देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर:
भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया।
साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।


भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया।
साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।


नितेश श्रीवास्तव
*बीडीओ व कर्मचारियों को गाली देने का आडियो वायरल
मेरठ/बहसूमा। टिकोला शुगर मिल ने पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश में सबसे पहले सम्पूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मिल प्रशासन के अनुसार इस सत्र की पेराई सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है और सत्र का समापन भी हो चुका है।
जौनपुर। शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्याम नारायण मिश्र की मां वंशा देवी का 94 वर्ष की उम्र में उनके गांव सिंघावल, सिंग़रामऊ में निधन हो गया। वे अत्यंत दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केपी सिंह चौहान, कार्याध्यक्ष दुर्गा प्रसाद मिश्र, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार पाठक, सचिव अशोक कुमार सिंह, रामजनम मिश्र, गोपाल निषाद, अरविंद तिवारी, दिनेश मिश्र, पूर्व प्राचार्य विनोद कुमार तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, प्राध्यापक इंदु प्रकाश सिंह, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, रमेश दुबे, अंजनी प्रसाद मिश्र, रामकुमार तिवारी समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है। श्याम नारायण मिश्र के अलावा उनके भाई राम नारायण मिश्र, रामचंद्र मिश्र, कृष्ण चंद्र मिश्र, उदय नारायण मिश्र समेत परिवार के सभी लोग अंतिम संस्कार में शामिल रहे।
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका शिक्षण विभाग द्वारा संचालित एमपीएस हिंदी शाला हनुमान नगर, कांदिवली पूर्व के आदर्श शिक्षक वेद प्रकाश काशीनाथ शुक्ल का 30 मार्च को शाला सभागार में विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उप शिक्षणाशिकारी अशोक मिश्र ने की। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरसेविका पुष्पा रमेश कलंबे, पूर्व नगरसेविका सुरेखा रमेश पाटिल, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के रीजनल मैनेजर सुनील उपाध्याय, उद्योगपति एसपी दुबे, इंद्रजीत उपाध्याय तथा सम्मानित अतिथि के रूप में प्रमोद मिश्र, विभाग प्रमुख वैभव भरडकर, प्रधानाध्यापक शिवशंकर तिवारी,कवि राम सिंह, बजरंगलाल यादव, प्रधानाध्यापक राकेश पांडेय, समाजसेवी शिवदत्त दुबे उपस्थित रहे। प्रमुख वक्ता के रूप में पूर्व प्रधानाध्यापक रामाशंकर यादव, महापौर पुरस्कृत ईश्वरदेव पाल, डॉ धर्मेंद्र मिश्रा, राजीव त्रिपाठी, श्याम नंदन यादव, लव कुमार मिश्र, अशोक सिंह तथा जितेंद्र तिवारी ने सत्कार मूर्ति के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय परिवार द्वारा वेद प्रकाश शुक्ल के साथ-साथ उनकी धर्मपत्नी उर्मिला देवी का भी सम्मान किया गया। समारोह में श्री शुक्ल की बेटियां खुशबू शुक्ला और प्रिया दुबे के अलावा उनकी बहु रीना शुक्ला उपस्थिति रहीं। कार्यक्रम का सुंदर संचालन राज्य पुरस्कृत पूर्व प्रधानाध्यापक ब्रह्मदेव मिश्र ने किया। संगीत बिसारद राजेश सिंह ने मधुर गीत प्रस्तुत किए। अंत में प्रधानाध्यापिका जान्हवी संखे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त वेदप्रकाश के पुत्र उत्तम शुक्ल और अनुपम शुक्ल ने आए हुए अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया।
वाराणसी। योगी आदित्यनाथ ने शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियों की पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कक्षाओं के छात्रों को पाठ्यपुस्तकों एवं शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया। इनमें कक्षा एक के विकास, कक्षा दो की श्रेया सोनकर, कक्षा तीन की कजरी, कक्षा चार की दीपशिखा, कक्षा पांच की रोली सोनकर, कक्षा छह की श्रेया यादव और कली केशरी, कक्षा सात की रुचि यादव तथा कक्षा आठ की साक्षी गुप्ता शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने जनपद के पांच “निपुण विद्यालयों” के प्रधानाध्यापकों—प्राथमिक विद्यालय नयापुर, सगुनाहा, फरीदपुर तथा कंपोजिट विद्यालय भसार और महमूरगंज—को प्रमाण पत्र प्रदान किए। साथ ही अभय कुमार पटेल, जानवी, श्रेयांश, नैंसी और सरस्वती जैसे “निपुण विद्यार्थियों” को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने “स्कूल चलो अभियान” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, जिनमें विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विकास, ड्रॉपआउट दर में कमी और नामांकन अनुपात में वृद्धि शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। मंत्री ने बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उन्नत किए जाने तथा शेष ब्लॉकों में नए विद्यालय स्थापित करने की जानकारी दी। साथ ही प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “बाल वाटिका” की शुरुआत का भी उल्लेख किया, जहां 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की नकल आधारित शिक्षा व्यवस्था के विपरीत, वर्तमान सरकार नकलविहीन परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दे रही है।

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