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बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई समस्या,गोमती मित्रों के लिए स्वच्छता बनी तपस्या
*नालों की गंदगी तट पर जमा होने से सफाई चुनौतीपूर्ण, नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुरक्षा का भी रखना है ध्यान*
सुलतानपुर:-
सीताकुंड धाम में रविवार को गोमती मित्र मंडल का साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान बढ़ते जलस्तर और नदी के तेज बहाव के बीच संपन्न हुआ। प्रातः छह बजे से ही गोमती मित्रों ने धाम पहुंचकर साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया।
नालों का पानी सीधे गोमती नदी में गिरने के कारण तेज बहाव की वजह से नालों की गंदगी तट पर जमा हो रही है जिससे सफाई चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद गोमती मित्रों ने स्वच्छता अभियान जारी रखते हुये श्रमदान किया।
नवरात्रि के चलते धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ रही है ऐसे में गोमती मित्रों के सामने स्वच्छता बनाए रखने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की जिम्मेदारी भी है ।
साथ ही जिलाध्यक्ष अजीत शर्मा के नेतृत्व में कुछ गोमती मित्रों ने बंधुआ कलां स्थित श्री विंध्यवासिनी माता मंदिर में श्रमदान कर श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
सुबह छह बजे शुरू हुआ श्रमदान प्रातः दस बजे तक चला जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी,दिनकर सिंह,राजेश पाठक,राकेश सिंह दद्दू,मुन्ना सोनी,रामु सोनी,आलोक तिवारी,अजीत शर्मा,अभय मिश्रा,आशु उपाध्याय, अशोक,अरुण अग्रहरि,दीपू आदि उपस्थित रहे।
दशहरा-दीपावली के मद्देनजर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने की विभागीय समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
*मंदिरों, पूजा पंडालों और विसर्जन मार्गों पर विशेष सफाई, गड्ढामुक्ति एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के निर्देश*
*फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जल निकासी के लिए युद्ध स्तर पर कार्यवाही करें अधिकारी : एके शर्मा*
*मंत्री ने कहा - त्योहारों के दौरान रात्रि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित रहे

लखनऊ, 11अक्टूबर, 2026।
आगामी दशहरा और दीपावली सहित अन्य त्योहारों के दौरान प्रदेशवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को त्योहारों के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने तथा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए।
नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने नगरीय क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई, गड्ढामुक्ति, जल निकासी, कूड़ा निस्तारण, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दशहरा और दीपावली प्रकाश, उल्लास एवं उत्सव के पर्व हैं। ऐसे में सभी नगरीय निकायों में साफ-सफाई और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंत्री श्री शर्मा ने विशेष रूप से मंदिरों, पूजा पंडालों तथा मूर्ति विसर्जन वाले मार्गों पर गड्ढामुक्ति अभियान चलाने और व्यापक साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर आयुक्तों से उनके क्षेत्रों में त्योहारों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की आवाजाही सुगम एवं सुरक्षित रहनी चाहिए। इसके लिए सड़कों की मरम्मत, कूड़े का नियमित उठान, जलभराव की समस्या का समाधान और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था समय से सुनिश्चित की जाए।
लखनऊ में फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने जल निकासी के कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी के बाद व्यापक स्तर पर फॉगिंग कराई जाए और एंटी लार्वा का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, ताकि मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार की आशंका को कम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आगामी त्योहारों में विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय समय से पूरे कर लिए जाएं। पूजा पंडालों का निरीक्षण कर विद्युत सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
उन्होंने जुलूस एवं शोभायात्राओं के निर्धारित मार्गों का सर्वेक्षण कराने और वहां से गुजरने वाले विद्युत तारों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुलूस मार्गों पर बिजली के तार ढीले या नीचे लटके हुए नहीं होने चाहिए। जहां भी ऐसी स्थिति मिले, उसे तत्काल ठीक कराया जाए। विद्युत सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सकें।
मंत्री श्री शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान रात के समय भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कुशल संविदा कर्मियों को पुनः सेवा में रखने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए, ताकि विद्युत व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में अनुभवी कर्मियों की सेवाएं ली जा सकें।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, अपर निदेशक नगरीय निकाय श्रीमती ऋतु सुहास सहित प्रदेश के सभी संबंधित नगर आयुक्त तथा नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : सीएम योगी

