जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, 3 मिनट 10 सेकेंड के राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होना जरूरी
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि राष्ट्रगान और जन गण मन को एक साथ गाया जाता है या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। साथ ही इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
राष्ट्रगान से पहले बजेगा राष्ट्रगीत
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में समेत सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजेगा, और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।
वंदे मातरम का पूरा छह पैराग्राफ बजाना अनिवार्य
28 जनवरी को गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए 10 पन्नों के आदेश यह अनिवार्य किया गया है कि तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, साथ ही राज्यपाल के भाषणों से पहले और बाद में समेत कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण बजाया या गाया जाए।
सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम
गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि जब किसी समाचार या वीडियो के दौरान राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाता है तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती है। क्योंकि खड़े होने से फिल्म का प्रदर्शन बाधित होगा और राष्ट्रगान की गरिमा बढ़ाने के बजाय अव्यवस्था और भ्रम की स्थित उत्पन्न होगी।
बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना है राष्ट्रगीत वंदे मातरम
भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया।




लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
प्रयागराज/ लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों में लगातार सामने आ रही खराबियों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को इसकी व्यक्तिगत रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को “बार-बार का संयोग” मानकर टाला नहीं जा सकता।
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, आर्थिक प्रगति और नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बजट में क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रमुखता दी जा सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान संभावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 पिछड़े जिलों में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार 11 फरवरी को अपना दसवां बजट विधानसभा में पेश करेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए इस बजट को लेकर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रारूप को मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में करीब 10 प्रस्तावों पर विचार होगा, जिनमें स्थापना और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ट्रेनों और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। बीते 28 वर्षों से जीआरपी (Government Railway Police) की स्वीकृत जनशक्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में अब कमिश्नरेट और जिलों में तैनात 2740 पुलिसकर्मियों को एक वर्ष की विशेष ड्यूटी पर जीआरपी में तैनात किया जाएगा।
लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। इस बार प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के 15 शिक्षकों को चयनित किया गया है।




17 min ago
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