बेटियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी

आजमगढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, राम मंदिर, विकास और ऊर्जा सुरक्षा पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी आदिति यादव के संबंध में सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है तथा इस प्रकार की टिप्पणियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद यह सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में होम्योपैथिक कॉलेज की स्वीकृति के बाद भी समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना को गति मिली और आज यहां आयुष क्षेत्र के डॉक्टर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण नए अवसर पैदा हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सीएनजी और एथेनॉल उत्पादन को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रयासों से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है।

गोरखपुर में योगी ने कहा, नया भारत विकास, सुरक्षा और गरीब कल्याण का प्रतीक



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर संकट और संघर्ष की स्थिति के बावजूद भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तनाव का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत में सीएनजी और एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का लाभ देश को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर देश को भी महंगाई की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भारत में महंगाई नियंत्रित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नया भारत गरीब कल्याण, विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है और अपराध व माफिया तंत्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा वातावरण और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

भाजपा के 12 वर्ष सेवा, सुशासन, विश्वास एवं जनकल्याण को समर्पित रहे : असीम अरुण
रितेश मिश्रा
हरदोई, भारतीय जनता पार्टी के “12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत आज उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय प्रभारी मंत्री श्री असीम अरुण जी ने हरदोई जनपद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। कार्यक्रमों के उपरांत उन्होंने भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष श्री अजीत सिंह बब्बन के नेतृत्व में जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए माननीय प्रभारी मंत्री श्री असीम अरुण ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहां प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की शक्ति और पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी को पूर्ण अनुशासन, समर्पण और निष्ठा के साथ दिन-रात संगठन एवं समाज की सेवा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने श्री असीम अरुण जी
थाना दिवस पर लेखपाल व ग्राम प्रधान पर रिश्वतखोरी और भेदभाव के आरोप, पीड़ित ने कोतवाली में दी तहरीर।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)।कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज की ग्राम पंचायत कोरोकला के मजरा खेरवा निवासी कमलेश पुत्र संतराम ने शनिवार को आयोजित थाना दिवस में पहुंचकर क्षेत्रीय लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली बेनीगंज में प्रार्थना पत्र दिया। मामले की शिकायत नायब तहसीलदार कोथावां अनुपमा वर्मा एवं प्रभारी निरीक्षक सतीश चंद्र के समक्ष की गई।
पीड़ित कमलेश का आरोप है कि वह अपने पूर्वजों के मकान से लगी सहन की भूमि पर निर्माण कार्य करा रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रधान द्वारा सूचना दिए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। आरोप है कि निर्माण कार्य को लेकर लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा उससे ₹20,000 की मांग की गई। पीड़ित का कहना है कि धनराशि दिए जाने के बावजूद उसका निर्माण कार्य रुकवा दिया गया, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रार्थी ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम समाज की खलिहान एवं होलिका दहन की भूमि पर ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा अवैध कब्जा कर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। साथ ही उक्त भूमि पर खेती किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने मामले में जातिगत भेदभाव, गरीबों के उत्पीड़न तथा प्रशासनिक संरक्षण मिलने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
कमलेश ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपने मकान निर्माण कार्य में उत्पन्न की जा रही बाधाओं को दूर कर न्याय दिलाने की अपील की है।
थाना दिवस के दौरान मौजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय लेखपाल सुभाष कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का लेन-देन नहीं किया है और शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य नहीं हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाने तथा दोषी पाए जाने वाले पक्ष के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।
गया को मिलेगी टेक्नोलॉजी की नई उड़ान: अतरी विधानसभा के देवगांव में 200 करोड़ के अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का 15 जून को सीएम सम्राट चौधरी करेंग

गया। अतरी विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात के रूप में खिजरसराय प्रखंड के देवगांव में 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास 15 जून को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इसकी जानकारी अतरी विधायक रोमित कुमार ने शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों होगा। इस परियोजना से न केवल गया जिला बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

विधायक ने बताया कि प्रस्तावित टेक्नोलॉजी सेंटर में आठवीं कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के छात्र-छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि छह माह से लेकर तीन वर्ष तक निर्धारित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार कौशल विकास का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस टेक्नोलॉजी सेंटर में हार्डवेयर, मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, स्पेसक्राफ्ट, परफ्यूम इंडस्ट्री समेत कई आधुनिक और उभरते क्षेत्रों से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। 

इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, ब्यूटीशियन तथा अन्य स्वरोजगार आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। विधायक रोमित कुमार ने कहा कि केंद्र के शुरू होने के बाद औसतन 10 हजार विद्यार्थी यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इनमें गया जिला, मगध प्रमंडल, बिहार के अन्य जिलों तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा अपने कौशल के बल पर रोजगार हासिल कर सकेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास का बड़ा केंद्र बनेगी। इससे स्थानीय युवाओं का पलायन कम होगा और उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकेंगे। देगांव में बनने वाला यह टेक्नोलॉजी सेंटर आने वाले समय में गया और मगध क्षेत्र के लिए विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय साबित हो सकता है।

ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम

- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों को उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। एसवीईपी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि  डबल इन्जन सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) का एक महत्वपूर्ण घटक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण उद्यमों को पूंजी, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने और संचालित करने में सहायता मिलती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी केन्द्रांश मदर सैंक्शन के तहत 600 लाख रुपये तथा इसके सापेक्ष राज्यांश के रूप में 400 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार एसवीईपी योजना के अंतर्गत कुल 1000 लाख रुपये (10 करोड़ रुपये मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
एसवीईपी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। यह कार्यक्रम प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
यूपी सरकार ने लॉन्च किया ‘डिजिटल लेबर चौक’ ऐप

- 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों को मिलेगा रोजगार का डिजिटल मंच
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग की पहल
- श्रमिकों और नियोजकों को एक मंच पर जोड़ेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘डिजिटल लेबर चौक (डीएलसी)’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून को श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा इस अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म को जनता के लिए समर्पित किया गया।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा विकसित यह ऐप श्रमिकों और नियोजकों को एक ही मंच पर लाकर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने तथा श्रम बाजार को अधिक संगठित, पारदर्शी और सुलभ बनाने में मदद करेगा।
इस प्लेटफॉर्म पर श्रमिक मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर अपनी प्रोफाइल बना सकेंगे। वे अपने कौशल, व्यवसाय, कार्य अनुभव और पसंदीदा कार्यस्थल सहित अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं नियोजक भी पंजीकरण कर श्रमिकों की आवश्यकता, कार्य का प्रकार और कार्यस्थल संबंधी जानकारी साझा कर सकेंगे।
ऐप में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों और नियोजकों की डिजिटल मैचिंग की जाएगी। इससे श्रमिकों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार मिलेगा, जबकि नियोजकों को जरूरत के अनुसार उपयुक्त एवं प्रशिक्षित श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
प्रदेश में वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर लगभग 8.40 करोड़ श्रमिक तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 1.93 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार 10 करोड़ से अधिक श्रमिक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकेंगे।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार, डिजिटल लेबर चौक ऐप श्रमिकों और रोजगारदाताओं के बीच की दूरी कम करते हुए रोजगार उपलब्धता को आसान और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
संजय उपाध्याय ने संजय राऊत के खिलाफ बोला करारा हमला
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना मुगल शासक 'औरंगजेब' से की और उन्हें 'अघोरी' (क्रूर) तक कह दिया। बोरीवली के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने संजय राऊत पर करारा हमला बोलते हुए इस विकृति मानसिकता और हताशा में दिया गया बयान बताया। उन्होंने कहा कि जैसा डर छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर औरंगजेब के मन में रहता था, वैसा ही डर प्रधानमंत्री को लेकर संजय राऊत के मन में रहता है। उन्होंने कहा कि यह डर अच्छा है और संजय राऊत जैसे विकृति और खोखली मानसिकता वाले व्यक्ति के अंदर यह डर बना रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि श्री राऊत को आत्म मंथन करना चाहिए कि हर सुबह उनके जुबान से इस तरह की घटिया सोच वाली बातें क्यों निकलती हैं। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से हताश और निराश हो चुके संजय राऊत अपने आका को खुश करने के लिए इस तरह की ओछी बयान बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह की बयान बाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
रामगढ़ माइंस हादसा मामले में एसपी और डीसी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोषियों पर हो कार्रवाई : आदित्य साहू

रामगढ़ अवैध माइंस हादसा में चार मजदूरों की मौत मामले में भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मामले में जिले के एसपी और डीसी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड में स्थिति कितनी भयावह है कि राज्य के वित्त मंत्री की बात पुलिस प्रशासन नहीं सुन रहा है। मजबूरन वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को खुद छापामारी करनी पड़ रही है। सोचिए झारखंड सरकार किस प्रकार चल रही है।

