झारखंड सरकार ने राज्य की ‘न्यू स्टार्टअप पॉलिसी’ के अंतर्गत ‘स्टार्टअप आइडियाज’ आमंत्रित किया
इसके लिए विशेष तौर पर विकसित की गई वेबसाइट पर लॉगिन कर सरकार के समक्ष स्टार्टअप के प्रस्ताव ऑनलाइन जमा किया जा सकता है
झारखंड डेस्क
रांचीः झारखंड सरकार ने राज्य की ‘न्यू स्टार्टअप पॉलिसी’ के अंतर्गत ‘स्टार्टअप आइडियाज’ आमंत्रित किए हैं। आवेदक इसके लिए विशेष तौर पर विकसित की गई वेबसाइट पर लॉगिन कर सरकार के समक्ष स्टार्टअप के प्रस्ताव ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। साल 2028 तक राज्य में कम से कम 1000 स्टार्टअप को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
4 फरवरी तक करना होगा आवेदन
आवेदन की प्रक्रिया 4 फरवरी से शुरू होगी। यह जानकारी झारखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से दी गई है। बताया गया है कि आवेदकों को एबीवीआईएल डॉट झारखंड डॉट जीओवी डॉट इन पर लॉगिन करना होग
10 अग्रणी राज्यों में शामिल करने की योजना
एबीवीआईएल यानी अटल बिहारी वाजपेयी इनोवेशन लैब का गठन कंपनीज एक्ट 2013 के सेक्शन 8 के तहत किया गया है। इस एजेंसी का कार्य राज्य में स्टार्टअप का चयन करना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। झारखंड को 10 अग्रणी राज्यों में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।
पॉलिसी में फिस्कल एवं नॉन-फिस्कल इंसेंटिव्स के लिए कॉमन इंसेंटिव डिसबर्समेंट गाइडलाइन तैयार की गई है। बताया गया है कि नए स्टार्टअप आइडियाज पर निर्णय के लिए स्टेट इवैल्यूएशन बोर्ड का गठन किया गया है। हेमंत सोरेन की सरकार ने पुरानी स्टार्टअप पॉलिसी 2016 को रद्द करते हुए 7 दिसंबर 2023 को नई पॉलिसी को स्वीकृति दी थी।
नई स्टार्टअप पॉलिसी अगले 5 साल के लिए लागू
कैबिनेट की मंजूरी के बाद सूचना तकनीक एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने इसे अधिसूचित कर दिया है। नई स्टार्टअप पॉलिसी अगले पांच साल के लिए लागू की गई है। इस अवधि तक राज्य में अनुकूल इकोसिस्टम तैयार कर अग्रणी 10 राज्यों में झारखंड को सम्मिलित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस पॉलिसी के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
स्टार्टअप आइडियाज के प्रोजेक्ट को सिंगल विंडो क्लीयरेंस
स्वीकृत किए जाने वाले स्टार्टअप आइडियाज के प्रोजेक्ट को सिंगल विंडो क्लीयरेंस दिया जाएगा। हाल में राज्य में उद्यमियों और व्यवसायियों की अग्रणी संस्था फेडरेशन ऑफ चौंबर ऑफ कॉमर्स ने राज्य में स्टार्टअप पॉलिसी को जमीन पर उतारने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की थी।
Feb 04 2025, 16:14