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Mirzapur: कुंभकर्णी नींद में स्वास्थ्य विभाग 'राधे कृष्णा हॉस्पिटल' में जच्चा-बच्चा की मौत, डॉक्टर फरार
*जिले के दीपनगर, अहरौरा-अदलहाट के बाद अब नगर क्षेत्र के वासलीगंज में जिंदगी का सौदा, ₹26 हजार ऐंठकर महिला को उतारा मौत के घाट, बेखौफ सिंडिकेट पर मेहरबान जिम्मेदार अफसर आखिर कब जागेंगे?

राघवेन्द्र कुमार सिंह
मिर्ज़ापुर। जिले में निजी छोलाछाप अस्पतालों और संचालकों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। आश्चर्य कि बात है कि लगातार खबरें चलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद में पड़ा हुआ है। हाल के दिनों में जिले के दीपनगर, अहरौरा, अदलहाट, ड्रमंडगंज के बाद अब नगर के वासलीगंज स्थित 'राधे कृष्णा हॉस्पिटल' में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद डॉक्टर के फरार हो जाने की घटना ने लोगों में आक्रोश पैदा करते हुए स्वास्थ्य महकमे के कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
जनपद में निजी अस्पतालों की मनमानी और अवैध सिंडिकेट को लेकर हो रही लगातार शिकायतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह और संवेदनहीन बना हुआ है। विभागीय अफसरों की इस आपराधिक खामोशी का नतीजा एक बार फिर निर्दोषों की मौत के रूप में सामने आया है। जिले के दीपनगर, अहरौरा और अदलहाट की घटनाओं के बाद अब शहर कोतवाली क्षेत्र के वासलीगंज चौकी स्थित राधे कृष्णा हॉस्पिटल में चिकित्सकीय लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। वारदात के बाद जिम्मेदार डॉक्टर और पूरा स्टाफ मौके से ताला जड़कर फरार हो गया।
पीड़ित पति ज़ुल्फ़िक़ार अली ने रोते-बिलखते हुए अस्पताल की काली करतूत जैसे ही उजागर की वैसे ही मौके पर मौजूद लोग आक्रोशित हो उठे। आनन-फानन में मौके पर भारी पुलिस फोर्स के साथ शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। परिजनों के मुताबिक भोर में करीब सवा चार (4:15) बजे महिला को सामान्य स्थिति में उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां अस्पताल कर्मियों ने सुई और दवाएं तो दीं, लेकिन पर्चे पर किस डॉक्टर ने कौन सी दवा लिखी, इसका कोई विवरण दर्ज नहीं किया गया, पर्चा लगभग खाली रखा गया था।
सुबह 7 बजे सामान्य प्रसव न होने का डर दिखाकर ऑपरेशन के नाम पर परिजनों से ₹25 से ₹26 हजार की मांग की गई।
सुबह 8:00 बजे महिला को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया और उसी वक्त परिजनों को जच्चा-बच्चा के मौत की सूचना थमा दी गई। जिसके बाद परिजन आक्रोशित होने के साथ रोने लगे थें।

*बार-बार शिकायतों के बाद भी क्यों मौन है स्वास्थ्य महकमा?*

बताते चलें कि पूरे जिले में निजी अस्पतालों, झोलाछाप सेंटरों और दलालों का संगठित सिंडिकेट मरीजों की जान से खेल रहा है।  लगातार हो रही शिकायतों और निजी अस्पतालों, उनके संचालकों की लापरवाही सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही है, परिणाम यह है कि मरीजों का आर्थिक शोषण करने के साथ उन्हें मौत की नींद भी सुला दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग सिर्फ मौतों के आंकड़ों पर फाइलों में जांच का ढोंग रचने तक सीमित रह गया है? क्या इन अवैध अस्पतालों को विभाग के किसी बड़े सिंडिकेट का संरक्षण प्राप्त है, जो बिना मानक, बिना सर्जन और बिना जीवन रक्षक उपकरणों के धड़ल्ले से ऑपरेशन किए जा रहे हैं?
दूसरी ओर जच्चा-बच्चा की मौत के बाद आवाज उठने लगी है कि क्या फरार डॉक्टर और अस्पताल संचालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा? क्यों कि जांच और नोटिस के नाम पर लीपापोती करने वाले स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही से अब जनता का भरोसा उठ चुका है, वहीं रोता-बिलखता पीड़ित परिवार आज सिर्फ और सिर्फ कठोर कानूनी कार्रवाई व न्याय की मांग कर रहा है। इस संदर्भ में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से सम्पर्क करते हुए क्या कार्वरवाईसुनिश्चित किया जा रहा है के बारे में जानकारी चाही गई तो सीएमओ का फोन रिसीव नहीं हो पाया। 

