पीवीयूएनएल में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्वच्छता शपथ का आयोजन

(पीवीयूएनएल) में आज परियोजना कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री ए.के. सहगल, सीआरओ पीवीयूएनएल, श्री मनीष क्षेत्रपाल, महाप्रबंधक (ओ एंड एम), श्री बिष्णु दत्ता दास, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) एवं श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने स्वच्छता शपथ ली।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता बनाए रखने तथा अपने कार्यस्थल एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। चर्चा के दौरान सीईओ महोदय ने टीम को विभिन्न स्थानों की पहचान कर स्वच्छता संबंधी पहल शुरू करने तथा नियमित रूप से स्वच्छता गतिविधियों को आगे बढ़ाने हेतु मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े आतंकी अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मारा, डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी

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अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के दूसरे सबसे बड़े वैश्विक कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी का खात्मा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को खुद इसकी जानकारी दी। ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को घोषणा की है कि अमेरिका ने नाइजीरिया में एक ऑपरेशन चलाया था जिसमें अल-मिनुकी मारा गया।

अमेरिकी-नाइजीरियाई सेनाओं के ज्वाइंट ऑपरेशन

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा है "आज रात मेरे निर्देश पर बहादुर अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सेना ने दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकवादी को युद्ध के मैदान से खत्म करने के लिए एक बहुत ही बारीकी से प्लान किए गए और बेहद मुश्किल मिशन को बिना किसी गलती के अंजाम दिया।"

दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का था कमांडर

ट्रंप ने आगे लिखा "अबू-बिलाल अल-मिनुकी, जो दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का कमांडर था, उसे लगा कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि हमारे पास ऐसे सूत्र थे जो हमें पल-पल की खबर दे रहे थे कि वह क्या कर रहा है।"

नाइजीरिया सरकार का जताया आभार

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि "अब आईएसआईएस का यह नेता अफ्रीका के लोगों को डराने या अमेरिकियों पर हमले की योजना बनाने में मदद नहीं कर सकेगा। उसके मारे जाने के बाद ISIS की वैश्विक गतिविधियां काफी कमजोर हो गई हैं। इस ऑपरेशन में साझेदारी के लिए नाइजीरिया सरकार का धन्यवाद।"

कौन था अबू-बिलाल अल-मिनुकी?

अबू-बिलाल अल-मिनुकी को अबू बक्र इब्न मुहम्मद इब्न अली अल-मैनुकी के नाम से भी जाना जाता था। वह अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में ISIS की गतिविधियों से जुड़ा एक वरिष्ठ नेता था। वह इस्लामिक दुनिया बनाना चाहता था। अमेरिकी रिकॉर्ड्स के मुताबिक, वह ISIS के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ प्रोविन्सेज से जुड़ा था और उसके कई नाम थे। जैसे अबू बिलाल अल-मिनुकी, अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक। अमेरिका के विदेश विभाग ने 2023 में उसे आधिकारिक तौर पर ISIS का वरिष्ठ नेता घोषित किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, साहेल क्षेत्र में ISIS से जुड़ी गतिविधियों में उसकी बड़ी भूमिका थी और संगठन की अंतरराष्ट्रीय संरचना में उसे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता था।

