पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, आपराधिक कार्रवाई पर रोक

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल उनके विरुद्ध जारी आपराधिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

मामले की स्थिति

मणिलाल पाटीदार ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए संबंधित आपराधिक कार्रवाई पर स्थगन आदेश पारित किया।

कोर्ट का रुख

हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले के तथ्यों और याचिका में उठाए गए कानूनी बिंदुओं को देखते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत अंतरिम प्रकृति की है और मामले की विस्तृत सुनवाई अभी शेष है।

कानूनी स्थिति

अदालत के आदेश के बाद पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। अगली सुनवाई में कोर्ट मामले के गुण-दोष पर विस्तार से विचार करेगा।

विश्लेषण

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आपराधिक कार्रवाई पर रोक का अर्थ आरोपी को क्लीन चिट मिलना नहीं होता। यह केवल संकेत देता है कि अदालत को प्रथम दृष्टया मामले में कुछ कानूनी प्रश्न विचारणीय लगे हैं। अंतिम निर्णय पूर्ण सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

* सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामला खत्म, IAS अभिषेक प्रकाश को भी बड़ी राहत

नौकरशाही को झकझोर देने वाले सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश से जुड़े आपराधिक प्रकरण को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत कोई अपराध बनता ही नहीं है।

अदालत ने 15 मई 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट को रद्द कर दिया, साथ ही 17 मई को जारी तलबी आदेश को भी निरस्त कर दिया। यह मामला सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा था, जिसमें कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

इस प्रकरण में 20 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने जांच कर कार्रवाई की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वयं अदालत में स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री से की गई शिकायत गलतफहमी में दर्ज हुई थी।

कोर्ट की टिप्पणी

अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित नहीं होते और BNS तथा PC Act के तहत अपराध का गठन नहीं होता। इसी आधार पर पूरे आपराधिक प्रकरण को समाप्त कर दिया गया।

आगे की स्थिति

मामला खत्म होने के बाद आईएएस अभिषेक प्रकाश की बहाली की संभावना प्रबल मानी जा रही है। इस फैसले को प्रदेश की नौकरशाही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, 3 मिनट 10 सेकेंड के राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होना जरूरी

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि राष्ट्रगान और जन गण मन को एक साथ गाया जाता है या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। साथ ही इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

राष्ट्रगान से पहले बजेगा राष्ट्रगीत

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में समेत सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजेगा, और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।

वंदे मातरम का पूरा छह पैराग्राफ बजाना अनिवार्य

28 जनवरी को गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए 10 पन्नों के आदेश यह अनिवार्य किया गया है कि तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, साथ ही राज्यपाल के भाषणों से पहले और बाद में समेत कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण बजाया या गाया जाए।

सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम

गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि जब किसी समाचार या वीडियो के दौरान राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाता है तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती है। क्योंकि खड़े होने से फिल्म का प्रदर्शन बाधित होगा और राष्ट्रगान की गरिमा बढ़ाने के बजाय अव्यवस्था और भ्रम की स्थित उत्पन्न होगी।

बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना है राष्ट्रगीत वंदे मातरम

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया।

प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
पुलिस थानों के सीसीटीवी बार-बार खराब होने पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत जांच के निर्देश
प्रयागराज/ लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों में लगातार सामने आ रही खराबियों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को इसकी व्यक्तिगत रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को “बार-बार का संयोग” मानकर टाला नहीं जा सकता।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने सीसीटीवी कैमरों की विफलता पर यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि अब समय आ गया है कि जवाबदेही भी “गुरुत्वाकर्षण के नियम” का पालन करे, अर्थात यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित हो, न कि इसके विपरीत, जहां केवल कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर या इंस्पेक्टर को बलि का बकरा बनाया जाता है।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव द्वारा की जाने वाली जांच के दौरान जिले में तैनात उच्चतम पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों पर भी विचार किया जाए। अदालत ने संकेत दिया कि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने की पूजा-अर्चना, आज सदन में रखा जाएगा अहम प्रस्ताव,बुंदेलखंड को मिल सकता है बड़ा पैकेज
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, आर्थिक प्रगति और नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बजट में क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रमुखता दी जा सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान संभावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 पिछड़े जिलों में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
आज  पेश होगा योगी सरकार का दसवां बजट, विकास और निवेश पर रहेगा फोकस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार 11 फरवरी को अपना दसवां बजट विधानसभा में पेश करेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए इस बजट को लेकर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट तैयार करते समय प्रदेश की विकास आवश्यकताओं, आम जनता की उम्मीदों और सुशासन की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा गया है। उनके अनुसार यह बजट राज्य की आर्थिक मजबूती और दीर्घकालिक विकास की दिशा में रोडमैप प्रस्तुत करेगा।

