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Mirzapur: अंडरपास के अभाव में 800 मीटर की दूरी बनी 17 किलोमीटर का सफर, प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल नन्दी को सौंपा ज्ञापन
मीरजापुर। जिले के राजगढ़ विकास खंड क्षेत्र के ग्राम रामपुर-38 में आजादी के बाद से चली आ रही रेलवे आवागमन की समस्या अब ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। रामपुर-38 के निकटतम रेलवे स्टेशन लूसा रेलवे स्टेशन है तथा यह क्षेत्र लूसा एवं सतेशगढ़ रेलवे स्टेशनों के मध्य स्थित है। रेलवे अंडरपास नहीं होने के कारण महज करीब 800 मीटर की दूरी पर स्थित बाजार और अस्पताल तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लगभग 17 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।

इसी समस्या को लेकर सोमवार को अष्टभुजा गेस्ट हाउस में ग्रामीणों ने नन्द गोपाल नन्दी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे की डबल पटरी का कार्य वर्तमान में चल रहा है। ऐसे में यदि निर्माणाधीन परियोजना के दौरान अंडरपास की व्यवस्था नहीं की गई तो वर्षों पुरानी समस्या आगे भी बनी रहेगी।

ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास के अभाव में विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को रोजाना लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। खासकर आपात स्थिति में महज 800 मीटर की दूरी के लिए 17 किलोमीटर का चक्कर गंभीर परेशानी का कारण बन जाता है।

ग्रामीणों ने मांग की कि डबल पटरी के चल रहे कार्य के दौरान ही उपयुक्त स्थल पर रेलवे अंडरपास का निर्माण कराया जाए, ताकि आजादी के बाद से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर चल रहे डबल पटरी के कार्य को रोककर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
सुरों की सरताज बनीं दृष्टि पांडे: भारत विकास परिषद की प्रतियोगिता में गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर को दिलाए दोहरे स्वर्ण पदक, अब प्रदेश स्तर पर बि
रायबरेली। भारत विकास परिषद, रायबरेली के तत्वाधान में आज सिविल लाइंस स्थित सूर्या होटल में आयोजित समूह गान प्रतियोगिता पूरी तरह से गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर की होनहार छात्रा दृष्टि पांडे के नाम रही। जनपद के तमाम दिग्गजों और प्रतिष्ठित विद्यालयों के बीच, दृष्टि पांडे ने अपनी जादुई आवाज, असाधारण सुर-साधना और कुशल नेतृत्व (लीड) के दम पर प्रतियोगिता का रुख एकतरफा कर दिया।
अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय देते हुए दृष्टि पांडे की अगुवाई में विद्यालय की टीम ने हिंदी समूह गान और संस्कृत समूह गान दोनों ही बेहद कठिन श्रेणियों में प्रथम स्थान का दोहरा खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली सफलता के साथ ही इस प्रतिभावान टीम का चयन आधिकारिक रूप से प्रदेश स्तरीय (स्टेट लेवल) समूह गान प्रतियोगिता के लिए हो गया है, जहाँ दृष्टि पांडे के नेतृत्व में यह टीम प्रांतीय पटल पर पूरे रायबरेली जनपद का प्रतिनिधित्व करेगी।
प्रतियोगिता के दौरान जब दृष्टि पांडे ने मुख्य गायिका के रूप में हिंदी गीत "कोटि-कोटि कंठों ने गाया माँ का गौरव गान है" की तान छेड़ी, तो पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय रस में डूब गया। इसके तुरंत बाद संस्कृत समूह गान में माँ सरस्वती की वंदना "जय जय हे भगवती सुर भारती" की उनकी शास्त्रीय व सुरीली प्रस्तुति ने निर्णायक मंडल (जजेस) और परिषद के पदाधिकारियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दृष्टि के सुरों के उतार-चढ़ाव, स्पष्ट उच्चारण और मंच पर उनके गजब के आत्मविश्वास की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
इस शानदार गायन में टीम के अन्य साथी कलाकारों—मुदित मनमोहन, अनंत, शताक्षी, सिद्धि और काजल ने दृष्टि के सुर से सुर मिलाकर सामूहिक जुगलबंदी को शिखर पर पहुँचाया। वहीं, तबले पर अर्णव और ढोलक पर सृजन तिवारी की थाप व सधी हुई संगत ने इस पूरी प्रस्तुति में चार चांद लगा दिए।विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों ने दृष्टि पांडे की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें तथा पूरी टीम को बधाई दी है। सभी ने हर्ष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि दृष्टि अपनी इसी सुरीली कला के दम पर प्रदेश स्तर पर भी रायबरेली का परचम लहराएंगी।
मऊ। भा.कृ.अनु.प.–राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
जलवायु-लचीली बीज प्रणालियों के विकास पर वैज्ञानिकों ने दिया जोर, बुंदेलखंड के लिए तनाव-सहिष्णु किस्मों पर शोध बढ़ाने का आह्वान

