शेरघाटी में आस्था का महासंगम, विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब: भजन, प्रवचन और जयघोष से गूंजा गोला बाजार परिसर

गया: शेरघाटी शहर के तीन शिवाला, गोला बाजार में को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने शहर को पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। देखते ही देखते पूरा परिसर भगवा ध्वज, जयघोष और भक्ति गीतों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक आयोजन का रूप दे दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर रामाशीष सिंह, गोविंदा आचार्य, डॉ. तपेश्वर प्रसाद, कमल सिंह (जिला संघचालक) एवं डॉ. उदय प्रसाद सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। वक्ताओं ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि जब समाज संगठित होता है तो परिवर्तन स्वतः संभव होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और संस्कृति व संस्कार को आगे बढ़ाएं। बीच-बीच में “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से वातावरण ऊर्जावान बना रहा।

सम्मेलन की खास बात रही भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीतों से माहौल को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालु भी तालियों और जयघोष के साथ पूरे जोश में नजर आए। धर्म प्रवचनों के दौरान कई लोग भावुक भी दिखे।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक उदय सिंह यादव सहित चंद्रभानु प्रसाद, ऋषभ जी, सत्यम जी, नौरंगी प्रसाद, विकास जी, राहुल आचार्य और अभिषेक जी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की भव्यता की सराहना की और इसे समाज को जोड़ने वाला कदम बताया।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारा और प्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई थी। लंबी कतारों के बावजूद अनुशासन बना रहा। स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे।

शाम ढलते-ढलते भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। आयोजन समिति के सदस्यों के चेहरे पर सफलता की संतोष भरी मुस्कान साफ झलक रही थी। सम्मेलन शांतिपूर्ण, भव्य और अत्यंत सफल रहा। अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आगे भी होते रहेंगे, ताकि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश फैलता रहे।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल के नेतृत्व पर उठाया सवाल, ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की सलाह

#manishankaraiyaradvicetorahulgandhimakemamatabanerjeechiefofindia_alliance

Image 2Image 3

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से कांग्रेस विरोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। मणिसंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।

ममता बनर्जी के बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा- अय्यर

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है, इससे पहले ही मणिशंकर अय्यर ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा।

स्टालिन और अखिलेश यादव का भी लिया नाम

इसके अलावा अय्यर ने कई अन्य बड़े क्षेत्रियों नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में ऐसे कई क्षेत्रीय नेता हैं जो नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का भी उल्लेख किया।

राहुल को इंडिया ब्लॉक की बागडोर छोड़ने की सलाह

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उनको इंडिया ब्लॉक की बागडोर को छोड़ देना चाहिए और इसे किसी क्षेत्रीय दल को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को साझा करें।

झारखंड में लोकतंत्र का महापर्व: 48 नगर निकायों में मतदान जारी, सुबह से ही बूथों पर लगी लंबी कतारें

Image 2Image 3

रांची: झारखंड के 48 नगर निकायों के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। राज्यभर के 1,042 वार्डों में फैले 4,307 मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इस चुनाव में कुल 6,124 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके भविष्य का फैसला 43.43 लाख मतदाता करेंगे।

राजधानी का माहौल:

रांची नगर निगम क्षेत्र में मेयर पद के 11 और पार्षद पद के 364 उम्मीदवारों के बीच रोचक मुकाबला है। मोरहाबादी, हरमू, डोरंडा और हिंदपीढ़ी जैसे इलाकों में सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह चरम पर है। पहली बार वोट डालने आए युवाओं ने सड़क, नाली, पेयजल और स्वच्छता जैसे बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता दी है।

चुनाव आयोग की व्यवस्था:

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, शुरुआती दो घंटों में पूरे राज्य में औसतन 12% के करीब मतदान दर्ज किया गया है। सभी बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है।

पाकुड़ 12.41%

मधुपुर 10.20%

देवघर 8.50%

रांची 7.28%

चिरकुंडा 7.24%

धनबाद 5.73%

बेल्थरारोड के लाल ने रोशन किया बलिया का मान, डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का एम्स दिल्ली में चयन