2017 से पहले हर पांचवीं बेटी छोड़ देती थी पढ़ाई, स्कूलों में नहीं थीं बुनियादी सुविधाएं : मुख्यमंत्री

देवीपाटन मंदिर प्रांगण में 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत मुख्यमंत्री योगी ने बांटे स्टडी टेबल और आशीर्वाद पत्र

नवरात्रि के पहले दिन नौ कन्याओं का तिलक कर ओढ़ाई चुनरी, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर किया सम्मानित

पहले 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर जाती थीं स्कूल, अब 1.60 करोड़ बच्चों को मिल रही सुविधाएं

सीएम बोले- महिलाओं को आवास का मालिकाना हक, एक करोड़ से अधिक घरौनियों में भी मिला अधिकार

कहा - भारतीय नारी ने हर कालखंड में साबित किया अपना सामर्थ्य, नारी सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान

बिना भेदभाव हर वर्ग तक विकास पहुंचने से ही पूरा होगा विकसित भारत का संकल्प : मुख्यमंत्री योगी

 बलरामपुर, 11 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलेगा तो रामराज्य की स्थापना को कोई ताकत नहीं रोक सकती। मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज हर महिला के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हर पांचवीं बेटी स्कूल में दाखिला लेने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं थीं। आज प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बेटियों की शिक्षा और महिलाओं का स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री योगी रविवार को देवीपाटन मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवदुर्गा स्वरूप नौ कन्याओं का तिलक किया, चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट की। बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की परंपरा रही है। नवरात्रि इसी संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और विजयदशमी पर भगवान राम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने की बात कही।

स्कूल छोड़ने वाली बेटियों की जांच कराई तो सामने आई हकीकत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने बड़ी संख्या में बेटियों के स्कूल छोड़ने की वजह पूछी। पहले विद्यालयों की दूरी को कारण बताया गया। जांच के लिए टीम गठित की तो सामने आया कि स्कूलों में शौचालय और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनवाने, पेयजल उपलब्ध कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं। कई बच्चों के पास सर्दियों में स्वेटर तक नहीं होते थे। सरकार ने बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था शुरू की।

सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली जा रही है। स्कूलों में बेहतर फर्श और फर्नीचर के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित हो रही हैं। जिन बच्चों की पहुंच कभी कंप्यूटर तक नहीं थी, वे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचेगा।

घर की मालकिन के नाम जाएगी आवास की धनराशि

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में धनराशि घर की महिला मुखिया के नाम जाएगी। मकान का मालिकाना अधिकार भी उसी का होगा। उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम दिए जा रहे हैं। एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनी में महिला सदस्यों को मालिकाना अधिकार मिला है। तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालय निर्माण नारी गरिमा की रक्षा का भी अभियान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.10 करोड़ परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन के तहत सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

अहिल्याबाई से लक्ष्मीबाई तक नारी शक्ति के उदाहरण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माता कौशल्या, जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी भारतीय नारी के सामर्थ्य की प्रतीक हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और केदारनाथ सहित अनेक मंदिरों का पुनरुद्धार कराया। रानी लक्ष्मीबाई ने 25 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया और 26 वर्ष में बलिदान हो गईं। अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई ने भी देश के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत में संविधान निर्माण के साथ ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान का अधिकार मिला।

फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन, किसानों को सौंपे उपकरण

मुख्यमंत्री योगी ने फीता काटकर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। विराट किसान मेले में कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना पूरी हो चुकी है। इसकी शाखाओं का विस्तार कृषि विकास को गति देगा। कृषि मेले से किसानों को नई तकनीक और नवाचार समझने का अवसर मिलेगा।

बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट

मुख्यमंत्री योगी ने बेसिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। हीरालाल, अर्चना, काजल, प्रभु जायसवाल, निसफा, गणेश, चांदनी, शालू, बेबी, रुद्राणी, सानिया और सुधा को आशीर्वाद पत्र तथा स्टेशनरी किट दी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट वितरित किए। बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक भी मुख्यमंत्री योगी को भेंट की।

बेटियों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण : कैलाश नाथ शुक्ला

तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि देवीपाटन मंदिर प्रांगण में नवरात्रि पर कन्याओं का पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को प्रोत्साहित कर उनका उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने क्षेत्र और जनपद की ओर से मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।

* कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम, राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बना यूपी, नारी शक्ति बनी विकास की धुरी : मुख्यमंत्री योगी
*शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर साझा की प्रदेश की उपलब्धियां*
*मुख्यमंत्री योगी बोले- 2017 से पहले बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना था चुनौतीपूर्ण, आज नाइट शिफ्ट में काम कर अर्थव्यवस्था को दे रहीं गति*
*यूपी के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रहीं महिलाएं, महिला कार्यबल भागीदारी दर 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत के पार*
*प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में नारी सशक्तीकरण को मिली नई दिशा, शिक्षा से रोजगार तक महिलाओं के लिए बढ़े अवसर*

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के क्षेत्र में आए बदलाव को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बनाने के साथ ही नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा प्रदान की है। वर्ष 2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना भी चुनौती थी, आज वही बेटियां नाइट शिफ्ट में काम करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व आज नारी शक्ति कर रही है। वहीं, महिला कार्यबल भागीदारी दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। यह महिलाओं के बढ़ते विश्वास और उनके लिए उपलब्ध अवसरों के विस्तार का स्पष्ट प्रमाण है।
*माताओं के स्वास्थ्य से बेटियों के भविष्य तक सरकार की योजनाओं का संबल*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य से लेकर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य तक डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाएं नारी सशक्तीकरण को निरंतर मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को संबल मिला है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।
*मिशन शक्ति से सेफ सिटी तक, महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन शक्ति, ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, सेफ सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी पहलें महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही हैं।
*सशक्त नारी से समृद्ध उत्तर प्रदेश का संकल्प होगा साकार*
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संदेश में भारतीय संस्कृति के आदर्श 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी भावना को आत्मसात कर प्रदेश की डबल इंजन सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 'सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश' के माध्यम से 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर अग्रसर है।
अखिलेश बताएं, जेपीएनआईसी के 865 करोड़ में से उनकी जेब में कितना गया : राजभर
*जयप्रकाश नारायण की जयंती पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से मांगा हिसाब*
*राजभर का सवाल- जेपीएनआईसी की संचालन समिति में सैफई परिवार को क्यों बैठाया*
*होटल, क्लब और जिम की कमाई किसकी जेब में जानी थी, अखिलेश से पूछा सवाल*
*अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर बोले- पीछे मत भागिए, आइए और नामांकन भरिए*

