रामस्वरूप मेमोरियल विवि में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी: डॉ. तेजस्कर पाण्डेय ने ‘प्रकृति–ब्रह्माण्ड समन्वय’ पर रखा दृष्टिकोण
‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ सिद्धांत के जरिए मानव, प्रकृति और ब्रह्माण्ड के गहरे संबंध को किया स्पष्ट

लखनऊ। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में ज्योतिष आचार्य डॉ. तेजस्कर पाण्डेय (उप सचिव एवं प्रभारी संयुक्त निबंधक, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग, लखनऊ) ने “वैदिक चिंतन में प्रकृति–ब्रह्माण्ड समन्वय” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में देश-विदेश के विद्वानों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में डॉ. पाण्डेय ने ‘ऋत’ सिद्धांत तथा “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” की अवधारणा के माध्यम से बताया कि मानव, प्रकृति और ब्रह्माण्ड एक समन्वित तंत्र हैं। उन्होंने कहा कि ग्रह-नक्षत्रों की गतियां केवल आकाशीय घटनाएं नहीं, बल्कि मानव जीवन के निर्णय, दिशा और मानसिक स्थिति से भी गहराई से जुड़ी होती हैं।
अपने शोध कार्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनका अध्ययन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्योतिषीय विश्वास-प्रणाली का विश्लेषण करता है, जिसमें तीन हजार से अधिक व्यक्तियों और पांच सौ ज्योतिषाचार्यों पर आधारित गुणात्मक व मात्रात्मक पद्धति अपनाई गई है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार ज्योतिष आज भी एक जीवंत, अनुकूलनशील और प्रभावी प्रणाली के रूप में समाज में विद्यमान है, जो व्यक्ति को मार्गदर्शन, मानसिक संतुलन और सांस्कृतिक निरंतरता प्रदान करती है।
इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कुलपति श्री तिवारी का आभार जताया। साथ ही उन्होंने ब्रह्माण्ड विज्ञान एवं ज्योतिष का पृथक विभाग स्थापित करने तथा ज्योतिषीय परामर्श केंद्र शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे आमजन को प्रमाणित विशेषज्ञों से विश्वसनीय मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से वैदिक ज्योतिष में स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा दी जा रही है, जो इस क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
अपने व्याख्यान के अंत में डॉ. पाण्डेय ने वैदिक ज्ञान को वर्तमान और भविष्य के मार्गदर्शक के रूप में अपनाने का आह्वान किया। संगोष्ठी में उपस्थित विद्वानों और प्रतिभागियों ने उनके व्याख्यान को उपयोगी, प्रेरणादायी और समसामयिक बताया।
48 घंटे अघोषित अंधेरे में आठ गांव की आबादी,तीन दिन से टूटकर गिरा पड़ा है एचटी लाइन तार

*चीफ ने पुलिस अधीक्षक से मांगी सुरक्षा

गोंडा।जिले में एचटी लाइन तार टूटने से अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी की हुई मौत के बाद से नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया समेत आठ गावों में पिछले 48 घंटों से विद्युत आपूर्ति ठप है।जिससे लगभग 50 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है।बिजली न होने के कारण इन गावों में पानी की टंकियां खाली हो गई हैं,तथा इनवर्टर व मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गये हैं।घरों के आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।रात के समय लोग बिना पंखे,कूलर या एसी के भीषण गर्मी में रहने को मजबूर हैं।बार बार बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों से लोग शिकायत कर रहे हैं परन्तु कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है।बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का डर सता रहा है,जिसके कारण वे अभी तक टूटे हुए तार को जोड़ने मौके पर नहीं पहुंचे हैं।स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग किया है।विभाग का कहना है कि सुरक्षा मिलने के बाद ही टूटे हुए तार को जोड़कर विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी।मृतक अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी के भाई अमरजीत तिवारी ने कहा कि जबतक उनके घर के पास से 11 हजार की एचटी लाइन नहीं हटाई जाती है,तब तक वे तार को जोड़ने नहीं देंगे।उन्होंने नम आखों से कहा कि अब हम अपने परिवार के किसी सदस्य को खोना नहीं चाहते।अमरजीत ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने और कठोर कार्यवाही की मांग किया है।बताते चलें कि तीन दिन पहले तार टूटने से रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी।
गैर इरादतन हत्या के धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी बिजली विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं
*48 घंटे बाद भी नहीं हुआ खुलासा

