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भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिलने पर किसानों ने मनाया जश्न
चार गांवों के हजारों किसान आभार एवं सम्मान समारोह में पहुंचे, राज्यमंत्री दिनेश खटीक समेत अधिकारियों को पगड़ी बांधकर किया सम्मानित
बहसूमा। भूमि अधिग्रहण के मुआवजे से संबंधित न्याय मिलने के उपलक्ष्य में शनिवार को किसान संघर्ष समिति बहसूमा के नेतृत्व में वामिका फार्म हाउस में आभार एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राजूपुर, फतेहपुर हंसापुर, मोड़ कलां और मोहम्मदपुर शाकिस्त गांवों के हजारों किसानों ने भाग लिया। किसानों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दिनेश खटीक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विजय वर्धन सिंह तोमर उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर जिलाधिकारी, नवीन चंद्र, एसडीएम मवाना संतोष कुमार और तहसीलदार मवाना निरंकार भी समारोह में पहुंचे।
पगड़ी बांधकर अतिथियों को किया सम्मानित
समारोह के दौरान किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों को पारंपरिक पगड़ी बांधकर, शील्ड और चादर भेंट कर सम्मानित किया। समिति के पदाधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण मुआवजे से संबंधित मामले में न्याय मिलने पर आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में चारों गांवों से बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी रही।
समिति के पदाधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी
समारोह में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष कैप्टन सुभाष चंद्र, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, प्रवक्ता एवं कोषाध्यक्ष कपिल चहल, संचालक दिनेश कुमार, संयोजक प्रवेश जैनर और प्रवेश अहलावत, पूर्व चेयरमैन विनोद कुमार चहल, सुरेंद्र राणा, राहुल देशवाल और शोकीन्द्र सहित समिति के प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया और सम्मान समारोह को सफल बनाने में योगदान दिया।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि चारों गांवों के किसानों की एकजुटता और संघर्ष इस अवसर की प्रमुख विशेषता रही। समारोह में किसानों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया।
मृतक आश्रितों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिले कैशलेस चिकित्सा का लाभ : एसपी तिवारी
जौनपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एसपी तिवारी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा से उनके कार्यालय में शुक्रवार को मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा दिवंगत कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को सरकार की कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से आच्छादित (शामिल) करने की पुरजोर मांग की। परिषद के अध्यक्ष एस. पी. तिवारी ने अपर मुख्य सचिव को सौंपे ज्ञापन में कहा कि माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के शिक्षणेत्तर कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, सेवाकाल के दौरान दिवंगत हुए कर्मचारियों के मृतक आश्रित परिवार इस समय गंभीर आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में इन परिवारों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा का लाभ मिलना अत्यंत आवश्यक है, ताकि बीमारी के समय उन्हें इलाज के लिए दर - दर भटकना न पड़े।
अपर मुख्य सचिव शर्मा ने  प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को अत्यंत संवेदनशील और न्यायसंगत माना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के मृतक आश्रितों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में लाने के लिए नियमों का परीक्षण कर रहा है और इस पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री संजय कुमार शुक्ला तथा उपाध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
केडीआर फाउंडेशन द्वारा नि:शुल्क नेत्र परीक्षण एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन
जौनपुर। समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य कर रही सामाजिक संस्था केवला देवी रामबहाल फाउंडेशन (केडीआर) द्वारा 11 अक्टूबर, रविवार को जनपद के बदलापुर तहसील के कठार गांव में स्थित केडीआर हाउस में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निशुल्क नेत्र परीक्षण एवं बच्चों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। संस्था के अध्यक्ष विनोद सिंह ने जानकारी देते हुए विनोद सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। शिविर के आयोजन में विनय सिंह, अशोक सिंह, ठाकुर अमरधारी सिंह, सौरभ सिंह और विकास सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका है।
लेखपालों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू, 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना
10 से 23 अक्टूबर तक तहसील से जिला मुख्यालय तक होंगे विरोध प्रदर्शन, लंबित मांगें पूरी कराने के लिए आंदोलन तेज करने की तैयारी

मवाना। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ ने 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान किया है। आंदोलन के तहत अक्टूबर माह में तहसील से जिला मुख्यालय तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर शासन और प्रशासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।

संघ के अनुसार, लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे लागू करने और वेतन विसंगतियों का समाधान करने की मांग पिछले 10 वर्षों से लंबित है। इसके अलावा आठ वर्षों से अंतरमंडलीय स्थानांतरण नहीं होने, दो वर्षों से पदोन्नति सूची जारी नहीं किए जाने और 16 वर्षों से भर्ती में वृद्धि नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है।