गोरखपुर जोन की 51वीं अन्तर्जनपदीय जूडो क्लस्टर प्रतियोगिता में पेंचक सिलाट, कराटे, बुशु एवं ताइक्वान्डो प्रतियोगिताओं के रोमांचक मुकाबले सम्पन्न
गोण्डा। आज दिनांक 15.05.2026 को रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा स्थित अमर शहीद राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित 51वीं अन्तर्जनपदीय जूडो क्लस्टर प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस पेंचक सिलाट, कराटे, बुशु एवं ताइक्वान्डो प्रतियोगिताओं के पुरुष एवं महिला वर्ग के विभिन्न भार वर्गों में रोमांचक मुकाबले आयोजित किए गए। प्रतियोगिता में प्रतिभागी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन एवं खेल भावना का परिचय देते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में जनपद गोण्डा के जान मोहम्मद, गोरखपुर के नरेन्द्र, अक्षय कुमार एवं जयसूर्या, बस्ती के तवरेज आलम एवं रामदरश तथा सिद्धार्थनगर के कृष्ण मोहन साहनी ने अपने-अपने भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने जनपद का गौरव बढ़ाया। जूडो महिला वर्ग में कुल 08 मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक बनाया। इस प्रतियोगिता में बस्ती की शीतल देवी, सीमा गुप्ता, अनुराधा, सविता राय एवं महेलखां खान, देवरिया की सुनीता तथा बहराइच की अनुप्रिया ने अपने-अपने भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। ताइक्वान्डो पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के अतुल पटेल एवं संदीप सिंह, बहराइच के गिरजाशंकर तथा संतकबीरनगर के अंजेश गुप्ता एवं आदित्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं महिला वर्ग में गोण्डा की अंशिका भारती, संध्या रावत एवं रूचि यादव, कुशीनगर की क्षमा सिंह तथा बस्ती की शालू वर्मा ने अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। कराटे पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में गोण्डा के धर्मेन्द्र कुमार एवं ओंकार विश्वकर्मा तथा कुशीनगर के सुजीत पटेल एवं महेन्द्र यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। महिला कराटे प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर की संगीता निषाद, सुषमा रावत, कीर्ति सिंह एवं संगीता देवी विजेता रहीं। बुशु पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के सतीश मौर्या, अजीत यादव,  संतकबीरनगर के सन्नी जायसवाल एवं दुर्गेश कुमार, महराजगंज के शत्रुधन तथा बस्ती के राकेश यादव व रोमित यादव ने अपने-अपने भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं बुशु महिला प्रतियोगिता में देवरिया की ममता, सीमा मौर्या एवं सरिता, कुशीनगर की खुशबू सिंह तथा गोरखपुर की शशी यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा खेलों के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास एवं आपसी समन्वय की भावना को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
वट सावित्री व्रत पर सुहागिनों ने पति की  लंबी उम्र सुख समृद्धि के लिए महिलाओं ने की पूजा अर्चना
रितेश मिश्रा
हरदोई शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही सुहागिन महिलाएं सज-धज कर वट वृक्ष के नीचे पहुंचीं और विधि-विधान से पूजन कर पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि व अखंड सौभाग्य की कामना की।
महिलाओं ने वट वृक्ष पर कच्चा धागा लपेटते हुए पूजा-अर्चना की तथा सावित्री-सत्यवान की कथा सुनकर परिवार की खुशहाली की दुआ मांग रही है। मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास सुबह से ही महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से पूजा कार्यक्रम भी आयोजित किए किए जा रहे हैं।
पूजन के दौरान महिलाओं ने फल, फूल, मिठाई, भीगा चना, पूड़ी-पकवान आदि अर्पित किए। पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार में पहुंचीं महिलाओं ने एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं भी दे रही है।
मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप और संकल्प से यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी आस्था के चलते सुहागिन महिलाएं यह व्रत रखकर पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन की सुख-शांति की कामना करती हैं।
सत्ताधारी दल के लोग भी प्रताड़ित, धरने के 9वा दिन प्रशासन की बेरुखी से आक्रोश
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट भवन के सामने स्थित अंबेडकर पार्क में आजाद अधिकार सेना का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता और आमजन सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, जनसुनवाई की विफलता और RTI/IGRS निस्तारण में हो रही लीपापोती के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले की तहसीलों, थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। आज स्थिति यह है कि जनसुनवाई के नाम पर जनता के साथ 'जनठगई' की जा रही है। IGRS और RTI के माध्यम से जो शिकायतें की जाती हैं, उनका निस्तारण धरातल पर शून्य है। अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि इस धरने में केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े कई लोग भी अपनी पीड़ा लेकर शामिल हुए हैं। जिलाध्यक्ष ने इसे सरकार के प्रशासनिक तंत्र की विफलता बताते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता ही खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं, तो आम आदमी की सुध कौन लेगा? यह साफ दर्शाता है कि अपनी ही सरकार के तंत्र पर अब कार्यकर्ताओं का भरोसा खत्म हो चुका है। चार दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन का कोई आलाधिकारी आंदोलनकारियों से वार्ता करने या उनकी सुध लेने नहीं पहुँचा है। प्रियंश  कुमार पांडेय ने इस पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों की यह संवेदनहीनता उनके अहंकार को दर्शाती है। अशोक सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि प्रशासन ने हमारी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया और औचक निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।
हमें अभी किसी युद्ध की जरूरत नहीं', ताइवान मुद्दे पर बदले ट्रंप के सुर, जिनपिंग की धमकी का असर?

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अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन और ताइवान के बीच चल रहे भारी तनाव को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर ताइवान पर बदले नजर आ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस समय अमेरिका को किसी भी युद्ध की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है, खासकर ऐसे युद्ध की जो 9,500 मील दूर हो।

चीन यात्रा के समापन पर फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने ताइवान को लेकर कहा, "हम युद्ध नहीं चाहते हैं और अगर आप स्थिति को वैसा ही बनाए रखते हैं, जैसी वह अभी है, तो मुझे लगता है कि चीन को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन हम ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते कि कोई यह कहे, चलो हम स्वतंत्र हो जाते हैं, क्योंकि अमेरिका हमारा समर्थन कर रहा है।" इंटरव्यू में ट्रंप ने दोहराया कि ताइवान पर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।

1982 के समझौते और हथियारों की बिक्री पर क्या बोले ट्रंप?

पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा 1982 में दिए गए उस भरोसे के बारे में पूछा, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ताइवान को हथियार बेचने पर चीन से सलाह नहीं लेगा, तो ट्रंप ने इसका बेबाकी से जवाब दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि 1982 अब बहुत पुरानी बात हो चुकी है।

9,500 मील दूर एक युद्ध अमेरिका की आखिरी जरूरत-ट्रंप

ट्रंप ने साफ किया कि बातचीत के दौरान खुद चीनी राष्ट्रपति ने यह मुद्दा उठाया था। ट्रंप ने कहा कि वे 1982 के समझौते का हवाला देकर बातचीत से पीछे नहीं हट सकते थे। इसलिए दोनों नेताओं ने ताइवान और उसे हथियारों की बिक्री के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। ट्रंप ने कहा कि इस पर वह जल्द ही कोई फैसला लेंगे, लेकिन अभी 9,500 मील दूर एक युद्ध अमेरिका की आखिरी जरूरत है।

क्यों बदले ट्रंप के सुर?