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता सहित पांच अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होने के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।नगर कोतवाली पुलिस ने अभी तक किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है और न ही गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिजनों के अंदर अत्यधिक नाराजगी है।परिजनों का पुलिस पर आरोप है कि वह गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।मामले में जब नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि वे गिरफ्तारी के संबंध में कुछ नहीं बता सकते और जो भी कार्यवाही होगी उसकी जानकारी दी जाएगी।विधि वेत्ताओं की मानें तो गैर इरादतन हत्या की धाराएं एक गंभीर संज्ञेय और गैर जमानतीय अपराध है।इसमें दस साल तक की कैद या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।इतने गंभीर धाराओं में भी गिरफ्तारी न होने से जिला पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।मृतक अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी के परिजन बिजली विभाग के सभी पांचों अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही व गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।परिजनों का कहना है कि 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही है।पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और साक्ष्य इकट्ठा होने के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी।क्षेत्राधिकारी नगर श्री राय ने आश्वासन दिया कि पुलिस टीम पूरी तरह से लगी हुई है और मृतक रंजीत तिवारी के परिजनों के साथ खड़ी है।
बारिश होने से गिरे ओले में किसानों की फसल हुई बर्बाद मुआवजा दे सरकार
ओम कुमार त्रिवेदी

हरदोई। शाहाबाद तहसील क्षेत्र में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी को लेकर किसान नेता सत्यवीर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि शाहाबाद क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं ,सरसों, हरी सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने जीवन यापन का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अपना दर्द किससे वया करे मौके पर खाद भी नहीं मिलती गेंहू भी सरकारी रेट पर नहीं तौल पा रहा किसान को अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते प्रशासन गांव पर चौपाल लगाने का वादा करता लेकिन सिर्फ कागजों पर जमीन पर कुछ नहीं ।

सत्यवीर सिंह ने सीधे शाहाबाद तहसील  प्रशासन से  मांग की क्षेत्र के सभी गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही जिन किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाय उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को उच्च गुणवत्ता का खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराया जाए।जिला अध्यक्ष सत्यवीर सिंह अनुसार ग्राम पंचायत गढेपुर आगापुर,सरदारनगर, वेहटा कोला ,नसीरपुर, कालागांडा,हंसुआ  सहित कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा जल्द सर्वे की जाये
एसपी ऑफिस घोटाला: वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सीआईडी करेगी आपराधिक साजिश की जांच; रांची कोषागार में भी दस्तावेज खंगाले गए


बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस में करोड़ों की अवैध निकासी मामले की जांच वित्त विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी करेगी। जांच कमेटी की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी करेंगे, जबकि तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए एजी ऑफिस के कोई वरीय अधिकारी को कमेटी में शामिल किया जाएगा।

वहीं, घोटाले में आपराधिक षड्यंत्रों व कर्मियों/अधिकारियों की संलिप्तता की जांच सीआईडी करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जांच के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, जिसमें मामले की समग्र जांच कराने का प्रस्ताव दिया है।

वित्त मंत्री ने प्रस्ताव में क्या लिखा

मुख्यमंत्री को दिए प्रस्ताव में वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि बोकारो और हजारीबाग के साथ-साथ ऐसे अन्य संभावित मामलों की जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया जा सकता है। इस अवैध निकासी में शामिल तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए महालेखाकार कार्यालय (एजी ऑफिस) में पदस्थापित एक अनुभवी अधिकारी को दल का सदस्य नामित करने के लिए प्रधान महालेखाकार (पीएजी) से अनुरोध किया जा सकता है

सीआईडी को दी जा सकती है जांच

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोन ने यह भी कहा कि बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस कार्यालय से अवैध निकासी और अन्य संभावित मामलों में आपराधिक षड्यंत्र एवं संलिप्तता को देखते हुए अबतक जो भी प्राथमिकी जिलों में दर्ज की गई है, सभी प्राथमिकी को सीआईडी को स्थानांतरित किए जाने के लिए उच्चस्तरीय निर्णय लिया जा सकता है।

रांची कोषागार में पुलिसकर्मियों के वेतन से जुड़े 3 साल के दस्तावेज खंगाले गए

रांची। हजारीबाग और बोकारो में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता से कोषागार से करोड़ों की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद अब रांची कोषागार की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में पुलिसकर्मियों के पिछले तीन वर्षों के वेतन से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की गई है। इसके बाद अन्य विभागों के भुगतान और निकासी की जांच होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच किसी भी संभावित गड़बड़ी के शक में चल रही है। शुरुआती जांच में कोई अनियमितता सामने नहीं आई है।

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता टूटी, जानें कहां फंसा पेच

