ओबरा को मिली विकास की बड़ी सौगात: मंत्री संजीव गौड़ ने किया अत्याधुनिक तहसील भवन का लोकार्पण
विकास कुमार सोनभद्र | 28 जनवरी, 2026ओबरा क्षेत्र के विकास इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए प्रदेश के माननीय मंत्री श्री संजीव गौड़ ने ओबरा में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील भवन का भव्य लोकार्पण किया। समारोह का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद मंत्री जी ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण विकास के उत्साह व उल्लास से सराबोर दिखा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री संजीव गौड़ ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ओबरा की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि 4 सितंबर 2020 को घोषित यह तहसील अब तक अन्यत्र संचालित हो रही थी। ₹965.34 लाख की लागत से रिकॉर्ड समय (2 जून 2025 से अब तक) में तैयार हुआ यह परिसर अब सभी राजस्व, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का केंद्र बनेगा। मंत्री जी ने निर्माण में जुटे अभियंताओं और श्रमिकों की सराहना करते हुए तहसील के आवासीय भवन का भी शिलान्यास किया, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस परिसर में बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीणों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और जमीन संबंधी समस्याओं का निस्तारण एक ही छत के नीचे होगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सी.जे.एम. श्री आर.के. अग्रवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कामचोरी करने वाले फौज की जरूरत नहीं, सरकार दे रही लाखों का बजट , आखिर कहां गए उपकरण,अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर की जाए निलंबन की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l शासन स्वास्थ्य महकमा में चाक चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाखों रुपए का बजट दे रहा है लेकिन इसके बावजूद भी उपकरणों की चोरी फर्जी वाउचर और नियमित अस्पताल न जाने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 72 घंटे में ऐसे कर्मचारियों और स्वास्थ्य महिमा की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं l उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि कामचोरी करने वाले कर्मचारियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ अपने एवं शासन स्तर पर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक के दौरान चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की, जिलाधिकारी ने सातो विकास खंडो की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर प्रस्तुत करने को कहा है ,जिलाधिकारी ने कहा कि कहां पर कौन से उपकरण उपलब्ध नहीं है और कोल्ड चैन कहां पर  है और काम नहीं कर रही, जिलाधिकारी ने कहा कि शमशाबाद क्षेत्र के जर्जर चिकित्सालय  के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि तीन लोगों की समिति बनाकर निष्क्रिय कर्मचारियों को चिन्हित करने व सेवा मुक्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करे, ऐसा न करने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाए l इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिदिन निगरानी करने और अधीनस्थों से आवश्यक डाटा प्रतिदिन प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि निकम्मों की फौज की कोई जरूरत नहीं है ,प्रति माह एक लाख आयुष्मान कार्ड बनाएं सक्षम प्राधिकारी  इस पर ध्यान दें, अधीनस्थ अपना 100 प्रतिशत तक कार्य संपन्न नहीं हुआ प्रतिरक्षण अधिकारी व  अधीनस्थ  का कार्य भी संतोषजनक नहीं है । जिलाधिकारी ने तत्काल सुधार करने को कहा,कायमगंज में कार्य का प्रतिशत 41 प्रतिशत है उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए निष्क्रिय कार्य के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को आरोप पत्र देकर निलंबित करें तभी सुधार होगा, जिलाधिकारी ने एजेंडा रूपांतरित करने के निर्देश दिए टीकाकरण में विभाग की प्रगति अच्छी है l जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग को बेसिक शिक्षा विभाग व पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित करके कार्य करने के निर्देश दिए ताकि एक कार्य के त्रिआयामी बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके बीएसए से कुल स्कूल व उसके बच्चे एवं उनके क्षेत्र का विवरण प्राप्त कर ले यदि कोई स्कूल मना करे तो बताएं आयुष्मान कार्ड बनने की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन 9:00 बजे होगी बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे l
रसड़ा के सेंट मेरीज़ विद्यालय में धूमधाम से चला सड़क सुरक्षा अभियान, नुक्कड़ नाटक ने बांध ली सभी की नजरें
संजीव सिंह बलिया!मरियमपुर, 29 जनवरी 2026: सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रसड़ा के मरियमपुर राघोपूर स्थित सेंट मेरीज़ विद्यालय में आज एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कक्षा नौवीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, भावपूर्ण भाषण और कविता पाठ के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश घर-घर पहुंचाए।विद्यार्थियों के जीवंत अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट के दोपहिया चलाने तथा पैदल चलते समय लापरवाही बरतने जैसे घातक खतरों की गंभीरता पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर मरसी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा, "ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव प्रदान करेंगे।" इस अवसर पर नोडल अधिकारी पीयूष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।संचालन वेदिका सिंह और प्रिंसी यादव ने बखूबी निभाया, जबकि नुक्कड़ नाटक का नेतृत्व दिव्यांसी सिंह ने किया। कार्यक्रम को यादगार बनाने में सिस्टर विनीडिट,  कृपा शंकर सिंह,शशिकला, शशि सिंह, संजय सिंह, सर्वेश्वर पांडे और लखन सिंह का विशेष योगदान रहा।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह अभियान जिले भर में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जो बेसिक शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों पर आधारित है।
सेवलाइफ फाउंडेशन और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कार्य क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार के लिए इंजीनियर्स का प्रशिक्षण आयोजित क

