/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png StreetBuzz राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026: झारखंड पर्यटन निवेश और समावेशी विकास का नया केंद्र बनेगा Jharkhand
राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026: झारखंड पर्यटन निवेश और समावेशी विकास का नया केंद्र बनेगा

नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन पर्यटन एवं औद्योगिक विकास पर व्यापक मंथन हुआ।

डेस्टिनेशन झारखंड - पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति" विषय पर आयोजित इस सत्र में नीति-निर्माताओं, पर्यटन विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा विकास साझेदारों ने भाग लिया और झारखंड को देश के अग्रणी पर्यटन एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

परामर्श के दौरान बताया गया कि झारखंड तेजी से एक बहुआयामी एवं निवेश-उन्मुख पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा है। पर्यटन राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। वर्ष 2024 में राज्य में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल हैं। यह राज्य की विशाल पर्यटन क्षमता को दर्शाता है।

पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा प्रदान कर राज्य सरकार ने निजी निवेश, संस्थागत वित्तपोषण तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ राज्य में इको-टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स, माइनिंग टूरिज्म तथा सामुदायिक आधारित जनजातीय पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

राज्य सरकार प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026, होमस्टे नीति-2026, डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था तथा अन्य निवेशक-अनुकूल सुधारों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। प्रसाद (PRASHAD) एवं स्वदेश दर्शन (Swadesh Darshan) जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा राज्यभर में नए पर्यटन स्थलों एवं पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, स्काईवॉक, वाटर स्पोर्ट्स, फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउसबोट, कैंपिंग साइट्स तथा अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज के साथ निवेशकों को आमंत्रित किया है।

झारखंड की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, जीवंत जनजातीय संस्कृति, विश्वस्तरीय पर्यटन अवसंरचना तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के बल पर राज्य सरकार झारखंड को पूर्वी भारत का अग्रणी, सतत एवं निवेश-अनुकूल पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा—

"प्रकृति ने झारखंड को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य का भी अमूल्य उपहार दिया है। हमारी इच्छा है कि झारखंड केवल खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पूरे देश में पहचाना जाए। झारखंड ने पर्यटन के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं और हम पूरे देश के पर्यटकों का हार्दिक स्वागत करते हैं।"

सामुदायिक आधारित पर्यटन की रोजगार क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा—

"एक फाइव स्टार होटल प्रत्यक्ष रूप से लगभग 200 लोगों को रोजगार देता है, लेकिन यदि 100 होमस्टे विकसित किए जाएं और प्रत्येक परिवार में पाँच सदस्य हों, तो लगभग 500 लोगों को आजीविका से जोड़ा जा सकता है। हमारी आगामी होमस्टे नीति अत्यंत आकर्षक होगी और झारखंड को देश के अग्रणी होमस्टे गंतव्यों में स्थापित करेगी।"

धार्मिक पर्यटन के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देशभर के लोगों को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।

उन्होंने निवेशकों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को आश्वस्त करते हुए कहा—

"झारखंड की अपनी एक विशिष्ट पहचान और आकर्षण है। जो भी यहाँ आता है या इस राज्य से जुड़ता है, वह इसकी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता से हमेशा के लिए जुड़ जाता है। आइए, झारखंड को जानिए, इसे अनुभव कीजिए और इसके विकास की इस यात्रा में सहभागी बनिए।"

इस अवसर पर माननीय मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, माननीय मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, माननीय मंत्री श्री इरफान अंसारी तथा कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026: झारखंड को अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने पर मंथन, उद्योग-पर्यटन से सृजित होंगे रोजगार

नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन औद्योगिक विकास एवं निवेश को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

"औद्योगिक संवर्धन एवं निवेश" विषय पर आयोजित इस उच्चस्तरीय सत्र में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों तथा विकास साझेदारों ने भाग लिया और झारखंड को देश के अग्रणी औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

इस सत्र की अध्यक्षता उद्योग, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के माननीय मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने की। उन्होंने राज्य सरकार की निवेशकों के अनुकूल वातावरण विकसित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड प्रगतिशील नीतियों, कुशल मानव संसाधन तथा विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के माध्यम से औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