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जिसका डर था वहीं हुआ। ईरान-अमेरिका की शांति वार्ता पहले दौर में ही दम तोड़ गई। अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटों तक चली शांति वार्ता बेनतीजा रही। इस कूटनीतिक प्रयास के विफल होने के साथ ही पश्चिम एशिया में संकट गहराने की संभावना बढ़ गई है। शांति वार्ता असफल होने के बाद से अमेरिका-इजराइल के एक बार फिर से आक्रामक रुख अपनाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ईरान ने अमेरिकी शर्तों को मानने से किया इनकार

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चल रही बेनतीजा रही बातचीत को लेकर अमेरिका के मुख्य वार्ताकार उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार सुबह इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्योंकि ईरान ने हमारी शर्तें मानने से मना कर दिया है। साथ ही यह भी कहा कि कोई समझौता नहीं हो पाया है।

वेंस ने कहा- ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर

वेंस ने कहा कि हमने ईरानियों के साथ कई अहम बातचीत की है, जो अच्छी खबर है। बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका के नहीं बल्कि ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर है।

ईरान ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि हमने कई मुद्दों पर सहमति बनाई, लेकिन 2-3 महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद थे, और अंततः वार्ता किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी। वार्ता का यह दौर एक साल में सबसे लंबा था। कूटनीति कभी समाप्त नहीं होती। यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा का एक साधन है। राजनयिकों को युद्ध और शांति दोनों समय में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

पाकिस्तान ने की युद्धविराम जारी रखने की मांग

21 घंटों तक चली बातचीत के विफल होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों का बातचीत की मेज पर आने के लिए धन्यवाद किया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं, युद्धविराम की समयसीमा बढ़े और दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करें।

इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
युवाओं के लिए नए ऑप्शन लाया मेडुसा; अब झारखंड में भी मिलेगा प्रीमियम टेस्ट

झारखंड, अप्रैल 2026: आज के समय में युवा सिर्फ ड्रिंक नहीं, बल्कि बेहतर टेस्ट और नया अनुभव चाहते हैं। ऐसे में, अच्छे ब्रांड्स की पहुँच हर शहर तक होना जरूरी हो जाता है। इसी जरूरत को समझते हुए मेडुसा बेवरेजेस अब झारखंड में कदम रख रहा है, जिससे यहाँ के ग्राहकों को भी प्रीमियम क्वालिटी का फायदा मिल सकेगा।

झारखंड में कंपनी का विस्तार देशभर में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब मेडुसा अपने प्रोडक्ट्स, यानि मेडुसा प्रीमियम बियर, मेडुसा एयर और मेडुसा एक्स हाउस ऑफ द ड्रैगन को रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे शहरों में उपलब्ध कराएगा। रिटेल दुकानों के जरिए ग्राहकों तक इसकी पहुँच बनाई जाएगी।

झारखंड को कंपनी एक तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देख रही है, जहाँ युवाओं की संख्या ज्यादा है और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की माँग भी बढ़ रही है। बढ़ती आय और शहरी लाइफस्टाइल इसे और मजबूत बनाते हैं।

कंपनी के एमडी और सीईओ अवनीत सिंह ने कहा, "झारखंड में हमारी एंट्री पूर्वी भारत में एक अहम् शुरुआत है। हम लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर अनुभव पहुँचा सकें। यहाँ युवाओं के बीच प्रीमियम सेगमेंट में काफी सम्भावनाएँ हैं।"

मेडुसा प्रीमियम बियर जहाँ स्मूद और बैलेंस्ड स्वाद के लिए जानी जाती है, वहीं मेडुसा एयर हल्की और ज्यादा रिफ्रेशिंग है, जो लंबे समय तक आराम से एंजॉय की जा सकती है। इस तरह कंपनी अलग-अलग पसंद के हिसाब से विकल्प दे रही है।

फिलहाल दिल्ली में करीब 10% मार्केट शेयर के साथ मेडुसा तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को और मजबूत करेगी और देश के दूसरे राज्यों में भी विस्तार करेगी। झारखंड में एंट्री के साथ मेडुसा ने अपनी ग्रोथ की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है
देखिए, ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर एक्शन सिनेमा पर 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे

*मुंबई, अप्रैल 2026:* हँसी, हंगामा और खूब मस्ती के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर शुक्रवार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे एक्शन सिनेमा पर होने जा रहा है। भुवन नुल्लन के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉरर और कॉमेडी का एक अलग ही मेल लेकर आती है। फिल्म में योगी बाबू और यशिका आनंद लीड रोल में नजर आते हैं।