श्री साहू ने कहा कि हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री खनन विभाग की समीक्षा की थी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके पहले भी मुख्यमंत्री और डीजीपी ने कई बार अवैध खनन मामले में कड़ी कार्रवाई की बात की है। बावजूद राज्य में कहीं भी मुख्यमंत्री के इस निर्देश का कोई असर नहीं दिखता और पूरे राज्य में माफियाओं द्वारा अपना साम्राज्य जारी है।

श्री साहू ने कहा कि दरअसल मुख्यमंत्री का अवैध खनन पर सख्ती का निर्देश केवल आईवॉश होता है। यह सख्त निर्देश काला कारोबार रोकने के लिए नहीं बल्कि अपना कमीशन का रेट बढ़ाने के लिए दिया जाता है। राज्य सरकार बतलाए कि उस समीक्षा के बाद कितने अफसरों और माफियाओं पर कार्रवाई की गई।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड अवैध खनन का अड्डा बन चुका है। पूरे राज्य में आए दिन अवैध खनन में लोगों की मौत, गोलीबारी, बमबाजी आम बात हो गई है। सरकार और प्रशासन के संरक्षण में सारा खेल खेला जा रहा है।

झारखंड में अवैध खनन मामले में ईडी, सीबीआई की इंट्री हो या हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के ही संज्ञान में सारा मामला क्यों ना हो परंतु धनबाद, संताल परगना सहित पूरे राज्य में माफियाओं द्वारा अवैध कारोबार का अपना साम्राज्य स्थापित किया गया है। कोयला, बालू, पत्थर, जमीन सहित खनिज संपदाओं की खुलेआम लूट खसोट जारी है।

श्री साहू ने कहा कि रामगढ़ में अवैध खदान में अवैध कोयला निकालने का किया जा रहा था। बड़ा प्रश्न है कि इस प्रकार का अवैध खनन का कारोबार किसकी शह पर होता है, सारी जिम्मेदार एजेंसियां क्या करती हैं ? स्पष्ट है कि सब कुछ सरकार और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अंजाम दिया जाता है। हर घटना की तरह इस मामले में भी दोषियों पर कार्रवाई की बजाय सरकार लीपापोती का खेल अगर खेलती है तो पार्टी आंदोलन को बाध्य होगी।

ठेकेदार की लापरवाही के कारण श्रमिक की मौत,मचा कोहराम

कार्रवाई एवं मुआवजा दिलाए जाने के लिए थाना ख़ुलदाबाद मे ठेकेदार के खिलाफ  F.I.R दर्ज

प्रयागराज|अजय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, निवासी भोपतपुर तारापुर करेहदा उपरहार, थाना एयरपोर्ट, जनपद प्रयागराज का निवासी है।
दिनांक 09.06.2026 को अजय का छोटा भाई विनय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, उम्र लगभग 35 वर्ष, जो शटरिंग मिस्त्री का कार्य करता था, प्रतिदिन की भांति अपने कार्य पर गया था। वह ठेकेदार असगर खान के साथ चकिया स्थित निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहा था, जो थाना खुल्दाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
दिनांक 09.06.2026 को लगभग शाम 4 बजे मृतक के साथ कार्य कर रहे अन्य श्रमिकों द्वारा परिवार को सूचना दी गई कि कार्यस्थल पर दुर्घटना हो गई है तथा विनय कुमार विश्वकर्मा को उपचार हेतु कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया है। सूचना प्राप्त होते ही अजय एवं अन्य परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे,जहां ज्ञात हुआ कि विनय कुमार विश्वकर्मा की मृत्यु हो चुकी है।
अजय  का आरोप है कि उक्त दुर्घटना कार्यस्थल पर ठेकेदार एवं संबंधित व्यक्तियों की घोर लापरवाही के कारण हुई है। निर्माण स्थल पर बिजली के तारों एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण यह दुखद घटना घटित हुई। यदि आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो अजय के भाई की जान बच सकती थी।
मृतक विनय कुमार विश्वकर्मा
अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे उसकी पत्नी एवं लगभग 2 वर्ष की एक पुत्री हैं, एवं माता पिता भी साथ रहते है, जिनका भरण-पोषण अब अत्यंत कठिन हो गया है। परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है।परिवार ने प्रशासन से पत्र के ज़रिये  निवेदन किया है कि उक्त घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराकर दोषी ठेकेदार एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शासन एवं श्रम कानूनों के अंतर्गत देय उचित मुआवजा एवं अन्य आर्थिक सहायता दिलाने की कृपा की जाए।
पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर तीसरे दिन भी जारी रहेगा आंदोलन

मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे सोमवार को रक्त-पत्र


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 23,775 पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस, प्रयागराज स्थित धरना स्थल पर युवा मंच के बैनर तले आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि यदि सरकार ने लाखों बेरोजगार युवाओं की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार को प्रदेश भर के अभ्यर्थियों की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को  रक्त-पत्र भेजे जाएंगे, जिनके माध्यम से पुरानी नियमावली के आधार पर तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग की जाएगी।

श्री सिंह ने कहा कि नई नियमावली के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में अचानक किया गया बदलाव लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बिना किसी पूर्व सूचना के नई व्यवस्था में धकेलना पूरी तरह छात्र एवं युवा विरोधी कदम है। इससे लाखों अभ्यर्थियों के रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे और उनके सपने टूट जाएंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते युवाओं की आवाज नहीं सुनी तो प्रदेश भर में व्यापक जनआंदोलन खड़ा होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। युवा मंच किसी भी कीमत पर युवाओं के अधिकारों का हनन नहीं होने देगा तथा पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी होने तक संघर्ष जारी रहेगा रविवार को भी आन्दोलन जारी रखने व ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को आन्दोलन का हिस्सा बनने की अपील की है।

इस अवसर पर युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, एल०के० चौधरी, पी०एन० वर्मा, अखिलेश वर्मा, बृजेश सिंह, रिंकी चौहान, रीता जायसवाल, आरती सिंह, अनीता यादव, सुमन यादव, अर्चना कुशवाहा, नेहा सिंह, ममता पटेल, प्रियंका मिश्रा, पीयूषिका यादव, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, अश्विनी कुमार, सूरज कुमार सोनी, ईश्वर कुमार, धर्मेंद्र त्रिपाठी, दिलीप वर्मा, दिनेश कुमार यादव, बृजेश पांडेय, गंगा प्रसाद सिंह सहित अनेक अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
बेटियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी

आजमगढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, राम मंदिर, विकास और ऊर्जा सुरक्षा पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी आदिति यादव के संबंध में सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है तथा इस प्रकार की टिप्पणियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद यह सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में होम्योपैथिक कॉलेज की स्वीकृति के बाद भी समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना को गति मिली और आज यहां आयुष क्षेत्र के डॉक्टर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण नए अवसर पैदा हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सीएनजी और एथेनॉल उत्पादन को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रयासों से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है।

गोरखपुर में योगी ने कहा, नया भारत विकास, सुरक्षा और गरीब कल्याण का प्रतीक



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर संकट और संघर्ष की स्थिति के बावजूद भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तनाव का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत में सीएनजी और एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का लाभ देश को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर देश को भी महंगाई की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भारत में महंगाई नियंत्रित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नया भारत गरीब कल्याण, विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है और अपराध व माफिया तंत्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा वातावरण और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