ट्रंप का यह बयान तब आया है, जब शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मीटिंग में ताइवान के मुद्दे पर चेतावनी दे दी थी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। शी ने ट्रंप से कहा, अगर ताइवान के मुद्दे को ठीक से नहीं संभाला गया तो दोनों देशों में टकराव या यहां तक कि झड़प भी हो सकती।

चीन और ताइवान में तनाव की वजह

चीन ताइवान पर अपना अधिकार जताता है और इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं करता है। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते का कहना है कि ताइवान को औपचारिक आजादी घोषित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह खुद को पहले से ही एक संप्रभु राष्ट्र मानता है। ताइवान के राष्ट्रपति को लेकर बीजिंग अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर चुका है। चीन ने उन्हें समस्या पैदा करने वाला और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति भंग करने वाला बताया है। ताइवान में बहुत से लोग खुद को अलग देश का हिस्सा मानते हैं। हालांकि, उनमें से ज्यादातर मौजूदा स्थिति को बनाए रखने के पक्ष में हैं, जिसमें ताइवान न तो चीन से आजादी घोषित करता है और न ही उसके साथ होता है।वहीं, अमेरिका लंबे समय से ताइवान का समर्थन करता रहा है, जिसमें उसे आत्मरक्षा के लिए हथियार उपलब्ध कराना भी शामिल है।

झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार-निवेश सहयोग को नई गति, रांची में हुई अहम बैठक

शुक्रवार को चेम्बर भवन में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर हुए एक अहम बैठक में उद्योग सचिव श्री अरावा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक दृष्टिकोण से झारखंड एक बेहद समृद्ध राज्य है। यहाँ विशाल खनिज संसाधन हैं और यह एक प्रमाणित औद्योगिक पावरहाउस रहा है। हमारे राज्य के भीतर की औद्योगिक इकाइयाँ इसके औद्योगिक कौशल का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि बेल्लारी खनन, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और आईटी क्षेत्रों में अग्रणी है, और दोनों राज्यों के बीच आपसी सीखने और सहयोग के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने देखा कि झारखंड चेम्बर ने राज्यों के बीच औद्योगिक संवाद को बढ़ावा देने की एक उत्कृष्ट परंपरा शुरू की है—एक ऐसी पहल जिसके निकट भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।वे शुक्रवार को चेम्बर भवन में आयोजित फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर एक संयुक्त बैठक में राज्य के आर्थिक विकास का दृष्टिकोण रख रहे थे।

राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता

श्री अरवा राजकमल ने आगे कहा कि झारखंड में उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन राज्य के विकास को लेकर एक दूरदर्शी दृष्टिकोण रखते हैं। मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण खनन क्षेत्र में खनिज खनन से लेकर हाई-एंड सॉल्यूशंस तक एक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) बनाने का है। मुख्यमंत्री का इसी तरह का दृष्टिकोण महिला उद्यमिता को आधारशिला बनाकर राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सकारात्मक रूप से बदलने का है। उन्होंने कहा कि राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता है।

उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर

उद्योग निदेशक श्री विशाल सागर ने डेलीगेट्स को झारखंड में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड ने इस वर्ष पहली बार दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहाँ मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में झारखंड चेम्बर भी शामिल था। माननीय मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के अवसरों तलाशने के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के भीतर भारी निवेश क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), पर्यटन और कृषि क्षेत्र निवेश के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर है।

बैठक के दौरान झारखंड और कर्नाटक के उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों के बीच व्यावसायिक विचारों, निवेश के अवसरों, औद्योगिक सहयोग और व्यापार विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

चेम्बर के महासचिव श्री रोहित अग्रवाल ने बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक उद्योग, निवेश, पर्यटन और व्यापार सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत है। झारखंड और कर्नाटक के उद्यमियों के बीच सीधे संवाद से व्यापार सहयोग को नई गति मिलेगी।झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष श्री आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड और कर्नाटक दोनों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड तेजी से औद्योगिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। राज्य की टेक्सटाइल नीति (कपड़ा नीति) आकर्षक है, और जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति जारी होने वाली है, जो निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर पेश करेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि झारखंड एक खनिज-समृद्ध राज्य है, जो लिथियम, मैंगनीज और बॉक्साइट सहित विभिन्न खनिजों से संपन्न है। राज्य बिजली-सरप्लस (अधिशेष बिजली वाला) है और यहाँ कुशल जनशक्ति की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड राज्य निवेश और उद्योग के क्षेत्रों में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।

बेल्लारी में निवेश की संभावनाओं पर बोलते हुए, बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर के अध्यक्ष श्री अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश करने का निमंत्रण दिया। बेल्लारी चेम्बर के पदाधिकारियों ने झारखंड चेम्बर को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एमएसएमई (MSME) कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के उद्यमियों और व्यापारियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और विचारों का आदान-प्रदान किया।कार्यक्रम के दौरान बेल्लारी चेम्बर द्वारा उद्योग सचिव और उद्योग निदेशक को सम्मानित किया गया।