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जेपीएनआईसी के निर्माण पर खर्च हुए 865 करोड़ रुपये का हिसाब मांगते हुए सवाल किया कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद परियोजना अधूरी क्यों रह गई। राजभर ने अखिलेश से यह भी पूछा कि इस रकम में उनकी जेब में कितना पैसा गया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार किए जाने का जिक्र करते हुए अखिलेश को स्वयं चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहा।
रविवार को सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को संबोधित पोस्ट में राजभर ने सबसे पहले भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर नमन किया। इसके बाद उन्होंने लिखा कि अखिलेश ने लोकनायक के नाम पर जेपीएनआईसी जैसा लूट का अड्डा बनाने का सपना पाला था। उन्होंने सवाल किया कि 865 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी परियोजना अधूरी क्यों छोड़ दी गई।
राजभर ने जेपीएनआईसी की संचालन समिति को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने पूछा कि समिति में अखिलेश ने खुद को, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और सैफई परिवार के लोगों को क्यों शामिल किया था। जनता के पैसों से बनी इमारत के संचालन में परिवार की क्या भूमिका थी? राजभर ने जेपीएनआईसी में प्रस्तावित होटल, क्लब और जिम से होने वाली कमाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इन सुविधाओं से होने वाली आमदनी आखिर किसकी जेब में जानी थी।
कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश की चुनौती स्वीकार कर ली है। अब उन्हें पीछे नहीं हटना चाहिए। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा न हो कि उनके समर्थक ही कहने लगें कि उनका नेता एसी, पीसी और ट्विटर से बाहर नहीं निकलता।
राजभर ने अखिलेश से अयोध्या से नामांकन करने और चुनाव लड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि इसी बहाने अखिलेश को इटावा-मैनपुरी के यादव बाहुल्य क्षेत्र से बाहर अपनी राजनीतिक स्थिति का पता चल जाएगा। पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश को अपनी चुनौती से पीछे नहीं हटने की बात कही।
नए साल से पहले 1.20 करोड़ से अधिक लोगों की पेंशन बढ़ाने की तैयारी में योगी सरकार
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सैद्धांतिक सहमति, तीसरी तिमाही से बढ़ी पेंशन देने की तैयारी*
*बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन 1000 से बढ़कर होगी 1500 रुपये*
*नवंबर के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के समक्ष आएंगे तीनों प्रस्ताव, अनुपूरक बजट में होगा धनराशि का प्रावधान*
लखनऊ। योगी सरकार नए साल से पहले प्रदेश के 1.20 करोड़ से अधिक बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सैद्धांतिक सहमति के बाद तीनों योजनाओं की पेंशन 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव नवंबर के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के समक्ष लाए जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य तीसरी तिमाही से बढ़ी हुई पेंशन देने का है। इसके लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर लाभार्थियों को हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। तीन महीने की पेंशन 3000 से बढ़कर 4500 रुपये और सालाना राशि 12 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपये हो जाएगी। इस तरह प्रत्येक लाभार्थी को सालाना छह हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
*तीनों योजनाओं में 1.20 करोड़ से अधिक लाभार्थी*
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत दूसरी तिमाही में 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। पहली तिमाही में यह संख्या 65.60 लाख से अधिक थी। निराश्रित महिला पेंशन योजना में दूसरी तिमाही के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 42,35,911 हो गई है, जबकि पहली तिमाही में 41,37,176 महिलाओं को पेंशन मिली थी। इस तरह एक तिमाही में 98,735 महिला लाभार्थी बढ़ी हैं। दिव्यांगजन पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या भी 12 लाख से अधिक है। तीनों योजनाओं में कुल लाभार्थियों की संख्या 1.20 करोड़ से अधिक है।
*2017 के बाद बढ़ी पेंशन, अब 1500 रुपये करने की तैयारी*
वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन की राशि पहले 500 रुपये और फिर 1000 रुपये प्रतिमाह की। निराश्रित महिला पेंशन भी 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई। अब तीनों योजनाओं में पेंशन 1500 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है। प्रस्ताव लागू होने पर वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित महिला पेंशन की राशि 2017 के मुकाबले तीन गुना हो जाएगी।
*बढ़ी पेंशन से बुजुर्गों को मिलेगा आर्थिक संबल : असीम अरुण*
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बुजुर्गों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन बढ़ने से 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।
*दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तीकरण में मददगार होगी पेंशन वृद्धि : नरेंद्र कुमार कश्यप*
दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पेंशन में बढ़ोतरी दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। सरकार उन्हें आर्थिक संबल देने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिकअप व डंपर की भिडन्त में बच्चे सहित मां की मौत कई घायल*

अमृतपुर फर्रुखाबाद 10 अक्टूबर। राजेपुर थाना क्षेत्र में इटावा-बरेली हाईवे पर जैनापुर के निकट शनिवार को शाम ढलते ढलते पिकअप और डंपर की भिड़ंत में चार वर्षीय बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक शरीफ वाहन के अंदर फंस गया। जानकारी पर पहुँची पुलिस ने करीब 10 मिनट की मशक्कत के बाद ग्राइंडर से पिकअप की खिड़की कटवाकर ड्राइवर को बाहर निकलवाया।जानकारी के अनुसार, पांचाल घाट निवासी विमलेश अपनी पत्नी पूजा और चार वर्षीय बेटी के साथ शाहजहांपुर स्थित अपनी ससुराल से फर्रुखाबाद लौट रहा था। जैनापुर के पास उनकी पिकअप की डंपर से टक्कर हो गई। हादसे में विमलेश के परिवार के तीन सदस्यों समेत कुल पांच लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सीएचसी में चिकित्सक डॉ. हिमांशु राजपूत ने 25 वर्षीय पूजा और उनकी चार वर्षीय बेटी को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल विमलेश का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। करीब 55 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति और पिकअप चालक शरीफ की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। मौके पर सैकड़ो लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इतनी बड़ी दुर्घटना कैसे हो गई और इसके पीछे क्या कारण रहा इसको लेकर पुलिस हादसे के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला
*बलरामपुर में 803 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, लाभार्थियों को बांटे चेक व प्रमाणपत्र*
*सीएम योगी बोले - सपा के बबुआ बौखला गए हैं, अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी*
*माफिया और अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री, बेटियों से खिलवाड़ करने वालों को जेल या जहन्नुम की चेतावनी*
*विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटें जीतने का दावा, विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें आने की बात कही*

