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जिलाधिकारी ने सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का किया अवलोकन, की खरीदारी

मेले में 35 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लगाए विभिन्न उत्पादों के स्टॉल, स्थानीय उत्पादों को मिला प्रोत्साहन


समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर जिलाधिकारी ने दिया जोर

गोण्डा 10 अक्टूबर,2026।
गांधी पार्क टाउनहॉल परिसर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘सरस मेला’ में जनपद के 35 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। मेले का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा उनके लिए विपणन के अवसर उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सरस मेले का अवलोकन कर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली और विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेले में लगाए गए सभी स्टॉलों पर पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया तथा उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और निर्माण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की। स्टॉलों पर गोबर से निर्मित मूर्तियां, विभिन्न प्रकार के अचार एवं मसाले, सहजन के फल का पाउडर, फेसवॉश, साबुन, घरों में उपयोग किए जाने वाले कवर, कढ़ाईयुक्त कपड़े तथा विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री सहित अनेक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में रुचि दिखाई और खरीदारी कर उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीसी एनआरएलएम) श्री जे.एन. राव को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की बिक्री के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, उनकी मांग बढ़ाने तथा बिक्री के उचित अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों के विपणन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

सरस मेला ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा, कौशल और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपने उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ नए बाजारों से जुड़ने के अवसर भी प्राप्त कर सकती हैं।
जिलाधिकारी के अवलोकन एवं प्रोत्साहन से मेले में प्रतिभाग कर रही महिलाओं का उत्साहवर्धन हुआ। एनआरएलएम के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने तथा उनके उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
लखनऊ में भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता पार्टी का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
लखनऊ में भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता पार्टी का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. रामाशीष राय, पूर्व एमएलसी ने की। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका राय समेत पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सम्मेलन का शुभारंभ पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी रणनीति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ हुआ।

इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया।
चंदौली में फाइनेंस कर्मचारी से लूट का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; लूटी गई रकम बरामद

चंदौली। जिले में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी को निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम भी बरामद कर ली गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

सदर कोतवाली क्षेत्र के बबुरी रोड पर शुक्रवार देर रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच कार सवार बदमाशों ने फाइनेंस कर्मचारी पर हमला कर रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। वारदात के दौरान कर्मचारी के सिर पर पिस्तौल की बट से हमला किए जाने का आरोप है।

हमला कर लूटा था रुपयों से भरा बैग

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फाइनेंस कर्मचारी कलेक्शन का काम निपटाने के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान डिजायर कार सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया और कथित तौर पर पिस्तौल की बट से सिर पर हमला कर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। वारदात के बाद आरोपी कार से फरार होने लगे।

बोर्ड में फंस गई बदमाशों की कार

लूट के बाद भागते समय महाराणा प्रताप बोर्ड के पास बदमाशों की कार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के बोर्ड से टकरा गई। टक्कर के बाद कार का बोनट बोर्ड में फंस गया। इसके बाद आरोपी कार और मोबाइल फोन छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन समेत अन्य साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

चार आरोपी गिरफ्तार, लूट की रकम बरामद

क्षेत्राधिकारी सदर के अनुसार, पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से लूट की रकम भी बरामद की गई है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जनगणना प्रशिक्षण से अनुपस्थित 11 फील्ड ट्रेनरों का वेतन अदेय करने के निर्देश

*गोण्डा, 09 अक्टूबर 2026* - जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित फील्ड ट्रेनरों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए गए 11 कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रशिक्षण 07 अक्टूबर से श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय, गोण्डा में आयोजित किया जा रहा है।

जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में विभिन्न विद्यालयों के प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक तथा तहसीलों में तैनात लेखपाल शामिल हैं। इनमें कुछ कर्मचारी 07 अक्टूबर की द्वितीय पाली में अनुपस्थित रहे, जबकि कुछ कर्मचारी 07 एवं 08 अक्टूबर को प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए।

इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 5 एवं 11 के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति की तिथि का वेतन अदेय करना सुनिश्चित करें। साथ ही की गई कार्रवाई से जिला जनगणना अधिकारी को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
फेसबुक के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति गोण्डा पुलिस ने चलाया व्यापक जागरूकता अभियान, आमजन को किया जागरूक
*गोण्डा।* जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.10.2026 को गोण्डा पुलिस की साइबर सेल टीम एवं जनपद के समस्त थानों द्वारा व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत आज का प्रमुख विषय “Facebook प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड से सावधान” रहा। इस दौरान आमजन को फेसबुक के माध्यम से होने वाली विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें परिचितों, रिश्तेदारों एवं अधिकारियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर रुपये मांगना, फर्जी विज्ञापनों एवं ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर भुगतान लेकर सामान न भेजना, कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग में रुपये लगवाना, मैसेंजर पर संदिग्ध लिंक भेजकर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी एवं पासवर्ड चुराना, फर्जी लोन एवं नौकरी के नाम पर रजिस्ट्रेशन/प्रोसेसिंग फीस मांगना तथा फेसबुक अकाउंट हैक कर परिचितों से रुपये मांगना आदि प्रमुख हैं। गोण्डा पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई कि फेसबुक पर किसी परिचित के नाम से रुपये मांगने पर संबंधित व्यक्ति से फोन पर संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें, अपने अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें, मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें तथा किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड अथवा क्लिक न करें। अपना ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, आधार, पैन एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। फेसबुक पर प्रदर्शित आकर्षक ऑफर, सस्ते सामान, नौकरी, लोन एवं निवेश संबंधी योजनाओं की सत्यता जांचे बिना विश्वास न करें और न ही भुगतान करें। किसी भी संदिग्ध अकाउंट को ब्लॉक एवं रिपोर्ट करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। गोण्डा पुलिस आमजनमानस से अपील करती है कि सोशल मीडिया का उपयोग सतर्कता एवं सावधानी के साथ करें तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी अपने परिवार एवं परिचितों के साथ साझा कर सभी को जागरूक बनाएं।
*गोण्डा पुलिस का साइबर सुरक्षा संदेश —*

“सोशल मीडिया पर दोस्ती हो या कारोबार, बिना सत्यापन न करें विश्वास और न करें भुगतान।”
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिसिया बदसुलूकी पर मनाया काला दिवस

*लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी: डॉ. उमाशंकर पांडेय*

*इंडिया गठबंधन के नेताओं पर पुलिस की बर्बरता लोकतंत्र और संविधान पर हमला: अभिषेक सिंह राणा*

सुलतानपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों, कथित वोट चोरी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाया। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से निकाला गया जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और लोकतंत्र एवं मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने किया।

कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट, डाकखाना चौराहा, गंदानाला, जिला चिकित्सालय, बस स्टैंड, विकास भवन और तिकोनिया पार्क होते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचे। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा को लेकर नारे लगाए। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और यदि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची तथा मताधिकार को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब देना सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उठाए जा रहे सवालों का संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जिस तरह का पुलिसिया व्यवहार किया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। कांग्रेस डरने या दबने वाली नहीं है और लोकतंत्र, संविधान तथा जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह से इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया है, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र के खिलाफ है। आजाद भारत में पहली बार ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहां लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले लोगों के साथ पुलिसिया बर्बरता की जा रही है।उन्होंने कहा कि आज पूरा देश काला दिवस मना रहा है। यह केवल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। जब जनता के वोट और मताधिकार पर सवाल खड़े हों और लोकतांत्रिक तरीके से सवाल पूछने वालों को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जाए, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।

अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी। सत्ता चाहे जितना दमन कर ले, कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मताधिकार और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच तक संघर्ष करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि जनता के सवालों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है।पुलिस की लाठी और दमन से कांग्रेस की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती।

शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि आज का काला दिवस लोकतंत्र को बचाने के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर इन सवालों को मजबूती से उठाएंगे। प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट राजेश तिवारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक सवालों का जवाब दमन से नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता से दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ और मताधिकार की रक्षा के नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस देशभर में चल रहे आंदोलन के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग कर रही है। सुलतानपुर में भी कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन कर स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।

