खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत 09 मई को, तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

लखनऊ। जन सामान्य को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 09 मई 2026 (शनिवार) को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ मलखान सिंह के निर्देशन में सम्पन्न हुई।

बैठक का आयोजन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7, लखनऊ एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी के कक्ष में किया गया, जिसमें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज बहादुर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.के. श्रीवास्तव तथा बैंक ऑफ इंडिया के लीड बैंक मैनेजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सायं में पुराने उच्च न्यायालय परिसर स्थित मेडिएशन सेंटर, लखनऊ में समस्त मजिस्ट्रेटों के साथ भी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को चिन्हित कर उनके निस्तारण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पक्षकारों को समय पर सूचना (तामिला) सुनिश्चित कराई जाए, ताकि अधिकाधिक मामलों का निपटारा संभव हो सके। इस संबंध में सम्मन सेल प्रभारी को शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मजिस्ट्रेटों को अधिकाधिक मामलों को चिन्हित करने तथा चिन्हित वादों को एनजीडीजी पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने आमजन से अपील की कि वे अपने न्यायालयों में लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर उनका त्वरित निस्तारण कराएं और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
गौ सम्मान आह्वान अभियान: गुरुकुल वेद वेदांग विद्यापीठ धनपतगंज के ब्रह्मचारियों ने भरी हुंकार, पांचों तहसीलों में सौंपा ज्ञापन
जनपद में गौ संरक्षण एवं सम्मान को लेकर वेद वेदांग विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों द्वारा व्यापक अभियान चलाया गया। “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत ब्रह्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जनपद की पांचों तहसीलों में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व आशुतोष जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसकी रक्षा और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया गया है।
इस मौके पर विनय त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान समय में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था हो तथा उनके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियों को लागू किया जाए।
वहीं डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। ज्ञापन के दौरान अश्रुत पांडेय आचार्य जी विनीत आर्य, सौरभ मिश्र विराट, दिव्या दुबे, बृजेश दूबे, बृजेंद्र मिश्र,शिवम दुबे जाली, अवधेश तिवारी, हृदय नारायण शुक्ला, जय किशन पांडे, ज्ञापन में सैंकड़ों कि संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच, अन्तर्राष्ट्रीय मेले में होगी प्रदर्शित

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कला को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये निरंतर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की विशिष्ट 'बाग प्रिंट' कला को फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मेले ‘’फ़ोयर डे पेरिस” में प्रदर्शित किया जायेगा। यह मेला 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेरिस के पोर्टे डे वर्साय प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा देशभर से चयनित पांच श्रेष्ठ शिल्पकारों में प्रदेश के नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री को शामिल किया गया है। वे इस मेले में प्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला का प्रतिनिधित्व करते हुए मास्टर क्राफ्ट्समैन के रूप में शामिल होंगे। 'बाग प्रिंट' हस्तशिल्प भौगोलिक संकेत (GI) के अंतर्गत संरक्षित है।

  • लाइव डेमोंस्ट्रेशन से रूबरू होंगे दर्शक

इस अन्तर्राष्ट्रीय मेले में बिलाल खत्री ‘बाग प्रिंट’ कला का लाइव प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक प्राकृतिक रंगों, नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉक्स और हस्तनिर्मित तकनीकों के माध्यम से कपड़ों पर उभरती कलाकृतियों को अन्तर्राष्ट्रीय दर्शक प्रत्यक्ष देख सकेंगे। यह भारतीय हस्तशिल्प की गहराई और सौंदर्य को समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

*परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समावेश

इस विशेष प्रदर्शनी के लिए तैयार किए गए डिज़ाइन में भारतीय पारंपरिक शिल्प और आधुनिक वैश्विक सौंदर्यबोध का समन्वय किया गया है। यूरोपीय बाज़ार की पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ये कृतियां ‘बाग प्रिंट’ को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देंगी।

  • ’बाग प्रिंट’ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि

‘बाग प्रिंट’ मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र की पारंपरिक हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग कला है। बाग एक छोटा जनजातीय कस्बा है, जहां भील और भिलाला समुदाय निवास करते हैं और प्राचीन बाघ गुफाएं भी स्थित हैं। इस कला की परंपरा खत्री समुदाय द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व सिंध के लरकाना क्षेत्र से आकर स्थापित की गई मानी जाती है।

इस शिल्प में सूती और रेशमी कपड़ों को पारंपरिक प्राकृतिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। लोहे के संक्षारण, धवाड़ी फूल और मायरोबालन के मिश्रण के साथ-साथ फिटकरी और एलिज़ारिन का उपयोग किया जाता है। कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी के ब्लॉक्स से डिज़ाइन तैयार कर उन्हें हाथ से भरा जाता है। तैयार वस्त्रों को बहते पानी में धोकर धूप में सुखाया जाता है, जिससे उन्हें विशिष्ट फिनिश प्राप्त होती है। ‘बाग प्रिंट’ में लाल और काले रंग के ज्यामितीय एवं पुष्पीय रूपांकन प्रमुख होते हैं।

“हर किसान को स्लॉट, बिना भीड़ के उपार्जन” -कलेक्टर संजय जैन का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और पारदर्शी बनाने के निर्देश

मऊगंज। जिले में गेहूं उपार्जन को अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य शासन ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है। अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसान स्लॉट बुक कर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने पन्नी उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल प्रक्रिया, भंडारण, साफ-सफाई और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तौल में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। किसानों ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुविधाजनक बताते हुए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए।

उल्लेखनीय है कि जिले में 26 उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर गेहूं खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपये तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत 09 मई को, तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