परिचर्चा के दौरान झारखंड के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर करने, निजी निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक अवसंरचना का विस्तार करने, क्षेत्र-विशिष्ट निवेश अवसरों को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत करने, सतत औद्योगिकीकरण को गति देने तथा राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का बेहतर उपयोग कर दीर्घकालिक आर्थिक विकास सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने खनन, विनिर्माण, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स तथा उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में झारखंड की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए नीति की स्थिरता, नवाचार, तकनीक के उपयोग तथा परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि झारखंड देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल हो सके।

विचार-विमर्श का समापन सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की इस साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि सभी हितधारक मिलकर झारखंड को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। इस सत्र से प्राप्त सुझाव राज्य की दीर्घकालिक औद्योगिक विकास रणनीति को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की विकास यात्रा में झारखंड की भूमिका को और सशक्त करेंगे।

इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा

"इन दोनों क्षेत्रों—उद्योग और पर्यटन—के माध्यम से हमारी तथा माननीय मुख्यमंत्री जी की स्पष्ट सोच है कि झारखंड में ही ऐसे अवसर सृजित किए जाएँ, जिससे राज्य के लोगों को रोजगार और आजीविका के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

पर्यटन के क्षेत्र में देश के कई राज्यों ने उल्लेखनीय कार्य किया है और हम इस दिशा में कुछ पीछे रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार झारखंड की अपार संभावनाओं को साकार करने तथा पर्यटन एवं औद्योगिक विकास के माध्यम से नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उद्योग को राज्य की आवश्यकता है और राज्य को उद्योग की। सरकार और उद्योग जगत की मजबूत साझेदारी से ही निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।"

इस परिचर्चा का संचालन उद्योग, खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल ने किया।

पैनल में वी. के. शर्मा (उपाध्यक्ष, जिंदल समूह), सिद्धार्थ रूंगटा (अध्यक्ष, रूंगटा समूह), निवृति राय (प्रबंध निदेशक, इन्वेस्ट इंडिया), सुंदर रमन (उपाध्यक्ष, टाटा स्टील) तथा देवयानी खंखोजे (प्रेसिडेंट–कॉरपोरेट अफेयर्स, वरुण बेवरेजेज लिमिटेड) ने अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर माननीय मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, माननीय मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, माननीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार, माननीय मंत्री श्री इरफान अंसारी ,माननीय मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की उपस्थित रहीं।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लापरवाही बरतनेवाले BLO एवं BLO सुपरवाइजर पर होगी कार्रवाई

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही बरतनेवाले BLO एवं BLO सुपरवाइजर पर अब कार्रवाई होगी। रांची जिला में लापरवाह कुछ BLO एवं BLO सुपरवाईजर को चिन्हित कर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरु हो चुकी है। इन पर निलंबन, कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई तक हो सकती है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि है विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और ऐसे पदाधिकारियों/कर्मियों पर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अंतर्गत जिले में Enumeration Form वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा के दौरान उन्होंने ये बातें कही। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में जिला अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्र के संबंधित निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी, जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव, मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखण्ड, रांची द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा शहरी क्षेत्र के सभी BLO को Enumeration Form (गणना प्रपत्र) के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि Enumeration Form के डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाने के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर और BLO सुपरवाइजर, BLO को सहायता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सभी ERO/AERO, ASDD लिस्ट के लिए 14 जुलाई 2026 को बूथ लेवल पर BLO एवं BLO-2 की बैठक सह चुनावी पाठशाला का आयोजन करना सुनिश्चित करेंगे।

रांची जिला में कुल 15, 69153 (58.67 %) फॉर्म का वितरण एवं 349404 (13.06 %) फॉर्म डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। तमाड़ में 79.74 प्रतिशत, सिल्ली में 79.34, खिजरी में 67.93, रांची में 37.77, हटिया में 39.26, कांके में 62.75 एवं माण्डर विधानसभा क्षेत्र में 68.72 प्रतिशत Enumeration Form का वितरण हो चुका है। जबकि तमाड़ में 18.08 प्रतिशत, सिल्ली में 19.99, खिजरी में 17.29, रांची में 4.96, हटिया में 9.54, कांके में 10.28 एवं माण्डर विधानसभा क्षेत्र में 18.72 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड किये जा चुके हैं।

जिला प्रशासन द्वारा वैसे मतदाता जिन्होंने अपना Enumeration Form प्राप्त कर लिया है उनसे अपील की गयी है कि वो यथाशीघ्र फॉर्म सही से भरकर बीएलओ के पास जमा करें। साथ ही हटिया एवं रांची विधानसभा के मतदाताओं से अपील की गयी है कि वो एसआईआर को हल्के में न लें, जल्द से जल्द अपने बीएलओ से संपर्क कर अपना फॉर्म जमा करें एवं अपने आसपास के लोगों एवं रिश्तेदारों को भी इस बारे में जागरुक करें।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता का है और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी ERO को निर्देश दिया कि कि जो भी कर्मचारी SIR से जुड़े हैं एवं कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।

रांची समाहरणालय में नागरिक सुविधा को मिली नई ऊंचाई, 3 आधुनिक लिफ्टों का शुभारंभ

समाहरणालय रांची लगातार नागरिकों की सुविधाओं को विस्तार दे रहा है। इसी क्रम में ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी में कुल अतिरिक्त तीन आधुनिक लिफ्टों का आज शुभारंभ किया गया। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने दोनों भवनों में कुल तीन लिफ्ट (ब्लॉक-A में 02 तथा ब्लॉक-B में 01) का शुभारंभ कर आम नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं समाहरणालय के पदाधिकारियों-कर्मचारियों को समर्पित किया।

जानकारी हो की पूर्व में ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी में कुल 5 लिफ्ट शुरू किए जा चुके हैं। अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आज दोनों भवनों में तीन अतिरिक्त आधुनिक लिफ्टों (ब्लॉक-A में 02 तथा ब्लॉक-B में 01) का शुभारंभ किया। अब कुल -08 लिफ्ट समाहरणालय ब्लॉक - ए एवं बी में कार्यरत है।

जानकारी हो की समाहरणालय परिसर में पहले से ही बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब आधुनिक लिफ्टों के संचालन से विभिन्न तलों पर स्थित कार्यालयों तक पहुंचना और भी आसान हो गया है।

आधुनिक लिफ्ट सुविधा शुरू होने से उन्हें ऊपरी मंजिलों पर स्थित कार्यालयों तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी

श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने लिफ्टों के शुभारंभ अवसर पर कहा, “समाहरणालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम नागरिक विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं। आधुनिक लिफ्ट सुविधा शुरू होने से उन्हें ऊपरी मंजिलों पर स्थित कार्यालयों तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं तथा दूर-दराज से आने वाले लोगों को इससे बहुत राहत मिलेगी।”

लिफ्टों की खासियतें है की

ये सभी लिफ्ट अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। इनमें सेल्फ रेस्क्यू (Self Rescue) प्रणाली लगाई गई है, जो बिजली आपूर्ति बाधित होने पर स्वचालित रूप से सक्रिय हो जाती है और लिफ्ट को निकटतम फ्लोर पर ले जाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करती है।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लिफ्टों के नियमित रख-रखाव, सुरक्षा मानकों और सुचारू संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि नागरिकों को निर्बाध और सुरक्षित सुविधा मिल सके।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर, श्री कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), श्री धनंजय, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी रांची, श्रीमती मोनी कुमारी, ITDA रांची, श्रीमती मनीषा तिर्की, नजारत उप समाहर्ता रांची, डॉ. सुदेश कुमार, स्थापना उप समाहर्ता रांची, श्रीमती ज्योति वंदना कुजूर, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी रांची, श्री बिवेक कुमार सुमन, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा रांची, श्री रविशंकर मिश्रा, विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत कार्य प्रमंडल रांची, श्री जयकांत कुमार एवं समाहरणालय के विभिन्न विभागों के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