आजमगढ़: तहबरपुर में शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं और शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा
आजमगढ़। तहबरपुर विकासखंड के अंतर्गत 1 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में ब्लॉक सभागार में एक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं एवं शिक्षकों की भूमिका विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ राम उजागर शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर बच्चों ने सरस्वती वंदना की मनोहारी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया सभागार को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर राम उजागर शुक्ला ने कहा कि बदलते परिवेश में नई शैक्षिक चुनौतियां सामने आ रही हैं शिक्षकों ने हमेशा समाज को दिशा और गति प्रदान की है उन्होंने शिक्षक समुदाय से इन समस्याओं का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिए आगे आने का आह्वान किया। जिला महामंत्री रवि शंकर यादव ने आधुनिक शैक्षिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों को तकनीक के प्रयोग को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार धीरे-धीरे शिक्षकों क परिलब्धियों को समाप्त कर रही है। रमोद यादव ने शिक्षकों से अपने उत्कृष्ट कार्यो के माध्यम से समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया और वर्तमान समय में संगठित होकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला उपाध्यक्ष उदय प्रताप राय ने पिछले 1 वर्ष में उत्तर प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक समिति द्वारा शिक्षक हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि समिति विद्यालयों के पेयरिंग/ मर्जर, चयन वेतनमान, टेट की अनिवार्यता के विरोध, जनगणना 2026 तथा परिषदीय विद्यालयों में साफ सफाई जैसे विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता नर्वदेश्वर उपाध्याय ने की जबकि संचालन स्वामीनाथ यादव ने किया।
महंगाई, बेरोजगारी और कॉर्पोरेटपरस्ती ने देश को संकट में धकेला : विनोद पांडेय

भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में देश की आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार संकट, महंगाई और असुरक्षा की स्थिति में धकेलने का काम किया है। आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, युवा और छोटे व्यापारी सभी आर्थिक दबाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष केवल प्रचार, इवेंट प्रबंधन और बड़े उद्योगपतियों के हित साधने में व्यस्त दिखाई देता है।

नोटबंदी के दौरान आम लोगों को घंटों बैंक की कतारों में खड़ा रहना पड़ा। कोविड काल में अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए जनता त्राहिमाम करती रही। आज भी रसोई गैस, पेट्रोल-डीज़ल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट हित हैं।

भाजपा सरकार लगातार जनता को त्याग, बचत और राष्ट्रहित का उपदेश देती है। पेट्रोल कम खर्च करो, विदेश मत जाओ, डॉलर बचाओ। लेकिन, दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों के विदेशी निवेश और विशेष आर्थिक सुविधाओं पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। आम नागरिकों पर राष्ट्रभक्ति का बोझ डाला जाता है, जबकि सत्ता के करीब बैठे लोगों को हर प्रकार की छूट दी जाती है। यह दोहरी नीति देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक संतुलन के लिए घातक है।

देश को एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो जनता को राहत दे, रोजगार सृजित करे, महंगाई नियंत्रित करे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखे। दुर्भाग्य से वर्तमान केंद्र सरकार ने बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता, सामाजिक तनाव और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का कार्य किया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा स्पष्ट रूप से मानता है कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है, न कि चुनिंदा पूंजीपतियों के प्रति। जनता अब सवाल पूछ रही है और आने वाले समय में देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से इसका जवाब भी देगी।

राष्ट्र निर्माण में शिक्षक अग्रणी — शिक्षा उन्नयन संगोष्ठी व 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह,
  संजीव सिंह बलिया| नगरा — आमंत्रण मैरिज हाल गोठाई नगरा में शुक्रवार को आयोजित शिक्षा उन्नयन संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेन्द्र सिंह ने की और मुख्य अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह व बी.ई.ओ. आर. पी. सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का समस्त शिक्षकों ने अंगवस्त्रम्, स्मृति चिह्न एवं शीष पुंज देकर सम्मानित कर स्वागत व अभिनंदन किया।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति के समस्त समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है। उन्होंने सेवा निवृत्त शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम्, धार्मिक पुस्तक, छाता तथा बैग देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कुल 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी नगरा राम प्रताप सिंह ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित होकर अपना योगदान देते रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की अग्रणी पंक्ति में हैं और उनकी भूमिका समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है।कार्यक्रम में उपस्थित अन्य शिक्षकों और पदाधिकारियों में  मंत्री ओमप्रकाश,ए.आर.पी. सुदीप तिवारी, विश्वामित्र सिंह, अभिषेक यादव, आशुतोष कुमार सिंह, शशिकांत सक्सेना, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय, विनोद भारती, हेमंत यादव, राम प्रवेश वर्मा, अशोक शर्मा, बच्चालाल, कृष्ण कुमार सिंह, अभिनंदन सिंह आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। दयाशंकर ने निपुण शपथ ग्रहण कराई।कार्यक्रम को जिला मंत्री डा . राजेश पांडेय, सुनील सिंह, विद्यासागर दूबे, अजय सिंह तथा अन्य शिक्षक पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे त्रिवेणी सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षक अपने सामाजिक व शैक्षिक दायित्वों का निर्वाह करते रहेंगे और युवा शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।समापन के अवसर पर राष्ट्र वंदना, भारत माता वंदे मातरम् जय घोष के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप यादव ने किया।
पीवीयूएनएल में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्वच्छता शपथ का आयोजन