पुणे, जनवरी, 2026: अपनी चल रही जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत, सेवलाइफ फाउंडेशन ने 20 जनवरी, 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इंजीनियर्स के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले सड़क गलियारों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करके रोकी जा सकने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को समाप्त करना है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत समर्थित इस प्रशिक्षण में सुरक्षित सड़क कार्यस्थल प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया था, जिसका उद्देश्य सक्रिय निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों में सुधार करना और दुर्घटना के जोखिम को कम करना था।
इस कार्यक्रम में एमएसआरडीसी की कार्यकारी अभियंता श्रीमती शैलजा पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “सड़क सुरक्षा प्रबंधन में जमीनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर स्थापित एसओएस सिस्टम के अलावा, मैं पीड़ितों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं, जिससे दुर्घटनाओं का प्रभाव कम हो सके।”
94.5 किलोमीटर की दूरी में फैला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन वाला राजमार्ग है, जो पूरे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में सुधार ला रहा है। वर्ष 2016 में जब सेवलाइफ फाउंडेशन ने अपनी जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत इस कॉरिडोर पर काम शुरू किया, तब से लेकर 31 दिसंबर, 2023 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 58% की कमी आई। हाल ही में, महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 26% की और कमी दर्ज की गई है: 2024 में इसी अवधि के दौरान 82 मौतों से घटकर इस वर्ष 61 रह गईं।
प्रशिक्षण के प्रमुख फोकस क्षेत्र निम्नलिखित थे:
दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए कार्य क्षेत्रों की योजना और प्रबंधन
यातायात प्रबंधन योजनाओं, अवरोधों और साइनेज का प्रभावी उपयोग
केस स्टडीज़: सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग पद्धतियाँ और दुर्घटना निवारण
सुरक्षित जमीनी प्रथाओं पर संवादात्मक सत्र
कार्य क्षेत्र प्रबंधन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
इसके अतिरिक्त, रखरखाव और निर्माण गतिविधियों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षित कार्य क्षेत्र स्थापित करने से संबंधित मॉड्यूल भी सत्र का हिस्सा थे।
इंजीनियर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर प्रमुख शीना कपूर ने कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, न केवल जीआई श्रेणी में बल्कि मोटर बीमा में भी अग्रणी होने के नाते, हम सड़क सुरक्षा और निवारक उपायों के प्रति अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवलाइफ फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और/या कम करने तथा शून्य मृत्यु दर वाले कॉरिडोर बनाने पर हमारे उद्देश्य को और मजबूत करता है। आज आयोजित प्रशिक्षण, हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने और बहुमूल्य जीवन बचाने में लगे सड़क इंजीनियरिंग पेशेवरों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।”
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियर्स को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री पीयूष तिवारी ने कहा, “अच्छी तरह से प्रबंधित कार्य क्षेत्र एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह प्रशिक्षण इंजीनियर्स को सुरक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपकरण और सर्वोत्तम पद्धतियाँ प्रदान करता है। यह गतिविधि भारतीय सड़कों पर जीवन बचाने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सेवलाइफ फाउंडेशन के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इंजीनियरिंग सुधार, प्रवर्तन प्रशिक्षण और आघात देखभाल को मजबूत करने जैसी पहलों के माध्यम से, एसएलएफ एक्सप्रेसवे पर शून्य दुर्घटनाओं का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