एक अचानक हुए अजीब से ज़ॉम्बी हमले के बीच सेट यह कहानी अपने अलग-अलग किरदारों और उनके रिएक्शन के साथ आगे बढ़ती है। योगी बाबू अपनी खास कॉमिक टाइमिंग के साथ एक ऐसे इंसान का किरदार निभाते हैं, जो अजीब हालात में फंस जाता है, वहीं यशिका आनंद का ऐश्वर्या का किरदार इस ग्रुप में एक नई ऊर्जा जोड़ती है। फिल्म में बिजली रमेश, टीएम कार्तिक श्रीनिवासन और गोपी जैसे कलाकार भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आते हैं। हर किरदार अपनी अलग पहचान  है, कोई खुद को बहुत होशियार समझता है, तो कोई हर चीज से घबरा जाता है और इसी वजह से इन सबका यह सफर और भी मजेदार बन जाता है। फिल्म डर के पलों को भी हँसी में बदल देती है, जिससे इसकी रफ्तार लगातार बनी रहती है और दर्शक जुड़े रहते हैं।


कहानी कुछ दोस्तों के ग्रुप की है, जो अपनी रोजमर्रा की एक जैसी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए एक ट्रिप प्लान करते हैं , जहाँ उनकी मुलाकात ऐश्वर्या से होती है। लेकिन, उनकी यह सपनों की छुट्टी उस समय अचानक बदल जाती है, जब वे ज़ॉम्बी के प्रकोप का सामना करते हैं। इस अजीब और डरावनी स्थिति को समझने और उससे बच निकलने की जद्दोजहद में, जो कहानी सामने आती है, वह एक बेहद मज़ेदार और रोमांचक सफर बन जाती है, जिसमें भ्रम, डर और ज़ोरदार हँसी के पल शामिल हैं।

*देखना न भूलें ‘ज़ॉम्बी’, टीवी पर पहली बार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे, सिर्फ एक्शन सिनेमा पर।*
ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने डॉ. अतुल मलिकराम को सौंपी मध्य प्रदेश की कमान

इंदौर, अप्रैल 2026: ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने संगठन की मजबूती और विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम को मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आर.ए. वासनिक (बंटी वासनिक) की अनुशंसा पर जारी इस नियुक्ति आदेश में डॉ. मलिकराम के सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण और उनकी सक्रियता को मुख्य आधार बताया गया है। केंद्र सरकार के एससी आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त इस संगठन का उद्देश्य वंचित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है। डॉ. अतुल मलिकराम की इस नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में सामाजिक सशक्तिकरण के अभियानों को नई ऊर्जा और रणनीतिक दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर *डॉ. अतुल मलिकराम* ने अपने विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि, "नेतृत्व का असली अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं है, बल्कि उन आवाजों को ताकत देना है जो हाशिए पर खड़ी हैं; मेरा प्रयास रहेगा कि हम मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर प्राप्त हो।"

डॉ. अतुल मलिकराम एक प्रतिष्ठित राजनीतिक रणनीतिकार, प्रखर लेखक और अनुभवी पीआर सलाहकार के रूप में देश भर में अपनी अलग पहचान के लिए जाने जाते हैं। पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे मध्य प्रदेश सहित हिंदी भाषी राज्यों की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को गहराई से समझ रहे हैं। वर्ष 1999 में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करने वाले डॉ. मलिकराम ने 2006 में पीआर 24x7 की स्थापना की और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक भविष्यवाणी कर अपनी दूरदर्शिता का लोहा मनवाया। उन्हें राजनीति के साथ-साथ कम्युनिकेशन और क्राइसिस मैनेजमेंट विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है, जिसका लाभ अब संगठन के माध्यम से सीधे समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों को प्राप्त होगा।

डॉ. मलिकराम का व्यक्तित्व केवल रणनीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक संवेदनशील लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक 10 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें दिल से, दिल-ए-उम्मीद और कसक दिल की जैसी रचनाएं मानवीय भावनाओं और सामाजिक मुद्दों पर उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं। इसके अलावा वे *उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिन्हे जीएचजी/कार्बन फुटप्रिंट सर्टिफिकेट* प्राप्त है। उनके सामाजिक योगदानों में इंदौर में स्थापित देश का पहला एंगर मैनेजमेंट 'कैफे भड़ास' और बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित एनजीओ 'बीइंग रिस्पॉन्सिबल' प्रमुख हैं। राजनीति रणनीतियों की गहरी समझ के साथ उन्हें कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि तथा समाज के प्रति अपनी निस्वार्थ सेवाओं के लिए गॉडफ्रे फिलिप्स रेड एंड व्हाइट गोल्ड अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
रामस्वरूप मेमोरियल विवि में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी: डॉ. तेजस्कर पाण्डेय ने ‘प्रकृति–ब्रह्माण्ड समन्वय’ पर रखा दृष्टिकोण
‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ सिद्धांत के जरिए मानव, प्रकृति और ब्रह्माण्ड के गहरे संबंध को किया स्पष्ट