भाजपा के 12 वर्ष सेवा, सुशासन, विश्वास एवं जनकल्याण को समर्पित रहे : असीम अरुण
रितेश मिश्रा
हरदोई, भारतीय जनता पार्टी के “12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत आज उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय प्रभारी मंत्री श्री असीम अरुण जी ने हरदोई जनपद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। कार्यक्रमों के उपरांत उन्होंने भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष श्री अजीत सिंह बब्बन के नेतृत्व में जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए माननीय प्रभारी मंत्री श्री असीम अरुण ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहां प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की शक्ति और पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी को पूर्ण अनुशासन, समर्पण और निष्ठा के साथ दिन-रात संगठन एवं समाज की सेवा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने श्री असीम अरुण जी
थाना दिवस पर लेखपाल व ग्राम प्रधान पर रिश्वतखोरी और भेदभाव के आरोप, पीड़ित ने कोतवाली में दी तहरीर।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)।कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज की ग्राम पंचायत कोरोकला के मजरा खेरवा निवासी कमलेश पुत्र संतराम ने शनिवार को आयोजित थाना दिवस में पहुंचकर क्षेत्रीय लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली बेनीगंज में प्रार्थना पत्र दिया। मामले की शिकायत नायब तहसीलदार कोथावां अनुपमा वर्मा एवं प्रभारी निरीक्षक सतीश चंद्र के समक्ष की गई।
पीड़ित कमलेश का आरोप है कि वह अपने पूर्वजों के मकान से लगी सहन की भूमि पर निर्माण कार्य करा रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रधान द्वारा सूचना दिए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। आरोप है कि निर्माण कार्य को लेकर लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा उससे ₹20,000 की मांग की गई। पीड़ित का कहना है कि धनराशि दिए जाने के बावजूद उसका निर्माण कार्य रुकवा दिया गया, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रार्थी ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम समाज की खलिहान एवं होलिका दहन की भूमि पर ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा अवैध कब्जा कर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। साथ ही उक्त भूमि पर खेती किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने मामले में जातिगत भेदभाव, गरीबों के उत्पीड़न तथा प्रशासनिक संरक्षण मिलने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
कमलेश ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपने मकान निर्माण कार्य में उत्पन्न की जा रही बाधाओं को दूर कर न्याय दिलाने की अपील की है।
थाना दिवस के दौरान मौजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय लेखपाल सुभाष कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का लेन-देन नहीं किया है और शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य नहीं हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाने तथा दोषी पाए जाने वाले पक्ष के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।
गया को मिलेगी टेक्नोलॉजी की नई उड़ान: अतरी विधानसभा के देवगांव में 200 करोड़ के अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का 15 जून को सीएम सम्राट चौधरी करेंग

गया। अतरी विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात के रूप में खिजरसराय प्रखंड के देवगांव में 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास 15 जून को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इसकी जानकारी अतरी विधायक रोमित कुमार ने शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों होगा। इस परियोजना से न केवल गया जिला बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

विधायक ने बताया कि प्रस्तावित टेक्नोलॉजी सेंटर में आठवीं कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के छात्र-छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि छह माह से लेकर तीन वर्ष तक निर्धारित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार कौशल विकास का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस टेक्नोलॉजी सेंटर में हार्डवेयर, मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, स्पेसक्राफ्ट, परफ्यूम इंडस्ट्री समेत कई आधुनिक और उभरते क्षेत्रों से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। 

इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, ब्यूटीशियन तथा अन्य स्वरोजगार आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। विधायक रोमित कुमार ने कहा कि केंद्र के शुरू होने के बाद औसतन 10 हजार विद्यार्थी यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इनमें गया जिला, मगध प्रमंडल, बिहार के अन्य जिलों तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा अपने कौशल के बल पर रोजगार हासिल कर सकेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास का बड़ा केंद्र बनेगी। इससे स्थानीय युवाओं का पलायन कम होगा और उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकेंगे। देगांव में बनने वाला यह टेक्नोलॉजी सेंटर आने वाले समय में गया और मगध क्षेत्र के लिए विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय साबित हो सकता है।

ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम

- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों को उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। एसवीईपी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि  डबल इन्जन सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) का एक महत्वपूर्ण घटक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण उद्यमों को पूंजी, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने और संचालित करने में सहायता मिलती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी केन्द्रांश मदर सैंक्शन के तहत 600 लाख रुपये तथा इसके सापेक्ष राज्यांश के रूप में 400 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार एसवीईपी योजना के अंतर्गत कुल 1000 लाख रुपये (10 करोड़ रुपये मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
एसवीईपी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। यह कार्यक्रम प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
यूपी सरकार ने लॉन्च किया ‘डिजिटल लेबर चौक’ ऐप