एक्सिस बैंक के वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे
जमा में 15% और अग्रिमों में 14% की मजबूत वार्षिक वृद्धि; कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में तिमाही दर तिमाही 9% और पीएटी में 28% तिमाही दर तिमाही की बढ़ोतरी, स्थिर एनआईआई और मजबूत फी आय से समर्थन
नागपुर, जनवरी 2026: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने आज अपने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा की। बैंक ने इस तिमाही में 6,490 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) सालाना आधार पर 5% और तिमाही आधार पर 4% बढ़कर 14,287 करोड़ रुपए रही। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के लिए बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) 3.64% रहा। औसत तिमाही बैलेंस (क्यूएबी) के आधार पर कुल जमा राशि तिमाही आधार पर 5% और सालाना आधार पर 12% बढ़ी। एमईबी कासा अनुपात 39% रहा, जो बड़े समकक्ष बैंकों में सर्वश्रेष्ठ स्तरों में शामिल है। 31 दिसंबर, 2025 तक बैंक का ग्रॉस एनपीए 1.40% और नेट एनपीए 0.42% रहा, जो 30 सितंबर, 2025 को क्रमशः 1.46% और 0.44% था।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में बैंक की फी आय सालाना आधार पर 12% बढ़कर 6,100 करोड़ रुपए हो गई। रिटेल फी आय में भी 12% की वृद्धि हुई और यह बैंक की कुल फी आय का 71% हिस्सा रही। बैंक का कुल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (सीएआर) 16.55% रहा और सीईटी-1 अनुपात 14.50% पर पहुँच गया, जो तिमाही आधार पर 7 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी दर्शाता है।
एक्सिस बैंक का वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार देश के सबसे बड़े कारोबारों में से एक है। 31 दिसंबर, 2025 तक इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 6,87,738 करोड़ रुपए रहा, जो तिमाही आधार पर 7% और सालाना आधार पर 8% की वृद्धि दर्शाता है। बैंक की घरेलू सहायक कंपनियों ने भी स्थिर प्रदर्शन किया और वित्त वर्ष 26 के 9 महीनों में उनका शुद्ध लाभ (पीएटी) 1,490 करोड़ रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 6% अधिक है।
31 दिसंबर, 2025 तक बैंक का कुल वितरण नेटवर्क 6,110 घरेलू शाखाओं और एक्सटेंशन काउंटर्स तथा 281 बिजनेस करस्पॉन्डेंट बैंकिंग आउटलेट्स (बीसीबीओ) तक पहुँच गया, जो 3,315 केंद्रों में फैले हुए हैं। जबकि 31 दिसंबर, 2024 को यह नेटवर्क 5,706 शाखाओं व एक्सटेंशन काउंटर्स तथा 202 बीसीबीओ के साथ 3,122 केंद्रों तक सीमित था।
एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने कहा, “इस तिमाही में हमारी प्रगति इस बात को दर्शाती है कि हम ऐसे समाधान तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो वास्तव में मायने रखते हैं। इसमें क्रेडिट तक पहुँच को सरल बनाना, डिजिटल बैंकिंग को नए सिरे से परिभाषित करना और ऐसे टैलेंट व विचारों में निवेश करना शामिल है, जो भविष्य को आकार देंगे। हम अपने प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाकर, अपनी टीमों को सशक्त करके और ग्राहकों के बदलते व्यवहार को स्मार्ट और क्राँतिकारी समाधानों के माध्यम से समझते हुए अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को और मजबूत करते रहेंगे।”
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लॉन्च किया ईज़ी: खुदरा ग्राहकों को स्मार्ट और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य
~ इस स्मार्ट, सरल और पर्सनलाइज़्ड प्लेटफॉर्म पर हर तरह की मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सुविधा के लिए 200 से अधिक फीचर्स उपलब्ध हैं
भोपाल, जनवरी, 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने आज अपने उन्नत मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म, उज्जीवन ईज़ी (ईएज़वाई) लॉन्च करने की घोषणा की। यह बैंक की डिजिटल प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति को मज़बूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है। उज्जीवन के ईज़ी को खुदरा ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो मोबाइल और वेब चैनलों पर एकीकृत, सुरक्षित और सहज बैंकिंग का अनुभव प्रदान करता है। यह नौ भाषाओं- अंग्रेज़ी, हिंदी, कन्नड़, गुजराती, मराठी, बंगाली, उड़िया, पंजाबी और तमिल में उपलब्ध है।
इस प्लेटफॉर्म पर 200 से अधिक बैंकिंग फीचर्स उपलब्ध हैं, जिनमें 90 से अधिक नई किस्म की सुविधाएँ शामिल हैं। इन फीचर्स का उद्देश्य रोज़मर्रा की बैंकिंग को सरल बनाना और साथ ही बचत, भुगतान, ऋण और निवेश में भागीदारी बढ़ाना है। अगली पीढ़ी के माइक्रोसर्विस आर्किटेक्चर पर निर्मित, ईज़ी प्रणाली की गति, विस्तार क्षमता और इसके लचीलेपन को बढ़ाता है। इस तरह बैंक नए फीचर तेज़ी से पेश कर सकता है और ग्राहकों की बदलती जरूरतों अनुरूप अधिक प्रभावी तरीके से बदलाव कर सकता है।
ईज़ी, एक ही प्लेटफॉर्म पर खाता प्रबंधन, फंड ट्रांसफर (धन का हस्तांतरण), फिक्स्ड और रेकरिंग डिपॉज़िट (सावधि और आवर्ती जमा), बिल भुगतान, डेबिट कार्ड प्रबंधन, जीएसटी भुगतान और डीमैट और एनपीएस सहित निवेश सेवाओं जैसी मुख्य बैंकिंग सेवाएँ पेश करता है। इस उन्नत प्लेटफॉर्म ने इन इन मौजूदा सेवाओं के अलावा, ऋण सेवा, स्मार्ट स्टेटमेंट, नई डिजिटल क्षमताओं और ग्राहकों के उत्पाद संबंधों के आधार पर पर्सनलाइज़्ड इंटरफेस पेश किए हैं, जिससे सुविधा बढ़ती है और ग्राहक को बेहतर अनुभव मिलता है। इस तरह यह हर तरह के बैंकिंग अनुभव भी प्रदान करता है।
यह प्लेटफॉर्म पहुँच और समावेश ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो भौगोलिक क्षेत्रों, आयु समूहों और डिजिटल साक्षरता के विभिन्न स्तरों के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करता है। उन्नत सुरक्षा एसडीके, ऐपप्रोटेक्ट के जरिए सुरक्षा बढ़ाई गई है, जो धोखाधड़ी, उपकरण-स्तर के खतरों और उभरते साइबर जोखिमों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के रणनीति और परिवर्तन (स्ट्रेटेजी और ट्रांसफॉर्मेशन) प्रमुख, श्री दीपक अग्रवाल, ने कहा, “ईज़ी का लॉन्च एकल डिजिटल चैनलों से एकीकृत डिजिटल परितंत्र की ओर अग्रसर होने के हमारे प्रयास को रेखांकित करता है। यह प्लेटफॉर्म तेज़ नवाचार, ग्राहक सहभागिता और वहनीय कारोबार के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, यह विश्वास, सरलता, सुरक्षा और वित्तीय समावेश पर विशेष ध्यान देने की हमारी नीति के अनुरूप है।”
बैंक के परिचालन में डिजिटल चैनल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुल आउटवर्ड ट्रांज़ेक्शन में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी डिजिटल पेमेंट की है, जिससे बैंक के डिजिटल परितंत्र में ग्राहकों का विश्वास और डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने का स्तर ज़ाहिर होता है।
ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है जॉन अब्राहम की दमदार थ्रिलर ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर- शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे


मुंबई, जनवरी 2026: दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और रोमांचक सस्पेंस के साथ ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है फिल्म ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे। इस फिल्म में जॉन अब्राहम अपने अब तक के सबसे इंटेंस और ताकतवर किरदारों में से एक में नज़र आएँगे। तेज़ रफ्तार घटनाओं और लगातार बदलते हालातों के बीच आगे बढ़ती यह थ्रिलर दर्शकों को शुरुआत से लेकर अंत तक बाँधे रखने वाली है।


फिल्म की कहानी एक खौफनाक बम धमाके से शुरू होती है, जिसके पीछे छिपे आतंकियों तक पहुँचने के लिए जॉन अब्राहम एक खतरनाक और चुनौतीपूर्ण मिशन पर निकलते हैं। जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ती है, साजिशें और गहरी होती जाती हैं और हर नया मोड़ कहानी में सस्पेंस की परतें जोड़ देता है, जो फिल्म की पकड़ को और मजबूत बनाता है।


