माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
गढ़वा मे अवैध बालू खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 50 से 60 ट्रैक्टर बालू जब्त - जिला खनन पदाधिकारी।

गढ़वा :- गढ़वा जिले के बंशीधर नगर अनुमंडल के धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन और डंपिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा एवं जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।वहीं इस कार्रवाई में अंबाखोरेया इलाके में अवैध रूप से डंप कर रखे गए भारी मात्रा में बालू को जब्त किया गया। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

वहीं जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि धुरकी क्षेत्र में कनहर नदी से अवैध रूप से बालू का खनन कर बड़े पैमाने पर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ प्रभाकर मिर्धा एवं डीएमओ राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर गुप्त रूप से अंबाखोरेया क्षेत्र में छापेमारी किया ।

वहीं छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप किया गया बालू क़ो पाया गया । प्रशासन के अनुसार लगभग 50 से 60 ट्रैक्टर बालू को जब्त किया गया है। अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन एवं खनिज संसाधनों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अवैध खनन से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनहर नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं और प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2026: ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान से जुड़ा अयोध्या व्यापार मंडल
* स्वच्छ अयोध्या–सुंदर अयोध्या बनाने का लिया संकल्प, व्यापारियों ने निभाई सक्रिय भागीदारी
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अयोध्या। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान में आज अयोध्या व्यापार मंडल ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभियान का मुख्य उद्देश्य अयोध्या को स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों की श्रेणी में शामिल करना है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने आमजन से “स्वच्छ अयोध्या, सुंदर अयोध्या” के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही अयोध्या को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान दिलाया जा सकता है।
अभियान में व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज गुप्ता, महामंत्री एवं पूर्व पार्षद नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, सोनू अग्रहरी, सुरेंद्र सिंह, राहुल, गुड्डू सोनी सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।

कानून व्यवस्था पर CM योगी सख्त, सुस्त अफसरों की देर रात क्लास


* घटनाओं पर नाराज़ मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसरों को लगाई फटकार, VC के बाद लखनऊ में ACP-SHO समेत थानेदार हटाए गए

लखनऊ। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में फील्ड अधिकारियों के पेंच कस दिए। घटनाओं पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कड़ी फटकार लगाई। बैठक में गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसर मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे।

सूत्रों के मुताबिक, कानून व्यवस्था को लेकर लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और समीक्षा बैठकों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिखने पर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई। बड़े अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई न होने से निचले स्तर के अफसर निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, इस मुद्दे पर भी सवाल उठे।

बैठक के तुरंत बाद राजधानी लखनऊ में कार्रवाई देखने को मिली। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभूति खंड क्षेत्र के ACP, SHO और गोमती नगर विस्तार थाने के प्रभारी को हटा दिया गया। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को लेकर सरकार अब जवाबदेही तय करने के मूड में है। संदेश साफ है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
पुलिस महानिदेशक पीएसी ने 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद का किया निरीक्षण, जवानों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान सभी मोर्चों का निरीक्षण करते हुए जवानों से ‘आर्क ऑफ फायर’ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रशासनिक भवन के विभिन्न कार्यालयों, वाहिनी अस्पताल एवं परिसर में स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग मशीन का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पी.एम.एस. तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का जायजा लेकर संबंधित अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स हॉस्टल का भी निरीक्षण किया गया।

तत्पश्चात मनोरंजन कक्ष में आयोजित सैनिक सम्मेलन में उन्होंने जवानों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। अपने संबोधन में उन्होंने सभी कार्मिकों को सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने, शारीरिक दक्षता एवं एबीसी कोर्स पर विशेष ध्यान देने तथा वर्तमान समय में अर्बन नक्सलवाद की चुनौतियों के प्रति सतर्क एवं सजग रहने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीआईजी पीएसी मेरठ अनुभाग मेरठ श्रीमती कल्पना सक्सेना, सेनानायक 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद डॉ. दिनेश यादव, सेनानायक 5वीं वाहिनी यूपीएसएसएफ सहारनपुर डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छात्र संख्या कम होने पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, डीएम ने बेसिक शिक्षा की मासिक बैठक ली
फर्रुखाबाद l  बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, नामांकन अभियान तथा दिव्यांग बच्चों हेतु संचालित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत निर्धारित 35,800 नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25,421 नामांकन होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष प्रयास करने होंगे तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में 10 से कम विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऐसे विद्यालयों की स्थिति के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में समावेशी शिक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्पेशल एजुकेटर द्वारा मई माह के दौरान कितने दिव्यांग बच्चों के घर जाकर भ्रमण किया गया है, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर आयोजित कर फैमिली आईडी बनवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।
दिव्यांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कार्य कराया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी विद्यालयी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत 21 अगस्त को होगी आयोजित
फर्रुखाबाद l
मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में "समाधान समारोह-2026" का शुभारम्भ 21 अप्रैल, 2026 को किया गया है। यह अभियान  21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत की बैठक सम्पन्न होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद परिसर में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाधान समारोह-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भकिया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
समाधान समारोह के अंतर्गत चिन्हित वादों में प्री-सिटिंग वार्ता के माध्यम से पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर अधिकाधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु वादों के चिन्हीकरण, प्री-सिटिंग वार्ताओं के संचालन तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण के लिए विभिन्न प्री-सिटिंग बैंचों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें अपर जनपद न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय अपर जिला जज प्रथम, शैलेन्द्र सचान विशेष न्यायाधीश डकैती, तरुण कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, रितिका त्यागी अपर जिला जज पाक्सो, दिपेन्द्र कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश ईसी. एक्ट अकिंत कुमार मित्तल अपर जिला जज  संजय कुमार षष्ठम विशेष न्यायाधीश एफ.टी.सी। सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश महोदय ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समाधान समारोह-2026 को सफल बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
गढ़वा मे अवैध बालू खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 50 से 60 ट्रैक्टर बालू जब्त - जिला खनन पदाधिकारी।

