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बीजेपी विधायक भारती लवेकर के जनसेवी कार्यों से बढ़ी लोकप्रियता
मुंबई। बतौर भाजपा विधायक वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र का लगातार 10 वर्षों तक प्रतिनिधित्व करने वाली भारती लवेकर के जनसेवी कार्यों का सिलसिला अनवरत जारी है, जिससे उनकी लोकप्रियता क्षेत्र के सर्व-समाज के बीच बनी हुई है। इस दौरान सनातन सुरक्षा सेना के नवनियुक्त महाराष्ट्र/मुंबई अध्यक्ष नितिन गुप्ता के नेतृत्व में
पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पूर्व विधायक भारती लवेकर से पूर्व नगरसेवक योगीराज धाभड़कर के सौजन्य से सदिच्छा मुलाकात कर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा की। इस मौके पर भारती लवेकर द्वारा सनातन सुरक्षा सेना के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गई। सनातन सुरक्षा सेना के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने भारती लवेकर द्वारा अपने विधायक के कार्यकाल में वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बगैर भेद-भाव के उनके कार्यों से समस्त वर्सोवा वासी बेहद प्रभावित हैं। महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके कार्य बेहद सराहनीय रहे हैं, और वर्तमान में भी किए जा रहे हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र में बरकरार है। नितिन गुप्ता ने पूर्व विधायक भारती लवेकर के सभी जनहितकारी कार्य में सनातन सुरक्षा सेना की ओर से पूरे सहयोग एवं समर्थन का भरोसा दिया।
भोर भ्रमण परिवार के सम्मान से भावविभोर हुए लल्लन तिवारी
भायंदर। मीरा भायंदर शहर में रहने वाले प्रबुद्ध उत्तर भारतीयों के संगठन भोर भ्रमण परिवार द्वारा आज संस्था के संरक्षक तथा प्रख्यात समाजसेवी शिक्षा सम्राट लल्लन तिवारी के जन्मदिन (20 जुलाई) के एक दिन पूर्व जेसल पार्क स्थित उनके आवास राहुल बंगला में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सुबह 5 बजे से प्रारंभ समारोह पूरी तरह से गीत और संगीत से सराबोर रहा। कजरी से लेकर सोहर तक की अनेक धुनों पर कुछ लोग नृत्य करते भी नजर आए। सबसे पहले माता कृपालु उपाध्याय ने गीत के माध्यम से पंडित लल्लन तिवारी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद प्रोफेसर विजयनाथ मिश्रा, भाजपा युवा नेता बृजेश तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, परिवहन समिति के सभापति एड. राजकुमार मिश्रा, पंडित उमाशंकर तिवारी, डॉ उमेश कुमार शुक्ला, मृत्युंजय सिंह दीपू, उपेंद्र पांडे, मनोज मिश्रा समेत अनेक लोगों ने लल्लन तिवारी के कार्यों की सराहना करते हुए अपनी बातें रखी। कार्यक्रम का सुंदर संचालन भारत सरकार के नोटरी एडवोकेट आर जे मिश्रा ने किया। लल्लन तिवारी ने प्रामाणिक भोर भ्रमण परिवार का भोर भ्रमण परिवार में विलय कराते हुए पंडित उमाशंकर तिवारी को सर्वसम्मति से आगे के लिए भी अध्यक्ष घोषित कर उनका माल्यार्पण किया। भोर भ्रमण परिवार द्वारा जिस उत्साहित भावना और श्रद्धा के साथ लल्लन तिवारी का सम्मान किया गया उसे देखकर वे कुछ क्षणों के लिए भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अपने परिवार का सम्मान सबसे बड़ा सम्मान होता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में वरिष्ठ नगरसेवक तथा सभापति मदन सिंह, परसोत्तम पांडे, अभय राज पांडे ,डॉ राकेश मिश्रा, प्रभाकर मिश्रा, अदालत पांडे, प्रोफेसर अनिल पांडे, प्रोफेसर बीआर दुबे, प्रोफेसर हरी प्रसाद पाठक, पत्रकार अरुण उपाध्याय, पत्रकार रविंद्र उपाध्याय, युवा समाजसेवी पप्पू सिंह, समाजसेवी अरुण तिवारी, संतोष मिश्रा, शिव पांडे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संदीप सिंह, श्रीकांत उपाध्याय, उपेंद्र सिंह, सुशील तिवारी, डॉ मयूर दुबे, समाजसेवी संजय दुबे, राकेश मणि त्रिपाठी, लल्लू तिवारी, राजेश तिवारी, श्रीराम दुबे, इंद्रभान सिंह, आर पी सिंह, वीरेंद्र पाठक, आनंद पाठक, अजीत शुक्ला, दिनेश दुबे समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा : आस्था, समर्पण, समानता और मानवता का दिव्य महापर्व
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

भारत की सनातन संस्कृति में अनेक पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं, लेकिन ओडिशा के पुरी में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा विश्व के सबसे विशाल और दिव्य धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण, सेवा, समानता और मानवता का अनुपम महापर्व है, जो करोड़ों श्रद्धालुओं को एक सूत्र में बाँध देता है।

पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक माना जाता है। यहाँ भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं।

रथयात्रा कब होती है?