बलरामपुर, 10 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी वहीं से चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां हो रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में चुनावी मुकाबला भी आमने-सामने हो जाए। मुख्यमंत्री बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अयोध्या को तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। विकास में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए जीतेगा। विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें ही आएंगी। *सीमावर्ती क्षेत्र में छांगुर जैसे लोगों को नहीं पनपने देंगे*
मुख्यमंत्री योगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां किसी छांगुर जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा। किसी को डेमोग्राफी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में यह क्षेत्र तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब वही क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
*माफिया को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था। अपराधियों के हौसले बुलंद थे और आम नागरिक भय के माहौल में रहते थे। अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी माफिया को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।
*सपा का पीडीए परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी*
सपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उसका पीडीए वास्तव में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है। इसका दूसरा अर्थ 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' भी है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और अन्य वर्गों की उपेक्षा की। एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई, जबकि दूसरी धनबल के आधार पर बांटी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के एजेंडे में परिवार के बाहर किसी के लिए स्थान नहीं है।
*जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम को दोष*
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर ये दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं और न्यायालय पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार, दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं कर सकता। *आपदा और वन्यजीव संघर्ष में 24 घंटे में मुआवजा*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि अथवा पशुहानि होने पर भी अगले 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
*बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजी गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है। भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर को विकास के मामले में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा।
*लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक और स्वीकृति पत्र*
मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय प्रदर्शनियां देखीं और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप दिए। किरण वर्मा और हिमांश यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपीं। अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक दिया।
*जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां*
बलरामपुर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के रास्ते पर है। उन्होंने 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए लोगों से योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने कहा कि 2017 से पहले व्यापारी और महिलाएं भय के माहौल में रहते थे। योगी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में शिक्षा और विकास को गति दी है।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
यूपी रेरा ने QPR दाखिल करने की समयसीमा 21 अक्टूबर तक बढ़ाई

- डिजिटल हस्ताक्षर की नई व्यवस्था के चलते प्रमोटर्स को मिली अतिरिक्त मोहलत, तीनों प्रमाणपत्रों पर DSC अनिवार्य

लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर, 10 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी है। डिजिटल हस्ताक्षर आधारित नई व्यवस्था को पहली बार लागू किए जाने के मद्देनजर प्राधिकरण ने प्रमोटर्स को यह अतिरिक्त समय दिया है। अब QPR के साथ वास्तुविद, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के निर्धारित प्रमाणपत्रों पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के माध्यम से हस्ताक्षर कर उन्हें यूपी रेरा पोर्टल पर जमा करना अनिवार्य होगा।
प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश में 30 सितंबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया गया है कि चालू तिमाही की QPR के साथ संबंधित पेशेवरों द्वारा जारी निर्धारित प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित करके पोर्टल पर अपलोड करना होगा। नई प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रमोटर्स सहित सभी संबंधित पक्षों को तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से समयसीमा में विस्तार किया गया है।
- तीनों प्रमाणपत्रों पर DSC से हस्ताक्षर जरूरी
यूपी रेरा की नई व्यवस्था के तहत वास्तुविद (Architect) को REG-1, इंजीनियर (Engineer) को REG-2 और चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) को REG-3 प्रमाणपत्र पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के माध्यम से हस्ताक्षर करने होंगे। इन तीनों प्रमाणपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार QPR के साथ यूपी रेरा पोर्टल पर जमा करना होगा।
इस व्यवस्था के तहत केवल रिपोर्ट दाखिल करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसके साथ संलग्न अनिवार्य प्रमाणपत्रों को भी निर्धारित प्रारूप और प्रक्रिया के अनुरूप डिजिटल रूप से प्रमाणित करना होगा। ऐसे में प्रमोटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित पेशेवरों से आवश्यक प्रमाणपत्र समय पर तैयार कराकर डिजिटल हस्ताक्षर सहित पोर्टल पर जमा किए जाएं।
- पहली बार लागू हो रही डिजिटल प्रक्रिया
प्राधिकरण ने डिजिटल हस्ताक्षर और प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन जमा करने की संशोधित प्रक्रिया पहली बार लागू किए जाने को समयसीमा बढ़ाने का प्रमुख कारण माना है। नई व्यवस्था के तहत प्रमोटर्स, वास्तुविदों, इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट को तकनीकी प्रक्रिया से परिचित होने के साथ निर्धारित औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी रेरा ने अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है, ताकि नई प्रणाली को अपनाने के दौरान रिपोर्ट दाखिल करने में अनावश्यक परेशानी न हो और सभी संबंधित पक्ष निर्धारित प्रक्रिया का सही ढंग से पालन कर सकें।
- 21 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया
यूपी रेरा ने सभी प्रमोटर्स से 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की QPR के साथ REG-1, REG-2 और REG-3 प्रमाणपत्रों को डिजिटल हस्ताक्षर सहित 21 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करने को कहा है। विस्तारित समयसीमा के तहत रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया निर्धारित अवधि में पूरी करनी होगी।
प्राधिकरण के अनुसार, DSC आधारित प्रमाणपत्रों को जमा करने की विस्तृत प्रक्रिया और चरणबद्ध तकनीकी मार्गदर्शन यूपी रेरा पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रमोटर्स और संबंधित पेशेवर पोर्टल पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रिपोर्ट तथा आवश्यक प्रमाणपत्र समयसीमा के भीतर जमा कर सकते हैं।
बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 78 परियोजनाओं की दी सौगात, 30 का लोकार्पण और 48 का शिलान्यास*