सरकार का दावा है कि बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश और आधारभूत ढांचे में जो सुधार हुए हैं, यह बजट उन्हें आगे बढ़ाने का काम करेगा। पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के साथ कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

बजट में युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण तथा औद्योगिक विकास को बढ़ाने के उपाय शामिल किए गए हैं। साथ ही पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की बात कही गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए तैयार किया गया यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
9.5 लाख करोड़ के बजट पर आज कैबिनेट की मुहर संभव, क्षेत्रीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रारूप को मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में करीब 10 प्रस्तावों पर विचार होगा, जिनमें स्थापना और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।

करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित आकार वाला यह बजट 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार का अंतिम पूर्ण बजट माना जा रहा है। ऐसे में सरकार विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक संदेश देने की तैयारी में है।

क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष फोकस

सरकार पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान कर सकती है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 जिलों में आधारभूत सुविधाओं को गति मिलेगी।

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए भी बजट में विशेष पैकेज संभव है। प्राधिकरण के अंतर्गत अधिग्रहित की जाने वाली शेष जमीन और औद्योगिक ढांचे के विकास के लिए अलग से धनराशि रखी जा सकती है।

एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी परियोजनाएं

प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान संभावित है। लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक मार्ग तथा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता मिल सकती है।

जनकल्याण योजनाओं में बढ़ोतरी

सरकार वृद्धावस्था और निराश्रित महिला पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। शिक्षा मित्रों के मानदेय में वृद्धि और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने की योजनाएं भी बजट का हिस्सा बन सकती हैं। मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण योजना को आगे बढ़ाने के संकेत भी हैं।

विभागवार संभावित आवंटन

सड़क सुधार के लिए 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक, गृह विभाग (साइबर अपराध नियंत्रण सहित) के लिए करीब 48 हजार करोड़ रुपये तथा परिवहन सुरक्षा के लिए लगभग 4700 करोड़ रुपये का प्रावधान हो सकता है। हवाई अड्डों और जलमार्ग विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये और मेट्रो परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये तक की राशि प्रस्तावित बताई जा रही है।

वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि यह बजट प्रदेश की विकास जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इसमें पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देते हुए कृषि, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
ट्रेनों की बढ़ती संख्या के बीच जीआरपी को मिलेगी अतिरिक्त फोर्स, 2740 पुलिसकर्मी एक साल की विशेष ड्यूटी पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ट्रेनों और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। बीते 28 वर्षों से जीआरपी (Government Railway Police) की स्वीकृत जनशक्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में अब कमिश्नरेट और जिलों में तैनात 2740 पुलिसकर्मियों को एक वर्ष की विशेष ड्यूटी पर जीआरपी में तैनात किया जाएगा।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि चयनित पुलिसकर्मियों को उनके गृह जनपद के जीआरपी थानों में ही तैनाती दी जाएगी। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल होंगी।

वर्तमान में जीआरपी में वर्ष 1998 से डीजी से लेकर सिपाही तक कुल 6000 पद स्वीकृत हैं। इस दौरान प्रदेश में ट्रेनों की संख्या बढ़कर 3050 और प्रतिदिन यात्रियों की संख्या लगभग 30 लाख तक पहुंच गई है, लेकिन जनशक्ति में वृद्धि नहीं हो सकी।

जानकारी के अनुसार, जीआरपी कर्मियों के वेतन का आधा हिस्सा रेल मंत्रालय वहन करता है। अतिरिक्त पदों की स्वीकृति को लेकर कई बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी।

