युवा शौर्य दिवस सम्मेलन वन बिहार कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर कादीपुर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम से मनाया गया। रिपोर्टर स
युवा शौर्य दिवस सम्मेलन वन बिहार कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर कादीपुर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम से मनाया गया।

रिपोर्टर संपादक
राहुल कुमार सिंह
कादीपुर हिन्दी समाचार पत्र
लाखों ने किया गोमती में स्नान,गोमती मित्रों ने रखा सभी का ध्यान*
सुल्तानपुर,मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पे सीताकुंड धाम पे भोर 4:00 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का सैलाब लाखों की संख्या को पार कर गया,भीषण ठंड और घना कोहरा भी आस्था के सैलाब को बाधित न कर पाया,गोमती मित्रों ने भी धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए कमर कसी हुई थी। प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह के नेतृत्व में स्वच्छता और सुरक्षा दोनों ही मुद्दों पर गोमती मित्र चूक न होने पावे इसके लिए लगे हुये थे,तट पर एकत्रित पूजन सामग्री को तत्काल हटाने के साथ ही नदी के अंदर से भी मूर्तियों को बाहर किया जा रहा था ताकि श्रद्धालुओं को चोट न लगे,बीच-बीच में गोमती मित्र श्रद्धालुओं को चाय का वितरण कर रहे थे। मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी व प्रबंधक राजेंद्र शर्मा लगातार माइक से श्रद्धालुओं को व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील कर रहे थे,रुद्र प्रताप सिंह मदन, मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह, राकेश सिंह दद्दू,राजेश पाठक,संत कुमार प्रधान, राकेश मिश्रा,अजय प्रताप सिंह,मुन्ना सोनी,बिपिन सोनी,राम क्विंचल मौर्या, आलोक तिवारी,रामू सोनी,प्रदीप कसौधन, श्याम मौर्या,अर्जुन यादव,आयुष सोनी, अभय मिश्रा आदि लगातार डटे रहे।
महुली पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए नाबालिक को बहला फुसलाकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले का वाँछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
रमेश दूबे

जनपद में मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभय नाथ मिश्रा* के निकट पर्यवेक्षण में *थाना महुली पुलिस द्वारा* मु0अ0सं014/2026 धारा 115(2)/137(2) बीएनएस व 5के/6 पाक्सो एक्ट थाना महुली जनपद संतकबीरनगर के मामले में वांछित अभियुक्त नाम पता सोनु उर्फ अजय कुमार पुत्र जयराम निवासी भिटकिनी थाना महुली जनपद संतकबीरनगर को भगता मोड़ के पास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।

विदित हो कि वादिनी द्वारा दिनाँक 11.01.2026 को थाना महुली पर वादिनी की नाबालिक पुत्र को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा बहला फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना महुली पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 18.01.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया तथा अपहृता को बरामद किया गया ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण*- उ0नि0 श्री परवेज अहमद, का0 सुनील कुमार सिंह ।
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई हत्या की पुष्टि,गला दबाकर की गई हत्या
*पूजा के पूर्व प्रेमी की तलाश में पांच पुलिस टीमें गठित