लखनऊ। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में ज्योतिष आचार्य डॉ. तेजस्कर पाण्डेय (उप सचिव एवं प्रभारी संयुक्त निबंधक, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग, लखनऊ) ने “वैदिक चिंतन में प्रकृति–ब्रह्माण्ड समन्वय” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में देश-विदेश के विद्वानों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में डॉ. पाण्डेय ने ‘ऋत’ सिद्धांत तथा “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” की अवधारणा के माध्यम से बताया कि मानव, प्रकृति और ब्रह्माण्ड एक समन्वित तंत्र हैं। उन्होंने कहा कि ग्रह-नक्षत्रों की गतियां केवल आकाशीय घटनाएं नहीं, बल्कि मानव जीवन के निर्णय, दिशा और मानसिक स्थिति से भी गहराई से जुड़ी होती हैं।
अपने शोध कार्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनका अध्ययन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्योतिषीय विश्वास-प्रणाली का विश्लेषण करता है, जिसमें तीन हजार से अधिक व्यक्तियों और पांच सौ ज्योतिषाचार्यों पर आधारित गुणात्मक व मात्रात्मक पद्धति अपनाई गई है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार ज्योतिष आज भी एक जीवंत, अनुकूलनशील और प्रभावी प्रणाली के रूप में समाज में विद्यमान है, जो व्यक्ति को मार्गदर्शन, मानसिक संतुलन और सांस्कृतिक निरंतरता प्रदान करती है।
इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कुलपति श्री तिवारी का आभार जताया। साथ ही उन्होंने ब्रह्माण्ड विज्ञान एवं ज्योतिष का पृथक विभाग स्थापित करने तथा ज्योतिषीय परामर्श केंद्र शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे आमजन को प्रमाणित विशेषज्ञों से विश्वसनीय मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से वैदिक ज्योतिष में स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा दी जा रही है, जो इस क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
अपने व्याख्यान के अंत में डॉ. पाण्डेय ने वैदिक ज्ञान को वर्तमान और भविष्य के मार्गदर्शक के रूप में अपनाने का आह्वान किया। संगोष्ठी में उपस्थित विद्वानों और प्रतिभागियों ने उनके व्याख्यान को उपयोगी, प्रेरणादायी और समसामयिक बताया।
48 घंटे अघोषित अंधेरे में आठ गांव की आबादी,तीन दिन से टूटकर गिरा पड़ा है एचटी लाइन तार

*चीफ ने पुलिस अधीक्षक से मांगी सुरक्षा

गोंडा।जिले में एचटी लाइन तार टूटने से अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी की हुई मौत के बाद से नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया समेत आठ गावों में पिछले 48 घंटों से विद्युत आपूर्ति ठप है।जिससे लगभग 50 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है।बिजली न होने के कारण इन गावों में पानी की टंकियां खाली हो गई हैं,तथा इनवर्टर व मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गये हैं।घरों के आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।रात के समय लोग बिना पंखे,कूलर या एसी के भीषण गर्मी में रहने को मजबूर हैं।बार बार बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों से लोग शिकायत कर रहे हैं परन्तु कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है।बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का डर सता रहा है,जिसके कारण वे अभी तक टूटे हुए तार को जोड़ने मौके पर नहीं पहुंचे हैं।स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग किया है।विभाग का कहना है कि सुरक्षा मिलने के बाद ही टूटे हुए तार को जोड़कर विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी।मृतक अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी के भाई अमरजीत तिवारी ने कहा कि जबतक उनके घर के पास से 11 हजार की एचटी लाइन नहीं हटाई जाती है,तब तक वे तार को जोड़ने नहीं देंगे।उन्होंने नम आखों से कहा कि अब हम अपने परिवार के किसी सदस्य को खोना नहीं चाहते।अमरजीत ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने और कठोर कार्यवाही की मांग किया है।बताते चलें कि तीन दिन पहले तार टूटने से रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी।
गैर इरादतन हत्या के धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी बिजली विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं
*48 घंटे बाद भी नहीं हुआ खुलासा

