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सोमनाथ अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी हुए शामिल, बोले-दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती

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गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित किया।

सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।

सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना कोई साधारण अवसर नहीं-पीएम मोदी

मोदी ने कहा, 75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ आजाद ही नहीं हुआ, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को फिर से हासिल करने की राह पर भी आगे बढ़ चुका है।

आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।

हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत तो भड़के राहुल, बोले- ये नाकामी के सबूत हैं, अखिलेश यादव ने भी घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने लोगों को सोने की खरीद से बचने, विदेश यात्रा टालने और घर से काम करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तेल, खाद और पेट्रोल डीजल के उपयोग में कटौती करने की अपील की। अब पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के वश की बात नहीं है।

देश चलाना कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं-राहुल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं’।

पीएम मोदी की अपील पर बिफरे अखिलेश

वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर पलटवार किया है। अखिलेश ने एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि ‘देश का सबसे बड़ा संकट खुद भाजपा सरकार बन चुकी है। पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, सोने की खरीद से बचने और अन्य प्रतिबंधात्मक अपीलों को सरकार की आर्थिक विफलता का संकेत बताया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर फ्लाइट्स और आलीशान सुविधाओं का उपयोग किया, लेकिन अब आम जनता से संयम बरतने की अपील की जा रही है’। बयान में कहा गया कि ‘सरकार की नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ी है। साथ ही भाजपा की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को भी निशाने पर लेते हुए कहा गया कि सरकार ने देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटककर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे, तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा। इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया। प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है। उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं। हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी।

सोमनाथ की 75वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक समारोह, 11 पवित्र तीर्थस्थलों के जल से विशेष कुंभाभिषेकम, पीएम मोदी होगें शामिल

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गुजरात के सोमनाथ में आज मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे हो रहे हैं। 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में नए सिरे से बनाए गए सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इतिहास के इस बड़े घटनाक्रम का उत्सव मनाने के लिए सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर जाएंगे। जहां पहली बार मंदिर के अभिषेक की रस्म होगी।

क्रेन की मदद से मंदिर का अभिषेक

वैदिक मंत्रों के बीच 11 तीर्थों के जल से शिखर का कुंभाभिषेक करेंगे। 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से कलश के जल से मंदिर का अभिषेक होगा। इतिहास में कई बार हमलों का सामना करने के बावजूद यह मंदिर हर बार फिर खड़ा हुआ. इसी ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए पीएम मोदी आज स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी करेंगे।

पीएम महापूजा और ध्वजारोहण में होंगे शामिल

पीएम मोदी सुबह करीब मंदिर प्रांगण में विशेष महापूजा, ध्वजारोहण और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे। गुजरात सरकार और मंदिर ट्रस्ट की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सुरक्षा और आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री के आगमन पर जामनगर और सोमनाथ में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

‘सूर्य किरण एरोबैटिक टीम’ करेगी प्रदर्शन

सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम (एसकेएटी) अपने कौशल का प्रदर्शन करेगी। इस एयर शो में छह हॉक एमके-132 विमान ऐतिहासिक मंदिर परिसर के ऊपर एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। 'छह हॉक एमके-132 विमान इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जो सोमनाथ में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के प्रदर्शन का हिस्सा होंगे।'

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, बेंगलुरु में काफिले के रूट पर मिला विस्फोटक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। पीएम मोदी के बेंगलुरु दौरे से पहले रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके संभावित रूट के पास विस्फोटक सामग्री मिली। पीएम मोदी के संभावित रूट पर जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई हैं।

सड़क पर मिली जिलेटिन स्टिक

पुलिस को कग्गलीपुरा इलाके के थाथागुनी क्षेत्र में, आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग के निकट कुछ जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बताया जा रहा है कि सुबह एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में फोन कर चेतावनी दी कि एचएएल क्षेत्र और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं।

बड़ा संभावित खतरा टला

इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और दोनों स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, एचएएल हवाई अड्डे के पास कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन कनकपुरा रोड पर जिलेटिन स्टिक्स बरामद हुई। जिलेटिन स्टिक्स एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं। जैसे ही विस्फोटक मिलने की सूचना मिली, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले ही बरामद कर ली गई थी, जिससे एक बड़ा संभावित खतरा टल गया।

एक संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में तुरंत एक्‍शन लेते हुए फोन करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध को कोरामंगला इलाके के एक घर से दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पहले भी कर चुका है धमकी भरे कॉल

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस व्यक्ति ने पहले भी बेंगलुरु में वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल किए थे। पिछले मामलों में, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। हालांकि, इस बार मामला अधिक गंभीर है क्योंकि केवल धमकी नहीं दी गई थी, बल्कि वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

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तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बने सुवेंदु अधिकारी, पीएम मोदी की मौजूदगी में 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ।

सुवेंदु के साथ 5 मंत्रियों ने ली शपथ

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

सुवेंदु अधिकारी ने लिया पीएम मोदी का आशीर्वाद

शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी पीएम मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता से मिले

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 1952 में, भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में मौजूद माखनलाल सरकार को गिरफ्तार कर लिया गया था। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्तोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।

शपथ समारोह में शामिल हुए कई दिग्गज

सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे

विजय की सरकार बनने पर अब भी पेंच, क्या थलापति आज बन पाएंगे तमिलनाडु के नए सीएम?

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तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही राजनीतिक उठापटक जारी है। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय आज शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही राज्य में सियासी बवाल शुरू हो गया है। तमिलनाडु लोकभवन के सूत्रों का कहना है कि थलपति विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए हैं। इसलिए उन्हें कल शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।

विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’

तमिलनाडु टीवीके चीफ थलपति विजय के समारोह में देरी होने की संभावना है। शुक्रवार को वामदलों के साथ वीसीके का समर्थन मिलने की जानकारी पर विजय की टीवीके 118 के आंकड़े तक पहुंच गई थी लेकिन अब विजय द्वारा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंपे गए सरकार बनाने के दावे में कुल समर्थक विधायकों की संख्या 116 है। ऐसे में टीवीके चीफ विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’ लग गया है।

थलापति विजय के साथ हुआ ‘खेला’

सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके समर्थन देने की स्थिति में विजय की टीवीके को बहुमत मिल रहा था। अब वीसीके के पत्र में विधायकों के दस्तखत नहीं होने की दावा किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में मामला फिर फंस गया है। वीसीके चीफ थोल. थिरुमावलवन ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है तो वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग-तमिलनाडु के अध्यक्ष कादर मोहिदीन ने कहा है कि पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का हिस्सा बनी रहेगी और टीवीके को अपना समर्थन नहीं देगी। IUML ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उसने TVK को अपना समर्थन नहीं दिया है। आईयूएमएल से ए.एम. शाहजहां और एस.एस.पी. सैयद बदी क्रमश: पापनासम और वानियमबाडी निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें देश के अगले सीडीएस के बारे में

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भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है।

देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के हाथ में तीनों सेनाओं की कमान होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अभी तक देश के सीएडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान हैं। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि अब उन्हें ही रिप्लेस करेंगे। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे।

भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का करियर

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 सितंबर 2025 से संभाली हुई है। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पद भी संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था और भारतीय सेना में उनका करियर 37 वर्षों से अधिक का है।

जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली

अपने सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल फील्ड में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सेना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे।

देश के लिए सेवाओं के लिए हो चुके हैं सम्मानित

ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

सुवेंदु आज लेंगे पश्चिम बंगाल के सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी समेत ये हस्तियां रहेंगी मौजूद

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पश्चिम बंगाल में आज सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

आजादी के बाद पहली बार बंगाल में बीजेपी सरकार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और कोई भाजपा नेता मुख्यमंत्री पद संभालेगा।

क्या शपथ ग्रहण में पहुंचेंगी टीएमसी चीफ?

सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने पर बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को भी आमंत्रण भेजा गया है।

शपथ ग्रहण समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तकों की खास प्रस्तुति

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की लोक संस्कृति की भी खास झलक देखने को मिलेगी। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तक अपनी प्रस्तुति देंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य को शामिल कर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की तैयारी की गई है। पुरुलिया छऊ नृत्य अपनी रंग-बिरंगी वेशभूषा, मुखौटों और ऊर्जावान प्रस्तुति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

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तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।