- 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों को मिलेगा रोजगार का डिजिटल मंच
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग की पहल
- श्रमिकों और नियोजकों को एक मंच पर जोड़ेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘डिजिटल लेबर चौक (डीएलसी)’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून को श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा इस अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म को जनता के लिए समर्पित किया गया।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा विकसित यह ऐप श्रमिकों और नियोजकों को एक ही मंच पर लाकर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने तथा श्रम बाजार को अधिक संगठित, पारदर्शी और सुलभ बनाने में मदद करेगा।
इस प्लेटफॉर्म पर श्रमिक मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर अपनी प्रोफाइल बना सकेंगे। वे अपने कौशल, व्यवसाय, कार्य अनुभव और पसंदीदा कार्यस्थल सहित अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं नियोजक भी पंजीकरण कर श्रमिकों की आवश्यकता, कार्य का प्रकार और कार्यस्थल संबंधी जानकारी साझा कर सकेंगे।
ऐप में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों और नियोजकों की डिजिटल मैचिंग की जाएगी। इससे श्रमिकों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार मिलेगा, जबकि नियोजकों को जरूरत के अनुसार उपयुक्त एवं प्रशिक्षित श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
प्रदेश में वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर लगभग 8.40 करोड़ श्रमिक तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 1.93 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार 10 करोड़ से अधिक श्रमिक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकेंगे।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार, डिजिटल लेबर चौक ऐप श्रमिकों और रोजगारदाताओं के बीच की दूरी कम करते हुए रोजगार उपलब्धता को आसान और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
संजय उपाध्याय ने संजय राऊत के खिलाफ बोला करारा हमला
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना मुगल शासक 'औरंगजेब' से की और उन्हें 'अघोरी' (क्रूर) तक कह दिया। बोरीवली के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने संजय राऊत पर करारा हमला बोलते हुए इस विकृति मानसिकता और हताशा में दिया गया बयान बताया। उन्होंने कहा कि जैसा डर छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर औरंगजेब के मन में रहता था, वैसा ही डर प्रधानमंत्री को लेकर संजय राऊत के मन में रहता है। उन्होंने कहा कि यह डर अच्छा है और संजय राऊत जैसे विकृति और खोखली मानसिकता वाले व्यक्ति के अंदर यह डर बना रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि श्री राऊत को आत्म मंथन करना चाहिए कि हर सुबह उनके जुबान से इस तरह की घटिया सोच वाली बातें क्यों निकलती हैं। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से हताश और निराश हो चुके संजय राऊत अपने आका को खुश करने के लिए इस तरह की ओछी बयान बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह की बयान बाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
रामगढ़ माइंस हादसा मामले में एसपी और डीसी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोषियों पर हो कार्रवाई : आदित्य साहू

रामगढ़ अवैध माइंस हादसा में चार मजदूरों की मौत मामले में भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मामले में जिले के एसपी और डीसी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड में स्थिति कितनी भयावह है कि राज्य के वित्त मंत्री की बात पुलिस प्रशासन नहीं सुन रहा है। मजबूरन वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को खुद छापामारी करनी पड़ रही है। सोचिए झारखंड सरकार किस प्रकार चल रही है।

श्री साहू ने कहा कि हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री खनन विभाग की समीक्षा की थी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके पहले भी मुख्यमंत्री और डीजीपी ने कई बार अवैध खनन मामले में कड़ी कार्रवाई की बात की है। बावजूद राज्य में कहीं भी मुख्यमंत्री के इस निर्देश का कोई असर नहीं दिखता और पूरे राज्य में माफियाओं द्वारा अपना साम्राज्य जारी है।

श्री साहू ने कहा कि दरअसल मुख्यमंत्री का अवैध खनन पर सख्ती का निर्देश केवल आईवॉश होता है। यह सख्त निर्देश काला कारोबार रोकने के लिए नहीं बल्कि अपना कमीशन का रेट बढ़ाने के लिए दिया जाता है। राज्य सरकार बतलाए कि उस समीक्षा के बाद कितने अफसरों और माफियाओं पर कार्रवाई की गई।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड अवैध खनन का अड्डा बन चुका है। पूरे राज्य में आए दिन अवैध खनन में लोगों की मौत, गोलीबारी, बमबाजी आम बात हो गई है। सरकार और प्रशासन के संरक्षण में सारा खेल खेला जा रहा है।

झारखंड में अवैध खनन मामले में ईडी, सीबीआई की इंट्री हो या हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के ही संज्ञान में सारा मामला क्यों ना हो परंतु धनबाद, संताल परगना सहित पूरे राज्य में माफियाओं द्वारा अवैध कारोबार का अपना साम्राज्य स्थापित किया गया है। कोयला, बालू, पत्थर, जमीन सहित खनिज संपदाओं की खुलेआम लूट खसोट जारी है।

श्री साहू ने कहा कि रामगढ़ में अवैध खदान में अवैध कोयला निकालने का किया जा रहा था। बड़ा प्रश्न है कि इस प्रकार का अवैध खनन का कारोबार किसकी शह पर होता है, सारी जिम्मेदार एजेंसियां क्या करती हैं ? स्पष्ट है कि सब कुछ सरकार और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अंजाम दिया जाता है। हर घटना की तरह इस मामले में भी दोषियों पर कार्रवाई की बजाय सरकार लीपापोती का खेल अगर खेलती है तो पार्टी आंदोलन को बाध्य होगी।