संजीव सिंह बेल्थरा रोड (बलिया), 23 फरवरी 2026: क्षेत्र के पिपरौली बड़ा गांव के लिए गौरव का क्षण आ गया है। प्राथमिक विद्यालय चौकियां मोड़ के प्रधानाध्यापक विजय शंकर गुप्ता के सुपुत्र डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का चयन देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में चिकित्सक पद के लिए हो गया है। इस उपलब्धि से पूरे बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।डॉ. अमरेंद्र गुप्ता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय, बलिया से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद कठिन परिश्रम से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। लखनऊ के फातिमा हॉस्पिटल से एमडी करने के बाद अब एम्स दिल्ली में चयनित होकर उन्होंने ग्रामीण परिवेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है।डॉ. अमरेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, सतत परिश्रम और सही मार्गदर्शन से कोई भी उच्च मुकाम हासिल कर सकता है।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सीयर सुनील चौबे, शिक्षक देवेंद्र वर्मा, कृष्णा नन्द सिंह, वीरेंद्र यादव, आशुतोष पाण्डेय, हरेकृष्णा पाण्डेय, अजित सिंह, नन्द लाल शर्मा सहित क्षेत्रीय गणमान्यजनोंने डॉ. अमरेंद्र एवं उनके परिजनों को बधाई दी। बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी का माहौल व्याप्त है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं
युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रही सियासत.. रामगोविन्द अदालती आदेश के बाद भी समाधान नहीं। न्याय बनाम प्रशासनिक अवरोध
संजीव सिंह बलिया! उत्तर प्रदेश की शैक्षिक राजनीति और विधिक गलियारों में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की नियुक्तियों का प्रकरण एक मिसाल बन गया है। यह कहानी केवल एक अध्यादेश की नहीं, बल्कि हज़ारों बेरोजगारों के सपनों और न्यायपालिका बनाम कार्यपालिका के बीच खिंचती रस्साकशी की है। 1. 2013-14 का ऐतिहासिक निर्णय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में सन् 2013-14 में एक महत्वपूर्ण अध्यादेश लाया गया था। इसका उद्देश्य संस्कृत शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारना और महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करना था। उक्त बाते पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा और बताया कि विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों की प्रबंध समितियों को रिक्त पदों पर चयन की शक्ति दी गई। इस विकेंद्रीकरण से प्रक्रिया में तेजी आई और कई उच्च शिक्षित युवाओं को रोजगार मिला, जिससे संस्कृत की पाठशालाओं में रौनक लौटी। 2016-17 में सत्ता परिवर्तन के साथ ही इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई। योगी सरकार के इस कदम ने न केवल नए रोजगारों पर ताला जड़ा, बल्कि कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया। इसके बाद शुरू हुआ अदालती संघर्ष का वह लंबा सिलसिला, जिसमें सरकार को हर मोड़ पर विधिक हार का सामना करना पड़ा अभ्यर्थियों ने सरकार के रोक के फैसले को चुनौती दी और कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार ने हार नहीं मानी और डबल बेंच में अपील की, लेकिन वहाँ भी न्याय की जीत हुई। अंततः मामला देश की सबसे बड़ी अदालत पहुँचा। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की याचिका को खारिज करते हुए नियुक्तियों के पक्ष में मुहर लगा दी। पूर्व नेता विरोधी दल ने कहा कि 'न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर' विडंबना यह है कि देश की सर्वोच्च अदालत से आदेश आने के बावजूद योगी सरकार ने शासन स्तर पर विभिन्न तकनीकी पेच फंसाकर इन नियुक्तियों और उनके लाभों को बाधित किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) की श्रेणी में आती है, बल्कि उन युवाओं के साथ भी अन्याय है जो अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके हैं। संस्कृत को भारत की आत्मा कहा जाता है, लेकिन जब इसी भाषा के विद्वान और शिक्षक अपनी आजीविका के लिए दर-दर भटकते हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि सरकारें अदालती आदेशों के बाद भी 'हथकंडे' अपनाकर नियुक्तियां रोकती हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। योगी सरकार और प्रशासन को अब हठधर्मिता छोड़कर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए ताकि संस्कृत शिक्षा का संरक्षण हो सके और युवाओं को उनका उचित हक मिल सके। (रामगोविन्द चौधरी) पूर्व नेता प्रतिपक्ष उoप्र
राष्ट्रीय परशुराम सेना ने बृजेश तिवारी और मिथिलेश तिवारी को दी बड़ी जिम्मेदारी
प्रतापगढ़। राष्ट्रीय परशुराम सेना द्वारा विस्तार की कड़ी में राष्ट्रीय परशुराम सेना रजिस्टर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कृष्णकांत मिश्रा ने पंजाब प्रदेश के अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी को लुधियाना (पंजाब ) का तथा बृजेश तिवारी को गुजरात प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन दोनों चेहरे को जमीनी तथा ऊर्जावान माना जाता है ।
संगठन नेतृत्व का कहना है कि इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य समाज की एकता तथा ब्राह्मण हितों का संरक्षण और संगठन की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह संगठन की गरिमा तथा विस्तार के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। इन नियुक्तियों के बाद समर्थकों के द्वारा विभिन्न माध्यमों से बधाई देने वालों का तांता लगा है।
यूपी में छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं 42 साल के लिए लीज पर देने की तैयारी, विरोध तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार निजी कंपनियों को 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट अग्रिम प्रीमियम के आधार पर परियोजनाएं सौंपी जाएंगी, जिसके बाद वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।