यह नई सुविधा से अब आने वाले लोगों को बेहतर, सुगम और आधुनिक अनुभव प्राप्त होगा

समाहरणालय रांची को और अधिक नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब आने वाले लोगों को बेहतर, सुगम और आधुनिक अनुभव प्राप्त होगा।

झारखंड को 'माइंस' से 'माइंड्स' की ओर ले जाएगा राज्य: सीएम हेमंत सोरेन

नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्य में नवाचार एवं शोध के संस्थानों का स्वागत है। राज्य के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर समग्र रूप से कार्य करते हुए नई तकनीकी नवाचार के बल पर राज्य को रिसर्च एवं इनोवेशन के हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य के साथ झारखंड को सतत प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ना है। वे आज नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन (National Stakeholder Consultation)के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों, टूरिज्म पार्टनर्स और नीति निर्माताओं को संबोधित करते हुए झारखंड के समग्र और दीर्घकालिक विकास का एक नया विजन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार द्वारा डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख औद्योगिक घरानों और वैश्विक संस्थाओं (जैसे—जिंदल ग्रुप, वरुण बेवरेजेस, टाटा समूह, गूगल, ईज माय ट्रिप, जनरल स्टील, पावर न्यूक्लियर आदि) के साथ कुल चौदह (14)महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए और कई विभागों की ड्राफ्ट नीतियों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक रूप से झारखंड की पहचान खनिज संपदा (Mines) से रही है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि राज्य अपनी बौद्धिक क्षमता और तकनीकी नवाचार (Minds) के बल पर आगे बढ़े। राज्य को रिसर्च, इनोवेशन और नए आइडियाज का केंद्र बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

समझौता नहीं, यह उपलब्धि है (Not just Agreement, but Achievement):

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू सिर्फ कागजी समझौते नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। ये नीतियां (Policies) नहीं, बल्कि झारखंड के विकास की नई संभावनाएं (Possibilities) हैं।

लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप और समयबद्ध कार्यान्वयन:

राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार शॉर्ट-टर्म योजनाओं के बजाय 'लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप' पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को एक निश्चित समय सीमा (Time Limit) के भीतर धरातल पर उतारा जाए।

आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ना:

मुख्यमंत्री ने जियाडा (JIADA) के नियमों में आदिवासी समूह के लिए 25% रियायत के प्रावधान का उल्लेख करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बात पर पुनर्विचार किया जाए कि इसे बढ़ाकर 50% तक कैसे किया जा सकता है, ताकि राज्य की आत्मा यानी हमारे आदिवासी समाज को विकास के मुख्य रास्ते से जोड़ा जा सके।

संवाद की कमी को दूर करने का प्रयास:*

उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में बेहतर कम्युनिकेशन की कमी के कारण झारखंड की क्षमताएं दुनिया के सामने पूरी तरह नहीं आ पाईं। सरकार अब इस गैप को खत्म कर देश-विदेश के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, केंद्रीय मंत्रियों, तकनीकी विशेषज्ञों और निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए 'जोहार' के साथ अपने संबोधन का समापन किया और झारखंड के विकास में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

माइंस" से "माइंड्स" की ओर बढ़ रहा झारखंड: CM हेमंत सोरेन ने रखा नए विकास का विजन

नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्य में नवाचार एवं शोध के संस्थानों का स्वागत है। राज्य के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर समग्र रूप से कार्य करते हुए नई तकनीकी नवाचार के बल पर राज्य को रिसर्च एवं इनोवेशन के हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य के साथ झारखंड को सतत प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ना है। वे आज नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन (National Stakeholder Consultation)के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों, टूरिज्म पार्टनर्स और नीति निर्माताओं को संबोधित करते हुए झारखंड के समग्र और दीर्घकालिक विकास का एक नया विजन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार द्वारा डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख औद्योगिक घरानों और वैश्विक संस्थाओं (जैसे—जिंदल ग्रुप, वरुण बेवरेजेस, टाटा समूह, गूगल, ईज माय ट्रिप, जनरल स्टील, पावर न्यूक्लियर आदि) के साथ कुल चौदह (14)महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए और कई विभागों की ड्राफ्ट नीतियों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक रूप से झारखंड की पहचान खनिज संपदा (Mines) से रही है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि राज्य अपनी बौद्धिक क्षमता और तकनीकी नवाचार (Minds) के बल पर आगे बढ़े। राज्य को रिसर्च, इनोवेशन और नए आइडियाज का केंद्र बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