*श्रावस्ती और गोंडा लोकसभा क्षेत्रों में फैले जनपद में सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और शहरी विकास पर जोर*

*292 करोड़ से बनेगा रेलवे ओवरब्रिज, गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ेंगे संपर्क मार्ग*

*सीवरेज, पेयजल और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को रफ्तार, विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क समर्पित*

बलरामपुर, 10 अक्टूबर। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर को 803.19 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। श्रावस्ती और गोंडा लोकसभा क्षेत्रों में फैले जनपद में 273.42 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण और 529.77 करोड़ की 48 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने, रेलवे फाटक के जाम से निजात दिलाने और शहर में पेयजल व सीवरेज व्यवस्था सुधारने पर जोर रहा। सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और शिक्षा से जुड़े इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। चुनावी सरगर्मी बढ़ने से पहले विकास परियोजनाओं की यह सौगात राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
*292 करोड़ के ओवरब्रिज से मिलेगी जाम से राहत*
राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के बलरामपुर और झारखंडी स्टेशनों के बीच समपार संख्या-136 पर 292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। इससे रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। बलरामपुर से श्रावस्ती और बहराइच की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों का आवागमन सुगम होगा।
*गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगे संपर्क मार्ग*
अहिरनडीह, प्रतापपुरवा-सेमरहना और रमवापुर-गुलरालीडीह संपर्क मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण से गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क बेहतर होगा। कुआनो नदी पर चोरघटा क्षेत्र में आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और कटरा सोनार जिला मार्ग पर गोपियापुर नाले के पास लघु सेतु व पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे बरसात में आवागमन की बाधाएं कम होंगी। किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी। उतरौला-चंदनपुर मार्ग के शेष हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
*176 करोड़ से मजबूत होंगी शहरी सुविधाएं*
बलरामपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 123 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रथम चरण का लोकार्पण हुआ। इससे गंदे पानी के निस्तारण और शोधन की व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही 53 करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल पुनर्गठन योजना भी जनता को समर्पित की गई। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
*विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार*
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी फोरलेन सड़क का लोकार्पण किया गया। जिले में 24 करोड़ रुपये से अधिक से नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का भवन बनेगा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुलिस लाइन में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार जी+8 ट्रांजिट हॉस्टल भी समर्पित किया गया।
*सिंचाई और बाढ़ से बचाव के कार्यों पर जोर*
नहरों और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव के कार्य भी कराए गए हैं। नदी कटान से प्रभावित 72 परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 'मां पाटेश्वरी विला' का निर्माण हुआ है। कुल 78 परियोजनाओं में सर्वाधिक 39 लोक निर्माण विभाग और 23 सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की हैं। नगर विकास विभाग की पांच, गृह विभाग की तीन और बेसिक शिक्षा विभाग की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो तथा माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक-एक परियोजना है।