प्रदेश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाएं

प्रदेश में पहले से
300 मेगावाट रिहंद,
99 मेगावाट ओबरा,
72 मेगावाट माताटीला (ललितपुर),
72 मेगावाट खारा

जल विद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि और अन्य परिसंपत्तियां मौजूद हैं।

लीज पर प्रस्तावित परियोजनाएं

लीज पर दी जाने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं –
भोला (2.7 मेगावाट)
सलावा (3 मेगावाट)
निर्गजनी (5 मेगावाट)
चित्तौरा (3 मेगावाट)
पलरा (0.6 मेगावाट)
सुमेरा (1.5 मेगावाट)
ये सभी परियोजनाएं अपर गंगा नहर पर स्थित हैं और लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं।

निजीकरण के खिलाफ संगठनों का विरोध

टेंडर जारी होते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन की आपत्ति

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे इन परियोजनाओं में लगातार बिजली उत्पादन संभव है।उन्होंने दावा किया कि सीमित निवेश से इनके पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण की लागत एक वर्ष में वसूल की जा सकती है। साथ ही आरोप लगाया कि टेंडर में स्थापित क्षमता 15.5 मेगावाट के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई है और परिसंपत्तियों का मूल्य भी कम आंका गया है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों पर असर का मुद्दा

पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि यह कदम निजीकरण की नई रणनीति है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने यह भी कहा कि निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर टेंडर निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व रेलवे मंत्री और सीएम ममता के करीबी मुकुल रॉय का निधन, कहे जाते थे बंगाल के चाणक्य

#tmcleaderformerrailministermukulroypassedaway

Image 2Image 3

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया है। मुकुल रॉय बीमार थे और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है।

बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि मुकुल रॉय ने रविवार रात करीब 1:30 बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि मुकुल रॉय लंबे समय से कई तरह की बीमारियों की वजह से जूझ रहे थे।

कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से थे ग्रसित

मुकुल रॉय पिछले कुछ सालों से बीमार चल रहे थे। बेटे शुभ्रांशु ने कहा, वह कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। वे पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया से पीड़ित थे। ब्रेन में हाइड्रोसेफलस की समस्या के कारण ब्रेन सर्जरी भी हुई थी। 2024 में भी कई बार अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें सिर में चोट और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल थीं। हाल ही में अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत क्रिटिकल बताई गई थी।

तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा

1998 में गठित टीएमसी के शुरुआती दौर से जुड़े रॉय को कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था। ममता बनर्जी की तरह ही उन्होंने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बंगाल में यूथ कांग्रेस से की थी। तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद रॉय ने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया। समय के साथ वे दिल्ली की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।

मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर

वर्ष 2006 में वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2009 से 2012 तक सदन में पार्टी के नेता रहे। यूपीए-2 सरकार के दौरान उन्होंने पहले शिपिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में काम किया और बाद में मार्च 2012 में पार्टी सहयोगी दिनेश त्रिवेदी की जगह रेल मंत्री का पद संभाला। हालांकि, मुकुल रॉय के टीएमसी के साथ रिश्ते बिगड़ गए। खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए। फरवरी 2015 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया। सितंबर 2017 में मुकुल रॉय ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।

2017 में बीजेपी का दामन थामा

नवंबर 2017 में रॉय बीजेपी में शामिल हो गए थे। रॉय ने जमीनी स्तर पर काम करके बीजेपी को राज्य में बेस बनाने में मदद की। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की 18 सीटें जीतने का क्रेडिट दिया जाता है। उन्होंने बीजेपी को टीएमसी के कई बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने में मदद की और 2021 के विधानसभा चुनावों में कृष्णानगर उत्तर से बीजेपी विधायक चुने गए। लेकिन जल्द ही, उन्होंने बीजेपी से दूरी बना ली। जून 2021 में वो तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। हालांकि, टीएमसी में वापस आने पर वह कद और समझ दोनों में पहले जैसे कभी नहीं रहे।

गया में STF टीम पर हमला, तीन जवान घायल, हथियार छीने गए, हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी एसटीएफ