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता सहित पांच अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होने के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।नगर कोतवाली पुलिस ने अभी तक किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है और न ही गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिजनों के अंदर अत्यधिक नाराजगी है।परिजनों का पुलिस पर आरोप है कि वह गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।मामले में जब नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि वे गिरफ्तारी के संबंध में कुछ नहीं बता सकते और जो भी कार्यवाही होगी उसकी जानकारी दी जाएगी।विधि वेत्ताओं की मानें तो गैर इरादतन हत्या की धाराएं एक गंभीर संज्ञेय और गैर जमानतीय अपराध है।इसमें दस साल तक की कैद या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।इतने गंभीर धाराओं में भी गिरफ्तारी न होने से जिला पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।मृतक अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी के परिजन बिजली विभाग के सभी पांचों अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही व गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।परिजनों का कहना है कि 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही है।पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और साक्ष्य इकट्ठा होने के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी।क्षेत्राधिकारी नगर श्री राय ने आश्वासन दिया कि पुलिस टीम पूरी तरह से लगी हुई है और मृतक रंजीत तिवारी के परिजनों के साथ खड़ी है।
बारिश होने से गिरे ओले में किसानों की फसल हुई बर्बाद मुआवजा दे सरकार
ओम कुमार त्रिवेदी

हरदोई। शाहाबाद तहसील क्षेत्र में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी को लेकर किसान नेता सत्यवीर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि शाहाबाद क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं ,सरसों, हरी सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने जीवन यापन का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अपना दर्द किससे वया करे मौके पर खाद भी नहीं मिलती गेंहू भी सरकारी रेट पर नहीं तौल पा रहा किसान को अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते प्रशासन गांव पर चौपाल लगाने का वादा करता लेकिन सिर्फ कागजों पर जमीन पर कुछ नहीं ।

सत्यवीर सिंह ने सीधे शाहाबाद तहसील  प्रशासन से  मांग की क्षेत्र के सभी गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही जिन किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाय उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को उच्च गुणवत्ता का खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराया जाए।जिला अध्यक्ष सत्यवीर सिंह अनुसार ग्राम पंचायत गढेपुर आगापुर,सरदारनगर, वेहटा कोला ,नसीरपुर, कालागांडा,हंसुआ  सहित कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा जल्द सर्वे की जाये
एसपी ऑफिस घोटाला: वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सीआईडी करेगी आपराधिक साजिश की जांच; रांची कोषागार में भी दस्तावेज खंगाले गए


बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस में करोड़ों की अवैध निकासी मामले की जांच वित्त विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी करेगी। जांच कमेटी की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी करेंगे, जबकि तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए एजी ऑफिस के कोई वरीय अधिकारी को कमेटी में शामिल किया जाएगा।

वहीं, घोटाले में आपराधिक षड्यंत्रों व कर्मियों/अधिकारियों की संलिप्तता की जांच सीआईडी करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जांच के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, जिसमें मामले की समग्र जांच कराने का प्रस्ताव दिया है।

वित्त मंत्री ने प्रस्ताव में क्या लिखा

मुख्यमंत्री को दिए प्रस्ताव में वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि बोकारो और हजारीबाग के साथ-साथ ऐसे अन्य संभावित मामलों की जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया जा सकता है। इस अवैध निकासी में शामिल तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए महालेखाकार कार्यालय (एजी ऑफिस) में पदस्थापित एक अनुभवी अधिकारी को दल का सदस्य नामित करने के लिए प्रधान महालेखाकार (पीएजी) से अनुरोध किया जा सकता है

सीआईडी को दी जा सकती है जांच

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोन ने यह भी कहा कि बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस कार्यालय से अवैध निकासी और अन्य संभावित मामलों में आपराधिक षड्यंत्र एवं संलिप्तता को देखते हुए अबतक जो भी प्राथमिकी जिलों में दर्ज की गई है, सभी प्राथमिकी को सीआईडी को स्थानांतरित किए जाने के लिए उच्चस्तरीय निर्णय लिया जा सकता है।

रांची कोषागार में पुलिसकर्मियों के वेतन से जुड़े 3 साल के दस्तावेज खंगाले गए

रांची। हजारीबाग और बोकारो में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता से कोषागार से करोड़ों की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद अब रांची कोषागार की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में पुलिसकर्मियों के पिछले तीन वर्षों के वेतन से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की गई है। इसके बाद अन्य विभागों के भुगतान और निकासी की जांच होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच किसी भी संभावित गड़बड़ी के शक में चल रही है। शुरुआती जांच में कोई अनियमितता सामने नहीं आई है।

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता टूटी, जानें कहां फंसा पेच

