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ज़ी सिनेमा पर प्रीमियर मैराथन जारी: इस हफ्ते ‘अर्जुन सन ऑफ विजयंती’, ‘ओडेला 2’ और ‘मास जथारा’ का वर्ल्ड टीवी प्रीमियर

मुंबई, जून, 2026: ज़ी सिनेमा लगातार एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर प्रीमियर्स के साथ एंटरटेनमेंट के स्तर को और ऊँचाइयों पर ले जा रहा है। इस हफ्ते रोमांच और भी बढ़ने वाला है, क्योंकि दर्शकों के लिए आ रहे हैं तीन बड़े वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर्स- ‘अर्जुन सन ऑफ विजयंती’, ‘ओडेला 2’ और ‘मास जथारा’। जबर्दस्त एक्शन, रहस्य और रोमांच से भरे सुपरनैचुरल ड्रामा और हाई एनर्जी मास एंटरटेनर से सजा यह लाइनअप हर रात दर्शकों को स्क्रीन से बाँधे रखने वाला है। परिवार के हर सदस्य के लिए यहाँ कुछ न कुछ खास है।

इस शानदार सिलसिले की शुरुआत होगी सोमवार, 8 जून रात 8 बजे ‘अर्जुन सन ऑफ विजयंती’ के साथ। यह एक्शन थ्रिलर माँ और बेटे के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ जज़्बात और टकराव दोनों बराबर नजर आते हैं। जब बेटा ऐसी राह चुनता है, जिसे उसकी कर्तव्यनिष्ठ मां स्वीकार नहीं कर पाती, तब दोनों का रिश्ता कठिन परीक्षा से गुजरता है। विजयशांति एक बार फिर अपने लोकप्रिय पुलिस ऑफिसर वाले दमदार अंदाज़ में नजर आएँगी, जबकि नंदामुरी कल्याण राम अपने मास अपील से कहानी को और मजबूत बनाते हैं। वहीं, सोहेल खान इस फिल्म के जरिए तेलुगु सिनेमा में एक प्रभावशाली विलेन के रूप में एंट्री कर रहे हैं। जबर्दस्त एक्शन, दमदार परफॉर्मेंस और मजबूत पारिवारिक जज़्बातों से सजी यह फिल्म हर उम्र के दर्शकों को पसंद आने वाली है।

इसके बाद बुधवार, 10 जून रात 8 बजे ‘ओडेला 2’ दर्शकों को रहस्य और रोमांच से भरी दुनिया में ले जाएगी। तमन्ना भाटिया अपने अब तक के सबसे प्रभावशाली अवतार- भैरवी के रूप में नज़र आएँगी। भैरवी एक साध्वी है, जो दिव्य ऊर्जा का संचार करती है। कहानी एक ऐसे रहस्यमयी गाँव की है, जहाँ एक खतरनाक बुरी आत्मा आतंक मचाती है। इसके बाद अच्छाई और बुराई के बीच शुरू होती है एक रोमांचक जंग, जिसमें पौराणिक रहस्य और सुपरनैचुरल तत्वों का शानदार मेल देखने को मिलता है। आध्यात्मिक, पौराणिक और सुपरनैचुरल कहानियाँ पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म खास होने वाली है। खासकर वशिष्ठ का खलनायक वाला किरदार फिल्म के रोमांच को और बढ़ा देता है। हाई ड्रामा और रोंगटे खड़े कर देने वाले पलों से भरी ‘ओडेला 2’ इस हफ्ते को बेहद खास बना देगी।

हफ्ते का सबसे बड़ा धमाका होगा शुक्रवार, 12 जून रात 8 बजे ‘मास जथारा’ के साथ। यह फिल्म रवि तेजा को उनके सबसे पसंदीदा ‘मास महाराजा’ अंदाज़ में पेश करती है। रवि तेजा अपनी शानदार स्क्रीन प्रेजेंस, तेज-तर्रार पंचलाइन्स, सीटियाँ बजवाने वाले डायलॉग्स और जबर्दस्त एक्शन के साथ पूरी फिल्म में छाए रहते हैं। वहीं, श्रीलीला अपनी दमदार मौजूदगी और शानदार डांस नंबर्स के जरिए फिल्म की एनर्जी को कई गुना बढ़ा देती हैं। कहानी एक रेलवे पुलिस ऑफिसर की है, जो एक खतरनाक ड्रग कार्टेल से भिड़ जाता है। इसके बाद शुरू होती है इंसाफ और अपराध के बीच जबर्दस्त जंग। बड़े पैमाने पर बनी और भरपूर मनोरंजन से सजी ‘मास जथारा’ हफ्ते का शानदार समापन करने वाली है।

रोमांच यहीं खत्म नहीं होगा। ज़ी सिनेमा हर हफ्ते ऐसे ही बड़े प्रीमियर्स के साथ दर्शकों का मनोरंजन करता रहेगा। आने वाले दिनों में ‘मावीरन’, ‘भैरवम’, ‘शीलावती (द घाटी क्वीन)’, ‘जटाधारा’ और कई अन्य बड़ी फिल्में भी दर्शकों का मनोरंजन करने आ रही हैं। हर फिल्म अपने साथ मनोरंजन का एक अलग रंग लेकर आएगी। इसलिए बने रहिए ज़ी सिनेमा के साथ, क्योंकि यह धमाका अभी और बड़ा होने वाला है।

ब्लॉकबस्टर फिल्मों, बड़े कैनवास वाली कहानियों और यादगार मनोरंजन का यह सिलसिला जारी रहेगा, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
जिस फिल्म से हुई थी शुरुआत: ज़ी सिनेमा, ज़ी बॉलीवुड और ज़ी स्टूडियोज़ मना रहे हैं 'गदर: एक प्रेम कथा' के 25 साल

मुंबई, जून, 2026: पच्चीस साल पहले एक ऐसी फिल्म आई थी, जिसने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस के मायने बदल दिए, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी एक अमिट छाप भी छोड़ी। निर्देशक अनिल शर्मा की 'गदर: एक प्रेम कथा' आज अपने 25 शानदार वर्ष पूर्ण कर रही है। इस खास मौके पर ज़ी सिनेमा, ज़ी बॉलीवुड और ज़ी स्टूडियोज़ उस फिल्म की विरासत का जश्न मना रहे हैं, जिसने करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाई और ज़ी परिवार की सिनेमाई यात्रा की शुरुआत भी की।
साल 2001 में रिलीज़ हुई 'गदर: एक प्रेम कथा' भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बनकर उभरी थी। भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म ने प्रेम, त्याग, परिवार और देशभक्ति की भावनाओं को जिस तरह पर्दे पर उतारा, उसने हर वर्ग के दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। तारा सिंह और सकीना की कहानी सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं रही, बल्कि एक ऐसी भावना बन गई, जो आज भी भारतीय जनमानस में जीवित है।
ज़ी स्टूडियोज़ के लिए गदर का महत्व और भी विशेष है, क्योंकि यह स्टूडियो की पहली फिल्म थी। इसी फिल्म ने उस सफर की नींव रखी, जिसने आगे चलकर भारतीय सिनेमा को कई यादगार कहानियाँ दीं। आज जब ज़ी सिनेमा, ज़ी बॉलीवुड और ज़ी स्टूडियोज़ इस ऐतिहासिक पड़ाव का जश्न मना रहे हैं, तब गदर उस शुरुआत की याद दिलाती है, जिसने रिकॉर्ड तोड़े, दर्शकों को जोड़ा और खुद को एक कालजयी क्लासिक के रूप में स्थापित किया।
पिछले 25 वर्षों में यह फिल्म सिनेमाघरों, टेलीविज़न और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लगातार नई पीढ़ियों तक पहुँचती रही है। इसके किरदार, संवाद और यादगार दृश्य आज भी लोगों की स्मृतियों में उतने ही ताज़ा हैं जितने अपनी रिलीज़ के समय थे।
इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए ज़ी सिनेमा और ज़ी बॉलीवुड 'गदर: एक प्रेम कथा' का विशेष प्रसारण करेंगे। दर्शक इस फिल्म का आनंद 15 जून, सोमवार को दोपहर 2 बजे ज़ी सिनेमा पर और रात 8 बजे ज़ी बॉलीवुड पर ले सकेंगे।
फिल्म की विरासत पर बात करते हुए, सनी देओल ने कहा, "तारा सिंह ने मुझे दर्शकों के साथ ऐसा रिश्ता दिया, जो समय के साथ और मजबूत होता गया। पच्चीस साल बाद भी 'गदर' के लिए लोगों का प्यार उतना ही जबरदस्त महसूस होता है। किसी भी अभिनेता के लिए इससे बड़ा सम्मान नहीं हो सकता। भारत का दिल से धन्यवाद्.. हिंदुस्तान ज़िंदाबाद था! हिंदुस्तान ज़िंदाबाद है! हिंदुस्तान ज़िंदाबाद रहेगा!"
अमीषा पटेल ने कहा, "सकीना हमेशा मेरी जिंदगी का एक बेहद खास हिस्सा रहेगी। पच्चीस साल बाद भी दर्शकों को इस किरदार और इस कहानी का जश्न मनाते हुए देखना मेरे लिए बेहद भावुक कर देने वाला अनुभव है। 'गदर' हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहेगा।"
फिल्म में सनी देओल और अमीषा पटेल के बेटे की भूमिका निभाने वाले उत्कर्ष शर्मा ने कहा, "यह मेरी पहली फिल्म थी। मैंने इसके लिए लगभग 100 दिनों तक शूटिंग की और इसी फिल्म से बहुत कुछ सीखने को मिला। ज़ी और सनी देओल सर का मैं हमेशा आभारी रहूँगा।"

निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा, "गदर को हमने पूरी ईमानदारी, भावनाओं और कहानी कहने के विश्वास के साथ बनाया था। दर्शकों ने इसे सिर्फ एक फिल्म नहीं रहने दिया, बल्कि उससे कहीं बड़ा बना दिया। पच्चीस साल बाद भी जो प्यार मिल रहा है, वह हम सभी को विनम्र बना देता है।"
जैसे-जैसे 'गदर: एक प्रेम कथा' अपने 25 वर्ष पूर्ण कर रही है, वैसे-वैसे यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा और दर्शकों के बीच उस अटूट रिश्ते का उत्सव भी मना रही है, जिसने इसे एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक विरासत में बदल दिया।
ग्रामीण और छोटे शहरों के यंग इनोवेटर्स को मिलेगा 'पीआर 24x7' का साथ, ₹50 हजार से ₹50 लाख तक की फंडिंग की घोषणा

- युवाओं के सपनों के बीच नहीं आएगी फीस या मीडिएटर की दीवार
- 100% पारदर्शिता के साथ चुने जाएंगे इनोवेटिव आइडियाज
- कम कागजी कार्रवाई में मिलेगा फंडिंग का अवसर

नई दिल्ली, जून 2026: पब्लिक रिलेशन क्षेत्र की अग्रणी संस्था पीआर 24x7 ने देश के युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को मजबूत आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से एक बेहद खास और महत्वाकांक्षी पहल 'प्रगति' (पीआर 24x7 रिसोर्स एलोकेशन फॉर ग्रोथ, एडवांसमेंट, एंड ट्रांसफॉर्मिंग आइडियाज) की शुरुआत की है। इस नई पहल के तहत संस्था ने शुरुआती दौर के 100 यूनिक स्टार्टअप आइडियाज में 50 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का आर्थिक सहयोग देने का फैसला किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के ग्रामीण परिवेश और छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) से आने वाले बेहतरीन और अनोखे बिजनेस आइडियाज सिर्फ पैसों की तंगी की वजह से दम न तोड़ें।

वर्तमान में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जहाँ हर साल हजारों नए बिजनेस उभरकर सामने आते हैं। लेकिन विभिन्न विश्वसनीय बिजनेस रिपोर्ट्स और इकोनॉमिक सर्वे के आंकड़े एक कड़वा सच भी बयां करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में शुरू होने वाले लगभग 90 प्रतिशत स्टार्टअप्स शुरुआती 5 वर्षों के भीतर ही बंद हो जाते हैं। बाजार में मांग की कमी के बजाय, इनके असफल होने का सबसे बड़ा कारण सही समय पर सीड फंडिंग, सही इन्वेस्टर या एक बेहतर मेंटर का न मिलना है। इसके अलावा, देश का 80 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप इन्वेस्टमेंट केवल बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों तक ही सीमित रह जाता है, जिसके कारण ग्रामीण अंचलों और छोटे शहरों के होनहार युवाओं के आइडियाज पैसों के अभाव में दम तोड़ देते हैं।

इस महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करते हुए पीआर 24x7 के फाउंडर, डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "असली सितारे और भविष्य के बड़े बिजनेस आइडियाज हमारे ग्रामीण अंचलों और छोटे शहरों में बसते हैं। इन युवाओं के पास विजन भी है और जज्बा भी, कमी है तो बस एक सही शुरुआत और आर्थिक सहयोग की। हमारी इस पहल का मकसद गैप को भरना है। हम नहीं चाहते कि किसी युवा का यूनिक आइडिया सिर्फ इसलिए पिछड़ जाए क्योंकि उसके पास बैंक बैलेंस नहीं है। हम उन्हें न सिर्फ ₹50 हजार से ₹50 लाख तक का फंड देंगे, बल्कि उनके सपनों को एक नई पहचान दिलाने में भी मदद करेंगे।"

इस पहल के तहत स्टार्टअप्स की चयन प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी रखा गया है ताकि ग्रामीण युवाओं को किसी भी जटिल कागजी कार्रवाई से न गुजरना पड़े। योग्य उम्मीदवारों को बस अपना बिजनेस प्रपोजल या आइडिया संस्था के साथ साझा करना होगा। इसके बाद संस्था की विशेष चयन समिति उन आइडियाज की गहन समीक्षा करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में आवेदकों से किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और न ही इसमें कोई मीडिएटर शामिल होगा। जिन भी उम्मीदवारों का आइडिया पूरी तरह से फ्यूचरिस्टिक होगा और सलेक्शन कमेटी को पसंद आएगा, पीआर 24x7 की टीम सीधे सामने से उन्हें कॉल कर आगे की प्रक्रिया समझाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान डॉक्यूमेंटेशन बेहद सरल रहेगा और चयन के संबंध में सलेक्शन कमेटी का निर्णय ही अंतिम होगा।

संस्था का मानना है कि अक्सर मेट्रो शहरों से बाहर के युवाओं के पास कमाल के आइडियाज होते हैं, लेकिन सही समय पर सीड फंडिंग या शुरुआती निवेश न मिलने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में संस्था उन इनोवेटर्स की तलाश कर रही है जो अपनी पहली फंडिंग की राह देख रहे हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों के ऐसे युवा जो अपने आइडिया को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं और उसे एक सफल बिजनेस में बदलना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है।

यदि आपके पास भी कोई ऐसा स्टार्टअप आइडिया है जो समाज या बाजार में बड़ा बदलाव ला सकता है, तो आप पीआर 24x7 की इस पहल से जुड़ सकते हैं। योग्य उम्मीदवार अपने बिजनेस प्रपोजल या आइडिया को साझा करने के लिए संस्था से सीधे मेल आईडी या फोन नंबर 9755020247 के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
एआई+ स्मार्टफोन  ने मई 2026 में 3 लाख से अधिक यूनिट बिक्री और ₹350 करोड़ से अधिक का राजस्व हासिल किया

लखनऊ, जून 2026 – एआई+ स्मार्टफोन ने आज एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए बताया कि कंपनी ने मई 2026 के दौरान 3 लाख से अधिक स्मार्टफोन यूनिट्स की बिक्री की है और ₹350 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। यह उपलब्धि Ai+ की उस दृष्टि को दर्शाती है जिसके तहत कंपनी भारत से एक नई पीढ़ी का टेक्नोलॉजी ब्रांड विकसित कर रही है, जो नवाचार, सुलभता और उपभोक्ता-केंद्रित सोच को साथ लेकर नई पीढ़ी के उपयोगकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन अनुभव को पुनर्परिभाषित कर रहा है।
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रवेश के एक वर्ष से भी कम समय में एआई+ स्मार्टफोन  देश के सबसे तेजी से उभरते स्मार्टफोन ब्रांड्स में से एक बनकर सामने आया है। इसकी सफलता के पीछे कंपनी का एक सरल लेकिन प्रभावशाली विश्वास है— टेक्नोलॉजी कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए।
यह उपलब्धि अप्रैल 2026 में लॉन्च की गई एआई+ स्मार्टफोन  नोवा 2, नोवा 2 अल्ट्रा और नोवा फ्लिप की सफलता के बाद हासिल हुई है। इन उत्पादों ने कंपनी की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह साबित किया है कि भारतीय उपभोक्ताओं के बीच ऐसे तकनीकी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है जो नवाचार, आकर्षक डिज़ाइन और बेहतर मूल्य का संतुलन प्रदान करते हैं।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, एआई+ स्मार्टफोन  के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और नेक्स्टक्वांटम शिफ्ट टेक्नोलॉजी के संस्थापक, माधव शेठ ने कहा, “एक ही महीने में 3 लाख यूनिट्स की बिक्री और ₹350 करोड़ से अधिक का राजस्व हासिल करना केवल एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह एक बड़े बदलाव का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य केवल स्मार्टफोन बेचना नहीं रहा है। हमारा उद्देश्य लाखों लोगों के लिए प्रौद्योगिकी को अधिक सुलभ, अधिक पारदर्शी और अधिक भरोसेमंद बनाकर डिजिटल विभाजन को कम करने में योगदान देना है। और हमारी यह यात्रा अभी केवल शुरुआत है।”
लॉन्च के एक वर्ष से भी कम समय में एआई+ स्मार्टफोन  भारत के सबसे चर्चित टेक्नोलॉजी ब्रांड्स में से एक बन चुका है। अपने बढ़ते डिवाइस पोर्टफोलियो और कई प्रभावशाली उपभोक्ता पहल एवं साझेदारियों के जरिए, ब्रांड ने लगातार अपनी पहचान मजबूत की है। इसका उद्देश्य भारत से एक मजबूत और व्यापक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम तैयार करना है।
एआई+ स्मार्टफोन  नोवा 2 सीरीज भारत भर में विशेष रूप से फ्लिपकार्ट तथा चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध है।
*कॉन्टिनेंटल टायर्स ने भोपाल में अपने पहले सीपीडी स्टोर के साथ मध्य प्रदेश में अपनी रिटेल उपस्थिति का विस्तार किया*
* भोपाल में पहला कॉन्टिनेंटल प्रीमियम ड्राइव स्टोर का उद्घाटन किया गया
नया स्टोर टायर बदलने, रोड फोर्स बैलेंसिंग, व्हील एलाइनमेंट, नाइट्रोजन फिलिंग, अलॉय फिटमेंट और टायर फाइनेंसिंग की सुविधा प्रदान करेगा

*भोपाल, मई, 2026* : दुनिया की प्रमुख प्रीमियम टायर निर्माता कंपनी, कॉन्टिनेंटल टायर्स ने भोपाल में अपनी पहली कॉन्टिनेंटल प्रीमियम ड्राइव (सीपीडी) डीलरशिप का उद्घाटन किया है। शारदा टायर एजेंसी द्वारा संचालित यह नया आउटलेट निरुपम एस्टेट फेज 3, साइकिल ट्रैक, भोपाल- 462026, मध्य प्रदेश में स्थित है। यह स्टोर भोपाल में पहली बार प्रीमियम टायर उत्पादों और पेशेवर वाहन देखभाल सेवाओं को लाकर मध्य भारत में कॉन्टिनेंटल की रिटेल पहुंच को मजबूत करता है।
1,100 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला यह नया कॉन्टिनेंटल प्रीमियम ड्राइव आउटलेट भोपाल में एक अत्याधुनिक सुविधा के रूप में विकसित किया गया है, जो कुशल संचालन के लिए उपयुक्त है। ग्राहकों को कॉन्टिनेंटल के प्रीमियम टायर रेंज तक पहुँच प्राप्त होगी। वे यहाँ अतिरिक्त रूप से ऑन-साइट टायर बदलने की सेवा, रोड फोर्स बैलेंसिंग, व्हील एलाइनमेंट, नाइट्रोजन एयर फिलिंग, अलॉय फिटमेंट और टायर फाइनेंसिंग जैसी सुविधाओं का लाभ भी ले सकेंगे। उत्पादों और संबंधित सेवाओं के इस विस्तृत पोर्टफोलियो के साथ, नए डीलरशिप का मुख्य उद्देश्य यात्री कार उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा, आराम और उनके अनुभव को और अधिक बेहतर बनाना है।
भोपाल में शहरी आवागमन (अर्बन मोबिलिटी) की बढ़ती माँगों और ऑटोमोटिव क्षेत्र में आते उछाल को देखते हुए, उच्च गुणवत्ता वाले टायर समाधानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर पैदा हुआ है। कॉन्टिनेंटल टायर्स की यह नई डीलरशिप विशेष रूप से पैसेंजर कार टायर्स में विशेषज्ञता रखती है और इसमें नवीनतम तकनीक एवं नवीन सामग्रियों (इनोवेटिव मटेरियल्स) का उपयोग किया गया है। यह सुविधा उन्नत टायर सेवाओं (एडवांस्ड टायर सर्विसेस) प्रदान करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। इसका उद्देश्य पहिए और टायर से संबंधित सभी जरूरतों के लिए शहर का सबसे भरोसेमंद गंतव्य बनना है।
कॉन्टिनेंटल टायर्स इंडिया की प्रबंध निदेशक, नेविन असलान-ओज़कान ने कहा, “भोपाल में हमारे पहले सीपीडी स्टोर के साथ, हम कॉन्टिनेंटल के सुरक्षा, नवाचार और ड्राइविंग आराम के वादे को मध्य प्रदेश के ग्राहकों के और करीब ला रहे हैं। भारत हमारे लिए एक प्रमुख विकास बाजार है, और अपने 'इन द मार्केट, फॉर द मार्केट (In the Market, For the Market)' दृष्टिकोण के माध्यम से, हम अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार करना और देश भर में ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करना जारी रख रहे हैं।“
*शारदा टायर एजेंसी के मालिक, श्री सचिन यादव और श्री रोहित यादव ने कहा* , "हमें भोपाल में कॉन्टिनेंटल का पहला 'प्रीमियम ड्राइव स्टोर' लाते हुए गर्व हो रहा है। टायर व्यवसाय में पांच वर्षों से अधिक के अनुभव और शहर में अपनी मजबूत उपस्थिति के साथ, हमने ग्राहकों का अटूट विश्वास जीता है। यह नई सुविधा हमें प्रीमियम कॉन्टिनेंटल टायर और आधुनिक सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाती है, ताकि हम ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा कर सकें।"
शारदा टायर एजेंसी भोपाल में एक मुख्य टायर सेवा प्रदाता है, और यह शहर में अपने दो आउटलेट का संचालन करती है और अपनी भरोसेमंद सेवा तथा मज़बूत ग्राहक संबंधों के लिए जानी जाती है।
यह लॉन्च भारत में कॉन्टिनेंटल के सीपीडी नेटवर्क के निरंतर विस्तार का एक हिस्सा है, जिसके तहत देश भर में पहले से ही 200 से अधिक ब्रांड स्टोर संचालित हैं। यह विकास कंपनी की उस रणनीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों तक प्रीमियम उत्पाद और पेशेवर सेवा अनुभव को और अधिक सुलभ बनाना है।
द केरला स्टोरी 2’ का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर, गुरुवार 28 मई, रात 8 बजे,सिर्फ ज़ी सिनेमा पर

“अब कहानी सिर्फ सुनाई नहीं जाएगी... महसूस भी होगी”‌ एक ऐसी फिल्म जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी और अपनी इंटेंस कहानी से दर्शकों को आखिर तक बांधे रखा, ‘द केरला स्टोरी 2’ अब अपने वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के साथ ज़ी सिनेमा पर आने के लिए तैयार है। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म समाज के एक संवेदनशील मुद्दे को बेहद दमदार और बेबाक अंदाज़ में सामने लाती है। दर्शक इस गंभीर और सोचने पर मजबूर कर देने वाली कहानी को इस गुरुवार 28 मई, रात 8 बजे सिर्फ ज़ी सिनेमा पर देख सकेंगे।

कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी और विपुल अमृतलाल शाह द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म में उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा, अदिति भाटिया, सुमित गहलावत, अर्जन सिंह औजला, युक्तम खोसला और अलका अमीन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। कलाकारों की दमदार परफॉर्मेंस और फिल्म की असरदार कहानी ने इसे हाल के समय की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्मों में शामिल कर दिया है।

‘द केरला स्टोरी 2’ यह दिखाने की कोशिश करती है कि कैसे प्यार का इस्तेमाल आजादी छीनने के लिए किया जा सकता है। साथ ही फिल्म परिवारों के लिए भी एक बड़ा चेतावनी भरा संदेश देती है। कहानी तीन अलग-अलग राज्यों की युवा लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सच्चे प्यार की तलाश में अपने परिवारों के खिलाफ जाकर फैसले लेती हैं। लेकिन जल्द ही वे धोखे, साजिश और अत्याचार के ऐसे जाल में फंस जाती हैं, जहां से निकलना आसान नहीं होता। क्या वे इस डरावने सच से बाहर निकल पाएंगी, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए?

देखना ना भूलें ‘द केरला स्टोरी 2’ का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर गुरुवार 28 मई, रात 8 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
‘जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T)- ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’: स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने परफॉर्मेंस डीएनए को दी नई गति

अपने नवीनतम ब्रांड अभियान के माध्यम से स्कोडा ने प्रतिष्ठित जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T / ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) को ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ के रूप में नई पहचान देते हुए अपनी परफॉर्मेंस-केंद्रित क्षमताओं को और मजबूती दी है

एक सर्किट पर एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम
ब्रांड की मोटरस्पोर्ट विरासत और उत्पाद पोर्टफोलियो की डायनेमिक क्षमताओं को और मजबूती देने वाला अभियान
उदयपुर, 20 मई, 2026: तेज़ उत्पाद पहलों और निरंतर नेटवर्क विस्तार के बीच, स्कोडा ऑटो इंडिया ने स्कोडा की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देने वाला अपना नवीनतम अभियान लॉन्च किया है। इस अभियान की शुरुआत एक रिकॉर्ड के साथ की गई है, जो उन कई पहलों में से एक है, जो यह साबित करती हैं कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।

130 वर्षों की वैश्विक विरासत और मोटरस्पोर्ट में 125 वर्षों के समृद्ध इतिहास के साथ, स्कोडा ऑटो इस नए मानक स्थापित करने वाले ब्रांड अभियान के माध्यम से अपनी रेसिंग विरासत को और आगे बढ़ा रहा है। साथ ही, ब्रांड अपनी कारों में प्रतिष्ठित आरएस (रैली स्पोर्ट) बैज के आधी सदी से अधिक लंबे सफर का भी जश्न मना रहा है। ‘डिफरेंशिएशन’ की अपनी प्रमुख रणनीतिक सोच को और मजबूत करते हुए, यह नया अभियान स्कोडा ऑटो इंडिया की वाहन श्रृंखला की डायनेमिक क्षमताओं और सुरक्षा विशेषताओं को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है।

इस अभियान के बारे में बात करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “हर स्कोडा को परफॉर्मेंस के उच्चतम स्तर पर सटीकता, नियंत्रण और बेहतरीन डायनेमिक्स प्रदान करने के लिए इंजीनियर किया गया है। हमारे लिए मोटरस्पोर्ट डीएनए केवल एक पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारी हर कार का स्वाभाविक हिस्सा है और हमारी पूरी वाहन श्रृंखला में मानक रूप से मौजूद है। यही विश्वास हमारे इस नए अभियान की नींव है, जिसमें हम ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ को एक नया अर्थ दे रहे हैं और इसका सीधा अर्थ है, ‘ट्रैक पर स्कोडा’।“

उन्होंने कहा, “यह अभियान परफॉर्मेंस को सभी के लिए सुलभ बनाने की हमारी रणनीति का स्वाभाविक विस्तार है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि हर सेगमेंट में हर स्कोडा बेहतरीन डायनेमिक क्षमता, सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करती है, जिन्हें वास्तविक ड्राइविंग अनुभव में सहज रूप से महसूस किया जा सकता है।“

उन्होंने आगे कहा, “अपने मूल में, जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T) उन विशिष्ट गुणों को दर्शाता है जो वास्तव में स्कोडा के ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं, जैसे स्टीयरिंग की सटीकता, चेसिस का संतुलन, ब्रेकिंग में भरोसा और चालक तथा मशीन के बीच गहरा जुड़ाव। ये ऐसी विशेषताएँ हैं, जिन्हें किसी स्पेसिफिकेशन शीट में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता, लेकिन जैसे ही आप स्टीयरिंग संभालते हैं, उनका अनुभव तुरंत महसूस किया जा सकता है।”

जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T) अभियान की दमदार शुरुआत करने वाला रिकॉर्ड

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की देखरेख में, ब्रांड ने ‘एक सर्किट पर एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले’ का रिकॉर्ड स्थापित किया। यह रिकॉर्ड कोयंबटूर ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स एंड टेक्निकल ट्रेनिंग (कोएएसटीटी) ट्रैक पर बनाया गया, जहाँ स्कोडा ऑटो इंडिया की पाँच कारों के बेड़े ने 12:30.97 का समय दर्ज किया। पिट-लेन बदलावों सहित कुल समय के आधार पर, इस उपलब्धि ने स्कोडा ऑटो इंडिया को देश का सबसे तेज़ वाहन बेड़ा बना दिया है।

स्कोडा ऑटो इंडिया के इस बेड़े में काइलैक 1.0 एटी, कुशाक 1.5 डीएसजी, स्लाविया 1.5 डीएसजी, ऑक्टाविया आरएस और कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके शामिल थे। पाँच ड्राइवर्स ने इन कारों को बिना किसी रुकावट के लगातार रिले प्रारूप में चलाया, जिसमें पिट-लेन बदलाव भी शामिल थे, और कुल 12:30.97 का समय दर्ज किया गया। इस रिले प्रारूप वाले रिकॉर्ड में यह बेहद महत्वपूर्ण था कि बेड़े की हर स्कोडा कार अपनी सर्वोच्च क्षमता पर प्रदर्शन करे, ताकि पूरी टीम तेज़ समय हासिल कर सके।

4 मीटर से कम लंबाई वाली काइलैक ने 2:31.6 का समय दर्ज किया, जबकि कुशाक एसयूवी और स्लाविया सेडान ने क्रमशः 2:29.7 और 2:27.63 का समय हासिल किया। अपनी शानदार लक्ज़री, सात सीटों और 4x4 क्षमताओं के साथ कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके ने कोएएसटीटी सर्किट पर 2:26.34 का समय दर्ज किया। वहीं, स्कोडा ऑटो की प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स सेडान ऑक्टाविया आरएस ने 3.8 किमी लंबे सर्किट पर 2:10.85 का सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

इस वाहन बेड़े ने ट्रैक पर अपनी शानदार डायनेमिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। साथ ही इसकी फुर्ती, नियंत्रण क्षमता, बेहतरीन ब्रेकिंग और अन्य परफॉर्मेंस विशेषताओं ने यह साबित किया कि स्कोडा ऑटो इंडिया के ग्राहकों को सड़क पर बेहतर नियंत्रण और सुरक्षा का अनुभव मिलता है। भारत और वैश्विक स्तर पर विभिन्न परीक्षणों में पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो को मिले फाइव-स्टार सुरक्षा रेटिंग्स के साथ, यह रिकॉर्ड स्कोडा ऑटो इंडिया को देश के सबसे तेज़ और सबसे सुरक्षित वाहन बेड़े के रूप में स्थापित करता है। 

स्कोडा ऑटो का मोटरस्पोर्ट डीएनए

सन् 1901 से मोटरस्पोर्ट स्कोडा ऑटो के डीएनए का अभिन्न हिस्सा रहा है। सन् वर्ष 1975 में स्कोडा 130 आरएस के साथ पहली बार आरएस बैज की शुरुआत ने इस विरासत को और मजबूत किया। इस कार ने 20वीं सदी के शुरुआती दौर की स्कोडा की रैली स्पोर्ट विरासत को दर्शाया। यही समृद्ध मोटरस्पोर्ट विरासत ब्रांड के भारतीय पोर्टफोलियो में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जहाँ टर्बो-चार्ज्ड इंजन, वास्तविक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, बेहतरीन हैंडलिंग और आकर्षक डायनेमिक्स ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं। सब-4 मीटर काइलैक एसयूवी से लेकर स्लाविया सेडान, कुशाक मिड-साइज एसयूवी, कोडियाक लक्ज़री 4x4 और सीमित संख्या में उपलब्ध ऑक्टाविया आरएस तक, स्कोडा ऑटो इंडिया विभिन्न सेगमेंट्स में परफॉर्मेंस-केंद्रित इंजीनियरिंग प्रदान करता है।

अपने पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो में मौजूद यही परफॉर्मेंस-केंद्रित डीएनए स्कोडा ऑटो इंडिया को अपनी डायनेमिक क्षमताओं वाली कारों के बेड़े के साथ यह रिकॉर्ड स्थापित करने में सक्षम बनाता है। साथ ही, यही इस नए ब्रांड अभियान का मूल आधार भी है, जो यह साबित करता है कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।
*देखिए ‘दे दे प्यार दे 2’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, इस रविवार 24 मई दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर*

*मुंबई, मई, 2026* : हँसी, प्यार और फैमिली एंटरटेनमेंट से भरे एक मजेदार सफर के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘दे दे प्यार दे 2’ अब अपने वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के साथ, इस रविवार, 24 मई को दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर आने वाली है। कॉमेडी और ड्रामा का स्तर और बढ़ाते हुए, यह सीक्वल एक हल्की-फुल्की और मनोरंजक प्यार की कहानी पेश करता है, जिसमें माता-पिता को मनाने और उनकी मंज़ूरी पाने की कोशिश के दौरान कई मजेदार और अप्रत्याशित परिस्थितियाँ सामने आती हैं। जब प्यार परिवार की उम्मीदों से टकराता है, तो कहानी में ढेर सारी उलझनें, हँसी और जज़्बाती पल देखने को मिलते हैं। कॉमेडी, रोमांस और फैमिली ड्रामे का यह शानदार मेल दर्शकों को घर बैठे एक मजेदार सिनेमाई अनुभव देने वाला है।
अंशुल शर्मा के निर्देशन में बनी ‘दे दे प्यार दे 2’ को टी-सीरीज़ के भूषण कुमार और कृष्ण कुमार, साथ ही लव फिल्म्स के लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में अजय देवगन, रकुल प्रीत सिंह, आर माधवन, मीज़ान जाफरी, जावेद जाफरी, इशिता दत्ता और गौतमी कपूर जैसे कलाकार नजर आएँगे। यह सीक्वल मूल फिल्म की खूबसूरती को बरकरार रखते हुए नए पहलू, नए टकराव और ढेर सारे मजेदार पलों को जोड़ता है, जो इसे एक बेहद दिलचस्प अनुभव बनाते हैं।
अजय देवगन ने कॉमेडी में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपने सहज अंदाज़, शानदार कॉमिक टाइमिंग और सधी हुई एक्टिंग से उन्होंने हमेशा दर्शकों को खूब एंटरटेन किया है। सालों से वे इस जॉनर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित करते आए हैं और ‘दे दे प्यार दे 2’ उनके इसी मजेदार सफर में एक और शानदार फिल्म जोड़ती है।
*फिल्म के बारे में बात करते हुए, अजय देवगन कहते हैं,* “दे दे प्यार दे 2 भावनाओं, रिश्तों, उलझनों और अप्रत्याशित परिस्थितियों से भरी हुई फिल्म है, जो बेहद मनोरंजक तरीके से सामने आती है। यह ऐसी फिल्म है, जिसका आप अपने परिवार के साथ बैठकर पूरा आनंद ले सकते हैं और मैं उत्साहित हूँ कि अब दर्शक ज़ी सिनेमा पर इसके वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के साथ इसे एक साथ एंजॉय करेंगे।”
फिल्म के बारे में बात करते हुए, आर माधवन कहते हैं, “फिल्म में एक पिता के तौर पर मेरा किरदार अपनी बेटी को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव है, खासकर तब जब उसकी लव लाइफ उसे कई तरह से चौंका देती है। मुझे सबसे ज्यादा मजा ऐसे किरदार को निभाने में आया, जो एक साथ जज़्बाती भी है, ड्रामेटिक भी और अनजाने में मजेदार भी। किरदारों के बीच की केमिस्ट्री और टकराव ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं और मैं चाहता हूं कि दर्शक इसे ज़ी सिनेमा पर जरूर देखें।”
*रकुल प्रीत सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा* , “मेरा किरदार दो ऐसे  लोगों के बीच फंस जाता है, जिन्हें लगता है कि वही उसके लिए सबसे सही फैसला ले सकते हैं और यहीं से पूरी मस्ती शुरू होती है। एक तरफ वह इंसान है जिससे वह प्यार करती है और दूसरी तरफ उसके पिता, लेकिन दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। मुझे इस फिल्म की सबसे खास बात यह लगी कि कॉमेडी के पीछे रिश्तों, जजमेंट और फैमिली एक्सेप्टेंस का एक बहुत रिलेटेबल जज़्बाती पहलू भी है। यह फिल्म मजेदार भी है, उलझनों से भरी भी और ऐसे पलों से भरी हुई है, जिनसे परिवार के लोग ज़ी सिनेमा पर देखते ही जुड़ाव महसूस करेंगे।“
मीज़ान जाफरी कहते हैं, “दे दे प्यार दे 2 को इतना मजेदार बनाने वाली चीज है इसका पूरा ड्रामा और वही फिल्म को अपनी अलग एनर्जी देता है। अजय देवगन सर और आर माधवन सर जैसे कलाकारों के साथ कॉन्फ्रंटेशन और कॉमेडी से भरे सीन्स करना मेरे लिए एक शानदार सीखने वाला अनुभव रहा। लेकिन, अपने पिता के साथ स्क्रीन शेयर करना इस अनुभव को और भी खास बना गया। परिवार के साथ काम करते वक्त एक अलग ही सहजता और मस्ती अपने आप आ जाती है और दर्शकों को हमारा साथ में डांस करना भी काफी पसंद आएगा। ज़ी सिनेमा पर दर्शकों के लिए यह पूरी तरह हँसी से भरा सफर होने वाला है।”
*जावेद जाफरी ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा,* “अजय के साथ दोबारा काम करना बहुत अच्छा लगा। पहली फिल्म से जो सफर शुरू हुआ था, ‘दे दे प्यार दे 2’ उसे ह्यूमर, एंटरटेनमेंट और जज़्बातों के मामले में एक नए स्तर पर ले जाती है। सेट पर माहौल बेहद शानदार था और अजय के साथ काम करने में हमेशा एक अलग सहजता और आकर्षण महसूस होता है, जो स्क्रीन पर भी नजर आता है। यह फिल्म पहले से बड़ी, ज्यादा मजेदार और ज्यादा एंटरटेनिंग है। मीजान के साथ काम करना भी बहुत खास रहा। सिर्फ पिता और बेटे के तौर पर नहीं, बल्कि हम सच में साथ परफॉर्म करना एंजॉय करते हैं। उसके साथ डांस करना मेरे लिए खास पल था, जहां मेरा ओल्ड स्कूल अंदाज़ और उसका नया स्टाइल एक साथ देखने को मिलेगा।”
डायरेक्टर अंशुल शर्मा कहते हैं, “दे दे प्यार दे 2 के साथ हम यह दिखाना चाहते थे कि जब रिश्तों में परिवार, उनकी राय और पीढ़ियों के अंतर शामिल होते हैं, तो प्यार किस तरह बदलता है। फिल्म सिर्फ एज गैप वाले रिश्ते की कहानी नहीं है, बल्कि उन असुरक्षाओं, प्रोटेक्टिव नेचर और जज़्बाती बोझ की भी कहानी है, जो हर किरदार अपने साथ लेकर चलता है। अजय सर और माधवन सर के किरदार लगातार एक-दूसरे को चुनौती देते हैं और यही टकराव फिल्म में कॉमेडी और जज़्बाती गहराई दोनों लेकर आता है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि टकराव के बीच भी इसके किरदार बहुत असली और रिलेटेबल लगते हैं। हमें खुशी है कि दर्शक 24 मई को  दोपहर 12 बजे ज़ी सिनेमा पर इसका वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर देखकर इस पूरी मस्ती, ड्रामे और जज़्बातों से जुड़ पाएँगे।”
‘दे दे प्यार दे 2’ में अजय देवगन द्वारा निभाया गया 50 वर्षीय एनआरआई आशीष मेहरा, अपनी उम्र से काफी छोटी  गर्लफ्रेंड आयशा, यानी रकुल प्रीत सिंह के माता-पिता का दिल जीतने भारत आते हैं। लेकिन, हालात तब बिगड़ने लगते हैं, जब होने वाले ससुराल वाले दोनों की उम्र के बड़े अंतर से हैरान हो जाते हैं और इस रिश्ते को तोड़ने की कोशिश करने लगते हैं। जज़्बाती टकराव और उलझनें बढ़ने के बीच आशीष को यह साबित करना पड़ता है कि उनका प्यार सच्चा है। लेकिन तभी कहानी में एक ऐसा बड़ा ट्विस्ट आता है, जो आयशा के साथ उसके रिश्ते को खतरे में डाल देता है। अब आगे क्या होता है, यह जानने के लिए फिल्म जरूर देखें।

हँसी, मस्ती और हलचल से भरपूर इस फैमिली एंटरटेनर ‘दे दे प्यार दे 2’ के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के लिए देखना न भूलें इस रविवार, 24 मई को दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस: सोनी सब के यादें

कलाकारों ने साझा किया कि एक साधारण कप चाय उनके जीवन में क्यों रखता है खास जगह
मुंबई, मई 2026: भारत में चाय सिर्फ़ एक पेय नहीं है, बल्कि यह एक एहसास है जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में गहराई से जुड़ा हुआ है। सुबह की दिनचर्या से लेकर दोपहर के ब्रेक तक, दिल से जुड़ी बातचीतों से लेकर सुकून के पलों तक – चाय का अपना अलग ही जादू है जो लोगों को एक-दूसरे से जोड़ देता है। अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के मौके पर सोनी सब के शो यादें के कलाकार इक़बाल ख़ान, अर्जुन पुंज और सृष्टि सिंह ने साझा किया कि चाय से उनका निजी रिश्ता क्यों इतना ख़ास है और क्यों एक साधारण कप चाय उनकी ज़िंदगी में आज भी अहम जगह रखता है।
चाय के प्रति अपने प्यार को साझा करते हुए, यादें के कलाकारों ने सुनाई अपनी कहानियाँ:
इक़बाल ख़ान, जो शो में डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे हैं, बताते हैं, “भले ही मैं रोज़ाना चाय न पीता हूं, लेकिन चाय मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि इससे जुड़ी यादें बेहद ख़ास हैं। जब भी मैं अपने माता-पिता से मिलने कश्मीर जाता हूं, तो ‘नून चाय’ मेरी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन जाती है। परिवार के साथ बैठकर, ताज़ा कश्मीरी बेकरी के पकवानों के साथ दोपहर में इसे पीना बेहद सुकून और पुरानी यादों से भरा होता है। यह उन छोटे-छोटे पलों में से है जो मुझे तुरंत घर और परिवार की याद दिला देते हैं।” अर्जुन पुंज, जो शो में डिग्गी का किरदार निभा रहे हैं, बताते हैं, “मैं हमेशा से ही चाय का दीवाना रहा हूं। मेरी चाय से मोहब्बत बचपन में शुरू हुई, जब मैं अपनी मां को दिनभर कई कप चाय का मज़ा लेते हुए देखता था। मुझे आज भी याद है कि मैं उनके पास बैठकर बिस्किट चाय में डुबोकर खाता था और उन छोटे-छोटे पलों का इंतज़ार करता था। सालों के साथ चाय मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का खूबसूरत हिस्सा बन गई है। यहां तक कि मेरी पत्नी गुर्दीप, जो पहले कॉफी की शौकीन थीं, अब मेरी वजह से चाय की दीवानी हो गई हैं। यही तो चाय का जादू है – यह लोगों को जोड़ देती है।” सृष्टि सिंह, जो शो में डॉ. वाणी का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं, “मैं भले ही हमेशा चाय न पीती हूं, लेकिन जब भी मुझे एक अच्छी चाय की तलब लगती है – खासकर तब जब मैं थकी होती हूं या घर की याद आती है – तो वह चाय बेहद सुकूनभरी और ख़ास होनी चाहिए। और मेरे लिए ‘मां के हाथ की चाय’ से बेहतर कुछ नहीं। मां के हाथ की चाय में कुछ ऐसा होता है जो तुरंत अपनापन और सुकून का एहसास दिलाता है। यह सिर्फ़ स्वाद की बात नहीं है, बल्कि उस एहसास की है – जिसमें गर्माहट, देखभाल और घर का पूरा प्यार एक कप में समा जाता है।”
देखिए यादें, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ़ सोनी सब पर।
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस: सोनी सब के यादें

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मुंबई, मई 2026: भारत में चाय सिर्फ़ एक पेय नहीं है, बल्कि यह एक एहसास है जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में गहराई से जुड़ा हुआ है। सुबह की दिनचर्या से लेकर दोपहर के ब्रेक तक, दिल से जुड़ी बातचीतों से लेकर सुकून के पलों तक – चाय का अपना अलग ही जादू है जो लोगों को एक-दूसरे से जोड़ देता है। अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के मौके पर सोनी सब के शो यादें के कलाकार इक़बाल ख़ान, अर्जुन पुंज और सृष्टि सिंह ने साझा किया कि चाय से उनका निजी रिश्ता क्यों इतना ख़ास है और क्यों एक साधारण कप चाय उनकी ज़िंदगी में आज भी अहम जगह रखता है।
चाय के प्रति अपने प्यार को साझा करते हुए, यादें के कलाकारों ने सुनाई अपनी कहानियाँ:
इक़बाल ख़ान, जो शो में डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे हैं, बताते हैं, “भले ही मैं रोज़ाना चाय न पीता हूं, लेकिन चाय मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि इससे जुड़ी यादें बेहद ख़ास हैं। जब भी मैं अपने माता-पिता से मिलने कश्मीर जाता हूं, तो ‘नून चाय’ मेरी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन जाती है। परिवार के साथ बैठकर, ताज़ा कश्मीरी बेकरी के पकवानों के साथ दोपहर में इसे पीना बेहद सुकून और पुरानी यादों से भरा होता है। यह उन छोटे-छोटे पलों में से है जो मुझे तुरंत घर और परिवार की याद दिला देते हैं।” अर्जुन पुंज, जो शो में डिग्गी का किरदार निभा रहे हैं, बताते हैं, “मैं हमेशा से ही चाय का दीवाना रहा हूं। मेरी चाय से मोहब्बत बचपन में शुरू हुई, जब मैं अपनी मां को दिनभर कई कप चाय का मज़ा लेते हुए देखता था। मुझे आज भी याद है कि मैं उनके पास बैठकर बिस्किट चाय में डुबोकर खाता था और उन छोटे-छोटे पलों का इंतज़ार करता था। सालों के साथ चाय मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का खूबसूरत हिस्सा बन गई है। यहां तक कि मेरी पत्नी गुर्दीप, जो पहले कॉफी की शौकीन थीं, अब मेरी वजह से चाय की दीवानी हो गई हैं। यही तो चाय का जादू है – यह लोगों को जोड़ देती है।” सृष्टि सिंह, जो शो में डॉ. वाणी का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं, “मैं भले ही हमेशा चाय न पीती हूं, लेकिन जब भी मुझे एक अच्छी चाय की तलब लगती है – खासकर तब जब मैं थकी होती हूं या घर की याद आती है – तो वह चाय बेहद सुकूनभरी और ख़ास होनी चाहिए। और मेरे लिए ‘मां के हाथ की चाय’ से बेहतर कुछ नहीं। मां के हाथ की चाय में कुछ ऐसा होता है जो तुरंत अपनापन और सुकून का एहसास दिलाता है। यह सिर्फ़ स्वाद की बात नहीं है, बल्कि उस एहसास की है – जिसमें गर्माहट, देखभाल और घर का पूरा प्यार एक कप में समा जाता है।”
देखिए यादें, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ़ सोनी सब पर।