रथयात्रा प्रत्येक वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन प्रारंभ होती है। इसी दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों में विराजमान होकर श्रीमंदिर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। वहाँ लगभग सात दिन विराजमान रहने के पश्चात आषाढ़ शुक्ल दशमी को बहुदा यात्रा के माध्यम से पुनः अपने मूल मंदिर लौटते हैं। सम्पूर्ण उत्सव लगभग नौ दिनों तक चलता है।

तीनों रथों के नाम :-
* भगवान जगन्नाथ – नंदीघोष
* भगवान बलभद्र – तालध्वज
* माता सुभद्रा – दर्पदलन (देवदलन)

"जगन्नाथ" अर्थात् जगत के नाथ — सम्पूर्ण सृष्टि के स्वामी। वे किसी एक जाति, धर्म, समाज या देश के नहीं, बल्कि समस्त चराचर जगत के भगवान हैं। शायद यही कारण है कि वर्ष में एक बार वे स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों के बीच आते हैं, ताकि कोई भी उनके दर्शन से वंचित न रह जाए।कौन कहता है कि भगवान केवल मंदिरों में निवास करते हैं? वे तो हर उस हृदय में बसते हैं जहाँ श्रद्धा, प्रेम और निष्कपट भक्ति होती है। मनुष्य, पशु-पक्षी, वृक्ष, वनस्पति और प्रकृति का प्रत्येक कण उनकी सृष्टि है, इसलिए उनकी कृपा भी सभी पर समान रूप से बरसती है।रथयात्रा का सबसे सुंदर दृश्य तब होता है जब लाखों श्रद्धालु एक साथ भगवान के रथ की रस्सी पकड़कर उसे खींचते हैं। उस क्षण न कोई ऊँच-नीच रहती है, न अमीर-गरीब का भेद—सब केवल भगवान के भक्त बन जाते हैं। यही इस महापर्व की सबसे बड़ी विशेषता है।
रथयात्रा का एक अत्यंत प्रेरणादायक प्रसंग "छेरा पहरा" है। इसमें गजपति महाराज स्वयं स्वर्णमंडित झाड़ू से भगवान के रथ के मार्ग की सफाई करते हैं। एक राजा का सेवक बन जाना यह संदेश देता है कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं। वास्तव में सबसे बड़ा वही है, जो सबसे अधिक विनम्र है।
रथयात्रा के तीनों रथ हर वर्ष नई लकड़ी से बनाए जाते हैं। पुराने रथों का पुनः उपयोग नहीं किया जाता। यह हमें सिखाता हैं कि जीवन भी निरंतर नवीनता, परिवर्तन और आगे बढ़ने का नाम है। यह परम्परा केवल रथ निर्माण की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का भी प्रतीक हैं कि समय के साथ स्वयं को नवीनीकृत करते हुए आगे बढ़ना ही प्रगति का मार्ग है।पुरी का महाप्रसाद भी भारतीय संस्कृति की समरसता का अद्भुत प्रतीक है। भगवान को अर्पित होने के बाद यह प्रसाद बिना किसी भेदभाव के सभी भक्त एक साथ ग्रहण करते हैं। यह संदेश देता हैं कि ईश्वर की कृपा और प्रसाद पर सबका समान अधिकार है।
भक्ति में न धन का महत्व है, न वैभव का। भगवान तो केवल प्रेम देखते हैं। कर्माबाई के खिचड़े की कथा इसका अमर उदाहरण है। अत्यंत सरल भाव से प्रतिदिन भगवान के लिए बनाई गई खिचड़ी को उनके निष्कपट प्रेम ने इतना पवित्र बना दिया कि भगवान स्वयं उसका भोग स्वीकार करने आते थे। यह कथा बताती हैं कि भगवान को छप्पन भोग से अधिक प्रिय भक्त का निष्कलुष प्रेम है। रथयात्रा का आध्यात्मिक संदेश अत्यंत गहन है। यह केवल भगवान का एक मंदिर से दूसरे मंदिर जाना नहीं, बल्कि उस परमात्मा का अपनी संतान के बीच स्वयं चलकर आना है। मानो वे प्रत्येक भक्त से कह रहे हो,यदि किसी कारणवश तुम मेरे पास नहीं आ सकते, तो मैं स्वयं तुम्हारे पास आ जाता हूँ। यही कारण है कि जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा केवल एक धार्मिक परम्परा नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, समानता, विनम्रता और मानवता का जीवंत महापर्व है। जब लाखों हाथ मिलकर रथ की रस्सी थामते हैं, तब केवल भगवान का रथ ही आगे नहीं बढ़ता, बल्कि समाज की एकता, सामूहिक चेतना और मानवता भी आगे बढ़ती है।
एनएलडालमिया स्कूल में आग के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल,