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र पूजा कश्यप (21) की हत्या का खुलासा दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है।जिसमें गला दबाकर हत्या किये जाने की पुष्टि हुई है।जबकि इससे पहले पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था।मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आदेश पर आरोपी प्रेमी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं।ये टीमें सुबह से ही आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।हालांकि घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी राजकुमार को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।पुलिस के अनुसार पूजा कश्यप और राजकुमार पहले एक दूसरे से प्रेम करते थे।हालांकि पूजा के परिवार ने पूजा का विवाह राजकुमार के बजाय कुंजालपुर गांव के सुभाष कुमार के साथ लगभग डेढ़ महीने पहले 9 नवंबर को कर दिया था।शादी के पूजा अपने पति सुभाष के साथ ससुराल में ही रह रही थी और 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का त्योहार मनाने मायके आई थी जो 15 जनवरी  की सुबह 10 बजे लापता हो गई थी।अगले दिन 16 जनवरी को सुबह उसका शव घर से डेढ़ किलोमीटर दूर रामापुर गांव में एक गन्ने के खेत में मिला था।पुलिस जांच में सामने आया है कि शादी तय के बाद से ही प्रेमी राजकुमार पूजा पर लगातार शादी न करने का दबाव बना रहा था और उसे धमका रहा था।पूजा ने उसकी बात न मानते हुए शादी कर ली थी।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी प्रेमी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं।उन्होंने कहा कि राजकुमार ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है और घटना के बाद से वह फरार है।
दिल्ली का भूजल ‘जहरीला’, 55% नमूने फेल: CAG रिपोर्ट में गंभीर खुलासा
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली का लगभग आधा भूजल पीने योग्य नहीं है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच लिए गए 16,234 भूजल नमूनों में से 8,933 नमूने, यानी करीब 55 प्रतिशत, निर्धारित मानकों पर फेल पाए गए। कुछ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुँच गया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि असुरक्षित भूजल की आपूर्ति सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऑडिट में यह भी सामने आया कि दिल्ली में प्रतिदिन 80 से 90 मिलियन गैलन कच्चा और बिना शोधित पानी बोरवेल और रैनी वेल के माध्यम से सीधे जलाशयों और उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाएँ संसाधनों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण केवल 12 मापदंडों पर ही पानी की जांच कर पा रही हैं, जबकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार पानी की गुणवत्ता की जांच 43 मापदंडों पर किया जाना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि पानी में मौजूद घातक रसायनों जैसे आर्सेनिक, सीसा, रेडियोधर्मी तत्व और अन्य जहरीले जैविक मापदंडों की जांच नहीं की जा रही है। इसके अलावा, निजी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों में अब भी प्रतिबंधित और कैंसरजनक ‘पॉलीइलेक्ट्रोलाइट्स’ का इस्तेमाल जारी है। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने इस रिपोर्ट को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। संस्था ने कच्चे पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने, पानी की गुणवत्ता को 100 प्रतिशत BIS मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने, प्रयोगशालाओं में योग्य स्टाफ और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने तथा पानी की गुणवत्ता से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
देहरादून में जर्जर स्कूल बने ‘यमराज’: 100 स्कूलों की रिपोर्ट में 79 भवन निष्प्रोज्य, ध्वस्तीकरण के आदेश

* मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला

देहरादून। देहरादून जिले में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी जर्जर स्कूल इमारतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक साथ 79 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन इमारतों में लंबे समय से शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था, जिससे नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

डीएम की सख्ती के चलते महज 10 दिनों के भीतर जिले के 100 स्कूलों से संबंधित जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया था, जिसके बाद तकनीकी आकलन और विद्यालयवार सूची के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 79 विद्यालय भवन पूरी तरह निष्प्रोज्य पाए गए हैं। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 63 विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि 16 विद्यालयों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, जहां भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित है। वहीं 8 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिन भवनों को फिलहाल सुरक्षित मानते हुए ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य और आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और मरम्मत के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार करने को कहा गया है। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था अभी नहीं है, वहां पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद भवन गिराए जाएंगे। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में मरम्मत, प्रतिबंध और आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन इस अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी जवाबदेही के साथ पूरा करेगा।
उत्तराखंड : मौनी अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ी आस्था की लहर, गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी

* हर की पैड़ी से नारायणी शिला मंदिर तक भक्तों का सैलाब, गूंजे हर-हर गंगे के जयकारे



हरिद्वार। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का सागर उमड़ पड़ा। सुबह तड़के चार बजे से ही हर की पैड़ी और आसपास के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा की पवित्र धारा में स्नान शुरू कर दिया। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर मौन धारण कर गंगा स्नान करने, अन्न, वस्त्र, तिल और गुड़ का दान करने का विशेष महत्व है। नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि माघ माह की यह अमावस्या अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान करने से कुंभ स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता और ऋषि-मुनि भी पृथ्वी पर स्नान करने आते हैं तथा दान-पुण्य करने से सहस्त्र वर्षों तक पुण्य फल मिलता है।

कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार पहुंचे। सुबह ठंड अधिक होने के कारण शुरुआती घंटों में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन जैसे-जैसे धूप तेज हुई, घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।

अमावस्या के कारण नारायणी शिला मंदिर में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली। यहां श्रद्धालु अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और पूजन करते नजर आए। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में पितरों के निमित्त किए गए कर्म से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। मौनी अमावस्या पर हरिद्वार की यह दिव्य और अलौकिक छटा एक बार फिर भक्तों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आई।
भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह*
भाजपा नेत्री के संयोजन में झारखंड शिव मंदिर में आयोजित हुआ समरसता खिचड़ी भोज*

आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का जताया संकल्प* 

सुल्तानपुर,इसौली विधानसभा क्षेत्र के रवनिया स्थित झारखंड प्राचीन शिव मंदिर परिसर में भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय के संयोजन में समरसता खिचड़ी भोज आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव नगर के नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी ने की। इस दौरान भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी जो भी विधानसभा प्रत्याशी घोषित करेगी,उसे भारी मतों से जीत दिलाने में सभी जुटें।उन्होंने इसौली विधानसभा के ठप पड़े विकास को गति देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान कार्यक्रम में धर्मेंद्र तिवारी,राकेश मिश्रा,अनुज द्विवेदी, भोलानाथ तिवारी,बजरंग नारायण द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी और कई बूथ अध्यक्ष मौजूद रहे।
उत्तराखंड: मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग विवाद तूल पकड़ा, पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया निरीक्षण


* सार्वजनिक रास्ता बंद करने और अवैध शुल्क वसूली पर सख्त रुख, कंपनी को 10 दिन का अल्टीमेटम



मसूरी। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जॉर्ज एवरेस्ट पीक जाने वाले मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर होता जा रहा है। आम रास्ते पर प्रवेश रोकने और कथित अवैध शुल्क वसूली को लेकर स्थानीय लोगों, पर्यटकों और जॉर्ज एवरेस्ट प्रबंधन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका अधिकारियों और जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

पालिका अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और निरीक्षण टीम को अंदर जाने की अनुमति दी गई। मौके पर जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जॉर्ज एवरेस्ट पीक तक जाने वाला मार्ग ऐतिहासिक रूप से सार्वजनिक रहा है, जिस पर आम नागरिकों और पर्यटकों का निर्बाध आवागमन का अधिकार है।

पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह रास्ता सार्वजनिक है और इसे निजी बताकर रोकना या किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में आम रास्ता नहीं खोला गया या अवैध वसूली बंद नहीं हुई, तो नगर पालिका सख्त कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक स्तर पर मार्ग को पूर्णतः बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन विभाग की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि भूमि हस्तांतरण के दौरान कोई भी सार्वजनिक मार्ग कंपनी को नहीं सौंपा गया था। सार्वजनिक मार्गों की संरक्षक नगर पालिका है और उनके संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पालिका अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि मसूरी में न तो स्थानीय लोगों का शोषण बर्दाश्त किया जाएगा और न ही पर्यटकों से जबरन उगाही होने दी जाएगी।

जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्य भगत सिंह कठैत ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कंपनी तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और अवमानना याचिका भी दायर की जाएगी। पालिका सभासद जसवीर कौर ने अध्यक्ष के फैसले का समर्थन करते हुए इसे जनहित में उठाया गया साहसिक कदम बताया।

वहीं कांग्रेस नेता डॉ. सोनिया आनंद ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नियमों की अनदेखी कर कंपनी को करोड़ों रुपये की जमीन औने-पौने दामों पर लीज पर दी। उन्होंने भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

फिलहाल जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग को लेकर विवाद प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और स्थानीय संगठनों के बीच टकराव का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यदि समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तराखंड : धामी सरकार की बड़ी सौगात: वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा 18 हजार रुपए न्यूनतम वेतन

* मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, कैबिनेट से स्वीकृति के बाद लगभग 700 श्रमिकों को होगा लाभ

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

उप-समिति की सिफारिश के बाद यह प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के पश्चात इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही राज्य के वन विभाग में कार्यरत लगभग 700 दैनिक श्रमिकों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

वन विभाग के दैनिक श्रमिक जंगलों में गश्त, वन्यजीव संरक्षण, जंगल की आग बुझाने और अवैध कटान रोकने जैसे अत्यंत जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण कार्य करते हैं। लंबे समय से कम वेतन और सीमित सुविधाओं में कार्य कर रहे इन श्रमिकों की मेहनत और समर्पण को देखते हुए सरकार ने उनके वेतनमान में सुधार का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में करीब 300 दैनिक श्रमिकों को महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन कई श्रमिक इससे वंचित रह गए थे। अब सरकार का यह कदम शेष श्रमिकों को भी समान लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राणा ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मांग की है कि न्यूनतम वेतन के साथ महंगाई भत्ता और एरियर का भी प्रावधान किया जाए तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सभी वैधानिक लाभ दैनिक श्रमिकों को मिलें।

धामी सरकार के इस निर्णय से न केवल वन विभाग के दैनिक श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी। उपनल कर्मचारियों के बाद वन श्रमिकों के लिए उठाया गया यह कदम राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस फैसले के शीघ्र लागू होने की उम्मीद है।
युवा शौर्य दिवस सम्मेलन वन बिहार कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर कादीपुर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम से मनाया गया। रिपोर्टर स
युवा शौर्य दिवस सम्मेलन वन बिहार कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर कादीपुर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम से मनाया गया।