ठेकेदार की लापरवाही के कारण श्रमिक की मौत,मचा कोहराम

कार्रवाई एवं मुआवजा दिलाए जाने के लिए थाना ख़ुलदाबाद मे ठेकेदार के खिलाफ  F.I.R दर्ज

प्रयागराज|अजय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, निवासी भोपतपुर तारापुर करेहदा उपरहार, थाना एयरपोर्ट, जनपद प्रयागराज का निवासी है।
दिनांक 09.06.2026 को अजय का छोटा भाई विनय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, उम्र लगभग 35 वर्ष, जो शटरिंग मिस्त्री का कार्य करता था, प्रतिदिन की भांति अपने कार्य पर गया था। वह ठेकेदार असगर खान के साथ चकिया स्थित निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहा था, जो थाना खुल्दाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
दिनांक 09.06.2026 को लगभग शाम 4 बजे मृतक के साथ कार्य कर रहे अन्य श्रमिकों द्वारा परिवार को सूचना दी गई कि कार्यस्थल पर दुर्घटना हो गई है तथा विनय कुमार विश्वकर्मा को उपचार हेतु कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया है। सूचना प्राप्त होते ही अजय एवं अन्य परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे,जहां ज्ञात हुआ कि विनय कुमार विश्वकर्मा की मृत्यु हो चुकी है।
अजय  का आरोप है कि उक्त दुर्घटना कार्यस्थल पर ठेकेदार एवं संबंधित व्यक्तियों की घोर लापरवाही के कारण हुई है। निर्माण स्थल पर बिजली के तारों एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण यह दुखद घटना घटित हुई। यदि आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो अजय के भाई की जान बच सकती थी।
मृतक विनय कुमार विश्वकर्मा
अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे उसकी पत्नी एवं लगभग 2 वर्ष की एक पुत्री हैं, एवं माता पिता भी साथ रहते है, जिनका भरण-पोषण अब अत्यंत कठिन हो गया है। परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है।परिवार ने प्रशासन से पत्र के ज़रिये  निवेदन किया है कि उक्त घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराकर दोषी ठेकेदार एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शासन एवं श्रम कानूनों के अंतर्गत देय उचित मुआवजा एवं अन्य आर्थिक सहायता दिलाने की कृपा की जाए।
पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर तीसरे दिन भी जारी रहेगा आंदोलन

मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे सोमवार को रक्त-पत्र


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 23,775 पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस, प्रयागराज स्थित धरना स्थल पर युवा मंच के बैनर तले आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि यदि सरकार ने लाखों बेरोजगार युवाओं की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार को प्रदेश भर के अभ्यर्थियों की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को  रक्त-पत्र भेजे जाएंगे, जिनके माध्यम से पुरानी नियमावली के आधार पर तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग की जाएगी।

श्री सिंह ने कहा कि नई नियमावली के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में अचानक किया गया बदलाव लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बिना किसी पूर्व सूचना के नई व्यवस्था में धकेलना पूरी तरह छात्र एवं युवा विरोधी कदम है। इससे लाखों अभ्यर्थियों के रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे और उनके सपने टूट जाएंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते युवाओं की आवाज नहीं सुनी तो प्रदेश भर में व्यापक जनआंदोलन खड़ा होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। युवा मंच किसी भी कीमत पर युवाओं के अधिकारों का हनन नहीं होने देगा तथा पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी होने तक संघर्ष जारी रहेगा रविवार को भी आन्दोलन जारी रखने व ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को आन्दोलन का हिस्सा बनने की अपील की है।

इस अवसर पर युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, एल०के० चौधरी, पी०एन० वर्मा, अखिलेश वर्मा, बृजेश सिंह, रिंकी चौहान, रीता जायसवाल, आरती सिंह, अनीता यादव, सुमन यादव, अर्चना कुशवाहा, नेहा सिंह, ममता पटेल, प्रियंका मिश्रा, पीयूषिका यादव, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, अश्विनी कुमार, सूरज कुमार सोनी, ईश्वर कुमार, धर्मेंद्र त्रिपाठी, दिलीप वर्मा, दिनेश कुमार यादव, बृजेश पांडेय, गंगा प्रसाद सिंह सहित अनेक अभ्यर्थी उपस्थित रहे।