अब नई व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही रैंक तक के 2740 पुलिसकर्मी एक वर्ष के लिए जीआरपी में तैनात रहेंगे। उनका वेतन संबंधित कमिश्नरेट या जिले से ही जारी होगा। आवश्यकता पड़ने पर कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है।

एडीजी रेलवे प्रकाश डी. ने बताया कि डीजीपी की स्वीकृति के बाद सभी जिलों और कमिश्नरेट से पुलिसकर्मी मांगे गए हैं। श्रावस्ती जनपद को इसमें शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वहां रेलवे लाइन नहीं है। अतिरिक्त फोर्स मिलने से ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
शिक्षक दिवस से पहले 15 शिक्षकों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान
लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। इस बार प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के 15 शिक्षकों को चयनित किया गया है।

विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र ने बताया कि राज्य चयन समिति ने मंडलीय समितियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर शिक्षकों का साक्षात्कार और प्रस्तुतीकरण कराया। निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन के बाद अंतिम सूची को मंजूरी दी गई।

पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों में गाजियाबाद की रेनू तोमर, वाराणसी के डॉ. रमेश प्रताप सिंह और प्रकाश नारायण सिंह, रायबरेली के गिरिजेश कुमार मल्ल, मुरादाबाद के डॉ. अनुज कुमार अग्रवाल, गोरखपुर के महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, संत कबीर नगर के अरुण कुमार ओझा और डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, रामपुर के डॉ. गौरव वार्ष्णेय, हापुड़ के अमित कुमार शर्मा, भदोही के डॉ. हरिश्चंद्र यादव, फिरोजाबाद के अश्वनी कुमार जैन, बरेली के राजपाल व डॉ. संजय कुमार सिंह तथा आगरा के गुणधर लाल जैन शामिल हैं।

चयनित शिक्षकों को सेवा विस्तार के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी। परंपरा के अनुसार शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है। हालांकि इस वर्ष अब तक मुख्यमंत्री पुरस्कार की अलग से घोषणा नहीं की गई है।
पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, आपराधिक कार्रवाई पर रोक

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल उनके विरुद्ध जारी आपराधिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

मामले की स्थिति

मणिलाल पाटीदार ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए संबंधित आपराधिक कार्रवाई पर स्थगन आदेश पारित किया।

कोर्ट का रुख

हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले के तथ्यों और याचिका में उठाए गए कानूनी बिंदुओं को देखते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत अंतरिम प्रकृति की है और मामले की विस्तृत सुनवाई अभी शेष है।

कानूनी स्थिति

अदालत के आदेश के बाद पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। अगली सुनवाई में कोर्ट मामले के गुण-दोष पर विस्तार से विचार करेगा।

विश्लेषण

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आपराधिक कार्रवाई पर रोक का अर्थ आरोपी को क्लीन चिट मिलना नहीं होता। यह केवल संकेत देता है कि अदालत को प्रथम दृष्टया मामले में कुछ कानूनी प्रश्न विचारणीय लगे हैं। अंतिम निर्णय पूर्ण सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

* सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामला खत्म, IAS अभिषेक प्रकाश को भी बड़ी राहत

नौकरशाही को झकझोर देने वाले सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश से जुड़े आपराधिक प्रकरण को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत कोई अपराध बनता ही नहीं है।

अदालत ने 15 मई 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट को रद्द कर दिया, साथ ही 17 मई को जारी तलबी आदेश को भी निरस्त कर दिया। यह मामला सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा था, जिसमें कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

इस प्रकरण में 20 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने जांच कर कार्रवाई की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वयं अदालत में स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री से की गई शिकायत गलतफहमी में दर्ज हुई थी।

कोर्ट की टिप्पणी

अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित नहीं होते और BNS तथा PC Act के तहत अपराध का गठन नहीं होता। इसी आधार पर पूरे आपराधिक प्रकरण को समाप्त कर दिया गया।

आगे की स्थिति

मामला खत्म होने के बाद आईएएस अभिषेक प्रकाश की बहाली की संभावना प्रबल मानी जा रही है। इस फैसले को प्रदेश की नौकरशाही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, 3 मिनट 10 सेकेंड के राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होना जरूरी

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि राष्ट्रगान और जन गण मन को एक साथ गाया जाता है या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। साथ ही इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

राष्ट्रगान से पहले बजेगा राष्ट्रगीत

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में समेत सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजेगा, और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।

वंदे मातरम का पूरा छह पैराग्राफ बजाना अनिवार्य

28 जनवरी को गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए 10 पन्नों के आदेश यह अनिवार्य किया गया है कि तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, साथ ही राज्यपाल के भाषणों से पहले और बाद में समेत कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण बजाया या गाया जाए।

सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम

गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि जब किसी समाचार या वीडियो के दौरान राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाता है तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती है। क्योंकि खड़े होने से फिल्म का प्रदर्शन बाधित होगा और राष्ट्रगान की गरिमा बढ़ाने के बजाय अव्यवस्था और भ्रम की स्थित उत्पन्न होगी।

बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना है राष्ट्रगीत वंदे मातरम

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया।

प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
पुलिस थानों के सीसीटीवी बार-बार खराब होने पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत जांच के निर्देश
प्रयागराज/ लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों में लगातार सामने आ रही खराबियों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को इसकी व्यक्तिगत रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को “बार-बार का संयोग” मानकर टाला नहीं जा सकता।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने सीसीटीवी कैमरों की विफलता पर यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि अब समय आ गया है कि जवाबदेही भी “गुरुत्वाकर्षण के नियम” का पालन करे, अर्थात यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित हो, न कि इसके विपरीत, जहां केवल कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर या इंस्पेक्टर को बलि का बकरा बनाया जाता है।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव द्वारा की जाने वाली जांच के दौरान जिले में तैनात उच्चतम पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों पर भी विचार किया जाए। अदालत ने संकेत दिया कि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने की पूजा-अर्चना, आज सदन में रखा जाएगा अहम प्रस्ताव,बुंदेलखंड को मिल सकता है बड़ा पैकेज
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, आर्थिक प्रगति और नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बजट में क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रमुखता दी जा सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान संभावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 पिछड़े जिलों में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
आज  पेश होगा योगी सरकार का दसवां बजट, विकास और निवेश पर रहेगा फोकस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार 11 फरवरी को अपना दसवां बजट विधानसभा में पेश करेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए इस बजट को लेकर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट तैयार करते समय प्रदेश की विकास आवश्यकताओं, आम जनता की उम्मीदों और सुशासन की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा गया है। उनके अनुसार यह बजट राज्य की आर्थिक मजबूती और दीर्घकालिक विकास की दिशा में रोडमैप प्रस्तुत करेगा।

सरकार का दावा है कि बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश और आधारभूत ढांचे में जो सुधार हुए हैं, यह बजट उन्हें आगे बढ़ाने का काम करेगा। पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के साथ कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

बजट में युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण तथा औद्योगिक विकास को बढ़ाने के उपाय शामिल किए गए हैं। साथ ही पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की बात कही गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए तैयार किया गया यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
9.5 लाख करोड़ के बजट पर आज कैबिनेट की मुहर संभव, क्षेत्रीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रारूप को मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में करीब 10 प्रस्तावों पर विचार होगा, जिनमें स्थापना और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।

करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित आकार वाला यह बजट 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार का अंतिम पूर्ण बजट माना जा रहा है। ऐसे में सरकार विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक संदेश देने की तैयारी में है।

क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष फोकस

सरकार पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान कर सकती है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 जिलों में आधारभूत सुविधाओं को गति मिलेगी।

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए भी बजट में विशेष पैकेज संभव है। प्राधिकरण के अंतर्गत अधिग्रहित की जाने वाली शेष जमीन और औद्योगिक ढांचे के विकास के लिए अलग से धनराशि रखी जा सकती है।

एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी परियोजनाएं

प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान संभावित है। लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक मार्ग तथा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता मिल सकती है।