रिपोर्टर संपादक
राहुल कुमार सिंह
कादीपुर हिन्दी समाचार पत्र
लाखों ने किया गोमती में स्नान,गोमती मित्रों ने रखा सभी का ध्यान*
सुल्तानपुर,मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पे सीताकुंड धाम पे भोर 4:00 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का सैलाब लाखों की संख्या को पार कर गया,भीषण ठंड और घना कोहरा भी आस्था के सैलाब को बाधित न कर पाया,गोमती मित्रों ने भी धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए कमर कसी हुई थी। प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह के नेतृत्व में स्वच्छता और सुरक्षा दोनों ही मुद्दों पर गोमती मित्र चूक न होने पावे इसके लिए लगे हुये थे,तट पर एकत्रित पूजन सामग्री को तत्काल हटाने के साथ ही नदी के अंदर से भी मूर्तियों को बाहर किया जा रहा था ताकि श्रद्धालुओं को चोट न लगे,बीच-बीच में गोमती मित्र श्रद्धालुओं को चाय का वितरण कर रहे थे। मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी व प्रबंधक राजेंद्र शर्मा लगातार माइक से श्रद्धालुओं को व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील कर रहे थे,रुद्र प्रताप सिंह मदन, मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह, राकेश सिंह दद्दू,राजेश पाठक,संत कुमार प्रधान, राकेश मिश्रा,अजय प्रताप सिंह,मुन्ना सोनी,बिपिन सोनी,राम क्विंचल मौर्या, आलोक तिवारी,रामू सोनी,प्रदीप कसौधन, श्याम मौर्या,अर्जुन यादव,आयुष सोनी, अभय मिश्रा आदि लगातार डटे रहे।
महुली पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए नाबालिक को बहला फुसलाकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले का वाँछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
रमेश दूबे

जनपद में मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभय नाथ मिश्रा* के निकट पर्यवेक्षण में *थाना महुली पुलिस द्वारा* मु0अ0सं014/2026 धारा 115(2)/137(2) बीएनएस व 5के/6 पाक्सो एक्ट थाना महुली जनपद संतकबीरनगर के मामले में वांछित अभियुक्त नाम पता सोनु उर्फ अजय कुमार पुत्र जयराम निवासी भिटकिनी थाना महुली जनपद संतकबीरनगर को भगता मोड़ के पास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।

विदित हो कि वादिनी द्वारा दिनाँक 11.01.2026 को थाना महुली पर वादिनी की नाबालिक पुत्र को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा बहला फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना महुली पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 18.01.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया तथा अपहृता को बरामद किया गया ।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण*- उ0नि0 श्री परवेज अहमद, का0 सुनील कुमार सिंह ।
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई हत्या की पुष्टि,गला दबाकर की गई हत्या
*पूजा के पूर्व प्रेमी की तलाश में पांच पुलिस टीमें गठित