लखनऊ। जन सामान्य को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 09 मई 2026 (शनिवार) को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ मलखान सिंह के निर्देशन में सम्पन्न हुई।

बैठक का आयोजन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7, लखनऊ एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी के कक्ष में किया गया, जिसमें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज बहादुर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.के. श्रीवास्तव तथा बैंक ऑफ इंडिया के लीड बैंक मैनेजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सायं में पुराने उच्च न्यायालय परिसर स्थित मेडिएशन सेंटर, लखनऊ में समस्त मजिस्ट्रेटों के साथ भी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को चिन्हित कर उनके निस्तारण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पक्षकारों को समय पर सूचना (तामिला) सुनिश्चित कराई जाए, ताकि अधिकाधिक मामलों का निपटारा संभव हो सके। इस संबंध में सम्मन सेल प्रभारी को शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मजिस्ट्रेटों को अधिकाधिक मामलों को चिन्हित करने तथा चिन्हित वादों को एनजीडीजी पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने आमजन से अपील की कि वे अपने न्यायालयों में लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर उनका त्वरित निस्तारण कराएं और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
गौ सम्मान आह्वान अभियान: गुरुकुल वेद वेदांग विद्यापीठ धनपतगंज के ब्रह्मचारियों ने भरी हुंकार, पांचों तहसीलों में सौंपा ज्ञापन
जनपद में गौ संरक्षण एवं सम्मान को लेकर वेद वेदांग विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों द्वारा व्यापक अभियान चलाया गया। “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत ब्रह्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जनपद की पांचों तहसीलों में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व आशुतोष जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसकी रक्षा और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया गया है।
इस मौके पर विनय त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान समय में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था हो तथा उनके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियों को लागू किया जाए।
वहीं डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। ज्ञापन के दौरान अश्रुत पांडेय आचार्य जी विनीत आर्य, सौरभ मिश्र विराट, दिव्या दुबे, बृजेश दूबे, बृजेंद्र मिश्र,शिवम दुबे जाली, अवधेश तिवारी, हृदय नारायण शुक्ला, जय किशन पांडे, ज्ञापन में सैंकड़ों कि संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच, अन्तर्राष्ट्रीय मेले में होगी प्रदर्शित

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कला को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये निरंतर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की विशिष्ट 'बाग प्रिंट' कला को फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मेले ‘’फ़ोयर डे पेरिस” में प्रदर्शित किया जायेगा। यह मेला 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेरिस के पोर्टे डे वर्साय प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा देशभर से चयनित पांच श्रेष्ठ शिल्पकारों में प्रदेश के नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री को शामिल किया गया है। वे इस मेले में प्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला का प्रतिनिधित्व करते हुए मास्टर क्राफ्ट्समैन के रूप में शामिल होंगे। 'बाग प्रिंट' हस्तशिल्प भौगोलिक संकेत (GI) के अंतर्गत संरक्षित है।

  • लाइव डेमोंस्ट्रेशन से रूबरू होंगे दर्शक

इस अन्तर्राष्ट्रीय मेले में बिलाल खत्री ‘बाग प्रिंट’ कला का लाइव प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक प्राकृतिक रंगों, नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉक्स और हस्तनिर्मित तकनीकों के माध्यम से कपड़ों पर उभरती कलाकृतियों को अन्तर्राष्ट्रीय दर्शक प्रत्यक्ष देख सकेंगे। यह भारतीय हस्तशिल्प की गहराई और सौंदर्य को समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

*परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समावेश

इस विशेष प्रदर्शनी के लिए तैयार किए गए डिज़ाइन में भारतीय पारंपरिक शिल्प और आधुनिक वैश्विक सौंदर्यबोध का समन्वय किया गया है। यूरोपीय बाज़ार की पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ये कृतियां ‘बाग प्रिंट’ को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देंगी।

  • ’बाग प्रिंट’ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि

‘बाग प्रिंट’ मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र की पारंपरिक हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग कला है। बाग एक छोटा जनजातीय कस्बा है, जहां भील और भिलाला समुदाय निवास करते हैं और प्राचीन बाघ गुफाएं भी स्थित हैं। इस कला की परंपरा खत्री समुदाय द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व सिंध के लरकाना क्षेत्र से आकर स्थापित की गई मानी जाती है।

इस शिल्प में सूती और रेशमी कपड़ों को पारंपरिक प्राकृतिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। लोहे के संक्षारण, धवाड़ी फूल और मायरोबालन के मिश्रण के साथ-साथ फिटकरी और एलिज़ारिन का उपयोग किया जाता है। कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी के ब्लॉक्स से डिज़ाइन तैयार कर उन्हें हाथ से भरा जाता है। तैयार वस्त्रों को बहते पानी में धोकर धूप में सुखाया जाता है, जिससे उन्हें विशिष्ट फिनिश प्राप्त होती है। ‘बाग प्रिंट’ में लाल और काले रंग के ज्यामितीय एवं पुष्पीय रूपांकन प्रमुख होते हैं।

“हर किसान को स्लॉट, बिना भीड़ के उपार्जन” -कलेक्टर संजय जैन का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और पारदर्शी बनाने के निर्देश

मऊगंज। जिले में गेहूं उपार्जन को अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य शासन ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है। अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसान स्लॉट बुक कर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने पन्नी उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल प्रक्रिया, भंडारण, साफ-सफाई और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तौल में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। किसानों ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुविधाजनक बताते हुए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए।

उल्लेखनीय है कि जिले में 26 उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर गेहूं खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपये तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।