इस मौके पर फिरोज अहमद, सियाराम तिवारी,निकलेश सरोज,राहुल त्रिपाठी, सलाउद्दीन हाशमी, रणजीत सिंह सलूजा,इश्तियाक अहमद,हामिद राईन,संतोष वर्मा,वरुण मिश्र,मोहित तिवारी,शहबाज खान,विवेक सिंह,सुव्रत सिंह,आवेश अहमद,राहुल मिश्रा,शारिक अल्वी,विजयपाल गौतम,मानस तिवारी,अनवर अंसारी, ओम प्रकाश त्रिपाठी,नंदलाल मौर्य,प्रदीप सिंह,विवेक श्रीवास्तव,विनोद पाण्डेय,जनेश्वर उपाध्याय,सुरेश चंद्र मिश्रा,अखण्ड मिश्रा,आर बी पाण्डेय,उस्मान खान,धर्मराज मिश्र,ममनून आलम,मोहसिन सलीम,पवन मिश्रा,राम किशोर,अवधेश गौतम,जयराज गौतम,नरोत्तम वर्मा,नफीस पठान,दरोगा सिंह,इमरान अहमद,राम प्रकाश मिश्रा,दीपक सोनी,सूरज कुमार,देवेंद्र तिवारी,अतीक अहमद,मनोज शुक्ला,नजीरुद्दीन समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मानवता की मिसाल: रानीपुर रजमो की असहाय वृद्धा को मिली करकट की छत, 'अंबिका सेवा संस्थान' ने 4 घंटे में बदला मंज़र

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मोहम्मदपुर विकासखंड के रानीपुर रजमो में  कड़कड़ाती धूप हो या मूसलाधार बारिश—हर मौसम में एक महिला सालों से महज़ एक बांस और फटे प्लास्टिक के सहारे अपनी जिंदगी काटने को मजबूर थी। गरीबी और बेबसी के बीच वह महिला हर दिन जीवन से लड़ाई लड़ रही थी। लेकिन कहते हैं न कि जहां प्रशासनिक उदासीनता खत्म होती है, वहीं से निस्वार्थ जनसेवा का मार्ग प्रशस्त होता है। अंबिका सेवा संस्थान सामाजिक संगठन के युवाओं ने इस महिला के जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई है।घटना तीन दिन पुरानी है, जब अंबिका सेवा संस्थान की टीम रानीपुर रजमो के ग्रामीण इलाके से गुजर रही थी। मूसलाधार बरसात के बीच केवल एक बांस के बल पर टिके प्लास्टिक के नीचे भीगती हुई उस महिला का करुण दृश्य जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देखा, तो उनका दिल पसीज गया। संस्थान ने बिना एक पल गंवाए यह संकल्प लिया कि इस असहाय महिला को तुरंत राहत पहुंचाई जाएगी।
दो दिन बाद अंबिका सेवा संस्थान के बैनर तले एक विशेष 'मदद अभियान' शुरू किया गया। संस्थान के कार्यकर्ताओं ने गांव पहुंचकर कमर कसी और महज 4 घंटे की कड़ी मेहनत में बल्लियों के सहारे करकट (टिनशेड) की एक मजबूत छत खड़ी कर दी। सालों बाद उस महिला के सिर पर प्लास्टिक की जगह एक सुरक्षित छत नसीब हुई। छत का ढांचा तैयार करने के साथ-साथ टीम ने महिला को जीवन यापन के लिए आवश्यक सामग्रियां भी सौंपी:ओढ़ने के लिए कंबल, पहनने के लिए नई साड़ी व कपड़े। और खाने-पीने की सभी जरूरी सामग्रियां।
जनहितकारी और त्वरित कार्य में टीम के प्रत्येक सदस्य का समर्पण देखने लायक था। इस पूरे राहत अभियान में संस्थान के प्रभारी अभिषेक उपाध्याय, प्रमोद सोनी, पवन अस्थाना, लकी श्रीवास्तव, रिंकू विश्वकर्मा एवं शैलेश प्रजापति की भूमिका अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय रही। इन युवाओं ने अपनी लगन से साबित कर दिया कि समाज सेवा केवल बातों में नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर की जाती है।
स्थानीय ग्रामीणों ने अंबिका सेवा संस्थान की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। सालों से बेसहारा को कुछ घंटों में एक सुरक्षित सहारा देकर संस्थान ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं अलमास अख़्तर, गंभीर मरीज की मदद के लिए किया रक्तदान

अल-फलाह फाउंडेशन फ्री ब्लड डोनेट ग्रुप के संस्थापक ज़ाकिर हुसैन की भांजी ने पेश की मानवता की मिसाल, महिलाओं से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील

मोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट

फूलपुर आजमगढ़, 9 अक्टूबर ।

रक्तदान महादान है और किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त उपलब्ध कराना उसके परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है। इसी मानवीय भावना का परिचय देते हुए अल-फलाह फाउंडेशन फ्री ब्लड डोनेट ग्रुप के संस्थापक जनाब ज़ाकिर हुसैन साहब की भांजी अलमास अख़्तर ने आजमगढ़ ब्लड बैंक में रक्तदान कर मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद आजमगढ़ के ग्राम शेरावां से संबंधित शाहिद साहब की बुज़ुर्ग वाल्दा की हालत गंभीर थी और उन्हें B+ (बी पॉजिटिव) ब्लड ग्रुप के रक्त की आवश्यकता थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए अलमास अख़्तर ने आगे आकर रक्तदान किया और जरूरतमंद परिवार की सहायता में अपना योगदान दिया।

उनका यह कदम इस बात का प्रमाण है कि मानवता की सेवा के लिए उम्र या महिला-पुरुष का भेदभाव नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और दूसरों के दुख-दर्द को समझने वाला दिल मायने रखता है। अलमास अख़्तर ने रक्तदान करके महिलाओं को भी इस पुनीत कार्य में आगे आने का प्रेरणादायक संदेश दिया।

आज भी समाज में रक्तदान को लेकर महिलाओं के मन में कई तरह की आशंकाएं और भ्रांतियां देखने को मिलती हैं। ऐसे में अलमास अख़्तर का यह प्रयास जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। चिकित्सकीय जांच में पात्र पाए जाने पर महिलाएं भी निर्धारित स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए रक्तदान कर सकती हैं।

अल-फलाह फाउंडेशन फ्री ब्लड डोनेट ग्रुप के संस्थापक जनाब ज़ाकिर हुसैन साहब लंबे समय से जरूरतमंद मरीजों तक रक्त पहुंचाने के मानवीय उद्देश्य से जुड़े हुए हैं। उनकी भांजी अलमास अख़्तर का यह सराहनीय कदम सेवा, संवेदना और इंसानियत की भावना को और मजबूत करता है।

शम्स तबरेज़ खान ने की रक्तदान के लिए आगे आने की अपील

संकल्प सेवा कल्याण टीम (SSWT), उत्तर प्रदेश के संस्थापक एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता शम्स तबरेज़ खान ने अलमास अख़्तर के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं से रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।

उन्होंने कहा, “रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि इंसानियत के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। जब किसी बुज़ुर्ग या गंभीर मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है, तब समय पर रक्त उपलब्ध कराना उसके परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है। अलमास अख़्तर ने आगे आकर यह संदेश दिया है कि महिलाएं भी रक्तदान के क्षेत्र में प्रेरणादायक भूमिका निभा सकती हैं। मैं सभी स्वस्थ एवं चिकित्सकीय रूप से पात्र नागरिकों से अपील करता हूं कि वे स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं और जरूरतमंदों की मदद को अपना सामाजिक दायित्व समझें।”

शम्स तबरेज़ खान ने कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से रक्तदान संबंधी भ्रांतियों को दूर करने, जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

अलमास अख़्तर का यह प्रयास समाज को यह संदेश देता है कि मानवता की कोई सीमा नहीं होती। आपका एक नेक कदम किसी जरूरतमंद परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
प्रतिभा खोज–2026 का भव्य समापन: ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला मंच, विजेता छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़::श्री शिवा डिग्री कॉलेज, तेरही, कप्तानगंज, आजमगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय ‘प्रतिभा खोज–2026’ अंतर-विद्यालयीय एवं महाविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता  का गुरुवार को पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के साथ उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में समापन हुआ। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचानना, उनकी रचनात्मक एवं बौद्धिक क्षमताओं को प्रोत्साहित करना तथा उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना रहा।

समारोह का शुभारंभ सम्मानित अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय श्री अखिलेश त्रिपाठी जी, आदरणीय शमोहम्मद अहमर जी तथा इंटरमीडिएट कॉलेज, कप्तानगंज के प्रबंधक आदरणीय श्री अखिलेश सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर एस.बी. इंटर कॉलेज, कप्तानगंज के प्राचार्य आदरणीय श्री शम्भूनाथ जी श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के प्राचार्य आदरणीय श्री राजेश सिंह जी किसान मजदूर इंटर कॉलेज, ओरा के प्राचार्य आदरणीय श्री संजीव कुमार भारती जी इंटरमीडिएट कॉलेज, कप्तानगंज के प्राचार्य आदरणीय श्री राजीव रंजन गोयल जी तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के प्राचार्य आदरणीय श्री रजनीश सिंह जी उपस्थित रहे। सभी सम्मानित अतिथियों एवं प्राचार्यगण ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
तीन दिवसीय आयोजन में निबंध लेखन, वाद-विवाद, पत्र लेखन, पोस्टर मेकिंग, क्विज़, रंगोली एवं काव्य-पाठ जैसी विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। वाद-विवाद में *‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वरदान या अभिशाप’* तथा पोस्टर मेकिंग में *‘एक पृथ्वी, एक भविष्य—पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प’* जैसे समसामयिक विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, तार्किक क्षमता एवं सृजनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