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जिसका डर था वहीं हुआ। ईरान-अमेरिका की शांति वार्ता पहले दौर में ही दम तोड़ गई। अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटों तक चली शांति वार्ता बेनतीजा रही। इस कूटनीतिक प्रयास के विफल होने के साथ ही पश्चिम एशिया में संकट गहराने की संभावना बढ़ गई है। शांति वार्ता असफल होने के बाद से अमेरिका-इजराइल के एक बार फिर से आक्रामक रुख अपनाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ईरान ने अमेरिकी शर्तों को मानने से किया इनकार

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चल रही बेनतीजा रही बातचीत को लेकर अमेरिका के मुख्य वार्ताकार उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार सुबह इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्योंकि ईरान ने हमारी शर्तें मानने से मना कर दिया है। साथ ही यह भी कहा कि कोई समझौता नहीं हो पाया है।

वेंस ने कहा- ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर

वेंस ने कहा कि हमने ईरानियों के साथ कई अहम बातचीत की है, जो अच्छी खबर है। बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका के नहीं बल्कि ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर है।

ईरान ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि हमने कई मुद्दों पर सहमति बनाई, लेकिन 2-3 महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद थे, और अंततः वार्ता किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी। वार्ता का यह दौर एक साल में सबसे लंबा था। कूटनीति कभी समाप्त नहीं होती। यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा का एक साधन है। राजनयिकों को युद्ध और शांति दोनों समय में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

पाकिस्तान ने की युद्धविराम जारी रखने की मांग

21 घंटों तक चली बातचीत के विफल होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों का बातचीत की मेज पर आने के लिए धन्यवाद किया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं, युद्धविराम की समयसीमा बढ़े और दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करें।

इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
युवाओं के लिए नए ऑप्शन लाया मेडुसा; अब झारखंड में भी मिलेगा प्रीमियम टेस्ट

झारखंड, अप्रैल 2026: आज के समय में युवा सिर्फ ड्रिंक नहीं, बल्कि बेहतर टेस्ट और नया अनुभव चाहते हैं। ऐसे में, अच्छे ब्रांड्स की पहुँच हर शहर तक होना जरूरी हो जाता है। इसी जरूरत को समझते हुए मेडुसा बेवरेजेस अब झारखंड में कदम रख रहा है, जिससे यहाँ के ग्राहकों को भी प्रीमियम क्वालिटी का फायदा मिल सकेगा।

झारखंड में कंपनी का विस्तार देशभर में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब मेडुसा अपने प्रोडक्ट्स, यानि मेडुसा प्रीमियम बियर, मेडुसा एयर और मेडुसा एक्स हाउस ऑफ द ड्रैगन को रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे शहरों में उपलब्ध कराएगा। रिटेल दुकानों के जरिए ग्राहकों तक इसकी पहुँच बनाई जाएगी।

झारखंड को कंपनी एक तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देख रही है, जहाँ युवाओं की संख्या ज्यादा है और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की माँग भी बढ़ रही है। बढ़ती आय और शहरी लाइफस्टाइल इसे और मजबूत बनाते हैं।

कंपनी के एमडी और सीईओ अवनीत सिंह ने कहा, "झारखंड में हमारी एंट्री पूर्वी भारत में एक अहम् शुरुआत है। हम लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर अनुभव पहुँचा सकें। यहाँ युवाओं के बीच प्रीमियम सेगमेंट में काफी सम्भावनाएँ हैं।"

मेडुसा प्रीमियम बियर जहाँ स्मूद और बैलेंस्ड स्वाद के लिए जानी जाती है, वहीं मेडुसा एयर हल्की और ज्यादा रिफ्रेशिंग है, जो लंबे समय तक आराम से एंजॉय की जा सकती है। इस तरह कंपनी अलग-अलग पसंद के हिसाब से विकल्प दे रही है।

फिलहाल दिल्ली में करीब 10% मार्केट शेयर के साथ मेडुसा तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को और मजबूत करेगी और देश के दूसरे राज्यों में भी विस्तार करेगी। झारखंड में एंट्री के साथ मेडुसा ने अपनी ग्रोथ की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है
देखिए, ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर एक्शन सिनेमा पर 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे

*मुंबई, अप्रैल 2026:* हँसी, हंगामा और खूब मस्ती के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर शुक्रवार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे एक्शन सिनेमा पर होने जा रहा है। भुवन नुल्लन के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉरर और कॉमेडी का एक अलग ही मेल लेकर आती है। फिल्म में योगी बाबू और यशिका आनंद लीड रोल में नजर आते हैं।


