इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर है हमारा पड़ोसी', यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा
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भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर जमकर लताड़ लगाई है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा, नई दिल्ली का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामोफोबिया से निपटने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर बोलते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा, 'भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है।'
“पाकिस्तान इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर”
हरीश ने कहा, 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने का बेहतरीन उदाहरण है।' हरीश ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि पाकिस्तान अपने ही देश में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के साथ जो क्रूर व्यवहार करता है, या रमजान में दूसरों पर बमबारी करता है, तो उसे क्या कहा जाएगा?
ओआईसी इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने का आरोप
भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। पी. हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं। भारत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय और संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।
भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना
भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।'
संयुक्त राष्ट्र को भारत की सलाह
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।'
28 min ago
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