लेखपालों ने परिषदादेश के बावजूद उन्हें पटलों से नहीं हटाए जाने और प्रभारी राजस्व निरीक्षकों को कार्यों से अवमुक्त नहीं करने पर नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि उच्च तकनीकी कार्यों के निष्पादन के लिए पिछले पांच वर्षों से लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी दिए जाने के बावजूद तकनीकी पद भी घोषित नहीं किए गए हैं।

इसके अलावा ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, भत्तों में बढ़ोतरी, तहसीलदार लेखपालों की परीक्षा का परिणाम घोषित करने और स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी शामिल है।

### 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर धरना

संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 10 अक्टूबर को थाना दिवस पर लेखपाल काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। 12 अक्टूबर को तहसील और जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मांगों का समाधान नहीं होने पर 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा।

मवाना में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की उपशाखा के पदाधिकारियों ने भी आंदोलन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। संघ ने लंबित मांगों का जल्द निस्तारण करने की मांग की है। इस दौरान नीरज कुमार, जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार वर्मा, सुनील वत्स, एस. रूपाली, सचिन सैनी, धीरज, मनोज सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
अपनादल कमेरावादी 60 सीटों पर लड़ेगी विधानसभा चुनाव - पल्लवी पटेल
13 मंडलों में जल्द मजबूत होगा संगठन

गोंडा।अपनादल कमेरावादी ने विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दिया है।शनिवार अपरान्ह अपनादल कमेरावादी की नेता व सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल सर्किट हाउस पहुंची।जहाँ पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और इसके लिए प्रदेश के 13 मंडलों में सीटें चिन्हित की गई हैं।इनमें गोंडा जिले की मेहनवन विधानसभा सीट भी शामिल है और कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए पार्टी संगठन को मजबूत करने की तैयारी है।

पल्लवी पटेल ने इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान,ईवीएम से चुनाव, चुनाव आयोग और प्रदेश व केंद्र की भाजपा सरकार पर भी अपनी राय व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि गठबंधन में बातचीत के दौरान मतभेद होना सामान्य है परन्तु विपक्ष का उद्देश्य मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ना है।उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अपनादल कमेरावादी की चुनावी रणनीति और दूसरी पार्टियों से गठबंधन को लेकर  अंतिम फैसला भविष्य में सामने आएगा।

डाक्टर पल्लवी पटेल ने कि अपनादल कमेरावादी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश की 60 सीटों पर तैयारी कर रहा है।इन सीटों को प्रदेश के 13 मंडलों में चिन्हित किया गया है और जिले की मेहनवन विधानसभा सीट भी रणनीति में शामिल है।उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए संगठन को दुरुस्त और मजबूत किया जाएगा तथा गोरखपुर में भी पार्टी चुनाव लड़ेगी।इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान पर पल्लवी पटेल ने कहा कि जब दो पार्टियां गठबंधन में आती हैं तो बातचीत के दौरान मतभेद होना स्वाभाविक है।उन्होंने कहा कि और अंत में सभी का उद्देश्य मिलकर चुनाव लड़ना तथा आम जनता के मुद्दों को उठाना है।

समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन या अकेले चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश की राजनीति दो गठबंधनों के बीच बंटी हुई है।अपनादल कमेरावादी की विचारधारा से सहमत साथी साथ आएंगे।दूसरी पार्टियों के नेतृत्व और गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय समय आने पर सामने आएगा।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर पल्लवी पटेल ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संस्था है,परन्तु उनके मुताबिक वह भाजपा की चुनावी रणनीति में एक मोहरे की तरह रह गया है।उन्होंने यह भी कहा कि देश में लोकतंत्र कागजों पर है,जबकि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक ताकतों को कमजोर कर रही है।ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं और इसके लिए प्रदर्शन भी हुए हैं।उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत या हार से अलग,उनकी मांग है कि ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

अपनी बहन व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के खिलाफ आईएएस दिव्या मित्तल के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर पल्लवी पटेल ने कहा कि हर व्यक्ति को कहीं से भी चुनाव लड़ने का अधिकार है।दोनों बहनों के एक पार्टी में काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से उनके विचार अलग हैं,परन्तु पारिवारिक रिश्ते बने रहेंगे।उन्होंने कहा कि दो दलों में नेता काम करते हैं, बहनें नहीं और पारिवारिक रूप से हम आज भी बहनें हैं।भाजपा के सहयोगी दलों की नाराजगी और विपक्ष से मुलाकातों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें भारतीय जानता पार्टी से परेशानी है तो उन्हें अपना इलाज वहीं करवाना चाहिए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया।उनका आरोप था कि सरकारी व्यवस्था और जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल ऐसे आयोजनों पर किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर अर्पित किए गए श्रद्धासुमन, सैकड़ों लोग रहे मौजूद
रमेश दूबे

धनघटा, संत कबीर नगर। समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर संत कबीर नगर जनपद के धनघटा तहसील के बगल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नेताजी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता धनघटा विधानसभा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष चंदू यादव ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन जयराम यादव ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धनघटा विधानसभा के पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान मौजूद रहे।
श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान ने कहा की नेता जी को तभी सच्ची श्रद्धांजलि होगी जब उनके कुल के गौरव प्रदेश की मान सम्मान पहचान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 2027 में फिर से मुख्यमंत्री बनाया जाए ।

अलगू चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के संघर्षों की कहानी को को भी बयान किया ।

साथ ही सभी समाजवादियों को उनके बताएं रास्ते पर चलने की अपील भी किया।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान तुरकौलिया वीरेंद्र यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवनाथ यादव, सूबेदार यादव, धनंजय कुमार यदुवंशी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर यादव, अभिनंदन यादव, जिला पंचायत सदस्य विक्रम प्रसाद, अनिल यादव सहित, केशव प्रसाद राजभर, अब्दुल कादिर, अयाज ,अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लेकर मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहा।
पूर्वांचल के विकास पुरुष पूर्व सांसद कमला प्रसाद सिंह की मनाई गई जयंती
जौनपुर। श्री बजरंग इंटर कॉलेज, घनश्यामपुर में आज पूर्वांचल के विकासपुरुष कहे जाने वाले पूर्व सांसद कमला प्रसाद सिंह की 92 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। सबसे पहले विद्यालय के प्रबंधक तथा उनके सुपुत्र अनिल कुमार सिंह ने विद्यालय प्रांगण में स्थित उनके भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद मंचास्थ कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि बाबू कमला प्रसाद सिंह के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने उनके कार्यों को याद करते हुए उपस्थित सभी आत्मीय जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य रामकीरत दुबे ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ आरके सिंह, राष्ट्रपति पुरस्कृत पूर्व प्रधानाध्यापक सत्यदेव सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य रमेश सिंह, पूर्व प्रवक्ता शिव शंकर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, अभिनव(साहिल )सिंह,  श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह, गुलाब सिंह, संतोष सिंह, राजन सिंह, आनंद सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप सिंह ने किया।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में पूर्व प्रधानाचार्य अनिल दुबे,ओमप्रकाश तिवारी, सचिंद्र तिवारी, जयप्रकाश सिंह, मुकुंदधर तिवारी, नंदकुमार तिवारी, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, विपिन शर्मा, वीरेंद्र सिंह, युवा समाजसेवी अमित सिंह, प्रदीप सिंह, राहुल सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाचार्य शशि भूषण मिश्रा, वरिष्ठ प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी, शेर बहादुर मौर्य, राजेश मिश्रा, रामसागर सिंह, संजय तिवारी, हृदय प्रकाश तिवारी, अशोक तिवारी, अजीत सिंह, रमाकांत शुक्ला, शैलेंद्र सिंह, संतोष तिवारी बड़े बाबू,संजय चतुर्वेदी, अनिल उपाध्याय, राघवेंद्र प्रताप सिंह,दीपिका पांडे,चंद्रमा देवी, संगीता,प्रतिभा,राहुल गिरी, विजय प्रकाश,विजय तिवारी,संतोष चतुर्वेदी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय के बच्चों द्वारा सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। अंत में महाप्रसाद के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
नाम बदलने से विकास नहीं होता, बंद उड़ानों पर जवाब दे सरकार: आराधना मिश्रा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हवाई संपर्क बढ़ाने के दावों के बीच कांग्रेस ने सरकार की विकास नीति पर सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने आरोप लगाया कि सरकार विकास परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के बजाय नाम बदलने और उद्घाटन के प्रचार में अधिक रुचि दिखा रही है। 

उन्होंने जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने की घोषणा के साथ ही प्रदेश के कई हवाई अड्डों पर नियमित उड़ान सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए सरकार से सार्वजनिक धन के इस्तेमाल का हिसाब मांगा। आराधना मिश्रा ने कहा कि लोग काम करके नाम कमाते हैं, लेकिन भाजपा सरकार नाम बदलकर काम चलाने में विश्वास रखती है। उनके मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता योजनाओं को पूरा करना और उनका लाभ जनता तक पहुंचाना होना चाहिए, न कि नाम बदलकर सुर्खियां बटोरना। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार पर ‘आगे पाट, पीछे सपाट’ की कहावत चरितार्थ हो रही है। पहले योजना का उद्घाटन होता है, फिर प्रचार किया जाता है और उसके बाद उसके संचालन की स्थिति पर सवाल उठने लगते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिसंबर 2020 में सरकार ने जेवर स्थित हवाई अड्डे का नाम ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ तय किया था। अब इसका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने की घोषणा की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के वास्तविक परिणामों पर उठ रहे सवालों से ध्यान हटाने के लिए नामकरण की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई और परियोजना में सार्वजनिक धन लगाया गया। उनके अनुसार, पहले और दूसरे चरण में लगभग 2,699 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित किए जाने का दावा है, जिससे 15 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए। तीसरे चरण सहित परियोजना के लिए प्रस्तावित कुल भूमि लगभग 6,200 हेक्टेयर बताई गई है।

आराधना मिश्रा ने कहा कि सरकार को एयरपोर्ट के नाम से ज्यादा उसकी सुविधाओं, कनेक्टिविटी और नियमित उड़ानों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जून-जुलाई 2026 के दौरान नोएडा से नवी मुंबई और बेंगलुरु के लिए अकासा एयर की उड़ानें बंद हुईं। नोएडा-चंडीगढ़ मार्ग पर इंडिगो की उड़ान बंद होने और एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से उड़ान शुरू करने की योजना टाले जाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने कमजोर सड़क और रेल संपर्क, महंगी टैक्सी सेवाओं, सीधी मेट्रो की कमी तथा एयरपोर्ट शुल्क जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए पूछा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हवाई संपर्क बढ़ाने के नाम पर छोटे शहरों में भी हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया, लेकिन कई स्थानों पर नियमित उड़ानों का संचालन शुरू नहीं हो सका या सेवाएं बंद होने की बात सामने आई है। उन्होंने कुशीनगर, आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती, मुरादाबाद और सरसावा (सहारनपुर) के हवाई अड्डों का उल्लेख करते हुए इनकी परिचालन स्थिति पर सवाल उठाए।

उनके अनुसार, कुशीनगर में नवंबर 2023 से, आजमगढ़ में नवंबर 2024 से और चित्रकूट में दिसंबर 2024 से उड़ानें बंद होने की जानकारी सामने आई है। मुरादाबाद में भी उड़ान सेवाएं शुरू होने के कुछ समय बाद बंद होने की बात कही गई है। वहीं, अलीगढ़, श्रावस्ती और सरसावा में नियमित उड़ान सेवाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है।

आराधना मिश्रा ने कहा कि इन परियोजनाओं पर हुए खर्च और उनके वास्तविक उपयोग के बारे में सरकार को सार्वजनिक रूप से जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इन हवाई अड्डों पर 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से तैयार बुनियादी ढांचे का उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। केवल उद्घाटन कर देना विकास नहीं है, बल्कि जनता को उसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। सरकार को नाम बदलने के बजाय हवाई अड्डों के संचालन, कनेक्टिविटी और नियमित उड़ान सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (NCSAM) – अक्टूबर 2026 के अंतर्गत यूपी-112 मुख्यालय  लखनऊ में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

लखनऊ । राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (National Cyber Security Awareness Month – NCSAM) अक्टूबर 2026 के अंतर्गत दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को यूपी-112 परिसर, लखनऊ में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ  विनोद कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक, यू0पी0-112/सीआईडी एवं साइबर क्राइम, उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में दिल्ली पब्लिक स्कूल शहीद पथ, एलनहाउस पब्लिक स्कूल, विज्ञान फाउंडेशन सहित विभिन्न विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के लगभग 450 विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल, ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। प्रतिभागियों को अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध फाइल एवं एप डाउनलोड करने, ओटीपी साझा करने तथा ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों से बचने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, यूपी-112 की कार्यप्रणाली एवं आपातकालीन सहायता सेवाओं के संबंध में जानकारी देकर आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध सहायता के प्रति भी जागरूक किया गया।

इस अवसर पर साइबर क्राइम मुख्यालय, उत्तर प्रदेश से  पवन कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक;  राजेश कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक;  प्रमोद कुमार, पुलिस अधीक्षक;  रोहन झा, पुलिस अधीक्षक; व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे तथा यूपी-112 मुख्यालय से  डॉ. के. एजिलरसन, पुलिस महानिरीक्षक;  निधि सोनकर, पुलिस अधीक्षक;  हरेन्द्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सम्मानित पत्रकारगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अंतर्गत आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों एवं युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं साइबर खतरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी देना रहा।

उत्तर प्रदेश पुलिस की आमजन से अपील

उत्तर प्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, संदिग्ध फाइल या एप डाउनलोड न करें तथा अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
Mirzapur: कुंभकर्णी नींद में स्वास्थ्य विभाग 'राधे कृष्णा हॉस्पिटल' में जच्चा-बच्चा की मौत, डॉक्टर फरार
*जिले के दीपनगर, अहरौरा-अदलहाट के बाद अब नगर क्षेत्र के वासलीगंज में जिंदगी का सौदा, ₹26 हजार ऐंठकर महिला को उतारा मौत के घाट, बेखौफ सिंडिकेट पर मेहरबान जिम्मेदार अफसर आखिर कब जागेंगे?

राघवेन्द्र कुमार सिंह
मिर्ज़ापुर। जिले में निजी छोलाछाप अस्पतालों और संचालकों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। आश्चर्य कि बात है कि लगातार खबरें चलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद में पड़ा हुआ है। हाल के दिनों में जिले के दीपनगर, अहरौरा, अदलहाट, ड्रमंडगंज के बाद अब नगर के वासलीगंज स्थित 'राधे कृष्णा हॉस्पिटल' में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद डॉक्टर के फरार हो जाने की घटना ने लोगों में आक्रोश पैदा करते हुए स्वास्थ्य महकमे के कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
जनपद में निजी अस्पतालों की मनमानी और अवैध सिंडिकेट को लेकर हो रही लगातार शिकायतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह और संवेदनहीन बना हुआ है। विभागीय अफसरों की इस आपराधिक खामोशी का नतीजा एक बार फिर निर्दोषों की मौत के रूप में सामने आया है। जिले के दीपनगर, अहरौरा और अदलहाट की घटनाओं के बाद अब शहर कोतवाली क्षेत्र के वासलीगंज चौकी स्थित राधे कृष्णा हॉस्पिटल में चिकित्सकीय लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। वारदात के बाद जिम्मेदार डॉक्टर और पूरा स्टाफ मौके से ताला जड़कर फरार हो गया।
पीड़ित पति ज़ुल्फ़िक़ार अली ने रोते-बिलखते हुए अस्पताल की काली करतूत जैसे ही उजागर की वैसे ही मौके पर मौजूद लोग आक्रोशित हो उठे। आनन-फानन में मौके पर भारी पुलिस फोर्स के साथ शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। परिजनों के मुताबिक भोर में करीब सवा चार (4:15) बजे महिला को सामान्य स्थिति में उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां अस्पताल कर्मियों ने सुई और दवाएं तो दीं, लेकिन पर्चे पर किस डॉक्टर ने कौन सी दवा लिखी, इसका कोई विवरण दर्ज नहीं किया गया, पर्चा लगभग खाली रखा गया था।
सुबह 7 बजे सामान्य प्रसव न होने का डर दिखाकर ऑपरेशन के नाम पर परिजनों से ₹25 से ₹26 हजार की मांग की गई।
सुबह 8:00 बजे महिला को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया और उसी वक्त परिजनों को जच्चा-बच्चा के मौत की सूचना थमा दी गई। जिसके बाद परिजन आक्रोशित होने के साथ रोने लगे थें।