गढ़वा :- गढ़वा जिले के बंशीधर नगर अनुमंडल के धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन और डंपिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा एवं जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।वहीं इस कार्रवाई में अंबाखोरेया इलाके में अवैध रूप से डंप कर रखे गए भारी मात्रा में बालू को जब्त किया गया। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

वहीं जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि धुरकी क्षेत्र में कनहर नदी से अवैध रूप से बालू का खनन कर बड़े पैमाने पर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ प्रभाकर मिर्धा एवं डीएमओ राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर गुप्त रूप से अंबाखोरेया क्षेत्र में छापेमारी किया ।

वहीं छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप किया गया बालू क़ो पाया गया । प्रशासन के अनुसार लगभग 50 से 60 ट्रैक्टर बालू को जब्त किया गया है। अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन एवं खनिज संसाधनों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अवैध खनन से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनहर नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं और प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2026: ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान से जुड़ा अयोध्या व्यापार मंडल
* स्वच्छ अयोध्या–सुंदर अयोध्या बनाने का लिया संकल्प, व्यापारियों ने निभाई सक्रिय भागीदारी
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अयोध्या। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान में आज अयोध्या व्यापार मंडल ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभियान का मुख्य उद्देश्य अयोध्या को स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों की श्रेणी में शामिल करना है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने आमजन से “स्वच्छ अयोध्या, सुंदर अयोध्या” के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही अयोध्या को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान दिलाया जा सकता है।
अभियान में व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज गुप्ता, महामंत्री एवं पूर्व पार्षद नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, सोनू अग्रहरी, सुरेंद्र सिंह, राहुल, गुड्डू सोनी सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।

कानून व्यवस्था पर CM योगी सख्त, सुस्त अफसरों की देर रात क्लास


* घटनाओं पर नाराज़ मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसरों को लगाई फटकार, VC के बाद लखनऊ में ACP-SHO समेत थानेदार हटाए गए

लखनऊ। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में फील्ड अधिकारियों के पेंच कस दिए। घटनाओं पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कड़ी फटकार लगाई। बैठक में गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसर मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे।

सूत्रों के मुताबिक, कानून व्यवस्था को लेकर लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और समीक्षा बैठकों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिखने पर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई। बड़े अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई न होने से निचले स्तर के अफसर निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, इस मुद्दे पर भी सवाल उठे।

बैठक के तुरंत बाद राजधानी लखनऊ में कार्रवाई देखने को मिली। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभूति खंड क्षेत्र के ACP, SHO और गोमती नगर विस्तार थाने के प्रभारी को हटा दिया गया। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को लेकर सरकार अब जवाबदेही तय करने के मूड में है। संदेश साफ है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
पुलिस महानिदेशक पीएसी ने 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद का किया निरीक्षण, जवानों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान सभी मोर्चों का निरीक्षण करते हुए जवानों से ‘आर्क ऑफ फायर’ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रशासनिक भवन के विभिन्न कार्यालयों, वाहिनी अस्पताल एवं परिसर में स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग मशीन का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पी.एम.एस. तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का जायजा लेकर संबंधित अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स हॉस्टल का भी निरीक्षण किया गया।

तत्पश्चात मनोरंजन कक्ष में आयोजित सैनिक सम्मेलन में उन्होंने जवानों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। अपने संबोधन में उन्होंने सभी कार्मिकों को सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने, शारीरिक दक्षता एवं एबीसी कोर्स पर विशेष ध्यान देने तथा वर्तमान समय में अर्बन नक्सलवाद की चुनौतियों के प्रति सतर्क एवं सजग रहने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीआईजी पीएसी मेरठ अनुभाग मेरठ श्रीमती कल्पना सक्सेना, सेनानायक 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद डॉ. दिनेश यादव, सेनानायक 5वीं वाहिनी यूपीएसएसएफ सहारनपुर डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छात्र संख्या कम होने पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, डीएम ने बेसिक शिक्षा की मासिक बैठक ली
फर्रुखाबाद l  बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, नामांकन अभियान तथा दिव्यांग बच्चों हेतु संचालित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत निर्धारित 35,800 नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25,421 नामांकन होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष प्रयास करने होंगे तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में 10 से कम विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऐसे विद्यालयों की स्थिति के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में समावेशी शिक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्पेशल एजुकेटर द्वारा मई माह के दौरान कितने दिव्यांग बच्चों के घर जाकर भ्रमण किया गया है, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर आयोजित कर फैमिली आईडी बनवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।
दिव्यांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कार्य कराया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी विद्यालयी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत 21 अगस्त को होगी आयोजित
फर्रुखाबाद l
मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में "समाधान समारोह-2026" का शुभारम्भ 21 अप्रैल, 2026 को किया गया है। यह अभियान  21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत की बैठक सम्पन्न होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद परिसर में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाधान समारोह-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भकिया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
समाधान समारोह के अंतर्गत चिन्हित वादों में प्री-सिटिंग वार्ता के माध्यम से पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर अधिकाधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु वादों के चिन्हीकरण, प्री-सिटिंग वार्ताओं के संचालन तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण के लिए विभिन्न प्री-सिटिंग बैंचों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें अपर जनपद न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय अपर जिला जज प्रथम, शैलेन्द्र सचान विशेष न्यायाधीश डकैती, तरुण कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, रितिका त्यागी अपर जिला जज पाक्सो, दिपेन्द्र कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश ईसी. एक्ट अकिंत कुमार मित्तल अपर जिला जज  संजय कुमार षष्ठम विशेष न्यायाधीश एफ.टी.सी। सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश महोदय ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समाधान समारोह-2026 को सफल बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।