जनकल्याण योजनाओं में बढ़ोतरी

सरकार वृद्धावस्था और निराश्रित महिला पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। शिक्षा मित्रों के मानदेय में वृद्धि और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने की योजनाएं भी बजट का हिस्सा बन सकती हैं। मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण योजना को आगे बढ़ाने के संकेत भी हैं।

विभागवार संभावित आवंटन

सड़क सुधार के लिए 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक, गृह विभाग (साइबर अपराध नियंत्रण सहित) के लिए करीब 48 हजार करोड़ रुपये तथा परिवहन सुरक्षा के लिए लगभग 4700 करोड़ रुपये का प्रावधान हो सकता है। हवाई अड्डों और जलमार्ग विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये और मेट्रो परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये तक की राशि प्रस्तावित बताई जा रही है।

वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि यह बजट प्रदेश की विकास जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इसमें पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देते हुए कृषि, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
ट्रेनों की बढ़ती संख्या के बीच जीआरपी को मिलेगी अतिरिक्त फोर्स, 2740 पुलिसकर्मी एक साल की विशेष ड्यूटी पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ट्रेनों और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। बीते 28 वर्षों से जीआरपी (Government Railway Police) की स्वीकृत जनशक्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में अब कमिश्नरेट और जिलों में तैनात 2740 पुलिसकर्मियों को एक वर्ष की विशेष ड्यूटी पर जीआरपी में तैनात किया जाएगा।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि चयनित पुलिसकर्मियों को उनके गृह जनपद के जीआरपी थानों में ही तैनाती दी जाएगी। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल होंगी।

वर्तमान में जीआरपी में वर्ष 1998 से डीजी से लेकर सिपाही तक कुल 6000 पद स्वीकृत हैं। इस दौरान प्रदेश में ट्रेनों की संख्या बढ़कर 3050 और प्रतिदिन यात्रियों की संख्या लगभग 30 लाख तक पहुंच गई है, लेकिन जनशक्ति में वृद्धि नहीं हो सकी।

जानकारी के अनुसार, जीआरपी कर्मियों के वेतन का आधा हिस्सा रेल मंत्रालय वहन करता है। अतिरिक्त पदों की स्वीकृति को लेकर कई बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी।

अब नई व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही रैंक तक के 2740 पुलिसकर्मी एक वर्ष के लिए जीआरपी में तैनात रहेंगे। उनका वेतन संबंधित कमिश्नरेट या जिले से ही जारी होगा। आवश्यकता पड़ने पर कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है।

एडीजी रेलवे प्रकाश डी. ने बताया कि डीजीपी की स्वीकृति के बाद सभी जिलों और कमिश्नरेट से पुलिसकर्मी मांगे गए हैं। श्रावस्ती जनपद को इसमें शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वहां रेलवे लाइन नहीं है। अतिरिक्त फोर्स मिलने से ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
शिक्षक दिवस से पहले 15 शिक्षकों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान
लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। इस बार प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के 15 शिक्षकों को चयनित किया गया है।

विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र ने बताया कि राज्य चयन समिति ने मंडलीय समितियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर शिक्षकों का साक्षात्कार और प्रस्तुतीकरण कराया। निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन के बाद अंतिम सूची को मंजूरी दी गई।

पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों में गाजियाबाद की रेनू तोमर, वाराणसी के डॉ. रमेश प्रताप सिंह और प्रकाश नारायण सिंह, रायबरेली के गिरिजेश कुमार मल्ल, मुरादाबाद के डॉ. अनुज कुमार अग्रवाल, गोरखपुर के महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, संत कबीर नगर के अरुण कुमार ओझा और डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, रामपुर के डॉ. गौरव वार्ष्णेय, हापुड़ के अमित कुमार शर्मा, भदोही के डॉ. हरिश्चंद्र यादव, फिरोजाबाद के अश्वनी कुमार जैन, बरेली के राजपाल व डॉ. संजय कुमार सिंह तथा आगरा के गुणधर लाल जैन शामिल हैं।

चयनित शिक्षकों को सेवा विस्तार के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी। परंपरा के अनुसार शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है। हालांकि इस वर्ष अब तक मुख्यमंत्री पुरस्कार की अलग से घोषणा नहीं की गई है।