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छह दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था बालटाल के लिए रवाना
जम्मू। खराब मौसम के कारण लगातार छह दिनों तक स्थगित रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी स्थित बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के बीच 223 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। हालांकि, शनिवार को जम्मू से पारंपरिक पहलगाम यात्रा मार्ग के लिए कोई जत्था नहीं भेजा गया।
गौरतलब है कि लगातार खराब मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतते हुए अमरनाथ यात्रा को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे की यात्रा भी मौसम की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर संचालित की जाएगी।
छह दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था बालटाल के लिए रवाना
जम्मू। खराब मौसम के कारण लगातार छह दिनों तक स्थगित रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी स्थित बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के बीच 223 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। हालांकि, शनिवार को जम्मू से पारंपरिक पहलगाम यात्रा मार्ग के लिए कोई जत्था नहीं भेजा गया।
गौरतलब है कि लगातार खराब मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतते हुए अमरनाथ यात्रा को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे की यात्रा भी मौसम की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर संचालित की जाएगी।
छह दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था बालटाल के लिए रवाना
जम्मू। खराब मौसम के कारण लगातार छह दिनों तक स्थगित रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी स्थित बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के बीच 223 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। हालांकि, शनिवार को जम्मू से पारंपरिक पहलगाम यात्रा मार्ग के लिए कोई जत्था नहीं भेजा गया।
गौरतलब है कि लगातार खराब मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतते हुए अमरनाथ यात्रा को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे की यात्रा भी मौसम की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर संचालित की जाएगी।
राजा रघुवंशी हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट से सोनम रघुवंशी को झटका, जमानत रद्द, फिर जाना होगा जेल

-  तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर का आदेश, छह माह में ट्रायल पूरा नहीं होने पर फिर कर सकेंगी जमानत की अर्जी

नई दिल्ली/ मध्य प्रदेश। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का निर्देश दिया है।
सोनम को मेघालय हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत निरस्त कर दी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर आधारित है और अभियोजन पक्ष के पास कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत रद्द करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि अगले छह माह के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता, तो सोनम रघुवंशी नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं।
गौरतलब है कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान मेघालय में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मामला फिलहाल ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है और अब जमानत रद्द होने के बाद सोनम को दोबारा जेल जाना होगा।
देश में अब भी 50 करोड़ लोगों की पहुंच से दूर पौष्टिक भोजन

-  यूएन रिपोर्ट: 2025 में 35.5% भारतीय पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ; 2017 की तुलना में 32 करोड़ लोगों की स्थिति में सुधार


नई दिल्ली। देश में आर्थिक प्रगति और सरकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव के बावजूद आज भी करीब 50 करोड़ भारतीय ऐसे हैं, जो रोजाना पौष्टिक भोजन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की वर्ष 2025 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 35.5 प्रतिशत आबादी (करीब 49.5 करोड़ लोग) पौष्टिक आहार खरीदने की क्षमता नहीं रखती।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2017 में यह संख्या लगभग 81 करोड़ थी। यानी पिछले आठ वर्षों में करीब 32 करोड़ लोग इस स्थिति से बाहर निकले हैं। इसके बावजूद बड़ी आबादी के कारण भारत अब भी उन देशों में शामिल है, जहां सबसे अधिक लोग पौष्टिक भोजन खरीदने में असमर्थ हैं।

-  दुनिया में भी करोड़ों लोग पोषण से वंचित
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 269 करोड़ लोग ऐसा भोजन खरीदने में सक्षम नहीं हैं, जिससे शरीर को आवश्यक पोषण मिल सके। हालांकि कुछ वर्ष पहले यह संख्या 313 करोड़ से अधिक थी, जिससे स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।

-  भारत की तुलना में चीन और मलेशिया बेहतर स्थिति में
रिपोर्ट के अनुसार, चीन में केवल 11 प्रतिशत लोग पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ हैं, जबकि मलेशिया में यह आंकड़ा महज 1.4 प्रतिशत है। फिलीपींस में 45 प्रतिशत और इंडोनेशिया में 69 प्रतिशत आबादी पौष्टिक भोजन खरीदने में सक्षम नहीं है। अफ्रीका सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है, जहां हर तीन में से दो लोग पौष्टिक आहार का खर्च नहीं उठा पाते। वहीं, पड़ोसी देश नेपाल की स्थिति भारत की तुलना में बेहतर बताई गई है।

