न्यायालय के आदेश पर हत्या का मुकदमा दर्ज
अमृतपुर फर्रुखाबाद 25 जुलाई। राजेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर-जटपुरा निवासी बालकराम पुत्र रामेश्वर की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए बृजेश कुमार हत्याकांड में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायत में छह नामजद तथा दो अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 8 मई 2026 को दिन में बृजेश कुमार का शराब ठेके पर कार्यरत सेल्समैन मुकेश जायसवाल से विवाद हुआ था। आरोप है कि उसी रात लगभग 8:30 बजे रमेश राजपूत, राकेश राजपूत, बृजेश पुत्र चतुरी तथा वासुदेव पुत्र रामऔतार बृजेश कुमार को यह कहकर घर से अपने साथ ले गए कि शराब ठेके पर कुछ काम है और थोड़ी देर में वापस छोड़ देंगे। शिकायत के अनुसार उनके साथ दो अन्य अज्ञात व्यक्ति भी थे।
परिजनों का आरोप है कि देर रात तक बृजेश कुमार घर नहीं लौटे, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। अगले दिन 9 मई 2026 की सुबह लगभग 8:30 बजे उनका शव गंदा नाला पुलिया के पास मिला। शिकायत में कहा गया है कि शव के सिर, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान थे।वादी का आरोप है कि घटना की सूचना देने पर भी थाना राजेपुर पुलिस ने तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया और केवल कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर वापस भेज दिया। शिकायत में कहा गया है कि बाद में आरोपियों ने कथित रूप से शव को शराब ठेके के पास रखकर हंगामा कराया, जिससे हत्या के मामले से ध्यान भटकाया जा सके।प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि हंगामे के दौरान पुलिस पर पथराव हुआ, जिसके संबंध में थाना राजेपुर में पुलिस की ओर से अलग मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन बृजेश कुमार की हत्या के संबंध में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हत्या की ओर संकेत करती है।
बालकराम ने न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि थाना पुलिस के भय से उन्हें और उनकी पत्नी को घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। उन्होंने बताया कि 26 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक को भी पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई।न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज कराए गए मुकदमे में रमेश राजपूत, राकेश राजपूत, बृजेश पुत्र चतुरी, वासुदेव पुत्र रामऔतार, मुकेश जायसवाल तथा दो अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मामले की विवेचना कर रही है।आरोप प्रार्थना पत्र एवं दर्ज एफआईआर में लगाए गए हैं। मामले की सत्यता और आरोपों का अंतिम निर्धारण पुलिस विवेचना तथा न्यायालय की आगामी कार्यवाही के आधार पर होगा।
Jul 27 2026, 19:50
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