स्नेहा शैलेश पांडे ने सभी स्कूलों के फायर और सेफ्टी ऑडिट का दिया निर्देश

भायंदर। मीरा रोड स्थित एन.एल. डालमिया स्कूल में हाल ही में लगी आग की घटना ने शहर के सभी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल में विद्यार्थी मौजूद नहीं थे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद शिक्षा समिति की सभापति स्नेहा शैलेश पांडे ने तत्काल घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। निरीक्षण के दौरान स्नेहा पांडे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मीरा-भायंदर महानगरपालिका क्षेत्र के लगभग 370 स्कूलों का तत्काल फायर ऑडिट, स्ट्रक्चरल ऑडिट, इलेक्ट्रिकल ऑडिट और लिफ्ट ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस घटना के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आए हैं। यदि स्कूलों में नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य है, तो अब तक इसकी प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हुई? क्या सभी स्कूल फायर सेफ्टी के निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं? जिन स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था अधूरी है, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? इन सवालों के जवाब प्रशासन और संबंधित विभागों को देने होंगे।

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने भी मांग की है कि सभी शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की पारदर्शी जांच कराई जाए और जिन संस्थानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाए, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं शिक्षण सभापती स्नेहा पांडे ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी स्कूलों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

सनातन सुरक्षा सेना ने की मांग, नेपाली मजदूर के हमलावर को करो तड़ीपार
मुंबई। वसूली तथा दहशत फैलाने में संलिप्त नशे में धुत आपराधिक प्रवृत्ति के राकेश थोरात द्वारा छोटे-मोटे काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले नेपाली युवक ताशी बहादुर लामा पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे लोगों में दहशत तथा आक्रोश व्याप्त है। गंभीर रूप से जख्मी पीड़ित ताशी बहादुर लामा का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि भांडुप पुलिस ने आरोपी राकेश थोरात के विरूद्ध मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना बीते 12 जुलाई को रात 12 बजे भांडुप पश्चिम, जंगल मंगल रोड, मुंबई में घटित हुई। उपरोक्त दिनांक को आरोपी राकेश थोरात पूर्ण रूप से नशे में धुत था। यह व्यक्ति पिछले कई महीनों से क्षेत्र में दहशत फैला रहा है। आरोपी का मकसद सिर्फ अपना रौब जमाना है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक आरोपी छोटे-छोटे व्यापारियों को धमकाता है और जबरन "हफ्ता" वसूलता है। मना करने पर जान से मारने की धमकी देता है। इसी कड़ी में 12 जुलाई की रात नशे की हालत में आरोपी ने बिना किसी कारण पीड़ित ताशी बहादुर लामा पर जानलेवा हमला किया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक आरोपी रोज नशा करके राहगीरों से गाली-गलौज, मारपीट करता है। इसके डर से महिलाएं, बच्चे और व्यापारी शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते। गरीबों के न्याय तथा हक की लड़ाई लड़ रही सनातन सुरक्षा सेना के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने गरीब नेपाली युवक पर अपनी दादागिरी दिखाकर वसूली के प्रयास में किए गए प्राणघातक हमले की निंदा करते हुए धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को कठोर सजा के साथ ही उसे मुंबई से तड़ीपार करने की मांग की है।
शिक्षकों के SIR कार्य से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित :  बाबूभाई भवानजी
मुंबई। एक तरफ नई शिक्षा प्रणाली आने के बाद से जहां शिक्षकों पर अध्ययन अध्यापन का बोझ बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ राज्यभर में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाए जाने से विद्यार्थियों का पठन-पाठन बाधित हो रहा है। जिसके कारण मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मांग की है कि शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त किया जाए तथा उनकी जगह अन्य सरकारी विभागों, बेरोजगार शिक्षित युवाओं, कॉलेज के छात्रों को नियुक्त किया जाए, तथा उन सभी को अतिरिक्त मानधन दिया जाना चाहिए। भवानजी ने बताया कि घाटकोपर की एक बीमार शिक्षिका द्वारा चुनावी कार्य के अत्यधिक तनाव के कारण आत्महत्या का प्रयास हाल ही में किया गया। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। भवानजी के अनुसार देश में नई शिक्षा प्रणाली लागू होने के बाद से शिक्षकों पर अध्ययन अध्यापन का बोझ बढ़ता जा रहा है। दूसरी खास बात यह है कि ज्ञान का दीपक जलाने वाला शिक्षक समाज हमेशा ही चुनावी ड्यूटी, जनगणना और अन्य सरकारी कार्य को बड़े ही मेहनत और लगन के साथ करता रहा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में शिक्षकों को आज भी बीएलओ की ड्यूटी करनी पड़ रही है। ऐसे में स्कूली छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए शिक्षकों को SIR कार्य से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए SIR अभियान महत्वपूर्ण है और इसमें सभी का सहयोग आवश्यक है, लेकिन वर्तमान में सरकारी और एडेड स्कूल/ कॉलेज के शिक्षकों पर पहले से ही विद्यार्थियों की पढ़ाई समय पर पूरी कराने की बड़ी जिम्मेदारी है, ऐसे में उन पर चुनावी कार्य का अतिरिक्त बोझ डालने से न केवल उनकी मानसिक और शारीरिक परेशानियां बढ़ रही है, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। भवानजी ने सुझाव दिया कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं, कॉलेज के छात्रों, NGO और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों को एसआईआर अभियान में अवसर दिया जाए, जिससे कि  शिक्षकों को पढ़ाई छोड़ बगैर कोई अतिरिक्त दबाव न डाला जाए, विद्यार्थियों  के सर्वांगीण विकास के साथ ही उनके भविष्य के साथ खिलवाड बंद हो।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम पर अध्ययन रिपोर्ट का विमोचन
