डीरेगुलेशन 2.0 में यूपी के सुधारों की समीक्षा, मंजूरी प्रक्रिया तेज करने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कारोबार और नागरिक सेवाओं से जुड़े नियमों को आसान बनाने की दिशा में डीरेगुलेशन 2.0 के तहत सुधारों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन्वेस्ट यूपी में हुई केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में अनुपालन का बोझ कम करने, नियमों को सरल बनाने और विभिन्न मंजूरियों की प्रक्रिया को अधिक तेज व सुगम बनाने पर जोर दिया गया।
कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव राहुल शर्मा समेत केंद्र और प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में खाद्य कारोबार के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस, श्रम कानून, जीएसटी प्रक्रियाएं, फायर लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा मानक, यूपीबीबीएल के तहत भवन स्वीकृति, एमएसएमई से जुड़ी सुविधाओं और यूपीपीसीएल के बिजली कनेक्शन की प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने प्रमुख क्षेत्रों में मंजूरी से जुड़ी अड़चनों की पहचान करते हुए उन्हें दूर करने के लिए प्राथमिकता वाले सुधारों पर चर्चा की। नगर नियोजन और आवास संबंधी नियमों को सरल बनाने, एफएआर में अधिक लचीलापन देने तथा नए विद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया आसान करने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। इसके अलावा राजस्व विभाग से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं में सरलीकरण और शिथिलीकरण की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
- अनावश्यक बाधा न बनें नियम
बैठक में के.के. पाठक ने कहा कि नियमों का मूल उद्देश्य पूरा होना चाहिए, लेकिन वे व्यवसायों और नागरिकों के लिए अनावश्यक बाधा नहीं बनने चाहिए। अग्नि सुरक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि व्यवस्था का केंद्र लोगों की जान की सुरक्षा होनी चाहिए। केवल अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने तक अग्नि सुरक्षा को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश ने नियामकीय सुधारों और अनुपालन बोझ कम करने के पहले चरण में मंजूरी से जुड़ी बाधाओं को दूर करने तथा प्रक्रियाओं को सरल बनाने के मामले में राज्यों में अग्रणी प्रदर्शन किया था। अधिकारियों के अनुसार, डीरेगुलेशन 2.0 इसी सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अगला चरण है।
बैठक में इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद, माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह, राजस्व विभाग की सचिव दिव्या मित्तल, इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार का मानना है कि अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान और समयबद्ध बनाने से निवेशकों, उद्यमियों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। इससे उद्योग, एमएसएमई, शिक्षा, आवास और अन्य क्षेत्रों में परियोजनाओं की मंजूरी और क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। राज्य सरकार निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर भी जोर दे रही है।
Aug 28 2026, 19:13
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