(पीवीयूएनएल) में आज परियोजना कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री ए.के. सहगल, सीआरओ पीवीयूएनएल, श्री मनीष क्षेत्रपाल, महाप्रबंधक (ओ एंड एम), श्री बिष्णु दत्ता दास, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) एवं श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने स्वच्छता शपथ ली।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता बनाए रखने तथा अपने कार्यस्थल एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। चर्चा के दौरान सीईओ महोदय ने टीम को विभिन्न स्थानों की पहचान कर स्वच्छता संबंधी पहल शुरू करने तथा नियमित रूप से स्वच्छता गतिविधियों को आगे बढ़ाने हेतु मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े आतंकी अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मारा, डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी

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अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के दूसरे सबसे बड़े वैश्विक कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी का खात्मा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को खुद इसकी जानकारी दी। ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को घोषणा की है कि अमेरिका ने नाइजीरिया में एक ऑपरेशन चलाया था जिसमें अल-मिनुकी मारा गया।

अमेरिकी-नाइजीरियाई सेनाओं के ज्वाइंट ऑपरेशन

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा है "आज रात मेरे निर्देश पर बहादुर अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सेना ने दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकवादी को युद्ध के मैदान से खत्म करने के लिए एक बहुत ही बारीकी से प्लान किए गए और बेहद मुश्किल मिशन को बिना किसी गलती के अंजाम दिया।"

दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का था कमांडर

ट्रंप ने आगे लिखा "अबू-बिलाल अल-मिनुकी, जो दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का कमांडर था, उसे लगा कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि हमारे पास ऐसे सूत्र थे जो हमें पल-पल की खबर दे रहे थे कि वह क्या कर रहा है।"

नाइजीरिया सरकार का जताया आभार

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि "अब आईएसआईएस का यह नेता अफ्रीका के लोगों को डराने या अमेरिकियों पर हमले की योजना बनाने में मदद नहीं कर सकेगा। उसके मारे जाने के बाद ISIS की वैश्विक गतिविधियां काफी कमजोर हो गई हैं। इस ऑपरेशन में साझेदारी के लिए नाइजीरिया सरकार का धन्यवाद।"

कौन था अबू-बिलाल अल-मिनुकी?

अबू-बिलाल अल-मिनुकी को अबू बक्र इब्न मुहम्मद इब्न अली अल-मैनुकी के नाम से भी जाना जाता था। वह अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में ISIS की गतिविधियों से जुड़ा एक वरिष्ठ नेता था। वह इस्लामिक दुनिया बनाना चाहता था। अमेरिकी रिकॉर्ड्स के मुताबिक, वह ISIS के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ प्रोविन्सेज से जुड़ा था और उसके कई नाम थे। जैसे अबू बिलाल अल-मिनुकी, अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक। अमेरिका के विदेश विभाग ने 2023 में उसे आधिकारिक तौर पर ISIS का वरिष्ठ नेता घोषित किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, साहेल क्षेत्र में ISIS से जुड़ी गतिविधियों में उसकी बड़ी भूमिका थी और संगठन की अंतरराष्ट्रीय संरचना में उसे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता था।