मुंबई,। देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय सुलभ रूप से उपलब्ध हो, न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या में कमी आए तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता सहजता से प्राप्त हो, इस उद्देश्य से 'दर्द से हमदर्द तक (DSHT)' तथा 'सुप्रा लीगल फाउंडेशन' के संयुक्त तत्वावधान में 'जस्टिस फॉरवर्ड 2026  स्ट्रेंथनिंग लीगल एड, एम्पॉवरिंग फ्यूचर एडवोकेट्स' विषयक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विधिक सहायता व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ नवोदित अधिवक्ताओं में समाजोन्मुख दृष्टिकोण विकसित करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर 'असेसमेंट स्टडी ऑफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम' शीर्षक महत्वपूर्ण अध्ययन रिपोर्ट का विमोचन किया गया। इस रिपोर्ट में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की वर्तमान स्थिति, न्यायालयों में लंबित मामलों के कारणों, विधिक सहायता व्यवस्था के समक्ष विद्यमान चुनौतियों तथा उसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक उपायों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल अधिवक्ता प्रवीण फलदेसाई, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अधिवक्ता अनिल सिंह तथा 'दर्द से हमदर्द तक (DSHT)' के संस्थापक अधिवक्ता प्रकाश सालसिंगीकर उपस्थित थे। कार्यक्रम में विधि क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, विधि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों तथा नवोदित अधिवक्ताओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, "'दर्द से हमदर्द तक' संस्था निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने का अत्यंत सराहनीय कार्य कर रही है। न्याय व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने में ऐसे प्रयासों का महत्वपूर्ण योगदान है। आज यहां उपस्थित युवा विधि विद्यार्थियों एवं नवोदित अधिवक्ताओं को देशबंधु सीआर दास जैसे महान विधिवेत्ता एवं स्वतंत्रता सेनानी के कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, गतिशील एवं आमजन के लिए सुलभ बनाने हेतु संचालित विभिन्न पहलों की सराहना की। 'दर्द से हमदर्द तक (DSHT)' संस्था पिछले कई वर्षों से समाज के वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा विभिन्न कारणों से वर्षों से कारागारों में निरुद्ध बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। संस्था पात्र अधिवक्ताओं के माध्यम से बंदियों को विधिक प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रयाकार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए शासन, न्यायपालिका, विधि विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा युवा अधिवक्ताओं के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए विधिक सहायता व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता भी व्यक्त की गई।
साकीनाका में निकाली गई श्री जगन्नाथ रथयात्रा
मुंबई। श्री जगन्नाथ मंदिर, साकीनाका अंतर्गत श्री जगन्नाथ सेवा मंडल द्वारा लगातार 34 वर्ष साकीनाका में सत्य नगर विभाग में श्री जगन्नाथ रथयात्रा निकाली गई। हर वर्ष करीब 1 लाख श्रद्धालु मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण से दर्शन के लिए आते हैं। श्री जगन्नाथ रथयात्रा का आरंभ श्री जगन्नाथ मंदिर से होकर श्री गुंडीचा ( मौसीमां)  मंदिर जाकर समाप्त हुई। श्री जगन्नाथ रथयात्रा में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, विधायक दिलीप लांडे, नगरसेवक आमिर नसीम खान, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावडे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश मांदळे, विनोद मुनि, सुरेंद्र सिंह, रणजीत मुनि, प्रमोद मुनि, उत्तम साहू, सुनील नायक, राधेश्याम पाणिग्रही, राम साहू, नीलांचल साहू उपस्थित थे। साकीनाका पुलिस द्वारा कड़ी और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
लगातार बिजली बाधित होने से सायन के लोगों में भारी आक्रोश
मुंबई। सायन कोलीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 173 में पिछले लगभग दो महीनों से लगातार बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली जाने और लंबे समय तक आपूर्ति प्रभावित रहने के कारण स्थानीय नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार इस समस्या का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं आराम तथा कामकाजी लोगों की दैनिक दिनचर्या पर पड़ रहा है। क्षेत्र के नागरिक लगातार BEST के फॉल्ट कंट्रोल विभाग में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। कई बार शिकायत क्रमांक प्राप्त करने में भी लंबा समय लग जाता है। नागरिकों का आरोप है कि उन्हें बार-बार अनिक डिपो जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने की सलाह दी जाती है। इस संबंध में दिनांक 10 मई 2026 को BEST के विभागीय अभियंता सुधीर शाह एवं पाटिल के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में मा.नगरसेवक रामदास कांबले, युवा भीम सेना समिति के संस्थापक विनय जैसवार, कैलाश मौर्य तथा श्री अवध नारायण जैसवार सहित अन्य नागरिकों ने क्षेत्र की बिजली समस्या पर लगभग एक घंटे तक विस्तार से चर्चा की थी।
बैठक के दौरान सुधीर शाह एवं  पाटिल ने आश्वासन दिया था कि इस समस्या का स्थायी समाधान दो दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। हालांकि, आश्वासन दिए जाने के काफी समय बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है और क्षेत्र के नागरिक आज भी बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या से जूझ रहे हैं।
इस स्थिति से स्थानीय नागरिकों में BEST प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुधार कार्य नहीं किए गए, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी किसी भी अप्रिय घटना के लिए संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने BEST प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की बिजली समस्या का स्थायी समाधान शीघ्र किया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मुंबई प्रेस क्लब चुनाव प्रक्रिया पर बॉम्बे हाई कोर्ट की निगरानी, 24 जुलाई को चुनाव

