होर्मुज से 'नंदा देवी' जहाज भी भारत लौटा, 47 हजार मीट्रिक टन LPG के साथ गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचा
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ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले से पश्चिम एशिया में बने हालात के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कहीं कोई तंगी नहीं है। देश में गैस की किल्लत के बीच भारतीय जहाज "नंदा देवी" 46500 मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंच गया है। इससे पहले 'शिवालिक' सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच था।
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नंदा देवी जहाज LPG कैरियर दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के वाडीनार टर्मिनल के पास मिड सी में पहुंचा है। मिड सी में ही नंदा देवी से पूरी 46500 मीट्रिक टन LPG दूसरी शिप में ट्रांसफर की जा रही है। जब ये काम पूरा हो जाएगा तो LPG का आधा स्टॉक एन्नोर पोर्ट में ऑफलोड किया जाएगा और आधा स्टॉक पश्चिम बंगाल के हल्दीआ पोर्ट पर ऑफलोड होगा।
भारत पहुंचने वाला नंदा देवी दूसरा जहाज
एमटी नंदा देवी हाल के दिनों में दूसरा भारतीय एलपीजी जहाज है, जिसने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर भारतीय तट तक पहुंच बनाई है। इससे ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिली है। इससे एक दिन पहले ही एलपीजी कैरियर शिवालिक करीब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्गो का एक हिस्सा मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी एलपीजी को मैंगलोर भेजा जाएगा।
फारख की खाड़ी में फंसे कितने भारतीय जहाज
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 22 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें 611 नाविक सवार थे. सरकार लगातार इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात से करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज ‘जग लाडकी’ भी मुंद्रा बंदरगाह की ओर रवाना हो चुका है। इस जहाज और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की भी पुष्टि की गई है। मंत्रालय ने बताया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। साथ ही शिपिंग कंपनियों और व्यापार से जुड़े हितधारकों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इसमें लंगरगाह, किराया और भंडारण शुल्क में रियायतें भी शामिल हैं, ताकि आपूर्ति बाधित न हो।
आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत
‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना न सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी भारत अपनी सप्लाई चेन को बनाए रखने में सक्षम है। इन जहाजों से आई एलपीजी लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों सिलेंडरों की जरूरत पूरी कर सकती है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है।








5 hours ago
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