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र पूजा कश्यप (21) की हत्या का खुलासा दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है।जिसमें गला दबाकर हत्या किये जाने की पुष्टि हुई है।जबकि इससे पहले पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था।मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आदेश पर आरोपी प्रेमी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं।ये टीमें सुबह से ही आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।हालांकि घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी राजकुमार को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।पुलिस के अनुसार पूजा कश्यप और राजकुमार पहले एक दूसरे से प्रेम करते थे।हालांकि पूजा के परिवार ने पूजा का विवाह राजकुमार के बजाय कुंजालपुर गांव के सुभाष कुमार के साथ लगभग डेढ़ महीने पहले 9 नवंबर को कर दिया था।शादी के पूजा अपने पति सुभाष के साथ ससुराल में ही रह रही थी और 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का त्योहार मनाने मायके आई थी जो 15 जनवरी  की सुबह 10 बजे लापता हो गई थी।अगले दिन 16 जनवरी को सुबह उसका शव घर से डेढ़ किलोमीटर दूर रामापुर गांव में एक गन्ने के खेत में मिला था।पुलिस जांच में सामने आया है कि शादी तय के बाद से ही प्रेमी राजकुमार पूजा पर लगातार शादी न करने का दबाव बना रहा था और उसे धमका रहा था।पूजा ने उसकी बात न मानते हुए शादी कर ली थी।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी प्रेमी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं।उन्होंने कहा कि राजकुमार ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है और घटना के बाद से वह फरार है।
दिल्ली का भूजल ‘जहरीला’, 55% नमूने फेल: CAG रिपोर्ट में गंभीर खुलासा
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली का लगभग आधा भूजल पीने योग्य नहीं है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच लिए गए 16,234 भूजल नमूनों में से 8,933 नमूने, यानी करीब 55 प्रतिशत, निर्धारित मानकों पर फेल पाए गए। कुछ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुँच गया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि असुरक्षित भूजल की आपूर्ति सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऑडिट में यह भी सामने आया कि दिल्ली में प्रतिदिन 80 से 90 मिलियन गैलन कच्चा और बिना शोधित पानी बोरवेल और रैनी वेल के माध्यम से सीधे जलाशयों और उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाएँ संसाधनों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण केवल 12 मापदंडों पर ही पानी की जांच कर पा रही हैं, जबकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार पानी की गुणवत्ता की जांच 43 मापदंडों पर किया जाना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि पानी में मौजूद घातक रसायनों जैसे आर्सेनिक, सीसा, रेडियोधर्मी तत्व और अन्य जहरीले जैविक मापदंडों की जांच नहीं की जा रही है। इसके अलावा, निजी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों में अब भी प्रतिबंधित और कैंसरजनक ‘पॉलीइलेक्ट्रोलाइट्स’ का इस्तेमाल जारी है। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने इस रिपोर्ट को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। संस्था ने कच्चे पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने, पानी की गुणवत्ता को 100 प्रतिशत BIS मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने, प्रयोगशालाओं में योग्य स्टाफ और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने तथा पानी की गुणवत्ता से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
देहरादून में जर्जर स्कूल बने ‘यमराज’: 100 स्कूलों की रिपोर्ट में 79 भवन निष्प्रोज्य, ध्वस्तीकरण के आदेश

* मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला

देहरादून। देहरादून जिले में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी जर्जर स्कूल इमारतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक साथ 79 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन इमारतों में लंबे समय से शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था, जिससे नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

डीएम की सख्ती के चलते महज 10 दिनों के भीतर जिले के 100 स्कूलों से संबंधित जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया था, जिसके बाद तकनीकी आकलन और विद्यालयवार सूची के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 79 विद्यालय भवन पूरी तरह निष्प्रोज्य पाए गए हैं। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 63 विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि 16 विद्यालयों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, जहां भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित है। वहीं 8 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिन भवनों को फिलहाल सुरक्षित मानते हुए ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य और आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और मरम्मत के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार करने को कहा गया है। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था अभी नहीं है, वहां पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद भवन गिराए जाएंगे। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में मरम्मत, प्रतिबंध और आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन इस अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी जवाबदेही के साथ पूरा करेगा।
उत्तराखंड : मौनी अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ी आस्था की लहर, गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी

* हर की पैड़ी से नारायणी शिला मंदिर तक भक्तों का सैलाब, गूंजे हर-हर गंगे के जयकारे



हरिद्वार। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का सागर उमड़ पड़ा। सुबह तड़के चार बजे से ही हर की पैड़ी और आसपास के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा की पवित्र धारा में स्नान शुरू कर दिया। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर मौन धारण कर गंगा स्नान करने, अन्न, वस्त्र, तिल और गुड़ का दान करने का विशेष महत्व है। नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि माघ माह की यह अमावस्या अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान करने से कुंभ स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता और ऋषि-मुनि भी पृथ्वी पर स्नान करने आते हैं तथा दान-पुण्य करने से सहस्त्र वर्षों तक पुण्य फल मिलता है।

कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार पहुंचे। सुबह ठंड अधिक होने के कारण शुरुआती घंटों में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन जैसे-जैसे धूप तेज हुई, घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।

अमावस्या के कारण नारायणी शिला मंदिर में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली। यहां श्रद्धालु अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और पूजन करते नजर आए। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में पितरों के निमित्त किए गए कर्म से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। मौनी अमावस्या पर हरिद्वार की यह दिव्य और अलौकिक छटा एक बार फिर भक्तों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आई।
भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह*
भाजपा नेत्री के संयोजन में झारखंड शिव मंदिर में आयोजित हुआ समरसता खिचड़ी भोज*

आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का जताया संकल्प* 

सुल्तानपुर,इसौली विधानसभा क्षेत्र के रवनिया स्थित झारखंड प्राचीन शिव मंदिर परिसर में भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय के संयोजन में समरसता खिचड़ी भोज आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव नगर के नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी ने की। इस दौरान भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी जो भी विधानसभा प्रत्याशी घोषित करेगी,उसे भारी मतों से जीत दिलाने में सभी जुटें।उन्होंने इसौली विधानसभा के ठप पड़े विकास को गति देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान कार्यक्रम में धर्मेंद्र तिवारी,राकेश मिश्रा,अनुज द्विवेदी, भोलानाथ तिवारी,बजरंग नारायण द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी और कई बूथ अध्यक्ष मौजूद रहे।
उत्तराखंड: मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग विवाद तूल पकड़ा, पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया निरीक्षण


* सार्वजनिक रास्ता बंद करने और अवैध शुल्क वसूली पर सख्त रुख, कंपनी को 10 दिन का अल्टीमेटम



मसूरी। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जॉर्ज एवरेस्ट पीक जाने वाले मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर होता जा रहा है। आम रास्ते पर प्रवेश रोकने और कथित अवैध शुल्क वसूली को लेकर स्थानीय लोगों, पर्यटकों और जॉर्ज एवरेस्ट प्रबंधन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका अधिकारियों और जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

पालिका अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और निरीक्षण टीम को अंदर जाने की अनुमति दी गई। मौके पर जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जॉर्ज एवरेस्ट पीक तक जाने वाला मार्ग ऐतिहासिक रूप से सार्वजनिक रहा है, जिस पर आम नागरिकों और पर्यटकों का निर्बाध आवागमन का अधिकार है।

पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह रास्ता सार्वजनिक है और इसे निजी बताकर रोकना या किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में आम रास्ता नहीं खोला गया या अवैध वसूली बंद नहीं हुई, तो नगर पालिका सख्त कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक स्तर पर मार्ग को पूर्णतः बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन विभाग की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि भूमि हस्तांतरण के दौरान कोई भी सार्वजनिक मार्ग कंपनी को नहीं सौंपा गया था। सार्वजनिक मार्गों की संरक्षक नगर पालिका है और उनके संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पालिका अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि मसूरी में न तो स्थानीय लोगों का शोषण बर्दाश्त किया जाएगा और न ही पर्यटकों से जबरन उगाही होने दी जाएगी।

जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्य भगत सिंह कठैत ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कंपनी तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और अवमानना याचिका भी दायर की जाएगी। पालिका सभासद जसवीर कौर ने अध्यक्ष के फैसले का समर्थन करते हुए इसे जनहित में उठाया गया साहसिक कदम बताया।

वहीं कांग्रेस नेता डॉ. सोनिया आनंद ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नियमों की अनदेखी कर कंपनी को करोड़ों रुपये की जमीन औने-पौने दामों पर लीज पर दी। उन्होंने भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

फिलहाल जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग को लेकर विवाद प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और स्थानीय संगठनों के बीच टकराव का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यदि समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तराखंड : धामी सरकार की बड़ी सौगात: वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा 18 हजार रुपए न्यूनतम वेतन

* मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, कैबिनेट से स्वीकृति के बाद लगभग 700 श्रमिकों को होगा लाभ

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

उप-समिति की सिफारिश के बाद यह प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के पश्चात इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही राज्य के वन विभाग में कार्यरत लगभग 700 दैनिक श्रमिकों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

वन विभाग के दैनिक श्रमिक जंगलों में गश्त, वन्यजीव संरक्षण, जंगल की आग बुझाने और अवैध कटान रोकने जैसे अत्यंत जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण कार्य करते हैं। लंबे समय से कम वेतन और सीमित सुविधाओं में कार्य कर रहे इन श्रमिकों की मेहनत और समर्पण को देखते हुए सरकार ने उनके वेतनमान में सुधार का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में करीब 300 दैनिक श्रमिकों को महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन कई श्रमिक इससे वंचित रह गए थे। अब सरकार का यह कदम शेष श्रमिकों को भी समान लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राणा ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मांग की है कि न्यूनतम वेतन के साथ महंगाई भत्ता और एरियर का भी प्रावधान किया जाए तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सभी वैधानिक लाभ दैनिक श्रमिकों को मिलें।

धामी सरकार के इस निर्णय से न केवल वन विभाग के दैनिक श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी। उपनल कर्मचारियों के बाद वन श्रमिकों के लिए उठाया गया यह कदम राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस फैसले के शीघ्र लागू होने की उम्मीद है।