मुंबई। मुंबई प्रेस क्लब की चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र कोर्ट ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। न्यायमूर्ति अरिफ डॉक्टर ने अधिवक्ता मिखाइल बेहल को न्यायालय का स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनकी निगरानी में ही चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी। साथ ही न्यायालय ने निर्धारित चुनाव को एक सप्ताह के लिए स्थगित करते हुए 24 जुलाई 2026 को आयोजित करने का निर्देश दिया है। प्रेस क्लब के सदस्य अनिल के. सिंह, मधु नैनन और ओ. पी. तिवारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर क्लब के प्रबंधन पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की।सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरिफ डॉक्टर ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि चुनाव प्रक्रिया में क्लब द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह अवैध थी। साथ ही, रिटर्निंग ऑफिसर कीर्ति पराडे के आचरण को पक्षपातपूर्ण बताते हुए उस पर भी गंभीर टिप्पणी की।याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि उनके नामांकन पत्र केवल हस्ताक्षर में मामूली अंतर का हवाला देकर खारिज कर दिए गए। जबकि रिटर्निंग ऑफिसर कीर्ति पराडे के पति शशांक पराडे, जो वर्तमान प्रबंध समिति के सदस्य होने के साथ-साथ कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी हैं, हितों के स्पष्ट टकराव के बावजूद कीर्ति पराडे चुनाव प्रक्रिया से अलग नहीं हुईं। इसके विपरीत, उन्होंने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार ओ. पी. तिवारी का नामांकन निरस्त कर शशांक पराडे को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
हाई कोर्ट के इस निर्णय से मुंबई प्रेस क्लब की चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है तथा पत्रकारिता संस्थानों की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।अब मुंबई प्रेस क्लब का चुनाव 24 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं प्रेस क्लब की वार्षिक आम सभा (AGM) भी उसी दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी।