जनपद सुलतानपुर में डीजे (DJ) एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश*
*सार्वजनिक एडवाइजरी*
*माननीय उच्च न्यायालय एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद में शांति व्यवस्था, लोक सुरक्षा एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीजे संचालकों, आयोजकों एवं आमजन के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं—*
*1. ध्वनि सीमा (Decibel Limits)*--• ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य है।
* आवासीय क्षेत्रों में दिन में 55 एवं रात्रि में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि न हो तथा अत्यधिक तेज आवाज/बेस का प्रयोग न करें।
*2. पूर्व अनुमति अनिवार्य*---• सार्वजनिक कार्यक्रम, शादी-विवाह, जुलूस एवं त्योहारों में डीजे संचालन हेतु सक्षम अधिकारी से आवश्यक लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
*3. अश्लील एवं भड़काऊ गीतों पर रोक*--• अश्लील, जातिगत, आपत्तिजनक, द्वेष फैलाने वाले अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गानों का प्रयोग प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर आयोजक एवं संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*4. शांत क्षेत्र (Silent Zone)*---• अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास निर्धारित 100 मीटर क्षेत्र में डीजे एवं हॉर्न का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।
*5. डीजे का आकार एवं वाहन मानक*---• डीजे साउंड सिस्टम एवं उपकरण वाहन की निर्धारित सीमा के भीतर हों तथा वाहन की बॉडी से बाहर न निकले हों। अत्यधिक ऊंचे टावर/बॉक्स एवं यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले सेटअप का प्रयोग न करें।
*6. डीजे प्रतियोगिता पर पूर्ण प्रतिबंध*---• जनपद में किसी भी प्रकार की डीजे प्रतियोगिता का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा। अत्यधिक तेज आवाज में मुकाबला करने अथवा वाहनों को आमने-सामने खड़ा कर ध्वनि बढ़ाने पर आयोजकों एवं संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
*कानूनी धाराएं एवं परिणाम*----उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालक, आयोजक अथवा अन्य व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी—
ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के उल्लंघन पर नियमानुसार जुर्माना एवं ध्वनि उपकरणों की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270-292 के अंतर्गत सार्वजनिक उपद्रव संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत विधिवत जारी आदेश की अवहेलना पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के अंतर्गत पर्यावरण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत अवैध/असुरक्षित डीजे सेटअप एवं वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर संबंधित डीजे सेटअप, साउंड सिस्टम एवं वाहन को नियमानुसार जब्त किया जा सकता है।
*आगामी त्योहारों के दृष्टिगत डीजे संचालकों एवं आमजन से निम्नलिखित अपील की जाती है—*
1. डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन निर्धारित ध्वनि सीमा एवं शासन के निर्देशों के अनुरूप करें।
2. आवाज इतनी तेज न रखें, जिससे बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों एवं विद्यार्थियों को असुविधा हो।
3. धार्मिक आयोजनों एवं जुलूसों में अश्लील, आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ गानों का प्रयोग न करें।
4. यातायात व्यवस्था एवं आमजन की सुविधा का ध्यान रखें तथा सड़क मार्ग को अनावश्यक रूप से अवरुद्ध न करें।
5. अफवाह, विवाद एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचें तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
6. नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*आपसी सौहार्द बनाए रखें, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित त्योहार मनाएं।*
Sep 22 2026, 18:29
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