*स्वास्थ्य महकमे के नाक नीचे मानक विहिन अस्पताल की भरमार* 
जिले में निजी अस्पतालों का मकड़जाल फैला हुआ है। इस दृश्य को कहीं दूर नहीं बल्कि नगर क्षेत्र में ही देखा जा सकता है वह भी स्वास्थ्य महकने के नाक नीचे। जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर से लेकर आसपास पैथोलॉजी सेंटर से लेकर निजी अस्पतालों की भरमार है। इनमें मानक को तो छोड़िए मरीज के सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नहीं है। अस्पताल संचालक भी चिकित्सीय पेशे से नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं, जो डॉक्टर बिठाकर अस्पताल का संचालन करवा रहे हैं।
*मौत के सौदागर बने निजी अस्पताल, शिकायतों से बचने और जन आवाज़ को दबाने के लिए महिला और SC/ST एक्ट को बना रहे हैं ढ़ाल*

नगर क्षेत्र से लेकर जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में खुले मानकविहीन चिकित्सालयों की स्वास्थ्य सेवाएं भाड़े के डाक्टरों के सहारे संचालित हो रही हैं। जहां आपरेशन से लेकर प्रसव के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन उनके दावे में कितना दम होता है मरीजों से बेहतर भला कौन बता सकता है। जिले के पिछड़े इलाके दीपनगर में खुले एक निजी अस्पताल में महिला की आपरेशन के बाद मौत और परिजनों का बड़ा आरोप 'अंग चोरी' का लगाएं जाने के एक माह बाद भी कार्रवाई तो दूर किसी अधिकारी ने पीड़ित परिवार का हाल भी नहीं जाना है, वहीं दूसरी ओर इसी अस्पताल की एक और करतूत सामने आई है महिला के पेट में आपरेशन बाद पाइप छोड दिया गया था, एक साल बाद दर्द से तड़पती महिला का दुबारा आपरेशन हुआ तो पेट में पाइप पड़ा मिला है। घोर आश्चर्य कि बात तो यह है कि संतनगर थाना क्षेत्र के अति पिछड़े दीपनगर इलाके के बहुचर्चित अस्पताल संचालक का कारनामा देखिए, शिकायतों से बचने और जन आवाज़ को दबाने के लिए बाकायदा पैसों के बल पर महिला और SC/ST एक्ट का सहारा लेते हुए, अपने यहां काम करने वाली दलित महिला सफाईकर्मी को आगे कर थाना पर फर्ज़ी शिकायती पत्र दिलवा रहा है, ताकि खौंफ बना रहे। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि कि ऐसे मामलों में जिला प्रशासन स्वत: संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को कड़े कार्वरवाई के निर्देश देगा या जनाक्रोश को बढ़ावा देगा?

*अस्पताल के फ्रीज़र में दवा के साथ दारु की शीशी*


नगर के वासलीगंज स्थित निजी चिकित्सालय में जच्चा बच्चा की मौत के बाद मौके पर जुटी भीड़ पुलिस और मीडिया कर्मियों के बीच जब लोगों ने अस्पताल के फ्रीजर को टटोला तो सभी की आंखें फटी की फटी रह गई हैं। फ्रीजर में दवा और इंजेक्शन के सिरिंज के साथ-साथ बीयर और शराब की शीशी भी दिखाई दी हैं। अब समझा जा सकता है कि अस्पताल के फ्रीजर में भला शराब और बियर का क्या काम? यानी थकान मिटाने के लिए सभी संसाधनों का व्यवस्था मुकम्मल रहा है मरीज की जान जाए या उसकी जेब खाली हो इससे उन्हें मतलब नहीं..!
मऊ अभिलेखों की जांच कर एसपी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुहम्मदाबाद गोहना थाने का एसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने किया औचक निरीक्षण

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। पुलिस अधीक्षक मऊ सर्वेश कुमार मिश्रा ने शनिवार को थाना मुहम्मदाबाद गोहना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना कार्यालय में त्योहार रजिस्टर, अपराध रजिस्टर, जनसुनवाई रजिस्टर सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की और उन्हें समय से अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

एसपी ने गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीटर से संबंधित मामलों में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए।

इसके साथ ही उन्होंने सीसीटीएनएस कार्यालय, विवेचना कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, मालखाना, बंदीगृह, बैरक, भोजनालय, शस्त्रागार, शौचालय तथा थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया।

महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला आरक्षियों को फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनके निस्तारण के बाद नियमित रूप से फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया। उन्होंने स्वच्छता का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत वर्मा सहित सभी पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत वर्मा समेत थाना पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
मऊ में तीन दिवसीय महा आंदोलन का आज अंतिम दिन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो लखनऊ में होगा बड़ा प्रदर्शन
मऊ। जनपद मऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में 8, 9 और 10 अक्टूबर को आयोजित तीन दिवसीय महा आंदोलन धरने का आज अंतिम दिन है।

विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनकारी लगातार धरने पर डटे हुए हैं और सरकार व संबंधित अधिकारियों से मांगों के शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।

धरने की अध्यक्षता डॉ. शैलजाकांत पाण्डेय कर रहे हैं, जबकि महामंत्री आशुतोष राय आंदोलन को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं।

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को मऊ से आगे बढ़ाकर लखनऊ में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

वहीं, धरने में शामिल आशा कार्यकर्ताओं ने भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान किया जाना चाहिए। मांगों की अनदेखी होने पर आशा कार्यकर्ताओं ने भी लखनऊ पहुंचकर बड़े आंदोलन में शामिल होने की चेतावनी दी है।

अब तीन दिवसीय धरने के अंतिम दिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई ठोस पहल करेगा, या फिर आंदोलन का अगला पड़ाव लखनऊ होगा?
जिलाधिकारी ने सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का किया अवलोकन, की खरीदारी

मेले में 35 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लगाए विभिन्न उत्पादों के स्टॉल, स्थानीय उत्पादों को मिला प्रोत्साहन


समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर जिलाधिकारी ने दिया जोर

गोण्डा 10 अक्टूबर,2026।
गांधी पार्क टाउनहॉल परिसर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘सरस मेला’ में जनपद के 35 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। मेले का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा उनके लिए विपणन के अवसर उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सरस मेले का अवलोकन कर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली और विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेले में लगाए गए सभी स्टॉलों पर पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया तथा उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और निर्माण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की। स्टॉलों पर गोबर से निर्मित मूर्तियां, विभिन्न प्रकार के अचार एवं मसाले, सहजन के फल का पाउडर, फेसवॉश, साबुन, घरों में उपयोग किए जाने वाले कवर, कढ़ाईयुक्त कपड़े तथा विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री सहित अनेक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में रुचि दिखाई और खरीदारी कर उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीसी एनआरएलएम) श्री जे.एन. राव को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की बिक्री के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, उनकी मांग बढ़ाने तथा बिक्री के उचित अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों के विपणन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

सरस मेला ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा, कौशल और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपने उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ नए बाजारों से जुड़ने के अवसर भी प्राप्त कर सकती हैं।
जिलाधिकारी के अवलोकन एवं प्रोत्साहन से मेले में प्रतिभाग कर रही महिलाओं का उत्साहवर्धन हुआ। एनआरएलएम के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने तथा उनके उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
लखनऊ में भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता पार्टी का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
लखनऊ में भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता पार्टी का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. रामाशीष राय, पूर्व एमएलसी ने की। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका राय समेत पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सम्मेलन का शुभारंभ पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी रणनीति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ हुआ।

इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया।
चंदौली में फाइनेंस कर्मचारी से लूट का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; लूटी गई रकम बरामद

चंदौली। जिले में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी को निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम भी बरामद कर ली गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

सदर कोतवाली क्षेत्र के बबुरी रोड पर शुक्रवार देर रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच कार सवार बदमाशों ने फाइनेंस कर्मचारी पर हमला कर रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। वारदात के दौरान कर्मचारी के सिर पर पिस्तौल की बट से हमला किए जाने का आरोप है।

हमला कर लूटा था रुपयों से भरा बैग

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फाइनेंस कर्मचारी कलेक्शन का काम निपटाने के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान डिजायर कार सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया और कथित तौर पर पिस्तौल की बट से सिर पर हमला कर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। वारदात के बाद आरोपी कार से फरार होने लगे।

बोर्ड में फंस गई बदमाशों की कार

लूट के बाद भागते समय महाराणा प्रताप बोर्ड के पास बदमाशों की कार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के बोर्ड से टकरा गई। टक्कर के बाद कार का बोनट बोर्ड में फंस गया। इसके बाद आरोपी कार और मोबाइल फोन छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन समेत अन्य साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

चार आरोपी गिरफ्तार, लूट की रकम बरामद

क्षेत्राधिकारी सदर के अनुसार, पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से लूट की रकम भी बरामद की गई है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जनगणना प्रशिक्षण से अनुपस्थित 11 फील्ड ट्रेनरों का वेतन अदेय करने के निर्देश