-  महंगी होती पौष्टिक खाद्य सामग्री बनी बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पेट भरने वाला भोजन पर्याप्त नहीं है। स्वस्थ जीवन के लिए थाली में फल, सब्जियां, दाल, दूध, अंडे और अन्य पोषक खाद्य पदार्थों का होना जरूरी है। लेकिन इनकी बढ़ती कीमतें आम लोगों की पहुंच से इन्हें दूर कर रही हैं।
पौष्टिक खाद्य पदार्थों की महंगाई के पीछे खेत से बाजार तक अधिक परिवहन लागत, कोल्ड स्टोरेज और भंडारण सुविधाओं की कमी, रास्ते में फल-सब्जियों का खराब होना, डीजल, बिजली और मजदूरी की बढ़ती लागत, तथा बाढ़, सूखा और जलवायु परिवर्तन जैसे प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं।
पेपर लीक पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया, बोले- युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता
-  एक्स पर पोस्ट कर कहा— पेपर लीक के दोषियों को जल्द मिलेगा कड़ा दंड, मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अदालतों का होगा गठन

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक के मुद्दे पर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।"
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर गंभीर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि युवाओं का विश्वास कायम रहे और भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता मजबूत हो।

सरकार के इस बयान को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पेपर लीक के मामलों पर सरकार के इस रुख से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सायन में बिजली संकट को लेकर बेस्ट अधिकारियों के साथ बैठक
मुंबई। सायन कोलीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 173 स्थित जय भारत माता नगर एवं संजय गांधी नगर में लंबे समय से जारी बिजली आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए कुलाबा स्थित बेस्ट मुख्य कार्यालय में नगरसेवक रामदास कांबले के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में तृष्णा विश्वासराव (अध्यक्ष, बेस्ट समिति), सुधीर शाह (विभागीय अभियंता, बेस्ट मुंबई) तथा बेस्ट उपक्रम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में उपशाखा प्रमुख राजकुमार केवट , उपशाखा प्रमुख नितिन जोशी, युवा भीम सेना के अध्यक्ष नंदलाल जैसवार,युवा भीम सेना के संस्थापक विनय जैसवार, युवा भीम सेना के उपाध्यक्ष  जिलेदार जैसवार, युवा भीम सेना के कोषाध्यक्ष अवध नारायण जैसवार, गट प्रमुख श्री कैलाश मौर्य, महेंद्र देवेंद्, राजेश देवेंद्, राकेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान क्षेत्र में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। बेस्ट अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पूरे क्षेत्र का विद्युत भार एक ही केबल पर निर्भर है। केबल में किसी प्रकार की खराबी या फॉल्ट आने पर मरम्मत कार्य में अधिक समय लग जाता है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र का दूसरा केबल काफी पुराना है तथा जमीन के लगभग 10 से 15 फीट नीचे स्थित है। इस केबल में फॉल्ट आने के कारण इसकी मरम्मत तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नया केबल बिछाकर विद्युत भार को विभाजित करने की योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त एक और वैकल्पिक केबल स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी या फॉल्ट की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। बैठक में नागरिकों द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराने में आने वाली समस्याओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर बेस्ट अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आगामी तीन महीनों के भीतर कॉल सेंटर व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर शिकायत क्रमांक प्राप्त हो सके तथा शिकायतों का शीघ्र निवारण सुनिश्चित किया जा सके।अधिकारियों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में लगभग 50 मीटर नए केबल बिछाने का कार्य अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र पूर्ण किया जाएगा, ताकि नागरिकों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
10 साल में 152 पेपर लीक...', राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

#rahulgandhislamsgovtover152paper_leaks

नीट पेपर लीक और इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

लोकसबा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर 20 जुलाई के कुछ फुटेज दिखाए और कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों के साथ बर्बरता की है। उन्होंने कहा, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। वे सिर्फ एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हक है कि उन्हें ऐसी व्यवस्था मिले, जहां मेहनत और योग्यता का सम्मान हो। लेकिन उन्हें सुरक्षा बलों की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने छात्रों पर अत्याचार किया है।

10 वर्षों में 152 बार पेपर लीक-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की सबसे बेहतर व्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 बार प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि हर बार लाखों छात्रों को फिर से परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है और उन्हें दोबारा उसी मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है।

धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की इस परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की है। नीट परीक्षा पर खर्च शिक्षा के बजट के बराबर। 1.32 लाख करोड़ रुपये नीट पर छात्र खर्च करते हैं। 1.4 लाख करोड़ रुपये शिक्षा बजट है। धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हैं।

राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगें रखी। उन्होंने कहा, 'पहली मांग- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरा- छात्रों पर बर्बरता करने वालों को सजा हो। ये आतंकवादी नहीं है, हमारे देश के छात्र हैं। तीसरी मांग- पीएम मोदी खेद जताएं।

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार और सुप्रिया सुले, तस्वीरों से सियासी खलबली

#ncpspchiefsharadpawarandsupriyasulemeetpmmodi

संसद का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे शरद पवार ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर सुप्रिया सुले भी उनके साथ रहीं। शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राजनीति को गरमा दिया है।

संसद में हुई मुलाकात की तस्वीरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शरद पवार का स्वागत करते दिखाई दिए। दूसरी तस्वीर में दोनों नेता हंसते हुए बातचीत कर रहे थे। हाथ में कुछ कागज लेकर पहुंचे शरद पवार ने पीएम मोदी को कुछ पत्र भी सौंपे। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? अभी इसका ब्योरा सामने नहीं आया है

एनडीए में जाने की लग रही हैं अटकलें

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कई दिनों से शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने या अजित पवार गुट के साथ फिर से एक होने की अटकलें लगातार तेज हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास से आई तस्वीरों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। दोनों नेताओं की मुस्कुराते हुए बातचीत करती तस्वीरों ने सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे INDIA गठबंधन की बेचैनी बढ़ा दी।

परिसीमन बिल से भी जोड़कर देखा जा रहा

संसद के मानसून सत्र के दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। दरअसल परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं।

सऊदी अरब और अमेरिका में न्यूक्लियर डील, जानें ट्रंप की इस मंजूरी के बाद कैसे बदलेंगे वैश्विक समीकरण?

#donaldtrumpapprovessaudiarabiaciviliannuclear_deal

अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव मामूली नहीं है। फरवरी से जारी जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच इस हालिया संघर्ष और तनाव का मुख्य कारण ईरान का तेजी से बढ़ता परमाणु कार्यक्रम, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है। हालांकि, इसी बीच मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते को मंजूरी दे दी है।

परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अमेरिका देगा साथ

इस समझौते के तहत सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अमेरिका सहयोग देगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता भविष्य में सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिलने का रास्ता भी खोल सकता है। यूरेनियम संवर्धन का मतलब है यूरेनियम में शुद्धता बढ़ाना। साधारण यूरेनियम में काम आने वाले यूरेनियम (यू-235) की मात्रा बढ़ाना। इसी प्रक्रिया से बना यूरेनियम परमाणु बिजली बनाने में भी इस्तेमाल होता है, और अगर इसे बहुत ज्यादा संवर्धित किया जाए, तो परमाणु बम बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या परमाणु बम बनाएगा सऊदी अरब?

इस समझौते में 'गोल्ड स्टैंडर्ड' शामिल नहीं है। अगर यह शामिल होता, तो सऊदी अरब पर यूरेनियम को एनरिच करने या इस्तेमाल हो चुके न्यूक्लियर फ्यूल की रीप्रोसेसिंग करने पर रोक लग जाती। ये दोनों ही न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए जरूरी मटीरियल हासिल करने के मुख्य तरीके हैं। परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सऊदी अरब में अगर यूरेनियम एनरिचमेंट वाले प्लांट आ गए तो इससे इस देश के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल सकता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब के आक्रामक क्राउन प्रिंस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु बम हासिल कर लेता है, तो वे भी ऐसा कर सकते हैं।

30 साल की डील

30 साल तक चलने वाले इस नए समझौते की कीमत अरबों डॉलर होने का अनुमान है। इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि सऊदी अरब के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में अमेरिकी कंपनियों की मुख्य भूमिका हो और दूसरे विदेशी प्रतिस्पर्धियों को इससे बाहर रखा जा सके।