अरुण गोपालन के निर्देशन में बनी ‘तेहरान’ में जॉन अब्राहम के साथ मानुषी छिल्लर और नीरू बाजवा भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आएँगी। सभी कलाकारों की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देती है और फिल्म के जज़्बात और रोमांच को और असरदार बनाती है।


फिल्म में जॉन अब्राहम एसीपी राजीव कुमार के रूप में दिखते हैं, जो दिल्ली में विदेशी अधिकारियों पर हुए एक जानलेवा बम धमाके के बाद एक खतरनाक गुप्त मिशन की जिम्मेदारी संभालते हैं। एसीपी राजीव कुमार का मिशन जो शुरुआत में हमले के पीछे मौजूद लोगों की तलाश होती है, वह जल्द ही उसे छिपे हुए मकसदों, बदलती वफादारियों और सीमाओं के पार सक्रिय रहस्यमय ताकतों के खतरनाक जाल में खींच ले जाती है। जैसे-जैसे वह सच्चाई के करीब पहुँचता है, हालात उसे अकेला कर देते हैं और उसी वक्त कहानी ऐसा मोड़ लेती है, जो पूरी जाँच की दिशा ही बदल देती है।


दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और जबर्दस्त सस्पेंस के साथ ‘तेहरान’ दर्शकों को एक यादगार अनुभव देने का वादा करती है। ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर देखना न भूलें, शनिवार 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
केआईडब्ल्यूजी 2026: आर्मी ने बरकरार रखा आइस हॉकी स्वर्ण, चंडीगढ़ ने जीता दिल; हरियाणा ओवरऑल चैंपियन, मेज़बान लद्दाख दूसरे स्थान पर


* लद्दाख के स्केटर स्कारमा त्सुल्टिम ने सर्वाधिक चार पदक (2 स्वर्ण) जीते; महाराष्ट्र के ईशान दरवेकर, तेलंगाना की नयना श्री तलुरी और हरियाणा के सचिन सिंह ने दो-दो स्वर्ण अपने नाम किए

लेह (लद्दाख), जनवरी, 2026: गणतंत्र दिवस के मौके पर एनडीएस स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय सेना की अनुभवी टीम को पुरुष वर्ग के आइस हॉकी स्वर्ण पदक को बरकरार रखने के लिए जुझारू चंडीगढ़ के खिलाफ अपनी पूरी क्षमता झोंकनी पड़ी। सेना की टीम ने चंडीगढ़ को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच का निर्णायक गोल अंतिम हूटर से महज़ तीन मिनट पहले आया और केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण का इससे बेहतर और रोमांचक समापन हो ही नहीं सकता था।

हरियाणा ने अपने फिगर स्केटिंग और आइस स्केटिंग खिलाड़ियों द्वारा जीते गए चार स्वर्ण पदकों की बदौलत केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण की टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। लद्दाख, महाराष्ट्र और तेलंगाना ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते, लेकिन रजत पदकों की संख्या के आधार पर उनका स्थान तय हुआ। लद्दाख (5 रजत), महाराष्ट्र (3 रजत) और तेलंगाना (2 रजत) इसी क्रम में पदक तालिका में रहे।

पदक तालिका के लिए देखें: https://www.winter.kheloindia.gov.in/medal-tally

चंडीगढ़ की पुरुष आइस हॉकी टीम उस समय पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई, जब उसने शनिवार को सेमीफाइनल में मेज़बान लद्दाख को 3-2 से हराकर सभी को चौंका दिया। केआईडब्ल्यूजी 2025 से आइस हॉकी खेलना शुरू करने वाली इस टीम का फाइनल में पहुँचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि रही। फाइनल में आर्मी के खिलाफ चंडीगढ़ ने साबित कर दिया कि लद्दाख के खिलाफ मिली जीत कोई संयोग नहीं थी। दो गोल से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए लगभग मैच को अतिरिक्त समय तक ले जाना काबिले-तारीफ रहा। दिलचस्प बात यह रही कि लीग चरण में चंडीगढ़ को आर्मी के खिलाफ 10-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
असम के 'आदिवासी महासभा 2026' के मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, AASAA के प्रतिनिधिमंडल ने राँची पहुँचकर दिया निमंत्रण

राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज राँची स्थित उनके आवासीय कार्यालय में ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ आसाम (AASAA) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को असम के तिनसुकिया में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक "आदिवासी महासभा 2026" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया।

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तिनसुकिया में एकजुट होगा आदिवासी समाज

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आगामी 1 फरवरी 2026 को असम के तिनसुकिया जिला स्थित 'Margherta Borgolai Field' में इस भव्य महासभा का आयोजन किया जा रहा है। असम के चाय बागानों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रहे लाखों आदिवासियों की समस्याओं और उनके संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा के लिए यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बनेगा।

सांस्कृतिक और वैचारिक सेतु

झारखंड से असम तक फैले आदिवासी समाज के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एक सशक्त प्रतीक और मार्गदर्शक के रूप में देखे जाते हैं। असम में रह रहे झारखंडी मूल के आदिवासी (Tea Tribes) लंबे समय से अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री की इस महासभा में उपस्थिति उनके मनोबल को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंत्री श्री चमरा लिंडा भी उपस्थित थे। AASAA प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय अध्यक्ष श्री रेजन होरो ने किया। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष डेविड तिर्की, अमरजीत केरकेट्टा, अल्बर्ट ओरिया और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को असम की पारंपरिक 'गमछा' पहनाकर सम्मानित किया।

ओबरा को मिली विकास की बड़ी सौगात: मंत्री संजीव गौड़ ने किया अत्याधुनिक तहसील भवन का लोकार्पण
विकास कुमार सोनभद्र | 28 जनवरी, 2026ओबरा क्षेत्र के विकास इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए प्रदेश के माननीय मंत्री श्री संजीव गौड़ ने ओबरा में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील भवन का भव्य लोकार्पण किया। समारोह का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद मंत्री जी ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण विकास के उत्साह व उल्लास से सराबोर दिखा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री संजीव गौड़ ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ओबरा की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि 4 सितंबर 2020 को घोषित यह तहसील अब तक अन्यत्र संचालित हो रही थी। ₹965.34 लाख की लागत से रिकॉर्ड समय (2 जून 2025 से अब तक) में तैयार हुआ यह परिसर अब सभी राजस्व, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का केंद्र बनेगा। मंत्री जी ने निर्माण में जुटे अभियंताओं और श्रमिकों की सराहना करते हुए तहसील के आवासीय भवन का भी शिलान्यास किया, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस परिसर में बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीणों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और जमीन संबंधी समस्याओं का निस्तारण एक ही छत के नीचे होगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सी.जे.एम. श्री आर.के. अग्रवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कामचोरी करने वाले फौज की जरूरत नहीं, सरकार दे रही लाखों का बजट , आखिर कहां गए उपकरण,अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर की जाए निलंबन की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l शासन स्वास्थ्य महकमा में चाक चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाखों रुपए का बजट दे रहा है लेकिन इसके बावजूद भी उपकरणों की चोरी फर्जी वाउचर और नियमित अस्पताल न जाने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 72 घंटे में ऐसे कर्मचारियों और स्वास्थ्य महिमा की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं l उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि कामचोरी करने वाले कर्मचारियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ अपने एवं शासन स्तर पर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक के दौरान चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की, जिलाधिकारी ने सातो विकास खंडो की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर प्रस्तुत करने को कहा है ,जिलाधिकारी ने कहा कि कहां पर कौन से उपकरण उपलब्ध नहीं है और कोल्ड चैन कहां पर  है और काम नहीं कर रही, जिलाधिकारी ने कहा कि शमशाबाद क्षेत्र के जर्जर चिकित्सालय  के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि तीन लोगों की समिति बनाकर निष्क्रिय कर्मचारियों को चिन्हित करने व सेवा मुक्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करे, ऐसा न करने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाए l इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिदिन निगरानी करने और अधीनस्थों से आवश्यक डाटा प्रतिदिन प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि निकम्मों की फौज की कोई जरूरत नहीं है ,प्रति माह एक लाख आयुष्मान कार्ड बनाएं सक्षम प्राधिकारी  इस पर ध्यान दें, अधीनस्थ अपना 100 प्रतिशत तक कार्य संपन्न नहीं हुआ प्रतिरक्षण अधिकारी व  अधीनस्थ  का कार्य भी संतोषजनक नहीं है । जिलाधिकारी ने तत्काल सुधार करने को कहा,कायमगंज में कार्य का प्रतिशत 41 प्रतिशत है उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए निष्क्रिय कार्य के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को आरोप पत्र देकर निलंबित करें तभी सुधार होगा, जिलाधिकारी ने एजेंडा रूपांतरित करने के निर्देश दिए टीकाकरण में विभाग की प्रगति अच्छी है l जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग को बेसिक शिक्षा विभाग व पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित करके कार्य करने के निर्देश दिए ताकि एक कार्य के त्रिआयामी बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके बीएसए से कुल स्कूल व उसके बच्चे एवं उनके क्षेत्र का विवरण प्राप्त कर ले यदि कोई स्कूल मना करे तो बताएं आयुष्मान कार्ड बनने की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन 9:00 बजे होगी बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे l
रसड़ा के सेंट मेरीज़ विद्यालय में धूमधाम से चला सड़क सुरक्षा अभियान, नुक्कड़ नाटक ने बांध ली सभी की नजरें
संजीव सिंह बलिया!मरियमपुर, 29 जनवरी 2026: सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रसड़ा के मरियमपुर राघोपूर स्थित सेंट मेरीज़ विद्यालय में आज एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कक्षा नौवीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, भावपूर्ण भाषण और कविता पाठ के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश घर-घर पहुंचाए।विद्यार्थियों के जीवंत अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट के दोपहिया चलाने तथा पैदल चलते समय लापरवाही बरतने जैसे घातक खतरों की गंभीरता पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर मरसी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा, "ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव प्रदान करेंगे।" इस अवसर पर नोडल अधिकारी पीयूष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।संचालन वेदिका सिंह और प्रिंसी यादव ने बखूबी निभाया, जबकि नुक्कड़ नाटक का नेतृत्व दिव्यांसी सिंह ने किया। कार्यक्रम को यादगार बनाने में सिस्टर विनीडिट,  कृपा शंकर सिंह,शशिकला, शशि सिंह, संजय सिंह, सर्वेश्वर पांडे और लखन सिंह का विशेष योगदान रहा।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह अभियान जिले भर में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जो बेसिक शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों पर आधारित है।
सेवलाइफ फाउंडेशन और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कार्य क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार के लिए इंजीनियर्स का प्रशिक्षण आयोजित क

पुणे, जनवरी, 2026: अपनी चल रही जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत, सेवलाइफ फाउंडेशन ने 20 जनवरी, 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इंजीनियर्स के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले सड़क गलियारों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करके रोकी जा सकने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को समाप्त करना है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत समर्थित इस प्रशिक्षण में सुरक्षित सड़क कार्यस्थल प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया था, जिसका उद्देश्य सक्रिय निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों में सुधार करना और दुर्घटना के जोखिम को कम करना था।
इस कार्यक्रम में एमएसआरडीसी की कार्यकारी अभियंता श्रीमती शैलजा पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “सड़क सुरक्षा प्रबंधन में जमीनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर स्थापित एसओएस सिस्टम के अलावा, मैं पीड़ितों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं, जिससे दुर्घटनाओं का प्रभाव कम हो सके।”
94.5 किलोमीटर की दूरी में फैला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन वाला राजमार्ग है, जो पूरे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में सुधार ला रहा है। वर्ष 2016 में जब सेवलाइफ फाउंडेशन ने अपनी जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत इस कॉरिडोर पर काम शुरू किया, तब से लेकर 31 दिसंबर, 2023 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 58% की कमी आई। हाल ही में, महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 26% की और कमी दर्ज की गई है: 2024 में इसी अवधि के दौरान 82 मौतों से घटकर इस वर्ष 61 रह गईं।
प्रशिक्षण के प्रमुख फोकस क्षेत्र निम्नलिखित थे:
दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए कार्य क्षेत्रों की योजना और प्रबंधन
यातायात प्रबंधन योजनाओं, अवरोधों और साइनेज का प्रभावी उपयोग
केस स्टडीज़: सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग पद्धतियाँ और दुर्घटना निवारण
सुरक्षित जमीनी प्रथाओं पर संवादात्मक सत्र
कार्य क्षेत्र प्रबंधन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
इसके अतिरिक्त, रखरखाव और निर्माण गतिविधियों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षित कार्य क्षेत्र स्थापित करने से संबंधित मॉड्यूल भी सत्र का हिस्सा थे।
इंजीनियर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर प्रमुख शीना कपूर ने कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, न केवल जीआई श्रेणी में बल्कि मोटर बीमा में भी अग्रणी होने के नाते, हम सड़क सुरक्षा और निवारक उपायों के प्रति अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवलाइफ फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और/या कम करने तथा शून्य मृत्यु दर वाले कॉरिडोर बनाने पर हमारे उद्देश्य को और मजबूत करता है। आज आयोजित प्रशिक्षण, हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने और बहुमूल्य जीवन बचाने में लगे सड़क इंजीनियरिंग पेशेवरों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।”
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियर्स को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री पीयूष तिवारी ने कहा, “अच्छी तरह से प्रबंधित कार्य क्षेत्र एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह प्रशिक्षण इंजीनियर्स को सुरक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपकरण और सर्वोत्तम पद्धतियाँ प्रदान करता है। यह गतिविधि भारतीय सड़कों पर जीवन बचाने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सेवलाइफ फाउंडेशन के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इंजीनियरिंग सुधार, प्रवर्तन प्रशिक्षण और आघात देखभाल को मजबूत करने जैसी पहलों के माध्यम से, एसएलएफ एक्सप्रेसवे पर शून्य दुर्घटनाओं का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

एक्सिस बैंक के वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे
जमा में 15% और अग्रिमों में 14% की मजबूत वार्षिक वृद्धि; कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में तिमाही दर तिमाही 9% और पीएटी में 28% तिमाही दर तिमाही की बढ़ोतरी, स्थिर एनआईआई और मजबूत फी आय से समर्थन
नागपुर, जनवरी 2026: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने आज अपने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा की। बैंक ने इस तिमाही में 6,490 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) सालाना आधार पर 5% और तिमाही आधार पर 4% बढ़कर 14,287 करोड़ रुपए रही। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के लिए बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) 3.64% रहा। औसत तिमाही बैलेंस (क्यूएबी) के आधार पर कुल जमा राशि तिमाही आधार पर 5% और सालाना आधार पर 12% बढ़ी। एमईबी कासा अनुपात 39% रहा, जो बड़े समकक्ष बैंकों में सर्वश्रेष्ठ स्तरों में शामिल है। 31 दिसंबर, 2025 तक बैंक का ग्रॉस एनपीए 1.40% और नेट एनपीए 0.42% रहा, जो 30 सितंबर, 2025 को क्रमशः 1.46% और 0.44% था।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में बैंक की फी आय सालाना आधार पर 12% बढ़कर 6,100 करोड़ रुपए हो गई। रिटेल फी आय में भी 12% की वृद्धि हुई और यह बैंक की कुल फी आय का 71% हिस्सा रही। बैंक का कुल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (सीएआर) 16.55% रहा और सीईटी-1 अनुपात 14.50% पर पहुँच गया, जो तिमाही आधार पर 7 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी दर्शाता है।
एक्सिस बैंक का वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार देश के सबसे बड़े कारोबारों में से एक है। 31 दिसंबर, 2025 तक इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 6,87,738 करोड़ रुपए रहा, जो तिमाही आधार पर 7% और सालाना आधार पर 8% की वृद्धि दर्शाता है। बैंक की घरेलू सहायक कंपनियों ने भी स्थिर प्रदर्शन किया और वित्त वर्ष 26 के 9 महीनों में उनका शुद्ध लाभ (पीएटी) 1,490 करोड़ रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 6% अधिक है।
31 दिसंबर, 2025 तक बैंक का कुल वितरण नेटवर्क 6,110 घरेलू शाखाओं और एक्सटेंशन काउंटर्स तथा 281 बिजनेस करस्पॉन्डेंट बैंकिंग आउटलेट्स (बीसीबीओ) तक पहुँच गया, जो 3,315 केंद्रों में फैले हुए हैं। जबकि 31 दिसंबर, 2024 को यह नेटवर्क 5,706 शाखाओं व एक्सटेंशन काउंटर्स तथा 202 बीसीबीओ के साथ 3,122 केंद्रों तक सीमित था।
एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने कहा, “इस तिमाही में हमारी प्रगति इस बात को दर्शाती है कि हम ऐसे समाधान तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो वास्तव में मायने रखते हैं। इसमें क्रेडिट तक पहुँच को सरल बनाना, डिजिटल बैंकिंग को नए सिरे से परिभाषित करना और ऐसे टैलेंट व विचारों में निवेश करना शामिल है, जो भविष्य को आकार देंगे। हम अपने प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाकर, अपनी टीमों को सशक्त करके और ग्राहकों के बदलते व्यवहार को स्मार्ट और क्राँतिकारी समाधानों के माध्यम से समझते हुए अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को और मजबूत करते रहेंगे।”
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लॉन्च किया ईज़ी: खुदरा ग्राहकों को स्मार्ट और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य
~ इस स्मार्ट, सरल और पर्सनलाइज़्ड प्लेटफॉर्म पर हर तरह की मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सुविधा के लिए 200 से अधिक फीचर्स उपलब्ध हैं
भोपाल, जनवरी, 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने आज अपने उन्नत मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म, उज्जीवन ईज़ी (ईएज़वाई) लॉन्च करने की घोषणा की। यह बैंक की डिजिटल प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति को मज़बूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है। उज्जीवन के ईज़ी को खुदरा ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो मोबाइल और वेब चैनलों पर एकीकृत, सुरक्षित और सहज बैंकिंग का अनुभव प्रदान करता है। यह नौ भाषाओं- अंग्रेज़ी, हिंदी, कन्नड़, गुजराती, मराठी, बंगाली, उड़िया, पंजाबी और तमिल में उपलब्ध है।
इस प्लेटफॉर्म पर 200 से अधिक बैंकिंग फीचर्स उपलब्ध हैं, जिनमें 90 से अधिक नई किस्म की सुविधाएँ शामिल हैं। इन फीचर्स का उद्देश्य रोज़मर्रा की बैंकिंग को सरल बनाना और साथ ही बचत, भुगतान, ऋण और निवेश में भागीदारी बढ़ाना है। अगली पीढ़ी के माइक्रोसर्विस आर्किटेक्चर पर निर्मित, ईज़ी प्रणाली की गति, विस्तार क्षमता और इसके लचीलेपन को बढ़ाता है। इस तरह बैंक नए फीचर तेज़ी से पेश कर सकता है और ग्राहकों की बदलती जरूरतों अनुरूप अधिक प्रभावी तरीके से बदलाव कर सकता है।
ईज़ी, एक ही प्लेटफॉर्म पर खाता प्रबंधन, फंड ट्रांसफर (धन का हस्तांतरण), फिक्स्ड और रेकरिंग डिपॉज़िट (सावधि और आवर्ती जमा), बिल भुगतान, डेबिट कार्ड प्रबंधन, जीएसटी भुगतान और डीमैट और एनपीएस सहित निवेश सेवाओं जैसी मुख्य बैंकिंग सेवाएँ पेश करता है। इस उन्नत प्लेटफॉर्म ने इन इन मौजूदा सेवाओं के अलावा, ऋण सेवा, स्मार्ट स्टेटमेंट, नई डिजिटल क्षमताओं और ग्राहकों के उत्पाद संबंधों के आधार पर पर्सनलाइज़्ड इंटरफेस पेश किए हैं, जिससे सुविधा बढ़ती है और ग्राहक को बेहतर अनुभव मिलता है। इस तरह यह हर तरह के बैंकिंग अनुभव भी प्रदान करता है।
यह प्लेटफॉर्म पहुँच और समावेश ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो भौगोलिक क्षेत्रों, आयु समूहों और डिजिटल साक्षरता के विभिन्न स्तरों के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करता है। उन्नत सुरक्षा एसडीके, ऐपप्रोटेक्ट के जरिए सुरक्षा बढ़ाई गई है, जो धोखाधड़ी, उपकरण-स्तर के खतरों और उभरते साइबर जोखिमों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के रणनीति और परिवर्तन (स्ट्रेटेजी और ट्रांसफॉर्मेशन) प्रमुख, श्री दीपक अग्रवाल, ने कहा, “ईज़ी का लॉन्च एकल डिजिटल चैनलों से एकीकृत डिजिटल परितंत्र की ओर अग्रसर होने के हमारे प्रयास को रेखांकित करता है। यह प्लेटफॉर्म तेज़ नवाचार, ग्राहक सहभागिता और वहनीय कारोबार के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, यह विश्वास, सरलता, सुरक्षा और वित्तीय समावेश पर विशेष ध्यान देने की हमारी नीति के अनुरूप है।”
बैंक के परिचालन में डिजिटल चैनल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुल आउटवर्ड ट्रांज़ेक्शन में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी डिजिटल पेमेंट की है, जिससे बैंक के डिजिटल परितंत्र में ग्राहकों का विश्वास और डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने का स्तर ज़ाहिर होता है।
ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है जॉन अब्राहम की दमदार थ्रिलर ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर- शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे


मुंबई, जनवरी 2026: दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और रोमांचक सस्पेंस के साथ ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है फिल्म ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे। इस फिल्म में जॉन अब्राहम अपने अब तक के सबसे इंटेंस और ताकतवर किरदारों में से एक में नज़र आएँगे। तेज़ रफ्तार घटनाओं और लगातार बदलते हालातों के बीच आगे बढ़ती यह थ्रिलर दर्शकों को शुरुआत से लेकर अंत तक बाँधे रखने वाली है।


फिल्म की कहानी एक खौफनाक बम धमाके से शुरू होती है, जिसके पीछे छिपे आतंकियों तक पहुँचने के लिए जॉन अब्राहम एक खतरनाक और चुनौतीपूर्ण मिशन पर निकलते हैं। जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ती है, साजिशें और गहरी होती जाती हैं और हर नया मोड़ कहानी में सस्पेंस की परतें जोड़ देता है, जो फिल्म की पकड़ को और मजबूत बनाता है।


अरुण गोपालन के निर्देशन में बनी ‘तेहरान’ में जॉन अब्राहम के साथ मानुषी छिल्लर और नीरू बाजवा भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आएँगी। सभी कलाकारों की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देती है और फिल्म के जज़्बात और रोमांच को और असरदार बनाती है।


फिल्म में जॉन अब्राहम एसीपी राजीव कुमार के रूप में दिखते हैं, जो दिल्ली में विदेशी अधिकारियों पर हुए एक जानलेवा बम धमाके के बाद एक खतरनाक गुप्त मिशन की जिम्मेदारी संभालते हैं। एसीपी राजीव कुमार का मिशन जो शुरुआत में हमले के पीछे मौजूद लोगों की तलाश होती है, वह जल्द ही उसे छिपे हुए मकसदों, बदलती वफादारियों और सीमाओं के पार सक्रिय रहस्यमय ताकतों के खतरनाक जाल में खींच ले जाती है। जैसे-जैसे वह सच्चाई के करीब पहुँचता है, हालात उसे अकेला कर देते हैं और उसी वक्त कहानी ऐसा मोड़ लेती है, जो पूरी जाँच की दिशा ही बदल देती है।


दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और जबर्दस्त सस्पेंस के साथ ‘तेहरान’ दर्शकों को एक यादगार अनुभव देने का वादा करती है। ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर देखना न भूलें, शनिवार 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
केआईडब्ल्यूजी 2026: आर्मी ने बरकरार रखा आइस हॉकी स्वर्ण, चंडीगढ़ ने जीता दिल; हरियाणा ओवरऑल चैंपियन, मेज़बान लद्दाख दूसरे स्थान पर


* लद्दाख के स्केटर स्कारमा त्सुल्टिम ने सर्वाधिक चार पदक (2 स्वर्ण) जीते; महाराष्ट्र के ईशान दरवेकर, तेलंगाना की नयना श्री तलुरी और हरियाणा के सचिन सिंह ने दो-दो स्वर्ण अपने नाम किए

लेह (लद्दाख), जनवरी, 2026: गणतंत्र दिवस के मौके पर एनडीएस स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय सेना की अनुभवी टीम को पुरुष वर्ग के आइस हॉकी स्वर्ण पदक को बरकरार रखने के लिए जुझारू चंडीगढ़ के खिलाफ अपनी पूरी क्षमता झोंकनी पड़ी। सेना की टीम ने चंडीगढ़ को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच का निर्णायक गोल अंतिम हूटर से महज़ तीन मिनट पहले आया और केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण का इससे बेहतर और रोमांचक समापन हो ही नहीं सकता था।

हरियाणा ने अपने फिगर स्केटिंग और आइस स्केटिंग खिलाड़ियों द्वारा जीते गए चार स्वर्ण पदकों की बदौलत केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण की टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। लद्दाख, महाराष्ट्र और तेलंगाना ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते, लेकिन रजत पदकों की संख्या के आधार पर उनका स्थान तय हुआ। लद्दाख (5 रजत), महाराष्ट्र (3 रजत) और तेलंगाना (2 रजत) इसी क्रम में पदक तालिका में रहे।

पदक तालिका के लिए देखें: https://www.winter.kheloindia.gov.in/medal-tally

चंडीगढ़ की पुरुष आइस हॉकी टीम उस समय पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई, जब उसने शनिवार को सेमीफाइनल में मेज़बान लद्दाख को 3-2 से हराकर सभी को चौंका दिया। केआईडब्ल्यूजी 2025 से आइस हॉकी खेलना शुरू करने वाली इस टीम का फाइनल में पहुँचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि रही। फाइनल में आर्मी के खिलाफ चंडीगढ़ ने साबित कर दिया कि लद्दाख के खिलाफ मिली जीत कोई संयोग नहीं थी। दो गोल से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए लगभग मैच को अतिरिक्त समय तक ले जाना काबिले-तारीफ रहा। दिलचस्प बात यह रही कि लीग चरण में चंडीगढ़ को आर्मी के खिलाफ 10-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
असम के 'आदिवासी महासभा 2026' के मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, AASAA के प्रतिनिधिमंडल ने राँची पहुँचकर दिया निमंत्रण

राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज राँची स्थित उनके आवासीय कार्यालय में ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ आसाम (AASAA) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को असम के तिनसुकिया में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक "आदिवासी महासभा 2026" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया।

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तिनसुकिया में एकजुट होगा आदिवासी समाज

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आगामी 1 फरवरी 2026 को असम के तिनसुकिया जिला स्थित 'Margherta Borgolai Field' में इस भव्य महासभा का आयोजन किया जा रहा है। असम के चाय बागानों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रहे लाखों आदिवासियों की समस्याओं और उनके संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा के लिए यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बनेगा।

सांस्कृतिक और वैचारिक सेतु

झारखंड से असम तक फैले आदिवासी समाज के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एक सशक्त प्रतीक और मार्गदर्शक के रूप में देखे जाते हैं। असम में रह रहे झारखंडी मूल के आदिवासी (Tea Tribes) लंबे समय से अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री की इस महासभा में उपस्थिति उनके मनोबल को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंत्री श्री चमरा लिंडा भी उपस्थित थे। AASAA प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय अध्यक्ष श्री रेजन होरो ने किया। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष डेविड तिर्की, अमरजीत केरकेट्टा, अल्बर्ट ओरिया और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को असम की पारंपरिक 'गमछा' पहनाकर सम्मानित किया।