झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय
बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:
कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।
सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
15 min ago
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