समझौता नहीं, यह उपलब्धि है (Not just Agreement, but Achievement):

* मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू सिर्फ कागजी समझौते नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। ये नीतियां (Policies) नहीं, बल्कि झारखंड के विकास की नई संभावनाएं (Possibilities) हैं।

लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप और समयबद्ध कार्यान्वयन:

राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार शॉर्ट-टर्म योजनाओं के बजाय 'लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप' पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को एक निश्चित समय सीमा (Time Limit) के भीतर धरातल पर उतारा जाए।

आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ना

मुख्यमंत्री ने जियाडा (JIADA) के नियमों में आदिवासी समूह के लिए 25% रियायत के प्रावधान का उल्लेख करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बात पर पुनर्विचार किया जाए कि इसे बढ़ाकर 50% तक कैसे किया जा सकता है, ताकि राज्य की आत्मा यानी हमारे आदिवासी समाज को विकास के मुख्य रास्ते से जोड़ा जा सके।

संवाद की कमी को दूर करने का प्रयास:

उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में बेहतर कम्युनिकेशन की कमी के कारण झारखंड की क्षमताएं दुनिया के सामने पूरी तरह नहीं आ पाईं। सरकार अब इस गैप को खत्म कर देश-विदेश के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, केंद्रीय मंत्रियों, तकनीकी विशेषज्ञों और निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए 'जोहार' के साथ अपने संबोधन का समापन किया और झारखंड के विकास में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

#Teamprd

झारखण्ड में SIR: 66.25% मतदाताओं तक पहुंचे BLO, 82% की मैपिंग पूरी

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राज्य में मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद तेजी और सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट

भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हुए जमीनी स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों के आपसी समन्वय के कारण ही राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के शुरुआती 10 दिनों के भीतर ही बीएलओ राज्य के लगभग 66.25% कुल 1,75,31,915 मतदाताओं तक सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है, जहां घर-घर जाकर पात्र भारतीय नागरिकों का इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में 82.11% कुल 2,17,27,827 मतदाताओं की विगत के विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग पूरी की जा चुकी है, 17.89% कुल 47,35,409 मतदाता अभी भी अन–मैप्ड है जिनकी सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही है एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिसियल वेबसाइट ceo.jharkhand.gov.in पर भी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि विगत एसआईआर की मतदाता सूची को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है जिन मतदाताओं की विगत के एसआईआर से मैपिंग हो गई है उन्हें किसी अन्य प्रकार के दस्तावेज समर्पित नहीं करने होंगे। उन्होंने कहा कि बीएलओ जब घर घर जाएं तो इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर यथाशीघ्र उन्हें लौटा दें ताकि डिजिटाइजेशन के कार्य में तेजी आ सके।

झारखंड बनेगा देश का अग्रणी एआई राज्य: 5 साल में ₹1,150 करोड़ के निवेश के साथ सरकार ने जारी किया रोडमैप

नई दिल्ली, 09 जुलाई: नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान झारखंड सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को गति देने तथा झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह एवं डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं सुलभ सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस नीति के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। यह एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली तथा पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।

परामर्श बैठक में तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों—मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS)—पर विशेष बल दिया गया। इन पहलों के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं खनिज प्रशासन को आधुनिक डेटा विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास की दिशा में स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की भी घोषणा की। इन पहलों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इस व्यापक डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह निवेश एआई अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन तथा विभिन्न विभागों में एआई के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।

बैठक में रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी साझा की गई, जिसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। विजन-2050 के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।

रोडमैप में एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों एवं युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

इस अवसर पर प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों एवं उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करते हुए एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की गई ।