गया: गया जिले में कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी के लिए गई स्पेशल टास्क फोर्स (STF) टीम पर ग्रामीणों की भीड़ ने हमला कर दिया। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिरियामा गांव की है, जहां रविवार देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक हिंसक हो गई। हमले में तीन से अधिक STF जवान घायल हो गए, जबकि कुछ समय के लिए उनके हथियार भी छीन लिए गए थे। बाद में पुलिस दबिश के बाद हथियार बरामद कर लिए गए।

पुलिस के अनुसार STF टीम हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। टीम आरोपी को पकड़ने ही वाली थी कि उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे कई जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। 

घटना के बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस स्थिति को नियंत्रण में होने की बात कह रही है।

टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल का वार्षिक उत्सव भव्य रूप से संपन्न*
*
प्रेमचंद रंगशाला टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल, राजेंद्र नगर (रोड नं. 6), पटना द्वारा वार्षिक उत्सव अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन एवं सांस्कृतिक उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिससे पूरा सभागार उत्साह और उल्लास से भर उठा। *कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में रिटायर्ड कर्नल मेजर रंजन प्रसाद, अरविंद रंजन, चिरंजीव दुबे, जयप्रकाश, ऋषिकेश, विजय नारायण सिन्हा, इंजीनियर मनोज कुमार, अशोक मेहता, बिहार राज्य पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी एवं समाजसेवी योगेश गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और भी बढ़ा दी।* कार्यक्रम का शुभारंभ *राष्ट्रगान* के साथ किया गया। कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व *लायन राजीव भार्गव एवं लायन शिवानी भार्गव ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का स्वागत भाषण द्वारा अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री नवीन चंद्रा (संयुक्त सचिव, गृह विभाग, बिहार) उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा दी तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया।* स्वागत गीत (अंग्रेजी समूह) की प्रस्तुति दिव्या, श्रेया, अल्का, अंशुली, आस्था, रिया कुमारी, चाहत, आशफिया, महीन यास्मीन, प्रकृति, अलंकृता, नंदिनी, अक्षिता, अनन्या, कशिश, रितिका कुमारी, एकरा, नीतू राज नंदिनी एवं आरिया द्वारा दी गई। स्वागत गीत (हिंदी समूह) की प्रस्तुति प्रनिति प्रिया सिंह, फकीहा यास्मीन, धानी राज, अदिति किशन, आराध्या रानी, दृष्टि कुमारी, आद्या अरुल, नाव्या, वेदांशी, दीप्ति कुमारी, कृति प्रियंशी, अस्मि सिन्हा, नव्या, छाया राज एवं प्राची कश्यप द्वारा दी गई, जिन्होंने अपनी मधुर स्वर लहरियों से अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। इसके उपरांत गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति सूर्य प्रकाश, अव्यांश भारद्वाज, अथर्व जमुआर, ज्ञान कुमार सिंह, अंकुश राज, हारिस हुसैन, श्रांजल, प्रत्यांश किशन, अभिराज, वैदिक कृष्ण भट्ट, आदित्य करवसरा, विश्रुत कुमार, युवराज कुमार एवं विश्वजीत द्वारा दी गई, जिसने कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। संस्थापक एवं संस्थापिका के उद्बोधन की प्रभावशाली प्रस्तुति कक्षा 7 की अनन्या कुमारी द्वारा दी गई। निदेशक महोदय के संदेश को कक्षा 7 की महीन यास्मीन ने प्रभावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। शिक्षिका के विचारों को कक्षा 7 की आस्था भारती ने व्यक्त किया। विद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रस्तुति कक्षा 7 की आशफिया, कशिश, अक्षिता भार्गव एवं प्रकृति द्वारा दी गई। ‘डूज़ एंड डोन्ट्स’ की प्रस्तुति रिया एवं अलंकृता द्वारा प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत की गई। *कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सुश्री रेवा भार्गव द्वारा किया गया। नृत्य संचालन का दायित्व भी उन्होंने कुशलतापूर्वक निभाया। कार्यक्रम का समापन डॉ. रवि भार्गव द्वारा प्रभावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।* कार्यक्रम के अंतर्गत नृत्य, संगीत, नाटक, समूहगान एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी अभिभावकों एवं अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। *स्कूल के निदेशक लायन राजीव भार्गव, जो लायंस क्लब के ज़ोन चेयरपर्सन हैं, ने गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए विशेष पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन बच्चों के लिए दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक निःशुल्क अध्ययन (ड्यूटी शिफ्ट) की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही रियायती शुल्क की घोषणा भी की गई है, जिससे अभिभावकों पर किसी प्रकार का आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस एवं पुस्तकें भी आधे मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि प्रत्येक बच्चा शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सके।* कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं कृतज्ञता की भावना के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य अतिथि एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। — टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल राजेंद्र नगर (रोड नं. 6), पटना
शेरघाटी में आस्था का महासंगम, विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब: भजन, प्रवचन और जयघोष से गूंजा गोला बाजार परिसर

गया: शेरघाटी शहर के तीन शिवाला, गोला बाजार में को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने शहर को पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। देखते ही देखते पूरा परिसर भगवा ध्वज, जयघोष और भक्ति गीतों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक आयोजन का रूप दे दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर रामाशीष सिंह, गोविंदा आचार्य, डॉ. तपेश्वर प्रसाद, कमल सिंह (जिला संघचालक) एवं डॉ. उदय प्रसाद सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। वक्ताओं ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि जब समाज संगठित होता है तो परिवर्तन स्वतः संभव होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और संस्कृति व संस्कार को आगे बढ़ाएं। बीच-बीच में “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से वातावरण ऊर्जावान बना रहा।

सम्मेलन की खास बात रही भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीतों से माहौल को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालु भी तालियों और जयघोष के साथ पूरे जोश में नजर आए। धर्म प्रवचनों के दौरान कई लोग भावुक भी दिखे।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक उदय सिंह यादव सहित चंद्रभानु प्रसाद, ऋषभ जी, सत्यम जी, नौरंगी प्रसाद, विकास जी, राहुल आचार्य और अभिषेक जी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की भव्यता की सराहना की और इसे समाज को जोड़ने वाला कदम बताया।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारा और प्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई थी। लंबी कतारों के बावजूद अनुशासन बना रहा। स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे।

शाम ढलते-ढलते भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। आयोजन समिति के सदस्यों के चेहरे पर सफलता की संतोष भरी मुस्कान साफ झलक रही थी। सम्मेलन शांतिपूर्ण, भव्य और अत्यंत सफल रहा। अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आगे भी होते रहेंगे, ताकि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश फैलता रहे।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल के नेतृत्व पर उठाया सवाल, ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की सलाह

#manishankaraiyaradvicetorahulgandhimakemamatabanerjeechiefofindia_alliance

Image 2Image 3

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से कांग्रेस विरोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। मणिसंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।

ममता बनर्जी के बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा- अय्यर

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है, इससे पहले ही मणिशंकर अय्यर ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा।

स्टालिन और अखिलेश यादव का भी लिया नाम

इसके अलावा अय्यर ने कई अन्य बड़े क्षेत्रियों नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में ऐसे कई क्षेत्रीय नेता हैं जो नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का भी उल्लेख किया।

राहुल को इंडिया ब्लॉक की बागडोर छोड़ने की सलाह

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उनको इंडिया ब्लॉक की बागडोर को छोड़ देना चाहिए और इसे किसी क्षेत्रीय दल को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को साझा करें।

झारखंड में लोकतंत्र का महापर्व: 48 नगर निकायों में मतदान जारी, सुबह से ही बूथों पर लगी लंबी कतारें

Image 2Image 3

रांची: झारखंड के 48 नगर निकायों के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। राज्यभर के 1,042 वार्डों में फैले 4,307 मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इस चुनाव में कुल 6,124 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके भविष्य का फैसला 43.43 लाख मतदाता करेंगे।

राजधानी का माहौल:

रांची नगर निगम क्षेत्र में मेयर पद के 11 और पार्षद पद के 364 उम्मीदवारों के बीच रोचक मुकाबला है। मोरहाबादी, हरमू, डोरंडा और हिंदपीढ़ी जैसे इलाकों में सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह चरम पर है। पहली बार वोट डालने आए युवाओं ने सड़क, नाली, पेयजल और स्वच्छता जैसे बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता दी है।

चुनाव आयोग की व्यवस्था:

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, शुरुआती दो घंटों में पूरे राज्य में औसतन 12% के करीब मतदान दर्ज किया गया है। सभी बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है।

पाकुड़ 12.41%

मधुपुर 10.20%

देवघर 8.50%

रांची 7.28%

चिरकुंडा 7.24%

धनबाद 5.73%

बेल्थरारोड के लाल ने रोशन किया बलिया का मान, डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का एम्स दिल्ली में चयन

संजीव सिंह बेल्थरा रोड (बलिया), 23 फरवरी 2026: क्षेत्र के पिपरौली बड़ा गांव के लिए गौरव का क्षण आ गया है। प्राथमिक विद्यालय चौकियां मोड़ के प्रधानाध्यापक विजय शंकर गुप्ता के सुपुत्र डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का चयन देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में चिकित्सक पद के लिए हो गया है। इस उपलब्धि से पूरे बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।डॉ. अमरेंद्र गुप्ता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय, बलिया से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद कठिन परिश्रम से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। लखनऊ के फातिमा हॉस्पिटल से एमडी करने के बाद अब एम्स दिल्ली में चयनित होकर उन्होंने ग्रामीण परिवेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है।डॉ. अमरेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, सतत परिश्रम और सही मार्गदर्शन से कोई भी उच्च मुकाम हासिल कर सकता है।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सीयर सुनील चौबे, शिक्षक देवेंद्र वर्मा, कृष्णा नन्द सिंह, वीरेंद्र यादव, आशुतोष पाण्डेय, हरेकृष्णा पाण्डेय, अजित सिंह, नन्द लाल शर्मा सहित क्षेत्रीय गणमान्यजनोंने डॉ. अमरेंद्र एवं उनके परिजनों को बधाई दी। बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी का माहौल व्याप्त है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं
युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रही सियासत.. रामगोविन्द अदालती आदेश के बाद भी समाधान नहीं। न्याय बनाम प्रशासनिक अवरोध
संजीव सिंह बलिया! उत्तर प्रदेश की शैक्षिक राजनीति और विधिक गलियारों में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की नियुक्तियों का प्रकरण एक मिसाल बन गया है। यह कहानी केवल एक अध्यादेश की नहीं, बल्कि हज़ारों बेरोजगारों के सपनों और न्यायपालिका बनाम कार्यपालिका के बीच खिंचती रस्साकशी की है। 1. 2013-14 का ऐतिहासिक निर्णय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में सन् 2013-14 में एक महत्वपूर्ण अध्यादेश लाया गया था। इसका उद्देश्य संस्कृत शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारना और महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करना था। उक्त बाते पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा और बताया कि विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों की प्रबंध समितियों को रिक्त पदों पर चयन की शक्ति दी गई। इस विकेंद्रीकरण से प्रक्रिया में तेजी आई और कई उच्च शिक्षित युवाओं को रोजगार मिला, जिससे संस्कृत की पाठशालाओं में रौनक लौटी। 2016-17 में सत्ता परिवर्तन के साथ ही इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई। योगी सरकार के इस कदम ने न केवल नए रोजगारों पर ताला जड़ा, बल्कि कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया। इसके बाद शुरू हुआ अदालती संघर्ष का वह लंबा सिलसिला, जिसमें सरकार को हर मोड़ पर विधिक हार का सामना करना पड़ा अभ्यर्थियों ने सरकार के रोक के फैसले को चुनौती दी और कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार ने हार नहीं मानी और डबल बेंच में अपील की, लेकिन वहाँ भी न्याय की जीत हुई। अंततः मामला देश की सबसे बड़ी अदालत पहुँचा। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की याचिका को खारिज करते हुए नियुक्तियों के पक्ष में मुहर लगा दी। पूर्व नेता विरोधी दल ने कहा कि 'न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर' विडंबना यह है कि देश की सर्वोच्च अदालत से आदेश आने के बावजूद योगी सरकार ने शासन स्तर पर विभिन्न तकनीकी पेच फंसाकर इन नियुक्तियों और उनके लाभों को बाधित किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) की श्रेणी में आती है, बल्कि उन युवाओं के साथ भी अन्याय है जो अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके हैं। संस्कृत को भारत की आत्मा कहा जाता है, लेकिन जब इसी भाषा के विद्वान और शिक्षक अपनी आजीविका के लिए दर-दर भटकते हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि सरकारें अदालती आदेशों के बाद भी 'हथकंडे' अपनाकर नियुक्तियां रोकती हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। योगी सरकार और प्रशासन को अब हठधर्मिता छोड़कर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए ताकि संस्कृत शिक्षा का संरक्षण हो सके और युवाओं को उनका उचित हक मिल सके। (रामगोविन्द चौधरी) पूर्व नेता प्रतिपक्ष उoप्र
राष्ट्रीय परशुराम सेना ने बृजेश तिवारी और मिथिलेश तिवारी को दी बड़ी जिम्मेदारी
प्रतापगढ़। राष्ट्रीय परशुराम सेना द्वारा विस्तार की कड़ी में राष्ट्रीय परशुराम सेना रजिस्टर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कृष्णकांत मिश्रा ने पंजाब प्रदेश के अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी को लुधियाना (पंजाब ) का तथा बृजेश तिवारी को गुजरात प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन दोनों चेहरे को जमीनी तथा ऊर्जावान माना जाता है ।
संगठन नेतृत्व का कहना है कि इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य समाज की एकता तथा ब्राह्मण हितों का संरक्षण और संगठन की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह संगठन की गरिमा तथा विस्तार के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। इन नियुक्तियों के बाद समर्थकों के द्वारा विभिन्न माध्यमों से बधाई देने वालों का तांता लगा है।
यूपी में छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं 42 साल के लिए लीज पर देने की तैयारी, विरोध तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार निजी कंपनियों को 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट अग्रिम प्रीमियम के आधार पर परियोजनाएं सौंपी जाएंगी, जिसके बाद वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।