गोरखपुर जोन की 51वीं अन्तर्जनपदीय जूडो क्लस्टर प्रतियोगिता में पेंचक सिलाट, कराटे, बुशु एवं ताइक्वान्डो प्रतियोगिताओं के रोमांचक मुकाबले सम्पन्न
गोण्डा। आज दिनांक 15.05.2026 को रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा स्थित अमर शहीद राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित 51वीं अन्तर्जनपदीय जूडो क्लस्टर प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस पेंचक सिलाट, कराटे, बुशु एवं ताइक्वान्डो प्रतियोगिताओं के पुरुष एवं महिला वर्ग के विभिन्न भार वर्गों में रोमांचक मुकाबले आयोजित किए गए। प्रतियोगिता में प्रतिभागी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन एवं खेल भावना का परिचय देते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में जनपद गोण्डा के जान मोहम्मद, गोरखपुर के नरेन्द्र, अक्षय कुमार एवं जयसूर्या, बस्ती के तवरेज आलम एवं रामदरश तथा सिद्धार्थनगर के कृष्ण मोहन साहनी ने अपने-अपने भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने जनपद का गौरव बढ़ाया। जूडो महिला वर्ग में कुल 08 मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक बनाया। इस प्रतियोगिता में बस्ती की शीतल देवी, सीमा गुप्ता, अनुराधा, सविता राय एवं महेलखां खान, देवरिया की सुनीता तथा बहराइच की अनुप्रिया ने अपने-अपने भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। ताइक्वान्डो पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के अतुल पटेल एवं संदीप सिंह, बहराइच के गिरजाशंकर तथा संतकबीरनगर के अंजेश गुप्ता एवं आदित्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं महिला वर्ग में गोण्डा की अंशिका भारती, संध्या रावत एवं रूचि यादव, कुशीनगर की क्षमा सिंह तथा बस्ती की शालू वर्मा ने अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। कराटे पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में गोण्डा के धर्मेन्द्र कुमार एवं ओंकार विश्वकर्मा तथा कुशीनगर के सुजीत पटेल एवं महेन्द्र यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। महिला कराटे प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर की संगीता निषाद, सुषमा रावत, कीर्ति सिंह एवं संगीता देवी विजेता रहीं। बुशु पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के सतीश मौर्या, अजीत यादव,  संतकबीरनगर के सन्नी जायसवाल एवं दुर्गेश कुमार, महराजगंज के शत्रुधन तथा बस्ती के राकेश यादव व रोमित यादव ने अपने-अपने भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं बुशु महिला प्रतियोगिता में देवरिया की ममता, सीमा मौर्या एवं सरिता, कुशीनगर की खुशबू सिंह तथा गोरखपुर की शशी यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा खेलों के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास एवं आपसी समन्वय की भावना को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
वट सावित्री व्रत पर सुहागिनों ने पति की  लंबी उम्र सुख समृद्धि के लिए महिलाओं ने की पूजा अर्चना
रितेश मिश्रा
हरदोई शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही सुहागिन महिलाएं सज-धज कर वट वृक्ष के नीचे पहुंचीं और विधि-विधान से पूजन कर पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि व अखंड सौभाग्य की कामना की।
महिलाओं ने वट वृक्ष पर कच्चा धागा लपेटते हुए पूजा-अर्चना की तथा सावित्री-सत्यवान की कथा सुनकर परिवार की खुशहाली की दुआ मांग रही है। मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास सुबह से ही महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से पूजा कार्यक्रम भी आयोजित किए किए जा रहे हैं।
पूजन के दौरान महिलाओं ने फल, फूल, मिठाई, भीगा चना, पूड़ी-पकवान आदि अर्पित किए। पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार में पहुंचीं महिलाओं ने एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं भी दे रही है।
मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप और संकल्प से यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी आस्था के चलते सुहागिन महिलाएं यह व्रत रखकर पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन की सुख-शांति की कामना करती हैं।
सत्ताधारी दल के लोग भी प्रताड़ित, धरने के 9वा दिन प्रशासन की बेरुखी से आक्रोश
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट भवन के सामने स्थित अंबेडकर पार्क में आजाद अधिकार सेना का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता और आमजन सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, जनसुनवाई की विफलता और RTI/IGRS निस्तारण में हो रही लीपापोती के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले की तहसीलों, थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। आज स्थिति यह है कि जनसुनवाई के नाम पर जनता के साथ 'जनठगई' की जा रही है। IGRS और RTI के माध्यम से जो शिकायतें की जाती हैं, उनका निस्तारण धरातल पर शून्य है। अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि इस धरने में केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े कई लोग भी अपनी पीड़ा लेकर शामिल हुए हैं। जिलाध्यक्ष ने इसे सरकार के प्रशासनिक तंत्र की विफलता बताते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता ही खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं, तो आम आदमी की सुध कौन लेगा? यह साफ दर्शाता है कि अपनी ही सरकार के तंत्र पर अब कार्यकर्ताओं का भरोसा खत्म हो चुका है। चार दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन का कोई आलाधिकारी आंदोलनकारियों से वार्ता करने या उनकी सुध लेने नहीं पहुँचा है। प्रियंश  कुमार पांडेय ने इस पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों की यह संवेदनहीनता उनके अहंकार को दर्शाती है। अशोक सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि प्रशासन ने हमारी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया और औचक निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।
हमें अभी किसी युद्ध की जरूरत नहीं', ताइवान मुद्दे पर बदले ट्रंप के सुर, जिनपिंग की धमकी का असर?

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अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन और ताइवान के बीच चल रहे भारी तनाव को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर ताइवान पर बदले नजर आ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस समय अमेरिका को किसी भी युद्ध की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है, खासकर ऐसे युद्ध की जो 9,500 मील दूर हो।

चीन यात्रा के समापन पर फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने ताइवान को लेकर कहा, "हम युद्ध नहीं चाहते हैं और अगर आप स्थिति को वैसा ही बनाए रखते हैं, जैसी वह अभी है, तो मुझे लगता है कि चीन को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन हम ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते कि कोई यह कहे, चलो हम स्वतंत्र हो जाते हैं, क्योंकि अमेरिका हमारा समर्थन कर रहा है।" इंटरव्यू में ट्रंप ने दोहराया कि ताइवान पर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।

1982 के समझौते और हथियारों की बिक्री पर क्या बोले ट्रंप?

पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा 1982 में दिए गए उस भरोसे के बारे में पूछा, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ताइवान को हथियार बेचने पर चीन से सलाह नहीं लेगा, तो ट्रंप ने इसका बेबाकी से जवाब दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि 1982 अब बहुत पुरानी बात हो चुकी है।

9,500 मील दूर एक युद्ध अमेरिका की आखिरी जरूरत-ट्रंप

ट्रंप ने साफ किया कि बातचीत के दौरान खुद चीनी राष्ट्रपति ने यह मुद्दा उठाया था। ट्रंप ने कहा कि वे 1982 के समझौते का हवाला देकर बातचीत से पीछे नहीं हट सकते थे। इसलिए दोनों नेताओं ने ताइवान और उसे हथियारों की बिक्री के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। ट्रंप ने कहा कि इस पर वह जल्द ही कोई फैसला लेंगे, लेकिन अभी 9,500 मील दूर एक युद्ध अमेरिका की आखिरी जरूरत है।

क्यों बदले ट्रंप के सुर?