विजन-2050 के माध्यम से झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक, तकनीक आधारित एवं भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की रणनीति प्रस्तुत की गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, प्रभावी नीतिगत सुधार एवं रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नागरिक केंद्रित सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए झारखंड को डिजिटल गवर्नेंस एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श का उद्घाटन किया


नई दिल्ली/रांची, 8 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श का उद्घाटन किया। इस परामर्श का उद्देश्य राज्य के 'विजन 2050' पर चर्चा करना है, जिसमें आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष फोकस है।

नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, तकनीक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और माइक्रोसॉफ्ट, गूगल व आईबीएम जैसी प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,

"झारखंड की पहचान सिर्फ खदानों से नहीं, दिमागों से भी बननी चाहिए। हमारी पहचान संसाधनों से आगे बढ़कर शोध तक, खन से आगे बढ़कर नवाचार तक और केवल वृद्धि से आगे बढ़कर समावेशी और सतत विकास तक जानी चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ हमें शोध, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। झारखंड के पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम झारखंड और पूरे देश के विकास का आधार बनेगा।"

इस परामर्श में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और आईबीएम सहित प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने झारखंड के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, तकनीकी निवेश आकर्षित करने और राज्य को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार करने पर अपने सुझाव दिए।

सत्र के दौरान राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड एआई नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, वस्त्र नीति, जीआईएडीए विनियम और पीपी नीति पर अवधारणा पत्र प्रस्तुत किए। उद्योग जगत के हितधारकों से इन्हें निवेशकों के अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार बनाने हेतु सुझाव मांगे गए।

आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश के अवसरों और साझेदारी पर चर्चा के लिए बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) संवाद भी आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार ऐसी नीतियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो निवेश को बढ़ावा दें, रोजगार सृजित करें और समावेशी विकास को तेज करें। उन्होंने कहा कि हितधारकों के साथ परामर्श झारखंड के दीर्घकालिक विकास रोडमैप को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस कार्यक्रम में झारखंड मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी, संजय कुमार यादव और सुदिव्या कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आईबीएम से टैलिन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट से संदीप अरोड़ा और गूगल से राजेश रंजन ने झारखंड के लिए तकनीकी अवसरों पर प्रस्तुतियां दीं।

स्वागत भाषण और परिचय झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी सचिव पूजा सिंघल ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक माधवी मिश्रा ने किया।

कार्यक्रम में उद्योग सचिव अरवा राजकमल, सूचना एवं जनसंपर्क विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी, उद्योग निदेशक विशाल सागर सहित झारखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग एवं शिक्षा जगत के प्रमुख हितधारक भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने किया दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आगाज

नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले दिन आईटी, एआई एवं डिजिटल गवर्नेंस पर हुआ मंथन, झारखंड के विज़न 2050 को लेकर विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव

झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले सत्र मे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं। आईटी गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को नई गति देना है। देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब हमारी पहचान केवल 'माइंस' से नहीं, बल्कि 'माइंड्स' से, रिसोर्स से ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए, एक्सट्रैक्शन (खनन) से ही नहीं बल्कि इनोवेशन से भी होना चाहिए साथ ही ग्रोथ ही नहीं बल्कि एक्सटेंसिव ग्रोथ से होना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। हमारा उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, व्यापक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न अग्रणी तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत एवं विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के संवाद राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।

इस मौके पर श्रीमती दीपिका पाण्डेय, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,श्री इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, माननीय मंत्री श्री संजय कुमार यादव, उद्योग,श्रम एवं नियोजन, श्री सुदिव्य कुमार,माननीय मंत्री पर्यटन,कला - संस्कृति खेल -कूद एवं युवाकार्य तथा नगर विकास एवं आवास उपस्थित थे। सूबे के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य के विकास में तकनीक के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।

आई बी एम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा एवं गूगल के राजेश रंजन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से झारखंड से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को रेखांकित किया।

स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्रीमती पूजा सिंघल का था। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी माधवी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सचिव, उद्योग श्री अरवा राजकमल, विशेष सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव लोचन बक्शी, निदेशक उद्योग विशाल सागर सहित राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।