प्रदेश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाएं

प्रदेश में पहले से
300 मेगावाट रिहंद,
99 मेगावाट ओबरा,
72 मेगावाट माताटीला (ललितपुर),
72 मेगावाट खारा

जल विद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि और अन्य परिसंपत्तियां मौजूद हैं।

लीज पर प्रस्तावित परियोजनाएं

लीज पर दी जाने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं –
भोला (2.7 मेगावाट)
सलावा (3 मेगावाट)
निर्गजनी (5 मेगावाट)
चित्तौरा (3 मेगावाट)
पलरा (0.6 मेगावाट)
सुमेरा (1.5 मेगावाट)
ये सभी परियोजनाएं अपर गंगा नहर पर स्थित हैं और लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं।

निजीकरण के खिलाफ संगठनों का विरोध

टेंडर जारी होते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन की आपत्ति

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे इन परियोजनाओं में लगातार बिजली उत्पादन संभव है।उन्होंने दावा किया कि सीमित निवेश से इनके पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण की लागत एक वर्ष में वसूल की जा सकती है। साथ ही आरोप लगाया कि टेंडर में स्थापित क्षमता 15.5 मेगावाट के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई है और परिसंपत्तियों का मूल्य भी कम आंका गया है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों पर असर का मुद्दा

पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि यह कदम निजीकरण की नई रणनीति है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने यह भी कहा कि निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर टेंडर निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व रेलवे मंत्री और सीएम ममता के करीबी मुकुल रॉय का निधन, कहे जाते थे बंगाल के चाणक्य

#tmcleaderformerrailministermukulroypassedaway

Image 2Image 3

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया है। मुकुल रॉय बीमार थे और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है।

बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि मुकुल रॉय ने रविवार रात करीब 1:30 बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि मुकुल रॉय लंबे समय से कई तरह की बीमारियों की वजह से जूझ रहे थे।

कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से थे ग्रसित

मुकुल रॉय पिछले कुछ सालों से बीमार चल रहे थे। बेटे शुभ्रांशु ने कहा, वह कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। वे पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया से पीड़ित थे। ब्रेन में हाइड्रोसेफलस की समस्या के कारण ब्रेन सर्जरी भी हुई थी। 2024 में भी कई बार अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें सिर में चोट और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल थीं। हाल ही में अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत क्रिटिकल बताई गई थी।

तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा

1998 में गठित टीएमसी के शुरुआती दौर से जुड़े रॉय को कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था। ममता बनर्जी की तरह ही उन्होंने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बंगाल में यूथ कांग्रेस से की थी। तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद रॉय ने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया। समय के साथ वे दिल्ली की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।

मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर

वर्ष 2006 में वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2009 से 2012 तक सदन में पार्टी के नेता रहे। यूपीए-2 सरकार के दौरान उन्होंने पहले शिपिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में काम किया और बाद में मार्च 2012 में पार्टी सहयोगी दिनेश त्रिवेदी की जगह रेल मंत्री का पद संभाला। हालांकि, मुकुल रॉय के टीएमसी के साथ रिश्ते बिगड़ गए। खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए। फरवरी 2015 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया। सितंबर 2017 में मुकुल रॉय ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।

2017 में बीजेपी का दामन थामा

नवंबर 2017 में रॉय बीजेपी में शामिल हो गए थे। रॉय ने जमीनी स्तर पर काम करके बीजेपी को राज्य में बेस बनाने में मदद की। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की 18 सीटें जीतने का क्रेडिट दिया जाता है। उन्होंने बीजेपी को टीएमसी के कई बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने में मदद की और 2021 के विधानसभा चुनावों में कृष्णानगर उत्तर से बीजेपी विधायक चुने गए। लेकिन जल्द ही, उन्होंने बीजेपी से दूरी बना ली। जून 2021 में वो तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। हालांकि, टीएमसी में वापस आने पर वह कद और समझ दोनों में पहले जैसे कभी नहीं रहे।

गया में STF टीम पर हमला, तीन जवान घायल, हथियार छीने गए, हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी एसटीएफ