*बार-बार शिकायतों के बाद भी क्यों मौन है स्वास्थ्य महकमा?*

बताते चलें कि पूरे जिले में निजी अस्पतालों, झोलाछाप सेंटरों और दलालों का संगठित सिंडिकेट मरीजों की जान से खेल रहा है।  लगातार हो रही शिकायतों और निजी अस्पतालों, उनके संचालकों की लापरवाही सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही है, परिणाम यह है कि मरीजों का आर्थिक शोषण करने के साथ उन्हें मौत की नींद भी सुला दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग सिर्फ मौतों के आंकड़ों पर फाइलों में जांच का ढोंग रचने तक सीमित रह गया है? क्या इन अवैध अस्पतालों को विभाग के किसी बड़े सिंडिकेट का संरक्षण प्राप्त है, जो बिना मानक, बिना सर्जन और बिना जीवन रक्षक उपकरणों के धड़ल्ले से ऑपरेशन किए जा रहे हैं?
दूसरी ओर जच्चा-बच्चा की मौत के बाद आवाज उठने लगी है कि क्या फरार डॉक्टर और अस्पताल संचालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा? क्यों कि जांच और नोटिस के नाम पर लीपापोती करने वाले स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही से अब जनता का भरोसा उठ चुका है, वहीं रोता-बिलखता पीड़ित परिवार आज सिर्फ और सिर्फ कठोर कानूनी कार्रवाई व न्याय की मांग कर रहा है। इस संदर्भ में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से सम्पर्क करते हुए क्या कार्वरवाईसुनिश्चित किया जा रहा है के बारे में जानकारी चाही गई तो सीएमओ का फोन रिसीव नहीं हो पाया। 

*स्वास्थ्य महकमे के नाक नीचे मानक विहिन अस्पताल की भरमार* 
जिले में निजी अस्पतालों का मकड़जाल फैला हुआ है। इस दृश्य को कहीं दूर नहीं बल्कि नगर क्षेत्र में ही देखा जा सकता है वह भी स्वास्थ्य महकने के नाक नीचे। जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर से लेकर आसपास पैथोलॉजी सेंटर से लेकर निजी अस्पतालों की भरमार है। इनमें मानक को तो छोड़िए मरीज के सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नहीं है। अस्पताल संचालक भी चिकित्सीय पेशे से नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं, जो डॉक्टर बिठाकर अस्पताल का संचालन करवा रहे हैं।
*मौत के सौदागर बने निजी अस्पताल, शिकायतों से बचने और जन आवाज़ को दबाने के लिए महिला और SC/ST एक्ट को बना रहे हैं ढ़ाल*

नगर क्षेत्र से लेकर जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में खुले मानकविहीन चिकित्सालयों की स्वास्थ्य सेवाएं भाड़े के डाक्टरों के सहारे संचालित हो रही हैं। जहां आपरेशन से लेकर प्रसव के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन उनके दावे में कितना दम होता है मरीजों से बेहतर भला कौन बता सकता है। जिले के पिछड़े इलाके दीपनगर में खुले एक निजी अस्पताल में महिला की आपरेशन के बाद मौत और परिजनों का बड़ा आरोप 'अंग चोरी' का लगाएं जाने के एक माह बाद भी कार्रवाई तो दूर किसी अधिकारी ने पीड़ित परिवार का हाल भी नहीं जाना है, वहीं दूसरी ओर इसी अस्पताल की एक और करतूत सामने आई है महिला के पेट में आपरेशन बाद पाइप छोड दिया गया था, एक साल बाद दर्द से तड़पती महिला का दुबारा आपरेशन हुआ तो पेट में पाइप पड़ा मिला है। घोर आश्चर्य कि बात तो यह है कि संतनगर थाना क्षेत्र के अति पिछड़े दीपनगर इलाके के बहुचर्चित अस्पताल संचालक का कारनामा देखिए, शिकायतों से बचने और जन आवाज़ को दबाने के लिए बाकायदा पैसों के बल पर महिला और SC/ST एक्ट का सहारा लेते हुए, अपने यहां काम करने वाली दलित महिला सफाईकर्मी को आगे कर थाना पर फर्ज़ी शिकायती पत्र दिलवा रहा है, ताकि खौंफ बना रहे। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि कि ऐसे मामलों में जिला प्रशासन स्वत: संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को कड़े कार्वरवाई के निर्देश देगा या जनाक्रोश को बढ़ावा देगा?

*अस्पताल के फ्रीज़र में दवा के साथ दारु की शीशी*


नगर के वासलीगंज स्थित निजी चिकित्सालय में जच्चा बच्चा की मौत के बाद मौके पर जुटी भीड़ पुलिस और मीडिया कर्मियों के बीच जब लोगों ने अस्पताल के फ्रीजर को टटोला तो सभी की आंखें फटी की फटी रह गई हैं। फ्रीजर में दवा और इंजेक्शन के सिरिंज के साथ-साथ बीयर और शराब की शीशी भी दिखाई दी हैं। अब समझा जा सकता है कि अस्पताल के फ्रीजर में भला शराब और बियर का क्या काम? यानी थकान मिटाने के लिए सभी संसाधनों का व्यवस्था मुकम्मल रहा है मरीज की जान जाए या उसकी जेब खाली हो इससे उन्हें मतलब नहीं..!