अंतर-विद्यालयीय प्रतियोगिताओं में **काजल, सलोनी चौबे, वंदना निषाद, प्रसिद्ध सिंह, साहिबा बानो, गुंजन यादव, अमृता कुमारी, प्रिया गौड़, प्रेमलता, मृदुल उपाध्याय एवं सृष्टि यादव** सहित विभिन्न विद्यालयों के अनेक छात्र-छात्राओं ने उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किए। वहीं महाविद्यालय स्तर पर **अंकिता सिंह, काजल तिवारी, अंशु मौर्या, अंजली गुप्ता, प्रिया सोनकर, श्वेता चौहान, आयुष यादव, शिवांगी मौर्या, अंजली राजभर, सुजाता कुमारी, मनीषा कनौजिया एवं सोनम** सहित अन्य प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक **आदरणीय श्री अमित कुमार मिश्र जी** ने ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रचनात्मक एवं बौद्धिक विकास के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाएँ संसाधनों की मोहताज नहीं होतीं, उन्हें केवल उचित मंच एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से  ‘संवाद शृंखला’जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, संवाद एवं अभिव्यक्ति की संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

महाविद्यालय के प्राचार्य *आदरणीय प्रो० संत कुमार यादव जी** ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए प्रतियोगिताओं को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित मंच संचालन महाविद्यालय की सहायक आचार्य सुश्री आशिया बानो जी ने किया। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों एवं जीवन की वास्तविक संघर्षपूर्ण कहानियों के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, बड़े सपने देखने एवं निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। अंत में सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े समस्त सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि “प्रतिभा को अवसर, प्रयास को सम्मान और सपनों को नई उड़ान देना ही शिक्षा की वास्तविक सार्थकता है।”
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण, आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
सदरपुर में मनरेगा की हाजिरी पर सवाल, 300 रुपये देकर मजदूरों से काम कराने का आरोप
70 श्रमिकों की दर्ज हाजिरी के बाद दूसरी पंचायत के मजदूरों से काम कराने का दावा, मस्टर रोल और फोटो की निष्पक्ष जांच की मांग

बहसूमा (मेरठ)। हस्तिनापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सदरपुर में जी राम जी मनरेगा के तहत 70 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने के मामले में सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अगले दिन मौके पर दूसरी ग्राम पंचायत के मजदूरों से 300 रुपये देकर काम कराया गया। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, 70 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज होने के मामले में बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिव से फोन पर संपर्क करने के बाद मौके पर जाकर स्थिति देखी गई। आरोप है कि दूसरी ग्राम पंचायत से आठ मजदूरों को 300 रुपये देकर बुलाया गया था। मौके पर मौजूद मजदूरों के नाम संबंधित मस्टर रोल में दर्ज नहीं होने की बात सामने आई। आरोप यह भी है कि मजदूरों से कुछ देर घास छिलवाई गई और इसके बाद उन्हीं मजदूरों से अन्य कार्यस्थलों पर भी तस्वीरें खिंचवाई गईं।

इस मामले में सवाल उठ रहा है कि जब मजदूरों के नाम मस्टर रोल में दर्ज नहीं थे, तो उन्हें किस आधार पर काम पर बुलाया गया? ग्राम पंचायत में 70 श्रमिकों की दर्ज हाजिरी का सत्यापन किस तरह किया गया? क्या अलग-अलग कार्यस्थलों पर खिंचवाई गई तस्वीरें वास्तविक कार्य की स्थिति दर्शाती हैं?

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ग्राम पंचायत सदरपुर में दर्ज 70 श्रमिकों की हाजिरी, मस्टर रोल, कार्यस्थल की तस्वीरों और मौके पर काम करने वाले मजदूरों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही संबंधित अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब बड़ा सवाल यह है कि कागजों में कितने मजदूरों की हाजिरी दर्ज है और मौके पर वास्तव में कितने मजदूर काम कर रहे थे? मामले में संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
हस्तिनापुर ब्लॉक के सदरपुर के सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह को फोन मिलाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया