कोडीन कप सीरप मामले में छ: महीने के खरीद बिक्री के रिकॉर्ड तलब
*आपूर्तिकर्ता फर्म के भी अभिलेख खंगाल रहा औषधि प्रसाधन विभाग
गोंडा।जिले में कोडीन कप सीरप की बड़ी खेप पहुंचने के मामले में औषधि प्रसाधन विभाग व पुलिस ने जांच तेज कर दिया है।जांच का दायरा अब गोंडा से नोएडा तक बढ़ा दिया गया है।दोनों जिलों की टीमें खरीद बिक्री,भंडारण और आपूर्ति से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल कर रही है।गोंडा औषधि प्रसाधन विभाग ने गायत्री फार्मा को नोटिस जारी कर विगत छ: महीने के खरीद बिक्री का संपूर्ण ब्योरा तलब किया है।विभाग द्वारा यह जानकारी भी तलब की गई है कि फर्म ने कितनी बार कोडीन युक्त कप सीरप खरीदा और बेंचा तथा साथ ही किन चिकित्सकों के पर्चे पर यह बिक्री किया गया।विभाग ने जांच पूरी होने तक फर्म की खरीद बिक्री पर भी रोक लगा दिया है।विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद फर्म में हलतल बढ़ गई है।जिले में सीरप भेजने वाली नोएडा स्थित लीलाबको रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी जांच शुरू कर दी गई है।नोएडा में तैनात औषधि निरीक्षक जय सिंह ने फर्म के कार्यालय पहुंचकर खरीद व बिक्री संबंधी अभिलेखों का सत्यापन किया।उन्होंने फर्म प्रबंधन से गोंडा भेजी गई खेप, उसके प्राप्तकर्ताओं और स्टाक संबंधी विस्तृत जानकारी मांगा है तथा साथ ही सीरप के भंडारण और बिक्री को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार,थोक विक्रेता अधिकतम 1000 यूनिट तक ही स्टाक रख सकते हैं और एक बार में 100 यूनिट से अधिक की आपूर्ति नहीं कर सकते,वहीं फुटकर विक्रेताओं को अधिकतम 100 यूनिट रखने की अनुमति है।बताते चलें कि नियमों के मुताबिक किसी ग्राहक को बिना चिकित्सकीय पर्ची के यह दवा नहीं दी जा सकती तथा एक व्यक्ति को एक ही यूनिट प्रदान किया जा सकता है।दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा देना अथवा बेंचना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।जिले के औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और नोएडा में जहाँ से सीरप की आपूर्ति की गई है,वहाँ भी विभागीय टीम ने पहुंचकर अभिलेखों की जांच किया है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी किया है।उन्होंने बताया कि गायत्री फार्मा से पिछले छ: महीने की खरीद बिक्री रिकॉर्ड के साथ साथ इससे पहले मंगाई गई कोडीन कप सीरप की विस्तृत जानकारी भी तलब किया है,इसके अतिरिक्त यह भी जांच की जा रही है कि सीरप किन किन लोगों को उपलब्ध कराया गया है।औषधि विभाग की मानें तो सभी पहलुओं की जांच जारी है।अभिलेख और पूछताछ से जो भी तथ्य सामने आएंगे,उनके आधार पर संबंधित फर्मों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Jun 01 2026, 14:09
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