ट्रंप का यह बयान तब आया है, जब शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मीटिंग में ताइवान के मुद्दे पर चेतावनी दे दी थी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। शी ने ट्रंप से कहा, अगर ताइवान के मुद्दे को ठीक से नहीं संभाला गया तो दोनों देशों में टकराव या यहां तक कि झड़प भी हो सकती।

चीन और ताइवान में तनाव की वजह

चीन ताइवान पर अपना अधिकार जताता है और इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं करता है। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते का कहना है कि ताइवान को औपचारिक आजादी घोषित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह खुद को पहले से ही एक संप्रभु राष्ट्र मानता है। ताइवान के राष्ट्रपति को लेकर बीजिंग अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर चुका है। चीन ने उन्हें समस्या पैदा करने वाला और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति भंग करने वाला बताया है। ताइवान में बहुत से लोग खुद को अलग देश का हिस्सा मानते हैं। हालांकि, उनमें से ज्यादातर मौजूदा स्थिति को बनाए रखने के पक्ष में हैं, जिसमें ताइवान न तो चीन से आजादी घोषित करता है और न ही उसके साथ होता है।वहीं, अमेरिका लंबे समय से ताइवान का समर्थन करता रहा है, जिसमें उसे आत्मरक्षा के लिए हथियार उपलब्ध कराना भी शामिल है।

झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार-निवेश सहयोग को नई गति, रांची में हुई अहम बैठक

शुक्रवार को चेम्बर भवन में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर हुए एक अहम बैठक में उद्योग सचिव श्री अरावा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक दृष्टिकोण से झारखंड एक बेहद समृद्ध राज्य है। यहाँ विशाल खनिज संसाधन हैं और यह एक प्रमाणित औद्योगिक पावरहाउस रहा है। हमारे राज्य के भीतर की औद्योगिक इकाइयाँ इसके औद्योगिक कौशल का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि बेल्लारी खनन, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और आईटी क्षेत्रों में अग्रणी है, और दोनों राज्यों के बीच आपसी सीखने और सहयोग के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने देखा कि झारखंड चेम्बर ने राज्यों के बीच औद्योगिक संवाद को बढ़ावा देने की एक उत्कृष्ट परंपरा शुरू की है—एक ऐसी पहल जिसके निकट भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।वे शुक्रवार को चेम्बर भवन में आयोजित फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर एक संयुक्त बैठक में राज्य के आर्थिक विकास का दृष्टिकोण रख रहे थे।

राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता

श्री अरवा राजकमल ने आगे कहा कि झारखंड में उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन राज्य के विकास को लेकर एक दूरदर्शी दृष्टिकोण रखते हैं। मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण खनन क्षेत्र में खनिज खनन से लेकर हाई-एंड सॉल्यूशंस तक एक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) बनाने का है। मुख्यमंत्री का इसी तरह का दृष्टिकोण महिला उद्यमिता को आधारशिला बनाकर राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सकारात्मक रूप से बदलने का है। उन्होंने कहा कि राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता है।

उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर

उद्योग निदेशक श्री विशाल सागर ने डेलीगेट्स को झारखंड में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड ने इस वर्ष पहली बार दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहाँ मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में झारखंड चेम्बर भी शामिल था। माननीय मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के अवसरों तलाशने के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के भीतर भारी निवेश क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), पर्यटन और कृषि क्षेत्र निवेश के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर है।

बैठक के दौरान झारखंड और कर्नाटक के उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों के बीच व्यावसायिक विचारों, निवेश के अवसरों, औद्योगिक सहयोग और व्यापार विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

चेम्बर के महासचिव श्री रोहित अग्रवाल ने बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक उद्योग, निवेश, पर्यटन और व्यापार सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत है। झारखंड और कर्नाटक के उद्यमियों के बीच सीधे संवाद से व्यापार सहयोग को नई गति मिलेगी।झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष श्री आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड और कर्नाटक दोनों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड तेजी से औद्योगिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। राज्य की टेक्सटाइल नीति (कपड़ा नीति) आकर्षक है, और जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति जारी होने वाली है, जो निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर पेश करेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि झारखंड एक खनिज-समृद्ध राज्य है, जो लिथियम, मैंगनीज और बॉक्साइट सहित विभिन्न खनिजों से संपन्न है। राज्य बिजली-सरप्लस (अधिशेष बिजली वाला) है और यहाँ कुशल जनशक्ति की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड राज्य निवेश और उद्योग के क्षेत्रों में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।

बेल्लारी में निवेश की संभावनाओं पर बोलते हुए, बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर के अध्यक्ष श्री अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश करने का निमंत्रण दिया। बेल्लारी चेम्बर के पदाधिकारियों ने झारखंड चेम्बर को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एमएसएमई (MSME) कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के उद्यमियों और व्यापारियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और विचारों का आदान-प्रदान किया।कार्यक्रम के दौरान बेल्लारी चेम्बर द्वारा उद्योग सचिव और उद्योग निदेशक को सम्मानित किया गया।