मऊ। भा.कृ.अनु.प.–राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मऊ में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, लखनऊ द्वारा प्रायोजित “उत्तर प्रदेश में सतत कृषि के लिए जलवायु-लचीली बीज प्रणालियाँ” विषयक 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

22 सितंबर को आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक डॉ. परमेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. ए. आनंदन ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इसके बाद वंदे मातरम्, भा.कृ.अनु.प. गीत एवं उ.प्र. कृ. अनु. प. गीत प्रस्तुत किए गए।
डॉ. अंजनी सिंह, प्रधान वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम सह-निदेशक ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।

वहीं डॉ. कल्याणराव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम निदेशक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों और पाठ्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। प्रशिक्षण में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के बीज प्रौद्योगिकी और कृषि विभागों से वैज्ञानिक, सहायक एवं एसोसिएट प्रोफेसर तथा शोधार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं।

उद्घाटन संबोधन में डॉ. परमेंद्र सिंह ने कहा कि बीज किसानों की मूलभूत आवश्यकता और कृषि की आधारशिला है।

उन्होंने दलहनी फसलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सूखा-प्रवण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए तनाव-सहिष्णु एवं प्रतिरोधी किस्मों के विकास पर अनुसंधान बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पोषण सुरक्षा के लिए जैव-सुदृढ़ीकृत (Biofortified) किस्मों के विकास की दिशा में भी वैज्ञानिकों से शोध को गति देने का आह्वान किया।

संस्थान के निदेशक डॉ. ए. आनंदन ने बीज फसलों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP on Seed Crops) की स्थापना और उसके योगदान पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक हस्तक्षेपों और AICRP तंत्र के निरंतर प्रयासों से ब्रीडर बीज उत्पादन एक लाख क्विंटल से अधिक हो चुका है। उन्होंने खुले परागित किस्मों में वर्तमान लगभग 15–30 प्रतिशत बीज प्रतिस्थापन दर को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकी अनुभवों के माध्यम से जलवायु-लचीली बीज प्रणालियों के विकास की दिशा में ठोस परिणाम हासिल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन डॉ. पवित्रा वी. ने किया, जबकि डॉ. कल्याणी कुमारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
मऊ  -सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद के समस्त विकास खंडों में आयोजित हुई जन चौपाल.
विभिन्न विभागों ने लगाए स्टॉल, ग्रामीणों को दी गई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी.

जन चौपाल में प्राप्त शिकायतों का मौके पर किया गया निस्तारण.

मसेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जनपद के समस्त विकास खंडों में जन चौपाल का आयोजन किया गया। जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को सुनकर यथासंभव मौके पर ही निस्तारित किया गया।जन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा योजनाओं से मिलने वाले लाभ के संबंध में जानकारी प्रदान की। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों द्वारा शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिन शिकायतों का निस्तारण मौके पर संभव था, उनका तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इस अवसर पर ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े। जन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा अपने विभाग की योजनाओं से संबंधित जानकारी, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभार्थीपरक सेवाओं के संबंध में भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

विभागीय अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना तथा ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना रहा। जन चौपाल के माध्यम से प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों को अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखने तथा योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के समस्त विकास खंडों में आयोजित जन चौपाल में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराएं।

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मऊ-गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर पुल की हालत जर्जर, हादसे का खतरा
मऊ। जनपद मऊ में गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन मार्ग पर सौरोस के पास बने पुल की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार तमसा नदी पर बने पुल के कई हिस्सों में टूट-फूट दिखाई दे रही है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के बीच हादसे की आशंका बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि पुल के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हिस्से लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से पुल का तत्काल निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या समय रहते पुल की सुध ली जाएगी
बाबा दुबे की जन गण विश्वास पदयात्रा में गूंजा हर हर महादेव
जौनपुर। बदलापुर विधानसभा के पूर्व विधायक बाबा दुबे द्वारा पूरे विधानसभा में शुरू की गई जन गण विश्वास पदयात्रा अब पूरे उफान पर दिखाई दे रहा है। पूरी तरह से गैर राजनीतिक इस ऐतिहासिक यात्रा को हर वर्ग और हर जाति के लोगों को खुला समर्थन और आशीर्वाद मिल रहा है। बदलापुर थाना अंतर्गत महमदपुर गुलरा गांव में आज गुलरेश्वर महादेव मंदिर से इस यात्रा का शुभारंभ हुआ जो पूरे गांव में हर घर, हर दरवाजे से होते हुए वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे के घर समाप्त हुई। ब्राह्मण बस्ती के अलावा निषाद बस्ती, यादव बस्ती, धोबी बस्ती और हरिजन बस्ती में इस यात्रा का अच्छा प्रतिसाद देखने को मिला। अनेक लोगों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब उनके दरवाजे पर किसी बड़े नेता का आगमन हुआ हो। सुबह 9:30 बजे गुलरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे बाबा दुबे ने सबसे पहले भगवान शंकर, मां दुर्गा और हनुमान जी की मूर्ति को प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर डॉ श्रीपाल पांडे, राम अनंद पांडे, भगवती प्रसाद पांडे, डॉ सुभाष चंद्र पांडे, प्रेम प्रकाश दुबे, शिवपूजन पांडे, प्रवेश पांडे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश यादव, समाजसेवी दयाशंकर तिवारी, दीपक मिश्रा, प्रमोद सनातनी, राजेश तिवारी, संजय तिवारी, विपिन तिवारी, सोनू सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। पदयात्रा के दौरान वरिष्ठ पत्रकार मंगलेश्वर (मुन्ना );त्रिपाठी, पूर्व प्रधान राहुल तिवारी, संजय यादव आदि पदयात्रा में शामिल हुए। जहां तक इस पदयात्रा का सवाल है, बाबा दुबे अब तक करीब 400 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। वह करीब 40 गांव के लोगों से व्यक्तिगत मुलाकात कर चुके हैं। बाबा दुबे का मानना है कि पदयात्रा से हर व्यक्ति उनसे जुड़ रहा है और वह हर व्यक्ति के परिसर से जुड़ी समस्याओं से अवगत हो रहे हैं।
कानपुर में बुढ़वा मंगल पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, पनकी धाम में लगीं लंबी कतारें
कानपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में बुढ़वा मंगल पर शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पनकी पंचमुखी हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मियों के साथ यातायात पुलिस की भी तैनाती रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग और बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया गया।

पनकी मंदिर में मंगला आरती के बाद कपाट खुले तो दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार बढ़ता गया। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की अलग-अलग कतारें लगाई गईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के रास्ते तय किए गए। मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी गई। पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ाते रहे। किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्तों को नियंत्रित किया गया।

मंदिर में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के जयकारे लगाए और भजन-कीर्तन किए। पनकी पंचमुखी हनुमान मंदिर को शहर के प्राचीन और प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है। मान्यता है कि यहां विराजमान बजरंगबली की प्रतिमा दिन में तीन बार रंग बदलती है। इसी आस्था के चलते बुढ़वा मंगल पर दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।

इसके अलावा जूही-हमीरपुर रोड स्थित बड़ा हनुमान मंदिर, संकटमोचन हनुमान के नाम से प्रसिद्ध श्री बालाजी दक्षिणेश्वर मंदिर और कुढ़नी हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इन मंदिरों में भी पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की गई। भीड़ वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था की गई।
मऊ में 60 वर्षीय बुजुर्ग लापता, 13 सितंबर से नहीं मिला कोई सुराग
मऊ। थाना सदर क्षेत्र के परदहा ब्लॉक अंतर्गत राधोपट्टी गांव निवासी करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग 13 सितंबर 2026 की शाम बिना किसी को बताए घर से निकल गए, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है।

परिजनों ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि लापता बुजुर्ग की लंबाई करीब 5 फीट, रंग गोरा है। लापता होने के समय उन्होंने हरे रंग की शर्ट, काले-भूरे रंग की पैंट और नीला-सफेद गमछा पहन रखा था तथा पैरों में चप्पल थी।

परिजनों ने रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 16 सितंबर 2026 को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर गुमशुदगी दर्ज कर बुजुर्ग की तलाश कराने की मांग की गई।

परिजनों ने आम लोगों से भी बुजुर्ग की तलाश में सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को उनके संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो मोबाइल नंबर 9795235878 पर संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।
विधायक धनघटा, डीएम व एसपी द्वारा उप मुख्यमंत्री  बृजेश पाठक  के जनपद आगमन के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल का किया गया संयुक्त निरीक्षण,
तैयारियों का जायजा लेते हुए दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

रमेश दूबे

उप मुख्यमंत्री, उ0प्र0 सरकार श्री बृजेश पाठक जी के जनपद भ्रमण एवं प्रस्तावित कार्यक्रमों के दृष्टिगत मा0 विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा धनघटा क्षेत्र के कार्यक्रम स्थल शिवबखरी का स्थलीय निरीक्षण किया गया और सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया गया।निरीक्षण के दौरान मा0 विधायक धनघटा, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम स्थल पर वीआईपी मूवमेंट, मंच व्यवस्था, हेलीपैड, बैठक व्यवस्था, साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम स्थल और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने, रूट डायवर्जन और वीआईपी व जनसामान्य के लिए पार्किंग स्थलों को चिह्नित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मा0 उपमुख्यमंत्री जी के आगमन से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने समस्त अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने हेतु निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रामानुज कनौजिया, उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, पुलिस क्षेत्राधिकारी अभय मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
खतरे के निशान से नीचे पहुंची घाघरा,घरों से उतरा बाढ़ का पानी
*तटीय इलाकों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ा

गोंडा।जिले में घाघरा नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह 10 खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर नीचे आ गया है और इस समय 85403 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।नदी का जलस्तर घटने से जनपद में बाढ़ की स्थिति खत्म हो गई है और गांवो से बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल गया है।गावों में बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ती दिख रही है।इसको देखते हुए जिले का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड में है।विभाग लगातार तटीय गांवो में मेडिकल कैंप लगा रहा है और स्थानीय लोगों की जांच कर आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं।साथ ही,बाढ़ के पानी से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।वहीं दूसरी तरफ पशुपालन विभाग भी लगातार पशुओं की जांच कर रहा है और बीमार पशुओं को दवाएं भी दी जा रही हैं।किसानों को यह भी निर्देश दिया गया है कि बाढ़ के पानी में डूबी हुई फसल को काटकर पशुओं को न खिलाएं क्योंकि इससे वे बीमार हो सकते हैं।तटीय इलाके के किसानों के सामने पशुओं के चारे का सबसे बड़ा संकट है।बाढ़ के पानी से हरा चारा पूरी तरह बर्बाद हो गया है।कई जगह चारा सड़ भी चुका है,जिसे खिलाने से मवेशी बीमार भी हो सकते हैं।इस समस्या को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन तरबगंज और करनैलगंज तहसील क्षेत्र के तटीय इलाकों में किसानों के पशुओं के लिए भूसा बांट रहा है।नवाबगंज क्षेत्र के कई इलाकों में लोगों को लंच पैकेट भी दिए जा रहे हैं क्योंकि तहां की कुछ आबादी अभी भी आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित है।कुछ गांवो के रास्तों पर अभी भी पानी भरा हुआ है।