा मिलेगी

  विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज ।ऐतिहासिक अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में इलाहाबाद संग्रहालय के प्रचार-प्रसार के लिए एक नई व्यवस्था शीघ्र ही लागू होगी। संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर ही अब तक टिकट काउंटर है। अब आजाद पार्क के सभी प्रवेश द्वार पर संग्रहालय का टिकट लोगों और पर्यटकों को मिल सकेगा। इसकी जानकारी आम जन तक हो, इसके प्रचार-प्रसार के लिए फ्लेक्स आदि लगाए जाएंगे।

मंडलायुक्त ने संग्रहालय का किया निरीक्षण
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में  हुई बैठक में संग्रहालय का टिकट आजाद पार्क के सभी प्रवेश द्वार पर उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त  संग्रहालय पहुंचीं थीं। बैठक करके कई योजनाओं पर उन्होंने चर्चा किया।

संग्रहालय के प्रचार-प्रसार पर जोर
कहा गया कि संग्रहालय का प्रचार-प्रसार बढ़ाना है। इसके लिए आजाद पार्क के सभी द्वार पर टिकट बिक्री और संग्रहालय के नाम का अलग से काउंटर बनाए जाने पर विचार-विमर्श हुआ। मंडलायुक्त ने इसे सहमति दे दी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जो लोग शहर के रहने वाले नहीं हैं और आजाद पार्क में जाते हैं उन्हें संग्रहालय के बारे में पता ही नहीं होता।

इंटर तक के विद्यार्थियों काे निश्शुल्क प्रवेश
बताया गया है कि काफी लोगों को इसका पता नहीं है कि संग्रहालय में इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए प्रवेश निश्शुल्क है। वहीं महाविद्यालय से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 20 रुपये और वयस्कों के लिए टिकट 50 रुपये निर्धारित है।

ये भी लिए गए निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 मार्च से बच्चों के लिए कैरीकेचर (कार्टून ) निर्माण कार्यशाला और पुरातात्विक सर्वेक्षण, उत्खनन व वीथिका भ्रमण के माध्यम से इतिहास निर्माण की कार्यशाला होगी। संग्रहालय के विस्तृत प्रचार-प्रसार व आस-पास सांस्कृतिक वातावरण के लिए वाल पेंटिंग की जाएी। संग्रहों की प्रतिकृति भी लगाई जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त साईं तेजा और उद्यान अधीक्षक जगदीश प्रसाद भी उपस्थित रहे।
प्रयागराज में घर के बाहर से संदिग्ध हाल में बालिका लापता, पुलिस कर रही तलाश पर 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं


   विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के बारा थाना क्षेत्र के गन्ने पहाड़ से सोमवार सुबह संदिग्ध दशा में दो वर्षीय बालिका गायब हो गई। घरवालों ने हर संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन की। जब पता नहीं चला तो मंगलवार को पुलिस को जानकारी दी। पुलिस की दो टीमें बालिका की तलाश कर रही हैं। तालाब में भी गोताखोरों को लगाकर ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी होने पर एसीपी और इंस्पेक्टर शंकरगढ़ भी जांच-पड़ताल को पहुंचे।

घरवालों ने काफी ढूंढा पर मिली नहीं
गन्ने पहाड़ पर रहने वाले रवि लाल मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दो वर्ष की पुत्री सोमवार सुबह घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच वह अचानक गायब हो गई। कुछ देर बाद जब परिवार वालों को वह नहीं दिखी तो इधर-उधर ढूंढने लगे। आसपास रहने वालों के यहां उसे तलाशा, लेकिन कुछ पता नहीं चला।

घरवालों ने किसी पर नहीं जताया शक
मंगलवार दोपहर बारा पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस की दो टीमें बालिका की तलाश में लग गई हैं। बारा थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है। बालिका को तलाशा जा रहा है। घरवालों ने किसी पर कोई संदेह नहीं जताया है।
विश्व हिंदू परिषद की प्रखंड उपाध्यक्ष बनी अंजू सिंह
प्रतापगढ़। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड आसपुर देवसरा की बैठक में सोमवार को संगठन का विस्तार करते हुए नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई प्रांत से समरसता  प्रमुख रविकांत पांडे एवं विभाग मंत्री रविसेन सिंह की उपस्थिति में प्रखंड अध्यक्ष विजय ने नए नाम की घोषणा की विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू सिंह श्रीकांत पांडे संजय सरोज को बनाया गया,सहमंत्री सुरेश चौरसिया और नरसिंह बहादुर सिंह को बनाया गया और प्रमुख पद पर सामाजिक समरसता प्रमुख लाल जी कपीश  तिवारी गोरखा,पवन पाठक प्रचार प्रसार, दिनेश सिंह धर्म प्रसार और शालिग्राम सिंह बनाए गए पुजारी अर्चक के पद पर दूधनाथ दास को सत्संग प्रमुख, विकास मित्र को विशेष संपर्क और रामचंद्र गौतम को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया बैठक का संचालन प्रखंड मंत्री ज्ञानेश जी ने किया यहां पर जिला संगठन मंत्री विवेक जी भी मौजूद रहे ।
हिजाब पहनकर चचेरी बहन के स्थान पर परीक्षा देती पकड़ी गई छात्रा संदेह होने पर कक्ष निरीक्षक ने किया जांच,मुकदमा दर्ज
गोंडा।जिले में यूपी बोर्ड हाईस्कूल के चित्रकला की परीक्षा के दौरान एक चचेरी बहन को बड़ी बहन के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया है।यह मामला परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवदत्त नगर स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल में हुई है।जहाँ कक्ष निरीक्षक ने हिजाब पहनकर फातिमा की जगह परीक्षा दे रही अनसिया नामक छात्रा को पकड़ा,संदेह होने पर जब कक्ष निरीक्षक ने परीक्षा दे रही छात्रा का हिजाब हटवाया तो मामला सामने आया।जिसके बाद अनसिया को परसपुर थाने ले जाया गया।विद्यालय की प्रधानाचार्य शशि सिंह की तहरीर पर अनसिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।बताया जाता है कि अनसिया अपनी बड़ी बहन की खराब तबियत के कारण उसके स्थान पर परीक्षा देने आई थी और उसको इस बात की जानकारी नहीं थी कि दूसरे की जगह परीक्षा देना एक अपराध है।जिला प्रशासन व विद्यालय ने अनसिया की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए उसकी कोई भी फोटो मीडिया में जारी नहीं किया है।मामले की पुष्टि करते हुए परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि अनसिया को फातिमा के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया था, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हाईस्कूल परीक्षा के अंतिम दिन यह मामला सामने आया है और कार्रवाई की गई है,साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चचेरी बहन ही परीक्षा दे रही थी न कि कोई अन्यत्र व्यक्ति।
मोहनलालगंज में खौफनाक वारदात: दुष्कर्म के बाद मां की हत्या, विरोध करने पर दिव्यांग बेटे की भी जान ली
लखनऊ । राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर में घुसकर एक व्यक्ति ने दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। जब महिला का दृष्टिबाधित बेटा मां को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपी ने उसे भी बेरहमी से मार डाला।

फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है, जिसका कुछ दिन पहले महिला से विवाद हुआ था और वह रंजिश रखे हुए था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो आरोपी भागते हुए दिखाई दिया। फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए।

कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही

एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है, साथ ही दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और महिला के कपड़े सुरक्षित रखे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि महिला का दिव्यांग बेटा अपनी मां की चीख सुनकर आरोपी से भिड़ गया था। दोनों के बीच संघर्ष हुआ, लेकिन आरोपी ने युवक का गला दबाने के बाद उसे पानी से भरे टब में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार महिला सोमवार शाम करीब 6:58 बजे तक अपनी दुकान पर थी। रात करीब सात बजे वह घर से निकली और रास्ते में किराने की दुकान से सामान खरीदने के बाद मोमोज और दूध लेकर घर लौट रही थी। लगभग 7:25 बजे वह घर पहुंची, जबकि 7:31 बजे आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया।घटना के बाद महिला की बहन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने उनकी बहन के साथ अभद्रता भी की थी।

महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले

पोस्टमार्टम में महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि वारदात के दौरान उसने काफी संघर्ष किया था।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। आरोपी का मोबाइल भी बंद है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।मंगलवार को आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव प्रियंका श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं और घटना को लेकर महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए।
31 वर्षीय मरीज को सुप्रीम कोर्ट से निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति, 13 साल से कोमा में है युवक

#supremecourtallowspassiveeuthanasia31yearoldman

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सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को अपने एक फैसले के तहत 31 साल के आदमी को पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दे दी, जो करीब 13 साल से कोमा में है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 साल के हरीण राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु यानी पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दी है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा की जीवनरक्षक प्रणाली यानी आर्टिफिशियल लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति दी। यह व्यक्ति 13 वर्ष पहले एक इमारत से गिरने के बाद से स्थायी और अपरिवर्तनीय विजिटेटिव अवस्था में था। अदालत ने यह आदेश उसके पिता द्वारा दायर एक मिसलेनियस आवेदन पर दिया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे से सभी जीवनरक्षक उपचार हटाने की अनुमति मांगी थी।

‘ईश्वर नहीं पूछता कि कौन जीना चाहता है’

इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका पर जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा, “ईश्वर किसी मनुष्य से यह नहीं पूछता कि वह जीवन को स्वीकार करता है या नहीं, जीवन उसे लेना ही पड़ता है, ये Henry David Thoreau के शब्द हैं, जिनका विशेष महत्व तब उभरकर सामने आता है जब अदालतों के समक्ष यह सवाल आता है कि क्या किसी व्यक्ति को मरने का विकल्प चुनने का अधिकार है। इसी संदर्भ में विलियम शेक्सपीयर का प्रसिद्ध कथन ‘To be, or not to be ‘ यानी ‘जीना या न जीना’ भी इस दार्शनिक और विधिक विमर्श को गहराई प्रदान करता है।”

पिछले 13 वर्षों में स्थिति में कोई सुधार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “हरीश राणा, जो वर्तमान में 32 वर्ष के हैं, कभी एक उज्ज्वल और प्रतिभाशाली युवा थे। वे अपने पेइंग गेस्ट आवास की चौथी मंजिल से गिरने के बाद एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में उनके मस्तिष्क को गंभीर चोट लगी, जिससे वे स्थायी विजिटेटिव अवस्था (PVS) और 100% क्वाड्रिप्लेजिया (चारों अंगों का लकवा) की स्थिति में चले गए… पिछले 13 वर्षों में उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।”

‘मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा “वह केवल क्लिनिकली एडमिनिस्टरड न्यूट्रिशन (CAN) के सहारे जीवित थे, जो सर्जरी द्वारा लगाए गए PEG ट्यूब के माध्यम से दिया जा रहा था। अदालत ने कहा कि CAN भी एक चिकित्सीय उपचार है और इसे प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड के सर्वोत्तम निर्णय के आधार पर बंद किया जा सकता है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि “उपचार जारी रखने से केवल उनकी जैविक जीवन प्रक्रिया ही बढ़ रही थी, लेकिन किसी भी प्रकार का चिकित्सीय सुधार नहीं हो रहा था। अदालत ने पाया कि कि मरीज के माता-पिता, प्राथमिक मेडिकल बोर्ड और दूसरी मेडिकल बोर्ड सभी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मरीज को दी जा रही CAN को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह मरीज के सर्वोत्तम हित में नहीं है।”