गया: गया जिले में कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी के लिए गई स्पेशल टास्क फोर्स (STF) टीम पर ग्रामीणों की भीड़ ने हमला कर दिया। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिरियामा गांव की है, जहां रविवार देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक हिंसक हो गई। हमले में तीन से अधिक STF जवान घायल हो गए, जबकि कुछ समय के लिए उनके हथियार भी छीन लिए गए थे। बाद में पुलिस दबिश के बाद हथियार बरामद कर लिए गए।

पुलिस के अनुसार STF टीम हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। टीम आरोपी को पकड़ने ही वाली थी कि उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे कई जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। 

घटना के बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस स्थिति को नियंत्रण में होने की बात कह रही है।

टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल का वार्षिक उत्सव भव्य रूप से संपन्न*
*
प्रेमचंद रंगशाला टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल, राजेंद्र नगर (रोड नं. 6), पटना द्वारा वार्षिक उत्सव अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन एवं सांस्कृतिक उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिससे पूरा सभागार उत्साह और उल्लास से भर उठा। *कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में रिटायर्ड कर्नल मेजर रंजन प्रसाद, अरविंद रंजन, चिरंजीव दुबे, जयप्रकाश, ऋषिकेश, विजय नारायण सिन्हा, इंजीनियर मनोज कुमार, अशोक मेहता, बिहार राज्य पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी एवं समाजसेवी योगेश गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और भी बढ़ा दी।* कार्यक्रम का शुभारंभ *राष्ट्रगान* के साथ किया गया। कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व *लायन राजीव भार्गव एवं लायन शिवानी भार्गव ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का स्वागत भाषण द्वारा अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री नवीन चंद्रा (संयुक्त सचिव, गृह विभाग, बिहार) उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा दी तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया।* स्वागत गीत (अंग्रेजी समूह) की प्रस्तुति दिव्या, श्रेया, अल्का, अंशुली, आस्था, रिया कुमारी, चाहत, आशफिया, महीन यास्मीन, प्रकृति, अलंकृता, नंदिनी, अक्षिता, अनन्या, कशिश, रितिका कुमारी, एकरा, नीतू राज नंदिनी एवं आरिया द्वारा दी गई। स्वागत गीत (हिंदी समूह) की प्रस्तुति प्रनिति प्रिया सिंह, फकीहा यास्मीन, धानी राज, अदिति किशन, आराध्या रानी, दृष्टि कुमारी, आद्या अरुल, नाव्या, वेदांशी, दीप्ति कुमारी, कृति प्रियंशी, अस्मि सिन्हा, नव्या, छाया राज एवं प्राची कश्यप द्वारा दी गई, जिन्होंने अपनी मधुर स्वर लहरियों से अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। इसके उपरांत गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति सूर्य प्रकाश, अव्यांश भारद्वाज, अथर्व जमुआर, ज्ञान कुमार सिंह, अंकुश राज, हारिस हुसैन, श्रांजल, प्रत्यांश किशन, अभिराज, वैदिक कृष्ण भट्ट, आदित्य करवसरा, विश्रुत कुमार, युवराज कुमार एवं विश्वजीत द्वारा दी गई, जिसने कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। संस्थापक एवं संस्थापिका के उद्बोधन की प्रभावशाली प्रस्तुति कक्षा 7 की अनन्या कुमारी द्वारा दी गई। निदेशक महोदय के संदेश को कक्षा 7 की महीन यास्मीन ने प्रभावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। शिक्षिका के विचारों को कक्षा 7 की आस्था भारती ने व्यक्त किया। विद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रस्तुति कक्षा 7 की आशफिया, कशिश, अक्षिता भार्गव एवं प्रकृति द्वारा दी गई। ‘डूज़ एंड डोन्ट्स’ की प्रस्तुति रिया एवं अलंकृता द्वारा प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत की गई। *कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सुश्री रेवा भार्गव द्वारा किया गया। नृत्य संचालन का दायित्व भी उन्होंने कुशलतापूर्वक निभाया। कार्यक्रम का समापन डॉ. रवि भार्गव द्वारा प्रभावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।* कार्यक्रम के अंतर्गत नृत्य, संगीत, नाटक, समूहगान एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी अभिभावकों एवं अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। *स्कूल के निदेशक लायन राजीव भार्गव, जो लायंस क्लब के ज़ोन चेयरपर्सन हैं, ने गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए विशेष पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन बच्चों के लिए दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक निःशुल्क अध्ययन (ड्यूटी शिफ्ट) की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही रियायती शुल्क की घोषणा भी की गई है, जिससे अभिभावकों पर किसी प्रकार का आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस एवं पुस्तकें भी आधे मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि प्रत्येक बच्चा शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सके।* कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं कृतज्ञता की भावना के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य अतिथि एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। — टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल राजेंद्र नगर (रोड नं. 6), पटना