*गोण्डा, 09 अक्टूबर 2026* - जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित फील्ड ट्रेनरों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए गए 11 कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रशिक्षण 07 अक्टूबर से श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय, गोण्डा में आयोजित किया जा रहा है।

जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में विभिन्न विद्यालयों के प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक तथा तहसीलों में तैनात लेखपाल शामिल हैं। इनमें कुछ कर्मचारी 07 अक्टूबर की द्वितीय पाली में अनुपस्थित रहे, जबकि कुछ कर्मचारी 07 एवं 08 अक्टूबर को प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए।

इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 5 एवं 11 के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति की तिथि का वेतन अदेय करना सुनिश्चित करें। साथ ही की गई कार्रवाई से जिला जनगणना अधिकारी को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
फेसबुक के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति गोण्डा पुलिस ने चलाया व्यापक जागरूकता अभियान, आमजन को किया जागरूक
*गोण्डा।* जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.10.2026 को गोण्डा पुलिस की साइबर सेल टीम एवं जनपद के समस्त थानों द्वारा व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत आज का प्रमुख विषय “Facebook प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड से सावधान” रहा। इस दौरान आमजन को फेसबुक के माध्यम से होने वाली विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें परिचितों, रिश्तेदारों एवं अधिकारियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर रुपये मांगना, फर्जी विज्ञापनों एवं ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर भुगतान लेकर सामान न भेजना, कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग में रुपये लगवाना, मैसेंजर पर संदिग्ध लिंक भेजकर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी एवं पासवर्ड चुराना, फर्जी लोन एवं नौकरी के नाम पर रजिस्ट्रेशन/प्रोसेसिंग फीस मांगना तथा फेसबुक अकाउंट हैक कर परिचितों से रुपये मांगना आदि प्रमुख हैं। गोण्डा पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई कि फेसबुक पर किसी परिचित के नाम से रुपये मांगने पर संबंधित व्यक्ति से फोन पर संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें, अपने अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें, मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें तथा किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड अथवा क्लिक न करें। अपना ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, आधार, पैन एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। फेसबुक पर प्रदर्शित आकर्षक ऑफर, सस्ते सामान, नौकरी, लोन एवं निवेश संबंधी योजनाओं की सत्यता जांचे बिना विश्वास न करें और न ही भुगतान करें। किसी भी संदिग्ध अकाउंट को ब्लॉक एवं रिपोर्ट करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। गोण्डा पुलिस आमजनमानस से अपील करती है कि सोशल मीडिया का उपयोग सतर्कता एवं सावधानी के साथ करें तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी अपने परिवार एवं परिचितों के साथ साझा कर सभी को जागरूक बनाएं।
*गोण्डा पुलिस का साइबर सुरक्षा संदेश —*

“सोशल मीडिया पर दोस्ती हो या कारोबार, बिना सत्यापन न करें विश्वास और न करें भुगतान।”
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिसिया बदसुलूकी पर मनाया काला दिवस

*लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी: डॉ. उमाशंकर पांडेय*

*इंडिया गठबंधन के नेताओं पर पुलिस की बर्बरता लोकतंत्र और संविधान पर हमला: अभिषेक सिंह राणा*

सुलतानपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों, कथित वोट चोरी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाया। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से निकाला गया जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और लोकतंत्र एवं मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने किया।

कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट, डाकखाना चौराहा, गंदानाला, जिला चिकित्सालय, बस स्टैंड, विकास भवन और तिकोनिया पार्क होते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचे। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा को लेकर नारे लगाए। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और यदि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची तथा मताधिकार को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब देना सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उठाए जा रहे सवालों का संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जिस तरह का पुलिसिया व्यवहार किया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। कांग्रेस डरने या दबने वाली नहीं है और लोकतंत्र, संविधान तथा जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह से इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया है, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र के खिलाफ है। आजाद भारत में पहली बार ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहां लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले लोगों के साथ पुलिसिया बर्बरता की जा रही है।उन्होंने कहा कि आज पूरा देश काला दिवस मना रहा है। यह केवल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। जब जनता के वोट और मताधिकार पर सवाल खड़े हों और लोकतांत्रिक तरीके से सवाल पूछने वालों को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जाए, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।

अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी। सत्ता चाहे जितना दमन कर ले, कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मताधिकार और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच तक संघर्ष करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि जनता के सवालों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है।पुलिस की लाठी और दमन से कांग्रेस की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती।

शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि आज का काला दिवस लोकतंत्र को बचाने के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर इन सवालों को मजबूती से उठाएंगे। प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट राजेश तिवारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक सवालों का जवाब दमन से नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता से दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ और मताधिकार की रक्षा के नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस देशभर में चल रहे आंदोलन के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग कर रही है। सुलतानपुर में भी कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन कर स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।

इस मौके पर फिरोज अहमद, सियाराम तिवारी,निकलेश सरोज,राहुल त्रिपाठी, सलाउद्दीन हाशमी, रणजीत सिंह सलूजा,इश्तियाक अहमद,हामिद राईन,संतोष वर्मा,वरुण मिश्र,मोहित तिवारी,शहबाज खान,विवेक सिंह,सुव्रत सिंह,आवेश अहमद,राहुल मिश्रा,शारिक अल्वी,विजयपाल गौतम,मानस तिवारी,अनवर अंसारी, ओम प्रकाश त्रिपाठी,नंदलाल मौर्य,प्रदीप सिंह,विवेक श्रीवास्तव,विनोद पाण्डेय,जनेश्वर उपाध्याय,सुरेश चंद्र मिश्रा,अखण्ड मिश्रा,आर बी पाण्डेय,उस्मान खान,धर्मराज मिश्र,ममनून आलम,मोहसिन सलीम,पवन मिश्रा,राम किशोर,अवधेश गौतम,जयराज गौतम,नरोत्तम वर्मा,नफीस पठान,दरोगा सिंह,इमरान अहमद,राम प्रकाश मिश्रा,दीपक सोनी,सूरज कुमार,देवेंद्र तिवारी,अतीक अहमद,मनोज शुक्ला,नजीरुद्दीन समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मानवता की मिसाल: रानीपुर रजमो की असहाय वृद्धा को मिली करकट की छत, 'अंबिका सेवा संस्थान' ने 4 घंटे में बदला मंज़र

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मोहम्मदपुर विकासखंड के रानीपुर रजमो में  कड़कड़ाती धूप हो या मूसलाधार बारिश—हर मौसम में एक महिला सालों से महज़ एक बांस और फटे प्लास्टिक के सहारे अपनी जिंदगी काटने को मजबूर थी। गरीबी और बेबसी के बीच वह महिला हर दिन जीवन से लड़ाई लड़ रही थी। लेकिन कहते हैं न कि जहां प्रशासनिक उदासीनता खत्म होती है, वहीं से निस्वार्थ जनसेवा का मार्ग प्रशस्त होता है। अंबिका सेवा संस्थान सामाजिक संगठन के युवाओं ने इस महिला के जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई है।घटना तीन दिन पुरानी है, जब अंबिका सेवा संस्थान की टीम रानीपुर रजमो के ग्रामीण इलाके से गुजर रही थी। मूसलाधार बरसात के बीच केवल एक बांस के बल पर टिके प्लास्टिक के नीचे भीगती हुई उस महिला का करुण दृश्य जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देखा, तो उनका दिल पसीज गया। संस्थान ने बिना एक पल गंवाए यह संकल्प लिया कि इस असहाय महिला को तुरंत राहत पहुंचाई जाएगी।
दो दिन बाद अंबिका सेवा संस्थान के बैनर तले एक विशेष 'मदद अभियान' शुरू किया गया। संस्थान के कार्यकर्ताओं ने गांव पहुंचकर कमर कसी और महज 4 घंटे की कड़ी मेहनत में बल्लियों के सहारे करकट (टिनशेड) की एक मजबूत छत खड़ी कर दी। सालों बाद उस महिला के सिर पर प्लास्टिक की जगह एक सुरक्षित छत नसीब हुई। छत का ढांचा तैयार करने के साथ-साथ टीम ने महिला को जीवन यापन के लिए आवश्यक सामग्रियां भी सौंपी:ओढ़ने के लिए कंबल, पहनने के लिए नई साड़ी व कपड़े। और खाने-पीने की सभी जरूरी सामग्रियां।
जनहितकारी और त्वरित कार्य में टीम के प्रत्येक सदस्य का समर्पण देखने लायक था। इस पूरे राहत अभियान में संस्थान के प्रभारी अभिषेक उपाध्याय, प्रमोद सोनी, पवन अस्थाना, लकी श्रीवास्तव, रिंकू विश्वकर्मा एवं शैलेश प्रजापति की भूमिका अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय रही। इन युवाओं ने अपनी लगन से साबित कर दिया कि समाज सेवा केवल बातों में नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर की जाती है।
स्थानीय ग्रामीणों ने अंबिका सेवा संस्थान की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। सालों से बेसहारा को कुछ घंटों में एक सुरक्षित सहारा देकर संस्थान ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।