शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान : जिलाधिकारी
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शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें
मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान : सांसद
भारत देश को विकसित राष्ट्र बनाना प्रत्येक नागरिक का है कर्तव्य
जनपद की शिक्षिका गीता वर्मा को प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
जनपद के शिक्षकों का "सम्मान समारोह कार्यक्रम" कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न
फर्रुखाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पुरस्कृत शिक्षकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम गोरखपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एवं जनपद स्तर पर "शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" का आयोजन जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत संबोधन को कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों द्वारा गंभीरतापूर्वक सुना गया।
"शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन देश के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की स्मृति में मनाया जाता है। हम सभी शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन करते हैं। आज के समय में शिक्षक के लिए शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि भारत के व्यक्तित्व को तराशने का एक सुअवसर है, जिसकी पात्रता सभी नागरिकों को प्राप्त नहीं होती है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के हस्ताक्षर से आदेश लागू हो सकता है, एक जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर से योजना लागू हो सकती है, परंतु एक शिक्षक अपने हस्ताक्षर से परीक्षाफल में अंक प्रदान करता है तो एक भावी पीढ़ी में उन्नति कारक परिवर्तन होता है। जिला प्रशासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर पर निरंतर विद्यालयों में कार्य किया जा रहा है, लेकिन एक विद्यार्थी एवं विद्यालय की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है। शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान है। शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें, जिससे वह आधुनिक तकनीक का प्रयोग स्वयं के मानवीय विकास एवं राष्ट्र की उन्नति में कर सकें।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद मुकेश राजपूत ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान है। बच्चों का उज्जवल भविष्य शिक्षकों की कार्यशैली पर निर्भर करता है। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षक भी अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाएं, जिससे शिक्षा व्यवस्था आमजनमानस की दृष्टि में और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके। राष्ट्र को विकसित बनाना प्रत्येक नागरिक का हम कर्तव्य है, इसलिए सभी नागरिक चाहे वह किसी भी विधा एवं क्षेत्र में कार्यरत हों अपने दायित्वों का निर्वहन लगन एवं उत्साह के साथ पूर्ण करें।
कार्यक्रम में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य ने कहा कि आज शिक्षक दिवस के अवसर पर हम सभी ने मा0 मुख्यमंत्री जी के आशीर्वचन को सुना। उन्होंने कहा कि अपने देश में गुरु का महत्व आदिकाल से रहा है, जिसके दृष्टिगत हमारे देश में गुरु पूर्णिमा का पर्व प्रतिवर्ष मनाया जाता है। समाज के निर्माण में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छात्र को ऊंचाइयों तक ले जाने में भी एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। विद्यार्थी के प्रति शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, उनके आचरण व्यवहार का प्रभाव विद्यार्थी पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया है, उनमें जनपद की शिक्षिका गीता वर्मा का नाम भी सम्मिलित है, यह हमारे जनपद के लिए अत्यधिक गर्व की बात है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के प्रयासों से बच्चों में वाकपुटता एवं कौशल का विकास हो रहा है।
इस दौरान विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह अपेक्षा है कि शिक्षक बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान करें, जिससे वह शिक्षित होने के साथ ही जीवन में एक सफल नागरिक भी बन सके।
इस दौरान प्रशासक जिला पंचायत मोनिका यादव ने कहा कि आज का दिन शिक्षकों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के विकास एवं उन्नति में एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। अभिभावक जितनी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का पालन पोषण करते हैं ठीक उसी प्रकार शिक्षक भी बच्चों की उन्नति में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। बच्चे विद्यालयों में शिक्षकों के आचरण एवं विचारों से प्रेरित होकर ही उन्हें अपने जीवन में धारण कर भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसी ऊर्जा है जिसके होने से व्यक्ति समाज में प्रत्येक चुनौती का सामना कर सकता है। जनपद के सभी शिक्षक इसी प्रेरणा के साथ कार्य करते हुए अपने दायित्व का निर्वहन कर बच्चों की उन्नति में अपना सहयोग प्रदान करें।शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में जनपद के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। जनपद स्तर पर आयोजित"शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि फर्रुखाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1576 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 13 परिषदीय विद्यालय पी0एम0श्री0 योजना से आच्छादित हैं, जिनमें 147515 छात्र/छात्राएं अध्यनरत हैं एवं समस्त विद्यालयों में कुल 6269 (1496 शिक्षक, 1542 शिक्षामित्र एवं 231 अनुदेशक) कार्यरत हैं। जनपद में दो विद्यालय मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।



प्रयागराज । पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर TGT-PGT 2026 के लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर प्रयागराज में चल रहा धरना-प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल छात्रहित में निर्णय लेते हुए पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
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