एक अचानक हुए अजीब से ज़ॉम्बी हमले के बीच सेट यह कहानी अपने अलग-अलग किरदारों और उनके रिएक्शन के साथ आगे बढ़ती है। योगी बाबू अपनी खास कॉमिक टाइमिंग के साथ एक ऐसे इंसान का किरदार निभाते हैं, जो अजीब हालात में फंस जाता है, वहीं यशिका आनंद का ऐश्वर्या का किरदार इस ग्रुप में एक नई ऊर्जा जोड़ती है। फिल्म में बिजली रमेश, टीएम कार्तिक श्रीनिवासन और गोपी जैसे कलाकार भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आते हैं। हर किरदार अपनी अलग पहचान  है, कोई खुद को बहुत होशियार समझता है, तो कोई हर चीज से घबरा जाता है और इसी वजह से इन सबका यह सफर और भी मजेदार बन जाता है। फिल्म डर के पलों को भी हँसी में बदल देती है, जिससे इसकी रफ्तार लगातार बनी रहती है और दर्शक जुड़े रहते हैं।


कहानी कुछ दोस्तों के ग्रुप की है, जो अपनी रोजमर्रा की एक जैसी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए एक ट्रिप प्लान करते हैं , जहाँ उनकी मुलाकात ऐश्वर्या से होती है। लेकिन, उनकी यह सपनों की छुट्टी उस समय अचानक बदल जाती है, जब वे ज़ॉम्बी के प्रकोप का सामना करते हैं। इस अजीब और डरावनी स्थिति को समझने और उससे बच निकलने की जद्दोजहद में, जो कहानी सामने आती है, वह एक बेहद मज़ेदार और रोमांचक सफर बन जाती है, जिसमें भ्रम, डर और ज़ोरदार हँसी के पल शामिल हैं।

*देखना न भूलें ‘ज़ॉम्बी’, टीवी पर पहली बार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे, सिर्फ एक्शन सिनेमा पर।*
ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने डॉ. अतुल मलिकराम को सौंपी मध्य प्रदेश की कमान

इंदौर, अप्रैल 2026: ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने संगठन की मजबूती और विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम को मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आर.ए. वासनिक (बंटी वासनिक) की अनुशंसा पर जारी इस नियुक्ति आदेश में डॉ. मलिकराम के सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण और उनकी सक्रियता को मुख्य आधार बताया गया है। केंद्र सरकार के एससी आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त इस संगठन का उद्देश्य वंचित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है। डॉ. अतुल मलिकराम की इस नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में सामाजिक सशक्तिकरण के अभियानों को नई ऊर्जा और रणनीतिक दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर *डॉ. अतुल मलिकराम* ने अपने विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि, "नेतृत्व का असली अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं है, बल्कि उन आवाजों को ताकत देना है जो हाशिए पर खड़ी हैं; मेरा प्रयास रहेगा कि हम मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर प्राप्त हो।"

डॉ. अतुल मलिकराम एक प्रतिष्ठित राजनीतिक रणनीतिकार, प्रखर लेखक और अनुभवी पीआर सलाहकार के रूप में देश भर में अपनी अलग पहचान के लिए जाने जाते हैं। पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे मध्य प्रदेश सहित हिंदी भाषी राज्यों की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को गहराई से समझ रहे हैं। वर्ष 1999 में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करने वाले डॉ. मलिकराम ने 2006 में पीआर 24x7 की स्थापना की और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक भविष्यवाणी कर अपनी दूरदर्शिता का लोहा मनवाया। उन्हें राजनीति के साथ-साथ कम्युनिकेशन और क्राइसिस मैनेजमेंट विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है, जिसका लाभ अब संगठन के माध्यम से सीधे समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों को प्राप्त होगा।

डॉ. मलिकराम का व्यक्तित्व केवल रणनीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक संवेदनशील लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक 10 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें दिल से, दिल-ए-उम्मीद और कसक दिल की जैसी रचनाएं मानवीय भावनाओं और सामाजिक मुद्दों पर उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं। इसके अलावा वे *उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिन्हे जीएचजी/कार्बन फुटप्रिंट सर्टिफिकेट* प्राप्त है। उनके सामाजिक योगदानों में इंदौर में स्थापित देश का पहला एंगर मैनेजमेंट 'कैफे भड़ास' और बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित एनजीओ 'बीइंग रिस्पॉन्सिबल' प्रमुख हैं। राजनीति रणनीतियों की गहरी समझ के साथ उन्हें कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि तथा समाज के प्रति अपनी निस्वार्थ सेवाओं के लिए गॉडफ्रे फिलिप्स रेड एंड व्हाइट गोल्ड अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।