आजमगढ़: तहबरपुर में शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं और शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा
आजमगढ़। तहबरपुर विकासखंड के अंतर्गत 1 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में ब्लॉक सभागार में एक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं एवं शिक्षकों की भूमिका विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ राम उजागर शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर बच्चों ने सरस्वती वंदना की मनोहारी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया सभागार को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर राम उजागर शुक्ला ने कहा कि बदलते परिवेश में नई शैक्षिक चुनौतियां सामने आ रही हैं शिक्षकों ने हमेशा समाज को दिशा और गति प्रदान की है उन्होंने शिक्षक समुदाय से इन समस्याओं का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिए आगे आने का आह्वान किया। जिला महामंत्री रवि शंकर यादव ने आधुनिक शैक्षिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों को तकनीक के प्रयोग को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार धीरे-धीरे शिक्षकों क परिलब्धियों को समाप्त कर रही है। रमोद यादव ने शिक्षकों से अपने उत्कृष्ट कार्यो के माध्यम से समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया और वर्तमान समय में संगठित होकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला उपाध्यक्ष उदय प्रताप राय ने पिछले 1 वर्ष में उत्तर प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक समिति द्वारा शिक्षक हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि समिति विद्यालयों के पेयरिंग/ मर्जर, चयन वेतनमान, टेट की अनिवार्यता के विरोध, जनगणना 2026 तथा परिषदीय विद्यालयों में साफ सफाई जैसे विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता नर्वदेश्वर उपाध्याय ने की जबकि संचालन स्वामीनाथ यादव ने किया।
महंगाई, बेरोजगारी और कॉर्पोरेटपरस्ती ने देश को संकट में धकेला : विनोद पांडेय

भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में देश की आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार संकट, महंगाई और असुरक्षा की स्थिति में धकेलने का काम किया है। आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, युवा और छोटे व्यापारी सभी आर्थिक दबाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष केवल प्रचार, इवेंट प्रबंधन और बड़े उद्योगपतियों के हित साधने में व्यस्त दिखाई देता है।

नोटबंदी के दौरान आम लोगों को घंटों बैंक की कतारों में खड़ा रहना पड़ा। कोविड काल में अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए जनता त्राहिमाम करती रही। आज भी रसोई गैस, पेट्रोल-डीज़ल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट हित हैं।

भाजपा सरकार लगातार जनता को त्याग, बचत और राष्ट्रहित का उपदेश देती है। पेट्रोल कम खर्च करो, विदेश मत जाओ, डॉलर बचाओ। लेकिन, दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों के विदेशी निवेश और विशेष आर्थिक सुविधाओं पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। आम नागरिकों पर राष्ट्रभक्ति का बोझ डाला जाता है, जबकि सत्ता के करीब बैठे लोगों को हर प्रकार की छूट दी जाती है। यह दोहरी नीति देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक संतुलन के लिए घातक है।

देश को एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो जनता को राहत दे, रोजगार सृजित करे, महंगाई नियंत्रित करे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखे। दुर्भाग्य से वर्तमान केंद्र सरकार ने बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता, सामाजिक तनाव और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का कार्य किया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा स्पष्ट रूप से मानता है कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है, न कि चुनिंदा पूंजीपतियों के प्रति। जनता अब सवाल पूछ रही है और आने वाले समय में देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से इसका जवाब भी देगी।

राष्ट्र निर्माण में शिक्षक अग्रणी — शिक्षा उन्नयन संगोष्ठी व 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह,
  संजीव सिंह बलिया| नगरा — आमंत्रण मैरिज हाल गोठाई नगरा में शुक्रवार को आयोजित शिक्षा उन्नयन संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेन्द्र सिंह ने की और मुख्य अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह व बी.ई.ओ. आर. पी. सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का समस्त शिक्षकों ने अंगवस्त्रम्, स्मृति चिह्न एवं शीष पुंज देकर सम्मानित कर स्वागत व अभिनंदन किया।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति के समस्त समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है। उन्होंने सेवा निवृत्त शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम्, धार्मिक पुस्तक, छाता तथा बैग देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कुल 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी नगरा राम प्रताप सिंह ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित होकर अपना योगदान देते रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की अग्रणी पंक्ति में हैं और उनकी भूमिका समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है।कार्यक्रम में उपस्थित अन्य शिक्षकों और पदाधिकारियों में  मंत्री ओमप्रकाश,ए.आर.पी. सुदीप तिवारी, विश्वामित्र सिंह, अभिषेक यादव, आशुतोष कुमार सिंह, शशिकांत सक्सेना, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय, विनोद भारती, हेमंत यादव, राम प्रवेश वर्मा, अशोक शर्मा, बच्चालाल, कृष्ण कुमार सिंह, अभिनंदन सिंह आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। दयाशंकर ने निपुण शपथ ग्रहण कराई।कार्यक्रम को जिला मंत्री डा . राजेश पांडेय, सुनील सिंह, विद्यासागर दूबे, अजय सिंह तथा अन्य शिक्षक पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे त्रिवेणी सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षक अपने सामाजिक व शैक्षिक दायित्वों का निर्वाह करते रहेंगे और युवा शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।समापन के अवसर पर राष्ट्र वंदना, भारत माता वंदे मातरम् जय घोष के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप यादव ने किया।